Sunday, December 27, 2009

धमकी को देखते हुए रेलवे ट्रैक पर 24 घंटे पेट्रोलिंग की जा रही है।

आतंकियों ने दिल्ली-कोलकाता के बीच पड़ने वाले रेलवे ट्रैक और रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी दी है। दिल्ली-हावड़ा रूट पर दादरी, अलीगढ़ समेत कई रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। धमकी को देखते हुए रेलवे ट्रैक पर 24 घंटे पेट्रोलिंग की जा रही है। वेस्टर्न यूपी के स्टेशनों और ट्रेनों में भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। दिल्ली-हावड़ा रूट के बीच रेलवे स्टेशन और रेलवे ट्रैक आतंकियों के निशाने पर हैं। इसका खुलासा तब हुआ, जब इलाहाबाद हेड क्वॉर्टर की ओर से भेजी गई चिट्ठी में वेस्टर्न यूपी के स्टेशनों और ट्रैक पर सुरक्षा सख्त करने की हिदायत दी गई। रेलवे अफसरों का कहना है कि स्टेशनों और ट्रैकों पर 24 घंटे ट्रैक पर पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा स्टेशन पर ट्रेनों की सघन चेकिंग कराई जा रही है। ट्रेन के गार्ड और ड्राइवर को भी चौकन्ना रहने को कहा गया है। ट्रेन के हर डिब्बे में वायरलेस फोन से लैस जीआरपीएफ का एक जवान तैनात किया गया है। ये जवान पल-पल की खबर संबंधित अफसरों को देंगे। दादरी आरपीएफ के थाना प्रभारी एम.पी. सिंह का कहना है कि इलाहाबाद हेडक्वॉर्टर के अफसरों को सूचना मिली है कि आतंकी दिल्ली-कोलकाता रूट में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। इस कारण पूरे रीजन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।

Sunday, December 20, 2009

ट्रेनें परफॉर्मिंग आर्ट के जरिए राष्ट्रीय एकता की भावना को देशभर में पहुंचाने का जरिया बनें।

ममता बनर्जी रेलों को बहुआयामी बनाना चाहती हैं। उनकी मंशा है कि ट्रेनें लोगों को उनके गंतव्य तक तो पहुंचाएं ही, साथ ही एक इलाके की संस्कृति का दूसरे इलाके की संस्कृति से संगम भी कराएं। कलाप्रेमी ममता चाहती हैं कि भारतीय रेलों के डिब्बे आधुनिक तकनीक, खूबसूरती, आरामदेह डिजाइन के साथ-साथ भारतीयता के पुट का सुंदर मिश्रण हों। अपने विजन-2020 डॉक्युमेंट में उन्होंने विशेष जोर दिया है कि आने वाले समय में ट्रेनें परफॉर्मिंग आर्ट के जरिए राष्ट्रीय एकता की भावना को देशभर में पहुंचाने का जरिया बनें। इसके लिए उन्होंने संस्कृति एक्सप्रेस और चलते-फिरते आर्ट म्यूजियम के रूप में विशेष गाड़ियां चलाने की बात कही है। उन्होंने सभी प्रमुख तीर्थ स्थानों के रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण और विस्तार की भी बात कही है। विशेष अवसरों पर सभी धर्मों के तीर्थस्थलों के लिए विशेष गाड़ियां चलाने का भी ऐलान किया है। ममता की मंशा है कि ट्रेनें सिर्फ सवारी ही न ढोएं बल्कि बैंकिंग, कॉन्फ्रेंसिंग और आईटी संबंधी सुविधाओं से सुसज्जित होकर सचल व्यापार और विद्या केंद्र के रूप में भी चले। उन्होंने ऐलान किया है कि अगले दो साल में राजधानी और दूसरी सुपर फास्ट ट्रेनों में ये सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी। ट्रेनों को सचल स्वास्थ्य केंद्र के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाएगा। रेल मंत्र का मकसद है कि पैसेंजरों को कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिले। किसी भी श्रेणी का टिकट लेने के लिए उसे पांच मिनट से ज्यादा इंतजार न करना पड़े। उन्होंने नए शहरों में मेट्रो ट्रेन सेवा शुरू करने की बात भी कही है। ममता का मानना है कि ऐसी परियोजनाओं को कम लागत के साथ पूरा करने में भारतीय रेल पूरी तरह सक्षम है। इसके लिए उन्होंने अलग से भारतीय रेल मेट्रो विकास प्राधिकरण के गठन का भी सुझाव दिया है। यही प्राधिकरण लाइट रेल और मोनो रेल परियोजनाओं का भी निर्माण करेगा।

Wednesday, December 16, 2009

सबसे पुरानी मेट्रो रेलवे वातानुकुलित कोच के साथ जल्द ही दौड़ने लगेगी।

कोलकाता में देश की सबसे पुरानी मेट्रो रेलवे वातानुकुलित कोच के साथ जल्द ही दौड़ने लगेगी। एक वरिष्ठ मेट्रो अधिकारी ने बताया कि पेराम्बुर के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री द्वारा मेट्रो के 13 एसी डिब्बे तैयार किए जा रहे हैं। इसमें से दो मार्च में कोलकाता आएंगे और प्रयोग के तौर पर चलाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बाकी 11 कोच सितंबर में कोलकातावासियों को दुर्गा पूजा के लिए उपहार के तौर पर मिलेंगे। अधिकारी ने बताया कि अन्य 14 एसी कोच 2011 की दुर्गा पुजा में कोलकाता आएंगे। इसके अलावा ट्रेनों के फेरे बढ़ाए जाएंगे और अत्याधुनिक सिग्नल प्रणाली लगाई जाएगी।

डीएमआर सी की 30 फीडर बसें नोएडा में आ जाएंगी।

शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाने की दिशा में अगले महीने एक कदम और उठेगा। डीएमआर सी की 30 फीडर बसें नोएडा में आ जाएंगी। इन बसों को चलाने का अग्रीमेंट डीएमआरसी और यूपी रोडवेज के बीच होगा। इसके बाद शहर में लोकल लेवल पर फीडर बसों का संकट काफी हद तक कम हो जाएगा। ये फीडर बसें 32 सीटर होंगी। नोएडा अथॉरिटी के अडिशनल सीईओ पी. एन. बाथम ने यह जानकारी दी। ट्रैफिक सेल की मीटिंग के दौरान हुई चर्चा में यह जानकारी दी गई। इस मीटिंग में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट, यूपी रोडवेज, ट्रैफिक पुलिस के अलावा अथॉरिटी के अफसर शामिल थे। बाथम ने बताया कि दिल्ली में ब्लू लाइन बसों पर पाबंदी लगने के बाद तय किया गया है कि इन बसों को लोकल लेवल पर भी प्रतिबंधित कर दिया जाए। इस बारे में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अफसरों को बताया गया है। इसके साथ ही सेक्टर- 18 में अंडरपास के साथ लगे कटों को बंद किया जाएगा। ट्रैफिक डिपार्टमेंट के अफसरों की सिफारिश पर यह कदम उठाया जा रहा है। कटों से ट्रैफिक को कंट्रोल करने में दिक्कत आ रही है। अडिशनल सीईओ ने बताया कि शहर में जैसे मेन चौराहों पर सोलर सिग्नल लगाए गए हैं। इसी तरह एक्सप्रेस वे पर भी जरूरी पॉइंट पर सोलर लाइटें लगाने का काम किया जाएगा। इस बैठक में आरटीओ लालजी चौधरी, यूपी रोडवेज के आरएम पी. आर. बेलवारियार, अथॉरिटी के चीफ मेंटिनेंस इंजीनियर ए. के. गोयल व सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर संदीप चंदा आदि मौजूद थे।

Sunday, December 13, 2009

जीआरपी के सिपाही असल में खुद मुसाफिरों को लूट रहे थे।

ट्रेन लूट को बचाने के लिए फायरिंग करने का दावा करने वाले जीआरपी के सिपाही असल में खुद मुसाफिरों को लूट रहे थे। यह जानकारी पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच के बाद सामने आई है। इससे पहले कहा गया था कि लखीसराय जिले में जमालपुर-कियूल डीएमयू ट्रेन को धनौरी स्टेशन पर लूटने की कोशिश हुई। जिसे जीआरपी ने फायरिंग करके नाकाम कर दिया। इस गोलीबारी में एक विक्रेता गंभीर रूप से घायल हो गया था। मुख्यमंत्री के आदेश पर आईजी (रेलवे) एस. के. भारद्वाज मौके पर पहुंचे और स्थानीय पुलिस से मामले की रिपोर्ट मांगी। इसके बाद ही असल तस्वीर सामने आई। नतीजतन, सभी 6 जीआरपी कर्मियों की गिरफ्तारी के आदेश दे दिए गए हैं। इनमें एक सब इंस्पेक्टर, एक हवलदार और चार कॉन्स्टेबल शामिल हैं। भारद्वाज ने बताया कि जीआरपी के लोगों ने ट्रेन में सफर कर रहे एक व्यापारी से जबरन वसूली की कोशिश की, जिसका उसने विरोध किया। बाकी मुसाफिरों ने भी न केवल विरोध किया बल्कि उन्होंने अपने फोन से अपने परिचितों को मामले की जानकारी दे दी। जब ट्रेन धनौरी स्टेशन पर पहुंची तो जीआरपी कर्मियों को प्लेटफार्म पर नाराज भीड़ का सामना करना पड़ा। भीड़ द्वारा पिटाई के डर से उन्होंने फायरिंग कर दी। इसी फायरिंग में वेंडर राकेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। राकेश पास के ही पवई गांव का रहने वाला है। इससे भीड़ और भड़क गई। राकेश को पटना मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है जहां उसका ऑपरेशन किया गया है।

मेट्रो की इच्छा है कि उसके पास कम से कम चार नई ट्रेनें हों तो वह आनंद विहार लाइन को चालू करे।

नोएडा के बाद द्वारका लाइन को आनंद विहार से जोड़ने के लिए दिल्ली मेट्रो का ट्रायल शनिवार से
शुरू हो गया। इस लाइन को यमुना बैंक के रास्ते जोड़ा जाएगा। इस लाइन के चालू होने के बाद यमुना बैंक ऐसा पहला मेट्रो स्टेशन होगा, जिसके एक ही तल पर तीन तरफ जाने के लिए पैसेंजर ट्रेन पकड़ सकेंगे। यह ट्रायल कुछ दिनों तक चलता रहेगा। मेट्रो का इरादा इस लाइन को ट्रायल के बाद इसी महीने के अंत में या फिर अगले महीने के शुरू में पैसेंजरों के लिए चालू करने का है। इस लाइन पर ट्रायल शनिवार सुबह 10 बजे लक्ष्मी नगर से शुरू हुआ। मेट्रो ट्रेन प्रीत विहार तक गई और उसके बाद वापस आई। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रवक्ता के मुताबिक, फिलहाल यह ट्रायल 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर ट्रेन चलाकर किया गया। धीरे-धीरे ट्रायल ट्रेन की स्पीड बढ़ाकर 20, फिर 50 और अंतत: 80 किमी प्रति घंटे की जाएगी। ट्रायल के दौरान इस लाइन के सिविल स्ट्रक्चर की जांच की जाएगी ओर देखा जाएगा कि ट्रेन के चलने से स्ट्रक्चर में किसी तरह की खामी तो सामने नहीं आती। यही नहीं, ट्रायल के दौरान पटरियों और ट्रेन चलाने के लिए की जाने वाली पावर सप्लाई की भी जांच की जाएगी। इस लाइन पर भी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है इसलिए उसकी भी जांच की जाएगी। इस सिस्टम के जरिए ट्रेनों की टक्कर की आशंका खत्म हो जाती है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन चलते हुए ऑपरेशनल कंट्रोल सेंटर को सही सिग्नल दे और ट्रेन की सही मॉनीटरिंग हो, इसकी जांच भी होगी। जब दिल्ली मेट्रो अपने स्तर पर पूरी लाइन का ट्रायल कर लेगी, तब कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) को फाइनल ट्रॉयल के लिए आमंत्रित किया जाएगा। सीआरएस ट्रॉयल के दौरान न सिर्फ ट्रेन और ट्रैक से जुड़ी चीजों की जांच करेंगे बल्कि यह भी देखेंगे कि पैसेंजर की सेफ्टी से जुड़े सभी इंतजाम मेट्रो स्टेशनों पर किए गए हैं या नहीं। उनके ग्रीन सिग्नल के बाद ही मेट्रो लाइन को पैसेंजरों के लिए खोला जाएगा। रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी मेट्रो के कवरेज एरिया में यमुना बैंक टु आनंद विहार लाइन दिल्ली मेट्रो की इस नाते महत्वपूर्ण लाइन है, क्योंकि इसी के जरिये आनंद विहार रेलवे स्टेशन और अंतरराज्यीय बस अड्डा - मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। यही नहीं, यह पहली लाइन होगी, जो यमुनापार के मध्य हिस्से को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ देगी। शाहदरा व दिलशाद गार्डन तो पहले ही मेट्रो नेटवर्क के दायरे में आ चुके हैं। पिछले दिनों नोएडा लाइन चालू होने के बाद यमुनापार का दक्षिणी हिस्सा पहले ही इस नेटवर्क से जुड़ गया है। अब 6.17 किमी लंबी इस लाइन के चालू होने के बाद विकास मार्ग के दोनों ओर की घनी आबादी के लिए मेट्रो फायदेमंद साबित हो सकती है। इस लाइन पर पांच नए स्टेशन - लक्ष्मी नगर, निर्माण विहार, प्रीत विहार, कड़कड़डूमा और आनंद विहार हैं। दिल्ली मेट्रो को उम्मीद है कि इस लाइन के चालू होने से उसके नेटवर्क में एक लाख नए पैसेंजर जुड़ जाएंगे। जरूरत कम से कम चार ट्रेनों की डीएमआरसी खुद यह मानता है कि इस लाइन को चालू करने में फिलहाल एक ही बड़ी बाधा है और वह है ट्रेनों की जरूरत। द्वारका लाइन पर चलने वाली ट्रेनें पहले ही ओवरलोडेड चल रही हैं। ऐसे में मेट्रो की इच्छा है कि उसके पास कम से कम चार नई ट्रेनें हों तो वह आनंद विहार लाइन को चालू करे। फिलहाल उसके पास तीन ट्रेनों की टेस्टिंग चल रही है। ऐसे में अगर चार ट्रेनें तैयार हो जाती हैं तो इसी महीने के अंत में मेट्रो की इस लाइन का तोहफा मिल सकता है। ...तब लेट नहीं होगी मेट्रो इस लाइन के चालू होने से मेट्रो को उस समस्या के हल होने की उम्मीद है, जो आए दिन द्वारका लाइन पर देखने को मिलती है। दरअसल, यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन से कुछ ट्रेनें वापस द्वारका चली जाती हैं। लेकिन यहां जब ट्रेन को मोड़ना होता है तो ट्रेन को एक तीखे कर्व से गुजरना पड़ता है। ऐसी जगह पर मेट्रो की स्पीड को कम करके 15 किमी प्रति घंटा करना पड़ता है। इस तरह से यह ट्रेन तो लेट होती ही है, नोएडा से आने वाली ट्रेनों में भी देरी हो जाती है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि आनंद विहार लाइन शुरू होने के बाद यमुना बैंक से ट्रेनें वापस द्वारका नहीं लौटेंगी। इससे कर्व पर स्पीड कम करने की जरूरत ही नहीं होगी। इस तरह से यमुना बैंक से ट्रेनें वापस द्वारका नहीं जाएंगी। ऐसे में कर्व पर ट्रेन को मोड़ने में जो वक्त खराब होता है, वह नहीं होगा और ट्रेनें तय वक्त पर चल सकेंगी।

Tuesday, December 8, 2009

शिवसागर रेलवे स्टेशन के नजदीक सोमवार सुबह कोयले से लदी एक मालगाड़ी के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए।

पूर्व-मध्य रेलवे के मुगलसराय-गया रेलखंड पर शिवसागर रेलवे स्टेशन के नजदीक सोमवार सुबह कोयले से लदी एक मालगाड़ी के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस वजह से रेल यातायात में बड़ी रुकावट आई। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि यह दुर्घटना सोमवार सुबह करीब तीन बजकर 40 मिनट पर हुई। उन्होंने बताया कि रेल यातायात को फिर से चालू कराने के लिए मुगलसराय से रेलवे के तकनीकी कर्मचारी दुर्घटनास्थल पहुंच गए हैं। रेलवे सूत्रों के मुताबिक दुर्घटना के कारण उस मार्ग से गुजरने वाली हावड़ा-कालका एक्सप्रेस ट्रेन, हावड़ा-मुंबई मेल ट्रेन, पटना-वाराणसी बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस और रांची-वाराणसी ट्रेन को विभिन्न स्टेशनों पर रोक कर रखा गया है।

Monday, December 7, 2009

दिल्ली मेट्रो के रास्ते में अब केवल ट्रेनें ही बाधा बनकर खड़ी हैं।

दिल्ली को नोएडा से जोड़ने के बाद अब यमुना बैंक और आनंद विहार को लिंक करने की तैयारी कर चुकी दिल्ली मेट्रो के रास्ते में अब केवल ट्रेनें ही बाधा बनकर खड़ी हैं। इस लाइन को चालू करने के लिए दिल्ली मेट्रो को कम से कम चार और ट्रेनों की जरूरत है, जबकि उसके पास अभी तीन नई ट्रेनें हैं, जिनकी टेस्टिंग चल रही है। ऐसे में अब इस लाइन के शुरू होने का दारोमदार मेट्रो ट्रेनों पर ही है। अगर इसी महीने के अंत तक चार नई ट्रेनें तैयार हो जाती हैं, तो इस लाइन को अभी ही शुरू कर दिया जाएगा। वरना इसमें एक पखवाड़े से एक महीने तक की देरी हो सकती है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सूत्रों का कहना है कि इस बार दिल्ली मेट्रो पर्याप्त ट्रेनों के बिना इस लाइन को शुरू नहीं करना चाहता। इसकी वजह यह है कि नोएडा लाइन शुरू होने के बाद लगभग एक पखवाड़े तक इस लाइन के पैसेंजरों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा था। ट्रेनें कम थीं और पैसेंजर ज्यादा। जिसका नतीजा यह हुआ कि डीएमआरसी ही लोगों के निशाने पर आ गई। दिल्ली मेट्रो के सूत्रों का कहना है कि नोएडा लाइन पर स्थिति अब कुछ हद तक सामान्य हो गई है। पहले इस लाइन के टाइम टेबल में 36 ट्रेनें थीं, लेकिन अब 38 टेनों का टाइम टेबल कर दिया गया है। इससे नोएडा रूट पर ट्रेनों की फ्रिक्वेंसी पहले 12 मिनट से कम होकर 7-8 मिनट रह गई है। दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि पहले हर तीसरी ट्रेन द्वारका से नोएडा जाती थी लेकिन अब पीक आवर में हर दूसरी ट्रेन नोएडा जाती है। ऑफ पीक आवर में भी यही स्थिति रहती है, लेकिन कुछ ट्रेनों के बाद हर वैकल्पिक ट्रेन की बजाय बीच में दो ट्रेनों के बाद तीसरी ट्रेन नोएडा भेजी जाती है। मेट्रो अधिकारियों का मानना है कि अगर आनंद विहार लाइन को शुरू किया जाता है तो इससे उतनी समस्या नहीं बढ़ेगी, जितनी आशंका जताई जा रही है। उनका कहना है कि अभी आनंद विहार लाइन शुरू न होने की वजह से यमुना बैंक से वापस द्वारका जाने वाली ट्रेन को यमुना बैंक स्टेशन से आगे लेकर वापस लाया जाता है। जिस जगह ट्रैक बदला जाता है, वहां तीखा कर्व है। इसकी वजह से ट्रैक बदलते वक्त मेट्रो की स्पीड को कम करके 15 किमी कर दिया जाता है। इससे पूरी लाइन पर ट्रेनों की रफ्तार कम हो जाती है। आनंद विहार लाइन शुरू होने के बाद इन ट्रेनों को यमुना बैंक से वापस नहीं लाया जाएगा, बल्कि ये ट्रेनें आनंद विहार तक जाएंगी। इस तरह ट्रैक बदलने में लगने वाला वक्त बच जाएगा। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि यमुना बैंक से आनंद विहार तक की 6.17 किमी लाइन लगभग तैयार हो गई है, और फिनिशिंग का काम भी इस महीने के अंतिम सप्ताह तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद सिर्फ ट्रेनों की जरूरत रहेगी। अगर ट्रेनें आ जाती हैं तो इस लाइन को इसी महीने के अंत तक चालू कर दिया जाएगा।

Friday, December 4, 2009

छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी)में आग लग जाने से यात्रियों में दहशत फैल गई।

शुक्रवार आज तड़के मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी)में आग लग जाने से यात्रियों में दहशत फैल गई। रेल अधिकारियों ने बताया कि आग सुबह पांच बजे सीएसटी की इमारत के वाणिज्य कार्यालय में लगी। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के तुरंत बाद फायरब्रिगेड को बुलाया गया। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नही है।

रेल ठेकेदारों के बीच कभी भी वर्चस्व की खूनी लड़ाई शुरू हो सकती है।

झारखंड के पूर्व सीएम मधु कोड़ा की गिरफ्तारी और उनके सहयोगियों द्वारा यूपी में लिए गए अरबों रुपये के ठेके से निकल रहे तथ्य साफ संदेश दे रहे हैं कि दिल्ली से लेकर यूपी-बिहार और झारखंड जैसे राज्यों के माफिया रेल ठेकेदारों के बीच कभी भी वर्चस्व की खूनी लड़ाई शुरू हो सकती है। एसटीएफ के हत्थे चढे़ झारखंड के शातिर बदमाशों के खुलासे के बाद अंडरवर्ल्ड के बदलते समीकरण पुलिस के सामने आए हैं।
एसटीएफ सूत्र का कहना है कि झारखंड के पकड़े गए अपराधियों से मिली जानकारी के आधार पर यूपी पुलिस ने दिल्ली पुलिस, झारखंड पुलिस, बिहार पुलिस और इन सभी राज्यों में जीआरपी को भी अनहोनी से बचने एवं आवश्यक कदम उठाने की सलाह दे दी है। यूपी में एक रेल माफिया पर भी शिकंजा कसने वाला है। पूर्वांचल के इस माफिया के संबंध कोड़ा एवं उनके सहयोगियों से बताये गए हैं। गिरफ्तार किए गए लोग, जो झारखंड के कोयला एवं रेल माफिया से जुड़े हुए हैं, से मिली जानकारी में अगर सचाई है तो उसका असर नीचे तक के रेलवे टेंडरों पर पड़ सकता है। ऐसे में गैंगवॉर को रोकना पुलिस के लिए चुनौती होगी।
झारखंड के इन बदमाशों ने कबूल किया है कि रेलवे के बाहुबली ठेकेदार दीपा सरदार की हत्या के लिए लखनऊ के एक माफिया का खास ठेकेदार भोला इस समय पूर्वांचल के उक्त माफिया की शरण में पहुंच चुका है। दीपा सरदार और भोला के बीच तकरीबन सात साल पहले रेलवे ठेकों में वर्चस्व को लेकर खूनी संघर्ष की शुरुआत हुई थी। इसी रंजिश में भोला के भाई हरप्रीत सिंह उर्फ काले की हत्या कर दी गई थी। हरप्रीत की हत्या में दीपा व उसके साथी नामजद हुए थे। कोड़ा की गिरफ्तारी के बाद यूपी, बिहार और झारखंड में उनके पार्टनरों से जुड़े माने जाने वाले माफिया अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यूपी के एक चर्चित माफिया अजित सिंह के खास रहे लोगों ने पहले रेलवे के कई बड़े ठेकों पर अपना कब्जा जमाया था। जब तक लखनऊ का यह चर्चित माफिया जीवित रहा, तब तक उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल और आसपास के ठेकों में पूर्वांचल का उक्त माफिया चाहकर भी अपनी दखलंदाजी नहीं कर पाया था। माफिया समझे जाने वाले बृजेश सिंह, हरिशंकर तिवारी, वीरेंद्र प्रताप शाही, मुख्तार अंसारी और कृष्णानंद राय की पकड़ शुरू से ही रेलवे के कई जोन में रही। गैंगवॉर में शाही और राय की हत्या पहले ही हो चुकी है। छत्तीसगढ़ से गहरा रिश्ता रखने वाले और झारखंड में पकड़े गए यूपी के राकेश पांडेय उर्फ बाबा का नाम भी माफियाओं की लिस्ट में है। यूपी एसटीएफ और एटीएस सहित अन्य राज्यों की खुफिया पुलिस इन सब संबंधों का विश्लेषण अपने तरीके से कर रही है। यूपी में गिरफ्तार झारखंड के शातिर बदमाश सुनील सिंह उर्फ सोना, सिद्धांत सिंह उर्फ बाबू राजा, लखनऊ के सुरेश कुमार, धनबाद के संतोष उर्फ ठेठा और वहीं के विजय शर्मा से हुई पूछताछ से पता लगा कि उनके साथ एक और ग्रुप था। उस ग्रुप के पास तीन एके-47 असॉल्ट राइफलें हैं।

Wednesday, December 2, 2009

कुछ समय बाद दिल्ली के शाहदरा से नए बस अड्डे तक भी मेट्रो की सीटी लगेगी।

दिल्ली के आनंद विहार से वैशाली तक ही नहीं जनाब प्लान के हिसाब से कार्य हुआ तो कुछ समय बाद दिल्ली के शाहदरा से नए बस अड्डे तक भी मेट्रो की सीटी लगेगी। मेट्रो के इस नए प्रोजेक्ट के लिए अब जीडीए ने नई प्लानिंग की है। करीब 12 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट को तैयार करने के लिए 1200 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। जीडीए का कहना है कि वह इस प्रोजेक्ट के वित्तीय भार को वहन नहीं कर सकता है। जीडीए ने शासन से निवेदन किया है कि वह मेट्रो सैस लगाकर इस प्रोजेक्ट पर वाले खर्च में प्राइवेट या फिर सरकारी विभागों की शेयरिंग तय कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के लिए सैस लगाने के प्रस्ताव को तैयार करने के लिए शासन ने ही जीडीए को आदेश दिया था। 'मेट्रो सैस' मेट्रो के लिए टैक्स, के इस प्रस्ताव को सबसे पहले जीडीए ने वैशाली के सेक्टर 4 से वसुंधरा होते हुए करीब साढे़ 7 किलोमीटर लंबे इंदिरापुरम के सीआईएसएफ तक के प्रोजेक्ट के लिए भेजा था। निवर्तमान वीसी एस. के. द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में कई बिल्डरों ने सलाह दी थी कि मेट्रो सैस के तौर पर वह प्रतिवर्ग मीटर साढे़ 3 सौ रुपये देने को तैयार है, ताकि इस प्रोजेक्ट पर आने वाली करीब साढे़ 7 सौ करोड़ रुपये की लागत की भरपाई की जा सके। लेकिन जब शासन को जीडीए ने यह प्रस्ताव भेजा तो उसे निरस्त कर दिया। शासन का जीडीए से उल्टे एक सवाल था कि क्या इससे पहले यूपी में कहीं पहले मेट्रो सैस लगा है? अगर ऐसा हुआ है तो उसकी थ्योरी के साथ प्रस्ताव भेजे। लेकिन जीडीए अब दिल्ली के दिलशाद गार्डन से नए बस अड्डे तक के मेट्रो प्रोजेक्ट को भी गंभीरता से ले रहा है। जीडीए के चीफ इंजीनियर अनिल कुमार गर्ग की माने तो इस प्रोजेक्ट पर करीब 1200 करोड़ रुपया खर्च आएगा। इसका वित्तीय भार जीडीए वहन नहीं कर सकता। ऐसे में शासन को सुझाव दिया गया है कि वह 2 तरह से मेट्रो सैस लगा सकता है एक सरकारी विभागों और दूसरे प्राइवेट प्रॉपर्टी पर।
सरकारी विभागों से मतलब नगर निगम, जीडीए, आवास विकास परिषद, यूपीएसआईडीसी आदि विभागों पर। मेट्रो के नए बस अड्डा तक आने से शहर में प्रॉपर्टी का रेट बढ़ेगा इससे इन सभी विभागों का सीधा फायदा है। मेट्रो प्रोजेक्ट पर खर्च होने वाले पैसे को कुछ विभाग टैक्स में बढ़ोतरी कर पब्लिक से भी भरपाई कर सकते हैं। इनके अलावा इलाके के प्राइवेट टाउनशिप पर भी अलग से मेट्रो सैस लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इससे इतना तो साफ हो गया कि वैशाली के प्रोजेक्ट के बाद अब जीडीए और शासन नए बस अड्डे तक के मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए संसाधन जुटाने की कोशिश में जुट गए हैं।

Monday, November 30, 2009

डायरेक्ट कनेक्टिविटी


वेस्ट दिल्ली और द्वारका सब-सिटी के यात्रियों को द्वारका सेक्टर-21 स्टेशन से अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे तक डायरेक्ट कनेक्टिविटी मिलेगी...
महिलाएं करती थीं मेट्रो में जेब साफ
29 Nov 2009, 0538 hrs IST,दिल्ली मेट्रो की सिक्यूरिटी में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के महिला दस्ते ने मेट्रो ट्रेनों में पैसेंजरों की जेब साफ करने वाले एक गिरोह की पांच महिलाओं को...
ब्लूलाइन मेट्रो को लाइन पर लाएगा एटीओएस
27 Nov 2009, 0436 hrs IST,पैसेंजरों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए दिल्ली मेट्रो नोएडा-द्वारका लाइन पर ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन सिस्टम (एटीओएस) लगाने पर विचार कर रही है...

Friday, November 27, 2009

अनन्या एक्सप्रेस में जमकर लूटपाट की।

बिहार में पूर्व-मध्य रेलवे के दानापुर रेल मंडल क्षेत्र के किउल-झाझा रेलखंड पर गुरुवार रात सशस्त्र लुटेरों ने हावड़ा से जयपुर जा रही अनन्या एक्सप्रेस में जमकर लूटपाट की। इस दौरान लुटेरों ने विरोध करने वाले दो यात्रियों को चाकू मारकर घायल भी कर दिया। पुलिस के अनुसार झाझा रेलवे स्टेशन पर करीब चार-पांच लोग एस-1 शयनयान डिब्बे में सवार हो गए और रेलगाड़ी खुलते ही लूटपाट करने लगे। इस दौरान विरोध करने वाले यात्रियों से लुटेरों ने मारपीट भी की। लुटेरों ने दो यात्रियों को चाकू मारकर घायल कर दिया। लूटपाट करने के बाद लुटेरे बंशीपुर रेलवे स्टेशन पर उतरकर भाग गए। पुलिस ने बताया कि दहशत फैलाने के लिए लुटेरों ने इस दौरान गोलीबारी भी की। घटना की पुष्टि करते हुए किउल रेलवे पुलिस बल के निरीक्षक अजय कुमार पांडेय ने शुक्रवार को बताया कि चार घायलों को किउल स्थित रेलवे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द में भर्ती करवाया गया है। उन्होंने बताया कि लुटेरों ने करीब दो लाख रुपये की संपत्ति लूटी। पांडेय ने बताया कि लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार रात अज्ञात लुटेरों ने सहरसा-मानसी रेलखंड पर बदला रेलवे स्टेशन के नजदीक जनसेवा एक्सप्रेस के दो डिब्बों में लूटपाट की थी। इस दौरान भी लुटेरों ने छह लोगों को घायल कर दिया था।

Wednesday, November 25, 2009

रेलगाड़ी में बच्चे का जन्म होने के कारण बच्चे के माता-पिता ने उसका नाम पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद के नाम पर 'लालू' रखा।

बिहार के सोनपुर रेल मंडल के देसरी रेलवे स्टेशन पर एक महिला ने सफर के दौरान रेलगाड़ी में अपने बच्चे को जन्म दिया। रेलगाड़ी में बच्चे का जन्म होने के कारण बच्चे के माता-पिता ने उसका नाम पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद के नाम पर 'लालू' रखा। सोनपुर रेल मंडल के जन संपर्क अधिकारी बी. राम ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को 5651 गुवाहाटी-जम्मू एक्सप्रेस ट्रेन के स्लीपर कोच में गर्भवती गायत्री देवी अपने पति योगेंद्र प्रसाद के साथ यात्रा कर रही थीं। हाजीपुर से पहले देसरी रेलवे स्टेशन के समीप उन्हें प्रसव पीड़ा हुई और उन्होंने रेलगाड़ी में ही एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद देसरी रेलवे स्टेशन पर ही ट्रेन को रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि ट्रेन को देसरी स्टेशन पर 15 मिनट तक रोके रखा गया था। गायत्री को देसरी के ही डॉ. अवधेश कुमार की प्राइवेट क्लिनिक में भर्ती कराया गया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। ट्रेन में जन्म लेने वाले बच्चे का नाम पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद के नाम पर 'लालू' रखा गया। लालू के पैरंट्स का कहना है कि रेल में बच्चे का जन्म हुआ है इसलिए इससे अच्छा कोई और नाम हो ही नहीं सकता। रेलवे के एक अन्य अधिकारी के मुताबिक गायत्री पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से सारण जा रही थी। पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद सारण संसदीय क्षेत्र से ही सांसद हैं।

Monday, November 23, 2009

सैकड़ों लोग इस दौरान विभिन्न स्टेशनों पर फंसे रहे।

द्वारका-नोएडा मेट्रो सेवा तकनीकी खामी के कारण आज आधे घंटे से ज्यादा समय तक बाधित रही। दफ्तर और कॉलेज जाने वाले सैकड़ों लोग इस दौरान विभिन्न स्टेशनों पर फंसे रहे। दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक, नोएडा और जनकपुरी स्टेशनों के बीच सेवा सामान्य रही, बिजली संबंधी किसी गड़बड़ी के कारण जनकपुरी और द्वारका सेक्टर नौ के बीच केवल एक लाइन पर मेट्रो का संचालन हो पाया। कुछ समय बाद सेवा दोबारा बहाल हो गई। देरी से नाराज मुसाफिरों ने द्वारकासेक्टर नौ स्टेशन की टिकट खिड़कियों पर जमा होकर टिकट के पैसे वापस मांगे।


Sunday, November 22, 2009

मुंबई में १५ डिब्बों वाली लोकल की श्रीगणेश ममता ने किया

रेल मंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को घोषणा की कि रेलवे पिछले वर्ष मुंबई में हुए आतंकी हमले के शिकार हुए लोगों की स्मृति में एक संग्रहालय बनाया जाएगा। तीन सुपरफास्ट ट्रेनों को शनिवार को हरी झंडी दिखाते हुए बनर्जी ने कहा कि संग्रहालय में उन सभी रेल कर्मचारियों के बारे में जानकारी शामिल की जाएगी, जो हमले के दौरान शहीद हो गए। इसके अलावा उन सुरक्षाकर्मियों, रेल यात्रियों और आम नागरिकों के बारे में भी जानकारी शामिल की जाएगी, जिन्हें हमले के दौरान अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था। रेल मंत्री बनने के बाद अपनी पहली मुंबई यात्रा के दौरान बनर्जी ने मुंबई हमले में शहीद हुए लोगों को अपनी श्रद्धांजलि दी। बनर्जी ने बेहतर, तेज, सुरक्षित और स्वच्छ रेल यात्रा का भी वादा किया। बनर्जी ने इस अवसर पर मुंबई-नागपुर के बीच दुरांतो एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन सप्ताह में रविवार, मंगलवार और गुरुवार को चलेगी। यह ट्रेन 11 घंटे 30 मिनट के भीतर यह दूरी तय करेगी।

ट्रेन में इतना रश था कि वह सैंडविच बन कर रह गईं।

दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट इरा की खुशी का उस वक्त ठिकाना नहीं रहा , जब उन्होंने पहली बार नोएडा से यूनिवर्सिटी जाने के लिए मेट्रो पकड़ी , लेकिन थोड़ी ही देर में उनकी खुशी काफूर हो गई। पूरी ट्रेन में इतना रश था कि वह सैंडविच बन कर रह गईं। राजीव चौक पर मानो भीड़ ने उन्हें खुद - ब - खुद ट्रेन से बाहर धकेल दिया। इरा कहती हैं , ' काश ! मेट्रो में लेडीज के लिए अलग डिब्बा होता !' मेट्रो में रोजाना सफर करनेवाली बहुत - सी महिलाओं का कहना है कि इसमें भी लोकल ट्रेनों की तरह लेडीज स्पेशल कंपार्टमेंट होना चाहिए। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि फिलहाल इस तरह की कोई योजना नहीं है , लेकिन जरूरत पड़ी और तकनीकी रूप से मुमकिन हुआ तो मेट्रो में लेडीज स्पेशल कंपार्टमेंट शुरू करने के बारे में सोचा जा सकता है। मेट्रो के कुछ रूटों पर भारी भीड़ उमड़ रही है , खासकर सुबह - शाम को पीक आवर्स में। नोएडा - द्वारका , राजीव चौक - कश्मीरी गेट और जहांगीरपुरी - कनॉट प्लेस जैसे रूटों पर अक्सर मेट्रो इस कदर भरी हुई होती है कि उसमें चढ़ना भी मुश्किल हो जाता है। इन दिनों ट्रेड फेयर की वजह से हालत और बुरी हो गई है। ऐसे में महिलाओं को काफी दिक्कत हो रही है। करोल बाग से आईटीओ स्थित अपने ऑफिस आनेवाली अनुराधा कहती हैं कि अगर दिल्ली - पलवल के बीच लेडीज स्पेशल चल सकती है तो पूरी मेट्रो न सही , उसमें एक - दो कंपार्टमेंट तो लेडीज स्पेशल हो ही सकते हैं। महिलाओं के लिए सीटें तो ज्यादा संख्या में रिजर्व होनी ही चाहिए। मेट्रो में सबसे अगले डिब्बे और सबसे पिछले डिब्बे को महिलाओं के लिए रिजर्व किया जा सकता है। कभी - कभार मेट्रो में चलनेवाली महिलाओं को बेशक ज्यादा दिक्कत नहीं होती , लेकिन रोजाना सफर करनेवाली महिलाओं की दिली इच्छा है कि लेडीज स्पेशल कंपार्टमेंट का इंतजाम किया जाए। राजौरी गार्डन स्थित एक शोरूम में काम करनेवाली दीप्ति कुमार का कहना है कि मेट्रो ने सफर बहुत सुविधाजनक कर दिया है , लेकिन कई बार इतनी भीड़ होती है कि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं हो सकती हैं। भीड़ की वजह से मेरे हसबैंड सुशील कुमार चाहते हैं कि मैं ऑटो में ही चलूं तो बेहतर है। अगर मेट्रो में हमारे लिए अलग से जगह तय कर दी जाए तो हम ज्यादा महफूज महसूस करेंगे। दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता अनुज दयाल का कहना है कि अभी तक पूरी दुनिया में कहीं भी मेट्रो में लेडीज स्पेशल कंपार्टमेंट नहीं है। फिर भी अगर महिलाओं को वाकई दिक्कत हो रही है और इस बारे में मांग उठी तो इस पर विचार किया जा सकता है। ऐसा तभी मुमकिन होगा , जब तकनीकी तौर पर मेट्रो के संचालन में कोई परेशानी न हो।

Monday, November 16, 2009

मेट्रो प्रशासन सुविधाएंबढ़ाने को लेकर गंभीर नहीं

कमाई के मामले में लगातार नए रेकॉर्ड बना रही दिल्ली मेट्रो सुविधाओं के मामले पिछड़ती जा रही है। हालत यह है कि फर्स्ट एड के लिए भी मेट्रो बाहर की सुविधाओं पर निर्भर है। ऐसे में अगर कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो लोगों को संभालना मुश्किल हो सकता है। इसकी एक झलक आठ नवंबर को हुए ब्रेक- डाउन के बाद देखने को मिल चुकी है, बावजूद इसके मेट्रो प्रशासन सुविधाएंबढ़ाने को लेकर गंभीर नहीं है। मेट्रो के अंदर स्वास्थ्य सुविधाओं पर गौर करें तो हर स्टेशन पर सिर्फ एक वील चेयर, एक स्ट्रेचर और एक फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था है, लेकिन फर्स्ट एड के लिए मेट्रो के पास डॉक्टर तोदूर स्टेशनों में कोई ट्रेंड स्टाफ तक की व्यवस्था नहीं है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के प्रवक्ता अनुज दयाल का कहना है कि कैट एंबुलेंस के साथ हमारा टाई- अप है। जरूरत पड़ने पर उन्हें 10 मिनट के अंदर बुला लिया जाएगा और नजदीकी हॉस्पिटल में लोगों को भेज दियाजाएगा। इस बीच मदद के लिए टेन के अंदर अनाउंसमेंट कर दी जाएगी कि अगर उसमें कोई डॉक्टर हैं तो मदद के लिए आ जाएं। लेकिन, टनल या स्टेशन के अंदर भगदड़ जैसी स्थिति होने पर सैकड़ों यात्रियों की भीड़ को हटाते हुए जरूरतमंद लोगों को बाहर ले जाना कैसे मुमकिन होगा, इस बारे में शायद प्रशासन ने सोचा नहीं है। जहां तक सुविधाओं के समय पर पहुंचने की बात है तो दिल्ली के ट्रैफिक में आधे घंटे से पहले कुछ भी संभव नहीं है। जबकि कार्डिएक अरेस्ट या ब्रेन स्ट्रोक जैसे मामलों में शुरू के 10 मिनट ही इलाज के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। स्टेशनों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कितनी जरूरत है इसका अंदाजा आठ नवंबर को एक टेन के ब्रेक डाउन के बाद हुई हालत से लगाया जा चुका है। उस दिन एक साथ भीड़ होने और लाइट, एसी बंद होने से कई लोग घुटन के कारण बेहोश हो गए थे,तो कइयों को चोट भी लग गई थी। जानकारों काकहना है कि यह तो छोटा मामला था और कुछ ही देर की बात थी, तब भी लोगों को संभालना मुश्किल हो गया था। ऐसे में उपलब्ध सुविधाओं के सहारे बड़े डिजास्टर को मैनेज करने की बात सोची भीनहीं जा सकती है। डीएमआरसी दुनिया की बेस्ट सुविधाएं मुहैया कराने का दावा करतीहै, लेकिन यहां की हेल्थ फेसिलिटी की लंदन, न्यू यॉर्क जैसे शहरों की मेट्रो ट्रेन से तुलना करें तो हम काफी पीछे हैं। जानकारों के मुताबिक लंदन में हर मेट्रो स्टेशन पर डॉक्टर, ट्रेड हेल्थ वर्कर और बाकी सभी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। कई स्टेशनों के बाहर छोटे- छोटे पोली क्लीनिक भी बनाए गए हैं और उनके पास खुद के एंबुलेंस भी उपलब्ध रहते हैं।दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क की बात करें तो फिलहाल यह 87 कि। मी. एरिया को कवर कर रही है। इसके 78 स्टेशन हैं, जिनमें से 15 स्टेशन अंडर ग्राउंड हैं। दूसरे फेज के चालू होने के बाद इसका नेटवर्क 190 कि। मी. का हो जाएगा और स्टेशनों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी। मेट्रो में रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं। पहले से ही फायदे में चल रही मेट्रो किराया बढ़ने और नोयडा रूट चालू के होने के बाद कमाई के मामले में नए रेकॉर्ड बना रही है। डीएमआरसी के मुताबिक शनिवार को मेट्रो ने एक करोड़ ६४ लाख रुपये की कमाई की है, जो कि अब तक का रेकॉर्ड है। इससे पहले शुक्रवार को एक करोड़ 40लाख की और इसी साल तीन अगस्त को एक करोड़ 25 लाख रुपये की कमाई कर चुकी है। मगर यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।

Sunday, November 15, 2009

आपको ट्रेन में गलत रिकॉर्डिंग सुनने को मिले।

आप यदि नोएडा से दिल्ली मेट्रो में जा रहे हैं तो जरा मयूर विहार फेज वन एक्सटेंशन, मयूर विहार फेज वन और यमुना बैंक स्टेशन पर मेट्रो की तरफ से होने वाले अनाउंसमंट को ध्यान से सुनें। हो सकता है कि आपको ट्रेन में गलत रिकॉर्डिंग सुनने को मिले। शनिवार 3 बजे सिटी सेंटर स्टेशन से द्वारका के लिए चली मेट्रो में जो एनाउंसमेंट हो रहा था उससे कोई भी हादसा कभी भी संभव है। दरअसल मयूर विहार फेज वन एक्सटेंशन, मयूर विहार फेज वन और यमुना बैंक स्टेशन के प्लैटफॉर्म बीच में हैं। यहां जब भी ट्रेन नोएडा से पहुंचेगी तो दरवाजे हमेशा राइट साइड में ही खुलेंगे। 3 बजे नोएडा से चली इस ट्रेन के दरवाजे भी इन तीनों स्टेशनों पर दायीं तरफ ही खुले, मगर इन स्टेशनों के आने से पहले पैसेंजर्स को अलर्ट करते हुए अनाउंसमेंट हो रहा था कि स्टेशन आने वाला है, दरवाजे बायीं तरफ खुलेंगे, दरवाजों से हटकर खड़े हों। यहीं अनाउंसमंट अंग्रेजी में भी हुआ कि डोर्स विल ओपन ऑन द लेफ्ट साइड, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। स्टेशन आने पर राइट साइड वाले दरवाजे ही खुले क्योंकि प्लैटफॉर्म दायीं तरफ ही थे। इस रूट से अनजान दायीं तरफ के दरवाजे के पास खड़ा कोई भी पैसेंजर यदि मेट्रो के अनाउंसमेंट पर भरोसा कर ले तो अचानक दरवाजों के खुलने पर वह हादसे का शिकार हो सकता है।

मंडोर एक्सप्रेस के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए।

जयपुर के नजदीक जोधपुर से दिल्ली आ रही मंडोर एक्सप्रेस के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में 5 लोग मारे गए हैं और 20 लोग घायल हो गए हैं। यह हादसा रात के करीब 1 बजे हुआ। रेलवे के वरिष्ट अधिकारी ने बताया है कि जयपुर से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बांस का फाटक के पास जोधपुर से दिल्ली आ रही मंडोर एक्सप्रेस के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में 5 मारे गए हैं और 20 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया है कि पटरी से नीचे उतरनेवाले डिब्बो में 5 एसी कोच, 7 स्लीपर कोच और तीन जनरल डिब्बे शामिल हैं। उत्तर-पश्चिम रेलवे के चीफ पीआरओ के.एल. इनखिया ने बताया कि एक एसी डिब्बा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने बताया कि घायलों को नजदीक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जयपुर के जीआरपी इन्चार्ज अश्विनी अत्रे ने बताया कि क्षतिग्रस्त डिब्बे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए जीआरपी के जवान हाईड्रॉलिक कटर का इस्तेमाल कर रहे हैं।

Thursday, November 12, 2009

12 नवंबर 2009 की तारीख को गोल्डन डे के रूप में याद किया जाएगा।


दिल्ली की सीमा लांघकर मेट्रो गुरुवार को शहर में जैसे ही प्रवेश करेगी नोएडा के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा। 12 नवंबर 2009 की तारीख को गोल्डन डे के रूप में याद किया जाएगा। नोएडा के सिटिजन पिछले 3 साल से इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह इत्तफाक ही है कि 2 अगस्त 2006 को जब प्रॉजेक्ट की नींव रखी गई थी तब भी गुरुवार था और आज भी गुरुवार है। अंतर इतना है कि सेक्टर-32 के सिटी सेंटर में अमर सिंह की मौजूदगी में प्रॉजेक्ट की नींव रखी गई थी, उसी स्थान पर मायावती मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगी। मुख्यमंत्री मायावती शाम 3 बजे सड़क मार्ग से सिटी सेंटर स्टेशन पहुंचेंगी। वह यहां लगभग एक घंटा बीस मिनट ठहरेंगी। मायावती मेट्रो स्टेशन पर ही प्रेस से बात करेंगी। यूपी में 11 में से 9 सीटें जीतकर पहली बार राजधानी से लगे शहर में आने वाली सीएम से कई अहम घोषणाओं की उम्मीद लगाई जा रही है। मेट्रो प्रॉजेक्ट की कुल लागत 736 करोड़ के करीब है। इसमें से 93 करोड़ की भरपाई डीएमआरसी करेगी। 32 करोड़ लैंड कास्ट के रूप में हैं। बाकी 611 करोड़ की 85 फीसदी कॉस्ट नोएडा ऑथॉरिटी ने वहन की है। 15 फीसदी कॉस्ट केंद्र सरकार वहन करेगी। नोएडा- द्वारका रूट मेट्रो एक नजर में कुल दूरी- 47।4 किलोमीटर कुल स्टेशन- 42 नोएडा ट्रैक की दूरी- 8 किलोमीटर कुल लागत- 736 करोड़
बोलेगा तो: मेट्रो बनी है जनता के पैसे से तो उसका उद्घाटन मायावती या शीला दीक्षित क्यों करेंगी? अब इस उद्घाटन के तमाशे से जनता को बख्श दो। फालतू-फंड का खर्च होगा और वीआईपी मूवमेंट से जनता को बेमतलब की परेशानी होगी। अधिकारी, कर्मचारी सब आवभगत में जुटे रहेंगे और पब्लिक दर-दर भटकेगी। उद्घाटन करना है तो इस रूट का पहला मुसाफिर करे जो अपने पैसे से टिकट खरीद कर मेट्रो में सवार हो रहा हो।

Friday, November 6, 2009

शताब्दी एक्सप्रेस को शुक्रवार सुबह लुधियाना स्टेशन पर रोक दिया

पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों क

े लिए न्याय की मांग कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर-नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस को रोक दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार लगभग 600 प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर से आ रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस को शुक्रवार सुबह लुधियाना स्टेशन पर रोक दिया। प्रदर्शनकारी सिख दंगों के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग कर रहे थे। गौरतलब है कि 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की उनके दो सिख सुरक्षाकर्मियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद देश भर में सिख दंगे भड़क उठे थे।

Tuesday, November 3, 2009

गांधीधाम-बेंगलुरु एक्सप्रेस की 12 बोगियां पटरी उतर गईं।

डोंबिवली में मुसाफिरों से भरी गांधीधाम-बेंगलुरु एक्सप्रेस की 12 बोगियां पटरी उतर गईं। इस हादसे में 12 लोगों के घायल होने की खबर है। ट्रेन में सवार मुसाफिरों के मुताबिक मंगलवार की रात करीब साढ़े बारह बजे अचानक तेज आवाज हुई और ट्रेन के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना के तुरंत बाद सबसे पहले आसपास के लोगों ने यात्रियों की मदद की। लोगों का आरोप है कि घटना की खबर मिलने के बावजूद रेलवे ने हरकत में आने में देरी की और राहत कार्य भी देर से शुरू हुआ।

Sunday, November 1, 2009

दिसंबर में इस नए रेल टर्मिनल को चालू कर दिया जाएगा।

आनंद विहार रेल टमिर्नल के अब दिसंबर तक चालू होने की उम्मीद है। अब तक इस टर्मिनल का प्लैटफॉर्म नंबर तीन ही तैयार हुआ है। उत्तर रेलवे का कहना है कि नवंबर के अंत तक इस टर्मिनल के प्लैटफॉर्म नंबर एक और दो भी तैयार हो जाएंगे। इस तरह दिसंबर में इस पूरे टर्मिनल को चालू किया जा सकता है। उत्तर रेलवे के मुताबिक, पहले कोशिश की जा रही थी कि छठ स्पेशल ट्रेनें आनंद विहार से चालू की जाएं, लेकिन निर्माण कार्य में तीन-चार दिन की देरी हो गई। इसकी वजह से छठ स्पेशल आनंद विहार से नहीं चलाई जा सकीं। अब एकाध महीने में आनंद विहार के बाकी दो प्लैटफॉर्म भी तैयार हो जाएंगे। ऐसे में यह तय किया गया है कि पूरे रेल टर्मिनल को एक साथ ही चालू किया जाए। उम्मीद की जानी चाहिए कि दिसंबर में इस नए रेल टर्मिनल को चालू कर दिया जाएगा। रेलवे अधिकारियों ने ट्रेनों के नए टाइम टेबल में भी आनंद विहार टर्मिनल को जगह दी है। हालांकि टाइम टेबल में यह नहीं बताया गया कि आनंद विहार से कब ट्रेनें चलाई जाएंगी, लेकिन यह जरूर बताया गया है कि फरक्का और न्यू जलपाईगुड़ी के लिए ट्रेनें आनंद विहार से रवाना होंगी। इनमें से आनंद विहार-फरक्का एक्सप्रेस आनंद विहार से हर रविवार और गुरुवार को रवाना होगी। इसी तरह न्यू जलपाईगुड़ी के लिए भी आनंद विहार से एक्सप्रेस ट्रेन हर बुधवार और रविवार को रवाना होगी। रेलवे का कहना है कि यह तय है कि विंटर स्पेशल ट्रेनों में से भी कुछ आनंद विहार से चलाई जाएंगी। आनंद विहार रेलवे टमिर्नल से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और नॉर्थ ईस्ट जाने वाली कई ट्रेनों को चलाया जाएगा। 2003-04 के बजट में इस रेल टर्मिनल के निर्माण का ऐलान किया गया था। उम्मीद जताई गई थी कि इससे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का बोझ काफी हद तक कम होगा। इसका पहला फेज 2007 के मध्य में ही पूरा होना था। फेज वन में लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत से तीन प्लैटफॉर्म बन रहे हैं, जबकि कुल मिलाकर सात प्लैटफॉर्म बनाने की योजना है।

जयपुर-सवाई माधोपुर मार्ग पर ट्रेनों का संचालन अगले आदेश तक रोक दिया है।

उत्तर पश्चिम रेलवे ने जयपुर के सीतापुरा इलाके में आईओसी डिपो में लगी भीषण आग को देखते हुए जयपुर-सवाई माधोपुर मार्ग पर ट्रेनों का संचालन अगले आदेश तक रोक दिया है। जयपुर -सवाई माधोपुर रेल मार्ग आईओसी डिपो से कुछ फर्लान्ग की दूरी पर है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जनसम्पर्क अधिकारी यशवन्त कुमार शर्मा के अनुसार आईओसी डिपो में आग लगने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाली तीन गाड़ियां रद्द कर दी गई हैं और जयपुर-सवाई रूट की अन्य ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगले आदेश तक जयपुर-सवाई माधोपुर रेल मार्ग पर यातायात बंद रहेगा। शर्मा के अनुसार जयपुर-एर्नाकुलम, जोधपुर-इन्दौर, भोपाल-जोधपुर, बांद्रा-जयपुर, मुम्बई सेंट्रल-जयपुर, मुम्बई-जयपुर, जबलपुर-जयपुर ट्रेनों को परिवर्रित मार्ग फुलेरा, चितौड़गढ़-अजमेर के रास्ते भेजा जा रहा है और इसी रास्ते से वे वापस भी आ रही हैं। जयपुर-राजेंद्र नगर ट्रेन बांदीकुई से जयपुर होते हुए अजमेर भेजी जा रही है जबकि पुरी से जयपुर की गाड़ी भरतपुर बांदीकुई के रास्ते चलाई जा रही है। शर्मा के अनुसार जयपुर श्यामगढ,जयपुर-बयाना समेत तीन गाड़ियां रद्द कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि आग लगने के कुछ घंटे बाद जयपुर आने वाली स्पेशल ट्रेन को वनस्थली रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया। कुछ समय की प्रतीक्षा के बाद इस ट्रेन को वनस्थली पर ही समाप्त कर पुन बयाना के लिए रवाना किया गया।

Wednesday, October 21, 2009

ऐसा कहना है हादसे के वक्त मेवाड़ एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे पैसिंजर भगवान का।

'हमारी ट्रेन मथुरा स्टेशन से निकलकर कुछ ही दूर चली थी कि अचानक उसके पहियों की गति थम गई। ट्रेन रुकने के 5 मिनट बाद ऐसा लगा कि पीछे से ट्रेन में धक्का लगा है। कुछ ही सेकंड बाद जोर का झटका महसूस हुआ। जब होश आया, तो देखा हर तरफ चीख-पुकार मची हुई थी।' ऐसा कहना है हादसे के वक्त मेवाड़ एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे पैसिंजर भगवान का। हादसे के मंजर को याद करते हुए उन्होंने आपबीती कुछ इस तरह बयां की। 'एक पल के लिए कुछ समझ में नहीं आया। जब ट्रेन से बाहर निकला, तो देखा कि लेडीज बोगी के परखचे उड़ गए हैं। उसमें मेरी बहन और उसके दोनों बच्चे बैठे थे। भीड़ ने बोगी को घेर रखा था और खिड़कियां काट-काटकर लोगों को बाहर निकाल रहे थे। बहन और उसके बच्चों का ख्याल आते ही कुछ पल के लिए मेरी सांसें अटक गईं। अपने आप को संभाला, तो ऐसा लगा कि हाथ-पैरों में जान ही नहीं बची है। मैं कांपने लगा...।' भगवान ने बताया, मेरी बहन बन्नास, अपने 7 साल के बेटे अभिषेक और 5 साल की बेटी सोनम के साथ भाईदूज मनाने राजस्थान में करौली स्थित मेरे घर आई थी। मंगलवार को मैं उन्हें दिल्ली पहुंचाने आ रहा था। हम लोग श्री महावीर स्टेशन से ट्रेन पर चढ़े थे। बहन और बच्चे लेडीज बोगी में बैठे और मैं पांचवीं बोगी में बैठा था। भगवान के जीजा और दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल मुकेश ने बताया कि मेरे पास सुबह 6 बजे फोन आया कि ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। एम्स में काम करने वाले अपने एक दोस्त की सलाह पर किराए की गाड़ी लेकर मैं तुरंत मथुरा के लिए निकल गया। वहां जाकर देखा तो पत्नी और दोनों बच्चे घायल थे और उन्हें फर्स्ट एड दी गई थी। वहां से लाकर मैंने उन्हें एम्स में भर्ती कराया। तीनों घायलों का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि बन्नास और अभिषेक को सिर में चोट आई है और उनके पैरों का मांस बुरी तरह फट गया है। उसमें कंकड़ घुस गए हैं, जिन्हें साफ करना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके बाद ही इन्फेक्शन के लेवल का पता लगेगा। दोनों का सीटी स्कैन किया गया है, बाकी टेस्ट भी किए जा रहे हैं। सोनम के लोअर लिंब में फ्रैक्चर का अंदेशा है। हालांकि तीनों को होश आ गया है पर हादसे ने उन्हें बदहवास कर दिया है और चोट के कारण तो वे बोलने की हालत में भी नहीं हैं। मुकेश का कहना है कि एम्स पहुंचने के बाद जब बन्नास को होश आया, तो उसी से मुझे पता लगा कि बोगी में सामने वाली सीटों पर भी दिल्ली पुलिस के ही किसी जवान का परिवार बैठा था और हादसे में सबकी जान चली गई है।

Saturday, October 17, 2009

परोक्ष रूप से हजारों करोड़ रुपये का फायदा

भले ही रोजाना 8.5 लाख पैसिंजर ही दिल्ली मेट्रो का फायदा उठा पाते हों लेकिन दिल्ली शहर को मेट्रो के आने से परोक्ष रूप से हजारों करोड़ रुपये का फायदा हो रहा है। मेट्रो का दावा है कि अगर ईंधन लागत, वाहनों की तादाद, हादसों, प्रदूषण, सड़क पर आने वाला खर्च और रोड ट्रैफिक जाम में बर्बाद होने वाले वक्त को अगर रकम में बदला जाए तो 2011 तक दिल्ली शहर को मेट्रो के फेज एक की लागत के बराबर का फायदा हो चुका होगा। दिल्ली मेट्रो ने यह दावा केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) की स्टडी रिपोर्ट के आधार पर किया है। इस तरह की पहली स्टडी 2007 में की गई थी जबकि दूसरी स्टडी इस साल की गई है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्परेशन के डायरेक्टर (वर्क्स) मंगू सिंह ने बताया कि यह स्टडी इस साल जनवरी से लेकर जुलाई के बीच की गई थी। इस स्टडी के लिए सीआरआरआई के विशेषज्ञ ने 10 हजार ऐसे लोगों से बातचीत की, जो मेट्रो में सफर करते हैं। उसके बाद ही पैसिंजर पैटर्न का अनुमान लगाकर पूरे प्रोजेक्ट और उससे होने वाले फायदे के बारे में वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण किया गया। उसके बाद ही ये नतीजे सामने आए हैं। दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि 2007 में जो स्टडी की गई थी, उसमें कहा गया था कि पहले फेज की लागत 2013 तक वसूल हो जाएगी लेकिन अब यह 2011 में ही हो जाएगी। इसकी वजह यह है कि जब पहली स्टडी हुई थी, तब मेट्रो में सिर्फ पांच लाख पैसिंजर प्रतिदिन सफर करते थे लेकिन दूसरी स्टडी के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर 8.5 लाख पैसिंजर प्रतिदिन हो गया है। इस स्टडी में कहा गया है कि जिन लोगों के कार्यालय और घर के बीच या फिर कार्यस्थलों के बीच मेट्रो का विकल्प है, वहां ज्यादातर लोगों ने मेट्रो को ही अपनाया है। 2007 में ऐसे दुपहिया वाहन मालिकों में से महज 32.81 फीसदी लोगों ने ही मेट्रो में सफर शुरू किया था लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 66.3 फीसदी हो गई है। इस अध्ययन के आधार पर सीआरआरआई ने कहा है कि मेट्रो में सफर करने वालों में से 24.8 फीसदी पैसिंजर ऐसे हैं, जिनके पास दोपहिया वाहन हैं जबकि 18.11 फीसदी के पास कार है।

मेट्रो लाइन के निर्माण के साथ ही साफ सफाई पर भी ध्यान

दिल्ली के वित्तमंत्री डॉ. अशोक कुमार वालिया ने दिल्ली मेट्रो को हिदायत दी है कि वह विकास मार्ग पर मेट्रो लाइन के निर्माण के साथ ही साफ सफाई पर भी ध्यान दे। उन्होंने मेट्रो के कामकाज पर निराशा जताते हुए कहा है कि इससे मेट्रो अपनी छवि भी बिगड़ रही है। डॉ. वालिया ने गुरुवार सुबह विकास मार्ग और उसके आसपास के इलाके के अपने दौरे पर यह हिदायत दी। उनके साथ दिल्ली मेट्रो के अलावा नगर निगम और पीडब्ल्यूडी समेत कई विभागों के अफसर भी थे। डॉ. वालिया ने विकास मार्ग पर मेट्रो रेल लाइन के ठीक नीचे सेंट्रल वर्ज पर फैली गंदगी और मलबे पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो के उच्च मानक रहे हैं लेकिन यहां जिस तरह से गंदगी फैली हुई है, उससे लोग महसूस करते हैं कि मेट्रो यहां अपने मानक बरकरार नहीं रख पाया। उन्होंने मेट्रो से कहा है कि वह सेंट्रल वर्ज पर सफाई करके, उसे हरा-भरा करे ताकि यह इलाका सुंदर नजर आए। उन्होंने नगर निगम से भी इस इलाके में सफाई पर ध्यान देने के लिए कहा। वित्तमंत्री का कहना है कि वे एक सप्ताह बाद फिर इस इलाके का दौरा करेंगे और देखेंगे कि यहां कितना सुधार हुआ है।

मौजूदा ट्रेनों की हूबहू नकल के तौर पर टॉय ट्रेनें

लोग अब दिल्ली मेट्रो को अपने घर भी ले जा सकेंगे। हालांकि, इस ट्रेन में वे सफर नहीं कर सकेंगे। दिल्ली मेट्रो ने अपनी मौजूदा ट्रेनों की हूबहू नकल के तौर पर टॉय ट्रेनें तैयार कराई हैं। बच्चों के लिए यह ट्रेन काफी मजेदार होगी। इन ट्रेनों को दिल्ली मेट्रो के पटेल चौक स्टेशन पर स्थित म्यूजियम से खरीद सकता है। दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता ने बताया कि मेट्रो की टॉय ट्रेन बिल्कुल वैसे ही है, जैसे असली ट्रेनें हैं। यह टॉय ट्रेन दो मॉडलों में उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें से एक मॉडल तो ऐसा है, जिसमें यह ट्रेन मूव करती है लेकिन दूसरी में यह सुविधा नहीं है। इन टॉय ट्रेनों की कीमत 105 और 95 रुपये रखी गई है। इस ट्रेन के कवर बॉक्स के ऊपर मेट्रो के बारे में कई रोचक जानकारियां दी गई हैं। पटेल चौक स्थित मेट्रो स्टेशन पर बने म्यूजियम की दुकान से ये ट्रेनें सोमवार को छोड़कर बाकी दिनों में सुबह 10 से 5 बजे के बीच खरीदी जा सकती हैं।

Wednesday, October 14, 2009

ममता की हत्या की साजिश किसने रची, इसका पता लगाया जाना चाहिये

रेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने कहा है कि उनकी हत्या की साजिश रची गई थी। उन्होंने कहा कि बुधवार सुबह एक कार में सवार तीन लोगों ने उन्हें मारने की कोशिश की। ममता ने कहा कि कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में प्रेस का स्टिकर लगी कार में सवार तीनों लोग उनके काफिले में घुस गए और उनकी गाड़ी के पास पहुंचने का प्रयास किया। तीनों में से दो के पास कैमरा था। उन्होंने कहा, 'सड़क पर कोई लाइट नहीं थी। सफेद रंग की एक कार मेरी कार के पीछे आ गई। इस कार ने मेरी कार को धक्का मारने की कोशिश की। हमने इसे टालने का प्रयास किया और अपना रास्ता बदल लिया। इसके बाद यह कार फिर वापस आ गई।' तृणमूल प्रमुख ने कहा, 'ऐसा चार से पांच बार हुआ। हमारे काफिले के साथ चल रहे पुलिसकर्मियों ने उन्हें रुकने के लिए कहा लेकिन कार नहीं रुकी। मैंने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे फायरिंग न करें।' इस संबंध में पश्चिम बंगाल के आईजी (कानून-व्यवस्था) सुरजीत पुरकायस्थ ने बताया, 'हमें इस बारे में शिकायत मिली है। पहली नजर में ऐसा लगता है कि यह एक प्रेस से जुड़ी कार थी। इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।'

आगरा-लखनऊ के बीच रोजाना सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन


पहली नवंबर से आगरा-लखनऊ के बीच रोजाना सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन दौड़ने लगेगी। इस ट्रेन को सुपरफास्ट का दर्जा नहीं दिया गया है, मगर इसकी गति सुपरफास्ट जैसी ही होगी। महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ही इसका ठहराव रखा गया है। एनसीआर विशेषकर आगरा-मथुरा से लखनऊ जाने के लिए सुबह के वक्त चलने वाली इंटरसिटी से लोगों को काफी सुविधा होगी। इसमें प्रारंभिक तौर पर 18 कोच लगाए गए हैं। रेलवे विभाग के अधिकारी के अनुसार इनमें दो एसी कोच होंगे, जिससे आगरा-लखनऊ के बीच सफर करने वाले लोग अपनी बर्थ रिजर्व करा सकेंगे। इंटरसिटी आगरा कैंट, टूंडला, फिरोजाबाद, इटावा, कानपुर, उन्नाव रुकते हुए लखनऊ आएगी। लखनऊ से यह ट्रेन दोपहर 3.45 बजे चलेगी और रात 9.30 बजे आगरा कैंट पहुंचेगी।

Friday, October 9, 2009

ट्रक अंबाला कैंट के पास रेलवे ओवरब्रिज पर गुरुवार को पलट गया।

दिल्ली से नमक की बोरियां ले जा रहा ट्रक अंबाला कैंट के पास रेलवे ओवरब्रिज पर गुरुवार को पलट गया। पहले तो यह ट्रक पुल के साथ रेलिंग से टकराया और आधा रेलिंग पर और आधा हवा में लटक गया, जिससे ट्रक में रखी नमक की कुछ बोरियां पुल के नीचे रेलवे की हाई वोल्टेज तारों पर गिरीं, जिससे रेल यातायात करीब सात घंटे तक बाधित रहा। इससे अंबाला से दिल्ली और सहारनपुर जाने वाली एक दर्जन रेलगाड़ियां कई घंटे लेट हो गईं। जानकारी के अनुसार दिल्ली से एक ट्रक नमक की बोरियां लेकर पंचकूला जिले में बरवाला जा रहा था। अंबाला कैंट बस स्टैंड के पास रेलवे ओवरब्रिज पर जब ट्रक ड्राइवर गुरदेव सिंह ने दूसरे ट्रक को ओवर टेक करने की कोशिश की तो उसका ट्रक अनियंत्रित होकर रेलिंग से जा टकराया। रेलिंग से टकराने के बाद ट्रक आधा हवा में व आधा रेलिंग पर लटक गया। इससे कुछ नमक की बोरियां हाई वोल्टेज तारों पर गिरीं। घटना के बाद रेलवे ने सूचना मिलने पर अंबाला कैंट से दिल्ली और सहारनपुर जाने वाली सभी रेलगाड़ियों को स्टेशन पर ही रोक दिया।

आम्रपालि (अमृतसर-कटिहार) एक्सप्रेस का इंजन और छह बोगी पटरी से उतर गए।

बिहार के खगड़िया जिले में पसराहा स्टेशन के पास आम्रपालि (अमृतसर-कटिहार) एक्सप्रेस का इंजन और छह बोगी पटरी से उतर गए। इससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए। घायलों में एक की हालत गंभीर है। मृतक के परिजन को 15,000 और गंभीर रूप से घायल एक महिला को 5,000 रुपये की अनुग्रह राशि दी गई है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के सूत्रों ने बताया कि पसराहा स्टेशन के पास एक जगह रेल पटरी के किनारे पानी जमा हो जाने के कारण गड्ढा बन गया था। इस वजह से ही यह दुर्घटना हुई। बुधवार रात लगभग पौने बारह बजे यह हादसा हुआ। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के चीफ पीआरओ दिलीप कुमार ने बताया कि इस हादसे में मारे गए व्यक्ति की पहचान पूरन सिंह (22) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त इस घटना की जांच करेंगे।

Tuesday, October 6, 2009

अपनी भाषा में रेलवे परीक्षाः स्वागत

रेल मंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि पूरे देश में अभ्यर्थी अब अपनी अपनी मातृभाषा में रेलवे भर्ती बोर्ड के एग्जाम दे सकेंगे। ममता ने कहा कि उत्तर बंगाल में युवाओं को एग्जाम देने में सुविधा देने करने के लिहाज से यहां रेलवे भर्ती बोर्ड का नया केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह देश का 21वां रेलवे भर्ती बोर्ड केंद्र होगा और कुछ ही महीनों के भीतर काम करना शुरू कर देगा। उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल के युवाओं को रेलवे भर्ती परीक्षाओं में बैठना आसान होगा और हर राज्य के लोगों को अपनी अपनी मातृभाषाओं में जवाब लिखने की अनुमति होगी। उन्होंने यहां न्यू जलपाईगुड़ी-दिगा पहाड़िया एक्सप्रेस साप्ताहिक ट्रेन को हरी दिखाने के दौरान यह घोषणा की।

Sunday, October 4, 2009

वड़ोदरा के नजदीक ट्रेन में अचानक गोली चली।

शनिवार देर रात गोरखपुर से मुंबई जानेवाली अवध एक्सप्रेस फुल स्पीड से अपने डेस्टीनेशन की तरफ बढ़ रही थी। तभी वड़ोदरा के नजदीक ट्रेन में अचानक गोली चली। इस गोलीबारी में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। दरअसल, वड़ोदरा के नजदीक अवध एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में रात 11.30 बजे पेंट्री के कर्मचारी और एक यात्री के बीच पैसे की अदायगी को लेकर विवाद हो गया, जिसके बाद यात्री ने गोली चला दी। यात्री ने कर्मचारी को निशाना बनाकर गोली चलाई लेकिन गोली एक अन्य यात्री को लग गई। गोलीबारी में एक यात्री घायल भी हो गया। घायल यात्री की पहचान मोनू बाबूराम यादव के रूप में हुई है। यादव को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। गोलीबारी में मारे गए यात्री की पहचान बीरेन बहादुर सिंह के रूप में हुई है। गोलीबारी की घटना के बाद गोली चलाने वाला यात्री फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

दिल्ली मेट्रो में होने वाले हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे।

दिल्ली मेट्रो में होने वाले हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे। तमाम सावधानियों के बावजूद शनिवार को एक और हादसा हुआ। इस हादसे में 12 मजदूर घायल हो गए। निर्माणाधीन दिल्ली मेट्रो के सैदुल्ला जाब में दो क्रेनों के पलटने से 12 मजदूर घायल हो गए। इस हादसे में 2 मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। दूसरी तरफ मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि यह एक मामूली दुर्घटना है। यह घटना निर्माणाधीन गुड़गांव-केंद्रीय सचिवालय रुट की है। हादसे के बाद मेट्रो के अधिकारी राहत और बचाव कार्य में लग गए हैं।

Thursday, September 24, 2009

आनंद विहार मेट्रो लाइन भी दिसंबर में शुरू हो जाएगी।

मेट्रो चीफ ई. श्रीधरन ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेस में कहा कि दिल्ली-नोएडा के बीच मेट्रो रूट शुरू होने में अभी देरी है। उन्होंने कहा कि कोचों की कमी के चलते इस रूट पर नवंबर-दिसंबर के बीच ही मेट्रो शुरू हो पाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आनंद विहार मेट्रो लाइन भी दिसंबर में शुरू हो जाएगी। शुक्रवार को केंद्रीय सचिवायल-जहांगीर पुरी लाइन पर नई मेट्रो ट्रेन का उद्घाटन करते हुए श्रीधरन ने यह जानकारी दी। पटेल चौक पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सिंतबर में शुरू होने वाले नोएडा मेट्रो रूट के बारे में कहा कि फिलहाल यह रूट शुरू नहीं हो पाएगा। उन्होंने बताया कि इस रूट को शुरू करने के लिए कोच नहीं है। इसलिए अब यह रूट नवंबर के आखिरी सप्ताह या दिसंबर की शुरुआत में ही शुरू हो सकेगा। पीक आवर्स में भीड़भाड़ झेल रहे मेट्रो पैसेंजरों को राहत देने के लिए नई मेट्रो ट्रेनों को धीरे-धीरे ट्रैक पर लाया जा रहा है। अगले एक-डेढ़ महीने में नई खेप की लगभग एक दर्जन ट्रेनें ट्रैक पर आ जाएंगी। फिलहाल इनकी टेस्टिंग चल रही है। गौरतलब है कि केंद्रीय सचिवालय-जहांगीरपुरी लाइन पर फिलहाल 16 ट्रेनें दौड़ती हैं। और मेट्रो की नई खेप में 13 ट्रेनें आ चुकी हैं, जिन्हें धीरे-धीरे ट्रैक पर लाया जाएगा।

Tuesday, September 22, 2009

एक वंशज, अली अकबर आदमजी पीरभॉय ने बताया कि इस रेल नेटवर्क को हमारे परिवार ने 102 साल पहले बनवाया था।

सौ साल पुराना नेराल-माथेरान रेलवे नेटवर्क विवादों में है। जहां इसके हेरिटेज स्टेटस के लिए यूनेस्को विचार कर रहा है, वहीं इस रेल नेटवर्क के संस्थापक के वंशजों ने सरकार से रॉयल्टी मांगी है। माथेरान रेलवे के संस्थापक अब्दुल हुसैन आदमजी पीरभॉय के वंशजों ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करके सरकार से 90 करोड़ रुपये की रॉयल्टी मांगी है। एक वंशज, अली अकबर आदमजी पीरभॉय ने बताया कि इस रेल नेटवर्क को हमारे परिवार ने 102 साल पहले बनवाया था। इसके लिए तत्कालीन ब्रिटिश गवर्नमेंट से मंजूरी ली गई। तब कुल 16 लाख रुपये की लागत से नेटवर्क का निर्माण हुआ। भारत सरकार ने 1951 में इस नेटवर्क को अक्वॉयर कर लिया। वंशज अकबर का आरोप है कि अधिग्रहण के एवज में पीरभोय परिवार को मुआवजा देने के लिए जताई गई प्रतिबद्धता का सरकार ने सम्मान नहीं किया। अब अकबर ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करके अपने और पीरभोय परिवार के कानूनी उत्तराधिकारियों के लिए इस नेटवर्क की रॉयल्टी मांगी है, जो 90 करोड़ रुपये से अधिक होगी। याचिकाकर्ता की दलील है कि 1904 में ब्रिटिश प्रशासन ने माथेरान ट्रॉमवे ऑर्डर जारी किया था, जिसके नेटवर्क का कानूनी अधिकार अब्दुल हुसैन आदमजी पीरभॉय के परिवार के पास था। इस आदेश में कहा गया था कि अगर सरकार यह नेटवर्क खरीदना चाहती है तो उसे इसके स्वामी को छह महीने का नोटिस देना होगा। जबकि इस प्रावधान का पालन नहीं किया गया। आदेश के 44वें क्लॉज में कहा गया था कि रेल नेटवर्क का परचेज प्राइस इसके द्वारा गत तीन वर्ष में अर्जित किए गए औसतन राजस्व का 25 गुना होगा। यह राशि खरीद की तारीख के तुरंत बाद दे दी जानी चाहिए। भुगतान न करने पर तीन फीसदी सालाना ब्याज की बात भी थी। लेकिन इनमें से किसी भी प्रावधान का पालन नहीं किया गया। सरकार की दलील है कि रेलवे की खरीद के लिए क्रेता और विक्रेता, दोनों पक्षों के बीच हुआ अनुबंध 1951 में सेल डीड के जरिए वापस ले लिया गया था। बहरहाल, पीरभॉय के वंशजों ने इस सेलडीड के बारे में कहा है कि उसमें क्रेता और विक्रेता के दस्तखत नहीं हैं। यह भी नहीं लिखा कि भुगतान चेक से हो या कैश। सरकार नेराल-माथेरान रेल नेटवर्क के अमन लॉज रेलवे स्टेशन से माथेरान के लिए मिनी ट्रेन की शटल सेवा शुरू करने वाली है। याचिकाकर्ता ने इसे भी चुनौती दी है और कहा है कि जब तक पीरभॉय परिवार को मुआवजा नहीं मिल जाता, यह सेवा शुरू नहीं की जा सकती। अली अकबर की याचिका को बॉम्बे हाई कोर्ट ने विचार के लिए स्वीकार कर लिया है। माथेरान मुंबई के नजदीक एक हिल स्टेशन है और और अपनी ट्रेन की सवारी के लिए पर्यटकों के दिलों में खास स्थान रखता है।

रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स जल्द ही एके 47 ऑटोमैटिक राइफल से लैस होने जा रहे हैं।

देश में आतंकी घटनाओं की बढ़ती आशंका को देखते हुए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) के जवान जल्द ही एके 47 ऑटोमैटिक राइफल से लैस होने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि कुछ ही महीनों के अंदर आरपीएफ को डिमांड के हिसाब से एके 47 राइफलें मिल जाएंगी। रेलवे प्रशासन ने एके 47 हथियारों की डिमांड भेजी है। साथ ही आरपीएफ को अन्य ऑटोमैटिक हथियारों से लैस करने की प्लानिंग पर रेलवे प्रशासन काम कर रहा है। दिल्ली के बाद साहिबाबाद और गाजियाबाद रेलवे स्टेशन काफी महत्वपूर्ण है। दोनों ही स्टेशनों को सिक्युरिटी के मामले में भी काफी महत्व दिया जाता है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गाजियाबाद रेलवे स्टेशन में आरपीएफ के असिस्टेंट कमिश्नर और जीआरपी के सर्कल ऑफिसर का ऑफिस है। जीआरपी और आरपीएफ दोनों ही फोर्स के थाने भी गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर हैं। अभी आरपीएफ के जवानों के पास कार्बाइन, एसएलआर आदि हथियार हैं। मगर आरपीएफ के पास लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियारों में एके 47 नहीं के बराबर हैं। ऐसे में रेलवे प्रॉपटीर् की सिक्युरिटी के लिए कई बार स्पेशल फोर्स का सहारा लेना पड़ता है। आरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि जवानों के पास रेलवे ट्रैक की सिक्युरिटी की भी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में इन राइफलों की भी जरूरत महसूस की जा रही है।

बरेली में आर पी एफ जवान को भारी चोटें

A constable of the Railway Protection Force (RPF) died while his fellow cop suffered severe injuries in an exchange of fire with suspected criminals in Bareilly district during the intervening night of Saturday and Sunday. Police have launched a massive hunt for the assailants who managed to escape. Reports said RPF head constable (HC) Chhote Lal and constable Vindyachal Yadav were deputed on signal cabin security outside the trolley hut situated near the railway pillar on Ram Ganga railway bridge when they spotted three suspicious-looking men on the tracks in the vicinity. When the cops tried to stop them, the trio reportedly opened fire at the cops. One of the bullets struck Chhotelal on his chest, knocking him off his feet. He fell off the railway bridge to hit the ground around 50 feet below and died on the spot. After losing his companion, constable Vindyachal took guard and opened fire at the assailants who were trying to escape. While chasing the fleeing miscreants, Yadav slipped from the tracks off the railway bridge and fell on the ground below with multiple fracture injuries. Senior officials rushed to the site immediately after the reports regarding the shootout reached them. A manhunt was launched for the assailants but no arressts were reported till late on Sunday night

Sunday, September 20, 2009

नई ट्रेन सबसे पहले केंद्रीय सचिवालय-जहांगीरपुरी ट्रैक पर चलने की उम्मीद


मेट्रो ट्रेनों की नई खेप तैयार है और यह पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट होकर आई है। इसे कमिश्नर रेलवे सेफ्टी की मंजूरी मिलने के बाद अब ट्रैक पर लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि अगले महीने के शुरू में पैसिंजरों को इस ट्रेन में सफर करने का मौका मिलेगा। नई ट्रेन सबसे पहले केंद्रीय सचिवालय-जहांगीरपुरी ट्रैक पर चलने की उम्मीद है। इस ट्रेन के सारे सिस्टम की जांच पूरी करके ट्रायल चल रहा है। ऐसी 13 नई ट्रेनें मेट्रो को मिल चुकी है। न सिर्फ मेट्रो ने इसमें अपना रंग-रूप बदला है, बल्कि मौजूदा ट्रेनों से कुछ अलग हटकर इनमें ढेरों उपयोगी फीचर भी जोड़े हैं। आइए एक नजर डालें - डिजिटल मैप दिखाएगा लोकेशन नई ट्रेन के अंदर गेट के ऊपर पूरे रूट के स्टेशनों का साधारण मैप हटा दिया जाएगा। उसकी जगह डिजिटल मैप लगाया गया है। यानी जो भी स्टेशन आएगा, उस स्टेशन के नाम के आगे लगी बत्ती जल उठेगी। इससे पैसिंजर समझ सकेंगे कि किस स्टेशन पर ट्रेन रुकी है। इसके बाद जब ट्रेन आगे बढ़ेगी तो अगले स्टेशन की लाइट जलेगी। ट्रेन में मोबाइल फोन चार्ज करने की सुविधा भी जोड़ी जा रही है। हर कोच में चार कैमरे : सुरक्षा की वजह से नई ट्रेनों के हर कोच में चार कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे पूरे कोच के हर एंगल को कवर करेंगे। यही नहीं, इन कैमरों की रिकॉर्डिंग 8 घंटे तक सुरक्षित रहेगी यानी एक फुटेज को आठ घंटे के अंदर कभी भी देखा जा सकेगा। ये कैमरे सुरक्षा की दृष्टि से लगाए गए हैं। ट्रेन में असामाजिक तत्वों को गड़बड़ फैलाने से रोकने में ये कैमरे अहम रोल निभा सकेंगे। ड्राइवर के कैमरे : पूरी ट्रेन पर एकसाथ नजर रखने के लिए ड्राइवर के कैबिन में रियर व्यू कैमरे लगाए गए हैं। बाहर की तरफ लगे इन कैमरों को मॉनिटर करने के लिए कैबिन में दो स्क्रीन लगे हैं। इनसे ड्राइवर बैठे-बैठे सभी चार कोचों के गेट को चेक कर सकेगा कि क्या सभी पैसिंजर ट्रेन में सवार हो पाए या कहीं कोई गेट पर फंस तो नहीं गया। एक शख्स का हाथ इसी तरह पहले फंस चुका है। हीटर भी होगा : मौजूदा ट्रेनों में एयरकंडीशन तो है लेकिन सदिर्यों के मौसम के लिए हीटर नहीं हैं। सिर्फ फ्रेश एयर की व्यवस्था है। नई ट्रेनों में हीटर भी होगा और बारिश के दिनों में ह्यूमिडिटी कंट्रोल करने का सिस्टम भी लगाया जाएगा। इस तरह से गर्मी ही नहीं सर्दी और बारिश में भी मेट्रो ट्रेनें राहत देंगी।

Tuesday, September 15, 2009

दिल्ली - पलवल रेल मार्ग पर चल रही लेडीज स्पेशल का टाइम टेबल सोमवार से बदल गया।

दिल्ली - पलवल रेल मार्ग पर चल रही लेडीज स्पेशल का टाइम टेबल सोमवार से बदल गया। इससे महिला यात्री काफी उत्साहित भी है। हालांकि नए समय पर चलने पर भी लेडीज स्पेशल में अधिक भीड़ नजर नहीं आई। लेडीज स्पेशल का समय डेढ़ महीने में तीन बार बदला गया है। सोमवार को यह ट्रेन अपने तय समय 8.53 बजे फरीदाबाद स्टेशन पर पहुंची। इस ट्रेन में फिलहाल दो डिब्बों की सवारियां भी नहीं चल रही हैं। इनमें से आधा स्टाफ रेलवे का है, जो इस ट्रेन की चेकिंग और सुरक्षा के लिए लगाया गया है। दिल्ली-पलवल दैनिक यात्री संघ की अध्यक्ष विजय लक्ष्मी कौशिक का कहना है कि ट्रेन के नए समय के बारे में अधिकांश महिला यात्रियों को जानकारी नहीं थी। इस वजह से पहले दिन इसमें भीड़ नहीं रही। लेकिन मंगलवार से ट्रेनों में भीड़ रहेगी। उनका कहना है कि महिला यात्रियों से उनकी बातचीत हो चुकी है और सभी ने इसी समय पर रजामंदी जाहिर की थी। इसके बाद ही ट्रेन के समय में यह बदलाव कराया गया है।

कर्मचारियों ने मंगलवार को भूख हड़ताल का ऐलान किया

अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से आंदोलन कर रहे रेलवेकर्मियों ने सोमवार को स्टेशन पर धरना दिया। कर्मचारियों ने मंगलवार को भूख हड़ताल का ऐलान किया है। रेलवे कर्मियों की नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन कोऑर्डिनेशन कमिटी के बैनर तले आंदोलन 21 जुलाई से चल रहा है। इसके बावजूद अब तक रेलवे प्रशासन ने कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया है। कमिटी के प्रेजिडेंट रामवीर सिंह के मुताबिक कर्मचारी दिल्ली एरिया (एनसीआर) का ट्रांसपोर्ट अलाउंस देने, कर्मचारियों के एक बच्चे को उनके रिटायरमेंट से पहले नौकरी देने, अस्पताल की हालत सुधारने, एंबुलेंस उपलब्ध कराने और मकानों की स्थिति ठीक करने की मांग कर रहे हैं। सिंह ने बताया कि मंगलवार को कर्मचारी भूख हड़ताल पर रहेंगे, अगर तब भी मांगें नहीं मानी गईं तो आगे आंदोलन की नई रणनीति तय की जाएगी। धरना दे रहे कर्मचारियों में वीके मिश्रा, रनवीर सिंह, राज सिंह, उदल सिंह, ओपी चौहान और रविंद्र शर्मा शामिल रहे।

Sunday, September 13, 2009

उत्तर पश्चिम रेलवे के पूर्व महाप्रबंधक अशोक गुप्ता के खिलाफ सीबीआई ने छापे मारे

सीबीआई ने उत्तर पश्चिम रेलवे के पूर्व महाप्रबंधक अशोक गुप्ता के खिलाफ आय से अधिक सम्पति का मामला दर्ज कर छापा मारा था। प्रवक्ता के अनुसार सीबीआई गुप्ता के तीन बैंक लाकर की तलाशी में जुटी है। उन्होंने गुप्ता की फिलहाल गिरफ्तारी से इंकार करते हुए कहा, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है, उनसे पूछताछ की जा रही है।
सीबीआई ने 31 अगस्त को सेवानिवृत हुए उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अशोक गुप्ता के दिल्ली और
गुडगांव के ठिकानों पर शुक्रवार रात मारे गए छापे में करोड़ों रुपये के निवेश के कागजात, एक करोड़ से अधिक की नकदी और लाखों रुपये के आभूषण बरामद किये हैं। सीबीआई ने शनिवार को अशोक गुप्ता के तीन और लॉकरों का पता लगाया। सीबीआई गुप्ता से बेनामी सम्पति के बारे में पूछताछ कर रही है। सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि छापे में बैंक के करीब 18 खातों में जमा एक करोड़ 36 लाख रुपये की नकदी, 12 लाख से अधिक की एफडी, लाखों रुपये के शेयर, 14 लाख रुपये से ज्यादा के गहने और दिल्ली के पालम इलाके में करोड़ो रूपये की लागत से बनाये गये मकान और कुछ अन्य प्लॉटों के कागजात जब्त किये गये हैं।

मेट्रो में एक के बाद एक गड़बडि़यों का सिलसिला जारी

मेट्रो में एक के बाद एक गड़बडि़यों का सिलसिला जारी है। रविवार को यमुना बैंक-द्वारका रूट पर सुबह इंद्रप्रस्थ स्टेशन से पहले मेट्रो का एक कोच पटरी से उतर गया। इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है लेकिन इस रूट पर मेट्रे की सेवा बाधित हो गई है। इस दुर्घटना के दिल्ली मेट्रो ने विभागीय जांच का आदेश देने के साथ ही जूनियर इंजीनियर, ट्रैक को सस्पेंड कर दिया गया है। पटरी साफ किए जाने तक मेट्रो यमुना बैंक के बजाय द्वारका के लिए इंद्रप्रस्थ से चलाई जा रही हैं। मेट्रो की सुरक्षा एवं संरक्षा में खामी की एक महीने में यह चौथी घटना है। जानकारी के मुताबिक सुबह 6 बजे यमुना बैंक से खुलने के 100 मीटर बाद ही मेट्रो का एक कोच पटरी से उतर गया। इसके बाद से ही फिलहाल यमुना बैंक स्टेशन से मेट्रो की सेवा बंद कर दी गई है और यात्रियों से अपील की जा रही है कि वे इंद्रप्रस्थ स्टेशन से मेट्रो पकड़े। यमुना स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को फीडर बसो के द्वारा भी इंद्रप्रस्थ स्टेशन पहुंचाया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि दोपहर 12 बजे के बाद यमुना बैंक से मेट्रे सेवा शुरू हो जाएगी। इससे पहले शनिवार को केंद्रीय सचिवालय-जहांगीरपुरी रूट पर मेट्रो के ब्रेक फेल हो गए थे। इससे भयानक हादसा होते-होते टल गया था। राजीव चौक स्टेशन पर ब्रेक फेल होने के बाद ऑपरेटर ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगा हादसे को टाला। इसके कारण करीब आधे घंटे तक इस रूट पर मेट्रो की सेवा बाधित रही। घटना के कारणों की जांच के लिए विभागीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है।

Thursday, September 10, 2009

रेलवे मंत्रालय भी गृह मंत्रालय की तर्ज पर अपने कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली स्थापित करने जा रहा है।

रेलवे मंत्रालय भी गृह मंत्रालय की तर्ज पर अपने कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली स्थापित करने जा रहा है। पहले चरण में रेलवे को प्रमुख दफ्तरों एवं अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में यह प्रणाली स्थापित की जाएगी। भविष्य में सभी रेलवे मंडलों में भी इसे स्थापित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली की शुरुआत की थी। इस प्रणाली में मशीन अंगूठे या चेहरे से व्यक्ति की पहचान कर लेती है। उसे रजिस्टर पर हाजिरी लगाने की जरूरत नहीं रहती। रेलवे के एक बड़े अधिकारी के अनुसार इस प्रणाली की शुरुआत के लिए 4 करोड़ 40 लाख की राशि स्वीकृति की गई है। इस राशि के रेल भवन सहित मुख्य रेलवे कार्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली स्थापित की जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य रेलवे के रिजर्वेशन व अन्य प्रमुख तकनीकी दफ्तरों को पूरी तरह महफूज करना है। इस प्रणाली के बाद कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति इन केंद्रों में प्रवेश नहीं कर सकेगा। उक्त अधिकारी के मुताबिक अभी जिस तरह का खतरा सामने आ रहा है उसे देखते हुए ऐसा किया जाना जरूरी हो गया है। रेलवे के सभी जोन के महाप्रबंधकों से कहा गया है कि अपने क्षेत्र के उन सभी प्रमुख कार्यालयों व संस्थानों की पहचान करें जहां बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली स्थापित की जानी है।

Tuesday, September 8, 2009

मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे जीआरपी ने तीन ऐसे गिरोहों का भंडाफोड़ किया

मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे जीआरपी ने तीन ऐसे गिरोहों का भंडाफोड़ किया है जो गणेशोत्सव के दौरान लोकल ट्रेनों में चेन स्नैचिंग और महिला यात्रियों के पर्स लूटने की वारदात को अंजाम देते थे। इसमें तीन महिलाओं का भी गैंग शामिल है। इस पूरे मामले में जीआरपी को बड़ी सफलता तब मिली जब उमेश गायकवाड़ (22) नामक एक ऐसा आरोपी उनके हत्थे चढ़ा जो पार्किन्ग में खड़ी कारों से लैपटॉप चुराता था। मुलुंड के रहने वाले उमेश के पास से पुलिस ने नौ लैपटॉप बरामद किए हैं। जिसकी कीमत तकरीबन 3 लाख पैंतीस हजार आंकी जा रही हैं। उमेश की गिरफ्तारी कल्याण जीआरपी ने की। वहीं बांद्रा जीआरपी ने अब्बास शेख (25) और हैदर शेख (38) नामक दो ऐसे आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है जिन्होंने गणेश पूजा के दौरान अलग-अलग दर्ज हुए मामलों में 2 लाख 72 हजार रुपये की जूअलरी चुराई थी। इसके अलावा बांद्रा और परेल जीआरपी ने तीन महिलाओं के रैकिट का भंडाफोड़ किया है जो लोकल ट्रेनों के लेडीज डिब्बों में चढ़कर महिला यात्रियों के गहनों पर हाथ साफ करता था। गिरफ्तार की गई तीनों महिलाओं के नाम शीतल मोहन सकट (33), अनिता शिंदे (28) और उर्मिला प्रजापति (32) है। पुलिस को शीतल और अनीता के पास से 1 लाख 60 हजार के गहने जबकि उर्मिला के पास से अकेले 87 हजार 180 रुपये के गहने मिले हैं।

मेट्रो ट्रेन के सिग्नल केबल चोरी

अज्ञात लोगों द्वारा पूर्वी दिल्ली की मेट्रो ट्रेन के सिग्नल केबल चोरी कर लिए जाने से द्वारका लाइन पर चलने वाली सभी गाड़ियां प्रभावित रहीं। यमुना बैंक से द्वारका और द्वारका से यमुना बैंक तक के लिए चलने वाली सभी गाड़ियों के आगमन-प्रस्थान के समय में दिल्ली मेट्रो रेल प्रशासन को परिवर्तन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। दिल्ली मेट्रो रेल के एक प्रवक्ता के मुताबिक चोरों ने इंदप्रस्थ और यमुना बैंक स्टेशन के बीच लगी सिग्नल केबल को सोमवार रात चुरा लिया। प्रवक्ता के अनुसार सिग्नल केबल के चोरी चले जाने से इन दोनों स्टेशन के बीच एक लाइन पर ही धीरे-धीरे गाड़ियों का परिचालन होता रहा। प्रवक्ता ने कहा, 'हम दोनों लाइन का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। इस कारण ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं और यात्रियों को अपने मंजिल तक पहुंचने में थोड़ी बहुत देरी हुई।' इस लाइन पर यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए दस से 15 मिनट तक इंतजार करना पड़ा जबकि सामान्य स्थिति में तीन से चार मिनट के अंदर ट्रेन उपलब्ध हो जाया करती है।

Thursday, September 3, 2009

रेल पटरी को ही ऑपरेशन थिएटर बनाना पड़ गया।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मिसरौद रेलवे स्टेशन पर एक यात्री की जान बचाने के लिए डॉक्टरों को रेल पटरी को ही ऑपरेशन थिएटर बनाना पड़ गया। डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई और रेलगाड़ी के पहिए में फंसे मगरिया पंथराम को बचा लिया गया। भोपाल से छिंदवाड़ा जा रही पेंचवली फास्ट पसिंजर रेलगाड़ी के सामान्य डिब्बे में चढ़ने की कोशिश में मिसरौद रेलवे स्टेशन पर मगरिया पंथ राम नामक यात्री पहिए के नीचे आ गया। यह वाकया सोमवार की रात की है। मगरिया का पैर पहिए और शॉकअप (स्प्रिंग) के बीच फंस गया। इस नजारे को देखते ही यात्रियों ने ट्रेप की चेन खींच दी। ट्रेन के रुकते ही मगरिया चीखने लगा। यात्रियों ने उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन जब कामयाबी नहीं मिली तो गार्ड राजेश गुप्ता ने इसकी सूचना रेल प्रशासन को दी। डॉक्टरों का एक टीम मौके पर पहुंच गई। डॉ. सुधाकर और डॉ. सुनील कुमार ने मगरिया को पहिए से निकालने की काफी कोशिश की। लगभग तीन घंटे तक चली कोशिशों को सफलता नहीं मिलने पर आखिर में मगरिया का बाया पैर काटने का फैसला लेना पड़ा। डॉक्टरों ने रेल की पटरी को ही ऑपरेशन थिएटर में बदल दिया और मगरिया की बाईं टांग को काट दिया। रेल पुलिस के थाना इंचार्ज आर. एस. रघुवंशी ने मंगलवार को बताया है कि मगरिया का इलाज एक प्राइवेट हॉस्पिटल में चल रहा है जहां वह खतरे से बाहर है ।

Tuesday, September 1, 2009

गुस्साए यात्रियों ने नालासोपारा स्टेशन पर जमकर हंगामा किया।

पटरियों पर लगातार दो दिन बिजली के तार गिरने की वजह से मुबंई में लोकल ट्रेनें देर से चल रही हैं । इससे गुस्साए यात्रियों ने नालासोपारा स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। गुस्साए लोगों को काबू में करने के लिए पुलिस को हवा में गोलीबारी करनी पड़ी। यात्रियों पर लाठीचार्ज भी किया गया है। दूसरी तरफ लोगों ने भी ट्रेनों पर पत्थरबाजी की है। इससे पहले मंगलवार सुबह बिजली का तार टूटकर पटरी पर गिरने से बोरीवली-विरार लाइन पर लोकल ट्रेन सिर्विस पर काफी बुरा असर पड़ा। इस रूट पर जगह-जगह सैकड़ों मुसाफिर फंसे हुए हैं। हर किसी को दफ्तर जाने की जल्दी है लेकिन लोकल ट्रेन की आवाजाही बंद होने की वजह से सभी की परेशानी बढ़ गई है। सभी ट्रेनें 15 से 20 मिनट की देरी से चल रही हैं। इससे पहले सोमवार को भी ओवरहेड वायर टूटने से विरार-भयंदर रूट पर लोकट ट्रेन सर्विस सुबह 8 से 9 बजे तक ठप हो गई थी।

लाश एक कपड़े के बैग में रखी थी।

हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) से बांद्रा टर्मिनल (मुंबई) के बीच चलने वाली महाराष्ट्र संपर्क क्रांति के एसी कोच ए-1 में लड़की की लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। लाश एक कपड़े के बैग में रखी थी। लाश का पता चलने पर गाड़ी मथुरा स्टेशन पर रुकवाई गई। रात 9 बज कर 35 मिनट पर चलने वाली इस गाड़ी का दिल्ली से कोटा के बीच कोई स्टॉपेज नहीं है। इसके चलते यह साफ है कि लाश को दिल्ली में ही चढ़ाया गया। लड़की की उम्र करीब 14-15 साल बताई गई है। उसकी गर्दन टूटी हुई है। बताया जा रहा है कि ए-1 कोच के उस केबिन में कोई यात्री ही नहीं था। बर्थ नंबर 1 से 4 तक खाली थे। मथुरा स्टेशन से पहले किसी की नजर बर्थ नंबर-1 के नीचे रखे बैग पर पड़ी, तो उसने गार्ड को उसकी जानकारी दी। गार्ड ने मौके पर पहुंच कर बैग खोल कर देखा तो उसमें टीनएजर की लाश मिली। उसने तुरंत मथुरा स्टेशन को इसकी जानकारी दी। स्टेशन पर जीआरपी ने लाश को अपने कब्जे में ले लिया। आगरा डिवीजन के डीएससी पंकज गंगवार ने बताया कि हत्या की वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगी। लेकिन देखने से ऐसा लग रहा जैसे उसकी गर्दन तोड़ी गई है। उन्होंने बताया कि हो सकता है कि बैग में रखने के चलते ऐसा हो गया हो। उन्होंने बताया कि इस बात का पता लगाया जा रहा है कि केबिन के चारों बर्थ किसके नाम पर बुक थे। निजामुद्दीन जीआरपी को इसकी सूचना दे दी गई है।

Monday, August 31, 2009

मेट्रो निर्माण स्थलों पर कर्मचारियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।

मेट्रो निर्माण स्थलों पर कर्मचारियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। एक नए मामले में असम के एक 20 वर्षीय मजूदर की दक्षिणी दिल्ली में रविवार को मौत हो गई। मेट्रो अधिकारियों ने रविवार को बताया कि अरुण नामक यह मजदूर जसोला में सीढ़ी से फिसल कर नीचे गिर गया। यह स्थल केंद्रीय सचिवालय से बदरपुर जाने वाली मेट्रो लाइन के रास्ते में आता है। दिल्ली मेट्रो के एक प्रवक्ता ने कहा कि मजदूर की पहचान अरुण (20) के रूप में हुई है। वह असम का रहने वाला है। वह कुछ सफाई के काम से सीढ़ी से ऊपर चढ़ रहा था। प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि नीचे गिरने की वजह से उसे कुछ अंदरूनी चोट लग गई। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अरुण एक उप ठेकेदार का कर्मचारी था, जबकि इस काम का मुख्य ठेकेदार गैमन इंडिया है।

लोकट ट्रेन सर्विस सुबह 8 बजे ठप

ओवरहेड वायर टूटने से विरार-भयंदर रूट पर लोकट ट्रेन सर्विस सुबह 8 बजे ठप हो गई है। इसकी वजह से विरार से मुंबई जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Saturday, August 29, 2009

भूमिगत खान में लगभग 6 महीने से लगी आग से अब रेलमार्गों को खतरा

झारखंड की एक भूमिगत खान में लगभग 6 महीने से लगी आग से अब रेलमार्गों को खतरा पैदा हो गया है। इस से पहले जमीन के नीचे लगी आग की वजह से रांची-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करना पड़ा था। बोकारो जिले में स्थित सेंट्रल कोल फील्ड लिमिटेड (सीसीएल) की कल्याणी परियोजना की 4 से 5 साइट पर जमीन के भीतर लगी आग से गोमो-बड़काखाना रेलमार्ग और बेरमो-चंद्रपुरा-धनबाद राष्ट्रीय राजमार्ग को खतरा पैदा हो गया है। इन खदानों से रेलवे पटरियों की दूरी महज 40 फुट है वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग केवल 10 फुट की दूरी पर स्थित है। खदान के दो किलोमीटर के दायरे में आग लगी हुई है। खान में आग की वजह से 7 अगस्त तक राष्ट्रीय राजमार्ग-33 को बंद रखा गया था। यह राजमार्ग रांची और पटना को हजारीबाग व कोडरमा के रास्ते जोड़ता है। रेलमार्गों को संभावित खतरे को भांपते हुए जिला प्रशासन सीसीएल को आग पर काबू करने के लिए कई बार पत्र लिख चुका है। सीसीएल के प्रवक्ता एम. एन. झा ने बताया, हम आग पर काबू करने की कोशिश कर रहे हैं। हमने कुछ इलाकों में आग पर काबू कर लिया है और अन्य इलाकों में भी प्रयास कर रहे हैं। आग की वजह अवैध खनन है। धनबाद जिले में भी एक दूसरी खदान में आग की वजह से बासजोरा में रेलमार्गों को खतरा पैदा हो गया है। जिला प्रशासन ने इस बारे में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) को पत्र लिखा है। दूसरी ओर रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अभी धनबाद और कतरास रेलमार्गों को खदान में आग से खतरा नहीं है। धनबाद रेलमंडल के प्रवक्ता अमरेन्द्र दास ने कहा, हमारे पास खान सुरक्षा महानिदेशालय और रेलवे के मुख्य खदान सलाहकार का सुरक्षा प्रमाण पत्र है। भविष्य में यदि हमें कोई खतरा महसूस होगा तो हम रेलमार्गों को बदलने में देरी नहीं करेंगे।

श्रमजीवी एक्सप्रेस के डिब्बों में उग्र भीड़ द्वारा आगजनी के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार

बिहार में 10 दिन पहले दिल्ली से पटना आ रही श्रमजीवी एक्सप्रेस के डिब्बों में उग्र भीड़ द्वारा आगजनी के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और 26लोगों की पहचान की है। रेलवे सुरक्षा बल के डीआईजी अरविंद पांडे ने कहा कि विभिन्न समाचार चैनलों द्वारा मुहैया कराए गए वीडियो क्लिपिंग के जरिए ऐसे 26 लोगों की पहचान की गई है, जिन्होंने 18 अगस्त को श्रमजीवी एक्सप्रेस के डिब्बों में आग लगाई थी। पांडे ने कहा, 'इस मामले में रेलवे पुलिस ने फैज अहमद ऊर्फ चांद को गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ की जा रही है।' उल्लेखनीय है कि 18 अगस्त को श्रमजीवी एक्सप्रेस में सवार छात्रों से आरपीएफ के जवानों ने टिकट मांगें, जिससे बेटिकट यात्रा कर रहे छात्र भड़क गए। उन्होंने रेलगाड़ी को बिहटा स्टेशन पर रोककर उसके दो एसी डिब्बों में आग लगा दी और जमकर तोड़फोड़ की। बाद में अन्य दो एसी डिब्बों में भी आग फैल गई। एक रेलवे अधिकारी ने कहा कि इस घटना से रेलवे को 3.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया था।

Tuesday, August 25, 2009

साहिबाबाद और गाजियाबाद रेलवे स्टेशनों को और सुविधाओं से लैस करने

कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले 2रेलवे स्टेशनों की तस्वीर बदलने वाली है। साहिबाबाद और गाजियाबाद रेलवे स्टेशनों को और सुविधाओं से लैस करने की तैयारी हो चुकी है। यहां सुरक्षा के खास बंदोबस्त किए जाएंगे। इन स्टेशनों पर क्लोज सकिर्ट कैमरों का जाल बिछाया जाएगा। प्लैटफॉर्म को भी नए अंदाज में संवारा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन को भी नया बनाया जा रहा है। इसके चालू होने के साथ ही गाजियाबाद और साहिबाबाद स्टेशन भी अपनी पूरी रंगत में होंगे। स्पेशल फोर्स और हाइटेक सिक्यूरिटी स्टेशनों पर सुरक्षा के हाइटेक इंतजाम कि ए जाएंगे। रेलवे प्रशासन इसके लिए नया ब्लू प्रिंट तैयार करने में जुटा है। इसके साथ ही कई पॉइंट्स पर क्लोज सर्किट कैमरे लगाए जाने की प्लानिंग है जिससे चप्पे चप्पे पर कड़ी नजर रखी जा सके। फिलहाल रेलवे स्टेशन के 1, 2, 3 और 4 नंबर प्लैटफॉर्म और कुल मिलाकर 18 पॉइंट्स पर ऐसे कैमरे लगे हैं। तुरंत एक्शन के लिए जीआरपी और आरपीएफ के साथ स्पेशल फोर्स की यूनिट भी तैनात रहेगी। रेलवे सूत्रों के मुताबिक गेम्स के दौरान इन स्टेशनों पर अस्थायी तौर पर कई लांग रूट की ट्रेनें भी रुका करेंगी। स्टेशनों को जोड़ेंगे नए ट्रैक साहिबाबाद रेलवे स्टेशन को आनंद विहार रेलवे स्टेशन से जोड़ने के लिए 2 नए ट्रैक तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर 5 और 6 को भी रिनोेवेट करके नया रुप दिया गया है। साथ ही मुसाफिरों को मिलने वाली सुविधाओं को और बढ़ाया जा रहा है। ट्रैफिक लोड के बढ़ने की संभावना के चलते गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर पहले ही तैयारी शुरू हो चुकी है। रेलवे स्टेशन पर प्लैटफॉर्म नंबर 1,2, 3 और 4 ज्यादा बिजी होंगे। खास ट्रेनों के लिए बनेंगे स्टॉप कई खास ट्रेनों के लिए इन स्टेशनों पर नए स्टॉप बनाए जाने पर भी विचार चल रहा है। इससे यात्रियों को सहूलियत होगी और इन्हें ट्रेन लेने के लिए दूसरे स्टेशन पर नहीं जाना पड़ेगा। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दूसरे स्टेशनों का लोड भी कम हो पाएगा।

दिल्ली-एनसीआर के लिए मेट्रो के एलिवेटेड ट्रैक का डिजाइन ठीक नहीं

रुड़की विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर और प्रख्यात भूकंप विशेषज्ञ डॉ. आनंद स्वरूप आर्य का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर के लिए मेट्रो के एलिवेटेड ट्रैक का डिजाइन ठीक नहीं है। दिल्ली में जो भी लोग चौथी मंजिल बना रहे हैं वे भी जरा संभलकर अपनी बिल्डिंग बनाएं। इसकी वजह यह है कि दिल्ली और आसपास का इलाका भूकंप क्षेत्र 4 में आता है। समय आ गया है कि लोग अपने घर या कोई भी बिल्डिंग बनाने से पहले उसकी स्ट्रक्चरल इंजीनियर से एक बार स्टडी जरूर करवा लें। यह जानकारी डॉ. आर्य ने एनबीटी से खास बातचीत में दी। वह सेक्टर-1 स्थित कृभको भवन में इंडियन असोसिएशन ऑफ स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स के सेमिनार में हिस्सा लेने नोएडा आए थे। डॉ. आर्य का कहना है कि मेट्रो के एलिवेटिड टैक को लेकर मेरे मन में खतरा है। मेरा मानना है कि मेट्रो टावर का भूकंप के लिहाज से डिजाइन नहीं किया गया है। मैं इसकी विस्तृत स्टडी करने का इच्छुक हूं। जब कैंटिलीवर के डिजाइन में गड़बड़ी पाई गई है, तो दिल्ली सरकार को टावर के डिजाइन की भी भूकंप की दृष्टि से स्टडी करानी चाहिए। जापान में साल 1995 में आए भूकंप में वहां का मेट्रो टैक टूट चुका है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में भूकंप की संभावना हिमालय की तरफ से ज्यादा है। इसका केंद्र देहरादून के नॉर्थ में कहीं भी हो सकता है। इससे दिल्ली और आस-पास के इलाकों को भारी नुकसान हो सकता है। इसके तर्क में वह भुज के भूकंप का हवाला देते हुए बताते हैं कि भुज और अहमदाबाद के बीच लगभग 3 सौ किलोमीटर का अंतर है। भुज के भूकंप से अहमदाबाद में लगभग सौ आरसीसी की बिल्डिंगें गिर गई थीं। इससे 7 सौ के करीब लोगों की मौत हुई थी। दिल्ली में यमुना किनारे दोनों तरफ जो भी मल्टिस्टोरी बिल्डिंगें बन रही हैं, उनमें स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग के हिसाब से शुरुआत होनी चाहिए। वह बताते हैं कि दिल्ली के पास वैशाली में एक बीस मंजिला बिल्डिंग बनाई गई है। इस बिल्डिंग के नीचे लगभग 4 फुट मोटी राफ्ट बनाकर बिल्डिंग बनाई गई है। इससे यह भूकंप के लिहाज से सुरक्षित हो गई है। डॉ. आर्य ने बताया कि मल्टिस्टोरी पर असर के पीछे यमुना के आस-पास की मिट्टी का सॉफ्ट होना है। भूकंप के समय इसके दवीकरण होने का खतरा है। वह कहते हैं कि स्वायल की फ्रीक्वेंसी सीमा रेजिस्टेंस के हिसाब से लंबी बिल्डिंगों को ज्यादा प्रभावित करती है। इससे छोटी बिल्डिंगों पर खतरा कम होगा। नोएडा को लेकर हुई स्टडी में यह बात उभरकर सामने आई कि यहां भूकंप आने पर 35 पर्सेंट बिल्डिंगों को हो सकता है नुकसान।

Sunday, August 23, 2009

रेलवे के मुताबिक ओवरब्रिज बनाने में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

नई लिंक रोड पर बनने वाले ओवरब्रिज को रेलवे ने हरी झंडी दे दी है। रेलवे ने ओवरब्रिज का इस्टीमेट जीडीए के पास भेज दिया है। रेलवे के मुताबिक ओवरब्रिज बनाने में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत आएगी। जीडीए के अधिशासी अभियंता आर. पी. श्रीवास्तव का कहना है कि यह पैसा जीडीए जल्द ही रेलवे को जारी कर देगा ताकि जल्द से जल्द इसका काम शुरू हो सके। इसे बनाने में तकरीबन 2 साल लगेंगे। एनएच-58 को एनएच-24 से जोड़ने के लिए बनने वाली नई लिंक पर 6 लेन का ओवरब्रिज बनाया जाना है। इसके निर्माण का काम रेलवे करेगी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को जेएनआरएम (जवाहर लाल नेहरू रिन्यूवल मिशन ) स्कीम से भी पैसा मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक जीडीए पहले रेलवे को पैसा दे देगी और बाद में केंद सरकार को इसका इस्टीमेट भेजेगा। श्रीवास्तव के मुताबिक लिंक रोड बनाने पर तकरीबन 113 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा 25 करोड़ रुपये रेलवे लाइन के ऊपर ओवरब्रिज बनाने में खर्च होंगे। जीडीए की कोशिश है कि इस प्रोजेक्ट पर कार्य जल्द शुरू हो जाए। इस नई लिंक रोड के बनने के बाद वाहन चालकों को मेरठ रोड तिराहे से एनएच-24 पहुंचने के लिए लाल कुंआ या फिर कनावनी रोड के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। जीडीए के चीफ इंजीनियर अनिल गर्ग का कहना है कि इस रोड को बनाने में 2 साल तक का समय लग सकता है।

Thursday, August 20, 2009

वैशाली के सेक्टर-4 में डीएमआरसी ने बुधवार को हवन के बाद मेट्रो स्टेशन बनाने का काम शुरू कर दिया।

वैशाली के सेक्टर-4 में डीएमआरसी ने बुधवार को हवन के बाद मेट्रो स्टेशन बनाने का काम शुरू कर दिया। जीडीए के सचिव नरेंद्र कुमार ने इसका उद्घाटन किया। इस मौके पर डीएमआरसी के कई आला अधिकारी मौजूद थे। जीडीए के अधिकारियों ने डीएमआरसी को भरोसा दिलाया कि सब-स्टेशन शिफ्टिंग का काम एक हफ्ते में पूरा हो जाएगा और कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले आनंद विहार से वैशाली तक मेट्रो शुरू कर दी जाएगी। आनंद विहार से वैशाली के लिए आधा दर्जन से ज्यादा पिलर पहले ही बन चुके हैं। वैशाली मेट्रो शुरू होने से इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा आदि कॉलोनियों सहित गाजियाबाद शहर के निवासियों को फायदा होगा। फिलहाल, उन्हें मेट्रो के लिए दिलशाद गार्डन स्टेशन या आईटीओ जाना पड़ता है। गाजियाबाद के लोगों को मेट्रो का काफी अरसे से इंतजार है। दिल्ली आने जाने वाले इसकी बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं। मेट्रो की कवायद बहुत दिनों से जारी है लेकिन बीच- बीच में इसमें कई अड़चनें आती रही हैं। भूमिपूजन होने के बाद आसपास के लोगों में खुशी की लहर है कि अब मेट्रो की गाड़ी चल पड़ी है। अब कुछ दिन बाद उनके लिए दिल्ली एकदम दूर नहीं रहेगी।

Wednesday, August 19, 2009

हादसे में पांच यात्री घायल हुए

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में मुंबई से गोरखपुर जा रही कुशीनगर एक्सप्रेस रेलगाड़ी के चार डिब्बे बुधवार को पटरी से उतर गए। हादसे में पांच यात्री घायल हुए हैं। हादसे के बाद से गोरखपुर-लखनऊ रेल मार्ग ठप है। बस्ती के जीआरपी के इंचार्ज किशोरी प्रसाद चौहान ने बताया कि यह हादसा बुधवार सुबह 6.20 मिनट पर ओडवारा रेलवे स्टेशन के निकट हुआ। कुशीनगर एक्सप्रेस डाउन (1016) के चार डिब्बे पटरी से उतर गए। दुर्घटना में पांच लोगों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। चौहान के मुताबिक हादसे से वक्त रेलगाड़ी में मामूली भीड़ होने के साथ-साथ उसकी रफ्तार कम थी, अन्यथा हादसा बड़ा रूप ले सकता था। दुर्घटना के बाद से गोरखपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर रेलगाड़ियों की आवाजाही अवरुद्ध हो गई है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक क्षतिग्रस्त मार्ग ठीक किया जा रहा है। बहुत जल्द रेलगाड़ियों की आवाजाही बहाल हो जाएगी।

Tuesday, August 18, 2009

चार एसी बोगियों के शीशे तोड़ दिए और उनमें आग लगा दी।

नई दिल्ली से पटना आ रही 2392 डाउन श्रमजीवी एक्सपेस ट्रेन में आरपीएफ जवानों द्वारा कुछ छात्रों की कथित तौर पर पिटाई करने से उग्र छात्रों ने ट्रेन के बिहटा स्टेशन पर पहुंचने पर उसकी चार एसी बोगियों के शीशे तोड़ दिए और उनमें आग लगा दी। जीआरपी के डीएसपी सुरेश चौधरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रेन में लगी आग और उग्र भीड़ पर काबू पाने के लिए दमकल और पुलिस बल की अतिरिक्त टुकड़ी घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई है। चौधरी ने बताया कि छात्रों द्वारा मचाए जा रहे उपद्रव के कारण इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन फिलहाल रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि ट्रेन में आरपीएफ जवानों ने किस कारण से छात्रों की पिटाई की, इस बारे में अभी पता नहीं चल पाया है।

Sunday, August 16, 2009

मैट्रो में अब होने लगे है हादसे

सीलमपुर मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन के आगे कूदकर एक व्यक्ति ने खुदकुशी कर ली। मृतक की उम्र 55 साल के करीब बताई जाती है। फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो पाई है। हादसे की वजह से शास्त्री पार्क से शाहदरा की ओर जाने वाली लाइन पर करीब 20 मिनट तक मेट्रो सेवा प्रभावित रही।
डीएमआरसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल ने बताया कि रविवार शाम 5:19 बजे शास्त्री पार्क से शाहदरा की तरफ जाने वाली ट्रेन के आगे एक शख्स ने छलांग लगा दी। ट्रेन ऑपरेटर ने कच्छा बनियान पहने शख्स को ट्रेन के आगे कूदते हुए देख लिया था, लेकिन ट्रेन की रफ्तार ज्यादा होने के कारण इमर्जन्सी ब्रेक लगाए जाने के बावजूद वह शख्स ट्रेन की चपेट में आ गया। जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे के कारण मेट्रो की एक लाइन पर 20 मिनट तक मेट्रो सेवा प्रभावित रही। हादसे की सूचना मिलते ही मेट्रो पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। सवाल उठ रहा है कि मृतक रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंच गया। क्योंकि स्टेशन के अलावा एंट्री का दूसरा कोई रास्ता नहीं है। स्टेशन के एंट्री गेट पर पर हमेशा सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर भी गार्ड तैनात रहते हैं।

Friday, August 14, 2009

मेट्रो स्टेशनों पर जल्द ही नजारा बदलने वाला है।

दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर टिकिट के लिए कतार में लगने के दिन लदने वाले हैं। जल्द ही नजारा बदलने वाला है। करना सिर्फ यह होगा कि मेट्रो स्टेशन पर लगी मशीन के स्क्रीन पर बने नक्शे पर जहां जाना है, उस स्टेशन का बटन दबाइए, मशीन आपसे पैसे मांगेगी। आप नोट मशीन में डालिए और चंद सेकंडों में टोकन आपके सामने होगा।
दिल्ली मेट्रो ने लगभग आधा दर्जन स्टेशनों पर ये मशीनें लगा भी दी हैं। उम्मीद है कि अगले 15 दिन में इन मशीनों को पैसिंजरों के लिए एक्टिवेट कर दिया जाएगा। इनमें राजीव चौक, बाराखंभा रोड और केंद्रीय सचिवालय स्टेशन भी शामिल हैं। डीएमआरसी के सूत्रों का कहना है कि इन मशीनों को उन स्टेशनों पर ही लगाया जाएगा, जहां भीड़भाड़ ज्यादा रहती है।
मेट्रो की ये टिकिटिंग मशीनें बेहद स्मार्ट होंगी। मशीनों की खासियत होगी कि वे न सिर्फ कटे-फटे नोटों को पहचान कर उन्हें रिजेक्ट कर सकती हैं, बल्कि नोट की कीमत पहचान कर और टिकिट की राशि काटकर बाकी पैसे भी वापस पैसिंजर को दे सकती हैं। किस स्टेशन तक कितना किराया बनता है, यह जानकारी भी स्क्रीन पर आ जाएगी। दरअसल, ट्रायल के तौर पर इस तरह की मशीनों की शुरुआत लगभग दो साल पहले की गई थी। उस वक्त राजीव चौक पर मशीन लगाई गई थी, पर बाद में हटा ली गई। अब दूसरे फेज की लाइनें चालू होने के साथ ही मेट्रो ने फिर से इन मशीनों पर भरोसा जताया है। दिल्ली मेट्रो की सोच है कि अगर भीड़ वाले स्टेशनों पर ये मशीनें लगाई जाती हैं तो इससे टोकन की बिक्री वाले काउंटरों पर कतारें नहीं लगेंगी। वैसे भी, मेट्रो के लिए ये मशीनें काफी फायदेमंद साबित होंगी।
अभी काउंटरों पर टोकन बेचने के लिए कर्मचारी तैनात करने पड़ते हैं। अगर ये मशीनें लगाई जाती हैं, तो कर्मचारियों पर आने वाला खर्च कम होगा। हालांकि मेट्रो पहले ही यह तय कर चुकी है कि अगर ये मशीनें लगाई जाती हैं तो भी काउंटर पर कर्मचारी तैनात रखे जाएंगे, लेकिन ऐसे स्टेशनों पर काउंटरों की तादाद को जरूर कम किया जा सकता है।

कानपुर से चलने वाली कुछ ट्रेन अब इलाहाबाद से शुरू होंगी

Some of the major trains that have become synonymous with the city of Kanpur would now originate from Allahabad, though for a temporary period during the coming month of September. These trains include train number 2451/2452 Shram Shakti Express, train number 2173/2174 Udyog Nagri Express and train number 2943/2944 Udyogkarmi Express.
In this connection, train number 2951/2952 Shram Shakti Express instead of originating from Kanpur junction would depart from Allahabad at 21:00 hrs. It would arrive at Kanpur railway station at about 23:25 hrs and depart at 23:35 hrs. During the return journey, the train would arrive at Kanpur at about 6:00 am and terminate at Allahabad at about 8:35 hrs.
This arrangement has been made from September 5 to 12 when the train would originate from Allahabad instead of Kanpur.
Similarly, train number 2173/2174 Udyog Nagri Express running between Lokmanya Tilak Terminus and Kanpur would originate from Allahabad railway junction from September 6 to 8. This train would originate from Allahabad junction at about 5:00 hrs and arrive at Kanpur junction at about 8:00 hrs. During the return journey, the train would arrive at Kanpur station at about 14:00 hrs and terminate at Allahabad junction at 16:30 hrs.
However, train number 2943/2944 Udyogkarmi Express running between Valsad and Kanpur has also been extended upto Allahabad. This train would arrive at Kanpur at about 19;20 hours and terminate at Allahabad at 22;25 hrs on September 9. During the return journey, this train would originate from Allahabad railway station on September 11 at about 5:00 pm and reach Kanpur at 7:40 hrs.
It is pertinent to mention that the work of remodelling of Kanpur yard and replacement of Route Relay Interlocking work at Kanpur station would be done from August 25 to September 12. Due to this work, the movement of these above trains have been extended upto Allahabad.

Wednesday, August 12, 2009

दो साल से अधर में लटके सिकंदरपुर से मॉल ऑफ इंडिया तक चलने वाली लाइट मेट्रो टेन प्रोजेक्ट के अब आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद सिंह हुड्डा ने मंगलवार को इसका शिलान्यास किया। इसके निर्माण पर लगभग 900 करोड़ की लागत आएगी। गुड़गांव में इस प्रोजेक्ट का निर्माण डीएलएफ ऐंड आईएल ऐंड एफएस कंपनी कर रही है। हरियाणा गवर्नमेंट से हुए समझौते के अनुसार कंपनी 99 साल तक गुड़गांव मेट्रो का संचालन करेगी। तय प्रावधान के अनुसार लोकल रेल सेवा का किराया दिल्ली मेट्रो सविर्स के तर्ज पर रखा जाएगा।

रबड़ टायर टेन प्रोजेक्ट में संशोधन

मालूम हो कि डीएलएफ यूनिवर्सल ने दो साल पहले अपने रेजिडेंट के लिए बिना ड्राइवर की रबड़ टायर टेन प्रोजेक्ट का प्लान बनाया था। लेकिन कभी हूडा से मेट्रो लाइन के लिए जमीन न मिलने के कारण, तो कभी कनेक्टिविटी चार्ज पर उपजे गतिरोध के कारण मामला लटका रहा। अब उस प्रतीक्षित गुड़गांव मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण का रास्ता खुल गया है। रबड़ टायर के प्रोजेक्ट में संशोधन कर दिया गया है, जो अपने स्टैंडर्ड गेज पर चलेगी। प्रदूषण रहित, साउंड प्रूफ और कई प्रकार की उच्चकोटि की सुविधाओं से ट्रेन लैस होगी।

6 किमी लंबा और 6 स्टेशन

6.1 किलोमीटर लंबे इस मेट्रो रेल लिंक में सिकंदरपुर, डीएलएफ फेस-2, बिलवेडियर टावर, डीएलएफ फेस-3, गेटवे टावर और मॉल ऑफ इंडिया मिलाकर 6 स्टेशन बनेंगे। प्रत्येक स्टेशन की लंबाई 75 मीटर होगी और मेट्रो की स्पीड 30 किमी प्रति घंटे से लेकर 80 किमी प्रति घंटे होगी। सिकंदरपुर स्टेशन को इस तरह बनाया जाएगा कि गुड़गांव या दिल्ली मेट्रो की सवारी करने वाले पैसेंजर को कोई परेशानी न हो।

2012 तक चालू होने की संभावना

डीएलएफ ग्रुप के वाइस चेयरमैन राजीव सिंह के मुताबिक मेट्रो सर्विस 2012 तक चालू हो जाएगी। गुड़गांव मेट्रो सर्विस में शुरुआती चरण में चार कोच होंगे। हरेक कोच में 300 सवारियों के बैठने की कपैसिटी होगी। बाद में जरूरत के हिसाब से कोच की संख्या बढ़ाई जाएगी। उनके मुताबिक दिल्ली सरकार की अनुमति मिली तो कंपनी का प्लान गुड़गांव मेट्रो को मॉल ऑफ इंडिया से बढ़ाकर आईजीआई एयरपोर्ट तक विस्तारित करना है।

केंद्र को भेजा प्रस्ताव : सीएम

मेट्रो प्रोजेक्ट के शिलान्यास के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि बहादुरगढ़, कुंडली व फरीदाबाद समेत नजफगढ़ को भी इस लिंक से जोड़ने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। 10 जनवरी तक दिल्ली से गुड़गांव तक मेट्रो टेन आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 20 लाख की आबादी वाला गुड़गांव तेजी से विकसित हो रहा है। सरकार ने गुड़गांव के डिवेलपमेंट के लिए मास्टरप्लान 2021 में व्यापक प्लान बनाया है।

पीछे से हुई टक्कर, अभी तक कोई खास कार्रवाई नहीं हुई

संशय अभी भी बरकरार है, पीछे से हुई टक्कर, अभी तक कोई खास कार्रवाई नहीं हुई

पश्चिमी रेलवे के माहिम रेलवे स्टेशन के पास दो लोकल ट्रेनों के बीच रविवार दोपहर टक्कर हो गई। इस में कई यात्री घायल हो गए। घायलों को पास एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बोरिवली जाने वाली ट्रेन माहिम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर रुकी हुई थी। इसी दौरान उसे अंधेरी जाने वाली लोकल ट्रेन ने पीछे टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि यह दुर्घटना सिग्नल फेल होने की वजह से हुई है। एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना की वजह से पश्चिमी रेलवे पर रेल सेवाओं का मार्ग परिवर्तन करके फास्ट ट्रैक पर कर दिया गया है।

Saturday, August 8, 2009

दिल्ली मेट्रो के तीसरे फेज की तैयारियों का रास्ता साफ

दिल्ली मेट्रो के तीसरे फेज की तैयारियों का रास्ता साफ हो गया है। तीसरे फेज की मेट्रो रेल लाइनों की डिटेल प्रॉजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के प्रस्ताव को दिल्ली सरकार ने अपनी हरी झंडी दिखा दी है। प्रॉजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए दिल्ली सरकार ने 3.19 करोड़ रुपये की राशि मंजूर कर ली है। इस राशि की मंजूरी के बाद अब दिल्ली मेट्रो तीसरे फेज की 85 किमी लंबी लाइनों की डिटेल प्रॉजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का कार्य शुरू कर सकता है। दिल्ली सरकार के सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के वित्तमंत्री डॉ. अशोक कुमार वालिया ने गुरुवार को इस रकम को मंजूरी प्रदान कर दी है। रिपोर्ट के लिए इतनी ही राशि केंद्र सरकार भी देगी। इस तरह औपचारिक तौर पर तीसरे फेज की लाइनों को बनाने के लिए शुरुआती कवायद शुरू हो जाएगी। दिल्ली मेट्रो की लाइनों का निर्माण करने से पहले प्रस्ताव कई चरणों से होकर गुजरता है। इसके तहत सबसे पहले प्रस्तावित मेट्रो रेल लाइनों की डिटेल प्रॉजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाती है। इस प्रॉजेक्ट रिपोर्ट के तहत मेट्रो के रूट पर चलने वाले ट्रैफिक, संभावित पैसिंजरों की तादाद, मेट्रो के चलने पर वहां के वातावरण पर पड़ने वाले असर, स्टेशनों की संख्या, उनकी लोकेशन, रास्ते में आने वाले पेड़ों आदि के साथ-साथ मेट्रो लाइन से प्रभावित होने वाली संपत्तियों का ब्यौरा भी तैयार किया जाता है। इसके अलावा इसी डीपीआर में ही मेट्रो रेल लाइन के संभावित खर्च की भी जानकारी दी जाती है। यह पूरी कवायद ही डिटेल प्रॉजेक्ट रिपोर्ट के रूप में सामने आती है। इसके बाद यह रिपोर्ट दिल्ली सरकार को दी जाती है और वही कैबिनेट में इन लाइनों के भविष्य का फैसला करती है। अगर सरकार उसे मंजूर करती है तो मेट्रो लाइन के निर्माण पर आने वाले खर्च को भी मंजूरी देनी होती है। बाद में केंद्र सरकार से भी मंजूरी ली जाती है। दिल्ली सरकार के सूत्रों का कहना है कि फिलहाल 85 किमी की डीपीआर के मंजूरी दी गई है। वैसे मेट्रो का इरादा तीसरे फेज में भी 120 किमी लंबी लाइनें बनाने का है। ऐसे में 35 किमी की लाइनों की डीपीआर तैयार करने के लिए संभवत: बाद में सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

Wednesday, August 5, 2009

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के लिए शुरू की गई पहली लेडीज स्पेशल ट्रेन

रेल मंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली सरकार को आश्वस्त किया है कि शहर में रिंग रेल को और उपयोगी बनाने के लिए रेलवे हरसंभव कोशिश करेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली से जुड़ी महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जाएगा ताकि दिल्ली वालों को इसका फायदा मिल सके। रेल मंत्री नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के लिए शुरू की गई पहली लेडीज स्पेशल ट्रेन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रही थीं। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री विलासराव देशमुख समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। इस मौके पर रेल मंत्री ने कहा कि जल्द ही तुगलकाबाद रेलवे स्टेशन से तीन पार्सल ट्रेनें शुरू की जाएंगी। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और आनंद विहार स्टेशनों का जिक्र करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि इन दोनों स्टेशनों को वर्ल्ड क्लास बनाने का कार्य भी जल्द ही शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने महिलाओं के लिए स्पेशल लेडीज ट्रेन चलाने के लिए रेल मंत्री का आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि दिल्ली से जुड़े रेल प्रॉजेक्ट जल्द ही पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़ी परियोजनाओं को भी तय वक्त तक पूरा कर लिया जाएगा।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के लिए शुरू की गई पहली लेडीज स्पेशल ट्रेन

रेल मंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली सरकार को आश्वस्त किया है कि शहर में रिंग रेल को और उपयोगी बनाने के लिए रेलवे हरसंभव कोशिश करेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली से जुड़ी महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जाएगा ताकि दिल्ली वालों को इसका फायदा मिल सके। रेल मंत्री नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के लिए शुरू की गई पहली लेडीज स्पेशल ट्रेन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रही थीं। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री विलासराव देशमुख समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। इस मौके पर रेल मंत्री ने कहा कि जल्द ही तुगलकाबाद रेलवे स्टेशन से तीन पार्सल ट्रेनें शुरू की जाएंगी। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और आनंद विहार स्टेशनों का जिक्र करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि इन दोनों स्टेशनों को वर्ल्ड क्लास बनाने का कार्य भी जल्द ही शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने महिलाओं के लिए स्पेशल लेडीज ट्रेन चलाने के लिए रेल मंत्री का आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि दिल्ली से जुड़े रेल प्रॉजेक्ट जल्द ही पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़ी परियोजनाओं को भी तय वक्त तक पूरा कर लिया जाएगा।

मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच ग

राखी से एक दिन पहले दिल्ली मेट्रो ने पैसिंजरों को सफर कराने का रेकॉर्ड कायम किया है। मंगलवार को दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच गया। यही नहीं, मेट्रो ने आमदनी का भी रेकॉर्ड बनाया है। डीएमआरसी के प्रवक्ता ने बताया कि मंगलवार को कुल 9.92 लाख पैसिंजरों ने सफर किया। इससे पहले अधिकतम पैसिंजरों का रेकॉर्ड 24 नवंबर 2008 को तब बना था, जब प्रगति मैदान में ट्रेड फेयर चल रहा था। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि 4 अगस्त को मेट्रो को 1.24 करोड़ रुपये की रेकॉर्ड आमदनी हुई। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि इससे पहले सोमवार को मेट्रो में 9.26 लाख पैसिंजरों ने सफर किया और उसकी आमदनी लगभग सवा करोड़ रुपये थी। दिल्ली मेट्रो के सर्वे के मुताबिक आमतौर पर मेट्रो में सफर करने वालों में से 43 फीसदी पैसिंजर एक से ज्यादा मेट्रो ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। इस सर्वे के आधार पर मेट्रो का कहना है कि इस तरह से मंगलवार को कुल 14.21 लाख पैसिंजरों के बराबर मेट्रो ट्रेनों में सफर किया गया। मंगलवार के जो आंकड़े मेट्रो को मिले हैं, उनके मुताबिक सबसे ज्यादा 3.96 लाख पैसिंजरों ने यमुना बैंक-द्वारका लाइन पर सफर किया। दिलशाद गार्डन-रिठाला लाइन पर 3.05 लाख और जहांगीरपुरी लाइन पर 2.89 लाख पैसिंजरों ने सफर किया। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि बुधवार को रक्षाबंधन पर भी मेट्रो के कई स्टेशनों पर भारी भीड़ रही। इनमें राजीव चौक, यमुना बैंक, जहांगीरपुरी, दिलशाद गार्डन, सीलमपुर, शाहदरा, द्वारका मोड़ और उत्तम नगर शामिल हैं। इस वक्त दिल्ली मेट्रो में औसतन 8.37 लाख पैसिंजर रोजाना सफर करते हैं।

मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच ग

राखी से एक दिन पहले दिल्ली मेट्रो ने पैसिंजरों को सफर कराने का रेकॉर्ड कायम किया है। मंगलवार को दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच गया। यही नहीं, मेट्रो ने आमदनी का भी रेकॉर्ड बनाया है। डीएमआरसी के प्रवक्ता ने बताया कि मंगलवार को कुल 9.92 लाख पैसिंजरों ने सफर किया। इससे पहले अधिकतम पैसिंजरों का रेकॉर्ड 24 नवंबर 2008 को तब बना था, जब प्रगति मैदान में ट्रेड फेयर चल रहा था। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि 4 अगस्त को मेट्रो को 1.24 करोड़ रुपये की रेकॉर्ड आमदनी हुई। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि इससे पहले सोमवार को मेट्रो में 9.26 लाख पैसिंजरों ने सफर किया और उसकी आमदनी लगभग सवा करोड़ रुपये थी। दिल्ली मेट्रो के सर्वे के मुताबिक आमतौर पर मेट्रो में सफर करने वालों में से 43 फीसदी पैसिंजर एक से ज्यादा मेट्रो ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। इस सर्वे के आधार पर मेट्रो का कहना है कि इस तरह से मंगलवार को कुल 14.21 लाख पैसिंजरों के बराबर मेट्रो ट्रेनों में सफर किया गया। मंगलवार के जो आंकड़े मेट्रो को मिले हैं, उनके मुताबिक सबसे ज्यादा 3.96 लाख पैसिंजरों ने यमुना बैंक-द्वारका लाइन पर सफर किया। दिलशाद गार्डन-रिठाला लाइन पर 3.05 लाख और जहांगीरपुरी लाइन पर 2.89 लाख पैसिंजरों ने सफर किया। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि बुधवार को रक्षाबंधन पर भी मेट्रो के कई स्टेशनों पर भारी भीड़ रही। इनमें राजीव चौक, यमुना बैंक, जहांगीरपुरी, दिलशाद गार्डन, सीलमपुर, शाहदरा, द्वारका मोड़ और उत्तम नगर शामिल हैं। इस वक्त दिल्ली मेट्रो में औसतन 8.37 लाख पैसिंजर रोजाना सफर करते हैं।

मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच ग

राखी से एक दिन पहले दिल्ली मेट्रो ने पैसिंजरों को सफर कराने का रेकॉर्ड कायम किया है। मंगलवार को दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच गया। यही नहीं, मेट्रो ने आमदनी का भी रेकॉर्ड बनाया है। डीएमआरसी के प्रवक्ता ने बताया कि मंगलवार को कुल 9.92 लाख पैसिंजरों ने सफर किया। इससे पहले अधिकतम पैसिंजरों का रेकॉर्ड 24 नवंबर 2008 को तब बना था, जब प्रगति मैदान में ट्रेड फेयर चल रहा था। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि 4 अगस्त को मेट्रो को 1.24 करोड़ रुपये की रेकॉर्ड आमदनी हुई। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि इससे पहले सोमवार को मेट्रो में 9.26 लाख पैसिंजरों ने सफर किया और उसकी आमदनी लगभग सवा करोड़ रुपये थी। दिल्ली मेट्रो के सर्वे के मुताबिक आमतौर पर मेट्रो में सफर करने वालों में से 43 फीसदी पैसिंजर एक से ज्यादा मेट्रो ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। इस सर्वे के आधार पर मेट्रो का कहना है कि इस तरह से मंगलवार को कुल 14.21 लाख पैसिंजरों के बराबर मेट्रो ट्रेनों में सफर किया गया। मंगलवार के जो आंकड़े मेट्रो को मिले हैं, उनके मुताबिक सबसे ज्यादा 3.96 लाख पैसिंजरों ने यमुना बैंक-द्वारका लाइन पर सफर किया। दिलशाद गार्डन-रिठाला लाइन पर 3.05 लाख और जहांगीरपुरी लाइन पर 2.89 लाख पैसिंजरों ने सफर किया। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि बुधवार को रक्षाबंधन पर भी मेट्रो के कई स्टेशनों पर भारी भीड़ रही। इनमें राजीव चौक, यमुना बैंक, जहांगीरपुरी, दिलशाद गार्डन, सीलमपुर, शाहदरा, द्वारका मोड़ और उत्तम नगर शामिल हैं। इस वक्त दिल्ली मेट्रो में औसतन 8.37 लाख पैसिंजर रोजाना सफर करते हैं।

Sunday, August 2, 2009

रेलवे की घटिया सेवा के कारण रोडवेज का फायदा

स्टेट के सात बडे़ शहरों में रोडवेज सिटी बसें चलाएगी। केंद्र सरकार की जेएनयूआरएमएस (जवाहर
लाल नेहरू अर्बन रिवॉलविंग मैनेजमेंट स्कीम) योजना के तहत यूपी को 1500 बसें दी जाएगी। इस प्लान पर केंद सरकार यूपी में करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपया खर्च करेगी। कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले स्कीम लागू होगी। रोडवेज सूत्रों के मुताबिक तीस लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में रोडवेज सिटी बस का इंफ्रा स्ट्रक्चर तैयार करेगा। इन शहरों में मेरठ, मथुरा, आगरा, लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद और वाराणसी शामिल है। इनमें से अभी कुछ शहरों में ही सिटी बसें है, मगर उनका संचालन प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों के हाथों में ही है। प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लेकर तमाम शिकायतें सामने आ रही हैं। केंद्र सरकार की योजना के मुताबिक है इन सभी बडे़ शहरों में सिटी बस का संचालन रोडवेज करेगा। इन बसों के लिए रूट नगर निगम तय करेगी। इनको ज्यादा से ज्यादा 40 किलोमीटर के रूट पर चलाया जा सकता है। इन बसों का संचालन नगर निगम के सुझाए गए रूटों पर होगा। बसों का संचालन यूपी रोडवेज करेगा। बसों के रखरखाव और ऑपरेशन पर नजर रखने के लिए यूपी रोडवेज, नगर निगम और डिवेलपमंट ऑथॉरिटी की एक होगी। सूत्रों का कहना है कि बसों से होने वाली आमदनी और घाटे का जोखिम डिवेलपमंट ऑथॉरिटी उठाएगी। बसों के संचालन में आर्थिक घाटे के कारण आने वाली रुकावटों को दूर करने का प्रबंध भी कर लिया गया है। केंद्र सरकार से सिटी बस के तौर पर मिलने वाली सभी बसें 27 सीटर होगी। बसों का डिजाइन इस तरह से होगा कि वह कम चौड़ी सड़कों से भी गुजर सकेगी।

Friday, July 31, 2009

असामाजिक तत्व समाचार पत्रों के जरिए ब्लेक कर रहें हैं


'Anti-social elements publishing newspapers'

The Chairman of the Press Council of India, Mr. Justice P.B. Sawant, has expressed his concern over the trend towards anti-social elements publishing newspapers and using them for blackmail.

He made the observation at the sitting of the council for the second day on Wednesday and while going into the complaint from an Indian Railway Traffic Service official working in Mumbai, Mr. Goel, against a Hindi journal, Railway Samachar. The official told the council that his efforts to put down ticketless travelling in the suburban and other railway services had evoked the wrath of the newspaper which had used scurrilous language against him. The earnings of the Western Railways had gone up by Rs. 100 crores in the last one year after he took up the drive. The newspaper was being published occasionally.

Mr. Justice Sawant said that the language used by the offending journal was the worst he had come across in his tenure. Even some other newspapers were using such language, and he went on to remark that goondas had come to publish newspapers.

The other complaint the council went into on Wednesday was against the Marathi newspaper, Tarun Bharat published from Belgaum and Sangli in Maharashtra. The complainant, Mr. Barve, a municipal councillor of Sangli, said that he had been targetted, as he had questioned the way the newspaper had published an advertisement issued by the municipality which had only helped a cartel of contractors. He alleged that the newspaper published the advertisement in its Belgaum edition after the last date for responding to the tender invited by the municipality had expired. The newspaper did not put up a defence before the council.

In its two-day sittings, the council decided 79 cases of which 44 were against the authorities for harassment and denial of facilities. The remaining ones were against the newspapers for violation of the norms of journalistic ethics. The majority (24) of the complaints against the authorities pertained to harassment of journalists by the police, the district administration etc., for highlighting the deficiencies and corruption in the administration, and 20 pertained to denial of facilities to journalists. The council censured seven newspapers, warned five and admonished three others. While nine were dismissed for lack of sufficient ground for inquiry or withdrawn, 11 cases were disposed of after issuing directions.

At its sittings, the Council took up complaints from or against newspapers published from Maharashtra, Goa, Tamil Nadu, Kerala, Andhra Pradesh and Karnataka.

On Tuesday, Mr. Justice Sawant had said that on an average, 1,200 complaints were being received by the council every year. While 30 per cent of them were against the authorities, 70 per cent against the newspapers

Thursday, July 30, 2009

यहां-वहां थूकने वाले लोगों की धरपकड़ करते हुए उन से 32700 रुपए दंड स्वरूप वसूले


पश्चिम रेल ने स्टेशनों या रेल संपत्तियों पर यहां-वहां थूकने वाले लोगों की धरपकड़ करते हुए उन से 32700 रुपए दंड स्वरूप वसूले हैं। इतना ही नहीं, रेल प्रशासन ने ऐसे ही आरोपों में 25 लोगों को हवालात में डाल दिया। सूत्रों के मुताबिक भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 145 (बी) के तहत एक जुलाई से 29 जुलाई के दौरान गुटखा, पान आदि खाकर स्टेशनों व अन्य रेल संपत्तियों पर थूकने के आरोप में पश्चिम रेल प्रशासन ने कुल 247 लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की है। इसके अलावा 25 लोगों को जेल भेजा गया, जबकि नौ लोगों को कड़ी चेतावनी दी गई। गौरतलब है कि रेलवे द्वारा रेल संपत्तियों को साफ-सुथरा रखने के लिए स्वच्छता अभियान चलाया है, जिसके तहत यात्रियों से भी रेलवे को सहयोग देने की अपील की जाती रही है।

Monday, July 27, 2009

जनता के मन में पिलर्स के कारण सेफ्टी को लेकर आशंकाएं बरकरार

नोएडा की मेट्रो लाइन पर सेक्टर-एक के निकट दो पिलर्स में आई दरार देख
ने वालों का सोमवार को दिन भर जमावड़ा लगा रहा। इन दरारों के बावजूद डीएमआरसी के इंजीनियर सेक्टर-15 स्टेशन का काम पूरा करने में लगे हुए थे। यहां इन दिनों सीढ़ियां, लिफ्ट व एस्कलेटर लगाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, जनता के मन में पिलर्स के कारण सेफ्टी को लेकर आशंकाएं बरकरार हैं। डीएमआरसी ने पहले 30 जून तक नोएडा में मेट्रो लाने का टारगेट तय किया था। इसके बाद इसे तीन महीने बढ़ाकर सितंबर के अंत तक कर दिया गया था। डीएमआरसी ने 1 अक्टूबर तक मेट्रो चलाने की घोषणा कर दी थी। अक्टूबर को आधार बनाकर नोएडा साइट पर काम करने वाले इंजीनियर व कंपनियां काम कर ही रहीं थी कि डीएमआरसी चीफ ई. श्रीधरन ने इसका टाइम घटाकर अगस्त कर दिया। इंजीनियरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इतने कम समय में ज्यादा काम निपटाने में क्वॉलिटी पर असर पड़ेगा। ज्यादातर स्टेशनों का काम अभी भी पीछे चल रहा है। दिन-रात एक करके टारगेट पूरा करने की कोशिश सही नहीं है। अभी भी हालत यह है कि सेक्टर 16 और 18 के बीच सिक लाइन पर बिजली के खंभे लगाए जा रहे हैं। इस टैक पर एकाध जगह केबिल कंडक्टर लगने बाकी हैं। डीएमआरसी के सभी रूटों पर बनने वाले पिलर्स पर नंबर डाले जा चुके हैं। सिर्फ नोएडा का टैक ही ऐसा है, जहां अभी तक नंबर नहीं पड़े हैं। डीएमआरसी के सूत्रों का कहना है कि अभी तक मेट्रो का सारा काम दिल्ली में ही होता रहा है। पहली बार यह दिल्ली की सीमा पार कर यूपी में एंट्री करेगी। डीएमआरसी अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि यमुना स्टेशन से आगे चल रहे सीरियल नंबर के आधार पर ही नोएडा में एंट्री करने के बाद पिलर पर नंबर दिया जाए या यूपी में एंट्री करने के बाद नए सिरे से नंबर तय किया जाए। जांच रिपोर्ट में जिस पिलर नंबर का हवाला दिया गया है वह यूपी में एंट्री करने के बाद 10वां व 14वां है। नैशनल बोटेनिकल गार्डन स्टेशन में बने 33 केवी सबस्टेशन को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम 31 जुलाई को बिजली से कनेक्ट कर देगा। इस संबंध में सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। निगम के अफसरों ने बताया कि डीएमआरसी चाहे तो 31 जुलाई के बाद इस बिजली को अपनी लाइन के लिए इस्तेमाल कर सकता है। मेट्रो के हर स्टेशन पर बीएसएनएल भी टेलिफोन का एक कनेक्शन लगाने जा रहा है।

Saturday, July 25, 2009

फिक्की महासचिव अमित मित्रा की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक समिति

रेल मंत्री ममता बनर्जी ने फिक्की महासचिव अमित मित्रा की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक समिति गठित की ताकि सार्वजनिक और निजी भागीदारी के जरिये कोष निर्माण की तकनीक विकसित की जा सके और 2020 दृष्टिकोण दस्तावेज तैयार किया जा सके। एक आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया कि इस 16 सदस्यीय समिति से पहली बैठक के 15 दिन बाद से ही सिफारिशें देने को कहा गया है। ममता ने इस महीने की शुरुआत में रेल बजट भाषण में इस समिति के गठन की घोषणा की थी। इस समिति से दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे के लिये व्यापारिक प्रारूप विकसित करने के बारे में विशेष तौर पर विचार करने को कहा गया है।

सीबीआई सूत्रों के अनुसार सीबीआई इस मामले में आरपीएफ से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका की भी छानबीन कर रही है।

एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में सीबीआई ने शनिवार को तीन बड़ी रिजर्वेशन एजेंसियों पर छापा डाला। ये छापे सीएसटी, मुम्बई सेंट्रल और बांद्रा में डाले गए। छापे के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने 2 लाख 800 रुपए जब्त किए। सीबीआई अधिकारियों ने छापे के बाद तीनों एजेंसियों के कर्मचारियों से पूछताछ की है। इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी की संभावना है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार सीबीआई इस मामले में आरपीएफ से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका की भी छानबीन कर रही है। साथ ही कुछ रेल कर्मी भी शक के घेरे में हैं।