Sunday, December 27, 2009
धमकी को देखते हुए रेलवे ट्रैक पर 24 घंटे पेट्रोलिंग की जा रही है।
Sunday, December 20, 2009
ट्रेनें परफॉर्मिंग आर्ट के जरिए राष्ट्रीय एकता की भावना को देशभर में पहुंचाने का जरिया बनें।
Wednesday, December 16, 2009
सबसे पुरानी मेट्रो रेलवे वातानुकुलित कोच के साथ जल्द ही दौड़ने लगेगी।
डीएमआर सी की 30 फीडर बसें नोएडा में आ जाएंगी।
Sunday, December 13, 2009
जीआरपी के सिपाही असल में खुद मुसाफिरों को लूट रहे थे।
मेट्रो की इच्छा है कि उसके पास कम से कम चार नई ट्रेनें हों तो वह आनंद विहार लाइन को चालू करे।
शुरू हो गया। इस लाइन को यमुना बैंक के रास्ते जोड़ा जाएगा। इस लाइन के चालू होने के बाद यमुना बैंक ऐसा पहला मेट्रो स्टेशन होगा, जिसके एक ही तल पर तीन तरफ जाने के लिए पैसेंजर ट्रेन पकड़ सकेंगे। यह ट्रायल कुछ दिनों तक चलता रहेगा। मेट्रो का इरादा इस लाइन को ट्रायल के बाद इसी महीने के अंत में या फिर अगले महीने के शुरू में पैसेंजरों के लिए चालू करने का है। इस लाइन पर ट्रायल शनिवार सुबह 10 बजे लक्ष्मी नगर से शुरू हुआ। मेट्रो ट्रेन प्रीत विहार तक गई और उसके बाद वापस आई। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रवक्ता के मुताबिक, फिलहाल यह ट्रायल 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर ट्रेन चलाकर किया गया। धीरे-धीरे ट्रायल ट्रेन की स्पीड बढ़ाकर 20, फिर 50 और अंतत: 80 किमी प्रति घंटे की जाएगी। ट्रायल के दौरान इस लाइन के सिविल स्ट्रक्चर की जांच की जाएगी ओर देखा जाएगा कि ट्रेन के चलने से स्ट्रक्चर में किसी तरह की खामी तो सामने नहीं आती। यही नहीं, ट्रायल के दौरान पटरियों और ट्रेन चलाने के लिए की जाने वाली पावर सप्लाई की भी जांच की जाएगी। इस लाइन पर भी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है इसलिए उसकी भी जांच की जाएगी। इस सिस्टम के जरिए ट्रेनों की टक्कर की आशंका खत्म हो जाती है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन चलते हुए ऑपरेशनल कंट्रोल सेंटर को सही सिग्नल दे और ट्रेन की सही मॉनीटरिंग हो, इसकी जांच भी होगी। जब दिल्ली मेट्रो अपने स्तर पर पूरी लाइन का ट्रायल कर लेगी, तब कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) को फाइनल ट्रॉयल के लिए आमंत्रित किया जाएगा। सीआरएस ट्रॉयल के दौरान न सिर्फ ट्रेन और ट्रैक से जुड़ी चीजों की जांच करेंगे बल्कि यह भी देखेंगे कि पैसेंजर की सेफ्टी से जुड़े सभी इंतजाम मेट्रो स्टेशनों पर किए गए हैं या नहीं। उनके ग्रीन सिग्नल के बाद ही मेट्रो लाइन को पैसेंजरों के लिए खोला जाएगा। रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी मेट्रो के कवरेज एरिया में यमुना बैंक टु आनंद विहार लाइन दिल्ली मेट्रो की इस नाते महत्वपूर्ण लाइन है, क्योंकि इसी के जरिये आनंद विहार रेलवे स्टेशन और अंतरराज्यीय बस अड्डा - मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। यही नहीं, यह पहली लाइन होगी, जो यमुनापार के मध्य हिस्से को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ देगी। शाहदरा व दिलशाद गार्डन तो पहले ही मेट्रो नेटवर्क के दायरे में आ चुके हैं। पिछले दिनों नोएडा लाइन चालू होने के बाद यमुनापार का दक्षिणी हिस्सा पहले ही इस नेटवर्क से जुड़ गया है। अब 6.17 किमी लंबी इस लाइन के चालू होने के बाद विकास मार्ग के दोनों ओर की घनी आबादी के लिए मेट्रो फायदेमंद साबित हो सकती है। इस लाइन पर पांच नए स्टेशन - लक्ष्मी नगर, निर्माण विहार, प्रीत विहार, कड़कड़डूमा और आनंद विहार हैं। दिल्ली मेट्रो को उम्मीद है कि इस लाइन के चालू होने से उसके नेटवर्क में एक लाख नए पैसेंजर जुड़ जाएंगे। जरूरत कम से कम चार ट्रेनों की डीएमआरसी खुद यह मानता है कि इस लाइन को चालू करने में फिलहाल एक ही बड़ी बाधा है और वह है ट्रेनों की जरूरत। द्वारका लाइन पर चलने वाली ट्रेनें पहले ही ओवरलोडेड चल रही हैं। ऐसे में मेट्रो की इच्छा है कि उसके पास कम से कम चार नई ट्रेनें हों तो वह आनंद विहार लाइन को चालू करे। फिलहाल उसके पास तीन ट्रेनों की टेस्टिंग चल रही है। ऐसे में अगर चार ट्रेनें तैयार हो जाती हैं तो इसी महीने के अंत में मेट्रो की इस लाइन का तोहफा मिल सकता है। ...तब लेट नहीं होगी मेट्रो इस लाइन के चालू होने से मेट्रो को उस समस्या के हल होने की उम्मीद है, जो आए दिन द्वारका लाइन पर देखने को मिलती है। दरअसल, यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन से कुछ ट्रेनें वापस द्वारका चली जाती हैं। लेकिन यहां जब ट्रेन को मोड़ना होता है तो ट्रेन को एक तीखे कर्व से गुजरना पड़ता है। ऐसी जगह पर मेट्रो की स्पीड को कम करके 15 किमी प्रति घंटा करना पड़ता है। इस तरह से यह ट्रेन तो लेट होती ही है, नोएडा से आने वाली ट्रेनों में भी देरी हो जाती है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि आनंद विहार लाइन शुरू होने के बाद यमुना बैंक से ट्रेनें वापस द्वारका नहीं लौटेंगी। इससे कर्व पर स्पीड कम करने की जरूरत ही नहीं होगी। इस तरह से यमुना बैंक से ट्रेनें वापस द्वारका नहीं जाएंगी। ऐसे में कर्व पर ट्रेन को मोड़ने में जो वक्त खराब होता है, वह नहीं होगा और ट्रेनें तय वक्त पर चल सकेंगी।
Tuesday, December 8, 2009
शिवसागर रेलवे स्टेशन के नजदीक सोमवार सुबह कोयले से लदी एक मालगाड़ी के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए।
Monday, December 7, 2009
दिल्ली मेट्रो के रास्ते में अब केवल ट्रेनें ही बाधा बनकर खड़ी हैं।
Friday, December 4, 2009
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी)में आग लग जाने से यात्रियों में दहशत फैल गई।
रेल ठेकेदारों के बीच कभी भी वर्चस्व की खूनी लड़ाई शुरू हो सकती है।
एसटीएफ सूत्र का कहना है कि झारखंड के पकड़े गए अपराधियों से मिली जानकारी के आधार पर यूपी पुलिस ने दिल्ली पुलिस, झारखंड पुलिस, बिहार पुलिस और इन सभी राज्यों में जीआरपी को भी अनहोनी से बचने एवं आवश्यक कदम उठाने की सलाह दे दी है। यूपी में एक रेल माफिया पर भी शिकंजा कसने वाला है। पूर्वांचल के इस माफिया के संबंध कोड़ा एवं उनके सहयोगियों से बताये गए हैं। गिरफ्तार किए गए लोग, जो झारखंड के कोयला एवं रेल माफिया से जुड़े हुए हैं, से मिली जानकारी में अगर सचाई है तो उसका असर नीचे तक के रेलवे टेंडरों पर पड़ सकता है। ऐसे में गैंगवॉर को रोकना पुलिस के लिए चुनौती होगी।
झारखंड के इन बदमाशों ने कबूल किया है कि रेलवे के बाहुबली ठेकेदार दीपा सरदार की हत्या के लिए लखनऊ के एक माफिया का खास ठेकेदार भोला इस समय पूर्वांचल के उक्त माफिया की शरण में पहुंच चुका है। दीपा सरदार और भोला के बीच तकरीबन सात साल पहले रेलवे ठेकों में वर्चस्व को लेकर खूनी संघर्ष की शुरुआत हुई थी। इसी रंजिश में भोला के भाई हरप्रीत सिंह उर्फ काले की हत्या कर दी गई थी। हरप्रीत की हत्या में दीपा व उसके साथी नामजद हुए थे। कोड़ा की गिरफ्तारी के बाद यूपी, बिहार और झारखंड में उनके पार्टनरों से जुड़े माने जाने वाले माफिया अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यूपी के एक चर्चित माफिया अजित सिंह के खास रहे लोगों ने पहले रेलवे के कई बड़े ठेकों पर अपना कब्जा जमाया था। जब तक लखनऊ का यह चर्चित माफिया जीवित रहा, तब तक उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल और आसपास के ठेकों में पूर्वांचल का उक्त माफिया चाहकर भी अपनी दखलंदाजी नहीं कर पाया था। माफिया समझे जाने वाले बृजेश सिंह, हरिशंकर तिवारी, वीरेंद्र प्रताप शाही, मुख्तार अंसारी और कृष्णानंद राय की पकड़ शुरू से ही रेलवे के कई जोन में रही। गैंगवॉर में शाही और राय की हत्या पहले ही हो चुकी है। छत्तीसगढ़ से गहरा रिश्ता रखने वाले और झारखंड में पकड़े गए यूपी के राकेश पांडेय उर्फ बाबा का नाम भी माफियाओं की लिस्ट में है। यूपी एसटीएफ और एटीएस सहित अन्य राज्यों की खुफिया पुलिस इन सब संबंधों का विश्लेषण अपने तरीके से कर रही है। यूपी में गिरफ्तार झारखंड के शातिर बदमाश सुनील सिंह उर्फ सोना, सिद्धांत सिंह उर्फ बाबू राजा, लखनऊ के सुरेश कुमार, धनबाद के संतोष उर्फ ठेठा और वहीं के विजय शर्मा से हुई पूछताछ से पता लगा कि उनके साथ एक और ग्रुप था। उस ग्रुप के पास तीन एके-47 असॉल्ट राइफलें हैं।
Wednesday, December 2, 2009
कुछ समय बाद दिल्ली के शाहदरा से नए बस अड्डे तक भी मेट्रो की सीटी लगेगी।
सरकारी विभागों से मतलब नगर निगम, जीडीए, आवास विकास परिषद, यूपीएसआईडीसी आदि विभागों पर। मेट्रो के नए बस अड्डा तक आने से शहर में प्रॉपर्टी का रेट बढ़ेगा इससे इन सभी विभागों का सीधा फायदा है। मेट्रो प्रोजेक्ट पर खर्च होने वाले पैसे को कुछ विभाग टैक्स में बढ़ोतरी कर पब्लिक से भी भरपाई कर सकते हैं। इनके अलावा इलाके के प्राइवेट टाउनशिप पर भी अलग से मेट्रो सैस लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इससे इतना तो साफ हो गया कि वैशाली के प्रोजेक्ट के बाद अब जीडीए और शासन नए बस अड्डे तक के मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए संसाधन जुटाने की कोशिश में जुट गए हैं।
Monday, November 30, 2009
डायरेक्ट कनेक्टिविटी
वेस्ट दिल्ली और द्वारका सब-सिटी के यात्रियों को द्वारका सेक्टर-21 स्टेशन से अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे तक डायरेक्ट कनेक्टिविटी मिलेगी...
महिलाएं करती थीं मेट्रो में जेब साफ
29 Nov 2009, 0538 hrs IST,दिल्ली मेट्रो की सिक्यूरिटी में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के महिला दस्ते ने मेट्रो ट्रेनों में पैसेंजरों की जेब साफ करने वाले एक गिरोह की पांच महिलाओं को...
ब्लूलाइन मेट्रो को लाइन पर लाएगा एटीओएस
27 Nov 2009, 0436 hrs IST,पैसेंजरों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए दिल्ली मेट्रो नोएडा-द्वारका लाइन पर ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन सिस्टम (एटीओएस) लगाने पर विचार कर रही है...
Friday, November 27, 2009
अनन्या एक्सप्रेस में जमकर लूटपाट की।
बिहार में पूर्व-मध्य रेलवे के दानापुर रेल मंडल क्षेत्र के किउल-झाझा रेलखंड पर गुरुवार रात सशस्त्र लुटेरों ने हावड़ा से जयपुर जा रही अनन्या एक्सप्रेस में जमकर लूटपाट की। इस दौरान लुटेरों ने विरोध करने वाले दो यात्रियों को चाकू मारकर घायल भी कर दिया। पुलिस के अनुसार झाझा रेलवे स्टेशन पर करीब चार-पांच लोग एस-1 शयनयान डिब्बे में सवार हो गए और रेलगाड़ी खुलते ही लूटपाट करने लगे। इस दौरान विरोध करने वाले यात्रियों से लुटेरों ने मारपीट भी की। लुटेरों ने दो यात्रियों को चाकू मारकर घायल कर दिया। लूटपाट करने के बाद लुटेरे बंशीपुर रेलवे स्टेशन पर उतरकर भाग गए। पुलिस ने बताया कि दहशत फैलाने के लिए लुटेरों ने इस दौरान गोलीबारी भी की। घटना की पुष्टि करते हुए किउल रेलवे पुलिस बल के निरीक्षक अजय कुमार पांडेय ने शुक्रवार को बताया कि चार घायलों को किउल स्थित रेलवे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द में भर्ती करवाया गया है। उन्होंने बताया कि लुटेरों ने करीब दो लाख रुपये की संपत्ति लूटी। पांडेय ने बताया कि लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार रात अज्ञात लुटेरों ने सहरसा-मानसी रेलखंड पर बदला रेलवे स्टेशन के नजदीक जनसेवा एक्सप्रेस के दो डिब्बों में लूटपाट की थी। इस दौरान भी लुटेरों ने छह लोगों को घायल कर दिया था।
Wednesday, November 25, 2009
रेलगाड़ी में बच्चे का जन्म होने के कारण बच्चे के माता-पिता ने उसका नाम पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद के नाम पर 'लालू' रखा।
Monday, November 23, 2009
सैकड़ों लोग इस दौरान विभिन्न स्टेशनों पर फंसे रहे।
Sunday, November 22, 2009
मुंबई में १५ डिब्बों वाली लोकल की श्रीगणेश ममता ने किया
ट्रेन में इतना रश था कि वह सैंडविच बन कर रह गईं।
Monday, November 16, 2009
मेट्रो प्रशासन सुविधाएंबढ़ाने को लेकर गंभीर नहीं
Sunday, November 15, 2009
आपको ट्रेन में गलत रिकॉर्डिंग सुनने को मिले।
मंडोर एक्सप्रेस के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए।
Thursday, November 12, 2009
12 नवंबर 2009 की तारीख को गोल्डन डे के रूप में याद किया जाएगा।
दिल्ली की सीमा लांघकर मेट्रो गुरुवार को शहर में जैसे ही प्रवेश करेगी नोएडा के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा। 12 नवंबर 2009 की तारीख को गोल्डन डे के रूप में याद किया जाएगा। नोएडा के सिटिजन पिछले 3 साल से इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह इत्तफाक ही है कि 2 अगस्त 2006 को जब प्रॉजेक्ट की नींव रखी गई थी तब भी गुरुवार था और आज भी गुरुवार है। अंतर इतना है कि सेक्टर-32 के सिटी सेंटर में अमर सिंह की मौजूदगी में प्रॉजेक्ट की नींव रखी गई थी, उसी स्थान पर मायावती मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगी। मुख्यमंत्री मायावती शाम 3 बजे सड़क मार्ग से सिटी सेंटर स्टेशन पहुंचेंगी। वह यहां लगभग एक घंटा बीस मिनट ठहरेंगी। मायावती मेट्रो स्टेशन पर ही प्रेस से बात करेंगी। यूपी में 11 में से 9 सीटें जीतकर पहली बार राजधानी से लगे शहर में आने वाली सीएम से कई अहम घोषणाओं की उम्मीद लगाई जा रही है। मेट्रो प्रॉजेक्ट की कुल लागत 736 करोड़ के करीब है। इसमें से 93 करोड़ की भरपाई डीएमआरसी करेगी। 32 करोड़ लैंड कास्ट के रूप में हैं। बाकी 611 करोड़ की 85 फीसदी कॉस्ट नोएडा ऑथॉरिटी ने वहन की है। 15 फीसदी कॉस्ट केंद्र सरकार वहन करेगी। नोएडा- द्वारका रूट मेट्रो एक नजर में कुल दूरी- 47।4 किलोमीटर कुल स्टेशन- 42 नोएडा ट्रैक की दूरी- 8 किलोमीटर कुल लागत- 736 करोड़
Friday, November 6, 2009
शताब्दी एक्सप्रेस को शुक्रवार सुबह लुधियाना स्टेशन पर रोक दिया
े लिए न्याय की मांग कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर-नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस को रोक दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार लगभग 600 प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर से आ रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस को शुक्रवार सुबह लुधियाना स्टेशन पर रोक दिया। प्रदर्शनकारी सिख दंगों के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग कर रहे थे। गौरतलब है कि 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की उनके दो सिख सुरक्षाकर्मियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद देश भर में सिख दंगे भड़क उठे थे।
Tuesday, November 3, 2009
गांधीधाम-बेंगलुरु एक्सप्रेस की 12 बोगियां पटरी उतर गईं।
Sunday, November 1, 2009
दिसंबर में इस नए रेल टर्मिनल को चालू कर दिया जाएगा।
जयपुर-सवाई माधोपुर मार्ग पर ट्रेनों का संचालन अगले आदेश तक रोक दिया है।
Wednesday, October 21, 2009
ऐसा कहना है हादसे के वक्त मेवाड़ एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे पैसिंजर भगवान का।
'हमारी ट्रेन मथुरा स्टेशन से निकलकर कुछ ही दूर चली थी कि अचानक उसके पहियों की गति थम गई। ट्रेन रुकने के 5 मिनट बाद ऐसा लगा कि पीछे से ट्रेन में धक्का लगा है। कुछ ही सेकंड बाद जोर का झटका महसूस हुआ। जब होश आया, तो देखा हर तरफ चीख-पुकार मची हुई थी।' ऐसा कहना है हादसे के वक्त मेवाड़ एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे पैसिंजर भगवान का। हादसे के मंजर को याद करते हुए उन्होंने आपबीती कुछ इस तरह बयां की। 'एक पल के लिए कुछ समझ में नहीं आया। जब ट्रेन से बाहर निकला, तो देखा कि लेडीज बोगी के परखचे उड़ गए हैं। उसमें मेरी बहन और उसके दोनों बच्चे बैठे थे। भीड़ ने बोगी को घेर रखा था और खिड़कियां काट-काटकर लोगों को बाहर निकाल रहे थे। बहन और उसके बच्चों का ख्याल आते ही कुछ पल के लिए मेरी सांसें अटक गईं। अपने आप को संभाला, तो ऐसा लगा कि हाथ-पैरों में जान ही नहीं बची है। मैं कांपने लगा...।' भगवान ने बताया, मेरी बहन बन्नास, अपने 7 साल के बेटे अभिषेक और 5 साल की बेटी सोनम के साथ भाईदूज मनाने राजस्थान में करौली स्थित मेरे घर आई थी। मंगलवार को मैं उन्हें दिल्ली पहुंचाने आ रहा था। हम लोग श्री महावीर स्टेशन से ट्रेन पर चढ़े थे। बहन और बच्चे लेडीज बोगी में बैठे और मैं पांचवीं बोगी में बैठा था। भगवान के जीजा और दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल मुकेश ने बताया कि मेरे पास सुबह 6 बजे फोन आया कि ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। एम्स में काम करने वाले अपने एक दोस्त की सलाह पर किराए की गाड़ी लेकर मैं तुरंत मथुरा के लिए निकल गया। वहां जाकर देखा तो पत्नी और दोनों बच्चे घायल थे और उन्हें फर्स्ट एड दी गई थी। वहां से लाकर मैंने उन्हें एम्स में भर्ती कराया। तीनों घायलों का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि बन्नास और अभिषेक को सिर में चोट आई है और उनके पैरों का मांस बुरी तरह फट गया है। उसमें कंकड़ घुस गए हैं, जिन्हें साफ करना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके बाद ही इन्फेक्शन के लेवल का पता लगेगा। दोनों का सीटी स्कैन किया गया है, बाकी टेस्ट भी किए जा रहे हैं। सोनम के लोअर लिंब में फ्रैक्चर का अंदेशा है। हालांकि तीनों को होश आ गया है पर हादसे ने उन्हें बदहवास कर दिया है और चोट के कारण तो वे बोलने की हालत में भी नहीं हैं। मुकेश का कहना है कि एम्स पहुंचने के बाद जब बन्नास को होश आया, तो उसी से मुझे पता लगा कि बोगी में सामने वाली सीटों पर भी दिल्ली पुलिस के ही किसी जवान का परिवार बैठा था और हादसे में सबकी जान चली गई है।
Saturday, October 17, 2009
परोक्ष रूप से हजारों करोड़ रुपये का फायदा
भले ही रोजाना 8.5 लाख पैसिंजर ही दिल्ली मेट्रो का फायदा उठा पाते हों लेकिन दिल्ली शहर को मेट्रो के आने से परोक्ष रूप से हजारों करोड़ रुपये का फायदा हो रहा है। मेट्रो का दावा है कि अगर ईंधन लागत, वाहनों की तादाद, हादसों, प्रदूषण, सड़क पर आने वाला खर्च और रोड ट्रैफिक जाम में बर्बाद होने वाले वक्त को अगर रकम में बदला जाए तो 2011 तक दिल्ली शहर को मेट्रो के फेज एक की लागत के बराबर का फायदा हो चुका होगा। दिल्ली मेट्रो ने यह दावा केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) की स्टडी रिपोर्ट के आधार पर किया है। इस तरह की पहली स्टडी 2007 में की गई थी जबकि दूसरी स्टडी इस साल की गई है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्परेशन के डायरेक्टर (वर्क्स) मंगू सिंह ने बताया कि यह स्टडी इस साल जनवरी से लेकर जुलाई के बीच की गई थी। इस स्टडी के लिए सीआरआरआई के विशेषज्ञ ने 10 हजार ऐसे लोगों से बातचीत की, जो मेट्रो में सफर करते हैं। उसके बाद ही पैसिंजर पैटर्न का अनुमान लगाकर पूरे प्रोजेक्ट और उससे होने वाले फायदे के बारे में वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण किया गया। उसके बाद ही ये नतीजे सामने आए हैं। दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि 2007 में जो स्टडी की गई थी, उसमें कहा गया था कि पहले फेज की लागत 2013 तक वसूल हो जाएगी लेकिन अब यह 2011 में ही हो जाएगी। इसकी वजह यह है कि जब पहली स्टडी हुई थी, तब मेट्रो में सिर्फ पांच लाख पैसिंजर प्रतिदिन सफर करते थे लेकिन दूसरी स्टडी के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर 8.5 लाख पैसिंजर प्रतिदिन हो गया है। इस स्टडी में कहा गया है कि जिन लोगों के कार्यालय और घर के बीच या फिर कार्यस्थलों के बीच मेट्रो का विकल्प है, वहां ज्यादातर लोगों ने मेट्रो को ही अपनाया है। 2007 में ऐसे दुपहिया वाहन मालिकों में से महज 32.81 फीसदी लोगों ने ही मेट्रो में सफर शुरू किया था लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 66.3 फीसदी हो गई है। इस अध्ययन के आधार पर सीआरआरआई ने कहा है कि मेट्रो में सफर करने वालों में से 24.8 फीसदी पैसिंजर ऐसे हैं, जिनके पास दोपहिया वाहन हैं जबकि 18.11 फीसदी के पास कार है।
मेट्रो लाइन के निर्माण के साथ ही साफ सफाई पर भी ध्यान
मौजूदा ट्रेनों की हूबहू नकल के तौर पर टॉय ट्रेनें
लोग अब दिल्ली मेट्रो को अपने घर भी ले जा सकेंगे। हालांकि, इस ट्रेन में वे सफर नहीं कर सकेंगे। दिल्ली मेट्रो ने अपनी मौजूदा ट्रेनों की हूबहू नकल के तौर पर टॉय ट्रेनें तैयार कराई हैं। बच्चों के लिए यह ट्रेन काफी मजेदार होगी। इन ट्रेनों को दिल्ली मेट्रो के पटेल चौक स्टेशन पर स्थित म्यूजियम से खरीद सकता है। दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता ने बताया कि मेट्रो की टॉय ट्रेन बिल्कुल वैसे ही है, जैसे असली ट्रेनें हैं। यह टॉय ट्रेन दो मॉडलों में उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें से एक मॉडल तो ऐसा है, जिसमें यह ट्रेन मूव करती है लेकिन दूसरी में यह सुविधा नहीं है। इन टॉय ट्रेनों की कीमत 105 और 95 रुपये रखी गई है। इस ट्रेन के कवर बॉक्स के ऊपर मेट्रो के बारे में कई रोचक जानकारियां दी गई हैं। पटेल चौक स्थित मेट्रो स्टेशन पर बने म्यूजियम की दुकान से ये ट्रेनें सोमवार को छोड़कर बाकी दिनों में सुबह 10 से 5 बजे के बीच खरीदी जा सकती हैं।
Wednesday, October 14, 2009
ममता की हत्या की साजिश किसने रची, इसका पता लगाया जाना चाहिये
रेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने कहा है कि उनकी हत्या की साजिश रची गई थी। उन्होंने कहा कि बुधवार सुबह एक कार में सवार तीन लोगों ने उन्हें मारने की कोशिश की। ममता ने कहा कि कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में प्रेस का स्टिकर लगी कार में सवार तीनों लोग उनके काफिले में घुस गए और उनकी गाड़ी के पास पहुंचने का प्रयास किया। तीनों में से दो के पास कैमरा था। उन्होंने कहा, 'सड़क पर कोई लाइट नहीं थी। सफेद रंग की एक कार मेरी कार के पीछे आ गई। इस कार ने मेरी कार को धक्का मारने की कोशिश की। हमने इसे टालने का प्रयास किया और अपना रास्ता बदल लिया। इसके बाद यह कार फिर वापस आ गई।' तृणमूल प्रमुख ने कहा, 'ऐसा चार से पांच बार हुआ। हमारे काफिले के साथ चल रहे पुलिसकर्मियों ने उन्हें रुकने के लिए कहा लेकिन कार नहीं रुकी। मैंने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे फायरिंग न करें।' इस संबंध में पश्चिम बंगाल के आईजी (कानून-व्यवस्था) सुरजीत पुरकायस्थ ने बताया, 'हमें इस बारे में शिकायत मिली है। पहली नजर में ऐसा लगता है कि यह एक प्रेस से जुड़ी कार थी। इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।'
आगरा-लखनऊ के बीच रोजाना सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन
पहली नवंबर से आगरा-लखनऊ के बीच रोजाना सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन दौड़ने लगेगी। इस ट्रेन को सुपरफास्ट का दर्जा नहीं दिया गया है, मगर इसकी गति सुपरफास्ट जैसी ही होगी। महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ही इसका ठहराव रखा गया है। एनसीआर विशेषकर आगरा-मथुरा से लखनऊ जाने के लिए सुबह के वक्त चलने वाली इंटरसिटी से लोगों को काफी सुविधा होगी। इसमें प्रारंभिक तौर पर 18 कोच लगाए गए हैं। रेलवे विभाग के अधिकारी के अनुसार इनमें दो एसी कोच होंगे, जिससे आगरा-लखनऊ के बीच सफर करने वाले लोग अपनी बर्थ रिजर्व करा सकेंगे। इंटरसिटी आगरा कैंट, टूंडला, फिरोजाबाद, इटावा, कानपुर, उन्नाव रुकते हुए लखनऊ आएगी। लखनऊ से यह ट्रेन दोपहर 3.45 बजे चलेगी और रात 9.30 बजे आगरा कैंट पहुंचेगी।
Friday, October 9, 2009
ट्रक अंबाला कैंट के पास रेलवे ओवरब्रिज पर गुरुवार को पलट गया।
दिल्ली से नमक की बोरियां ले जा रहा ट्रक अंबाला कैंट के पास रेलवे ओवरब्रिज पर गुरुवार को पलट गया। पहले तो यह ट्रक पुल के साथ रेलिंग से टकराया और आधा रेलिंग पर और आधा हवा में लटक गया, जिससे ट्रक में रखी नमक की कुछ बोरियां पुल के नीचे रेलवे की हाई वोल्टेज तारों पर गिरीं, जिससे रेल यातायात करीब सात घंटे तक बाधित रहा। इससे अंबाला से दिल्ली और सहारनपुर जाने वाली एक दर्जन रेलगाड़ियां कई घंटे लेट हो गईं। जानकारी के अनुसार दिल्ली से एक ट्रक नमक की बोरियां लेकर पंचकूला जिले में बरवाला जा रहा था। अंबाला कैंट बस स्टैंड के पास रेलवे ओवरब्रिज पर जब ट्रक ड्राइवर गुरदेव सिंह ने दूसरे ट्रक को ओवर टेक करने की कोशिश की तो उसका ट्रक अनियंत्रित होकर रेलिंग से जा टकराया। रेलिंग से टकराने के बाद ट्रक आधा हवा में व आधा रेलिंग पर लटक गया। इससे कुछ नमक की बोरियां हाई वोल्टेज तारों पर गिरीं। घटना के बाद रेलवे ने सूचना मिलने पर अंबाला कैंट से दिल्ली और सहारनपुर जाने वाली सभी रेलगाड़ियों को स्टेशन पर ही रोक दिया।
आम्रपालि (अमृतसर-कटिहार) एक्सप्रेस का इंजन और छह बोगी पटरी से उतर गए।
बिहार के खगड़िया जिले में पसराहा स्टेशन के पास आम्रपालि (अमृतसर-कटिहार) एक्सप्रेस का इंजन और छह बोगी पटरी से उतर गए। इससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए। घायलों में एक की हालत गंभीर है। मृतक के परिजन को 15,000 और गंभीर रूप से घायल एक महिला को 5,000 रुपये की अनुग्रह राशि दी गई है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के सूत्रों ने बताया कि पसराहा स्टेशन के पास एक जगह रेल पटरी के किनारे पानी जमा हो जाने के कारण गड्ढा बन गया था। इस वजह से ही यह दुर्घटना हुई। बुधवार रात लगभग पौने बारह बजे यह हादसा हुआ। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के चीफ पीआरओ दिलीप कुमार ने बताया कि इस हादसे में मारे गए व्यक्ति की पहचान पूरन सिंह (22) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त इस घटना की जांच करेंगे।
Tuesday, October 6, 2009
अपनी भाषा में रेलवे परीक्षाः स्वागत
रेल मंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि पूरे देश में अभ्यर्थी अब अपनी अपनी मातृभाषा में रेलवे भर्ती बोर्ड के एग्जाम दे सकेंगे। ममता ने कहा कि उत्तर बंगाल में युवाओं को एग्जाम देने में सुविधा देने करने के लिहाज से यहां रेलवे भर्ती बोर्ड का नया केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह देश का 21वां रेलवे भर्ती बोर्ड केंद्र होगा और कुछ ही महीनों के भीतर काम करना शुरू कर देगा। उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल के युवाओं को रेलवे भर्ती परीक्षाओं में बैठना आसान होगा और हर राज्य के लोगों को अपनी अपनी मातृभाषाओं में जवाब लिखने की अनुमति होगी। उन्होंने यहां न्यू जलपाईगुड़ी-दिगा पहाड़िया एक्सप्रेस साप्ताहिक ट्रेन को हरी दिखाने के दौरान यह घोषणा की।
Sunday, October 4, 2009
वड़ोदरा के नजदीक ट्रेन में अचानक गोली चली।
शनिवार देर रात गोरखपुर से मुंबई जानेवाली अवध एक्सप्रेस फुल स्पीड से अपने डेस्टीनेशन की तरफ बढ़ रही थी। तभी वड़ोदरा के नजदीक ट्रेन में अचानक गोली चली। इस गोलीबारी में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। दरअसल, वड़ोदरा के नजदीक अवध एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में रात 11.30 बजे पेंट्री के कर्मचारी और एक यात्री के बीच पैसे की अदायगी को लेकर विवाद हो गया, जिसके बाद यात्री ने गोली चला दी। यात्री ने कर्मचारी को निशाना बनाकर गोली चलाई लेकिन गोली एक अन्य यात्री को लग गई। गोलीबारी में एक यात्री घायल भी हो गया। घायल यात्री की पहचान मोनू बाबूराम यादव के रूप में हुई है। यादव को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। गोलीबारी में मारे गए यात्री की पहचान बीरेन बहादुर सिंह के रूप में हुई है। गोलीबारी की घटना के बाद गोली चलाने वाला यात्री फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
दिल्ली मेट्रो में होने वाले हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे।
दिल्ली मेट्रो में होने वाले हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे। तमाम सावधानियों के बावजूद शनिवार को एक और हादसा हुआ। इस हादसे में 12 मजदूर घायल हो गए। निर्माणाधीन दिल्ली मेट्रो के सैदुल्ला जाब में दो क्रेनों के पलटने से 12 मजदूर घायल हो गए। इस हादसे में 2 मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। दूसरी तरफ मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि यह एक मामूली दुर्घटना है। यह घटना निर्माणाधीन गुड़गांव-केंद्रीय सचिवालय रुट की है। हादसे के बाद मेट्रो के अधिकारी राहत और बचाव कार्य में लग गए हैं।
Thursday, September 24, 2009
आनंद विहार मेट्रो लाइन भी दिसंबर में शुरू हो जाएगी।
Tuesday, September 22, 2009
एक वंशज, अली अकबर आदमजी पीरभॉय ने बताया कि इस रेल नेटवर्क को हमारे परिवार ने 102 साल पहले बनवाया था।
सौ साल पुराना नेराल-माथेरान रेलवे नेटवर्क विवादों में है। जहां इसके हेरिटेज स्टेटस के लिए यूनेस्को विचार कर रहा है, वहीं इस रेल नेटवर्क के संस्थापक के वंशजों ने सरकार से रॉयल्टी मांगी है। माथेरान रेलवे के संस्थापक अब्दुल हुसैन आदमजी पीरभॉय के वंशजों ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करके सरकार से 90 करोड़ रुपये की रॉयल्टी मांगी है। एक वंशज, अली अकबर आदमजी पीरभॉय ने बताया कि इस रेल नेटवर्क को हमारे परिवार ने 102 साल पहले बनवाया था। इसके लिए तत्कालीन ब्रिटिश गवर्नमेंट से मंजूरी ली गई। तब कुल 16 लाख रुपये की लागत से नेटवर्क का निर्माण हुआ। भारत सरकार ने 1951 में इस नेटवर्क को अक्वॉयर कर लिया। वंशज अकबर का आरोप है कि अधिग्रहण के एवज में पीरभोय परिवार को मुआवजा देने के लिए जताई गई प्रतिबद्धता का सरकार ने सम्मान नहीं किया। अब अकबर ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करके अपने और पीरभोय परिवार के कानूनी उत्तराधिकारियों के लिए इस नेटवर्क की रॉयल्टी मांगी है, जो 90 करोड़ रुपये से अधिक होगी। याचिकाकर्ता की दलील है कि 1904 में ब्रिटिश प्रशासन ने माथेरान ट्रॉमवे ऑर्डर जारी किया था, जिसके नेटवर्क का कानूनी अधिकार अब्दुल हुसैन आदमजी पीरभॉय के परिवार के पास था। इस आदेश में कहा गया था कि अगर सरकार यह नेटवर्क खरीदना चाहती है तो उसे इसके स्वामी को छह महीने का नोटिस देना होगा। जबकि इस प्रावधान का पालन नहीं किया गया। आदेश के 44वें क्लॉज में कहा गया था कि रेल नेटवर्क का परचेज प्राइस इसके द्वारा गत तीन वर्ष में अर्जित किए गए औसतन राजस्व का 25 गुना होगा। यह राशि खरीद की तारीख के तुरंत बाद दे दी जानी चाहिए। भुगतान न करने पर तीन फीसदी सालाना ब्याज की बात भी थी। लेकिन इनमें से किसी भी प्रावधान का पालन नहीं किया गया। सरकार की दलील है कि रेलवे की खरीद के लिए क्रेता और विक्रेता, दोनों पक्षों के बीच हुआ अनुबंध 1951 में सेल डीड के जरिए वापस ले लिया गया था। बहरहाल, पीरभॉय के वंशजों ने इस सेलडीड के बारे में कहा है कि उसमें क्रेता और विक्रेता के दस्तखत नहीं हैं। यह भी नहीं लिखा कि भुगतान चेक से हो या कैश। सरकार नेराल-माथेरान रेल नेटवर्क के अमन लॉज रेलवे स्टेशन से माथेरान के लिए मिनी ट्रेन की शटल सेवा शुरू करने वाली है। याचिकाकर्ता ने इसे भी चुनौती दी है और कहा है कि जब तक पीरभॉय परिवार को मुआवजा नहीं मिल जाता, यह सेवा शुरू नहीं की जा सकती। अली अकबर की याचिका को बॉम्बे हाई कोर्ट ने विचार के लिए स्वीकार कर लिया है। माथेरान मुंबई के नजदीक एक हिल स्टेशन है और और अपनी ट्रेन की सवारी के लिए पर्यटकों के दिलों में खास स्थान रखता है।
रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स जल्द ही एके 47 ऑटोमैटिक राइफल से लैस होने जा रहे हैं।
बरेली में आर पी एफ जवान को भारी चोटें
Sunday, September 20, 2009
नई ट्रेन सबसे पहले केंद्रीय सचिवालय-जहांगीरपुरी ट्रैक पर चलने की उम्मीद
मेट्रो ट्रेनों की नई खेप तैयार है और यह पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट होकर आई है। इसे कमिश्नर रेलवे सेफ्टी की मंजूरी मिलने के बाद अब ट्रैक पर लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि अगले महीने के शुरू में पैसिंजरों को इस ट्रेन में सफर करने का मौका मिलेगा। नई ट्रेन सबसे पहले केंद्रीय सचिवालय-जहांगीरपुरी ट्रैक पर चलने की उम्मीद है। इस ट्रेन के सारे सिस्टम की जांच पूरी करके ट्रायल चल रहा है। ऐसी 13 नई ट्रेनें मेट्रो को मिल चुकी है। न सिर्फ मेट्रो ने इसमें अपना रंग-रूप बदला है, बल्कि मौजूदा ट्रेनों से कुछ अलग हटकर इनमें ढेरों उपयोगी फीचर भी जोड़े हैं। आइए एक नजर डालें - डिजिटल मैप दिखाएगा लोकेशन नई ट्रेन के अंदर गेट के ऊपर पूरे रूट के स्टेशनों का साधारण मैप हटा दिया जाएगा। उसकी जगह डिजिटल मैप लगाया गया है। यानी जो भी स्टेशन आएगा, उस स्टेशन के नाम के आगे लगी बत्ती जल उठेगी। इससे पैसिंजर समझ सकेंगे कि किस स्टेशन पर ट्रेन रुकी है। इसके बाद जब ट्रेन आगे बढ़ेगी तो अगले स्टेशन की लाइट जलेगी। ट्रेन में मोबाइल फोन चार्ज करने की सुविधा भी जोड़ी जा रही है। हर कोच में चार कैमरे : सुरक्षा की वजह से नई ट्रेनों के हर कोच में चार कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे पूरे कोच के हर एंगल को कवर करेंगे। यही नहीं, इन कैमरों की रिकॉर्डिंग 8 घंटे तक सुरक्षित रहेगी यानी एक फुटेज को आठ घंटे के अंदर कभी भी देखा जा सकेगा। ये कैमरे सुरक्षा की दृष्टि से लगाए गए हैं। ट्रेन में असामाजिक तत्वों को गड़बड़ फैलाने से रोकने में ये कैमरे अहम रोल निभा सकेंगे। ड्राइवर के कैमरे : पूरी ट्रेन पर एकसाथ नजर रखने के लिए ड्राइवर के कैबिन में रियर व्यू कैमरे लगाए गए हैं। बाहर की तरफ लगे इन कैमरों को मॉनिटर करने के लिए कैबिन में दो स्क्रीन लगे हैं। इनसे ड्राइवर बैठे-बैठे सभी चार कोचों के गेट को चेक कर सकेगा कि क्या सभी पैसिंजर ट्रेन में सवार हो पाए या कहीं कोई गेट पर फंस तो नहीं गया। एक शख्स का हाथ इसी तरह पहले फंस चुका है। हीटर भी होगा : मौजूदा ट्रेनों में एयरकंडीशन तो है लेकिन सदिर्यों के मौसम के लिए हीटर नहीं हैं। सिर्फ फ्रेश एयर की व्यवस्था है। नई ट्रेनों में हीटर भी होगा और बारिश के दिनों में ह्यूमिडिटी कंट्रोल करने का सिस्टम भी लगाया जाएगा। इस तरह से गर्मी ही नहीं सर्दी और बारिश में भी मेट्रो ट्रेनें राहत देंगी।
Tuesday, September 15, 2009
दिल्ली - पलवल रेल मार्ग पर चल रही लेडीज स्पेशल का टाइम टेबल सोमवार से बदल गया।
दिल्ली - पलवल रेल मार्ग पर चल रही लेडीज स्पेशल का टाइम टेबल सोमवार से बदल गया। इससे महिला यात्री काफी उत्साहित भी है। हालांकि नए समय पर चलने पर भी लेडीज स्पेशल में अधिक भीड़ नजर नहीं आई। लेडीज स्पेशल का समय डेढ़ महीने में तीन बार बदला गया है। सोमवार को यह ट्रेन अपने तय समय 8.53 बजे फरीदाबाद स्टेशन पर पहुंची। इस ट्रेन में फिलहाल दो डिब्बों की सवारियां भी नहीं चल रही हैं। इनमें से आधा स्टाफ रेलवे का है, जो इस ट्रेन की चेकिंग और सुरक्षा के लिए लगाया गया है। दिल्ली-पलवल दैनिक यात्री संघ की अध्यक्ष विजय लक्ष्मी कौशिक का कहना है कि ट्रेन के नए समय के बारे में अधिकांश महिला यात्रियों को जानकारी नहीं थी। इस वजह से पहले दिन इसमें भीड़ नहीं रही। लेकिन मंगलवार से ट्रेनों में भीड़ रहेगी। उनका कहना है कि महिला यात्रियों से उनकी बातचीत हो चुकी है और सभी ने इसी समय पर रजामंदी जाहिर की थी। इसके बाद ही ट्रेन के समय में यह बदलाव कराया गया है।
कर्मचारियों ने मंगलवार को भूख हड़ताल का ऐलान किया
Sunday, September 13, 2009
उत्तर पश्चिम रेलवे के पूर्व महाप्रबंधक अशोक गुप्ता के खिलाफ सीबीआई ने छापे मारे
सीबीआई ने उत्तर पश्चिम रेलवे के पूर्व महाप्रबंधक अशोक गुप्ता के खिलाफ आय से अधिक सम्पति का मामला दर्ज कर छापा मारा था। प्रवक्ता के अनुसार सीबीआई गुप्ता के तीन बैंक लाकर की तलाशी में जुटी है। उन्होंने गुप्ता की फिलहाल गिरफ्तारी से इंकार करते हुए कहा, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है, उनसे पूछताछ की जा रही है।
सीबीआई ने 31 अगस्त को सेवानिवृत हुए उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अशोक गुप्ता के दिल्ली और
गुडगांव के ठिकानों पर शुक्रवार रात मारे गए छापे में करोड़ों रुपये के निवेश के कागजात, एक करोड़ से अधिक की नकदी और लाखों रुपये के आभूषण बरामद किये हैं। सीबीआई ने शनिवार को अशोक गुप्ता के तीन और लॉकरों का पता लगाया। सीबीआई गुप्ता से बेनामी सम्पति के बारे में पूछताछ कर रही है। सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि छापे में बैंक के करीब 18 खातों में जमा एक करोड़ 36 लाख रुपये की नकदी, 12 लाख से अधिक की एफडी, लाखों रुपये के शेयर, 14 लाख रुपये से ज्यादा के गहने और दिल्ली के पालम इलाके में करोड़ो रूपये की लागत से बनाये गये मकान और कुछ अन्य प्लॉटों के कागजात जब्त किये गये हैं।
मेट्रो में एक के बाद एक गड़बडि़यों का सिलसिला जारी
मेट्रो में एक के बाद एक गड़बडि़यों का सिलसिला जारी है। रविवार को यमुना बैंक-द्वारका रूट पर सुबह इंद्रप्रस्थ स्टेशन से पहले मेट्रो का एक कोच पटरी से उतर गया। इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है लेकिन इस रूट पर मेट्रे की सेवा बाधित हो गई है। इस दुर्घटना के दिल्ली मेट्रो ने विभागीय जांच का आदेश देने के साथ ही जूनियर इंजीनियर, ट्रैक को सस्पेंड कर दिया गया है। पटरी साफ किए जाने तक मेट्रो यमुना बैंक के बजाय द्वारका के लिए इंद्रप्रस्थ से चलाई जा रही हैं। मेट्रो की सुरक्षा एवं संरक्षा में खामी की एक महीने में यह चौथी घटना है। जानकारी के मुताबिक सुबह 6 बजे यमुना बैंक से खुलने के 100 मीटर बाद ही मेट्रो का एक कोच पटरी से उतर गया। इसके बाद से ही फिलहाल यमुना बैंक स्टेशन से मेट्रो की सेवा बंद कर दी गई है और यात्रियों से अपील की जा रही है कि वे इंद्रप्रस्थ स्टेशन से मेट्रो पकड़े। यमुना स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को फीडर बसो के द्वारा भी इंद्रप्रस्थ स्टेशन पहुंचाया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि दोपहर 12 बजे के बाद यमुना बैंक से मेट्रे सेवा शुरू हो जाएगी। इससे पहले शनिवार को केंद्रीय सचिवालय-जहांगीरपुरी रूट पर मेट्रो के ब्रेक फेल हो गए थे। इससे भयानक हादसा होते-होते टल गया था। राजीव चौक स्टेशन पर ब्रेक फेल होने के बाद ऑपरेटर ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगा हादसे को टाला। इसके कारण करीब आधे घंटे तक इस रूट पर मेट्रो की सेवा बाधित रही। घटना के कारणों की जांच के लिए विभागीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है।
Thursday, September 10, 2009
रेलवे मंत्रालय भी गृह मंत्रालय की तर्ज पर अपने कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली स्थापित करने जा रहा है।
रेलवे मंत्रालय भी गृह मंत्रालय की तर्ज पर अपने कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली स्थापित करने जा रहा है। पहले चरण में रेलवे को प्रमुख दफ्तरों एवं अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में यह प्रणाली स्थापित की जाएगी। भविष्य में सभी रेलवे मंडलों में भी इसे स्थापित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली की शुरुआत की थी। इस प्रणाली में मशीन अंगूठे या चेहरे से व्यक्ति की पहचान कर लेती है। उसे रजिस्टर पर हाजिरी लगाने की जरूरत नहीं रहती। रेलवे के एक बड़े अधिकारी के अनुसार इस प्रणाली की शुरुआत के लिए 4 करोड़ 40 लाख की राशि स्वीकृति की गई है। इस राशि के रेल भवन सहित मुख्य रेलवे कार्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली स्थापित की जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य रेलवे के रिजर्वेशन व अन्य प्रमुख तकनीकी दफ्तरों को पूरी तरह महफूज करना है। इस प्रणाली के बाद कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति इन केंद्रों में प्रवेश नहीं कर सकेगा। उक्त अधिकारी के मुताबिक अभी जिस तरह का खतरा सामने आ रहा है उसे देखते हुए ऐसा किया जाना जरूरी हो गया है। रेलवे के सभी जोन के महाप्रबंधकों से कहा गया है कि अपने क्षेत्र के उन सभी प्रमुख कार्यालयों व संस्थानों की पहचान करें जहां बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली स्थापित की जानी है।
Tuesday, September 8, 2009
मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे जीआरपी ने तीन ऐसे गिरोहों का भंडाफोड़ किया
मेट्रो ट्रेन के सिग्नल केबल चोरी
Thursday, September 3, 2009
रेल पटरी को ही ऑपरेशन थिएटर बनाना पड़ गया।
Tuesday, September 1, 2009
गुस्साए यात्रियों ने नालासोपारा स्टेशन पर जमकर हंगामा किया।
लाश एक कपड़े के बैग में रखी थी।
Monday, August 31, 2009
मेट्रो निर्माण स्थलों पर कर्मचारियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
लोकट ट्रेन सर्विस सुबह 8 बजे ठप
Saturday, August 29, 2009
भूमिगत खान में लगभग 6 महीने से लगी आग से अब रेलमार्गों को खतरा
श्रमजीवी एक्सप्रेस के डिब्बों में उग्र भीड़ द्वारा आगजनी के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार
Tuesday, August 25, 2009
साहिबाबाद और गाजियाबाद रेलवे स्टेशनों को और सुविधाओं से लैस करने
कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले 2रेलवे स्टेशनों की तस्वीर बदलने वाली है। साहिबाबाद और गाजियाबाद रेलवे स्टेशनों को और सुविधाओं से लैस करने की तैयारी हो चुकी है। यहां सुरक्षा के खास बंदोबस्त किए जाएंगे। इन स्टेशनों पर क्लोज सकिर्ट कैमरों का जाल बिछाया जाएगा। प्लैटफॉर्म को भी नए अंदाज में संवारा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन को भी नया बनाया जा रहा है। इसके चालू होने के साथ ही गाजियाबाद और साहिबाबाद स्टेशन भी अपनी पूरी रंगत में होंगे। स्पेशल फोर्स और हाइटेक सिक्यूरिटी स्टेशनों पर सुरक्षा के हाइटेक इंतजाम कि ए जाएंगे। रेलवे प्रशासन इसके लिए नया ब्लू प्रिंट तैयार करने में जुटा है। इसके साथ ही कई पॉइंट्स पर क्लोज सर्किट कैमरे लगाए जाने की प्लानिंग है जिससे चप्पे चप्पे पर कड़ी नजर रखी जा सके। फिलहाल रेलवे स्टेशन के 1, 2, 3 और 4 नंबर प्लैटफॉर्म और कुल मिलाकर 18 पॉइंट्स पर ऐसे कैमरे लगे हैं। तुरंत एक्शन के लिए जीआरपी और आरपीएफ के साथ स्पेशल फोर्स की यूनिट भी तैनात रहेगी। रेलवे सूत्रों के मुताबिक गेम्स के दौरान इन स्टेशनों पर अस्थायी तौर पर कई लांग रूट की ट्रेनें भी रुका करेंगी। स्टेशनों को जोड़ेंगे नए ट्रैक साहिबाबाद रेलवे स्टेशन को आनंद विहार रेलवे स्टेशन से जोड़ने के लिए 2 नए ट्रैक तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर 5 और 6 को भी रिनोेवेट करके नया रुप दिया गया है। साथ ही मुसाफिरों को मिलने वाली सुविधाओं को और बढ़ाया जा रहा है। ट्रैफिक लोड के बढ़ने की संभावना के चलते गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर पहले ही तैयारी शुरू हो चुकी है। रेलवे स्टेशन पर प्लैटफॉर्म नंबर 1,2, 3 और 4 ज्यादा बिजी होंगे। खास ट्रेनों के लिए बनेंगे स्टॉप कई खास ट्रेनों के लिए इन स्टेशनों पर नए स्टॉप बनाए जाने पर भी विचार चल रहा है। इससे यात्रियों को सहूलियत होगी और इन्हें ट्रेन लेने के लिए दूसरे स्टेशन पर नहीं जाना पड़ेगा। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दूसरे स्टेशनों का लोड भी कम हो पाएगा।
दिल्ली-एनसीआर के लिए मेट्रो के एलिवेटेड ट्रैक का डिजाइन ठीक नहीं
Sunday, August 23, 2009
रेलवे के मुताबिक ओवरब्रिज बनाने में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
Thursday, August 20, 2009
वैशाली के सेक्टर-4 में डीएमआरसी ने बुधवार को हवन के बाद मेट्रो स्टेशन बनाने का काम शुरू कर दिया।
Wednesday, August 19, 2009
हादसे में पांच यात्री घायल हुए
Tuesday, August 18, 2009
चार एसी बोगियों के शीशे तोड़ दिए और उनमें आग लगा दी।
Sunday, August 16, 2009
मैट्रो में अब होने लगे है हादसे
डीएमआरसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल ने बताया कि रविवार शाम 5:19 बजे शास्त्री पार्क से शाहदरा की तरफ जाने वाली ट्रेन के आगे एक शख्स ने छलांग लगा दी। ट्रेन ऑपरेटर ने कच्छा बनियान पहने शख्स को ट्रेन के आगे कूदते हुए देख लिया था, लेकिन ट्रेन की रफ्तार ज्यादा होने के कारण इमर्जन्सी ब्रेक लगाए जाने के बावजूद वह शख्स ट्रेन की चपेट में आ गया। जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे के कारण मेट्रो की एक लाइन पर 20 मिनट तक मेट्रो सेवा प्रभावित रही। हादसे की सूचना मिलते ही मेट्रो पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। सवाल उठ रहा है कि मृतक रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंच गया। क्योंकि स्टेशन के अलावा एंट्री का दूसरा कोई रास्ता नहीं है। स्टेशन के एंट्री गेट पर पर हमेशा सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर भी गार्ड तैनात रहते हैं।
Friday, August 14, 2009
मेट्रो स्टेशनों पर जल्द ही नजारा बदलने वाला है।
दिल्ली मेट्रो ने लगभग आधा दर्जन स्टेशनों पर ये मशीनें लगा भी दी हैं। उम्मीद है कि अगले 15 दिन में इन मशीनों को पैसिंजरों के लिए एक्टिवेट कर दिया जाएगा। इनमें राजीव चौक, बाराखंभा रोड और केंद्रीय सचिवालय स्टेशन भी शामिल हैं। डीएमआरसी के सूत्रों का कहना है कि इन मशीनों को उन स्टेशनों पर ही लगाया जाएगा, जहां भीड़भाड़ ज्यादा रहती है।
मेट्रो की ये टिकिटिंग मशीनें बेहद स्मार्ट होंगी। मशीनों की खासियत होगी कि वे न सिर्फ कटे-फटे नोटों को पहचान कर उन्हें रिजेक्ट कर सकती हैं, बल्कि नोट की कीमत पहचान कर और टिकिट की राशि काटकर बाकी पैसे भी वापस पैसिंजर को दे सकती हैं। किस स्टेशन तक कितना किराया बनता है, यह जानकारी भी स्क्रीन पर आ जाएगी। दरअसल, ट्रायल के तौर पर इस तरह की मशीनों की शुरुआत लगभग दो साल पहले की गई थी। उस वक्त राजीव चौक पर मशीन लगाई गई थी, पर बाद में हटा ली गई। अब दूसरे फेज की लाइनें चालू होने के साथ ही मेट्रो ने फिर से इन मशीनों पर भरोसा जताया है। दिल्ली मेट्रो की सोच है कि अगर भीड़ वाले स्टेशनों पर ये मशीनें लगाई जाती हैं तो इससे टोकन की बिक्री वाले काउंटरों पर कतारें नहीं लगेंगी। वैसे भी, मेट्रो के लिए ये मशीनें काफी फायदेमंद साबित होंगी।
अभी काउंटरों पर टोकन बेचने के लिए कर्मचारी तैनात करने पड़ते हैं। अगर ये मशीनें लगाई जाती हैं, तो कर्मचारियों पर आने वाला खर्च कम होगा। हालांकि मेट्रो पहले ही यह तय कर चुकी है कि अगर ये मशीनें लगाई जाती हैं तो भी काउंटर पर कर्मचारी तैनात रखे जाएंगे, लेकिन ऐसे स्टेशनों पर काउंटरों की तादाद को जरूर कम किया जा सकता है।
कानपुर से चलने वाली कुछ ट्रेन अब इलाहाबाद से शुरू होंगी
In this connection, train number 2951/2952 Shram Shakti Express instead of originating from Kanpur junction would depart from Allahabad at 21:00 hrs. It would arrive at Kanpur railway station at about 23:25 hrs and depart at 23:35 hrs. During the return journey, the train would arrive at Kanpur at about 6:00 am and terminate at Allahabad at about 8:35 hrs.
This arrangement has been made from September 5 to 12 when the train would originate from Allahabad instead of Kanpur.
Similarly, train number 2173/2174 Udyog Nagri Express running between Lokmanya Tilak Terminus and Kanpur would originate from Allahabad railway junction from September 6 to 8. This train would originate from Allahabad junction at about 5:00 hrs and arrive at Kanpur junction at about 8:00 hrs. During the return journey, the train would arrive at Kanpur station at about 14:00 hrs and terminate at Allahabad junction at 16:30 hrs.
However, train number 2943/2944 Udyogkarmi Express running between Valsad and Kanpur has also been extended upto Allahabad. This train would arrive at Kanpur at about 19;20 hours and terminate at Allahabad at 22;25 hrs on September 9. During the return journey, this train would originate from Allahabad railway station on September 11 at about 5:00 pm and reach Kanpur at 7:40 hrs.
It is pertinent to mention that the work of remodelling of Kanpur yard and replacement of Route Relay Interlocking work at Kanpur station would be done from August 25 to September 12. Due to this work, the movement of these above trains have been extended upto Allahabad.
Wednesday, August 12, 2009
रबड़ टायर टेन प्रोजेक्ट में संशोधन
मालूम हो कि डीएलएफ यूनिवर्सल ने दो साल पहले अपने रेजिडेंट के लिए बिना ड्राइवर की रबड़ टायर टेन प्रोजेक्ट का प्लान बनाया था। लेकिन कभी हूडा से मेट्रो लाइन के लिए जमीन न मिलने के कारण, तो कभी कनेक्टिविटी चार्ज पर उपजे गतिरोध के कारण मामला लटका रहा। अब उस प्रतीक्षित गुड़गांव मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण का रास्ता खुल गया है। रबड़ टायर के प्रोजेक्ट में संशोधन कर दिया गया है, जो अपने स्टैंडर्ड गेज पर चलेगी। प्रदूषण रहित, साउंड प्रूफ और कई प्रकार की उच्चकोटि की सुविधाओं से ट्रेन लैस होगी।
6 किमी लंबा और 6 स्टेशन
6.1 किलोमीटर लंबे इस मेट्रो रेल लिंक में सिकंदरपुर, डीएलएफ फेस-2, बिलवेडियर टावर, डीएलएफ फेस-3, गेटवे टावर और मॉल ऑफ इंडिया मिलाकर 6 स्टेशन बनेंगे। प्रत्येक स्टेशन की लंबाई 75 मीटर होगी और मेट्रो की स्पीड 30 किमी प्रति घंटे से लेकर 80 किमी प्रति घंटे होगी। सिकंदरपुर स्टेशन को इस तरह बनाया जाएगा कि गुड़गांव या दिल्ली मेट्रो की सवारी करने वाले पैसेंजर को कोई परेशानी न हो।
2012 तक चालू होने की संभावना
डीएलएफ ग्रुप के वाइस चेयरमैन राजीव सिंह के मुताबिक मेट्रो सर्विस 2012 तक चालू हो जाएगी। गुड़गांव मेट्रो सर्विस में शुरुआती चरण में चार कोच होंगे। हरेक कोच में 300 सवारियों के बैठने की कपैसिटी होगी। बाद में जरूरत के हिसाब से कोच की संख्या बढ़ाई जाएगी। उनके मुताबिक दिल्ली सरकार की अनुमति मिली तो कंपनी का प्लान गुड़गांव मेट्रो को मॉल ऑफ इंडिया से बढ़ाकर आईजीआई एयरपोर्ट तक विस्तारित करना है।
केंद्र को भेजा प्रस्ताव : सीएम
मेट्रो प्रोजेक्ट के शिलान्यास के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि बहादुरगढ़, कुंडली व फरीदाबाद समेत नजफगढ़ को भी इस लिंक से जोड़ने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। 10 जनवरी तक दिल्ली से गुड़गांव तक मेट्रो टेन आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 20 लाख की आबादी वाला गुड़गांव तेजी से विकसित हो रहा है। सरकार ने गुड़गांव के डिवेलपमेंट के लिए मास्टरप्लान 2021 में व्यापक प्लान बनाया है।
पीछे से हुई टक्कर, अभी तक कोई खास कार्रवाई नहीं हुई
पश्चिमी रेलवे के माहिम रेलवे स्टेशन के पास दो लोकल ट्रेनों के बीच रविवार दोपहर टक्कर हो गई। इस में कई यात्री घायल हो गए। घायलों को पास एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बोरिवली जाने वाली ट्रेन माहिम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर रुकी हुई थी। इसी दौरान उसे अंधेरी जाने वाली लोकल ट्रेन ने पीछे टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि यह दुर्घटना सिग्नल फेल होने की वजह से हुई है। एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना की वजह से पश्चिमी रेलवे पर रेल सेवाओं का मार्ग परिवर्तन करके फास्ट ट्रैक पर कर दिया गया है।
Saturday, August 8, 2009
दिल्ली मेट्रो के तीसरे फेज की तैयारियों का रास्ता साफ
Wednesday, August 5, 2009
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के लिए शुरू की गई पहली लेडीज स्पेशल ट्रेन
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के लिए शुरू की गई पहली लेडीज स्पेशल ट्रेन
मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच ग
मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच ग
मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच ग
Sunday, August 2, 2009
रेलवे की घटिया सेवा के कारण रोडवेज का फायदा
लाल नेहरू अर्बन रिवॉलविंग मैनेजमेंट स्कीम) योजना के तहत यूपी को 1500 बसें दी जाएगी। इस प्लान पर केंद सरकार यूपी में करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपया खर्च करेगी। कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले स्कीम लागू होगी। रोडवेज सूत्रों के मुताबिक तीस लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में रोडवेज सिटी बस का इंफ्रा स्ट्रक्चर तैयार करेगा। इन शहरों में मेरठ, मथुरा, आगरा, लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद और वाराणसी शामिल है। इनमें से अभी कुछ शहरों में ही सिटी बसें है, मगर उनका संचालन प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों के हाथों में ही है। प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लेकर तमाम शिकायतें सामने आ रही हैं। केंद्र सरकार की योजना के मुताबिक है इन सभी बडे़ शहरों में सिटी बस का संचालन रोडवेज करेगा। इन बसों के लिए रूट नगर निगम तय करेगी। इनको ज्यादा से ज्यादा 40 किलोमीटर के रूट पर चलाया जा सकता है। इन बसों का संचालन नगर निगम के सुझाए गए रूटों पर होगा। बसों का संचालन यूपी रोडवेज करेगा। बसों के रखरखाव और ऑपरेशन पर नजर रखने के लिए यूपी रोडवेज, नगर निगम और डिवेलपमंट ऑथॉरिटी की एक होगी। सूत्रों का कहना है कि बसों से होने वाली आमदनी और घाटे का जोखिम डिवेलपमंट ऑथॉरिटी उठाएगी। बसों के संचालन में आर्थिक घाटे के कारण आने वाली रुकावटों को दूर करने का प्रबंध भी कर लिया गया है। केंद्र सरकार से सिटी बस के तौर पर मिलने वाली सभी बसें 27 सीटर होगी। बसों का डिजाइन इस तरह से होगा कि वह कम चौड़ी सड़कों से भी गुजर सकेगी।
Friday, July 31, 2009
असामाजिक तत्व समाचार पत्रों के जरिए ब्लेक कर रहें हैं
'Anti-social elements publishing newspapers'
The Chairman of the Press Council of India, Mr. Justice P.B. Sawant, has expressed his concern over the trend towards anti-social elements publishing newspapers and using them for blackmail.
He made the observation at the sitting of the council for the second day on Wednesday and while going into the complaint from an Indian Railway Traffic Service official working in Mumbai, Mr. Goel, against a Hindi journal, Railway Samachar. The official told the council that his efforts to put down ticketless travelling in the suburban and other railway services had evoked the wrath of the newspaper which had used scurrilous language against him. The earnings of the Western Railways had gone up by Rs. 100 crores in the last one year after he took up the drive. The newspaper was being published occasionally.
Mr. Justice Sawant said that the language used by the offending journal was the worst he had come across in his tenure. Even some other newspapers were using such language, and he went on to remark that goondas had come to publish newspapers.
The other complaint the council went into on Wednesday was against the Marathi newspaper, Tarun Bharat published from Belgaum and Sangli in Maharashtra. The complainant, Mr. Barve, a municipal councillor of Sangli, said that he had been targetted, as he had questioned the way the newspaper had published an advertisement issued by the municipality which had only helped a cartel of contractors. He alleged that the newspaper published the advertisement in its Belgaum edition after the last date for responding to the tender invited by the municipality had expired. The newspaper did not put up a defence before the council.
In its two-day sittings, the council decided 79 cases of which 44 were against the authorities for harassment and denial of facilities. The remaining ones were against the newspapers for violation of the norms of journalistic ethics. The majority (24) of the complaints against the authorities pertained to harassment of journalists by the police, the district administration etc., for highlighting the deficiencies and corruption in the administration, and 20 pertained to denial of facilities to journalists. The council censured seven newspapers, warned five and admonished three others. While nine were dismissed for lack of sufficient ground for inquiry or withdrawn, 11 cases were disposed of after issuing directions.
At its sittings, the Council took up complaints from or against newspapers published from Maharashtra, Goa, Tamil Nadu, Kerala, Andhra Pradesh and Karnataka.
On Tuesday, Mr. Justice Sawant had said that on an average, 1,200 complaints were being received by the council every year. While 30 per cent of them were against the authorities, 70 per cent against the newspapers
Thursday, July 30, 2009
यहां-वहां थूकने वाले लोगों की धरपकड़ करते हुए उन से 32700 रुपए दंड स्वरूप वसूले
पश्चिम रेल ने स्टेशनों या रेल संपत्तियों पर यहां-वहां थूकने वाले लोगों की धरपकड़ करते हुए उन से 32700 रुपए दंड स्वरूप वसूले हैं। इतना ही नहीं, रेल प्रशासन ने ऐसे ही आरोपों में 25 लोगों को हवालात में डाल दिया। सूत्रों के मुताबिक भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 145 (बी) के तहत एक जुलाई से 29 जुलाई के दौरान गुटखा, पान आदि खाकर स्टेशनों व अन्य रेल संपत्तियों पर थूकने के आरोप में पश्चिम रेल प्रशासन ने कुल 247 लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की है। इसके अलावा 25 लोगों को जेल भेजा गया, जबकि नौ लोगों को कड़ी चेतावनी दी गई। गौरतलब है कि रेलवे द्वारा रेल संपत्तियों को साफ-सुथरा रखने के लिए स्वच्छता अभियान चलाया है, जिसके तहत यात्रियों से भी रेलवे को सहयोग देने की अपील की जाती रही है।
Monday, July 27, 2009
जनता के मन में पिलर्स के कारण सेफ्टी को लेकर आशंकाएं बरकरार
ने वालों का सोमवार को दिन भर जमावड़ा लगा रहा। इन दरारों के बावजूद डीएमआरसी के इंजीनियर सेक्टर-15 स्टेशन का काम पूरा करने में लगे हुए थे। यहां इन दिनों सीढ़ियां, लिफ्ट व एस्कलेटर लगाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, जनता के मन में पिलर्स के कारण सेफ्टी को लेकर आशंकाएं बरकरार हैं। डीएमआरसी ने पहले 30 जून तक नोएडा में मेट्रो लाने का टारगेट तय किया था। इसके बाद इसे तीन महीने बढ़ाकर सितंबर के अंत तक कर दिया गया था। डीएमआरसी ने 1 अक्टूबर तक मेट्रो चलाने की घोषणा कर दी थी। अक्टूबर को आधार बनाकर नोएडा साइट पर काम करने वाले इंजीनियर व कंपनियां काम कर ही रहीं थी कि डीएमआरसी चीफ ई. श्रीधरन ने इसका टाइम घटाकर अगस्त कर दिया। इंजीनियरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इतने कम समय में ज्यादा काम निपटाने में क्वॉलिटी पर असर पड़ेगा। ज्यादातर स्टेशनों का काम अभी भी पीछे चल रहा है। दिन-रात एक करके टारगेट पूरा करने की कोशिश सही नहीं है। अभी भी हालत यह है कि सेक्टर 16 और 18 के बीच सिक लाइन पर बिजली के खंभे लगाए जा रहे हैं। इस टैक पर एकाध जगह केबिल कंडक्टर लगने बाकी हैं। डीएमआरसी के सभी रूटों पर बनने वाले पिलर्स पर नंबर डाले जा चुके हैं। सिर्फ नोएडा का टैक ही ऐसा है, जहां अभी तक नंबर नहीं पड़े हैं। डीएमआरसी के सूत्रों का कहना है कि अभी तक मेट्रो का सारा काम दिल्ली में ही होता रहा है। पहली बार यह दिल्ली की सीमा पार कर यूपी में एंट्री करेगी। डीएमआरसी अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि यमुना स्टेशन से आगे चल रहे सीरियल नंबर के आधार पर ही नोएडा में एंट्री करने के बाद पिलर पर नंबर दिया जाए या यूपी में एंट्री करने के बाद नए सिरे से नंबर तय किया जाए। जांच रिपोर्ट में जिस पिलर नंबर का हवाला दिया गया है वह यूपी में एंट्री करने के बाद 10वां व 14वां है। नैशनल बोटेनिकल गार्डन स्टेशन में बने 33 केवी सबस्टेशन को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम 31 जुलाई को बिजली से कनेक्ट कर देगा। इस संबंध में सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। निगम के अफसरों ने बताया कि डीएमआरसी चाहे तो 31 जुलाई के बाद इस बिजली को अपनी लाइन के लिए इस्तेमाल कर सकता है। मेट्रो के हर स्टेशन पर बीएसएनएल भी टेलिफोन का एक कनेक्शन लगाने जा रहा है।
Saturday, July 25, 2009
फिक्की महासचिव अमित मित्रा की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक समिति
रेल मंत्री ममता बनर्जी ने फिक्की महासचिव अमित मित्रा की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक समिति गठित की ताकि सार्वजनिक और निजी भागीदारी के जरिये कोष निर्माण की तकनीक विकसित की जा सके और 2020 दृष्टिकोण दस्तावेज तैयार किया जा सके। एक आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया कि इस 16 सदस्यीय समिति से पहली बैठक के 15 दिन बाद से ही सिफारिशें देने को कहा गया है। ममता ने इस महीने की शुरुआत में रेल बजट भाषण में इस समिति के गठन की घोषणा की थी। इस समिति से दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे के लिये व्यापारिक प्रारूप विकसित करने के बारे में विशेष तौर पर विचार करने को कहा गया है।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार सीबीआई इस मामले में आरपीएफ से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका की भी छानबीन कर रही है।
एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में सीबीआई ने शनिवार को तीन बड़ी रिजर्वेशन एजेंसियों पर छापा डाला। ये छापे सीएसटी, मुम्बई सेंट्रल और बांद्रा में डाले गए। छापे के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने 2 लाख 800 रुपए जब्त किए। सीबीआई अधिकारियों ने छापे के बाद तीनों एजेंसियों के कर्मचारियों से पूछताछ की है। इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी की संभावना है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार सीबीआई इस मामले में आरपीएफ से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका की भी छानबीन कर रही है। साथ ही कुछ रेल कर्मी भी शक के घेरे में हैं।
