Wednesday, December 22, 2010

रेलवे स्टेशन पर ही एक बच्ची को जन्म


मंगलवार को एक महिला ने रेलवे स्टेशन पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। नोएडा से इलाहाबाद जा रही एक गर्भवती महिला ने रेलवे स्टेशन पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। रेल कर्मियों की मदद से उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। जानकारी के अनुसार नोएडा के सेक्टर-8 में रहने वाली महिला संगीता मंगलवार सुबह इलाहाबाद जाने के लिए अपने पति के साथ हापुड़ रेलवे स्टेशन पहुंची थी। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर अचानक महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी और देखते ही देखते महिला ने स्टेशन पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। वहां मौजूद महिलाओं ने रेलवे कर्मियों की मदद से महिला और बच्ची को मोदी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां दोनों स्वस्थ हैं।

Tuesday, December 21, 2010

139 से अपनी ट्रेन की स्थिति के बारे में जानकारी

ट्रेनों ने नंबर पांच अंक के होने के बाद सबसे ज्यादा फायदा लोकल ट्रेनों के पैसेंजरों को हुआ है। अब वे भी भी 139 से अपनी ट्रेन की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। अब तक लोकल और पैसेंजर ट्रेनों के बारे में पूछताछ सेवा से जानकारी नहीं मिल पाती थी। उत्तर रेलवे के सूत्रों का कहना है कि पहले लोकल ट्रेनों के नंबर एक आरडी वगैरह होते थे। जिसकी वजह से इनके बारे में सिस्टम पर पूछताछ नहीं हो पाती थी लेकिन अब इन ट्रेनों के नंबर भी पूरी तरह से अंकों में आने से पूछताछ सेवा में इन्हें शामिल किया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पहले सॉफ्टवेयर में अंग्रेजी के अक्षरों आदि की पहचान नहीं हो पाती थी। लेकिन अब सभी ट्रेनों के नंबर पांच अंक के हो गए हैं। ट्रेन पूछताछ सेवा देने का जिम्मा संभालने वाली इंडियन रेलवे कैटरिंग ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के प्रवक्ता का कहना है कि अब 139 पर किसी भी ट्रेन के लिए पूछताछ संभव हो गई है।

Monday, December 13, 2010

दिल्ली-रेवाड़ी रेल मार्ग पर चलने वाली लोकल ट्रेनों के डिब्बे घटा दिए

दिल्ली-रेवाड़ी रेल मार्ग पर चलने वाली लोकल ट्रेनों के डिब्बे घटा दिए गए हैं। इससे इस रूट पर सफर करने वाले दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि कई रूटों पर चलने वाली स्पेशल ट्रेनों की वजह से डिब्बे कम किए गए हैं। इस समय कुल 52 सेपेशल ट्रंनें चल रही हैं। हालांकि रेलवे प्रवक्ता अमर सिंह नेगी का कहना है कि कुछ ही ट्रेनों से डिब्बे कम किए गए हैं। जिन ट्रेनों से डिब्बे कम हुए हैं, उनमें यात्रियों की संख्या कम थी। कुछ दिनों में ये डिब्बे फिर से लगा दिए जाएंगे। दिल्ली-रेवाड़ी रूट पर सफर करने वाले करीब 1 लाख पैसेंजरों के लिए सिर्फ 12 से 14 लोकल ट्रेनें चलती हैं। राहत की बात यह थी कि एनसीआर के मुकाबले इन लोकल ट्रेनों में डिब्बों की संख्या कहीं अधिक होती थी। जहां एनसीआर के अन्य रूटों पर ईएमयू में 9 से लेकर 12 डिब्बे तक हुआ करते थे, वहीं यहां हर लोकल ट्रेन में करीब 20 से 22 डिब्बे होते थे। पिछले करीब 3 से 4 दिनों तक इस रूट की अधिकांश लोकल ट्रेनों से 2 से 4 डिब्बे कम कर दिए गए हैं। इससे अन्य कोच में भीड़ बढ़ गई है। परिवार के साथ सफर करने वाले तो कई बार ट्रेन में चढ़ ही नहीं पाते। गुड़गांव स्टेशन पर तो चढ़ने और उतरने में अक्सर मारामारी होती है। धक्का-मुक्की के बीच कई लोग गिर जाते हैं तो कई लोग चैन पुलिंग कर उतर भागते हैं। दिल्ली-रेवाड़ी रेलमार्ग के प्रेस प्रवक्ता बाल कृष्ण अमरसरिया का कहना है कि दिसंबर में लोग छुट्टी के लिए घर जा रहे हैं। इसकी वजह से पहले ही पैसेंजरों की संख्या बढ़ चुकी है। छत पर ट्रैवल करने वाले भी नीचे जगह तलाश रहे हैं। दूसरी तरफ डिब्बे कम कर दिए गए हैं, जिसकी वजह से लोग परेशान हैं।

Tuesday, November 30, 2010

रेलवे फाटक पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रही

कई हादसों में हुई मौतों के बाद विक्रोली रेलवे फाटक पर रोड ओवर ब्रिज बनाने की गतिविधि तेज हो गई है। गुरुवार को बीएमसी और रेल अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। पर इससे पहले ब्रिज बनाने की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। विक्रोली रेलवे फाटक पर ब्रिज बनाने की पहल सालों पहले की गई थी, मगर बाबुओं के टेबल पर फाइलें घूमती रही, ब्रिज बना नहीं। मुंबई महानगर विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने एमयूटीपी योजना के अंतर्गत रोड ओवर ब्रिज बनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया था। उसके लिए प्राधिकरण ने सलाहकार भी नियुक्त कर दिया था, पर 2008 तक ब्रिज का कोई अता-पता ही नहीं चला। इधर, रेलवे फाटक पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रही, जिससे लोग मरते रहे, घायल होते रहे। मगर बाबुओं के ब्रिज फाइलों में घूमती रही और जब मुंबई महानगर विकास प्राधिकरण ब्रिज बनाने में नाकाम रहा, तब उसने 2008-09 में ब्रिज बनाने की जिम्मेदारी मुंबई महानगर पालिका के कंघे पर डाल दी। कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी से जूझ रहे बीएमसी के ब्रिज विभाग ने ब्रिज बनाने की रूपरेखा तय की। ब्रिज की कुल लंबाई लगभग 390 मीटर निश्चित की गई जिसमें से करीब 64 मीटर रेल महकमा बनाएगा। यह वह हिस्सा होगा, जो रेल पटरियों के ऊपर से गुजरेगा। रोड ओवर ब्रिज की चौड़ाई करीब 60 फिट होगी। बीएमसी ने सन 2009 में उस ब्रिज की कुल लागत 15 करोड़ लगाई थी। विक्रोली का रोड ओवर ब्रिज रेलवे स्टेशन के पश्चिम में लालबहादुर शास्त्री मार्ग से पूर्व में ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे के करीब तक जाएगा। ब्रिज बनाने के दरमियान 34 दुकानों के साथ-साथ एक मंदिर प्रभावित हो रहा था। इससे पुनर्वास को लेकर ब्रिज का मामला लटका पड़ा था। उधर, रेलवे महकमा भी ब्रिज को लेकर किसी तरह की दिलचस्पी नहीं दिखा रहा था। जैसे तैसे दिन बीतते गए। विक्रोली रेल फाटक पर ब्रिज बनाने के बाबत महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के स्थानीय विधायक मंगेश सांगले ने पहल की। विक्रोली निवासियों ने बीएमसी कमिश्नर स्वाधीन क्षत्रिय से मुलाकात की। पिछले दिनों हुए हादसे के बाद एक बार फिर से धूल खा रही फाइलें साफ की जा रही हैं और बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इस बाबत बीएमसी कमिश्नर स्वाधीन क्षत्रिय ने बताया कि रेलवे ने ब्रिज बनाने के लिए हरी झंडी दे दी है। गुरुवार को होने वाली बैठक में इस बाबत कई और महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।

Monday, November 22, 2010

आंदोलन कई मायनों में खुद यात्रियों को काफी परेशानी दे गया।

कहने को भले से ही रविवार को विक्रोली स्टेशन पर किया गया आंदोलन स्वत: प्रेरित रहा हो और इसकी भूमिका में रेल प्रशासन की इस स्टेशन के प्रति उपेक्षा रही हो, मगर इसका दूसरा सच यह भी है कि यह आंदोलन कई मायनों में खुद यात्रियों को काफी परेशानी दे गया। चूंकि रविवार बाकी दिनों से इतर अपने नाते-रिश्तेदारों के यहां अपने परिवार के साथ घूमने फिरने का दिन था, सो सभी लोग जब अपने घरों के बाहर अपने परिवार के साथ निकले थे तो उन्होंने सोचा नहीं था कि उनकी आज की यात्रा आंदोलन में चौपट हो जाएगी। एम. व्यंकटेशन जैसे ही कल्याण जाने के लिए अपना कूपन पंच कर 10 साल के बेटे के साथ प्लेटफॉर्म नं. 1 पर बढ़ीं तो उन्हें नारेबाजी की आवाज सुनाई दी। इससे पहले वो कुछ समझ पातीं, उन्होंने देखा कि दूसरे प्लेटफॉर्म पर कई लोग मोटरमैन की केबिन के ऊपर चढ़ गए हैं। रेल प्रशासन मुर्दाबाद के नारों और भीड़ के मनोविज्ञान ने श्रीमती व्यंकटेशन के शक को बहुत जल्द ही यकीन में बदल दिया। पहले तो एक घंटे तक उन्होंने इंतजार किया, फिर कोई रास्ता न सूझा तो उन्होंने टिकट खिड़की पर अपना कूपन (टिकट) रद्द कर पैसा वापस लेने का फैसला किया। उन्हें यहां भी निराशा ही हाथ लगी जब उन्हें टका सा जवाब मिला कि कूपन के पैसे वापस नहीं किए जाते। इस संवाददाता के माध्यम से उन्होंने रेलवे से सवाल पूछा कि ऐसी सूरत में रेलवे टिकट के रिफंड की व्यवस्था क्यों नहीं करती। दरअसल, ऐसे आंदोलनों का असली साइड इफेक्ट ऐसा ही होता है। रविवार की अपराह्न जब लोगों को समझा-बुझाकर आंदोलन खत्म कराया गया तो इसका असर रेल सेवाओं पर पड़ा। लोकल ट्रेनों के ऑपरेशन में बंचिंग की समस्या आ गई और एक के पीछे एक लोकल की सर्पाकार लंबी लाइन लग गई। शाम सवा चार बजे विक्रोली से छूटी लोकल सीएसटी 6.30 बजे पहुंची। इस दरमियान हर स्टेशनों के बाहर लोगों का जमावड़ा लग गया। रिक्शा और टैक्सी वालों की बादशाहत दिखने लगी। बेस्ट की बसों पर ऐक्स्ट्रा बोझ आ गया। कईयों ने मीलों पटरियों पर ही अपना रास्ता पूरा किया। सबसे ज्यादा मुसीबत गर्भवती महिलाओं को हुई जिन्हें भीड़ से बचने का कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। ट्रेन में फंसी ऐसी महिलाओं की मानों सांस ही अटक गई थी। आंदोलन का स्पॉट बने विक्रोली पर महिला यात्रियों को भारी भीड़ के बीच ईस्ट से वेस्ट आने और वेस्ट से ईस्ट जाने में मानो अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ा। हमारा सिस्टम ऐसे क्राइसिस मैनेजमेंट से निबटने का आदी नहीं है, सो रविवार को भीड़ का 'जंगलराज' देखा गया। ऐसे आंदोलन में नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यही सिलसिला रविवार को भी देखा गया। घाटकोपर से मनसे विधायक राम कदम तो ट्रैक के बीचोबीच बैठकर अपने समर्थकों के साथ नारेबाजी करने लगे। खबर लगते एनसीपी के स्थानीय सांसद संजय दीना पाटील पहुंचे तो स्थानीय नगरसेवक ताउजी गोरुले भी अपने दल-बल के साथ आंदोलनकारियों का नेतृत्व करते दिखे। वादे बंद करो, काम चालू करो हाल ही में मध्य रेल के एनआरयूसीसी मेंबर चुने गए रेल कार्यकर्ता सुभाष गुप्ता कहते हैं कि विक्रोली के इस जनांदोलन को एक 'वेक-कप कॉल' के तौर पर लिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि अभी हाल में संपन्न जेडआरयूसीसी की मीटिंग में मैनें इस स्टेशन की बदहाली का मुद्दा उठाया था जिस पर ध्यान देते हुए जीएम ने इस स्टेशन पर विशेष नजर रखने का आश्वासन दिया था। रेलवे बोर्ड को जनता की परेशानियों को पहुंचाने वाले श्री गुप्ता का सुझाव था कि अब वक्त आ गया है कि रेलवे वादे करना बंद करे और काम करना चालू करे। वादे बंद करने और काम चालू करने का ही नारा इससे पहले घंटो विक्रोली स्टेशन पर लगाया गया था।

Friday, November 19, 2010

मध्य रेल की मेन लाइन पर चलने वाली सभी उपनगरीय लोकल ट्रेनें 12 डिब्बों वाली

अगले एक वर्ष में मध्य रेल की मेन लाइन पर चलने वाली सभी उपनगरीय लोकल ट्रेनें 12 डिब्बों वाली हो जाएंगी। यह बदलाव जून, 2011 से शुरू होकर दिसंबर, 2011 तक चलेगा। इससे अगले साल के अंत तक मेन लाइन की लोकलों में डिब्बों की संख्या बढ़कर 342 हो जाएगी, जिससे 102600 यात्रियों को राहत होगी। यह बातें मध्य रेल के महाप्रबंधक कुलभूषण ने शुक्रवार को मुंबई सीएसटी स्थित मध्य रेल के मुख्यालय में अपनी पहली प्रेंस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताईं। इस कॉन्फ्रेंस में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) के. के. शर्मा के अलावा अन्य विभागों के प्रमुख भी मौजूद थे। कुलभूषण ने बताया कि उनकी प्राथमिकताओं में गाड़ियों का सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित करना, उपनगरीय सेवाओं व उनकी समय सारणी में सुधार लाना, वहन क्षमता में बढ़ोतरी करना, यात्री सुख-सुविधा एवं स्वच्छता को बेहतर करना, यात्रा सुलभ कराना, चालू परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करना आदि शामिल है। उनके मुताबिक दिसंबर, 2010 के अंतिम हफ्ते से कल्याण से सीएसटी के लिए सुबह 8.03 बजे छूटने वाली लेडीज स्पेशल लोकल 9 की बजाय 12 डिब्बों वाली हो जाएगी। इससे रोजाना 900 महिला यात्रियों को राहत मिलेगी। इसके अलावा एमयूटीपी-2 के तहत मध्य रेल की हार्बर लाइन पर 12 डिब्बे की गाडि़यां चलाने का भी प्रस्ताव है, जो रेलवे बोर्ड के पास विचाराधीन है। कुलभूषण के मुताबिक दिसंबर के पहले हफ्ते में ट्रांस हार्बर लाइन पर 208 लोकल ट्रेनों में से 126 को 9 से बढ़ाकर 12 डिब्बों का कर दिया जाएगा। इससे इस रूट पर रोजाना चलने वाले डिब्बों की संख्या 1872 से बढ़कर 2250 हो जाएगी। ट्रांस हार्बर रूट पर औसतन 300 यात्री प्रति बोगी का लोड स्वीकारते हुए उन्होंने कहा कि यहां 9 की जगह 12 डिब्बों की लोकल चलने से 113400 यात्रियों को राहत मिलेगी। दिसंबर के अंतिम सप्ताह से वडाला-वाशी/बेलापुर/पनवेल के बीच नई सेवाओं का शुभारंभ मध्य रेल द्वारा दिसंबर के अंतिम सप्ताह से हार्बर लाइन पर वडाला-वाशी/बेलापुर/पनवेल के बीच 14 अतिरिक्त नई सेवाएं शुरू की जाएगी। इससे हार्बर लाइन पर सेवाओं की संख्या 566 से बढ़कर 580 हो जाएगी और डिब्बों की संख्या प्रतिदिन 5094 से बढ़कर 5220 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि उपनगरीय क्षेत्रों में चल रहे मध्य रेल की परियोजनाओं जैसे नई लाइनों का निर्माण, डी.सी./ए.सी. परिवर्तन का कार्य, गाड़ी प्रबंधन प्रणाली, लोकमान्य तिलक टर्मिनस के नए भवन एवं विश्वस्तरीय स्टेशन परियोजनाओं को महत्व देते हुए शीघ्र पूरे करने के प्रयास किए जाएंगे। लोग पटरी पार न करें, इसलिए उन्होंने विक्रोली स्टेशन के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस छोर पर एक नया फुट ओवर ब्रिज का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की बात कही। विक्रोली रेलवे क्रासिंग गेट पर रेल सुरक्षा बल के जवानों की तैनाती के साथ-साथ गैर रेल यात्रियों को भी पूर्व से पश्चिम जाने के लिए फुट ओवर ब्रिज के इस्तेमाल की अनुमति होगी। एमएमआरडीए के सहयोग से ठाणे स्टेशन पर दो फुट ओवर ब्रिज/ स्काई वाक बनाने की भी तैयारी है। इसके अलावा दिवा और कोपर के फुट ओवर ब्रिज के विस्तार की भी कोशिशें हैं।

Wednesday, November 17, 2010

'रेल दर्पण' के दो अवॉर्ड तथा 54वें रेल सप्ताह प्रदर्शनी पुरस्कार सहित कुल तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार

एसोसिएशन ऑफ बिजनेस कम्युनिकेटर्स ऑ.फ इंडिया (एबीसीआई) के 50वें वार्षिक पुरस्कारों में पश्चिम रेलवे की गृह पत्रिका 'रेल दर्पण' के दो अवॉर्ड तथा 54वें रेल सप्ताह प्रदर्शनी पुरस्कार सहित कुल तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किए। पुरस्कार वितरण समारोह में विशेष अतिथि व पश्चिम रेल के महाप्रबंधक रवींदनाथ वर्मा ने 'रेल दर्पण' के प्रधान संपादक और पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शरत चंदायन और उनकी टीम को बधाई दी। ये पुरस्कार एबीसीआई द्वारा नैशनल लेवल पर व्यावसायिक संचार के क्षेत्र में रचनात्मकता के लिए दिए जाते हैं। कॉर्पोरेट जगत के साथ पश्चिम रेलवे अकेला संगठन है, जिसने लगातार आठवें साल ये अवार्ड हासिल किए हैं। तीनों पुरस्कार पश्चिम रेलवे के मुख्य माल परिवहन प्रबंधक एवं 'रेल दर्पण' के पूर्व प्रधान संपादक शैलेंद्र कुमार ने पत्रिका के संपादकीय टीम के सदस्यों गजानन महतपुरकर, सी. नितिन कुमार डेविड, होरमज मोहता, जितेंद्र कुमार जयंत, प्रदीप शर्मा, अजय सोलंकी, स्मिता रोजारियो, अनुभव सक्सेना, सुनील सिंह, प्रमोद कुमार, राजेश शिंदे, मिलिंद नंदेश्वर के साथ हासिल किया। पुरस्कारों में 'रेल दर्पण' को विशेष स्तंभ अंग्रेजी एवं हिंदी की कोटियोें में मिले पुरस्कार शामिल हैं। 'रेल दर्पण' के अलावा पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार विभिन्न लोकप्रिय रेडियो जिंगलों एवं कैलेंडरों को भी पूर्व में एबीसीआई पुरस्कार मिल चुके हैं। इस बार एबीसीआई पुरस्कारों के लिए 32 विविध कोटियों में कुल 875 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें करीब 160 पुरस्कार बांटे गए।

Thursday, November 11, 2010

मालगाड़ी के चार डिब्बे पटरी से उतर गए।

यूपी के वाराणसी जिले में बुधवार को एक मालगाड़ी के चार डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। घटना वाराणसी रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह उस समय हुई जब कोयले से लदी मालगाड़ी को स्टेशन के यार्ड की तरफ ले जाया जा रहा था, तभी उसके चार डिब्बे पटरी से उतर गए। झारखंड से आने वाली इस मालगाड़ी को लखनऊ की तरफ जाना था। वाराणसी के राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) अधिकारी अनिल राय ने बताया कि हादसे में 50 मीटर से ज्यादा पटरी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। रेल कर्मचारी मरम्मत के काम में लग गए हैं। उन्होंने कहा कि हादसा यार्ड में हुआ इसिलए रेल यातायात खास प्रभावित नहीं हुआ है। राय ने कहा कि हादसे के कारण फिलहाल साफ नहीं हो पाए हैं। घटना की जांच की जा रही है।

मत्स्यगंधा एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे पर हेरावाड़ के निकट चट्टान गिर जाने से एक महिला की मौत हो गई

मुंबई जा रही मत्स्यगंधा एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे पर हेरावाड़ के निकट चट्टान गिर जाने से एक महिला की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। पुलिस सूत्रों के हवाले से पणजी से मिली रिपोर्ट में बताया गया है कि दुर्घटना कारवाड़ स्टेशन के निकट रात 8 बजे हुई। यह घटना उस वक्त हुई जब कोंकण मार्ग पर ट्रेन तोदुर और अंबडाडेल्ली गांवों के बीच सुरंग में प्रवेश करने वाली थी। क्षेत्र में लगातार वर्षा के कारण नजदीकी पहाड़ी से एक चट्टान आकर इस ट्रेन के तीन डिब्बों पर गिरी। कारवाड़ के एसपी रमन गुप्ता ने कहा कि गंभीर रूप से घायलों को कारवाड़ के पतंजलि अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि शेष को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद मार्ग पर ट्रेन सेवाएं सस्पेंड कर दी गई हैं।

Saturday, October 30, 2010

गोरखपुर से मुंबई के बीच चलने वाली लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के सेकंड क्लास कंपार्टमेंट में सफर

आम आदमी की तरह उनका ट्रेन में सफर करना नई बात नहीं है। लेकिन राजनीतिक समझ पैदा करने का राहुल गांधी का यह अनोखा अंदाज उत्तर प्रदेश सरकार को नागवार गुजरा रहा है। राज्य के होम सेक्रेट्री दीपक कुमार ने बताया कि राज्य के एडीजी ( सिक्युरिटी ) रमेश सहगल ने एनएसजी डायरेक्टर को राहुल गांधी की ट्रेन यात्रा के संबंध में पूर्व में सूचना न दिए जाने के मुद्दे पर पत्र लिखा है। गौरतलब है कि कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने पिछले 18 अक्टूबर को बगैर किसी पूर्व सूचना के गोरखपुर से मुंबई के बीच चलने वाली लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के सेकंड क्लास कंपार्टमेंट में सफर किया था। एक सवाल के जवाब में गृह सचिव ने कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार से किसी भी स्तर पर कोई संपर्क नहीं किया गया।

बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई स्टेशनों पर लोगों की एंट्री रोक दी गई।

दिल्ली मेट्रो ने एक बार फिर यात्रियों को परेशान किया। गुरुवार सुबह पीक आवर के दौरान ही द्वारका-आनंद विहार और द्वारका-नोएडा रूट में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद इस रूट पर मेट्रो ट्रेनें थम गईं। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई स्टेशनों पर लोगों की एंट्री रोक दी गई। गुरुवार की सुबह एक बार फिर मेट्रो में तकनीकी खराबी आ गई। द्वारका-आनंद विहार और द्वारका-नोएडा रूट पर ट्रेनें थम गईं। ट्रेनों को मैनुअली चलाने की कोशिश की गई, लेकिन वह कारगर साबित नहीं हुई। डीएमआरसी के सुत्रों के मुताबिक, सिग्नल सिस्टम में खराबी पाई गई है। उसे ठीक करने की कोशिश की जा रही है।

Thursday, October 21, 2010

मेन लाइन रूट पर सिर्फ 12 डिब्बों की लोकल चलाने का फैसला

मध्य रेल ने अपने यात्रियों को अधिक सुविधा देने के इरादे से अब हर रविवार तथा दूसरी छुट्टियों के दिन मेन लाइन रूट पर सिर्फ 12 डिब्बों की लोकल चलाने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत 24 अक्टूबर से हो जाएगी। चूंकि संडे और अन्य छुट्टियों के दिन कम संख्या में ट्रेनें चलाईं जाती हैं, अत: इस दिन 12 डिब्बों की लोकल चलाए जाने से यात्रियों को काफी राहत होगी। इसी दिन से मध्य रेल अपनी 12 डिब्बों वाली सेवाओं का विस्तार करते हुए 19 और सेवाएं जोड़ने का फैसला किया है। अब सेंट्रल पर प्रतिदिन चलने वाली 12 डिब्बों की सेवा 594 से बढ़कर 613 हो जाएगी। जबकि 9 डिब्बों और 12 डिब्बों की सेवा मिलाकर 24 अक्टूबर के बाद से संडे तथा अन्य छुट्टियों के दिन चलने वाली कुल लोकल सेवाओं की संख्या 1,240 से बढ़कर 1,259 हो जाएगी। रेलवे के इस कदम का यात्री संघ मुंबई के अध्यक्ष और रेल कार्यकर्ता सुभाष गुप्ता ने स्वागत किया है और कहा है कि इससे मेगा ब्लाक का प्रेेशर भी कम होगा और यात्रियों को सुविधा मिलेगी सो अलग। मध्य रेल के मुख्य प्रवक्ता श्रीनिवास मुडगेरिकर के अनुसार, हमने वांगनी और कल्याण सेक्शन के बीच डीसी से एसी कंवर्जन का काम पूरा कर लिया है, अब इसका फायदा यात्रियों को मिलना शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अब हम 12 कार वाली सेवाएं 782 से बढ़ाकर 785 करने वाले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हम अपनी मेल गाडि़यों के कोचों में बेहतर रख-रखाव के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम लगा रहे हैं।

Friday, October 15, 2010

सभी पांच लाइनें स्टैंडर्ड गेज की ही बनाई जाएंगी।

तीसरा फेज पूरा होने के बाद रोज 43 लाख से ज्यादा पैसेंजर मेट्रो में सफर किया करेंगे। अभी यह तादाद औसतन 12-13 लाख है। यही नहीं, अगर मेट्रो के प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो एक लाइन को छोड़कर बाकी सभी पांच लाइनें स्टैंडर्ड गेज की ही बनाई जाएंगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सूत्रों के मुताबिक, मेट्रो ने तीसरे फेज के लिए एक सर्वे किया है। इसके मुताबिक, अनुमान लगाया गया है कि 2016 में फेज तीन पूरा होने पर 43 लाख से ज्यादा पैसेंजर मेट्रो में सफर करेंगे। इस तरह तीसरा फेज पूरा होने के बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में मेट्रो ही दिल्ली का सबसे बड़ा साधन बन जाएगा। दिल्ली मेट्रो ने अपनी जो सर्वे रिपोर्ट तैयार की है, उसके मुताबिक तब तक दिल्ली मेट्रो के तीनों फेज पूरे हो चुके होंगे। यानी उस वक्त पहले फेज में बनाई गई तीन लाइनों पर ही 7.5 लाख से ज्यादा पैसेंजर सफर किया करेंगे। इसके बाद दूसरे फेज की लाइनों पर सफर करने वालों का आंकड़ा 16.87 लाख से ज्यादा हो जाएगा, लेकिन सबसे ज्यादा सफर करने वालों की तादाद तीसरे फेज की लाइनों पर होगी। तीसरे फेज की लाइनों पर सफर करने वालों का आंकड़ा 18 लाख 85 हजार से ज्यादा हो जाएगा। इस तरह कुल मिलाकर उस वक्त सिर्फ दिल्ली के हिस्से में ही बनी मेट्रो रेल लाइनों पर सफर करने वालों की संख्या 43.31 लाख से ज्यादा हो जाएगी। दिल्ली मेट्रो के सूत्रों का कहना है कि इसके पांच साल बाद इन लाइनों पर ही सफर करने वालों की तादाद बढ़कर 51 लाख से भी ज्यादा हो चुकी होगी। उस वक्त मेट्रो का औसत ट्रिप लगभग 15.41 किमी का हो जाएगा। तीसरे फेज की रिपोर्ट में दिल्ली मेट्रो ने कहा है कि अगर मेट्रो की प्रस्तावित छह लाइनें बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो जहांगीरपुरी-बादली लाइन के अलावा बाकी सभी लाइनें स्टैंडर्ड गेज की होंगी। मेट्रो के मुताबिक, प्रस्तावित नई लाइनों में से अशोक पार्क-दिल्ली गेट, केंद्रीय सचिवालय-लाल किला और जहांगीरपुरी-बादली मौजूदा लाइनों का ही एक्सटेंशन होंगी। लिहाजा इन तीनों लाइनों का वही गेज होगा, जो मौजूदा लाइनों का है। इस तरह से जहांगीरपुरी-बादली लाइन ही ब्रॉडगेज होगी, जबकि बाकी सभी लाइनें स्टैंडर्ड गेज की होंगी। मेट्रो का कहना है कि नई लाइनों में आनंद विहार - धौला कुआं , मुकुंदपुर - राजौरी गार्डन और मालवीय नगर - कालिंदी कुंज नए कॉरिडोर होंगे , लिहाजा ये तीनों लाइनें भी स्टैंडर्ड गेज की ही होंगी। स्टैंडर्ड गेज की लाइनें बनाने का सबसे बड़ा फायदा यही होगा कि इससे मेट्रो लाइनों की लागत में कमी आएगी। स्टैंडर्ड गेज की लाइन के लिए पटरी की चौड़ाई भी कम होती है। ऐसे में मेट्रो रेल लाइन बनाने के लिए भी जगह की कम जरूरत पड़ती है। इसके अलावा स्टैंडर्ड गेज के लिए तकनीक और कोच भी आसानी से उपलब्ध हैं। मेट्रो का कहना है कि अगर सरकार वक्त पर उसकी लाइनों को मंजूरी देती है तो तीसरे फेज की सबसे पहली लाइन जहांगीरपुरी - बादली चालू होगी। यह लाइन जनवरी 2015 में चालू हो जाएगी। इसके बाद केंद्रीय सचिवालय - लाल किला लाइन होगी। इस लाइन को मार्च में चालू करने के बाद उसी साल मई में मुकुंदपुर - राजौरी गार्डन और अशोक पार्क - दिल्ली गेट लाइन तैयार हो जाएगी। अगर सरकार मालवीय नगर - नोएडा सेक्टर 18 लाइन को चालू करती है तो उस लाइन को भी जुलाई 2015 तक तैयार कर लिया जाएगा। सबसे अंतिम लाइन सितंबर 2015 में तैयार होगी। यह लाइन आनंद विहार - धौला कुआं लाइन हो गी।

Monday, October 11, 2010

दिल्ली मेट्रो ने नया रेकॉर्ड बनाया

कॉमनवेल्थ खेलों के पहले हफ्ते में दिल्ली मेट्रो ने नया रेकॉर्ड बनाया है। इस अवधि में दिल्ली मेट्रो की ट्रेनों ने 2800 फेरे रोज लगाए। गेम्स की शुरुआत के दिन से ही दिल्ली मेट्रो औसत ढाई मिनट पर ट्रेनें चला रही है। कॉमनवेल्थ के दौरान 1600 ब्लू लाइन बसों को हटाने की वजह से मेट्रो पर प्रेशर बढ़ गया है। लेकिन दिल्ली मेट्रो लोगों को अपनी मंजिल तक पहुंचाने का काम बेहद ही शानदार और जिम्मेदार तरीके से कर रही है। हांलाकि कुछ तकनीकी खामी की वजह से ट्रेने लेट हो जा रही हैं फिर भी दिल्ली मेट्रो को इस टाइम पीरियड में 99.98 फीसदी मामलों में सही टाइम पर चल रही है।

नई ट्रेनों की 101वीं खेप मुंबई पहुंच गई।

मुंबई की लाइफलाइन बनकर करीब 33 महीने पहले जब दुल्हन की तरह से सजी-संवरी नई ट्रेनों ने पटरियों पर दौड़ना शुरू किया तो पहली बार रेल यात्रियों ने कसमसाते माहौल से जुदा थोड़ा खुलकर सांस लिया। एक-एक मिनट बचाने वाले लोकल के यात्रियों को 10-15 मिनट तक नई ट्रेनों का इंतजार करते देखा गया। नई ट्रेनों के आने का कारवां आगे बढ़ा और आज यह इस मुकाम पर पहुंच गया कि इसे सेलीब्रेट करने के लिए रेलवे के साथ राज्य सरकार भी आगे आ गई और विशेष डाक कवर भी रिलीज किया गया। जी हां, बीते हफ्ते नई ट्रेनों की 101वीं खेप मुंबई पहुंच गई। जून 2011 तक कुल 28 और नई ट्रेनें मुंबई में आने वाली हैं। सवाल यह उठता है कि क्या इन ट्रेनों के आने से वास्तव में रेल यात्रियों को सुविधा और सुकून मिला है? या फिर यात्रियों की बढ़ती रेलमपेल ने रेलवे के इस प्रयास को फुस्स कर दिया है। बढ़ी हुई ट्रेनों और इनकी बढ़ी हुई फ्रीक्वेंसी का असर बढ़े हए यात्रियों पर कितना पड़ा है मध्य और पश्चिम रेलवे से प्राप्त आंकड़े थोड़ा सुकून दे सकते हैं कि दुनिया के सबसे कॉम्प्लिकेटेड सबर्बन नेटवर्क में शुमार होने वाले मुंबई की लाइफलाइन (लोकल ट्रेनों) में थोड़ी बहुत भीड़ कम होने लगी है। एक रेल यात्री की हैसियत से शायद आपने भी महसूस किया होगा। रेल अधिकारियों की मानें तो साल 2013 में जब कई इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम पूरे हों जाएंगे तो रेल यात्रियों को और भी कई सुविधाएं मिलेंगी। मगर पहले बात वर्तमान की करें। साल 2005-06 में जहां मध्य रेल के प्रति कोच में 269 यात्री ठुंसे होते थे, जुलाई 2010 तक मध्य रेल के मेन-हार्बर और ट्रांसहार्बर रूट को मिलाकर यह संख्या 228 तक आ गई। जबकि पश्चिम रेल में 2005-06 में इसकी लोकल की प्रति बोगियों में 295 यात्री सफर किया करते थे और 2010 में यह तादाद घटकर 247 तक आ गई। इसे थोड़ा सा जनरल टर्म में कहा जाए तो पहले एक बैठे हुए यात्री के पीछे 4 यात्री खड़े रहते थे। अब यह संख्या घटकर तीन तक आ गई है। दूसरे शब्दों में कहें तो सेंट्रल रेल में 20 प्रतिशत और वेस्टर्न रेल में 17 प्रतिशत भीड़ में कमी हुई। बावजूद इसके कि इस दरमियान यात्रियों की संख्या में भी 7-8 प्रतिशत का इजाफा हुआ। यह देर से हुआ या समय पर हुआ, इसे बहस का मुद्दा बनाया जा सकता है। मगर यह भी सच है कि जिस रफ्तार से मुंबई की आबादी आने वाले दिनों में बढ़ने वाली है, उसे देखकर यह कहा जा सकता है लोकल ट्रेनों की भीड़ कम करना हमेशा से रेल अधिकारियों का सरदर्द बना ही रहेगा। रेल यात्रियों के लिए एक भरोसा देने वाली खबर यह भी है कि साल 2014 तक ऐसी 72 और ट्रेनों को मुंबईकरों की सेवा में लाकर पुरानी ट्रेनों को हटाने की प्लानिंग है। मगर यह भी काबिल-ए-गौर है कि जून 2011 से जून 2012 तक मुंबई में नई ट्रेनें नहीं आएंगी। अब बात करते हैं लोकल की बढ़ाई गई लोकल सेवाओं की। जुलाई 2010 तक के प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि मध्य रेल में साल 2005-06 में लोकल ट्रेनों की 1,203 सेवाएं हुआ करती थीं, जो जुलाई 2010 तक बढ़कर 1,556 हो गईं। इसमें 12 डिब्बों वाली लोकल की संख्या 218 से बढ़कर 577 हो गईं। पश्चिम रेल जो साल 2005-06 में जहां 1,017 सेवाएं चलाती थी, वो 2010 में बढ़कर 1,210 हो गईं। 12 डिब्बों वाली लोकल की संख्या बढ़कर 435 से 788 हो गई। जहां तक इस दरमियान बढ़ेे हुए यात्रियों की बात है तो मध्य रेल पर साल 2005-06 में रोजाना औसतन 30.84 लाख यात्री सफर करते थे वो साल 2010 जुलाई में बढ़कर 36.7 लाख हो गई। पश्चिम रेल में साल 2005-06 में 30.88 लाख यात्री थे और साल 2010 में इनकी संख्या बढ़कर 33.1 लाख हो गई। करती है जिसका एक और सिर्फ एक ही मकसद होता है पैसा कमाना। आज र्वल्ड क्लास स्टेशनों की बात होती है मगर कई स्टेशनों की हालत इतना बदतर है कि कुछ पूछिए मत। रेलवे को चाहिए कि वो किसी जनांदोलन का इंतजार न करे।

Saturday, October 2, 2010

मोहम्मद रफी और किशोर कुमार के नाम पर कोलकाता मेट्रो स्टेशनों के नाम रखे जाएंगे।

रेल मंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि सिख गुरु गोबिंद सिंह, कवि मोहम्मद इकबाल, सिंगर मोहम्मद रफी और किशोर कुमार के नाम पर कोलकाता मेट्रो स्टेशनों के नाम रखे जाएंगे। दक्षिण के 24 परगना जिले के जोका से शहर के बीचोंबीच स्थित बी.बी.डी. बाग तक एक नई मेट्रो लाइन की नींव रखे जाने के मौके पर आयोजित समारोह में ममता ने कहा, ' हम मोहम्मद रफी और किशोर कुमार के नाम पर स्टेशनों के नाम रखेंगे। कोलकाता में बहुत से सिख हैं और उनकी भावनाओं का ध्यान रखते हुए हम एक स्टेशन का नाम गुरु गोबिंद सिंह के नाम पर रखेंगे। ' उन्होंने कहा, ' हम मोहिनी चौधरी के नाम पर भी एक स्टेशन का नाम रखेंगे। हम शहर के खेल केंद्र मैदान क्षेत्र की मेट्रो का नाम गोश्थो पाल के नाम पर रखेंगे। 'सारे जहां से अच्छा' जैसा अमर गीत देने वाले मोहम्मद इकबाल को भी हम इसी तरह सम्मानित करेंगे। ' कोलकाता में 16.72 किलोमीटर की लंबाई में 13 स्टेशन बनेंगे और 2,619.02 करोड़ रुपये की लागत से उनका निर्माण होगा। ममता ने कहा कि अन्य सात स्टेशनों के नाम स्थानीय लोगों की राय लेने के बाद रखे जाएंगे।

ममता 'राइजिंग पॉवर' विषय पर व्याख्यान देंगी।

रेल मंत्री ममता बनर्जी अगले महीने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में शिक्षाविदों और छात्रों के एक ग्रुप के सामने व्याख्यान देंगी। बनर्जी ने पत्रकारों से गुरुवार को कहा कि उन्हें कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में व्याख्यान देने के लिए एक निमंत्रण पत्र मिला है। उन्होंने कहा कि वह 25 अक्टूबर को लंदन के लिए रवाना होंगी और वहां दो-तीन दिन ठहरेंगी। ममता 'राइजिंग पॉवर' विषय पर व्याख्यान देंगी।

Thursday, September 30, 2010

शख्स पाकिस्तानी नागरिक

चलती मेट्रो के अंदर मोबाइल कैमरे से फोटो खींच रहे एक पाकिस्तानी को हिरासत में लिया गया है। एक युवती को शक हुआ था कि वह उसकी फोटो खींच रहा है। युवती ने इस बारे में पुलिस को सूचना दी। राजौरी गार्डन मेट्रो स्टेशन पर सीआईएसएफ ने उसे मेट्रो से उतार लिया। पूछताछ में पता चला कि वह शख्स पाकिस्तानी नागरिक है। देर रात तक सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी उस शख्स से पूछताछ कर रहे थे। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि अभी तक ऐसा कुछ सामने नहीं आया है, जिससे उस पर संदेह किया जाए। उसे यह पता नहीं था कि मेट्रो के अंदर फोटो खींचने की मनाही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सोमवार दोपहर द्वारका से आ रही मेट्रो ट्रेन में बैठी युवती ने देखा कि उसके सामने वाली सीट पर बैठा शख्स मोबाइल का कैमरा ऑन करके चलती मेट्रो के अंदर फोटो खींच रहा है। कैमरे का रुख उस लड़की की तरफ था, उसे लगा कि वह शख्स शायद उसी की तस्वीरें मोबाइल में खींच रहा है। मेट्रो में लगे कैमरों से इस बात की पुष्टि भी हो गई। राजौरी गार्डन मेट्रो स्टेशन पर सीआईएसएफ के अधिकारियों ने लड़की की निशानदेही पर उस शख्स को मेट्रो से नीचे उतार लिया। पूछताछ में जब पता चला कि मोहम्मद रमजान (35) लाहौर का रहने वाला है, तो सीआईएसएफ के अफसरों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों को दी। रमजान को मेट्रो पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस उसे हिरासत में लेकर राजा गार्डन स्थित मेट्रो के पुलिस थाने में ले गई। पाकिस्तानी नागरिक के पकड़े जाने की खबर मिलते ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, आईबी, स्पेशल ब्रांच, एफआरआरओ और लोकल पुलिस सहित तमाम अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी राजा गार्डन थाने पहुंच गए, जहां रमजान की जॉइंट इंट्रोगेशन हुई। पूछताछ में पता चला कि रमजान तीन-चार दिन पहले ही अपने कुछ अन्य साथियों के साथ जियारत के लिए हजरत निजामुद्दीन दरगाह आया हुआ था और वहीं ठहरा हुआ था। उसके पास से मिला पासपोर्ट भी वैलिड बताया जा रहा है। पुलिस की टीमें उसके साथ आए अन्य लोगों से भी पूछताछ करने के लिए गई। शिकायत करने वाली लड़की का भी कोई फोटो उसके मोबाइल में नहीं मिला। उधर जब लड़की को भी पता चला कि वह शख्स पाकिस्तानी है, तो पुलिस के चक्कर से बचने के लिए उसने भी इस मामले में कोई लिखित कंप्लेंट देने से इनकार कर दिया। देर रात तक रमजान से पूछताछ की जा रही थी। पुलिस सूत्रों का कहना था कि शायद सुबह तक उसे छोड़ भी दिया जाएगा।

Saturday, September 18, 2010

ट्रेनों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर चलेंगे।

रेलमंत्री ममता बनर्जी देश की सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के अंदर 'पैसेंजर लाइफ सेफ स्कीम' को एक नया मोड़ देने जा रही हैं। कुछ ही दिनों ट्रेनों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर चलेंगे। डॉक्टरों की तैनाती का प्रोसेस लगभग शुरू हो चुका है। इस समय चिकित्सीय सुविधा केवल लंबी दूरी वाली दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेनों में उपलब्ध है। इसे शताब्दी-राजधानी और सप्तक्रांति सहित अन्य मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू करने के प्रस्ताव को ग्रीन सिग्नल मिल चुका है। सरकार की ओर से पैसेंजरों के लिए यह सुविधा फ्री होगी और इसके लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं वसूला जाएगा। नॉर्दर्न रेलवे के सीएमडी डॉ. आरएन त्रिपाठी ने बताया कि रेल यात्रा के दौरान अक्सर यात्रियों के बीमार होने पर उचित इलाज न मिलने की शिकायतें मिलती रही हंै। ऐसी स्थिति में सिर्फ बड़े स्टेशनों पर इलाज की सुविधा मिल पाती है। उन्होंने बताया कि देश के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों में मेडिकल शॉप खोलने की योजना को भी अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया गया है। इनमें जीवन रक्षक दवाओं के अलावा स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के बैठने की भी व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि इन ट्रेनों में डॉक्टरों की नियुक्ति कॉन्ट्रैक्ट बेस पर की जानी है। एसी बॉगी में दो बर्थ डॉक्टरों के लिए आरक्षित रहेंगे।

Tuesday, September 14, 2010

इंदौर में एक युवक यात्री ने रेलगाड़ी लेकर भागने की कोशिश की।

इंदौर में एक युवक यात्री ने रेलगाड़ी लेकर भागने की कोशिश की। यह तो ठीक रहा कि गाड़ी रफ्तार नहीं पकड़ पाई और राजकीय रेलवे पुलिस की मदद से युवक को पकड़ लिया गया। मामला इंदौर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर एक का है। मंगलवार की सुबह गाड़ी नंबर 326 महू-रतलाम पैसेंजर के इंजन में गोलू नामक युवक चढ़ा और गाड़ी को आगे बढ़ा दी। रेलगाड़ी से नीचे उतरे दोनों चालक जब गाड़ी को चलते देखा तो उन्होंने दौड़ लगाई और जीआरपी जवानों की मदद से गोलू को पकड़ लिया। जीआरपी थाने के उपनिरीक्षक आर. एन. एस. जाट ने बताया कि रेलगाड़ी बमुश्किल से 30 मीटर ही आगे बढ़ पाई थी तभी गोलू को पकड़ लिया गया। आरोपी से पूछताछ जारी है। गोलू के खिलाफ रेल सुरक्षा बल कार्रवाई करेगा। बताया गया है कि इस पैसेंजर रेलगाड़ी से बड़ी तादाद में कर्मचारी यात्रा करते हैं और मंगलवार को भी यह गाड़ी खचाखच भरी थी। अगर रेलगाड़ी रफ्तार पकड़ लेती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

Friday, September 10, 2010

सिग्नल सिस्टम में खराबी आ जाने से पैसेंजरों का आधे घंटे का सफर एक घंटे का हो गया।

दिल्ली मेट्रो की द्वारका लाइन पर सफर करने वाले पैसेंजरों का सफर गुरुवार को फिर लंबा हो गया। इस लाइन के सिग्नल सिस्टम में खराबी आ जाने से पैसेंजरों का आधे घंटे का सफर एक घंटे का हो गया। सिस्टम की खराबी को कुछ देर में दुरुस्त कर लिया गया लेकिन उसका असर लगभग दो घंटे तक रहा। दो घंटे बाद तक ट्रेनें रुक-रुक कर ही चल रही थीं। जिसकी वजह से पैसेंजरों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि यह खराबी यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन के पास सिग्नल सिस्टम में आ गई थी। सिस्टम की खराबी को दूर करने के लिए उसे दोबारा सेट करना पड़ा। जिसमें कुछ वक्त लगा। जब तक सिग्नल सिस्टम रिसेट होता, तब तक इस लाइन पर चलने वाली ट्रेनें बीच में ही रुक गईं। सिग्नल सिस्टम को जब ठीक किया गया तो उसके बाद ट्रेनें तो चलीं लेकिन काफी धीमी स्पीड में। दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले एक पैसेंजर के मुताबिक, सुबह लगभग 11.45 बजे जब वह शादीपुर स्टेशन पहुंचे तो उन्हें स्टेशन पर मेट्रो खड़ी तो दिखी लेकिन यह मेट्रो करीब 20 मिनट तक वहीं खड़ी रही। इसके बाद भी मेट्रो हर स्टेशन पर लगभग पांच से दस मिनट तक रुकती रही। नतीजा यह हुआ कि प्रगति मैदान तक जो सफर कुछ मिनटों का था, वह एक घंटे का हो गया। यह गड़बड़ी बाद में भी चलती रही। लगभग पौने एक बजे जब पैसेंजर कनॉट प्लेस की ओर रवाना हुए तो भी ट्रेनें ठिठक-ठिठक कर चल रही थीं।

Friday, September 3, 2010

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन पर इस लाइन का उद्घाटन करेंगे।

केंद्रीय सचिवालय से कुतुब के बीच मेट्रो की राह देख रहे पैसेंजरों का इंतजार शुक्रवार को खत्म होने जा रहा है। शुक्रवार दोपहर बाद से जहांगीरपुरी से अपना सफर शुरू करने वाले पैसेंजर बिना कहीं रुके सीधे गुड़गांव तक जा सकेंगे। इस तरह नोएडा के बाद गुड़गांव, एनसीआर का दूसरा ऐसा शहर बन जाएगा, जो मेट्रो के जरिए सीधे दिल्ली से जुड़ जाएगा। मेट्रो को उम्मीद है कि इस लाइन पर रोजाना कम से कम एक लाख और पैसेंजर सफर करेंगे। कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी ने इस लाइन पर सेफ्टी इंतजामों की जांच का काम मंगलवार शाम पूरा कर लिया। इस लाइन के चालू होने के साथ ही दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क बढ़कर 138 किमी का हो जाएगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार की दोपहर एक बजे केंद्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन पर इस लाइन का उद्घाटन करेंगे। इसके दो घंटे बाद यानी लगभग तीन बजे से इस लाइन को पब्लिक के लिए खोल दिया जाएगा। यह पहला मौका है, जबकि दिल्ली मेट्रो की लाइन को उसी दिन ही पब्लिक के लिए खोल दिया जाएगा, जिस दिन उसका उद्घाटन होगा। आमतौर पर उद्घाटन से अगले दिन ही मेट्रो रेल लाइन पर पब्लिक सर्विस शुरू की जाती है। इससे पहले दिल्ली मेट्रो की 12.53 किमी लंबी इस लाइन के लिए कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) आर. के. कर्दम ने मंगलवार को भी सेफ्टी इंतजामों की जांच की। उन्होंने दोपहर तक ट्रॉली के जरिए स्टेशनों और लाइन का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने खुद मेट्रो ट्रेन से भी इस लाइन पर सफर किया। वह केंद्रीय सचिवालय से कुतुब तक मेट्रो ट्रेन में गए और फिर वापस लौटे। माना जा रहा है कि सीएमआरएस सभी स्टेशनों और लाइन पर पैसेंजर सेफ्टी के लिए किए गए सेफ्टी इंतजामों से संतुष्ट हैं और उन्होंने इस बारे में दिल्ली मेट्रो को जानकारी भी दे दी है। इसके बाद ही दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार से इस लाइन को खोलने की तैयारी की है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रवक्ता का कहना है कि शुक्रवार दोपहर तीन बजे से पैसेंजर इस लाइन पर सफर कर सकेंगे। इस तरह से जहांगीरपुरी से लेकर गुड़गांव के हुडा सिटी सेंटर तक इस लाइन की लंबाई लगभग 46 किमी हो जाएगी और हुडा सिटी सेंटर से जहांगीरपुरी तक का किराया 29 रुपये होगा। इस तरह से द्वारका के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी मेट्रो रेल लाइन होगी। इस लाइन की खासियत यह है कि इसका लगभग 24 किमी का हिस्सा अंडरग्राउंड होगा। इस लाइन का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गुड़गांव के पैसेंजर दिल्ली के लगभग हर हिस्से से जुड़ जाएंगे। इस लाइन के चालू होने के साथ ही दिल्ली और एनसीआर में मेट्रो का नेटवर्क 138 किमी का हो जाएगा और इसके स्टेशनों की संख्या 117 तक हो जाएगी। इस लाइन के निर्माण पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। दिल्ली मेट्रो के दूसरे फेज में अब दो बड़ी लाइनें ही बची हैं। इनमें से एयरपोर्ट लाइन को प्राइवेट कंपनी चालू करने की तैयारी में है जबकि केंद्रीय सचिवालय से बदरपुर लाइन को खुद दिल्ली मेट्रो तैयार कर रही है और उम्मीद है कि यह लाइन भी सितंबर के अंत तक चालू हो जाएगी। इसके बाद दिल्ली मेट्रो के दो सेक्शन ही ऐसे होंगे , जिन पर अभी काम चल रहा होगा। इनमें से एक सेक्शन आनंद विहार से वैशाली और दूसरा कीर्ति नगर से अशोक पार्क स्टेशनों की लिंक लाइनें हैं। इन दोनों का काम कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद ही पूरा होगा।

Monday, August 30, 2010

ट्रेन के इंजन के पहिए पटरी से उतर गए

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में एक रेलवे स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतर
जाने से हावड़ा जा रही इस ट्रेन के यात्री आज बाल- बाल बच गए। पूर्वी रेलवे सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार पटरी के पैंडोरल क्लिप निकले हुए पाये गए। उन्होंने कहा कि बरुईपाड़ा स्टेशन की प्लैटफॉर्म संख्या तीन से गुजरते वक्त यह ट्रेन बहुत धीमी गति से चल रही थी। हावड़ा से करीब 50 किलोमीटर दूर इस स्टेशन पर ट्रेन के इंजन के पहिए पटरी से उतर गए और इसके बाद पीछे के दो डिब्बे भी पटरी से उतर गए। सूत्रों ने कहा कि इस घटना के कारण पटरी का करीब 50 फुट हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। एक यात्री अभिजीत मुखर्जी ने कहा कि सुबह करीब साढे़ नौ बजे जोरदार आवाज सुनाई दी और इसके बाद ट्रेन रुक गई।

Wednesday, August 25, 2010

शिर्डी स्थित साई बाबा के लिए सुपरफास्ट ट्रेन

शिर्डी स्थित साई बाबा के दर्शन करने वालों के लिए एक खुश खबर है। मध्य रेल उनकी सहूलियत के लिए 2 7 तारीख से अब सुपरफास्ट ट्रेन चलाने जा रही है। यह ट्रेन हफ्ते में तीन दिन चलेगी और 334 किमी का सफर 6 घंटे में ही पूरा कर लेगी। 2131 दादर-साईंनगर एक्सप्रेस हर मंगलवार, बुधवार और शनिवार को दादर से रात 9.45 बजे छूटेगी और सुबह 3.55 पर साईंनगर (शिर्डी) पहुंचेगी। वापसी में 2132 नंबर की यह ट्रेन मंगलवार, गुरुवार और रविवार को साईंनगर, शिर्डी से सुबह 10 बजे छूटेगी और दोपहर 4.05 पर दादर पहुंचेगी। इस ट्रेन को मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण 27 अगस्त को हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। इस ट्रेन में 18 कोच होंगे, जिसमें 6 चालू डिब्बे, स्लीपर क्लास के 8 कोच, थर्ड एसी का एक कोच और सेकंड एसी का एक कोच होगा। यह ट्रेन ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नाशिक रोड, मनमाड और कोपरगांव स्टेशनों पर रुकेगी। इसके सेकंड क्लास एसी का किराया 576 रुपये, थर्ड-एसी का 430 रुपये, स्लीपर क्लास का 174 रुपये और साधारण क्लास का 94 रुपये प्रस्तावित किया गया है। गौरतलब है कि मध्य रेल एक साल पहले से ही एक पैसेंजर ट्रेन साईंनगर-शिर्डी एक्सप्रेस चला रही है। चूंकि यह पैसेंजर ट्रेन है और पुणे तथा दौंड से होकर जाती है तथा सफर में 12 स्टॉपेज होने से457 किमी की दूरी तय करने में इसे 11.30 घंटे से ज्यादा समय लग जाता है। यह ट्रेन रात को 10.55 पर सीएसटी से छूटती है और अगले दिन सुबह 10.55 पर साईंनगर पहुंचती है।

ट्रेन 150 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड डबल होने वाली है

भारत में इस वक्त सबसे तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेन 150 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलती है। लेकिन जल्द ही ये स्पीड डबल होने वाली है, जिसका आगाज हो रहा है केरल में और इसमें उसकी मदद करेगी अपनी मेट्रो। जी हां, दिल्ली की धड़कन बन चुकी मेट्रो में इन दिनों भले ही तकनीकी दिक्कतों से पब्लिक को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इसके कामकाज करने के ढंग के सब दीवाने हो गए हैं। खबर है कि डीएमआरसी अब केरल में हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर तैयार करने के लिए कंसलटेंसी देगी। खास बात ये है कि लगभग 550 किमी के इस कॉरिडोर में लगभग 300 किमी की रफ्तार से ट्रेनें चलेंगी। मेट्रो ने वादा किया है कि अग्रीमेंट पर हस्ताक्षर होने के छह महीने के अंदर फाइनल प्री-फिजिबिल्टी रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। इस बारे में डीएमआरसी और केरल स्टेट इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन के बीच एमओयू साइन किया गया। यह हाईस्पीड कॉरिडोर तिरुवनंतपुरम और कासरागॉड के बीच बनेगा। दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता ने बताया कि इस तरह का यह पहला प्रोजेक्ट मेट्रो को मिला है, जिसके लिए वह जापानी एक्सपर्ट्स को अपने साथ रखेंगे। ये जापानी एक्सपर्ट्स वही होंगे, जो जापान में बुलेट ट्रेन की स्टडी में भी शामिल थे। इस कॉरिडोर पर ट्रेनें 275 से 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। इसके लिए स्टैंडर्ड गेज लागू किया जाएगा। शुरुआत में इस कॉरिडोर के लिए आठ स्टेशन बनाने का फैसला किया गया है। स्टेशनों के बीच औसत दूरी 70 से 80 किमी की रहेगी।

Monday, August 16, 2010

120 किमी रफ्तार से ट्रेन चलाने वाले ड्राइवरों को ट्रैक पर ट्रेन चलाकर ट्रेनिंग देने का काम शुरू

एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो रेल लाइन पर 120 किमी रफ्तार से ट्रेन चलाने वाले ड्राइवरों को ट्रैक पर ट्रेन चलाकर ट्रेनिंग देने का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि तकनीकी तौर पर अभी इस रूट पर ट्रायल शुरू नहीं हुआ है लेकिन चूंकि ड्राइवरों को ट्रेन चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है, इससे जाहिर है कि इसे ट्रेन का ट्रायल भी माना जा सकता है। इस रूट पर मेट्रो की सर्विस सितंबर से शुरू हो जाएगी। दिल्ली मेट्रो की यह एकमात्र ऐसी लाइन है, जो पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत बनाकर चलाई जाएगी। इस लाइन का सिविल वर्क दिल्ली मेट्रो ने किया है जबकि इस लाइन पर ट्रैक बिछाने, सिग्नलिंग और ट्रेनों को खरीदने की जिम्मेदारी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी के पास है। यही कंपनी एयरपोर्ट लाइन पर मेट्रो ट्रेनें भी चलाएगी। रिलायंस कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक इस लाइन को सितंबर के अंत तक पब्लिक सर्विस के लिए चालू कर दिया जाएगा। इस लाइन की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह 120 किमी की रफ्तार से चलेगी। अभी अन्य मेट्रो लाइनों पर ट्रेनें 80 किमी की अधिकतम रफ्तार से दौड़ती हैं। इस कंपनी का कहना है कि फिलहाल पहले फेज में चूंकि आठ मेट्रो ट्रेनें इस लाइन पर चलाई जाएंगी इसलिए 65 कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। यह ट्रेनिंग इस तरह की है कि जिस कर्मचारी को ट्रेन ऑपरेट करने की ट्रेनिंग दी जा रही है, उसे ऑपरेशनल कंट्रोल की भी ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि आपात स्थिति में उस कर्मचारी से दोनों तरह का काम कराया जा सके। कर्मचारियों को इस ट्रेनिंग के लिए स्पेन और जर्मनी से दो अलग-अलग तरह के सिम्युलेटर्स मंगाए गए हैं। इनमें से एक सिम्युलेटर ट्रेन ड्राइविंग का है जबकि दूसरा सिम्युलेटर सिग्नलिंग का है। यही नहीं, सिम्युलेटर के अलावा ट्रैक पर ट्रेन चलाने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देना भी शुरू कर दिया गया है। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के अधिकारियों का कहना है कि चूंकि ट्रेन 120 किमी की स्पीड से चलनी है इसलिए ट्रेनिंग भी इसी नजरिए से दी जा रही है, क्योंकि इतनी स्पीड पर चल रही ट्रेन को आपात स्थिति में रोकने के लिए कर्मचारी पूरी तरह निपुण होना चाहिए। यही नहीं, कर्मचारियों के कई तरह के टेस्ट भी किए गए हैं और यह देखा गया है कि वे आपात स्थिति में तुरंत रिएक्ट करे। इसी वजह से ड्राइवरों की इमोशनल स्टेबिलिटी को भी जांचा गया है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट होते हुए द्वारका तक बनाई जा रही इस 22 किमी लंबी मेट्रो रेल लाइन पर सितंबर के अंत तक पब्लिक सर्विस शुरू हो जाएगी। चूंकि यह हाई स्पीड ट्रेन होगी इसलिए इसका किराया भी अधिक होगा। कनॉट प्लेस से लेकर एयरपोर्ट तक का रास्ता यह ट्रेन 20 मिनट में ही पूरा कर लेगी।

Thursday, August 12, 2010

कुतुब से गुड़गांव के बीच मेट्रो सर्विस बुधवार से सुबह 6 बजे से ही शुरू होगी।

कुतुब से गुड़गांव के बीच मेट्रो सर्विस बुधवार से सुबह 6 बजे से ही शुरू होगी। पिछले महीने कुतुब-केंद्रीय सचिवालय के बीच लाइन का इंटीग्रेशन होने की वजह से दिल्ली मेट्रो ने सुबह मेट्रो सर्विस एक घंटे की देरी से शुरू करने का फैसला किया था। चूंकि यह काम पूरा हो गया है इसलिए बुधवार से अब पहले की तरह ही पैसेंजरों को सुबह 6 बजे से ही मेट्रो ट्रेन मिलेगी। दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 17 जुलाई से इस कॉरिडोर पर मेट्रो सेवा एक घंटे की देरी से चलाने का फैसला किया गया था। अब यह काम पूरा हो चुका है इसलिए अब ट्रेन सर्विस फिर से 6 बजे से शुरू हो जाएगी। मेट्रो का कहना है कि इंटीग्रेशन के सभी ट्रायल और टेस्ट हो चुके हैं। दिल्ली मेट्रो का इरादा इसी महीने कुतुब और केंद्रीय सचिवालय के बीच मेट्रो सर्विस शुरू करने का है। इसके बाद यह पूरा रूट जहांगीरपुरी से लेकर गुड़गांव सिटी सेंटर तक जुड़ जाएगा।

Friday, August 6, 2010

राजधानी एक्सप्रेस के इंजन में आग

लखनऊ के बाहरी इलाके में सुल्तानपुर-लखनऊ रेलमार्ग पर बुधवार सुबह राजधानी एक्सप्रेस के इंजन में आग लग गई। क्षतिग्रस्त इंजन को डिब्बों से अलग कर दिया गया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। यह घटना सुल्तानपुर-लखनऊ रेलमार्ग पर चंदौली और रहमतनगर रेलवे स्टेशनों के बीच हुई। गुवाहाटी से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस का इंजन अचानक बीच रास्ते में धूं-धूंकर जलने लगा। लखनऊ के मंडल रेल प्रबंधक(डीआरएम) जी.एस.सोंधी ने संवाददाताओं को बताया कि घटना के बाद जल्द रेलवे कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और क्षतिग्रस्त इंजन को डिब्बों से अलग कर दिया। घटना के चलते काफी समय तक लखनऊ-सुल्तानपुर रेलमार्ग पर रेल यातायात भी बाधित रहा। सोधी ने कहा कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। घटना की जांच आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के बाद ड्राइवर तत्काल रेलगाड़ी रोककर इंजन से उतर गया था। हादसे में किसी से घायल होने की खबर नहीं है। उन्होंने कहा कि फिलहाल राजधानी एक्सप्रेस में पैसेंजर रेलगाड़ी का इंजन लगाकर रहमतनगर से लखनऊ लाया जा रहा है। यहां उसमें दूसरा इंजन लगाकर दिल्ली के लिए रवाना किया जाएगा।

Monday, August 2, 2010

उम्दा टेक्नालजी का सहारा लेकर रेल यात्रियों को 'इन्फॉर्म्ड' करने में काफी हद तक कामयाब हुए

'बूंद-बूंद से घड़ा भरता है' जैसी कहावत हकीकत बने ऐसा विरले ही देखने को मिलता है। पश्चिम रेलवे ने एक बार इसे सच कर दिखाया है। करीब 2 साल पहले जब रेल यात्रियों के प्रबोधन हेतु पश्चिम रेल ने 'एसएमएस अपडेट' जैसी सर्विस लॉन्च की थी तो शायद ही कभी सोचा होगा कि यह अपने मैसेज की घंटियों की आवाज तीन करोड़ लोगों से ज्यादा लोगों तक पहुंचा देगी। अच्छी बात तो यह है कि यह सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है और पश्चिम रेलवे के पास इस समय 85,000 रजिस्टर्ड यात्री (सब्सक्राइबर) है जिन्हें लगातार एसएमएस मिलते रहते हैं। इसमें से 60,000 लोग मुंबई से ताल्लुक रखते हैं। गौरतलब है कि पूरे भारतीय रेल में रेल यात्रियों से संपर्क साधने का पहला प्रयास पश्चिम रेलवे ने इसी माध्यम से शुरू किया था। इन यात्रियों को रेल से संबंधित जनहित की खबरें, स्पेशल ट्रेनों की जानकारी, नियमित रूप से होने वाले मेगा ब्लॉक या जब भी कोई ट्रेनों के ऑपरेशन में गड़बड़ी होती है तो तुरंत मैसेज के द्वारा सूचना दे दी जाती है। इस मैसेज को थोक के भाव सेंड करने के लिए पश्चिम रेल ने एक प्राइवेट एजेंसी को हायर किया है, जो कुछ ही सेकंडों में इसके सभी नामित सदस्यों को मैसेज भेज देती है। पश्चिम रेल की इस उपलब्धि के बारे में मुख्य प्रवक्ता एस. एस. गुप्ता का कहना है कि आज के दौर में एसएमएस एक बहुत ही पर्सनलाइज्ड और स्ट्रांग मीडियम है और इसे हर कोई नोटिस करता है। अत: इस उम्दा टेक्नालजी का सहारा लेकर हम रेल यात्रियों को 'इन्फॉर्म्ड' करने में काफी हद तक कामयाब हुए हैं। रोज भेजे जा रहे हैं तीन लाख एसएमएस 'आपका परिवार घर पर आपका इंतजार कर रहा है... पटरी पार करने का शॉर्टकट आपकी लाइफ को शॉर्ट कर सकता है... थोण्याचा वेल वाचवण्यासाठी जीव धोक्यात का घातला? रेलवे रूल ओढ़ालू नका, प्लेटफॉर्म बदलताना पुलांचा किंवा भुयारी मार्गाचा वापर करा... आदि-आदि मैसेजों की घंटियां आजकल मुंबईकरों के मोबाइल पर बज रही हैं। आपको यह जानकर शायद थोड़ा अचंभा लगे कि ऐसे एक दो मैसेज नहीं, बल्कि रोजाना 3 से 3.25 लाख मैसेज लोगों को भेजे जा रहे हैं। दरअसल पश्चिम रेल की एक नई पहल के तहत पटरी पार करने के विरुद्ध 26 जुलाई से एक नया एसएमएस अभियान छेड़ा गया है। इस एमएमएस के जरिए लोगों के बीच यह जागरूकता फै लाने की कोशिश की जा रही है कि वे पटरी पार करने का तरीका अपनाना छोड़ दें, क्योंकि ऐसा कर वो अपने जीवन को धोखे में डाल रहे होते हैं। इसके लिए पश्चिम रेल प्रशासन ने मोबाइल कंपनियों से बात कर करीब 20 लाख मोबाइल धारकों के नंबर प्राप्त किए हैं, और रोजाना तीन से सवा तीन लाख लोगों को एसएमएस भेजे जा रहे हैं। पश्चिम रेल के मुख्य प्रवक्ता श्याम सुंदर गुप्ता का कहना है कि हमारी कोशिश है हम पब्लिक इंटरेस्ट में सभी 20 लाख मोबाइल नंबरों पर 4 से 5 बार एसएमएस भेजेंगे और यह सिलसिला एक महीने तक चलता रहे। इन संदेशों में चेतावनी, भावनात्मक अपील के साथ ही लोगों से पैदल ऊपरी पुल तथा सब-वे का उपयोग करने का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जो भी मैसेज हम यात्रियों या मुंबईकरों को भेज रहे हैं, उनमें से तो कई मैसेज खुद यात्रियों ने ही भेजा है। कुछ सप्ताह पूर्व इन मैसेजों को हमने यात्रियों से ही मंगवाया था।

ड्राइवर सहित करीब तीन यात्री घायल


बिहार के झाझा-जसीडीह रेलखंड पर जमुई जिले के रजला हॉल्ट के पास रविवार देर रात संदिग्ध अपराधियों ने एक रेलगाड़ी पर बम से हमला कर दिया। इस हादसे में ड्राइवर सहित करीब तीन यात्री घायल हो गए। पुलिस के अनुसार 315 डाउन मुजफ्फरपुर-सियालदह सवारी रेलगाड़ी रजला हॉल्ट के पास जैसे ही रुकी, अपराधियों ने रेलगाड़ी पर बम फेंक दिया व बाद में पथराव शुरू कर दिया। ड्राइवर ने खतरे को भांपते हुए रेलगाड़ी को वहां से आगे बढ़ा दिया और सिमुलतला रेलवे स्टेशन पर ले जाकर रोका। पुलिस के अनुसार इस घटना में रेलगाड़ी के ड्राइवर जयप्रकाश पासवान सहित करीब तीन यात्री घायल हो गए। राज्य के डीजीपी नीलमणि ने बताया, 'घायल ड्राइवर और अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। अपराधियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। संभव है अपराधियों ने लूटपाट करने की नियत से ऐसा किया होगा।'

ऐतिहासिक इंजनों को कॉमनवेल्थ के लिए तैयार किया जा रहा है।

दिल्ली-रेवाड़ी रेल मार्ग एनसीआर का ऐसा इकलौता रेल मार्ग है जो कॉमनवेल्थ के दौरान लाइमलाइट में रहेगा। इस रेल मार्ग पर इन दिनों सबसे अधिक ध्यान रेलवे अधिकारियों द्वारा दिया जा रहा है। शुक्रवार को डीआरएम ने इस रेल मार्ग की तैयारियों का जायजा लिया। हालांकि पूरे इंस्पेक्शन के दौरान वह ट्रेन से नीचे नहीं उतरे। रेलवे रेल मार्ग के सभी स्टेशन उनकी आव भगत के लिए तैयार रहे। दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन से चलने के बाद उत्तर रेलवे के डीआरएम अश्वनी लोहानी सीधे रेवाड़ी के ऐतिहासिक लोको शेड में रुके। इस शेड में दस ऐतिहासिक इंजनों को कॉमनवेल्थ के लिए तैयार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार पुराने और क्षमता कम होने के कारण इनमें से एक भी इंजन दिल्ली-रेवाड़ी रूट पर अपनी सेवाएं नहीं दे पाएंगे। लेकिन यहां आने वाले विदेशी पर्यटक सीधे फेयरी क्वीन के जरिए यहां पहुंचेंगे और शेड के अंदर ही इनकी राइड का मजा ले सकेंगे। यहां चल रहे निर्माण कार्य में डीआरएम ने तेजी लाने के निदेर्श दिए हैं ताकि 15 सितंबर तक इन्हें हर हाल में तैयार कर लिया जाए। डीआरएम करीब डेढ़ घंटे तक शेड में रुके और अपने कई अहम सुझाव भी दिए। इसे डीआरएम इंस्पेक्शन का खौफ कहें या फिर उन्हें खुश करने का तरीका शुक्रवार सुबह गुड़गांव स्टेशन की तस्वीर ही बदली हुई थी। देर रात हुई बरसात के बाद भी स्टेशन पर कीचड़ नहीं था। सभी स्टाफ पूरी तरह वर्दी में था। ऑटो स्टैंड पर चालक अपनी लाइन में लगे हुए थे, अवैध वेंडर न तो ट्रेनों के अंदर दिखाई दे रहे थे और न ही बाहर। सफाई कर्मी झाड़ू तो लगा ही रहे थे टिकट खिड़की और इंक्वायरी काउंटर पर भी काम सुचारु रूप से चल रहा था। यहां तक की खान पान के स्टॉलों पर भी सभी लोग वदीर् में थे। लेकिन जैसे ही डीआरएम इंस्पेक्शन गाड़ी यहां से निकल गई, सभी अपने पुराने ढर्रे पर लौट आए। बचीखुची कसर बरसात ने पूरी कर दी। दोपहर को आई बरसात के बाद स्टेशन पर हर जगह गंदगी फैल गई जिसे साफ करने में किसी की दिलचस्पी नहीं रही। कीचड़ की वजह से यात्रियों को काफी परेशानियां हो रही थी। मेन एंट्रेंस पूरी तरह पानी में डूबा हुआ था।

Thursday, July 29, 2010

अब अधिक प्रॉपर्टी टैक्स देना होगा।

मेट्रो जिन लोगों की कॉलोनी के पास से गुजर रही है या भविष्य में उनकी कॉलोनी के आसपास से मेट्रो गुजरेगी, उन्हें अब अधिक प्रॉपर्टी टैक्स देना होगा। टैक्स को लेकर बनाई गई दिल्ली सरकार की म्युनिसिपल वैल्यूएशन कमिटी की बुधवार को पेश रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि टैक्स बढ़ाने के लिए सभी फाइव स्टार होटल, नामीगिरामी पब्लिक स्कूल और लग्जरी संस्थानों की कैटिगरी को ए किया जाए। कमिटी ने राजधानी की 168 कॉलोनियों की कैटिगरी बढ़ाकर उसे अपग्रेड कर दिया है। एमसीडी की स्थायी समिति की बैठक में बुधवार को एमसीडी कमिश्नर के. एस. मेहरा ने इस रिपोर्ट को पेश किया और इसे लागू करने के लिए आधिकारिक मंजूरी मांगी। रिपोर्ट बनाने वाले अफसरों का कहना है कि अगर उनके सुझावों को लागू कर दिया गया तो एमसीडी की आय में हर साल करोड़ों रुपये का इजाफा हो सकता है। गौरतलब है कि राजधानी में प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए ए से एच तक कैटिगरी का निर्धारण किया गया है। कमिटी की रिपोर्ट में इनमें से करीब 168 कॉलोनियों की कैटिगरी को अपग्रेड किया गया है। कमिटी ने एमसीडी के इस विचार को माना है कि राजधानी की हर प्रॉपर्टी को टैक्स अदा करना होगा। इसी हिसाब से कमिटी ने पहले की 2,064 कॉलोनियों की संख्या को बढ़ाकर करीब 2,500 कर दिया है। कॉलोनियों की कैटिगरी को अपग्रेड करने के लिए कमिटी ने मेट्रो के परिचालन को सबसे महत्वपूर्ण माना है और कहा है कि इसी आधार पर इन कॉलोनियों के निवासियों को ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध हो पा रही हैं। कमिटी ने मेट्रो रूट के आधे किलो मीटर के दायरे में आंशिक या पूर्ण रूप से आने वाली सभी कॉलोनियों की कैटिगरी बढ़ा दी है। वर्तमान में बी कैटिगरी की 102 कॉलोनियों में से 12 को सीधे ए कैटिगरी में डाल दिया गया है। इसी तरह सी कैटिगरी की 169 कॉलोनियों में से 20 को बी श्रेणी में किया गया है। इसके अलावा 42 कॉलोनियों को डी से सी, 88 कॉलोनियों को ई से डी और 6 कॉलोनियों को जी से एफ कैटिगरी में तब्दील कर दिया गया है। कमिटी ने दिल्ली के सभी पांच सितारा होटलों, नामीगिरामी स्कूलों और लग्जरी संस्थानों को ए कैटिगरी में शामिल करने की सिफारिश की है। अभी तक इन्हें विभिन्न कॉलोनियों की कैटिगरी के साथ ही जोड़ा जाता है। कमिटी का कहना है कि इस बदलाव से एमसीडी को करीब 300 करोड़ रुपये की आय होगी।

दिल्ली - ऋषिकेश ट्रेन को मंगलवार दोपहर मुजफ्फरनगर में शिक्षा मित्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में जबरन रोक दिया।

दिल्ली जाने वाली दिल्ली - ऋषिकेश ट्रेन को मंगलवार दोपहर मुजफ्फरनगर में शिक्षा मित्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में जबरन रोक दिया। आंदोलनकारियों को तितर - बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस हंगामे के चलते ट्रेन पौन घंटे तक रुकी रही। रेलवे एक प्रवक्ता ने बताया पुलिस बल और आंदोलनकारियों के बीच झड़प भी हुई। आंदोलनकारी दिल्ली जाने वाले पैसेंजरों के साथ बदसलूकी पर उतर आए थे। एसपी प्रकाश कुमार ने बताया कि हल्के बल प्रयोग से कोई हताहत नहीं हुआ है। शिक्षा मित्र सैलरी बढ़ाने , सर्विस रेग्युलर करने और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे थे।

Monday, July 26, 2010

अब रेलवे में भी वीआरएस लागू कर दिया जाएगा।

रेल कर्मियों की लंबी मांगों को पूरा करते हुए ममता बनर्जी ने पिछले दिनों 13 जुलाई को एक महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कह दिया है कि अब रेलवे में भी वीआरएस लागू कर दिया जाएगा। हालांकि इसे लागू होने में अभी 5-6 महीने का वक्त लग सकता है। याद रहे कि अब तक रेलवे में वीआरएस का सिस्टम मौजूद नहीं था और इसके लिए रेल कमिर्यों ने काफी दिनों से अपनी मांग जारी रखी थी। रेल मजदूर यूनियन के प्रेजिडेंट और पूर्व सांसद रामदास आठवले ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि उनके यूनियन की मांग पर रेल मंत्री को गौर फरमाना पड़ा और अब सी तथा डी क्लास के रेल कर्मी 50 साल की उम्र के बाद वीआरएस के लिए अप्लाई कर सकेंगे। इस स्कीम का फायदा उठाने वालों के लिए खुशखबरी यह है कि उनकी जगह पर उनके वारिस को रेलवे में ही नौकरी देने की भी व्यवस्था करने की बात कही गई है। जबकि आरएमयू के जनरल सेक्रेटरी एस.पी. मिश्रा ने कहा कि संसद के आगामी सत्र में हम संसद भवन पर प्रदर्शन करने जा रहे हैं जिसमें पे-कमीशन के बदले में वेजबोर्ड का गठन, ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी, बोनस की सीलिंग हटाने तथा सभी रिक्त पदों को भरने की मांग रखेंगे। गौरतलब है कि आरएमयू रेल के दो सबसे बड़े यूनियन एनएफआईआर और एआईआरएफ से अलग यूनियन है और यह राष्ट्रीय स्तर पर हिंद मजदूर किसान पंचायत यूनियन से जुड़ी हुई है।

प्रशासन को कुछ ट्रेनों को बीच में ही रोक देना पड़ा

पिछले तीन दिनों में कोंकण रेल के रूट पर पड़ने वाले निवसर स्टेशन पर भारी बारिश के चलते रेल प्रशासन को कुछ ट्रेनों को बीच में ही रोक देना पड़ा है जबकि कम से कम 7 ट्रेनों का ऑपरेशन 24 और 25 जुलाई को रद्द कर दिया गया है। पूरा निवसर स्टेशन पानी से काफी प्रभावित हुआ है और बांध बनाकर इसे रोकने की तैयारी चल रही है। भारी बारिश के चलते इस रूट पर विजिबिलिटी पर भी बुरा असर पड़ा है अत: इस मद्देनजर ड्राइवरों को 40 किमी प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेन चलाने का निर्देश दिया गया है। जिन ट्रेनों को कैंसल किया गया है वे हैं मडगांव-सावंतवाड़ी पैसेंजर ट्रेन 24 और 25 जुलाई को, 2133 डाउन सीएसटी कारवार एक्सप्रेस 23 जुलाई को, 2134 अप कारवार-सीएसटी 24 जुलाई को, 2051 डाउन सीएसटी-मडगांव जनशताब्दी एक्सप्रेस 24 और 25 जुलाई को, 2052 अप मडगांव-सीएसटी जनशताब्दी एक्सप्रेस 24 और 25 जुलाई को, 2619/2620 डाउन तथा अप मत्स्यगंधा एक्सप्रेस को भी 24 और 25 जुलाई को रद्द कर दिया गया है। एक विज्ञप्ति के माध्यम से कोंकण रेल ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया है।

Thursday, July 22, 2010

मुख्य सहयोगी पार्टी कांग्रेस ममता के बचाव में

रेल हादसे पर एक ओर जहां गैर यूपीए दल दीदी यानी ममता बनर्जी पर बरस पड़े हैं, वहीं यूपीए की उसकी मुख्य सहयोगी पार्टी कांग्रेस ममता के बचाव में दिख रही है। दादा यानी बंगाल से सांसद और केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि ट्रेन हादसों की वजह ममता की रेल मंत्रालय से गैरमौजूदगी है। एक्सिडेंट सिर्फ एक्सिडेंट हैं। इनके बारे में कोई भी भविष्यवाणी नहीं कर सकता, इसीलिए ये एक्सिडेंट कहलाते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मृतकों के घरवालों के प्रति संवेदना जाहिर की है और घायलों के जल्दी ठीक होने की दुआ मांगी है। इस बीच, पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के चीफ मानस भूंइया ने कहा है कि यह हादसा छेड़छाड़ का मामला लगता है और इसकी हम टॉप लेवल पर जांच की मांग करते हैं। भूंइया ने कहा कि ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग करना सरासर गलत है। अगर उन्हें इस्तीफा देना चाहिए तो पश्चिम बंगाल के सीएम और ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर को भी इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि पिछले एक साल में राज्य में सड़क हादसों में 9,000 लोगों की मौत हुई है। राज्य सरकार द्वारा रेलवे के प्रति विरोधी रवैया रखने से ही पूरे रेलवे सिक्युरिटी सिस्टम को नुकसान हुआ है।

साइंथिया स्टेशन पर सोमवार को हुआ ट्रेन एक्सिडेंट ड्राइवर की गलती से ही हुआ

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के साइंथिया स्टेशन पर सोमवार को हुआ ट्रेन एक्सिडेंट ड्राइवर की गलती से ही हुआ था। यह दावा स्टेशन के सिग्नल इंचार्ज रहमत अली ने किया है। उन्होंने दावा किया कि स्टेशन मास्टर ने उत्तरबंग एक्सप्रेस के ड्राइवर को अलर्ट करने की कोशिश की थी लेकिन वह रेड सिग्नल को तोड़ते हुए प्लैटफॉर्म में गाड़ी ले आया। न तो ड्राइवर और न ही गार्ड की तरफ से ऐसा कोई मेसेज मिला था कि ट्रेन के ब्रेक फेल हो गए हैं। इस बीच, मरने वालों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है। वनांचल एक्सप्रेस के तीन जख्मी पैसेंजरों ने मंगलवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया। 28 लोगों की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। उधर, पश्चिम बंगाल सरकार ने मामले की सीआईडी जांच का आदेश दे दिया है, वहीं रेलवे ने भी इनक्वायरी बैठा दी है। हालांकि, पश्चिम बंगाल के डीजीपी भूपिंदर सिंह ने हादसे के पीछे तोड़फोड़ से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

Friday, July 16, 2010

चर्चगेट जा रही लोकल माहिम स्टेशन पर पटरी से उतर गई।

रविवार दोपहर पश्चिम रेल के यात्रियों को उस समय परेशानियों का सामना करना पड़ा जब विरार से चर्चगेट जा रही लोकल माहिम स्टेशन पर पटरी से उतर गई। इसकी वजह से फ्रंट कोच के तीन पहिए पटरी से उतरकर रगड़ खाते हुए जमीन से जा मिले। बता दें कि एक कोच में 8 पहिए होते हैं। मगर इस दुर्घटना में किसी के भी हताहत होने की कोई खबर नहीं मिली। घटना दोपहर पौने तीन बजे की है जब प्लेटफॉर्म (लाइन) नंबर 4 से प्लेटफॉर्म नं. 2 पर जा रही फास्ट लोकल अपना संतुलन खो बैठी और वह पटरी से उतर गई। हालांकि इस दुर्घटना का समाचार पाते ही एजीएम और डीआरएम एक्सिडेंट रिलीफ ट्रेन के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे मगर जब तक उनके मार्गदर्शन में इसका रेस्टोरेशन हो पाता, बाकी की लोकल ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ। यह सामान्य तभी हुआ जब शाम 6.15 बजे तक पटरी से उतरी लोकल को वहां से हटा दिया गया। गौरतलब है कि मेगा ब्लॉक का दिन होने से माहिम और मुंबई सेंट्रल के बीच मरम्मत का काम किया जा रहा था और इस दरमियान माहिम से मुंबई सेंट्रल फास्ट ट्रैक की लोकल को स्लो ट्रैक पर डायवर्ट किए जाने की व्यवस्था की गई थी। यह हादसा उसी समय हुआ, जब लोकल क्रासओवर से गुजर रही थी। गौरतलब है कि जब भी ट्रेन को एक लाइन से दूसरी लाइन पर डायवर्ट किया जाता है तो उस समय ट्रेन की स्पीड 15 किमी से कम ही रखी जाती है। पहला शक मोटरमैन के ऊपर जा रहा है। हालांकि पश्चिम रेल के अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया है कि इस हादसे में मोटरमैन की तरफ से कोई गड़बड़ी हुई है। इसके मुख्य प्रवक्ता एस. एस. गुप्ता ने कहा है कि डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं और जांच के बाद ही इस हादसे की सही वजह पता चल पाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जांच के दौरान लोकल की स्पीड भी जांच का एक मुद्दा जरूर रहेगा।

कुतुब तक की मेट्रो रेल लाइन पर गुरुवार से मेट्रो का ट्रायल शुरू

केंद्रीय सचिवालय से कुतुब तक की मेट्रो रेल लाइन पर गुरुवार से मेट्रो का ट्रायल शुरू हो गया। इस ट्रायल के दौरान इस लाइन पर लगाए गए सभी सिस्टम की जांच की जाएगी और बाद में इस लाइन को कुतुब से गुड़गांव लाइन के साथ जोड़ दिया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि अगले महीने ट्रायल पूरा होने पर इस लाइन को पैसेंजरों के लिए चालू कर दिया जाएगा। इसके बाद यह लाइन केंद्रीय सचिवालय से गुड़गांव तक पूरी हो जाएगी। ट्रायल के दौरान चूंकि सभी सिस्टम को मौजूदा कुतुब - गुड़गांव लाइन से इंटीग्रेट करना होगा , इसलिए ट्रायल पूरे होने तक गुड़गांव और कुतुब के बीच मेट्रो रेल लाइन सुबह छह बजे की बजाय सात बजे से शुरू होगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रवक्ता ने बताया कि केंद्रीय सचिवालय से कुतुब तक के 12.53 किमी लंबे हिस्से के लिए मेट्रो का ट्रायल गुरुवार सुबह शुरू हुआ। चूंकि इस लाइन का ज्यादातर हिस्सा अंडरग्राउंड है इसलिए अंडरग्राउंड सिस्टम की भी ट्रायल के दौरान जांच की जाएगी। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि सिविल स्ट्रक्चर की तो जांच की ही जा रही है , साथ ही सिग्नलिंग सिस्टम , ट्रैक और ट्रेन की स्पीड , ब्रेकिंग सिस्टम आदि की जांच की जाएगी ताकि पता लगाया जा सके कि इस सेक्शन में ट्रेन चलने के दौरान किसी तरह की कोई दिक्कत तो नहीं आती। इस ट्रायल की ऑपरेशनल कंट्रोल सिस्टम से भी निगरानी की जा रही है ताकि इससे ट्रेन और ओसीसी के सिस्टम के इंटीग्रेशन की भी जांच हो जाएगी। ट्रायल के दौरान ट्रेन को पावर सप्लाई करने वाले ओवरहेड इलेक्ट्रिक सिस्टम की भी कई बार जांच की जाएगी। मेट्रो का कहना है कि यह ट्रायल कुछ सप्ताह तक चलेगा और उम्मीद की जा रही है कि अगले महीने जब कमिश्नर रेलवे सेफ्टी अपनी क्लीयरेंस दे देंगे तो इस लाइन पर को पैसेंजर सर्विस के लिए चालू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि गुड़गांव और कुतुब के बीच मेट्रो सर्विस पहले से ही चल रही है। अब केंद्रीय सचिवालय और कुतुब के बीच लिंक पूरा होने के बाद यह लाइन जहांगीरपुरी से गुड़गांव तक पूरी हो जाएगी और ट्रेनें उत्तरी दिल्ली के अंतिम छोर से शुरू होकर गुड़गांव तक सीधे आ - जा सकेंगी। दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि पहले से चल रही इस मेट्रो रेल लाइन को केंद्रीय सचिवालय - कुतुब लाइन से इंटीग्रेट करने के लिए गुड़गांव - कुतुब लाइन पर मेट्रो सर्विस एक घंटा देर से शुरू की जाएगी। यह बंदोबस्त 17 जुलाई से होगा यानी उस दिन से गुड़गांव - कुतुब के बीच चलने वाली मेट्रो ट्रेनें सुबह छह बजे की बजाय सात बजे शुरू होंगी। यह व्यवस्था अगले महीने तक जारी रहेगी। मेट्रो का कहना है कि सर्विस में एक घंटे की कटौती का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा , क्योंकि सुबह के वक्त इस लाइन पर पैसेंजरों की संख्या बेहद सीमित होती है। दिल्ली मेट्रो की केंद्रीय सचिवालय - कुतुब लाइन के 9 अंडरग्राउंड स्टेशन हैं। ये हैं : उद्योग भवन , रेसकोर्स रोड , जोरबाग , आईएनए , एम्स , ग्रीन पार्क , हौज खास , मालवीय नगर और साकेत। जब यह लिंग जुड़ जाएगा तो दिल्ली मेट्रो के पैसेंजर हुडा सिटी सेंटर से केंद्रीय सचिवालय तक महज 52 मिनट में पहुंच जाएंगे। इसी तरह केंद्रीय सचिवालय से कुतुब मीनार तक जाने में पैसेंजरों को महज 25 मिनट ही लगेंगे।

Tuesday, July 13, 2010

कोयले से लदी एक मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए।

उत्तर प्रदेश के आंबेडकर नगर जिले में सोमवार तड़के कोयले से लदी एक मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दुर्घटना जिले के टांडा रेलवे स्टेशन के पास हुई। कोयले से लदी मालगाड़ी स्थानीय राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) की इकाई की ओर जा रही थी। आंबेडकर नगर के राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) चौकी प्रभारी राम आसरे ने संवाददाताओं को बताया कि घटना में मालगाड़ी के पीछे के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे रेलमार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। मालगाड़ी धनबाद से कोयला लेकर आ रही थी। आसरे ने बताया कि रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचकर रेलमार्ग को ठीक कर रहे हैं। पटरी से उतरे डिब्बों को हटाकर रेलमार्ग जल्दी दुरुस्त कर लिया जाएगा। उनके मुताबिक दुर्घटना के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

Saturday, July 10, 2010

चांदनी चौक और राजीव चौक स्टेशनों पर अधिक एस्केलेटर लगाने का निर्देश

मेट्रो मेन श्रीधरन ने चांदनी चौक और राजीव चौक स्टेशनों पर अधिक एस्केलेटर लगाने का निर्देश दिया है। पैसेंजरों की सुविधा के लिए टिकट के ज्यादा काउंटर बनाने और चावड़ी बाजार स्टेशन पर लिफ्ट लगाने के लिए भी कहा है। ये सभी सुविधाएं कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले उपलब्ध हो जाएंगी। श्रीधरन इन तीनों स्टेशनों का मुआयना करने गुरुवार को पहुंचे। उन्होंने चांदनी चौक स्टेशन पर पैसेंजरों की भीड़ देखकर कई फेरबदल के निर्देश दिए। चांदनी चौक स्टेशन पर पांच गेट हैं। गेट नं। 1 टाउन हाल की तरफ निकलता है और गेट नं. 5 चांदनी चौक की तरफ, गेट नं. 1 पर सबसे ज्यादा भीड़ रहती है और गेट नं. 5 पर सबसे कम। उन्होंने कहा है कि अब गेट नं. 1 को केवल प्रवेश के लिए इस्तेमाल किया जाए और गेट नं. 5 को बाहर निकलने के लिए। इस तरह पैसेंजरों को इन स्टेशनों का वन-वे इस्तेमाल करना होगा और दोनों गेट का समान इस्तेमाल होगा व भीड़ भी नहीं होगी। श्रीधरन ने देखा कि चांदनी चौक स्टेशन पर टिकट खरीदने के लिए भारी भीड़ रहती है और लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि इस स्टेशन पर टिकट के 14 काउंटर और खोले जाए। ये काउंटर गेट नं. 1 के पास होंगे। वहां दो नए एस्केलेटर भी लगाए जाएंगे। राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर करीब 3.75 लाख पैसेंजर रोज आते-जाते है उन्होंेने ए और बी ब्लाक में एक-एक नए एस्केलेटर चालू किए। दो अन्य अगले दस दिनों में चालू हो जाएंगे। चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन पर उन्होंने एक हाई कपैसिटी की लिफ्ट लगाने के लिए कहा है जो हौज काजी साइड पर लगाई जाएगी। दिल्ली की महिला और बाल कल्याण मंत्री किरण वालिया ने सुझाव दिया है कि मेट्रो में एक कोच महिलाओं के लिए रिजर्व होनी चाहिए क्योंकि भीड़ के कारण महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने मेट्रो चेयरमैन ई. श्रीधरन को इस बारे में एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि मुंबई में लोकल ट्रेन में भी महिलाओं के लिए एक कोच रिजर्व रहता है।

भगवान जगन्नाथ की नौ दिवसीय वार्षिक रथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के लिए कम से कम 63 विशेष रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी।

उड़ीसा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की नौ दिवसीय वार्षिक रथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के लिए कम से कम 63 विशेष रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी। यह जानकारी एक अधिकारी ने शनिवार को दी। ईसीआर के मैनेजर संजीव गर्ग ने बताया, 'उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से विशेष रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी। ये पुरी के लिए रोजाना आने-जाने वाली रेलगाड़ियों के अलावा होंगी।' उन्होंने बताया कि पुरी में देवताओं के संध्या दर्शन, बहुदा यात्रा और सुनाबेसा के समय यात्रियों की अतिरिक्त भीड़-भाड़ को कम करने के लिए भी विशेष रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी। इसके अलावा 14 रेलगाड़ियों का रास्ता पुरी के लिए बदल या बढ़ा दिया गया है। यह पर्व भारतीय कैलेंडर के अनुसार अषाढ़ महीने में मनाया जाता है। इस साल यह त्योहार 13-21 जुलाई तक मनाया जाएगा।

5 स्कूली छात्रों की मौत

महाराष्ट्र के जलगांव जिले में शुक्रवार को एक पुल पार करते समय एक यात्री रेलगाड़ी की चपेट में
आने की वजह से 5 स्कूली छात्रों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना पूर्वाह्न 11.30 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच में हुई। अमलनेर गांव में बोरी नदी पर यह पुल बना हुआ है।

Monday, July 5, 2010

नोएडा पुलिस को राजीव चौक और उत्तमनगर मेट्रो स्टेशन उड़ाने की धमकी

नोएडा पुलिस को राजीव चौक और उत्तमनगर मेट्रो स्टेशन उड़ाने की धमकी दी गई है। धमकी दोपहर 1
बजकर 23 मिनट पर मोबाइल फोन से दी गई। नोएडा पुलिस ने दिल्ली पुलिस को सूचना दे दी है और मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकालने में जुट गई है। फिलहाल फोन करने वाले की कोई सूचना पुलिस कलेक्ट नहीं कर पाई है। रविवार दोपहर को नोएडा पुलिस के अल्फा कंट्रोल रूम पर अज्ञात मोबाइल फोन से राजीव चौक और उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन को उड़ाने की धमकी दी गई। एपी सिटी अशोक त्रिपाठी ने बताया है कि पुलिस ने तुरंत सूचना दिल्ली पुलिस को रेफर की। इसके बाद मोबाइल नंबर को सविर्लांस पर लगा दिया है। कॉल डिटेल निकाली जा रही है। धमकी देने वाले की जांच की जा रही है। फिलहाल उसकी कोई सूचना नहीं मिल पाई है।

Saturday, July 3, 2010

शहर में मेट्रो के विस्तार में पैसे की कमी आड़े नहीं आएगी।

शहर में मेट्रो के विस्तार में पैसे की कमी आड़े नहीं आएगी। जीडीए ने विकास शुल्क में505 रुपये प्रति वर्ग मीटर का इजाफा कर दिया है। यह विकास शुल्क नया मैप स्वीकृत करने वालों से वसूल किया जाएगा। साथ ही , दस वर्षों तक अवस्थापना निधि का 50 पर्सेंट हिस्सा भी जीडीए को मिलेगा। यह फैसला शुक्रवार को जीडीए की बोर्ड बैठक में किया गया। इस बैठक में यूपी के प्रमुख सचिव ( आवास ) जगन्नाथ चैंबर , वीसी एन . के . चौधरी और अन्य अफसर भी मौजूद रहे। जीडीए बोर्ड की बैठक में कुल 24 प्रस्ताव रखे गए , जिनमें से बीस प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई। जीडीए बोर्ड के अध्यक्ष जगन्नाथ चैंबर ने बताया कि मेट्रो रेल परियोजना पर होने वाले खर्च की पूर्ति करने के लिए विकास शुल्क मेेें 505 रुपये प्रति वर्ग मीटर की बढ़ोतरी की गई है। अब मैप स्वीकृत कराने वालों से 1840 रुपये के बजाए 2345 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से वसूली की जाएगी। नए मास्टर प्लान के अनुसार अभी तक आठ हजार हेक्टेयर एरिया के 25 पर्सेंट हिस्से का डिवेलपमेंट हुआ है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जब 75 पर्सेंट हिस्से का काम पूरा हो जाएगा , जीडीए को विकास शुल्क के रूप में ही 4500 करोड़ जीडीए को मिल जाएंगे। इसके अलावा दस वर्षों तक अवस्थापना निधि का 50 पर्सेंट हिस्सा भी अथॉरिटी को मिलेगा। गौरतलब है कि किसी भी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होने पर प्रति वर्ष दो प्रतिशत राशि ( लगभग 150 करोड़ रुपये ) अवस्थापना निधि के रूप में शासन से आती है। यह राशि जीडीए , नगर निगम और आवास विकास परिषद को बराबर - बराबर दी जाती है।

Monday, June 28, 2010

ट्रायल के लिए मेट्रो ने अपनी कवायद शुरू कर दी

दिल्ली मेट्रो की दो और लाइनों पर अगले महीने तक ट्रेनें दौड़ती नजर आ सकती हैं। इनमें से केंद्रीय सचिवालय से कुतुब के बीच तो मेट्रो की ट्रायल ट्रेन अगले कुछ ही दिनों में शुरू हो सकती है जबकि बदरपुर लाइन पर यह ट्रायल अगले महीने के पहले पखवाड़े में शुरू हो सकता है। इन दोनों लाइनों पर ट्रायल के लिए मेट्रो ने अपनी कवायद शुरू कर दी है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि कुतुब लाइन पर पैसंेजर सर्विस अगले एक से डेढ़ महीने में शुरू हो जाएगी। गुड़गांव से कुतुब के बीच में मेट्रो सेवा कुछ दिन पहले ही शुरू की गई है लेकिन कुतुब और केंद्रीय सचिवालय के बीच की लाइन पर अभी निर्माण कार्य चल रहा है। लगभग 12 किलोमीटर लंबी इस लाइन पर सिविल कार्य पूरा हो चुका है और ट्रायल व सिग्नलिंग सिस्टम का काम भी पूरा होने जा रहा है। इस तरह अब सिर्फ ट्रायल बाकी है। दिल्ली मेट्रो के सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय सचिवालय और कुतुब के बीच मेट्रो का ट्रायल अगले कुछ दिनों में शुरू हो सकता है। अंतिम तैयारियां चल रही हैं। यह ट्रायल इसी महीने के अंत में या अगले महीने के शुरू में चालू कर दिया जाएगा। लाइन का ज्यादातर हिस्सा अंडरग्राउंड है इसलिए ट्रायल में ट्रेन से जुड़े तकनीकी पहलुओं के अलावा पैसेंजर सेफ्टी सिस्टम की भी पैनी जांच की जाएगी। इस लाइन को पहले दो टुकड़ों में यानी केंद्रीय सचिवालय से ग्रीन पार्क तक अप्रैल में और ग्रीन पार्क से कुतुब लाइन को जून तक चालू किया जाना था लेकिन अब यह डेडलाइन पूरी हो चुकी हैं। माना जा रहा है जल्द ट्रायल के बाद लाइन को पैसेंजरों के लिए अगले एक से डेढ़ महीने में खोलने की उम्मीद है। केंद्रीय सचिवालय से बदरपुर के बीच बनाई जा रही स्टैंडर्ड गेज की लाइन नंबर छह का काम भी तेजी से चल रहा है और उम्मीद है कि ट्रायल अगले महीने कभी भी शुरू किया जा सकता है। इस लाइन पर सिविल कार्य के साथ ही मूलचंद तक ट्रैक बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है। सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। अगले महीने के अंत तक इस लाइन पर भी ट्रायल शुरू होने की उम्मीद है। इस लाइन को सितंबर में खोलने का टारगेट है। 20.16 किमी लंबी इस स्टैंडर्ड गेज लाइन पर 15 मेट्रो स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इनमें जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम प्रमुख है, जहां कॉमनवेल्थ गेम्स का उद्घाटन और समापन समारोह होना है। मेट्रो को उम्मीद है कि जब यह लाइन चालू हो जाएगी तो इस पर सफर करने वाले पैसेंजरों की तादाद 3.60 लाख तक हो जाएगी।

Thursday, June 24, 2010

एस. एन. शर्मा और एक अन्य सीनियर अफसर को करोड़ों रुपये के रेलवे भर्ती घोटाला मामले में गिरफ्तार कर लिया

सीबीआई ने रेलवे भर्ती बोर्ड, मुंबई के निलंबित अध्यक्ष एस. एन. शर्मा और एक अन्य सीनियर अफसर
को करोड़ों रुपये के रेलवे भर्ती घोटाला मामले में गिरफ्तार कर लिया है। शर्मा को भर्ती घोटाले में भूमिका के चलते गिरफ्तार किया गया है, जिसमें उनका बेटा और 7 अन्य पहले ही पकड़े जा चुके हैं। सीबीआई के डीआईजी वी. वी. लक्ष्मीनारायण ने बताया कि एजेंसी ने इस मामले में रायपुर के सीनियर डिविजनल पर्सनेल ऑफिसर जी. सेठी को भी गिरफ्तार किया है। शर्मा और सेठी दोनों को मुंबई और रायपुर से प्रश्नपत्रों के लीक होने के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। सीबीआई प्रवक्ता हर्ष बहल ने नई दिल्ली में बताया कि इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आठों लोगों को तीन दिन की पुलिस हिरासत में बुधवार को सौंप दिया गया है। लक्ष्मी नारायण ने कहा कि शर्मा और सेठी को सीबीआई अदालत में गुरुवार को पेश किया जाएगा। सीबीआई ने बीते 19 जून को रेलवे भर्ती में करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया था और इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसमें शर्मा का बेटा विवेक भारद्वाज शर्मा, रायपुर स्थित तत्कालीन एडीआरएम ए. के. जगन्नाथम और उनका बेटा सुरजन शामिल थे। रेलवे ने शर्मा को सस्पेंड कर दिया था और कहा था कि वह जांच कार्य में सीबीआई को अपना हर मुमकिन सहयोग देगी। सीबीआई को रेलवे बोर्ड ने 21 जून को शर्मा की भूमिका की जांच के लिए मंजूरी दे दी थी। सीबीआई ने आरोप लगाया कि घोटाले के आरोपी असिस्टेंट लोको पायलट और असिस्टेंट स्टेशन मास्टर पद के लिए अभ्यथिर्यों से साढ़े तीन लाख रुपये की रकम वसूलते थे। सीबीआई ने कहा कि इस बारे में 15 जून को हैदराबाद में मामला दर्ज किया गया था। यह घोटाला असिस्टेंट लोको पायलट और असिस्टेंट स्टेशन मास्टर की परीक्षा से जुड़ा है, जिनका आयोजन 6 और 13 जून को किया जाना था। बहल ने कहा कि यह घोटाला करोड़ों रुपयों का है। इस मामले में जांच जारी है।

Tuesday, June 22, 2010

नालासोपारा तथा विरार स्टेशन की दशा सुधारना हमारी प्राथमिकता

एक विशेष बातचीत में पश्चिम रेल के मुंबई डिवीजन के मैनेजर गिरीश पिल्लई ने बताया कि पिछले पांच सालों की अपेक्षा में आज नालासोपारा स्टेशन के यात्रियों की संख्या 100 प्रतिशत (दो गुनी) तथा विरार स्टेशन के यात्रियों की संख्या 26.6 प्रतिशत बढ़ गई है, ऐसे में इन दोनों स्टेशनों की दशा सुधारना हमारी प्राथमिकता है और हम इसी दिशा में आगे काम बढ़ाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दौरे में हमने पाया कि इन स्टेशनों पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। गौरतलब है कि नालासोपारा स्टेशन पर साल 2005-06 में जहां रोजाना औसतन 76,117 यात्री आते-जाते थे, वहीं पर साल 2009-10 में यह संख्या बढ़कर 142872 हो गई। इसी तरह से विरार स्टेशन से जहां साल 2005-06 में जहां रोजाना औसतन 118624 यात्री आते-जाते थे, वहीं पर साल 2009-10 में यह संख्या 144092 हो गई। श्री पिल्लई ने बताया कि जल्द ही इसके लिए कंसल्टैंट नियुक्त कर लिया जाएगा जो यह पता लगाएगा कि इन स्टेशनों पर बनने वाली नई स्टेशन बिल्डिंग कैसी और कितनी बड़ी होगी और उसमें क्या यात्री सुविधाएं होंगी। बकौल श्री पिल्लई, 'यह हमारी कोशिश होगी कि हम इन दोनों स्टेशनों के सर्कुलेटिंग एरिया को सुधारें। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि दूसरे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के वास्ते हमने अन्य स्टेशनों पर कुल 12 फुटओवर ब्रिज बनाने का काम आगे बढ़ा दिया है जिसमें से 5 स्टेशनों पर एफओबी का काम पूरा किया जा चुका है। गौरतलब है कि बोरिवली, बांदा, सांताक्रुज, भायंदर और मीरा रोड स्टेशनों पर एफओबी बनाए जा चुके हैं जबकि ग्रांट रोड, परेल, अंधेरी, मालाड, गोरेगांव, कांदीवली, दहिसर, वसई रोड, अंधेरी स्टेशनों पर अगले एक सालों में एफओबी बना दिए जाएंगे। मालाड, गोरेगांव, कांदीवली स्टेशनों पर एफओबी के निर्माण की बात रेल मंत्री ने इसी साल के बजट में की थी। इन एफओबी पर कुल 40 करोड़ रुपए खर्च करने का बजट पश्चिम रेलवे ने बनाया है। बकौल श्री पिल्लई, इसके अलावा हम हमेशा से एमएमआरडीए के टच में हैं कि यात्रियों के आने जाने के लिए वो स्काई-वॉक का भी निर्माण कराए।

Thursday, June 17, 2010

गुड़गांव के लिए यह मेट्रो सेवा सिर्फ कुतुब मीनार से

नोएडा के बाद अब दिल्ली के दूसरे सेटेलाइट शहर गुड़गांव में भी सोमवार से मेट्रो दौड़ना शुरू कर देगी। फिलहाल गुड़गांव के लिए यह मेट्रो सेवा सिर्फ कुतुब मीनार से ही होगी। अगले एक से डेढ़ महीने के बाद दूसरा सेक्शन चालू होने पर गुड़गांव सीधे केंद्रीय सचिवालय के रास्ते जहांगीरपुरी से जुड़ जाएगा। गुड़गांव हरियाणा का पहला शहर है, जहां मेट्रो सेवा शुरू की जा रही है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल के मुताबिक सोमवार सुबह 8 बजे से पहली मेट्रो सर्विस गुड़गांव के हुडा सिटी सेंटर और कुतुब मीनार से शुरू होगी। अगले दिन से मेट्रो ट्रेनें सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक चलने लगेंगी। फिलहाल इरादा 12 मिनट की सर्विस रखने का है। इसके लिए पांच ट्रेनें चलाई जाएंगी। यह पहला मौका होगा जब किसी लाइन के एक स्टेशन पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी। यह स्टेशन होगा छतरपुर। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि इस स्टेशन के लिए जमीन ही पिछले साल मिली है इसलिए स्टेशन तैयार होने में अगस्त तक का वक्त लग जाएगा।

Tuesday, June 15, 2010

ट्रेन को स्टेशन पर रोका

दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव किये जाने से ट्रेन का चालक घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस पर बासूगांव रेलवे स्टेशन के पास सुबह लगभग साढ़े आठ बजे अज्ञात व्यक्तियों ने पथराव किया। पथराव से ट्रेन चालक एस. एन. चक्रवर्ती घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों ने बताया कि ट्रेन को स्टेशन पर रोका गया। करीब 40 मिनट बाद ट्रेन दोबारा चली। इतने समय तक इलाके में ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं। सूत्रों के मुताबिक एक व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। पथराव का कारणों का अबी पता नहीं चल सका है।

Wednesday, June 9, 2010

10 को सीएमआरएस के फाइनल ट्रायल के बाद कभी भी इस मेट्रो लाइन को पब्लिक के लिए शुरू कर दिया जाएगा।


नोएडा के बाद अब गुड़गांव में कदम रखने के लिए दिल्ली मेट्रो की उलटी गिनती शुरू हो गई है। हालांकि इस लाइन को इस साल मार्च में ही शुरू किया जाना था , लेकिन अब उम्मीद की जा रही है कि 10 जून को दिल्ली मेट्रो को इस लाइन पर पब्लिक के लिए ट्रेनें चलाने के लिए फाइनल ग्रीन सिग्नल मिल जाएगा। किसी भी लाइन को पब्लिक के लिए खोलने से पहले कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी ( सीएमआरएस ) की मंजूरी जरूरी होती है और सीएमआरएस ने अब इस लाइन पर 9 और 10 जून को अपनी निगरानी में ट्रायल करने का फैसला कर लिया है। ट्रायल के बाद अगर सीएमआरएस मंजूरी देते हैं तो इसके दो - तीन दिन में ही इस लाइन को पब्लिक के लिए चालू कर दिया जाएगा। सेकंड फेज में दिल्ली मेट्रो ने केंद्रीय सचिवालय से गुड़गांव तक लगभग 27 किमी लंबी लाइन बनाने का फैसला किया था। इस लाइन के लिए नवंबर 2006 में ठेका दिया गया था। हालांकि शुरू में सोचा गया था कि इसे अलग - अलग तीन चरणों में पब्लिक के लिए चालू किया जाए लेकिन बाद में तय हुआ कि इस लाइन को दो चरणों में चालू किया जाए। पहले चरण के तहत इसी महीने गुड़गांव हुडा सिटी सेंटर से कुतुब मीनार तक के 14.47 किमी की लाइन को पब्लिक के लिए ओपन किया जाए। इसके लगभग एक महीने बाद कुतुब मीनार से केंद्रीय सचिवालय के बीच 12.53 किमी की लाइन को पब्लिक के लिए खोला जाएगा। कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी आर . के . कर्दम ने बताया कि वह 9 और 10 जून को कुतुब - गुड़गांव मेट्रो सेक्शन का जायजा लेंगे। अगर वह सेफ्टी इंतजामों से संतुष्ट हुए तो इस लाइन पर पब्लिक के लिए ट्रेनें चलाने के लिए सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करेंगे। सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही मेट्रो रेल लाइन को पैसेंजरों के लिए चालू किया जा सकेगा। दरअसल , दो दिन तक सीएमआरएस पूरी लाइन पर न सिर्फ ट्रैक , बल्कि हर स्टेशन पर पैसेंजरों की सेफ्टी के लिए किए गए इंतजामों का भी जायजा लेंगे। इनमें लिफ्ट , सीढि़यां , एस्केलेटर और आपात स्थिति में पैसेंजरों के बाहर निकलने के इंतजामों को भी देखेंगे। इन इंतजामों से संतुष्ट होने के बाद ही मेट्रो को क्लियरेंस मिल सकेगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सूत्रों का कहना है कि आमतौर पर सेफ्टी सर्टिफिकेट मिलने के एक या दो दिन बाद ही मेट्रो लाइन का उद्घाटन किया जाता है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि 10 को सीएमआरएस के फाइनल ट्रायल के बाद कभी भी इस मेट्रो लाइन को पब्लिक के लिए शुरू कर दिया जाएगा। गुड़गांव से कुतुब के बीच की पूरी लाइन एलिवेटेड है और इस हिस्से पर मेट्रो ने 1320 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम खर्च की है। मेट्रो का मानना है कि सिर्फ इसी सेक्शन के चालू होने के बाद रोजाना मेट्रो लाइन पर 1.6 लाख और पैसेंजर जुड़ जाएंगे। इसके एक महीने बाद जब इस लाइन को केंद्रीय सचिवालय तक जोड़ दिया जाएगा तो पैसेंजरों की तादाद में 1.8 लाख की और बढ़ोतरी हो जाएगी

निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन को भी सुधारने की कवायद तेज

नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों को नया लुक देने की कोशिशों के बाद अब हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन को भी सुधारने की कवायद तेज हो गई है। नॉर्दर्न रेलवे ने इस स्टेशन के अंदरूनी हिस्से को सुधारने के साथ-साथ इसके फुट ओवरब्रिनंबर दो को भी एक्सटेंड करके सर्कुलेटिंग एरिया से जोड़ने का फैसला किया है। यही नहीं, एक वीआईपी लाउंज भी बनाया जा रहा है। लेकिन स्टेशन से लेकर रिंग रोड तक के हिस्से में सुधार के लिए रेलवे ने खुद को बेबस बताते हुए चीफ सेक्रेटरी से इस मामले में मदद मांगी है। दिल्ली डिवीजन के मैनेजर अश्विनी लोहानी ने बताया कि हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर प्लैटफॉर्म सुधारने के अलावा सभी जगह स्टील की बेंच लगाई जा रही हैं। उनका कहना है कि फुट ओवरब्रिज नंबर दो को आगे बढ़ाकर सर्कुलेटिंग एरिया तक ले जाया जाएगा ताकि बाहर से ही पैसेंजर इस ब्रिज से होते हुए अपने प्लैटफॉर्म तक जा सकें। डीआरएम का कहना है कि निजामुद्दीन स्टेशन से रिंग रोड का हिस्सा चूंकि रेलवे के दायरे में नहीं आता इसलिए वहां का काम रेलवे नहीं कर पाएगी। लेकिन उन्होंने इस एरिया को सुधारने के लिए दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी से पिछले दिनों मुलाकात की थी और उनसे अनुरोध किया था कि इस एरिया के सुधार के लिए वे स्थानीय निकायों को निर्देश दें।

Sunday, June 6, 2010

एक साथ, एक दिन, एक इम्तिहान का रेल मंत्री ममता बनर्जी का फॉर्म्युला सफल

रेलवे में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद खत्म करने की दिशा में रेल मंत्री ममता बनर्जी की पहली कोशिश कारगर रही है। एक साथ, एक दिन, एक इम्तिहान का रेल मंत्री ममता बनर्जी का फॉर्म्युला सफल रहा है। रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलटों की भर्ती के लिए रविवार को देश भर में एक साथ हुई परीक्षा हुई। अभी तक विभिन्न रेलवे बोर्ड अलग-अलग डेट्स में एग्जाम करवाते थे। लेकिन अब भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में भी नया ट्रेंड बरकरार रखा जाएगा। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, रविवार की परीक्षा कई मायनों में अलग थी। रेलवे के 21 में से 18 भर्ती बोर्डों ने एक साथ यह परीक्षा करवाई। देश के 35 प्रमुख शहरों में 1500 सेंटर बनाए गए थे। करीब 14 हजार पदों के लिए करीब आठ लाख परीक्षाथीर् एग्जाम में बैठे। प्रश्नपत्र हिंदी, इंग्लिश और उर्दू के अलावा स्थानीय भाषाओं में भी दिए गए। बिहार और महाराष्ट्र में भी यह परीक्षा एक साथ हुई। आपको याद होगा कि पिछले साल महाराष्ट्र में बाहर के राज्यों से रेलवे भर्ती की परीक्षा देने आए युवाओं से मारपीट के बाद काफी बवाल मचा था। तब इस मामले को क्षेत्रवाद से जोड़कर देखा गया था। खास तौर पर बिहार और महाराष्ट्र के नेताओं के बीच काफी विवाद हुआ था। ममता बनर्जी ने रेल मंत्रालय की कमान संभालने के बाद परीक्षा प्रणाली में बदलाव की बात कही थी। रेलवे के अधिकारी मानते हैं कि रेलवे भर्ती बोर्डों द्वारा अलग-अलग परीक्षा आयोजित करने से तमाम परेशानियां होती थीं। मसलन एक ही पद के लिए कोई स्टूडेंट हर बोर्ड की परीक्षा में शामिल हो सकता था। अलग-अलग तारीखों पर एग्जाम होने से उसे परेशानी नहीं होती थी। लेकिन इससे भर्ती बोर्डों पर अनावश्यक दबाव तो पड़ता ही था, स्थानीय परीक्षाथिर्यों पर भी प्रभाव पड़ता था। पूरे देश में परीक्षाएं एक साथ करवाकर परीक्षार्थियों का पलायन रोकने की कोशिश की गई है। रेलवे का मानना है कि नई व्यवस्था ज्यादा कारगर होगी क्योंकि अब युवाओं को राज्य स्तर पर अपनी भाषा में परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी, वहीं उन्हें बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों से कॉम्पिटीशन नहीं करना होगा। रेलवे भर्ती बोर्ड भी बड़ी परेशानी से बच जाएंगे। इसी महीने रेलवे के दो और एग्जाम होने हैं। 13 जून को सहायक स्टेशन मास्टर और 27 जून को गार्ड के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाएं होंगी।

चिंचवाड़ रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को पांच व्यक्तियों की ट्रेन से कट कर मौत

महाराष्ट्र में पुणे के निकट चिंचवाड़ रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को पांच व्यक्तियों की ट्रेन से कट कर मौत हो गई। पुलिस के अनुसार प्लेटफॉर्म पर सवारी गाड़ी के रुकने के बाद ये लोग गलत दिशा में ट्रेन से उतरकर जाने लगे। उसी समय दूसरी ट्रेन आ गयी और वे उसकी चपेट में आ गए। यह हादसा तड़के हुआ। अंधेरा होने के कारण ये लोग दूसरी ट्रेन देख नहीं पाए।

पूर्व की ओर जाने वाली ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों को आनंद विहार टर्मिनल से

रेलवे अपने नई दिल्ली स्टेशन पर पिछले महीने मची भगदड़ को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों की सेवाएं बढ़ाने और पूर्व की ओर जाने वाली ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों को आनंद विहार टर्मिनल से चलाने पर विचार कर रहा है। रेलवे सूत्रों ने बताया कि हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर भी भीड़भाड़ को कम करने के लिए वहां से चलने वाली कुछ ट्रेनों को राजधानी के अन्य स्टेशनों से चलाने के बारे में सोचा जा रहा है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से फिलहाल रोजाना 300 ट्रेनों का परिचालन होता है और यहां हर रोज सात लाख से ज्यादा मुसाफिर आते-जाते हैं। गर्मी की छुट्टियों के दौरान स्टेशन पर दबाव और बढ़ जाता है।

Thursday, June 3, 2010

डीपीआर में ग्रेटर नोएडा में दो नए स्टॉपेज बनाने को मंजूरी दी गई

नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच प्रस्तावित मेट्रो लाइन की नई डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सौंप दी है। डीपीआर में ग्रेटर नोएडा में दो नए स्टॉपेज बनाने को मंजूरी दी गई है। ऐसा ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की मांग पर किया गया है। मेट्रो प्रोजेक्ट 2012 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बनाई गई अफसरों की कमिटी डीपीआर का अध्ययन करने के बाद 7 जून को मीटिंग करेगी। इसके बाद प्रोजेक्ट के बारे में निर्णय ले लिया जाएगा। कमिटी में नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अफसर हैं। कमिटी में सहमति बनने पर प्रोजेक्ट को शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि डीपीआर के अनुसार ग्रेटर नोएडा में दो नए स्टॉपेज बनाए जाएंगे। ये परी चौक से बोड़ाकी के बीच होंगे। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की मांग पर मेट्रो का रूट फर्स्ट फेज में बोड़ाकी तक बढ़ा दिया गया है। पहले यह परी चौक से होकर नॉलेज पार्क-4 तक था। ट्रैक एलिवेटिड व जमीन पर दोनों तरह का होगा। सीईओ ने बताया कि कमिटी की मीटिंग में निर्णय लिया जाएगा कि प्रोजेक्ट पर आने वाले खर्च को कौन सी अथॉरिटी कितना वहन करेगी। विचार किया जा रहा है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के एरिया में आने वाली दूरी के हिसाब से खर्च वहन किया जाएगा।

ट्रेन से नीचे फेंक दिया।

हापुड़ के पास अपने गांव लौट रहे एक युवक से बदमाशों ने एक लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया और उसे चलती ट्रेन से नीचे फें क दिया। युवक को घायल अवस्था में सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हरेंद्र कुमार ने होश आने के बाद बताया कि वह अपने एक रिश्तेदार से किसी काम के लिए एक लाख रुपये लेकर ट्रेन से हापुड़ अपने गांव जा रहा था। उसके बैग में एक लाख रुपये थे। हरेंद्र ने बताया कि जैसे ही ट्रेन कोट गांव फाटक के पास पहुंची। अचानक कुछ युवकों ने उसके पास से बैग छीन कर , उसे ट्रेन से नीचे फेंक दिया। उधर , जीआरपी के इंस्पेक्टर सुरजन सिंह का कहना है कि इस तरह की घटना की उनके पास कोई जानकारी नहीं है।

Tuesday, June 1, 2010

शत शत बधाई

आदरणीय श्री सहाय जी,

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के पद पर आपके चयन पर शत शत बधाई । आशा है आपके कार्यकाल में भारतीय रेल नई ऊंचाइयां छुएगी ।

आपका

(डॉ. राजेन्द्र कुमार गुप्ता)

ट्रेन में बंदर घुस आया।

दिल्ली मेट्रो के लिए आज दिन की शुरूआत परेशानियों से हुई है। दिलशाद गार्डन की ओर जाने के लिए तैयार खड़ी रिठाला मेट्रो में उस समय हंगामा मच गया जब सुबह लगभग सवा दस बजे ट्रेन में बंदर घुस आया। इसे काबू में करने के लिए सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) को बुलाया गया है। खबर लिखे जाने तक सीआईएसएफ रिठाला मेट्रो स्टेशन पहुंच चुकी थी। हुआ यूं कि रिठाला मेट्रो स्टेशन पर रवानगी के लिए तैयार खड़ी मेट्रो में दरवाजा खुला था जिसमें अचानक दूसरे कोच से बंदर भीतर घुस गया। ट्रेन में मौजूद यात्रियों में से एक व्यक्ति ने इसे खाने के लिए बिस्किट भी दिया। हालांकि बंदर के किसी पर हमला करने की खबर नहीं है और न ही लोगों में हड़बड़ी या भगदड़ का माहौल देखा गया। सीआईएसएफ ने पहुंच कर ट्रेन को धीरे धीरे खाली करवा लिया है। यात्री सुरक्षित मेट्रो से बाहर निकाल लिए गए हैं। अब सुरक्षा बल बंदर को किसी तरह पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। यहां बता दें कि आज सुबह किन्हीं तकनीकी गड़बड़ियों के चलते इसके तीन रूटों पर सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। मेट्रो आधे घंटे लेट चल रही है। नोएडा-द्वारका, यमुना बैंक-आनंद विहार और केंद्रीय सचिवालय-जहांगीरपुरी रूट प्रभावित हुए हैं जिससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Thursday, May 27, 2010

मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने रेलमंत्री ममता बनर्जी से रात के समय मुंबई-सावंतवाडी रेल चलाने की मांग की।

मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने रेलमंत्री ममता बनर्जी से रात के समय मुंबई-सावंतवाडी रेल चलाने की मांग की। साथ ही सभी सुपरफास्ट गाड़ियों को कोंकण में रोकने की मांग भी की। इसी मांग के मद्देनजर रेल मंत्रालय ने कारवार एक्सप्रेस को कोंकण में अधिक स्थानों पर रोकने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री महोदय ने कहा कि कोंकण रेल मार्ग पर चलने वाली अधिकतर रेलगाड़ियां रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग जिलों में नहीं रुकतीं। उन्होंने रेलमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि कोंकण रूट पर चलने वाले मुंबई कारवार सुपर एक्सप्रेस सहित सभी रेलगाड़ियां कणकावली, कुडाल या सावंतवाडी में से कम से एक स्थान पर रुकनी चाहिए। उन्होंने पत्र में लिखा था कि सावंतवाडी महाराष्ट्र राज्य सीमा का अंतिम महत्वपूर्ण स्टेशन है। इसलिए सावंतवाडी को जंक्शन बनाया जाना चाहिए। इससे कोंकण और गोवा के रेल यात्रियों को भारी लाभ मिलेगा। साथ ही चालू वित्त वर्ष के बजट में सावंतवाडी-बेलगाव के नये रेलमार्ग का सवेर्क्षण काम शुरू करने के लिए रेलमंत्री को धन्यवाद दिया है।

Wednesday, May 26, 2010

पश्चिम रेलवे की नई दिल्ली के लिए विशेष राजधानी

एयर इंडिया के कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर पश्चिम रेलवे ने नई दिल्ली के लिए विशेष राजधानी ट्रेन दौड़ाने का फैसला किया है। यह ट्रेन 26 मई को मुंबई सेंट्रल से रात 10.05 बजे रवाना होकर 27 मई को शाम 6 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, टू टायर एसी और थ्री टायर एसी के डिब्बे होंगे। गौरतलब है कि अपनी कुछ मांगों को लेकर एयर इंडिया के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसकी वजह से विमान सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।

दिल्ली-गुवाहाटी राजधानी एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त

पुलिस ने इस संभावना से इनकार किया है कि सोनपुर रेल मंडल के बरौनी-कटिहार रेल खंड पर मंगलवार सुबह दिल्ली-गुवाहाटी राजधानी एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने में नक्सलियों का हाथ हो सकता है। राज्य के पुलिस महानिरीक्षक (रेल) एस. के. भारद्वाज ने मंगलवार को बताया कि राजकीय रेल पुलिस बल के अधिकारी और जवान घटना स्थल पर पहंच गए हैं। उन्होंने बताया कि यात्रियों और एक्सप्रेस के चालक से लिए गए बयान के बाद प्रथम दृष्टया यह नक्सली घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और उसके बाद ही सही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। गौरतलब है कि सोनपुर रेल मंडल के बरौनी-कटिहार रेल खंड के नवगछिया-खरीक रेलवे स्टेशन के बीच मंगलवार को करीब 6.30 बजे 2424 दिल्ली-गुवहाटी राजधानी एक्सप्रेस की 14 बोगियां पटरी से उतर गईं। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

Friday, May 21, 2010

पीपरा रेलवे स्टेशन के बीच रेल पटरी उड़ा दी

बिहार के मुजफ्फरपुर - रक्सौल रेलखंड पर नक्सलियों ने गुरुवार की सुबह करीब दो बजे जीवधारा और पीपरा रेलवे स्टेशन के बीच रेल पटरी उड़ा दी , जिससे एक टैंकर मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई तथा इसकी 13 बोगियों में आग लग गई। पुलिस के अनुसार मोकतहारी जिला के बंगारी हॉल्ट के समीप नक्सलियों ने रेल पटरी को विस्फोट कर उड़ा दिया। इसके बाद इस पटरी पर एक टैंकर मालगाड़ी आ रही थी , जो दुर्घटनाग्रस्त हो गई। मुजफ्फरपुर राजकीय पुलिस बल के पुलिस अधीक्षक अवधेश शर्मा ने गुरुवार को बताया कि इस घटना में मालगाड़ी की 13 बोगियों में आग लग गई। सभी बोगियों में डीजल और केरोसिन तेल भरा होना बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है तथा घटनास्थल पर पुलिस पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद इस रेलमार्ग पर आवागमन ठप हो गया है। गौरतलब है कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ( माओवादी ) ने बिहार सहित पांच राज्यों में सोमवार मध्य रात्रि से 48 घंटे के बंद का आह्वान किया था।

Tuesday, May 18, 2010

उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन पर मंगलवार सुबह आग लग गई।

उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन पर मंगलवार सुबह आग लग गई। इस आग में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने बताया, 'आग सुबह 10.10 बजे लगी थी। मेट्रो स्टेशन के एक नियंत्रण कक्ष में स्थित एक एयर कंडिशनर में यह आग लगी थी।' अधिकारी ने बताया कि अग्निशमन सेवा के दो कर्मचारी तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गए थे। दुर्घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ है। एक पुलिस अधिकारी ने संभावना जताई है कि शॉर्ट-सर्किट आग लगने की वजह हो सकती है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के एक अधिकारी के मुताबिक मेट्रो स्टेशन पर यात्री सेवाएं सामान्य हैं।

Monday, May 17, 2010

रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में दो लोगों की मौत हो गई और 40 यात्री घायल

बिहार जाने वाली सप्तक्रांति एक्सप्रेस ट्रेन का अंतिम समय में प्लैटफॉर्म बदलने के कारण नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में दो लोगों की मौत हो गई और 40 यात्री घायल हो गए। घायलों को लोकनायक जयप्रकाश और राममनोहर लोहिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। मरने वाली महिला का नाम सोनी बताया जा रह है, जबकि बच्चे की पहचान नहीं हो पाई है। हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ ही मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये मुआवाजा देने की घोषणा की गई है। गंभीर रूप से घायलों हुए व्यक्तियों को 50-50 हजार रुपये और मामूली रूप से घायल हुए लोगों को 15-15 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। भगदड़ उस समय हुई, जब नई दिल्ली से मुजफ्फरपुर जाने वाली बिहार सप्तक्रांति एक्सप्रेस प्लैटफॉर्म संख्या 12 पर पहुंची। रेलगाड़ी को प्लैटफॉर्म 13 से रवाना होना था। ट्रेन खुलने से कुछ समय पहले प्लैटफॉर्म बदल दिया गया। इससे जनरल बोगी में सवार होने के लिए प्लैटफॉर्म पर जमा भारी भीड़ में पहले चढ़ने के लिए भगदड़ मच गई। अधिकारियों ने कहा कि प्लैटफॉर्म 12 पर पहुंचने के लिए लोग धक्का-मुक्की करने लगे। भगदड़ में एक महिला और एक बच्चे की मौत हो गई।

काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के कोच संख्या डी 1 का एसी खराब

बनारस से दिल्ली जा रही काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के कोच संख्या डी 1 का एसी खराब हो गया। गर्मी से जूझ रहे यात्रियों ने ट्रेन लखनऊ पहुंचने पर जमकर हंगामा किया। प्लैटफॉर्म 4 पर उतरे यात्रियों ने गार्ड और ड्राइवर को घेर लिया। मामला बढ़ता देख कोच अटेंडेंट मौके से भाग निकला। यात्रियों ने ट्रेन को एक घंटे तक रोके रखा। मामले की शिकायत डीआरएम से की गई। हालात को देखते हुए रेल प्रशासन ने दो इंजीनियरों की अगुवाई में चार सदस्यीय टीम को कोच की मरम्मत में लगाया। हंगामे के दौरान यात्रियों की टीसी और रेलवे के अन्य अधिकारियों से हाथापाई भी हुई। इस बीच हंगामे की स्थिति से निपटने के लिए रेल अधिकारियों ने प्लैटफॉर्म नंबर 4 पर बड़ी संख्या में आरपीएफ के जवान तैनात कर दिए। कोच का एसी ठीक करने के बाद करीब सवा दस बजे ट्रेन को रवाना किया जा सका। यात्रियों का कहना था कि बनारस से ही गाड़ के डी1 कोच का एसी खराब था, लेकिन यात्रियों की शिकायत के बाद भी रेल अफसरों ने मरम्मत नहीं कराई।

Wednesday, May 12, 2010

रॉयल ट्रेन वाराणसी से होकर गुजरेगी।

अब वाराणसी के लोग भी रॉयल राजस्थान ऑन वील्स का मजा ले सकेंगे। अब यह रॉयल ट्रेन वाराणसी से होकर गुजरेगी। यह ट्रेन अगले सितंबर महीने से यहां से भी गुजरना शुरू कर देगी।
यह ट्रेन हर शुक्रवार की सुबह बनारस पहुंचेगी। पैसेंजर्स को सुबह-ए-बनारस के नजारे देखने को मिलेगा। पैसेंजर्स शाम में गंगा आरती देख सकेंगे। भारत कला भवन, भारत माता मंदिर और सारनाथ भी पैसेंजर्स जा सकेंगे। रॉयल राजस्थान ऑन वील्स दिल्ली, जोधपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, जयपुर, खजुराहो, वाराणसी और आगरा का नजारा पैसेंजर्स को दिखाएगी।

Monday, May 10, 2010

मेट्रो की फ्रिक्वेंसी को कम करके तीन मिनट तक लाया जाए।

दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों को जल्द ही पीक आवर में मेट्रो के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मेट्रो की योजना है कि इस साल अक्टूबर के आते-आते मेट्रो की फ्रिक्वेंसी को कम करके तीन मिनट तक लाया जाए। लेकिन जिन लाइनों पर नॉन पीक आवर में भी भारी रश होता है, वहां बाकी वक्त में भी फ्रिक्वेंसी तीन मिनट की रखी जा सकती है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाली लाइनों पर छह कोच की ट्रेनें भी लाने की तैयारी हो रही है। हालांकि इसमें कुछ महीने और लग सकते हैं। इस समय दिल्ली मेट्रो के पास लगभग 120 ट्रेनों का बेड़ा है और बाकी 81 ट्रेनों का ऑर्डर पहले ही मेट्रो दे चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि इस साल सितंबर तक दिल्ली मेट्रो को ये 81 ट्रेनें भी मिल जाएंगी। इस तरह से मेट्रो के बेड़े में ट्रेनों की तादाद 201 तक पहुंच जाएगी। इसके बाद मेट्रो की सभी लाइनों पर पीक ऑवर में फ्रिक्वेंसी तीन मिनट की रह जाएगी। अभी यह फ्रिक्वेंसी लगभग साढ़े तीन मिनट की है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि अब मेट्रो लाइनों पर उतनी भीड़भाड़ नहीं होती।

मेट्रो की फ्रिक्वेंसी को कम करके तीन मिनट तक लाया जाए।

दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों को जल्द ही पीक आवर में मेट्रो के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मेट्रो की योजना है कि इस साल अक्टूबर के आते-आते मेट्रो की फ्रिक्वेंसी को कम करके तीन मिनट तक लाया जाए। लेकिन जिन लाइनों पर नॉन पीक आवर में भी भारी रश होता है, वहां बाकी वक्त में भी फ्रिक्वेंसी तीन मिनट की रखी जा सकती है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाली लाइनों पर छह कोच की ट्रेनें भी लाने की तैयारी हो रही है। हालांकि इसमें कुछ महीने और लग सकते हैं। इस समय दिल्ली मेट्रो के पास लगभग 120 ट्रेनों का बेड़ा है और बाकी 81 ट्रेनों का ऑर्डर पहले ही मेट्रो दे चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि इस साल सितंबर तक दिल्ली मेट्रो को ये 81 ट्रेनें भी मिल जाएंगी। इस तरह से मेट्रो के बेड़े में ट्रेनों की तादाद 201 तक पहुंच जाएगी। इसके बाद मेट्रो की सभी लाइनों पर पीक ऑवर में फ्रिक्वेंसी तीन मिनट की रह जाएगी। अभी यह फ्रिक्वेंसी लगभग साढ़े तीन मिनट की है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि अब मेट्रो लाइनों पर उतनी भीड़भाड़ नहीं होती।

Friday, May 7, 2010

24 घंटे की मेट्रो सर्विस होगी।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट होते हुए द्वारका सेक्टर 21 तक बनाई जा रही राजधानी की पहली एक्सप्रेस मेट्रो रेल लाइन पर आने वाले दिनों में 24 घंटे की मेट्रो सर्विस होगी। यानी दिन हो या रात, हर समय कुछ अंतराल पर मेट्रो सर्विस उपलब्ध रहेगी। अलबत्ता शुरू में जरूर इस लाइन को तीन घंटे के लिए बंद किया जाएगा यानी शुरू से ही मेट्रो सर्विस 21 घंटे की होगी, लेकिन बाद में धीरे-धीरे इसका समय बढ़ाते हुए 24 घंटे तक कर दिया जाएगा। यही नहीं, पीक आवर में भी इस मेट्रो रेल लाइन पर 10 मिनट की सर्विस होगी, लेकिन बाद में ट्रेनों का बेड़ा बढ़ने के बाद यह सर्विस पीक आवर में 10 से घटकर चार मिनट की रह जाएगी। गौरतलब है कि दिल्ली की यह पहली ऐसी मेट्रो रेल लाइन है, जो पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत तैयार की जा रही है और इस लाइन पर ट्रेनों की स्पीड 120 किमी प्रति घंटा होगी। हालांकि, इस मेट्रो रेल लाइन का सिविल कार्य खुद दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने किया है। इसके अलावा ट्रैक बिछाने से लेकर कोच तक की सारी व्यवस्था प्राइवेट कंपनी दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्रा. लि. करेगी। दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस के सूत्रों का कहना है कि इस लाइन पर सिविल कार्य लगभग पूरा हो चुका है और रेलवे ट्रैक बिछाने से लेकर कोच की व्यवस्था की जा रही है। कंपनी का दावा है कि यह लाइन तय समय यानी सितंबर में पैसेंजरों के लिए चालू कर दी जाएगी। कंपनी सूत्रों का कहना है कि ऑपरेशन के मामले में भी यह लाइन दूसरी मेट्रो रेल लाइनों से अलग होगी। इस लाइन को शुरू में मेंटिनेंस के लिए रोजाना सिर्फ तीन घंटे बंद किया जाएगा। बंद करने का वक्त एयरपोर्ट पर आने वाली फ्लाइट्स को देखते हुए तय किया जाएगा यानी जिस वक्त कम से कम फ्लाइट्स होंगी, उसी दौरान ही तीन घंटे के लिए यह लाइन बंद रखी जाएगी। लेकिन कुछ महीनों बाद ऐसे इंतजाम किए जाएंगे कि इस लाइन को तीन घंटे के लिए भी बंद नहीं किया जाएगा। यह जरूर हो सकता है कि उस वक्त मेट्रो की फ्रीक्वेंसी कुछ कम कर दी जाए। कंपनी के सूत्रों का यह भी कहना है कि फिलहाल इस लाइन के लिए 6-6 कोच वाली 8 ट्रेनों की व्यवस्था की जा रही है। शुरू में पीक आवर में इस लाइन पर 10 मिनट की सर्विस होगी, लेकिन बाद में जब ट्रेनों का पूरा बेड़ा आ चुका होगा, तो इस सर्विस को 4 मिनट का कर दिया जाएगा। हालांकि, अभी इस लाइन पर किराए के बारे में कोई फैसला नहीं किया गया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि कंपनी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक के लिए 150 रुपये और द्वारका तक जाने वाले पैसेंजरों के लिए 180 रुपये किराया तय करने पर विचार कर रही है। इतना जरूर है कि इस लाइन पर भी दिल्ली मेट्रो का स्मार्ट कार्ड इस्तेमाल किया जा सकेगा। कंपनी यह भी व्यवस्था करने जा रही है कि एयरपोर्ट जाने वाले पैसेंजर नई दिल्ली स्टेशन या शिवाजी स्टेडियम पर लगेज बुक करा सकेंगे। यह लगेज एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सीधे चेकइन हो जाएगा। दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस के डायरेक्टर के . पी . महेश्वरी के मुताबिक , इस लाइन के लिए कंपनी ने स्पेन से ट्रेन ली हैं। इसके अलावा ट्रेन की स्पीड को देखते हुए खासतौर पर रहेडा ट्रैक सिस्टम लगाया गया है। इन ट्रेनों के पहियों में ऐसा सिस्टम है कि अगर कही ट्रैक शार्प टर्न कर रहा होगा , तो भी वहां ट्रेन के डिरेल होने का खतरा नहीं रहेगा। कंपनी को उम्मीद है कि इस लाइन के चालू होने के बाद उसे रोजाना 25 से 30 हजार पैसेंजर मिलेंगे।

Monday, May 3, 2010

मेट्रो में सफर करते वाले और जगह-जगह थूकने वालों को अब सुधर जाना चाहिए

मेट्रो में सफर करते वाले और जगह-जगह थूकने वालों को अब सुधर जाना चाहिए, क्योंकि अब ऐसा करना उनकी जेब पर भारी पड़ सकता है। ऐसे लोगों को सुधारने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने फ्लाइंग स्क्वॉड (उड़न दस्ते) बनाए हैं। ये फ्लाइंग स्कवॉड रोजाना स्टेशनों और ट्रेनों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। डीमएमआरसी के प्रवक्ता अनुज दयाल ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स के मद्देनजर दिल्लीवालों का सिविक सेंस सुधारना जरूरी है। जगह-जगह निदेर्श लिखे होते हैं कि थूकने या मेट्रो संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर 200 रुपये जुर्माना लगेगा। इसके बावजूद बहुत से लोग आदत से बाज नहीं आते हैं। गेम्स के दौरान दिल्ली में दुनियाभर से मेहमान आएंगे, जो मेट्रो में भी सफर करेंगे। ऐसे में उनके दिमाग में दिल्लीवालों की बेहतर छवि बननी चाहिए। यही सोचकर हमने फ्लाइंग स्क्वॉड की चार टीमें बनाई हैं। इस टीम ने अकेले मार्च में ही 252 लोगों को पकड़ा और उन पर जुर्माना लगाया। इनमें 195 थूकने वाले और 62 मेट्रो संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। उन्होंने बताया कि फ्लाइंग स्क्वॉड के साथ-साथ मेट्रो के दूसरे कर्मचारियों को भी इस बात के निर्देश दिए गए हैं कि थूकने, कचरा फैलाने और मेट्रो संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों पर खास नजर रखें और तुरंत उन पर जुर्माना लगाएं। स्टेशन मैनेजरों और कंट्रोलर को पेनल्टी लगाने का अधिकार दिया गया है। इसके लिए उन्हें ऑथराइज्ड फॉर पेनल्टी आई कार्ड पहले से दिया गया है। गंदगी फैलाने वालों के साथ-साथ एक दूसरे को धक्का देने वाले, सीट के लिए दौड़ लगाने वाले, रिजर्व सीटें खाली नहीं करने वाले, यात्रियों को बाहर नहीं निकलने देने, ट्रेन के दरवाजे बंद होने से रोकने वाले यात्रियों पर भी डीएमआरसी की नजर है। ऐसे मामलों से निबटने के लिए डीएमआरसी वॉलंटियर्स को खास निर्देश दिया गया है। उन्हें ऐसे मामलों में तुरंत अथॉरिटी को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। वॉलंटियर्स को हेल्पलाइन नंबर के साथ-साथ सीनियर अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं, ताकि वे तुरंत उनसे संपर्क कर सकें।

Thursday, April 29, 2010

बारिश ने लगाया मेट्रो की रफ्तार पर ब्रेक

राजधानी में गुरुवार शाम को अचानक हुई बारिश और ओलों ने दिल्ली वालों को तो जरूर गर्मी से कुछ राहत दिलाई लेकिन मेट्रो के पैसेंजरों के लिए यह मुसीबत बन गई। बारिश की वजह से मेट्रो की सबसे बिजी द्वारका-नोएडा लाइन पर ट्रैक सर्किट में कुछ खराबी आ गई। जिसकी वजह से इस लाइन पर ट्रेनों की रफ्तार थम गई। हालांकि इस खराबी को लगभग आधे घंटे के भीतर ही दुरुस्त कर लिया गया लेकिन पैसेंजरों पर इसका असर अगले दो घंटे तक रहा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सूत्रों के मुताबिक यह खराबी द्वारका से नोएडा की ओर जाने वाले ट्रैक पर शाम लगभग 5.30 बजे आयी। ट्रैक सर्किट ड्रॉप होने से इस पूरी लाइन पर ही ट्रेनों को ब्रेक लग गया। दरअसल, ट्रैक सर्किट ड्रॉप की यह खराबी द्वारका सेक्टर 12 और कीर्ति नगर स्टेशनों के बीच हुई। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि दरअसल, दिल्ली मेट्रो का ट्रैक और सिग्नल सिस्टम इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वह एक निश्चित तापमान तक काम कर सके। लेकिन गुरुवार को अचानक बारिश के साथ ओले पड़ने से एकाएक तापमान डाउन हो गया। जिसकी वजह से कई जगह ट्रैक सर्किट ड्रॉप हो गया। इस खराबी की वजह से ही ट्रेनें थम गईं। कई मेट्रो स्टेशनों पर भारी भीड़ हो गई। राजीव चौक जैसे मेट्रो स्टेशन पर तिल रखने लायक भी जगह नहीं थी। चूंकि द्वारका की इस लाइन का एक सिरा नोएडा और दूसरा आनंद विहार से भी जुड़ा हुआ है इसलिए इस पूरे कॉरिडोर के स्टेशनों पर पैसेंजरों की भीड़ लग गई। ज्यादा भीड़ होने की एक वजह यह भी है कि जब यह खराबी आई, उस वक्त पीक टाइम था और लोग दफ्तरों से घर की ओर जा रहे थे।

Sunday, April 25, 2010

महिला सहकर्मी के साथ बलात्कार करने के मामले में रेलवे कर्मचारी को गिरफ्तार

सांताक्रूज पुलिस ने महिला सहकर्मी के साथ बलात्कार करने के मामले में अनिल मोडगिल (45) नामक एक रेलवे कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार अनिल रेलवे की गोपनीय शाखा में सहायक के पद पर काम करता था, जहां उसके साथ काम करने वाली एक 46 वर्षीय महिला ने ही उस पर साल 2007 से ही ब्लैकमेल कर पैसा ऐंठने और बलात्कार करने का आरोप लगाया है। सांताक्रूज के सीनियर पीआई मधुकर चौधरी ने बताया कि मोडगिल और पीड़ित महिला एक ही कॉलोनी में रहते थे। जब भी मोडगिल महिला को घर पर अकेले पाता था, वहां पहुंचकर उसके साथ छेड़छाड़ किया करता था। आपत्तिजनक अवस्था में मोडगिल ने पीड़ित महिला की तस्वीरें भी निकाल ली थीं, जिसको दिखाकर वह उसे धमकी दिया करता था कि उसके पति और बच्चों को बता देगा। जबकि मोडगिल खुद शादीशुदा था। चौधरी ने बताया कि पिछले एक साल के दौरान मोडगिल महिला से साढ़े चार लाख रुपए ऐंठ चुका था। जिससे उसने एक फ्लैट भी खरीदा था। पीड़ित महिला का पति भी रेलवे कर्मचारी है। पुलिस ने मोडगिल के खिलाफ एक्सटॉर्शन और रेप का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

Thursday, April 15, 2010

संपर्क क्रांति एक्सप्रेस रेलगाड़ी के एक डिब्बे से बम

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में बुधवार देर रात यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस रेलगाड़ी के एक डिब्बे से बम मिलने के बाद अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षाबलों ने बम को कब्जे में लेकर गुरुवार सुबह सुरक्षित स्थान पर ले जाकर विस्फोट करा दिया। पुलिस के अनुसार चित्रकूट जिले के मानिकपुर से हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) जा रही यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के एस-2 डिब्बे के शौचालय से बुधवार देर रात बम मिला। महोबा रेलवे स्टोशन पर सुरक्षा बलों ने बम को अपने कब्जे में ले लिया। इलाहाबाद से पहुंची बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) की टीम ने बरामद बम को गुरुवार सुबह एक सुरक्षित स्थान पर ले जाकर विस्फोट कराया। रेलगाड़ी में बम की खबर सुरक्षाबलों को कौशल्या नाम की महिला यात्री ने दी। उन्होंने शौचालय में कुछ संदिग्ध सामान देखा, जिसके बाद सुरक्षा बलों को इसकी जानकारी दी गई। महोबा रेलवे स्टेशन पर देर रात रेलगाड़ी से एस-2 डिब्बे को अलग कर रेलगाड़ी को निजामुद्दीन के लिए रवाना कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बीडीएस दल के प्रभारी दिनेश सिंह ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि विस्फोटक में जिलेटिन छड़ों और इलेक्ट्रानिक सर्किट का इस्तेमाल किया गया था।

Tuesday, April 13, 2010

महिलाओं को मेट्रो ट्रेनों की भीड़भाड़ से राहत

यदि एक सरकारी पैनल की सिफारिशों पर अमल हुआ तो दिल्ली में महिलाओं को मेट्रो ट्रेनों की भीड़भाड़ से राहत मिल सकती है। मेट्रो में यात्रा के दौरान महिलाओं को हो रही परेशानियों को देखते हुए दिल्ली विधानसभा के एक लेजिस्लेटिव पैनल ने मेट्रो ट्रेनों में महिलाओं के लिए अलग कोच लगाने की सिफारिश की है। अपनी ताजा रिपोर्ट में महिला और बाल कल्याण कमिटी ने कहा है कि महिलाओं को हमेशा भीड़भाड़ वाली मेट्रो में सफर करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कमिटी की चेयरपर्सन बरखा सिंह ने कहा कि रश ऑवर्स में महिलाओं को काफी परेशानी होती है और लेडीज स्पेशल कोच की बाबत प्रस्ताव को गंभीरता से लेने की जरूरत है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए चिंतित कमिटी ने कॉल सेंटरों और दूसरी जगहों पर देर रात तक काम करने वाली महिलाओं के लिए उनके संस्थानों द्वारा अनिवार्य ट्रांसपोर्ट फैसिलिटी उपलब्ध कराने की अनुशंसा की है। नौ सदस्यों की इस कमिटी ने सरकार से देह व्यापार पर रोक लगाने और वर्किंग वूमन के लिए पर्याप्त हॉस्टल बनाने की भी सिफारिश की है।

Wednesday, April 7, 2010

भविष्य में अब शायद मेट्रो की स्टैंडर्ड गेज लाइनें ही नजर आएंगी।

भविष्य में अब शायद मेट्रो की स्टैंडर्ड गेज लाइनें ही नजर आएंगी। खुद केंद्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी ने संकेत दिया कि आने वाले वक्त में संभवत: स्टैंडर्ड गेज लाइनें ही बनेंगी। फिलहाल दिल्ली में मुंडका के अलावा बदरपुर लाइन भी स्टैंडर्ड गेज की बन रही है जबकि दिल्ली के बाहर बेंगलुरु और चैन्ने में भी स्टैंडर्ड गेज मेट्रो लाइनों का निर्माण किया जा रहा है। माना जा रहा है कि दिल्ली मेट्रो भी इसी पक्ष में है कि भविष्य में जो भी नई लाइनें बनें, वे स्टैंडर्ड गेज की हों। इसकी वजह यह है कि स्टैंडर्ड गेज लाइनों में ब्रॉडगेज लाइनों के निर्माण से कम लागत आती है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम के डायरेक्टर कुमार केशव के मुताबिक चूंकि यह पहली स्टैंडर्ड गेज लाइन थी, तब भी ब्रॉडगेज के मुकाबले इस लाइन की लागत में लगभग पांच फीसदी की कमी आई है। इस तरह से इस लाइन की लागत में 76 करोड़ रुपये की कमी हुई है। दिल्ली मेट्रो का मानना है कि भविष्य में जब ज्यादा लाइनें स्टैंडर्ड गेज की बनेंगी तो कई और खचेर् भी कम होंगे और यह बचत 10 फीसदी से भी ज्यादा हो सकती है। यही वजह है कि स्टैंडर्ड गेज लाइनों का ही निर्माण करने की कोशिश की जाएगी। स्टैंडर्ड गेज के पक्ष में यह भी तर्क दिया गया है कि एक तो इसकी चौड़ाई कम होने से इन लाइनों का निर्माण अपेक्षाकृत कम चौड़ी सड़कों पर भी किया जा सकता है और उन जगहों पर भी जहां, सड़कें आड़ी तिरछी हैं। ऐसी सड़कों पर स्टैंडर्ड गेज की पटरियों को आसानी से बिछाया जा सकता है। इसके अलावा इस गेज की तकनीक पूरे विश्व में उपलब्ध है। मेट्रो इंजीनियरों का मानना है कि ब्रॉडगेज के लिए खासतौर पर ऑर्डर देकर कोच तैयार कराने पड़ते हैं जबकि स्टैंडर्ड गेज के लिए अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध है। इस तरह से यह तकनीक अपेक्षाकृत सस्ती पड़ती है और नई खोजों का फायदा भी मिलता है। वैसे दिल्ली मेट्रो शुरू में ही स्टैंडर्ड गेज के पक्ष में थी लेकिन उस वक्त रेलवे इस पक्ष में नहीं था। रेलवे का तर्क था कि ब्रॉडगेज लाइनें ही होनी चाहिए। इसी वजह से शुरुआत में मेट्रो और रेलवे अधिकारियों में रस्साकशी भी हुई थी। इस वजह से पहले फेज की तीनों मेट्रो रेल लाइनें ब्रॉडगेज की ही बनीं। बाद में फैसला किया गया कि मेट्रो की लाइनें ब्रॉडगेज की हों या स्टैंडर्ड गेज की, इसका फैसला लेने का अधिकार राज्य सरकार को दिया जाए। इस फैसले के बाद ही दिल्ली में दूसरे फेज में स्टैंडर्ड गेज की लाइनों का निर्माण शुरू किया गया। दूसरे फेज में सिर्फ वही ब्रॉडगेज लाइनें बनीं, जो पहले की लाइनों का एक्सटेंशन थीं।

Tuesday, April 6, 2010

सस्ता साधन होने के बावजूद लोग ट्रेन में टिकट लिए बिना चढ़ते

सबसे सस्ता साधन होने के बावजूद लोग ट्रेन में टिकट लिए बिना चढ़ते हैं । फरीदाबाद स्टेशन पर सोमवार सुबह हुई मैजिस्ट्रेट छापामारी से यह एक बार फिर साफ हो गया। छापामारी में 322 बेटिकट यात्रियों से 85 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया। इनमें 40 लोगों को जुर्माना अदा न करने पर अंबाला जेल भेज दिया गया। छापामारी सुबह 6 से 10 बजे तक चली। इसके बाद स्टेशन के अधिकारियों ने टीटी स्टाफ से बिना टिकट लोगों को बिठाने की जगह न होने की बात कहकर छापामारी बंद करने की अपील की। फरीदाबाद स्टेशन पर ऐसी छापामारी काफी समय बाद हुई है। इसमें 50 टीटी स्टाफ, 16 आरपीएफ स्टाफ और 8 जीआरपी स्टाफ शामिल था। छापामारी के दौरान रेलवे ने हर तरफ से यात्रियों की धरपकड़ की। रेलवे कर्मचारी पूरी तरह तैयार थे कि यात्री कहां कहां से भाग निकलते हैं। स्टेशन के सभी चोर रास्तों पर रेलवे कर्मचारी तैनात थे। पकड़े गए 322 यात्रियों में 137 बिना टिकट, 27 अन बुक्ड लगेज और 148 केडिट यात्री शामिल रहे। बिना टिकट यात्रियों से किराये के रूप में 3300 और जुर्माने के रूप में 367500 रुपये वसूले गए।

Wednesday, March 31, 2010

मेट्रो में अलग से कोई इंतजाम नहीं किया

मॉस्को में आतंकियों ने मेट्रो को अपना निशाना बनाया है। इस घटना के बाद दिल्ली में भी अलर्ट जारी किया गया है, लेकिन मेट्रो में अलग से कोई इंतजाम नहीं किया गया है। मेट्रो सुरक्षा की कमान संभाल रही सीआईएसएफ के अधिकारियों का दावा है कि हम हर समय अलर्ट रहते हैं, ऐसे में अलग से किसी इंतजाम की जरूरत नहीं है, जबकि मेट्रो स्टेशनों और डिपो की सुरक्षा में कई सेंध दिखाई देते हैं। यहां होने वाली छोटी- छोटी लापरवाही बड़े हादसे के लिए जिम्मेदार हो सकती है। रोज की तरह सोमवार को भी मेट्रो के कई स्टेशनों पर सुरक्षा जांच में ढील दिखी। उदाहरण के तौर पर द्वारका-नोएडा-आनंद विहार लाइन पर बिना बैगेज स्कैनर वाले कुछ स्टेशनों पर महिलाओं की चेकिंग के लिए महिला सीआईएसएफ कर्मचारी नहीं थी तो कुछ जगह बैग चेकिंग के नाम पर सिर्फ खानापूरी हो रही थी। सूत्रों के मुताबिक इस दिन भी स्टिल क्लोज सर्किट कैमरों की लगातार मॉनिटरिंग नहीं हो रही थी और डीएमआरसी के स्टिकर वाली गाड़ियों की डिपो में एंट्री के समय कोई जांच नहीं की जा रही थी। मेट्रो डिपो में बाउंड्री वॉल है और उस पर तार भी लगे हैं, मगर उनकी ऊंचाई इतनी भी ज्यादा नहीं है कि किसी के छलांग लगाकर अंदर आने के खतरे से पूरी तरह इनकार किया जा सके। बावजूद इसके सर्विसिंग के बाद प्लैटफॉर्म पर लगने से पहले ट्रेनों की जांच नहीं की जाती। अभी मेट्रो की चार लाइनें काम कर रही हैं। इनमें दिलशाद गार्डन- रिठाला लाइन की लंबाई 25.9 किमी है और इस पर स्टेशनों की संख्या 21 है। लाइन पर 23 ट्रेनें चल रही हैं। सेंट्रल सेक्रेटरिएट- जहांगीरपुरी लाइन 17.36 किमी लंबी है, जिसमें 15 स्टेशन हैं और 16 ट्रेनें चल रही हैं। द्वारका- नोएडा सिटी सेंटर लाइन की लंबाई 47.4 किमी है। इस पर 42 स्टेशन और 43 ट्रेनें हैं। यमुना बैंक से आनंद विहार लाइन की दूरी 6.25 किमी है और इस पर 5 स्टेशन और 4 ट्रेनें हैं। कुल मिलाकर करीब 83 स्टेशन हैं और मेट्रो लाइनों का कवरेज एरिया 96.6 किमी के आसपास है। आमतौर पर रोजाना मेट्रो से नौ लाख लोग सफर करते हैं। मेट्रो की सुरक्षा के लिए अभी सीआईएसएफ के 3800 जवानों की तैनाती की गई है और स्टेशनों पर 1200 क्लोज सर्किट कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से कुछ कैमरे मूविंग हैं तो कुछ स्टिल हैं। मेट्रो के तीन डिपो हैं, जो शास्त्री पार्क, नजफगढ़ और मुंडका में बने हैं। अगले कुछ दिनों में इंदलोक- मुंडका लाइन भी शुरू होने वाली है और कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले केंद्रीय सचिवालय और बदरपुर लाइन भी पूरी हो जाएगी। इसके बाद स्टेशनों की संख्या 120 के करीब पहुंच जाएगी। इसके साथ ही यात्रियों की संख्या भी बढ़ेगी। कॉमनवेल्थ गेम्स के कुल 11 वेन्यू में से 10 से मेट्रो कनेक्ट हो रही है। ऐसे में सुरक्षा के क्या इंतजाम होंगे, इस पर सीआईएसएफ के प्रवक्ता रोहित कटियार का कहना है कि जैसे- जैसे स्टेशनों की संख्या बढ़ेगी वैसे- वैसे स्टाफ भी बढ़ेगा। कॉमनवेल्थ गेम्स तक 1600 और सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था की जाएगी। जल्द ही सभी स्टेशनों पर बैगेज स्कैनर लगा दिए जाएंगे। मेट्रो पार्किन्ग में भी 600 सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है।