मंगलवार को एक महिला ने रेलवे स्टेशन पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। नोएडा से इलाहाबाद जा रही एक गर्भवती महिला ने रेलवे स्टेशन पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। रेल कर्मियों की मदद से उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। जानकारी के अनुसार नोएडा के सेक्टर-8 में रहने वाली महिला संगीता मंगलवार सुबह इलाहाबाद जाने के लिए अपने पति के साथ हापुड़ रेलवे स्टेशन पहुंची थी। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर अचानक महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी और देखते ही देखते महिला ने स्टेशन पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। वहां मौजूद महिलाओं ने रेलवे कर्मियों की मदद से महिला और बच्ची को मोदी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां दोनों स्वस्थ हैं।
Wednesday, December 22, 2010
रेलवे स्टेशन पर ही एक बच्ची को जन्म
मंगलवार को एक महिला ने रेलवे स्टेशन पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। नोएडा से इलाहाबाद जा रही एक गर्भवती महिला ने रेलवे स्टेशन पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। रेल कर्मियों की मदद से उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। जानकारी के अनुसार नोएडा के सेक्टर-8 में रहने वाली महिला संगीता मंगलवार सुबह इलाहाबाद जाने के लिए अपने पति के साथ हापुड़ रेलवे स्टेशन पहुंची थी। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर अचानक महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी और देखते ही देखते महिला ने स्टेशन पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। वहां मौजूद महिलाओं ने रेलवे कर्मियों की मदद से महिला और बच्ची को मोदी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां दोनों स्वस्थ हैं।
Tuesday, December 21, 2010
139 से अपनी ट्रेन की स्थिति के बारे में जानकारी
Monday, December 13, 2010
दिल्ली-रेवाड़ी रेल मार्ग पर चलने वाली लोकल ट्रेनों के डिब्बे घटा दिए
Tuesday, November 30, 2010
रेलवे फाटक पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रही
कई हादसों में हुई मौतों के बाद विक्रोली रेलवे फाटक पर रोड ओवर ब्रिज बनाने की गतिविधि तेज हो गई है। गुरुवार को बीएमसी और रेल अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। पर इससे पहले ब्रिज बनाने की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। विक्रोली रेलवे फाटक पर ब्रिज बनाने की पहल सालों पहले की गई थी, मगर बाबुओं के टेबल पर फाइलें घूमती रही, ब्रिज बना नहीं। मुंबई महानगर विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने एमयूटीपी योजना के अंतर्गत रोड ओवर ब्रिज बनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया था। उसके लिए प्राधिकरण ने सलाहकार भी नियुक्त कर दिया था, पर 2008 तक ब्रिज का कोई अता-पता ही नहीं चला। इधर, रेलवे फाटक पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रही, जिससे लोग मरते रहे, घायल होते रहे। मगर बाबुओं के ब्रिज फाइलों में घूमती रही और जब मुंबई महानगर विकास प्राधिकरण ब्रिज बनाने में नाकाम रहा, तब उसने 2008-09 में ब्रिज बनाने की जिम्मेदारी मुंबई महानगर पालिका के कंघे पर डाल दी। कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी से जूझ रहे बीएमसी के ब्रिज विभाग ने ब्रिज बनाने की रूपरेखा तय की। ब्रिज की कुल लंबाई लगभग 390 मीटर निश्चित की गई जिसमें से करीब 64 मीटर रेल महकमा बनाएगा। यह वह हिस्सा होगा, जो रेल पटरियों के ऊपर से गुजरेगा। रोड ओवर ब्रिज की चौड़ाई करीब 60 फिट होगी। बीएमसी ने सन 2009 में उस ब्रिज की कुल लागत 15 करोड़ लगाई थी। विक्रोली का रोड ओवर ब्रिज रेलवे स्टेशन के पश्चिम में लालबहादुर शास्त्री मार्ग से पूर्व में ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे के करीब तक जाएगा। ब्रिज बनाने के दरमियान 34 दुकानों के साथ-साथ एक मंदिर प्रभावित हो रहा था। इससे पुनर्वास को लेकर ब्रिज का मामला लटका पड़ा था। उधर, रेलवे महकमा भी ब्रिज को लेकर किसी तरह की दिलचस्पी नहीं दिखा रहा था। जैसे तैसे दिन बीतते गए। विक्रोली रेल फाटक पर ब्रिज बनाने के बाबत महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के स्थानीय विधायक मंगेश सांगले ने पहल की। विक्रोली निवासियों ने बीएमसी कमिश्नर स्वाधीन क्षत्रिय से मुलाकात की। पिछले दिनों हुए हादसे के बाद एक बार फिर से धूल खा रही फाइलें साफ की जा रही हैं और बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इस बाबत बीएमसी कमिश्नर स्वाधीन क्षत्रिय ने बताया कि रेलवे ने ब्रिज बनाने के लिए हरी झंडी दे दी है। गुरुवार को होने वाली बैठक में इस बाबत कई और महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
Monday, November 22, 2010
आंदोलन कई मायनों में खुद यात्रियों को काफी परेशानी दे गया।
कहने को भले से ही रविवार को विक्रोली स्टेशन पर किया गया आंदोलन स्वत: प्रेरित रहा हो और इसकी भूमिका में रेल प्रशासन की इस स्टेशन के प्रति उपेक्षा रही हो, मगर इसका दूसरा सच यह भी है कि यह आंदोलन कई मायनों में खुद यात्रियों को काफी परेशानी दे गया। चूंकि रविवार बाकी दिनों से इतर अपने नाते-रिश्तेदारों के यहां अपने परिवार के साथ घूमने फिरने का दिन था, सो सभी लोग जब अपने घरों के बाहर अपने परिवार के साथ निकले थे तो उन्होंने सोचा नहीं था कि उनकी आज की यात्रा आंदोलन में चौपट हो जाएगी। एम. व्यंकटेशन जैसे ही कल्याण जाने के लिए अपना कूपन पंच कर 10 साल के बेटे के साथ प्लेटफॉर्म नं. 1 पर बढ़ीं तो उन्हें नारेबाजी की आवाज सुनाई दी। इससे पहले वो कुछ समझ पातीं, उन्होंने देखा कि दूसरे प्लेटफॉर्म पर कई लोग मोटरमैन की केबिन के ऊपर चढ़ गए हैं। रेल प्रशासन मुर्दाबाद के नारों और भीड़ के मनोविज्ञान ने श्रीमती व्यंकटेशन के शक को बहुत जल्द ही यकीन में बदल दिया। पहले तो एक घंटे तक उन्होंने इंतजार किया, फिर कोई रास्ता न सूझा तो उन्होंने टिकट खिड़की पर अपना कूपन (टिकट) रद्द कर पैसा वापस लेने का फैसला किया। उन्हें यहां भी निराशा ही हाथ लगी जब उन्हें टका सा जवाब मिला कि कूपन के पैसे वापस नहीं किए जाते। इस संवाददाता के माध्यम से उन्होंने रेलवे से सवाल पूछा कि ऐसी सूरत में रेलवे टिकट के रिफंड की व्यवस्था क्यों नहीं करती। दरअसल, ऐसे आंदोलनों का असली साइड इफेक्ट ऐसा ही होता है। रविवार की अपराह्न जब लोगों को समझा-बुझाकर आंदोलन खत्म कराया गया तो इसका असर रेल सेवाओं पर पड़ा। लोकल ट्रेनों के ऑपरेशन में बंचिंग की समस्या आ गई और एक के पीछे एक लोकल की सर्पाकार लंबी लाइन लग गई। शाम सवा चार बजे विक्रोली से छूटी लोकल सीएसटी 6.30 बजे पहुंची। इस दरमियान हर स्टेशनों के बाहर लोगों का जमावड़ा लग गया। रिक्शा और टैक्सी वालों की बादशाहत दिखने लगी। बेस्ट की बसों पर ऐक्स्ट्रा बोझ आ गया। कईयों ने मीलों पटरियों पर ही अपना रास्ता पूरा किया। सबसे ज्यादा मुसीबत गर्भवती महिलाओं को हुई जिन्हें भीड़ से बचने का कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। ट्रेन में फंसी ऐसी महिलाओं की मानों सांस ही अटक गई थी। आंदोलन का स्पॉट बने विक्रोली पर महिला यात्रियों को भारी भीड़ के बीच ईस्ट से वेस्ट आने और वेस्ट से ईस्ट जाने में मानो अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ा। हमारा सिस्टम ऐसे क्राइसिस मैनेजमेंट से निबटने का आदी नहीं है, सो रविवार को भीड़ का 'जंगलराज' देखा गया। ऐसे आंदोलन में नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यही सिलसिला रविवार को भी देखा गया। घाटकोपर से मनसे विधायक राम कदम तो ट्रैक के बीचोबीच बैठकर अपने समर्थकों के साथ नारेबाजी करने लगे। खबर लगते एनसीपी के स्थानीय सांसद संजय दीना पाटील पहुंचे तो स्थानीय नगरसेवक ताउजी गोरुले भी अपने दल-बल के साथ आंदोलनकारियों का नेतृत्व करते दिखे। वादे बंद करो, काम चालू करो हाल ही में मध्य रेल के एनआरयूसीसी मेंबर चुने गए रेल कार्यकर्ता सुभाष गुप्ता कहते हैं कि विक्रोली के इस जनांदोलन को एक 'वेक-कप कॉल' के तौर पर लिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि अभी हाल में संपन्न जेडआरयूसीसी की मीटिंग में मैनें इस स्टेशन की बदहाली का मुद्दा उठाया था जिस पर ध्यान देते हुए जीएम ने इस स्टेशन पर विशेष नजर रखने का आश्वासन दिया था। रेलवे बोर्ड को जनता की परेशानियों को पहुंचाने वाले श्री गुप्ता का सुझाव था कि अब वक्त आ गया है कि रेलवे वादे करना बंद करे और काम करना चालू करे। वादे बंद करने और काम चालू करने का ही नारा इससे पहले घंटो विक्रोली स्टेशन पर लगाया गया था।
Friday, November 19, 2010
मध्य रेल की मेन लाइन पर चलने वाली सभी उपनगरीय लोकल ट्रेनें 12 डिब्बों वाली
Wednesday, November 17, 2010
'रेल दर्पण' के दो अवॉर्ड तथा 54वें रेल सप्ताह प्रदर्शनी पुरस्कार सहित कुल तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार
एसोसिएशन ऑफ बिजनेस कम्युनिकेटर्स ऑ.फ इंडिया (एबीसीआई) के 50वें वार्षिक पुरस्कारों में पश्चिम रेलवे की गृह पत्रिका 'रेल दर्पण' के दो अवॉर्ड तथा 54वें रेल सप्ताह प्रदर्शनी पुरस्कार सहित कुल तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किए। पुरस्कार वितरण समारोह में विशेष अतिथि व पश्चिम रेल के महाप्रबंधक रवींदनाथ वर्मा ने 'रेल दर्पण' के प्रधान संपादक और पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शरत चंदायन और उनकी टीम को बधाई दी। ये पुरस्कार एबीसीआई द्वारा नैशनल लेवल पर व्यावसायिक संचार के क्षेत्र में रचनात्मकता के लिए दिए जाते हैं। कॉर्पोरेट जगत के साथ पश्चिम रेलवे अकेला संगठन है, जिसने लगातार आठवें साल ये अवार्ड हासिल किए हैं। तीनों पुरस्कार पश्चिम रेलवे के मुख्य माल परिवहन प्रबंधक एवं 'रेल दर्पण' के पूर्व प्रधान संपादक शैलेंद्र कुमार ने पत्रिका के संपादकीय टीम के सदस्यों गजानन महतपुरकर, सी. नितिन कुमार डेविड, होरमज मोहता, जितेंद्र कुमार जयंत, प्रदीप शर्मा, अजय सोलंकी, स्मिता रोजारियो, अनुभव सक्सेना, सुनील सिंह, प्रमोद कुमार, राजेश शिंदे, मिलिंद नंदेश्वर के साथ हासिल किया। पुरस्कारों में 'रेल दर्पण' को विशेष स्तंभ अंग्रेजी एवं हिंदी की कोटियोें में मिले पुरस्कार शामिल हैं। 'रेल दर्पण' के अलावा पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार विभिन्न लोकप्रिय रेडियो जिंगलों एवं कैलेंडरों को भी पूर्व में एबीसीआई पुरस्कार मिल चुके हैं। इस बार एबीसीआई पुरस्कारों के लिए 32 विविध कोटियों में कुल 875 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें करीब 160 पुरस्कार बांटे गए।
Thursday, November 11, 2010
मालगाड़ी के चार डिब्बे पटरी से उतर गए।
मत्स्यगंधा एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे पर हेरावाड़ के निकट चट्टान गिर जाने से एक महिला की मौत हो गई
मुंबई जा रही मत्स्यगंधा एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे पर हेरावाड़ के निकट चट्टान गिर जाने से एक महिला की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। पुलिस सूत्रों के हवाले से पणजी से मिली रिपोर्ट में बताया गया है कि दुर्घटना कारवाड़ स्टेशन के निकट रात 8 बजे हुई। यह घटना उस वक्त हुई जब कोंकण मार्ग पर ट्रेन तोदुर और अंबडाडेल्ली गांवों के बीच सुरंग में प्रवेश करने वाली थी। क्षेत्र में लगातार वर्षा के कारण नजदीकी पहाड़ी से एक चट्टान आकर इस ट्रेन के तीन डिब्बों पर गिरी। कारवाड़ के एसपी रमन गुप्ता ने कहा कि गंभीर रूप से घायलों को कारवाड़ के पतंजलि अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि शेष को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद मार्ग पर ट्रेन सेवाएं सस्पेंड कर दी गई हैं।
Saturday, October 30, 2010
गोरखपुर से मुंबई के बीच चलने वाली लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के सेकंड क्लास कंपार्टमेंट में सफर
बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई स्टेशनों पर लोगों की एंट्री रोक दी गई।
Thursday, October 21, 2010
मेन लाइन रूट पर सिर्फ 12 डिब्बों की लोकल चलाने का फैसला
मध्य रेल ने अपने यात्रियों को अधिक सुविधा देने के इरादे से अब हर रविवार तथा दूसरी छुट्टियों के दिन मेन लाइन रूट पर सिर्फ 12 डिब्बों की लोकल चलाने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत 24 अक्टूबर से हो जाएगी। चूंकि संडे और अन्य छुट्टियों के दिन कम संख्या में ट्रेनें चलाईं जाती हैं, अत: इस दिन 12 डिब्बों की लोकल चलाए जाने से यात्रियों को काफी राहत होगी। इसी दिन से मध्य रेल अपनी 12 डिब्बों वाली सेवाओं का विस्तार करते हुए 19 और सेवाएं जोड़ने का फैसला किया है। अब सेंट्रल पर प्रतिदिन चलने वाली 12 डिब्बों की सेवा 594 से बढ़कर 613 हो जाएगी। जबकि 9 डिब्बों और 12 डिब्बों की सेवा मिलाकर 24 अक्टूबर के बाद से संडे तथा अन्य छुट्टियों के दिन चलने वाली कुल लोकल सेवाओं की संख्या 1,240 से बढ़कर 1,259 हो जाएगी। रेलवे के इस कदम का यात्री संघ मुंबई के अध्यक्ष और रेल कार्यकर्ता सुभाष गुप्ता ने स्वागत किया है और कहा है कि इससे मेगा ब्लाक का प्रेेशर भी कम होगा और यात्रियों को सुविधा मिलेगी सो अलग। मध्य रेल के मुख्य प्रवक्ता श्रीनिवास मुडगेरिकर के अनुसार, हमने वांगनी और कल्याण सेक्शन के बीच डीसी से एसी कंवर्जन का काम पूरा कर लिया है, अब इसका फायदा यात्रियों को मिलना शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अब हम 12 कार वाली सेवाएं 782 से बढ़ाकर 785 करने वाले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हम अपनी मेल गाडि़यों के कोचों में बेहतर रख-रखाव के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम लगा रहे हैं।
Friday, October 15, 2010
सभी पांच लाइनें स्टैंडर्ड गेज की ही बनाई जाएंगी।
तीसरा फेज पूरा होने के बाद रोज 43 लाख से ज्यादा पैसेंजर मेट्रो में सफर किया करेंगे। अभी यह तादाद औसतन 12-13 लाख है। यही नहीं, अगर मेट्रो के प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो एक लाइन को छोड़कर बाकी सभी पांच लाइनें स्टैंडर्ड गेज की ही बनाई जाएंगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सूत्रों के मुताबिक, मेट्रो ने तीसरे फेज के लिए एक सर्वे किया है। इसके मुताबिक, अनुमान लगाया गया है कि 2016 में फेज तीन पूरा होने पर 43 लाख से ज्यादा पैसेंजर मेट्रो में सफर करेंगे। इस तरह तीसरा फेज पूरा होने के बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में मेट्रो ही दिल्ली का सबसे बड़ा साधन बन जाएगा। दिल्ली मेट्रो ने अपनी जो सर्वे रिपोर्ट तैयार की है, उसके मुताबिक तब तक दिल्ली मेट्रो के तीनों फेज पूरे हो चुके होंगे। यानी उस वक्त पहले फेज में बनाई गई तीन लाइनों पर ही 7.5 लाख से ज्यादा पैसेंजर सफर किया करेंगे। इसके बाद दूसरे फेज की लाइनों पर सफर करने वालों का आंकड़ा 16.87 लाख से ज्यादा हो जाएगा, लेकिन सबसे ज्यादा सफर करने वालों की तादाद तीसरे फेज की लाइनों पर होगी। तीसरे फेज की लाइनों पर सफर करने वालों का आंकड़ा 18 लाख 85 हजार से ज्यादा हो जाएगा। इस तरह कुल मिलाकर उस वक्त सिर्फ दिल्ली के हिस्से में ही बनी मेट्रो रेल लाइनों पर सफर करने वालों की संख्या 43.31 लाख से ज्यादा हो जाएगी। दिल्ली मेट्रो के सूत्रों का कहना है कि इसके पांच साल बाद इन लाइनों पर ही सफर करने वालों की तादाद बढ़कर 51 लाख से भी ज्यादा हो चुकी होगी। उस वक्त मेट्रो का औसत ट्रिप लगभग 15.41 किमी का हो जाएगा। तीसरे फेज की रिपोर्ट में दिल्ली मेट्रो ने कहा है कि अगर मेट्रो की प्रस्तावित छह लाइनें बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो जहांगीरपुरी-बादली लाइन के अलावा बाकी सभी लाइनें स्टैंडर्ड गेज की होंगी। मेट्रो के मुताबिक, प्रस्तावित नई लाइनों में से अशोक पार्क-दिल्ली गेट, केंद्रीय सचिवालय-लाल किला और जहांगीरपुरी-बादली मौजूदा लाइनों का ही एक्सटेंशन होंगी। लिहाजा इन तीनों लाइनों का वही गेज होगा, जो मौजूदा लाइनों का है। इस तरह से जहांगीरपुरी-बादली लाइन ही ब्रॉडगेज होगी, जबकि बाकी सभी लाइनें स्टैंडर्ड गेज की होंगी। मेट्रो का कहना है कि नई लाइनों में आनंद विहार - धौला कुआं , मुकुंदपुर - राजौरी गार्डन और मालवीय नगर - कालिंदी कुंज नए कॉरिडोर होंगे , लिहाजा ये तीनों लाइनें भी स्टैंडर्ड गेज की ही होंगी। स्टैंडर्ड गेज की लाइनें बनाने का सबसे बड़ा फायदा यही होगा कि इससे मेट्रो लाइनों की लागत में कमी आएगी। स्टैंडर्ड गेज की लाइन के लिए पटरी की चौड़ाई भी कम होती है। ऐसे में मेट्रो रेल लाइन बनाने के लिए भी जगह की कम जरूरत पड़ती है। इसके अलावा स्टैंडर्ड गेज के लिए तकनीक और कोच भी आसानी से उपलब्ध हैं। मेट्रो का कहना है कि अगर सरकार वक्त पर उसकी लाइनों को मंजूरी देती है तो तीसरे फेज की सबसे पहली लाइन जहांगीरपुरी - बादली चालू होगी। यह लाइन जनवरी 2015 में चालू हो जाएगी। इसके बाद केंद्रीय सचिवालय - लाल किला लाइन होगी। इस लाइन को मार्च में चालू करने के बाद उसी साल मई में मुकुंदपुर - राजौरी गार्डन और अशोक पार्क - दिल्ली गेट लाइन तैयार हो जाएगी। अगर सरकार मालवीय नगर - नोएडा सेक्टर 18 लाइन को चालू करती है तो उस लाइन को भी जुलाई 2015 तक तैयार कर लिया जाएगा। सबसे अंतिम लाइन सितंबर 2015 में तैयार होगी। यह लाइन आनंद विहार - धौला कुआं लाइन हो गी।
Monday, October 11, 2010
दिल्ली मेट्रो ने नया रेकॉर्ड बनाया
नई ट्रेनों की 101वीं खेप मुंबई पहुंच गई।
Saturday, October 2, 2010
मोहम्मद रफी और किशोर कुमार के नाम पर कोलकाता मेट्रो स्टेशनों के नाम रखे जाएंगे।
ममता 'राइजिंग पॉवर' विषय पर व्याख्यान देंगी।
Thursday, September 30, 2010
शख्स पाकिस्तानी नागरिक
Saturday, September 18, 2010
ट्रेनों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर चलेंगे।
Tuesday, September 14, 2010
इंदौर में एक युवक यात्री ने रेलगाड़ी लेकर भागने की कोशिश की।
इंदौर में एक युवक यात्री ने रेलगाड़ी लेकर भागने की कोशिश की। यह तो ठीक रहा कि गाड़ी रफ्तार नहीं पकड़ पाई और राजकीय रेलवे पुलिस की मदद से युवक को पकड़ लिया गया। मामला इंदौर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर एक का है। मंगलवार की सुबह गाड़ी नंबर 326 महू-रतलाम पैसेंजर के इंजन में गोलू नामक युवक चढ़ा और गाड़ी को आगे बढ़ा दी। रेलगाड़ी से नीचे उतरे दोनों चालक जब गाड़ी को चलते देखा तो उन्होंने दौड़ लगाई और जीआरपी जवानों की मदद से गोलू को पकड़ लिया। जीआरपी थाने के उपनिरीक्षक आर. एन. एस. जाट ने बताया कि रेलगाड़ी बमुश्किल से 30 मीटर ही आगे बढ़ पाई थी तभी गोलू को पकड़ लिया गया। आरोपी से पूछताछ जारी है। गोलू के खिलाफ रेल सुरक्षा बल कार्रवाई करेगा। बताया गया है कि इस पैसेंजर रेलगाड़ी से बड़ी तादाद में कर्मचारी यात्रा करते हैं और मंगलवार को भी यह गाड़ी खचाखच भरी थी। अगर रेलगाड़ी रफ्तार पकड़ लेती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
Friday, September 10, 2010
सिग्नल सिस्टम में खराबी आ जाने से पैसेंजरों का आधे घंटे का सफर एक घंटे का हो गया।
दिल्ली मेट्रो की द्वारका लाइन पर सफर करने वाले पैसेंजरों का सफर गुरुवार को फिर लंबा हो गया। इस लाइन के सिग्नल सिस्टम में खराबी आ जाने से पैसेंजरों का आधे घंटे का सफर एक घंटे का हो गया। सिस्टम की खराबी को कुछ देर में दुरुस्त कर लिया गया लेकिन उसका असर लगभग दो घंटे तक रहा। दो घंटे बाद तक ट्रेनें रुक-रुक कर ही चल रही थीं। जिसकी वजह से पैसेंजरों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि यह खराबी यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन के पास सिग्नल सिस्टम में आ गई थी। सिस्टम की खराबी को दूर करने के लिए उसे दोबारा सेट करना पड़ा। जिसमें कुछ वक्त लगा। जब तक सिग्नल सिस्टम रिसेट होता, तब तक इस लाइन पर चलने वाली ट्रेनें बीच में ही रुक गईं। सिग्नल सिस्टम को जब ठीक किया गया तो उसके बाद ट्रेनें तो चलीं लेकिन काफी धीमी स्पीड में। दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले एक पैसेंजर के मुताबिक, सुबह लगभग 11.45 बजे जब वह शादीपुर स्टेशन पहुंचे तो उन्हें स्टेशन पर मेट्रो खड़ी तो दिखी लेकिन यह मेट्रो करीब 20 मिनट तक वहीं खड़ी रही। इसके बाद भी मेट्रो हर स्टेशन पर लगभग पांच से दस मिनट तक रुकती रही। नतीजा यह हुआ कि प्रगति मैदान तक जो सफर कुछ मिनटों का था, वह एक घंटे का हो गया। यह गड़बड़ी बाद में भी चलती रही। लगभग पौने एक बजे जब पैसेंजर कनॉट प्लेस की ओर रवाना हुए तो भी ट्रेनें ठिठक-ठिठक कर चल रही थीं।
Friday, September 3, 2010
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन पर इस लाइन का उद्घाटन करेंगे।
केंद्रीय सचिवालय से कुतुब के बीच मेट्रो की राह देख रहे पैसेंजरों का इंतजार शुक्रवार को खत्म होने जा रहा है। शुक्रवार दोपहर बाद से जहांगीरपुरी से अपना सफर शुरू करने वाले पैसेंजर बिना कहीं रुके सीधे गुड़गांव तक जा सकेंगे। इस तरह नोएडा के बाद गुड़गांव, एनसीआर का दूसरा ऐसा शहर बन जाएगा, जो मेट्रो के जरिए सीधे दिल्ली से जुड़ जाएगा। मेट्रो को उम्मीद है कि इस लाइन पर रोजाना कम से कम एक लाख और पैसेंजर सफर करेंगे। कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी ने इस लाइन पर सेफ्टी इंतजामों की जांच का काम मंगलवार शाम पूरा कर लिया। इस लाइन के चालू होने के साथ ही दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क बढ़कर 138 किमी का हो जाएगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार की दोपहर एक बजे केंद्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन पर इस लाइन का उद्घाटन करेंगे। इसके दो घंटे बाद यानी लगभग तीन बजे से इस लाइन को पब्लिक के लिए खोल दिया जाएगा। यह पहला मौका है, जबकि दिल्ली मेट्रो की लाइन को उसी दिन ही पब्लिक के लिए खोल दिया जाएगा, जिस दिन उसका उद्घाटन होगा। आमतौर पर उद्घाटन से अगले दिन ही मेट्रो रेल लाइन पर पब्लिक सर्विस शुरू की जाती है। इससे पहले दिल्ली मेट्रो की 12.53 किमी लंबी इस लाइन के लिए कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) आर. के. कर्दम ने मंगलवार को भी सेफ्टी इंतजामों की जांच की। उन्होंने दोपहर तक ट्रॉली के जरिए स्टेशनों और लाइन का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने खुद मेट्रो ट्रेन से भी इस लाइन पर सफर किया। वह केंद्रीय सचिवालय से कुतुब तक मेट्रो ट्रेन में गए और फिर वापस लौटे। माना जा रहा है कि सीएमआरएस सभी स्टेशनों और लाइन पर पैसेंजर सेफ्टी के लिए किए गए सेफ्टी इंतजामों से संतुष्ट हैं और उन्होंने इस बारे में दिल्ली मेट्रो को जानकारी भी दे दी है। इसके बाद ही दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार से इस लाइन को खोलने की तैयारी की है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रवक्ता का कहना है कि शुक्रवार दोपहर तीन बजे से पैसेंजर इस लाइन पर सफर कर सकेंगे। इस तरह से जहांगीरपुरी से लेकर गुड़गांव के हुडा सिटी सेंटर तक इस लाइन की लंबाई लगभग 46 किमी हो जाएगी और हुडा सिटी सेंटर से जहांगीरपुरी तक का किराया 29 रुपये होगा। इस तरह से द्वारका के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी मेट्रो रेल लाइन होगी। इस लाइन की खासियत यह है कि इसका लगभग 24 किमी का हिस्सा अंडरग्राउंड होगा। इस लाइन का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गुड़गांव के पैसेंजर दिल्ली के लगभग हर हिस्से से जुड़ जाएंगे। इस लाइन के चालू होने के साथ ही दिल्ली और एनसीआर में मेट्रो का नेटवर्क 138 किमी का हो जाएगा और इसके स्टेशनों की संख्या 117 तक हो जाएगी। इस लाइन के निर्माण पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। दिल्ली मेट्रो के दूसरे फेज में अब दो बड़ी लाइनें ही बची हैं। इनमें से एयरपोर्ट लाइन को प्राइवेट कंपनी चालू करने की तैयारी में है जबकि केंद्रीय सचिवालय से बदरपुर लाइन को खुद दिल्ली मेट्रो तैयार कर रही है और उम्मीद है कि यह लाइन भी सितंबर के अंत तक चालू हो जाएगी। इसके बाद दिल्ली मेट्रो के दो सेक्शन ही ऐसे होंगे , जिन पर अभी काम चल रहा होगा। इनमें से एक सेक्शन आनंद विहार से वैशाली और दूसरा कीर्ति नगर से अशोक पार्क स्टेशनों की लिंक लाइनें हैं। इन दोनों का काम कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद ही पूरा होगा।
Monday, August 30, 2010
ट्रेन के इंजन के पहिए पटरी से उतर गए
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में एक रेलवे स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतर
जाने से हावड़ा जा रही इस ट्रेन के यात्री आज बाल- बाल बच गए। पूर्वी रेलवे सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार पटरी के पैंडोरल क्लिप निकले हुए पाये गए। उन्होंने कहा कि बरुईपाड़ा स्टेशन की प्लैटफॉर्म संख्या तीन से गुजरते वक्त यह ट्रेन बहुत धीमी गति से चल रही थी। हावड़ा से करीब 50 किलोमीटर दूर इस स्टेशन पर ट्रेन के इंजन के पहिए पटरी से उतर गए और इसके बाद पीछे के दो डिब्बे भी पटरी से उतर गए। सूत्रों ने कहा कि इस घटना के कारण पटरी का करीब 50 फुट हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। एक यात्री अभिजीत मुखर्जी ने कहा कि सुबह करीब साढे़ नौ बजे जोरदार आवाज सुनाई दी और इसके बाद ट्रेन रुक गई।
Wednesday, August 25, 2010
शिर्डी स्थित साई बाबा के लिए सुपरफास्ट ट्रेन
शिर्डी स्थित साई बाबा के दर्शन करने वालों के लिए एक खुश खबर है। मध्य रेल उनकी सहूलियत के लिए 2 7 तारीख से अब सुपरफास्ट ट्रेन चलाने जा रही है। यह ट्रेन हफ्ते में तीन दिन चलेगी और 334 किमी का सफर 6 घंटे में ही पूरा कर लेगी। 2131 दादर-साईंनगर एक्सप्रेस हर मंगलवार, बुधवार और शनिवार को दादर से रात 9.45 बजे छूटेगी और सुबह 3.55 पर साईंनगर (शिर्डी) पहुंचेगी। वापसी में 2132 नंबर की यह ट्रेन मंगलवार, गुरुवार और रविवार को साईंनगर, शिर्डी से सुबह 10 बजे छूटेगी और दोपहर 4.05 पर दादर पहुंचेगी। इस ट्रेन को मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण 27 अगस्त को हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। इस ट्रेन में 18 कोच होंगे, जिसमें 6 चालू डिब्बे, स्लीपर क्लास के 8 कोच, थर्ड एसी का एक कोच और सेकंड एसी का एक कोच होगा। यह ट्रेन ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नाशिक रोड, मनमाड और कोपरगांव स्टेशनों पर रुकेगी। इसके सेकंड क्लास एसी का किराया 576 रुपये, थर्ड-एसी का 430 रुपये, स्लीपर क्लास का 174 रुपये और साधारण क्लास का 94 रुपये प्रस्तावित किया गया है। गौरतलब है कि मध्य रेल एक साल पहले से ही एक पैसेंजर ट्रेन साईंनगर-शिर्डी एक्सप्रेस चला रही है। चूंकि यह पैसेंजर ट्रेन है और पुणे तथा दौंड से होकर जाती है तथा सफर में 12 स्टॉपेज होने से457 किमी की दूरी तय करने में इसे 11.30 घंटे से ज्यादा समय लग जाता है। यह ट्रेन रात को 10.55 पर सीएसटी से छूटती है और अगले दिन सुबह 10.55 पर साईंनगर पहुंचती है।
ट्रेन 150 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड डबल होने वाली है
भारत में इस वक्त सबसे तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेन 150 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलती है। लेकिन जल्द ही ये स्पीड डबल होने वाली है, जिसका आगाज हो रहा है केरल में और इसमें उसकी मदद करेगी अपनी मेट्रो। जी हां, दिल्ली की धड़कन बन चुकी मेट्रो में इन दिनों भले ही तकनीकी दिक्कतों से पब्लिक को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इसके कामकाज करने के ढंग के सब दीवाने हो गए हैं। खबर है कि डीएमआरसी अब केरल में हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर तैयार करने के लिए कंसलटेंसी देगी। खास बात ये है कि लगभग 550 किमी के इस कॉरिडोर में लगभग 300 किमी की रफ्तार से ट्रेनें चलेंगी। मेट्रो ने वादा किया है कि अग्रीमेंट पर हस्ताक्षर होने के छह महीने के अंदर फाइनल प्री-फिजिबिल्टी रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। इस बारे में डीएमआरसी और केरल स्टेट इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन के बीच एमओयू साइन किया गया। यह हाईस्पीड कॉरिडोर तिरुवनंतपुरम और कासरागॉड के बीच बनेगा। दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता ने बताया कि इस तरह का यह पहला प्रोजेक्ट मेट्रो को मिला है, जिसके लिए वह जापानी एक्सपर्ट्स को अपने साथ रखेंगे। ये जापानी एक्सपर्ट्स वही होंगे, जो जापान में बुलेट ट्रेन की स्टडी में भी शामिल थे। इस कॉरिडोर पर ट्रेनें 275 से 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। इसके लिए स्टैंडर्ड गेज लागू किया जाएगा। शुरुआत में इस कॉरिडोर के लिए आठ स्टेशन बनाने का फैसला किया गया है। स्टेशनों के बीच औसत दूरी 70 से 80 किमी की रहेगी।
Monday, August 16, 2010
120 किमी रफ्तार से ट्रेन चलाने वाले ड्राइवरों को ट्रैक पर ट्रेन चलाकर ट्रेनिंग देने का काम शुरू
Thursday, August 12, 2010
कुतुब से गुड़गांव के बीच मेट्रो सर्विस बुधवार से सुबह 6 बजे से ही शुरू होगी।
Friday, August 6, 2010
राजधानी एक्सप्रेस के इंजन में आग
Monday, August 2, 2010
उम्दा टेक्नालजी का सहारा लेकर रेल यात्रियों को 'इन्फॉर्म्ड' करने में काफी हद तक कामयाब हुए
'बूंद-बूंद से घड़ा भरता है' जैसी कहावत हकीकत बने ऐसा विरले ही देखने को मिलता है। पश्चिम रेलवे ने एक बार इसे सच कर दिखाया है। करीब 2 साल पहले जब रेल यात्रियों के प्रबोधन हेतु पश्चिम रेल ने 'एसएमएस अपडेट' जैसी सर्विस लॉन्च की थी तो शायद ही कभी सोचा होगा कि यह अपने मैसेज की घंटियों की आवाज तीन करोड़ लोगों से ज्यादा लोगों तक पहुंचा देगी। अच्छी बात तो यह है कि यह सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है और पश्चिम रेलवे के पास इस समय 85,000 रजिस्टर्ड यात्री (सब्सक्राइबर) है जिन्हें लगातार एसएमएस मिलते रहते हैं। इसमें से 60,000 लोग मुंबई से ताल्लुक रखते हैं। गौरतलब है कि पूरे भारतीय रेल में रेल यात्रियों से संपर्क साधने का पहला प्रयास पश्चिम रेलवे ने इसी माध्यम से शुरू किया था। इन यात्रियों को रेल से संबंधित जनहित की खबरें, स्पेशल ट्रेनों की जानकारी, नियमित रूप से होने वाले मेगा ब्लॉक या जब भी कोई ट्रेनों के ऑपरेशन में गड़बड़ी होती है तो तुरंत मैसेज के द्वारा सूचना दे दी जाती है। इस मैसेज को थोक के भाव सेंड करने के लिए पश्चिम रेल ने एक प्राइवेट एजेंसी को हायर किया है, जो कुछ ही सेकंडों में इसके सभी नामित सदस्यों को मैसेज भेज देती है। पश्चिम रेल की इस उपलब्धि के बारे में मुख्य प्रवक्ता एस. एस. गुप्ता का कहना है कि आज के दौर में एसएमएस एक बहुत ही पर्सनलाइज्ड और स्ट्रांग मीडियम है और इसे हर कोई नोटिस करता है। अत: इस उम्दा टेक्नालजी का सहारा लेकर हम रेल यात्रियों को 'इन्फॉर्म्ड' करने में काफी हद तक कामयाब हुए हैं। रोज भेजे जा रहे हैं तीन लाख एसएमएस 'आपका परिवार घर पर आपका इंतजार कर रहा है... पटरी पार करने का शॉर्टकट आपकी लाइफ को शॉर्ट कर सकता है... थोण्याचा वेल वाचवण्यासाठी जीव धोक्यात का घातला? रेलवे रूल ओढ़ालू नका, प्लेटफॉर्म बदलताना पुलांचा किंवा भुयारी मार्गाचा वापर करा... आदि-आदि मैसेजों की घंटियां आजकल मुंबईकरों के मोबाइल पर बज रही हैं। आपको यह जानकर शायद थोड़ा अचंभा लगे कि ऐसे एक दो मैसेज नहीं, बल्कि रोजाना 3 से 3.25 लाख मैसेज लोगों को भेजे जा रहे हैं। दरअसल पश्चिम रेल की एक नई पहल के तहत पटरी पार करने के विरुद्ध 26 जुलाई से एक नया एसएमएस अभियान छेड़ा गया है। इस एमएमएस के जरिए लोगों के बीच यह जागरूकता फै लाने की कोशिश की जा रही है कि वे पटरी पार करने का तरीका अपनाना छोड़ दें, क्योंकि ऐसा कर वो अपने जीवन को धोखे में डाल रहे होते हैं। इसके लिए पश्चिम रेल प्रशासन ने मोबाइल कंपनियों से बात कर करीब 20 लाख मोबाइल धारकों के नंबर प्राप्त किए हैं, और रोजाना तीन से सवा तीन लाख लोगों को एसएमएस भेजे जा रहे हैं। पश्चिम रेल के मुख्य प्रवक्ता श्याम सुंदर गुप्ता का कहना है कि हमारी कोशिश है हम पब्लिक इंटरेस्ट में सभी 20 लाख मोबाइल नंबरों पर 4 से 5 बार एसएमएस भेजेंगे और यह सिलसिला एक महीने तक चलता रहे। इन संदेशों में चेतावनी, भावनात्मक अपील के साथ ही लोगों से पैदल ऊपरी पुल तथा सब-वे का उपयोग करने का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जो भी मैसेज हम यात्रियों या मुंबईकरों को भेज रहे हैं, उनमें से तो कई मैसेज खुद यात्रियों ने ही भेजा है। कुछ सप्ताह पूर्व इन मैसेजों को हमने यात्रियों से ही मंगवाया था।
ड्राइवर सहित करीब तीन यात्री घायल
बिहार के झाझा-जसीडीह रेलखंड पर जमुई जिले के रजला हॉल्ट के पास रविवार देर रात संदिग्ध अपराधियों ने एक रेलगाड़ी पर बम से हमला कर दिया। इस हादसे में ड्राइवर सहित करीब तीन यात्री घायल हो गए। पुलिस के अनुसार 315 डाउन मुजफ्फरपुर-सियालदह सवारी रेलगाड़ी रजला हॉल्ट के पास जैसे ही रुकी, अपराधियों ने रेलगाड़ी पर बम फेंक दिया व बाद में पथराव शुरू कर दिया। ड्राइवर ने खतरे को भांपते हुए रेलगाड़ी को वहां से आगे बढ़ा दिया और सिमुलतला रेलवे स्टेशन पर ले जाकर रोका। पुलिस के अनुसार इस घटना में रेलगाड़ी के ड्राइवर जयप्रकाश पासवान सहित करीब तीन यात्री घायल हो गए। राज्य के डीजीपी नीलमणि ने बताया, 'घायल ड्राइवर और अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। अपराधियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। संभव है अपराधियों ने लूटपाट करने की नियत से ऐसा किया होगा।'
ऐतिहासिक इंजनों को कॉमनवेल्थ के लिए तैयार किया जा रहा है।
दिल्ली-रेवाड़ी रेल मार्ग एनसीआर का ऐसा इकलौता रेल मार्ग है जो कॉमनवेल्थ के दौरान लाइमलाइट में रहेगा। इस रेल मार्ग पर इन दिनों सबसे अधिक ध्यान रेलवे अधिकारियों द्वारा दिया जा रहा है। शुक्रवार को डीआरएम ने इस रेल मार्ग की तैयारियों का जायजा लिया। हालांकि पूरे इंस्पेक्शन के दौरान वह ट्रेन से नीचे नहीं उतरे। रेलवे रेल मार्ग के सभी स्टेशन उनकी आव भगत के लिए तैयार रहे। दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन से चलने के बाद उत्तर रेलवे के डीआरएम अश्वनी लोहानी सीधे रेवाड़ी के ऐतिहासिक लोको शेड में रुके। इस शेड में दस ऐतिहासिक इंजनों को कॉमनवेल्थ के लिए तैयार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार पुराने और क्षमता कम होने के कारण इनमें से एक भी इंजन दिल्ली-रेवाड़ी रूट पर अपनी सेवाएं नहीं दे पाएंगे। लेकिन यहां आने वाले विदेशी पर्यटक सीधे फेयरी क्वीन के जरिए यहां पहुंचेंगे और शेड के अंदर ही इनकी राइड का मजा ले सकेंगे। यहां चल रहे निर्माण कार्य में डीआरएम ने तेजी लाने के निदेर्श दिए हैं ताकि 15 सितंबर तक इन्हें हर हाल में तैयार कर लिया जाए। डीआरएम करीब डेढ़ घंटे तक शेड में रुके और अपने कई अहम सुझाव भी दिए। इसे डीआरएम इंस्पेक्शन का खौफ कहें या फिर उन्हें खुश करने का तरीका शुक्रवार सुबह गुड़गांव स्टेशन की तस्वीर ही बदली हुई थी। देर रात हुई बरसात के बाद भी स्टेशन पर कीचड़ नहीं था। सभी स्टाफ पूरी तरह वर्दी में था। ऑटो स्टैंड पर चालक अपनी लाइन में लगे हुए थे, अवैध वेंडर न तो ट्रेनों के अंदर दिखाई दे रहे थे और न ही बाहर। सफाई कर्मी झाड़ू तो लगा ही रहे थे टिकट खिड़की और इंक्वायरी काउंटर पर भी काम सुचारु रूप से चल रहा था। यहां तक की खान पान के स्टॉलों पर भी सभी लोग वदीर् में थे। लेकिन जैसे ही डीआरएम इंस्पेक्शन गाड़ी यहां से निकल गई, सभी अपने पुराने ढर्रे पर लौट आए। बचीखुची कसर बरसात ने पूरी कर दी। दोपहर को आई बरसात के बाद स्टेशन पर हर जगह गंदगी फैल गई जिसे साफ करने में किसी की दिलचस्पी नहीं रही। कीचड़ की वजह से यात्रियों को काफी परेशानियां हो रही थी। मेन एंट्रेंस पूरी तरह पानी में डूबा हुआ था।
Thursday, July 29, 2010
अब अधिक प्रॉपर्टी टैक्स देना होगा।
दिल्ली - ऋषिकेश ट्रेन को मंगलवार दोपहर मुजफ्फरनगर में शिक्षा मित्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में जबरन रोक दिया।
दिल्ली जाने वाली दिल्ली - ऋषिकेश ट्रेन को मंगलवार दोपहर मुजफ्फरनगर में शिक्षा मित्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में जबरन रोक दिया। आंदोलनकारियों को तितर - बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस हंगामे के चलते ट्रेन पौन घंटे तक रुकी रही। रेलवे एक प्रवक्ता ने बताया पुलिस बल और आंदोलनकारियों के बीच झड़प भी हुई। आंदोलनकारी दिल्ली जाने वाले पैसेंजरों के साथ बदसलूकी पर उतर आए थे। एसपी प्रकाश कुमार ने बताया कि हल्के बल प्रयोग से कोई हताहत नहीं हुआ है। शिक्षा मित्र सैलरी बढ़ाने , सर्विस रेग्युलर करने और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे थे।
Monday, July 26, 2010
अब रेलवे में भी वीआरएस लागू कर दिया जाएगा।
प्रशासन को कुछ ट्रेनों को बीच में ही रोक देना पड़ा
Thursday, July 22, 2010
मुख्य सहयोगी पार्टी कांग्रेस ममता के बचाव में
रेल हादसे पर एक ओर जहां गैर यूपीए दल दीदी यानी ममता बनर्जी पर बरस पड़े हैं, वहीं यूपीए की उसकी मुख्य सहयोगी पार्टी कांग्रेस ममता के बचाव में दिख रही है। दादा यानी बंगाल से सांसद और केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि ट्रेन हादसों की वजह ममता की रेल मंत्रालय से गैरमौजूदगी है। एक्सिडेंट सिर्फ एक्सिडेंट हैं। इनके बारे में कोई भी भविष्यवाणी नहीं कर सकता, इसीलिए ये एक्सिडेंट कहलाते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मृतकों के घरवालों के प्रति संवेदना जाहिर की है और घायलों के जल्दी ठीक होने की दुआ मांगी है। इस बीच, पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के चीफ मानस भूंइया ने कहा है कि यह हादसा छेड़छाड़ का मामला लगता है और इसकी हम टॉप लेवल पर जांच की मांग करते हैं। भूंइया ने कहा कि ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग करना सरासर गलत है। अगर उन्हें इस्तीफा देना चाहिए तो पश्चिम बंगाल के सीएम और ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर को भी इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि पिछले एक साल में राज्य में सड़क हादसों में 9,000 लोगों की मौत हुई है। राज्य सरकार द्वारा रेलवे के प्रति विरोधी रवैया रखने से ही पूरे रेलवे सिक्युरिटी सिस्टम को नुकसान हुआ है।
साइंथिया स्टेशन पर सोमवार को हुआ ट्रेन एक्सिडेंट ड्राइवर की गलती से ही हुआ
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के साइंथिया स्टेशन पर सोमवार को हुआ ट्रेन एक्सिडेंट ड्राइवर की गलती से ही हुआ था। यह दावा स्टेशन के सिग्नल इंचार्ज रहमत अली ने किया है। उन्होंने दावा किया कि स्टेशन मास्टर ने उत्तरबंग एक्सप्रेस के ड्राइवर को अलर्ट करने की कोशिश की थी लेकिन वह रेड सिग्नल को तोड़ते हुए प्लैटफॉर्म में गाड़ी ले आया। न तो ड्राइवर और न ही गार्ड की तरफ से ऐसा कोई मेसेज मिला था कि ट्रेन के ब्रेक फेल हो गए हैं। इस बीच, मरने वालों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है। वनांचल एक्सप्रेस के तीन जख्मी पैसेंजरों ने मंगलवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया। 28 लोगों की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। उधर, पश्चिम बंगाल सरकार ने मामले की सीआईडी जांच का आदेश दे दिया है, वहीं रेलवे ने भी इनक्वायरी बैठा दी है। हालांकि, पश्चिम बंगाल के डीजीपी भूपिंदर सिंह ने हादसे के पीछे तोड़फोड़ से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
Friday, July 16, 2010
चर्चगेट जा रही लोकल माहिम स्टेशन पर पटरी से उतर गई।
रविवार दोपहर पश्चिम रेल के यात्रियों को उस समय परेशानियों का सामना करना पड़ा जब विरार से चर्चगेट जा रही लोकल माहिम स्टेशन पर पटरी से उतर गई। इसकी वजह से फ्रंट कोच के तीन पहिए पटरी से उतरकर रगड़ खाते हुए जमीन से जा मिले। बता दें कि एक कोच में 8 पहिए होते हैं। मगर इस दुर्घटना में किसी के भी हताहत होने की कोई खबर नहीं मिली। घटना दोपहर पौने तीन बजे की है जब प्लेटफॉर्म (लाइन) नंबर 4 से प्लेटफॉर्म नं. 2 पर जा रही फास्ट लोकल अपना संतुलन खो बैठी और वह पटरी से उतर गई। हालांकि इस दुर्घटना का समाचार पाते ही एजीएम और डीआरएम एक्सिडेंट रिलीफ ट्रेन के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे मगर जब तक उनके मार्गदर्शन में इसका रेस्टोरेशन हो पाता, बाकी की लोकल ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ। यह सामान्य तभी हुआ जब शाम 6.15 बजे तक पटरी से उतरी लोकल को वहां से हटा दिया गया। गौरतलब है कि मेगा ब्लॉक का दिन होने से माहिम और मुंबई सेंट्रल के बीच मरम्मत का काम किया जा रहा था और इस दरमियान माहिम से मुंबई सेंट्रल फास्ट ट्रैक की लोकल को स्लो ट्रैक पर डायवर्ट किए जाने की व्यवस्था की गई थी। यह हादसा उसी समय हुआ, जब लोकल क्रासओवर से गुजर रही थी। गौरतलब है कि जब भी ट्रेन को एक लाइन से दूसरी लाइन पर डायवर्ट किया जाता है तो उस समय ट्रेन की स्पीड 15 किमी से कम ही रखी जाती है। पहला शक मोटरमैन के ऊपर जा रहा है। हालांकि पश्चिम रेल के अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया है कि इस हादसे में मोटरमैन की तरफ से कोई गड़बड़ी हुई है। इसके मुख्य प्रवक्ता एस. एस. गुप्ता ने कहा है कि डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं और जांच के बाद ही इस हादसे की सही वजह पता चल पाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जांच के दौरान लोकल की स्पीड भी जांच का एक मुद्दा जरूर रहेगा।
कुतुब तक की मेट्रो रेल लाइन पर गुरुवार से मेट्रो का ट्रायल शुरू
Tuesday, July 13, 2010
कोयले से लदी एक मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए।
उत्तर प्रदेश के आंबेडकर नगर जिले में सोमवार तड़के कोयले से लदी एक मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दुर्घटना जिले के टांडा रेलवे स्टेशन के पास हुई। कोयले से लदी मालगाड़ी स्थानीय राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) की इकाई की ओर जा रही थी। आंबेडकर नगर के राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) चौकी प्रभारी राम आसरे ने संवाददाताओं को बताया कि घटना में मालगाड़ी के पीछे के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे रेलमार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। मालगाड़ी धनबाद से कोयला लेकर आ रही थी। आसरे ने बताया कि रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचकर रेलमार्ग को ठीक कर रहे हैं। पटरी से उतरे डिब्बों को हटाकर रेलमार्ग जल्दी दुरुस्त कर लिया जाएगा। उनके मुताबिक दुर्घटना के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
Saturday, July 10, 2010
चांदनी चौक और राजीव चौक स्टेशनों पर अधिक एस्केलेटर लगाने का निर्देश
भगवान जगन्नाथ की नौ दिवसीय वार्षिक रथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के लिए कम से कम 63 विशेष रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी।
5 स्कूली छात्रों की मौत
आने की वजह से 5 स्कूली छात्रों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना पूर्वाह्न 11.30 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच में हुई। अमलनेर गांव में बोरी नदी पर यह पुल बना हुआ है।
Monday, July 5, 2010
नोएडा पुलिस को राजीव चौक और उत्तमनगर मेट्रो स्टेशन उड़ाने की धमकी
बजकर 23 मिनट पर मोबाइल फोन से दी गई। नोएडा पुलिस ने दिल्ली पुलिस को सूचना दे दी है और मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकालने में जुट गई है। फिलहाल फोन करने वाले की कोई सूचना पुलिस कलेक्ट नहीं कर पाई है। रविवार दोपहर को नोएडा पुलिस के अल्फा कंट्रोल रूम पर अज्ञात मोबाइल फोन से राजीव चौक और उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन को उड़ाने की धमकी दी गई। एपी सिटी अशोक त्रिपाठी ने बताया है कि पुलिस ने तुरंत सूचना दिल्ली पुलिस को रेफर की। इसके बाद मोबाइल नंबर को सविर्लांस पर लगा दिया है। कॉल डिटेल निकाली जा रही है। धमकी देने वाले की जांच की जा रही है। फिलहाल उसकी कोई सूचना नहीं मिल पाई है।
Saturday, July 3, 2010
शहर में मेट्रो के विस्तार में पैसे की कमी आड़े नहीं आएगी।
Monday, June 28, 2010
ट्रायल के लिए मेट्रो ने अपनी कवायद शुरू कर दी
Thursday, June 24, 2010
एस. एन. शर्मा और एक अन्य सीनियर अफसर को करोड़ों रुपये के रेलवे भर्ती घोटाला मामले में गिरफ्तार कर लिया
सीबीआई ने रेलवे भर्ती बोर्ड, मुंबई के निलंबित अध्यक्ष एस. एन. शर्मा और एक अन्य सीनियर अफसर
को करोड़ों रुपये के रेलवे भर्ती घोटाला मामले में गिरफ्तार कर लिया है। शर्मा को भर्ती घोटाले में भूमिका के चलते गिरफ्तार किया गया है, जिसमें उनका बेटा और 7 अन्य पहले ही पकड़े जा चुके हैं। सीबीआई के डीआईजी वी. वी. लक्ष्मीनारायण ने बताया कि एजेंसी ने इस मामले में रायपुर के सीनियर डिविजनल पर्सनेल ऑफिसर जी. सेठी को भी गिरफ्तार किया है। शर्मा और सेठी दोनों को मुंबई और रायपुर से प्रश्नपत्रों के लीक होने के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। सीबीआई प्रवक्ता हर्ष बहल ने नई दिल्ली में बताया कि इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आठों लोगों को तीन दिन की पुलिस हिरासत में बुधवार को सौंप दिया गया है। लक्ष्मी नारायण ने कहा कि शर्मा और सेठी को सीबीआई अदालत में गुरुवार को पेश किया जाएगा। सीबीआई ने बीते 19 जून को रेलवे भर्ती में करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया था और इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसमें शर्मा का बेटा विवेक भारद्वाज शर्मा, रायपुर स्थित तत्कालीन एडीआरएम ए. के. जगन्नाथम और उनका बेटा सुरजन शामिल थे। रेलवे ने शर्मा को सस्पेंड कर दिया था और कहा था कि वह जांच कार्य में सीबीआई को अपना हर मुमकिन सहयोग देगी। सीबीआई को रेलवे बोर्ड ने 21 जून को शर्मा की भूमिका की जांच के लिए मंजूरी दे दी थी। सीबीआई ने आरोप लगाया कि घोटाले के आरोपी असिस्टेंट लोको पायलट और असिस्टेंट स्टेशन मास्टर पद के लिए अभ्यथिर्यों से साढ़े तीन लाख रुपये की रकम वसूलते थे। सीबीआई ने कहा कि इस बारे में 15 जून को हैदराबाद में मामला दर्ज किया गया था। यह घोटाला असिस्टेंट लोको पायलट और असिस्टेंट स्टेशन मास्टर की परीक्षा से जुड़ा है, जिनका आयोजन 6 और 13 जून को किया जाना था। बहल ने कहा कि यह घोटाला करोड़ों रुपयों का है। इस मामले में जांच जारी है।
Tuesday, June 22, 2010
नालासोपारा तथा विरार स्टेशन की दशा सुधारना हमारी प्राथमिकता
Thursday, June 17, 2010
गुड़गांव के लिए यह मेट्रो सेवा सिर्फ कुतुब मीनार से
नोएडा के बाद अब दिल्ली के दूसरे सेटेलाइट शहर गुड़गांव में भी सोमवार से मेट्रो दौड़ना शुरू कर देगी। फिलहाल गुड़गांव के लिए यह मेट्रो सेवा सिर्फ कुतुब मीनार से ही होगी। अगले एक से डेढ़ महीने के बाद दूसरा सेक्शन चालू होने पर गुड़गांव सीधे केंद्रीय सचिवालय के रास्ते जहांगीरपुरी से जुड़ जाएगा। गुड़गांव हरियाणा का पहला शहर है, जहां मेट्रो सेवा शुरू की जा रही है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल के मुताबिक सोमवार सुबह 8 बजे से पहली मेट्रो सर्विस गुड़गांव के हुडा सिटी सेंटर और कुतुब मीनार से शुरू होगी। अगले दिन से मेट्रो ट्रेनें सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक चलने लगेंगी। फिलहाल इरादा 12 मिनट की सर्विस रखने का है। इसके लिए पांच ट्रेनें चलाई जाएंगी। यह पहला मौका होगा जब किसी लाइन के एक स्टेशन पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी। यह स्टेशन होगा छतरपुर। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि इस स्टेशन के लिए जमीन ही पिछले साल मिली है इसलिए स्टेशन तैयार होने में अगस्त तक का वक्त लग जाएगा।
Tuesday, June 15, 2010
ट्रेन को स्टेशन पर रोका
Wednesday, June 9, 2010
10 को सीएमआरएस के फाइनल ट्रायल के बाद कभी भी इस मेट्रो लाइन को पब्लिक के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
नोएडा के बाद अब गुड़गांव में कदम रखने के लिए दिल्ली मेट्रो की उलटी गिनती शुरू हो गई है। हालांकि इस लाइन को इस साल मार्च में ही शुरू किया जाना था , लेकिन अब उम्मीद की जा रही है कि 10 जून को दिल्ली मेट्रो को इस लाइन पर पब्लिक के लिए ट्रेनें चलाने के लिए फाइनल ग्रीन सिग्नल मिल जाएगा। किसी भी लाइन को पब्लिक के लिए खोलने से पहले कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी ( सीएमआरएस ) की मंजूरी जरूरी होती है और सीएमआरएस ने अब इस लाइन पर 9 और 10 जून को अपनी निगरानी में ट्रायल करने का फैसला कर लिया है। ट्रायल के बाद अगर सीएमआरएस मंजूरी देते हैं तो इसके दो - तीन दिन में ही इस लाइन को पब्लिक के लिए चालू कर दिया जाएगा। सेकंड फेज में दिल्ली मेट्रो ने केंद्रीय सचिवालय से गुड़गांव तक लगभग 27 किमी लंबी लाइन बनाने का फैसला किया था। इस लाइन के लिए नवंबर 2006 में ठेका दिया गया था। हालांकि शुरू में सोचा गया था कि इसे अलग - अलग तीन चरणों में पब्लिक के लिए चालू किया जाए लेकिन बाद में तय हुआ कि इस लाइन को दो चरणों में चालू किया जाए। पहले चरण के तहत इसी महीने गुड़गांव हुडा सिटी सेंटर से कुतुब मीनार तक के 14.47 किमी की लाइन को पब्लिक के लिए ओपन किया जाए। इसके लगभग एक महीने बाद कुतुब मीनार से केंद्रीय सचिवालय के बीच 12.53 किमी की लाइन को पब्लिक के लिए खोला जाएगा। कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी आर . के . कर्दम ने बताया कि वह 9 और 10 जून को कुतुब - गुड़गांव मेट्रो सेक्शन का जायजा लेंगे। अगर वह सेफ्टी इंतजामों से संतुष्ट हुए तो इस लाइन पर पब्लिक के लिए ट्रेनें चलाने के लिए सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करेंगे। सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही मेट्रो रेल लाइन को पैसेंजरों के लिए चालू किया जा सकेगा। दरअसल , दो दिन तक सीएमआरएस पूरी लाइन पर न सिर्फ ट्रैक , बल्कि हर स्टेशन पर पैसेंजरों की सेफ्टी के लिए किए गए इंतजामों का भी जायजा लेंगे। इनमें लिफ्ट , सीढि़यां , एस्केलेटर और आपात स्थिति में पैसेंजरों के बाहर निकलने के इंतजामों को भी देखेंगे। इन इंतजामों से संतुष्ट होने के बाद ही मेट्रो को क्लियरेंस मिल सकेगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सूत्रों का कहना है कि आमतौर पर सेफ्टी सर्टिफिकेट मिलने के एक या दो दिन बाद ही मेट्रो लाइन का उद्घाटन किया जाता है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि 10 को सीएमआरएस के फाइनल ट्रायल के बाद कभी भी इस मेट्रो लाइन को पब्लिक के लिए शुरू कर दिया जाएगा। गुड़गांव से कुतुब के बीच की पूरी लाइन एलिवेटेड है और इस हिस्से पर मेट्रो ने 1320 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम खर्च की है। मेट्रो का मानना है कि सिर्फ इसी सेक्शन के चालू होने के बाद रोजाना मेट्रो लाइन पर 1.6 लाख और पैसेंजर जुड़ जाएंगे। इसके एक महीने बाद जब इस लाइन को केंद्रीय सचिवालय तक जोड़ दिया जाएगा तो पैसेंजरों की तादाद में 1.8 लाख की और बढ़ोतरी हो जाएगी
निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन को भी सुधारने की कवायद तेज
Sunday, June 6, 2010
एक साथ, एक दिन, एक इम्तिहान का रेल मंत्री ममता बनर्जी का फॉर्म्युला सफल
रेलवे में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद खत्म करने की दिशा में रेल मंत्री ममता बनर्जी की पहली कोशिश कारगर रही है। एक साथ, एक दिन, एक इम्तिहान का रेल मंत्री ममता बनर्जी का फॉर्म्युला सफल रहा है। रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलटों की भर्ती के लिए रविवार को देश भर में एक साथ हुई परीक्षा हुई। अभी तक विभिन्न रेलवे बोर्ड अलग-अलग डेट्स में एग्जाम करवाते थे। लेकिन अब भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में भी नया ट्रेंड बरकरार रखा जाएगा। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, रविवार की परीक्षा कई मायनों में अलग थी। रेलवे के 21 में से 18 भर्ती बोर्डों ने एक साथ यह परीक्षा करवाई। देश के 35 प्रमुख शहरों में 1500 सेंटर बनाए गए थे। करीब 14 हजार पदों के लिए करीब आठ लाख परीक्षाथीर् एग्जाम में बैठे। प्रश्नपत्र हिंदी, इंग्लिश और उर्दू के अलावा स्थानीय भाषाओं में भी दिए गए। बिहार और महाराष्ट्र में भी यह परीक्षा एक साथ हुई। आपको याद होगा कि पिछले साल महाराष्ट्र में बाहर के राज्यों से रेलवे भर्ती की परीक्षा देने आए युवाओं से मारपीट के बाद काफी बवाल मचा था। तब इस मामले को क्षेत्रवाद से जोड़कर देखा गया था। खास तौर पर बिहार और महाराष्ट्र के नेताओं के बीच काफी विवाद हुआ था। ममता बनर्जी ने रेल मंत्रालय की कमान संभालने के बाद परीक्षा प्रणाली में बदलाव की बात कही थी। रेलवे के अधिकारी मानते हैं कि रेलवे भर्ती बोर्डों द्वारा अलग-अलग परीक्षा आयोजित करने से तमाम परेशानियां होती थीं। मसलन एक ही पद के लिए कोई स्टूडेंट हर बोर्ड की परीक्षा में शामिल हो सकता था। अलग-अलग तारीखों पर एग्जाम होने से उसे परेशानी नहीं होती थी। लेकिन इससे भर्ती बोर्डों पर अनावश्यक दबाव तो पड़ता ही था, स्थानीय परीक्षाथिर्यों पर भी प्रभाव पड़ता था। पूरे देश में परीक्षाएं एक साथ करवाकर परीक्षार्थियों का पलायन रोकने की कोशिश की गई है। रेलवे का मानना है कि नई व्यवस्था ज्यादा कारगर होगी क्योंकि अब युवाओं को राज्य स्तर पर अपनी भाषा में परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी, वहीं उन्हें बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों से कॉम्पिटीशन नहीं करना होगा। रेलवे भर्ती बोर्ड भी बड़ी परेशानी से बच जाएंगे। इसी महीने रेलवे के दो और एग्जाम होने हैं। 13 जून को सहायक स्टेशन मास्टर और 27 जून को गार्ड के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाएं होंगी।
चिंचवाड़ रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को पांच व्यक्तियों की ट्रेन से कट कर मौत
महाराष्ट्र में पुणे के निकट चिंचवाड़ रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को पांच व्यक्तियों की ट्रेन से कट कर मौत हो गई। पुलिस के अनुसार प्लेटफॉर्म पर सवारी गाड़ी के रुकने के बाद ये लोग गलत दिशा में ट्रेन से उतरकर जाने लगे। उसी समय दूसरी ट्रेन आ गयी और वे उसकी चपेट में आ गए। यह हादसा तड़के हुआ। अंधेरा होने के कारण ये लोग दूसरी ट्रेन देख नहीं पाए।
पूर्व की ओर जाने वाली ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों को आनंद विहार टर्मिनल से
रेलवे अपने नई दिल्ली स्टेशन पर पिछले महीने मची भगदड़ को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों की सेवाएं बढ़ाने और पूर्व की ओर जाने वाली ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों को आनंद विहार टर्मिनल से चलाने पर विचार कर रहा है। रेलवे सूत्रों ने बताया कि हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर भी भीड़भाड़ को कम करने के लिए वहां से चलने वाली कुछ ट्रेनों को राजधानी के अन्य स्टेशनों से चलाने के बारे में सोचा जा रहा है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से फिलहाल रोजाना 300 ट्रेनों का परिचालन होता है और यहां हर रोज सात लाख से ज्यादा मुसाफिर आते-जाते हैं। गर्मी की छुट्टियों के दौरान स्टेशन पर दबाव और बढ़ जाता है।
Thursday, June 3, 2010
डीपीआर में ग्रेटर नोएडा में दो नए स्टॉपेज बनाने को मंजूरी दी गई
ट्रेन से नीचे फेंक दिया।
Tuesday, June 1, 2010
शत शत बधाई
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के पद पर आपके चयन पर शत शत बधाई । आशा है आपके कार्यकाल में भारतीय रेल नई ऊंचाइयां छुएगी ।
आपका
(डॉ. राजेन्द्र कुमार गुप्ता)
ट्रेन में बंदर घुस आया।
Thursday, May 27, 2010
मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने रेलमंत्री ममता बनर्जी से रात के समय मुंबई-सावंतवाडी रेल चलाने की मांग की।
Wednesday, May 26, 2010
पश्चिम रेलवे की नई दिल्ली के लिए विशेष राजधानी
दिल्ली-गुवाहाटी राजधानी एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त
Friday, May 21, 2010
पीपरा रेलवे स्टेशन के बीच रेल पटरी उड़ा दी
Tuesday, May 18, 2010
उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन पर मंगलवार सुबह आग लग गई।
Monday, May 17, 2010
रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में दो लोगों की मौत हो गई और 40 यात्री घायल
काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के कोच संख्या डी 1 का एसी खराब
Wednesday, May 12, 2010
रॉयल ट्रेन वाराणसी से होकर गुजरेगी।
यह ट्रेन हर शुक्रवार की सुबह बनारस पहुंचेगी। पैसेंजर्स को सुबह-ए-बनारस के नजारे देखने को मिलेगा। पैसेंजर्स शाम में गंगा आरती देख सकेंगे। भारत कला भवन, भारत माता मंदिर और सारनाथ भी पैसेंजर्स जा सकेंगे। रॉयल राजस्थान ऑन वील्स दिल्ली, जोधपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, जयपुर, खजुराहो, वाराणसी और आगरा का नजारा पैसेंजर्स को दिखाएगी।