Monday, August 2, 2010

ऐतिहासिक इंजनों को कॉमनवेल्थ के लिए तैयार किया जा रहा है।

दिल्ली-रेवाड़ी रेल मार्ग एनसीआर का ऐसा इकलौता रेल मार्ग है जो कॉमनवेल्थ के दौरान लाइमलाइट में रहेगा। इस रेल मार्ग पर इन दिनों सबसे अधिक ध्यान रेलवे अधिकारियों द्वारा दिया जा रहा है। शुक्रवार को डीआरएम ने इस रेल मार्ग की तैयारियों का जायजा लिया। हालांकि पूरे इंस्पेक्शन के दौरान वह ट्रेन से नीचे नहीं उतरे। रेलवे रेल मार्ग के सभी स्टेशन उनकी आव भगत के लिए तैयार रहे। दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन से चलने के बाद उत्तर रेलवे के डीआरएम अश्वनी लोहानी सीधे रेवाड़ी के ऐतिहासिक लोको शेड में रुके। इस शेड में दस ऐतिहासिक इंजनों को कॉमनवेल्थ के लिए तैयार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार पुराने और क्षमता कम होने के कारण इनमें से एक भी इंजन दिल्ली-रेवाड़ी रूट पर अपनी सेवाएं नहीं दे पाएंगे। लेकिन यहां आने वाले विदेशी पर्यटक सीधे फेयरी क्वीन के जरिए यहां पहुंचेंगे और शेड के अंदर ही इनकी राइड का मजा ले सकेंगे। यहां चल रहे निर्माण कार्य में डीआरएम ने तेजी लाने के निदेर्श दिए हैं ताकि 15 सितंबर तक इन्हें हर हाल में तैयार कर लिया जाए। डीआरएम करीब डेढ़ घंटे तक शेड में रुके और अपने कई अहम सुझाव भी दिए। इसे डीआरएम इंस्पेक्शन का खौफ कहें या फिर उन्हें खुश करने का तरीका शुक्रवार सुबह गुड़गांव स्टेशन की तस्वीर ही बदली हुई थी। देर रात हुई बरसात के बाद भी स्टेशन पर कीचड़ नहीं था। सभी स्टाफ पूरी तरह वर्दी में था। ऑटो स्टैंड पर चालक अपनी लाइन में लगे हुए थे, अवैध वेंडर न तो ट्रेनों के अंदर दिखाई दे रहे थे और न ही बाहर। सफाई कर्मी झाड़ू तो लगा ही रहे थे टिकट खिड़की और इंक्वायरी काउंटर पर भी काम सुचारु रूप से चल रहा था। यहां तक की खान पान के स्टॉलों पर भी सभी लोग वदीर् में थे। लेकिन जैसे ही डीआरएम इंस्पेक्शन गाड़ी यहां से निकल गई, सभी अपने पुराने ढर्रे पर लौट आए। बचीखुची कसर बरसात ने पूरी कर दी। दोपहर को आई बरसात के बाद स्टेशन पर हर जगह गंदगी फैल गई जिसे साफ करने में किसी की दिलचस्पी नहीं रही। कीचड़ की वजह से यात्रियों को काफी परेशानियां हो रही थी। मेन एंट्रेंस पूरी तरह पानी में डूबा हुआ था।

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