रेल हादसे पर एक ओर जहां गैर यूपीए दल दीदी यानी ममता बनर्जी पर बरस पड़े हैं, वहीं यूपीए की उसकी मुख्य सहयोगी पार्टी कांग्रेस ममता के बचाव में दिख रही है। दादा यानी बंगाल से सांसद और केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि ट्रेन हादसों की वजह ममता की रेल मंत्रालय से गैरमौजूदगी है। एक्सिडेंट सिर्फ एक्सिडेंट हैं। इनके बारे में कोई भी भविष्यवाणी नहीं कर सकता, इसीलिए ये एक्सिडेंट कहलाते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मृतकों के घरवालों के प्रति संवेदना जाहिर की है और घायलों के जल्दी ठीक होने की दुआ मांगी है। इस बीच, पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के चीफ मानस भूंइया ने कहा है कि यह हादसा छेड़छाड़ का मामला लगता है और इसकी हम टॉप लेवल पर जांच की मांग करते हैं। भूंइया ने कहा कि ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग करना सरासर गलत है। अगर उन्हें इस्तीफा देना चाहिए तो पश्चिम बंगाल के सीएम और ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर को भी इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि पिछले एक साल में राज्य में सड़क हादसों में 9,000 लोगों की मौत हुई है। राज्य सरकार द्वारा रेलवे के प्रति विरोधी रवैया रखने से ही पूरे रेलवे सिक्युरिटी सिस्टम को नुकसान हुआ है।
Thursday, July 22, 2010
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