भारत में इस वक्त सबसे तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेन 150 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलती है। लेकिन जल्द ही ये स्पीड डबल होने वाली है, जिसका आगाज हो रहा है केरल में और इसमें उसकी मदद करेगी अपनी मेट्रो। जी हां, दिल्ली की धड़कन बन चुकी मेट्रो में इन दिनों भले ही तकनीकी दिक्कतों से पब्लिक को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इसके कामकाज करने के ढंग के सब दीवाने हो गए हैं। खबर है कि डीएमआरसी अब केरल में हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर तैयार करने के लिए कंसलटेंसी देगी। खास बात ये है कि लगभग 550 किमी के इस कॉरिडोर में लगभग 300 किमी की रफ्तार से ट्रेनें चलेंगी। मेट्रो ने वादा किया है कि अग्रीमेंट पर हस्ताक्षर होने के छह महीने के अंदर फाइनल प्री-फिजिबिल्टी रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। इस बारे में डीएमआरसी और केरल स्टेट इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन के बीच एमओयू साइन किया गया। यह हाईस्पीड कॉरिडोर तिरुवनंतपुरम और कासरागॉड के बीच बनेगा। दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता ने बताया कि इस तरह का यह पहला प्रोजेक्ट मेट्रो को मिला है, जिसके लिए वह जापानी एक्सपर्ट्स को अपने साथ रखेंगे। ये जापानी एक्सपर्ट्स वही होंगे, जो जापान में बुलेट ट्रेन की स्टडी में भी शामिल थे। इस कॉरिडोर पर ट्रेनें 275 से 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। इसके लिए स्टैंडर्ड गेज लागू किया जाएगा। शुरुआत में इस कॉरिडोर के लिए आठ स्टेशन बनाने का फैसला किया गया है। स्टेशनों के बीच औसत दूरी 70 से 80 किमी की रहेगी।
Wednesday, August 25, 2010
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