केंद्रीय सचिवालय से कुतुब के बीच मेट्रो की राह देख रहे पैसेंजरों का इंतजार शुक्रवार को खत्म होने जा रहा है। शुक्रवार दोपहर बाद से जहांगीरपुरी से अपना सफर शुरू करने वाले पैसेंजर बिना कहीं रुके सीधे गुड़गांव तक जा सकेंगे। इस तरह नोएडा के बाद गुड़गांव, एनसीआर का दूसरा ऐसा शहर बन जाएगा, जो मेट्रो के जरिए सीधे दिल्ली से जुड़ जाएगा। मेट्रो को उम्मीद है कि इस लाइन पर रोजाना कम से कम एक लाख और पैसेंजर सफर करेंगे। कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी ने इस लाइन पर सेफ्टी इंतजामों की जांच का काम मंगलवार शाम पूरा कर लिया। इस लाइन के चालू होने के साथ ही दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क बढ़कर 138 किमी का हो जाएगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार की दोपहर एक बजे केंद्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन पर इस लाइन का उद्घाटन करेंगे। इसके दो घंटे बाद यानी लगभग तीन बजे से इस लाइन को पब्लिक के लिए खोल दिया जाएगा। यह पहला मौका है, जबकि दिल्ली मेट्रो की लाइन को उसी दिन ही पब्लिक के लिए खोल दिया जाएगा, जिस दिन उसका उद्घाटन होगा। आमतौर पर उद्घाटन से अगले दिन ही मेट्रो रेल लाइन पर पब्लिक सर्विस शुरू की जाती है। इससे पहले दिल्ली मेट्रो की 12.53 किमी लंबी इस लाइन के लिए कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) आर. के. कर्दम ने मंगलवार को भी सेफ्टी इंतजामों की जांच की। उन्होंने दोपहर तक ट्रॉली के जरिए स्टेशनों और लाइन का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने खुद मेट्रो ट्रेन से भी इस लाइन पर सफर किया। वह केंद्रीय सचिवालय से कुतुब तक मेट्रो ट्रेन में गए और फिर वापस लौटे। माना जा रहा है कि सीएमआरएस सभी स्टेशनों और लाइन पर पैसेंजर सेफ्टी के लिए किए गए सेफ्टी इंतजामों से संतुष्ट हैं और उन्होंने इस बारे में दिल्ली मेट्रो को जानकारी भी दे दी है। इसके बाद ही दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार से इस लाइन को खोलने की तैयारी की है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रवक्ता का कहना है कि शुक्रवार दोपहर तीन बजे से पैसेंजर इस लाइन पर सफर कर सकेंगे। इस तरह से जहांगीरपुरी से लेकर गुड़गांव के हुडा सिटी सेंटर तक इस लाइन की लंबाई लगभग 46 किमी हो जाएगी और हुडा सिटी सेंटर से जहांगीरपुरी तक का किराया 29 रुपये होगा। इस तरह से द्वारका के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी मेट्रो रेल लाइन होगी। इस लाइन की खासियत यह है कि इसका लगभग 24 किमी का हिस्सा अंडरग्राउंड होगा। इस लाइन का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गुड़गांव के पैसेंजर दिल्ली के लगभग हर हिस्से से जुड़ जाएंगे। इस लाइन के चालू होने के साथ ही दिल्ली और एनसीआर में मेट्रो का नेटवर्क 138 किमी का हो जाएगा और इसके स्टेशनों की संख्या 117 तक हो जाएगी। इस लाइन के निर्माण पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। दिल्ली मेट्रो के दूसरे फेज में अब दो बड़ी लाइनें ही बची हैं। इनमें से एयरपोर्ट लाइन को प्राइवेट कंपनी चालू करने की तैयारी में है जबकि केंद्रीय सचिवालय से बदरपुर लाइन को खुद दिल्ली मेट्रो तैयार कर रही है और उम्मीद है कि यह लाइन भी सितंबर के अंत तक चालू हो जाएगी। इसके बाद दिल्ली मेट्रो के दो सेक्शन ही ऐसे होंगे , जिन पर अभी काम चल रहा होगा। इनमें से एक सेक्शन आनंद विहार से वैशाली और दूसरा कीर्ति नगर से अशोक पार्क स्टेशनों की लिंक लाइनें हैं। इन दोनों का काम कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद ही पूरा होगा।
Friday, September 3, 2010
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन पर इस लाइन का उद्घाटन करेंगे।
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