मॉस्को में आतंकियों ने मेट्रो को अपना निशाना बनाया है। इस घटना के बाद दिल्ली में भी अलर्ट जारी किया गया है, लेकिन मेट्रो में अलग से कोई इंतजाम नहीं किया गया है। मेट्रो सुरक्षा की कमान संभाल रही सीआईएसएफ के अधिकारियों का दावा है कि हम हर समय अलर्ट रहते हैं, ऐसे में अलग से किसी इंतजाम की जरूरत नहीं है, जबकि मेट्रो स्टेशनों और डिपो की सुरक्षा में कई सेंध दिखाई देते हैं। यहां होने वाली छोटी- छोटी लापरवाही बड़े हादसे के लिए जिम्मेदार हो सकती है। रोज की तरह सोमवार को भी मेट्रो के कई स्टेशनों पर सुरक्षा जांच में ढील दिखी। उदाहरण के तौर पर द्वारका-नोएडा-आनंद विहार लाइन पर बिना बैगेज स्कैनर वाले कुछ स्टेशनों पर महिलाओं की चेकिंग के लिए महिला सीआईएसएफ कर्मचारी नहीं थी तो कुछ जगह बैग चेकिंग के नाम पर सिर्फ खानापूरी हो रही थी। सूत्रों के मुताबिक इस दिन भी स्टिल क्लोज सर्किट कैमरों की लगातार मॉनिटरिंग नहीं हो रही थी और डीएमआरसी के स्टिकर वाली गाड़ियों की डिपो में एंट्री के समय कोई जांच नहीं की जा रही थी। मेट्रो डिपो में बाउंड्री वॉल है और उस पर तार भी लगे हैं, मगर उनकी ऊंचाई इतनी भी ज्यादा नहीं है कि किसी के छलांग लगाकर अंदर आने के खतरे से पूरी तरह इनकार किया जा सके। बावजूद इसके सर्विसिंग के बाद प्लैटफॉर्म पर लगने से पहले ट्रेनों की जांच नहीं की जाती। अभी मेट्रो की चार लाइनें काम कर रही हैं। इनमें दिलशाद गार्डन- रिठाला लाइन की लंबाई 25.9 किमी है और इस पर स्टेशनों की संख्या 21 है। लाइन पर 23 ट्रेनें चल रही हैं। सेंट्रल सेक्रेटरिएट- जहांगीरपुरी लाइन 17.36 किमी लंबी है, जिसमें 15 स्टेशन हैं और 16 ट्रेनें चल रही हैं। द्वारका- नोएडा सिटी सेंटर लाइन की लंबाई 47.4 किमी है। इस पर 42 स्टेशन और 43 ट्रेनें हैं। यमुना बैंक से आनंद विहार लाइन की दूरी 6.25 किमी है और इस पर 5 स्टेशन और 4 ट्रेनें हैं। कुल मिलाकर करीब 83 स्टेशन हैं और मेट्रो लाइनों का कवरेज एरिया 96.6 किमी के आसपास है। आमतौर पर रोजाना मेट्रो से नौ लाख लोग सफर करते हैं। मेट्रो की सुरक्षा के लिए अभी सीआईएसएफ के 3800 जवानों की तैनाती की गई है और स्टेशनों पर 1200 क्लोज सर्किट कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से कुछ कैमरे मूविंग हैं तो कुछ स्टिल हैं। मेट्रो के तीन डिपो हैं, जो शास्त्री पार्क, नजफगढ़ और मुंडका में बने हैं। अगले कुछ दिनों में इंदलोक- मुंडका लाइन भी शुरू होने वाली है और कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले केंद्रीय सचिवालय और बदरपुर लाइन भी पूरी हो जाएगी। इसके बाद स्टेशनों की संख्या 120 के करीब पहुंच जाएगी। इसके साथ ही यात्रियों की संख्या भी बढ़ेगी। कॉमनवेल्थ गेम्स के कुल 11 वेन्यू में से 10 से मेट्रो कनेक्ट हो रही है। ऐसे में सुरक्षा के क्या इंतजाम होंगे, इस पर सीआईएसएफ के प्रवक्ता रोहित कटियार का कहना है कि जैसे- जैसे स्टेशनों की संख्या बढ़ेगी वैसे- वैसे स्टाफ भी बढ़ेगा। कॉमनवेल्थ गेम्स तक 1600 और सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था की जाएगी। जल्द ही सभी स्टेशनों पर बैगेज स्कैनर लगा दिए जाएंगे। मेट्रो पार्किन्ग में भी 600 सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है।
Wednesday, March 31, 2010
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