पहली जनवरी से बुजुर्ग दंपती एक साथ सफर करने की सुविधा पाएंगे। रेलवे
सीनियर सिटिजन का कोटा दो से बढ़ाकर चार करने जा रहा है। अब दोनों को अलग-अलग
बर्थों पर सफर नहीं करना पड़ेगा। रेलवे यात्रियों की सेवा में लगातार सुधार कर रहा
है। बुजुर्ग व महिला यात्रियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
वर्तमान में मेल, एक्सप्रेस, शताब्दी व राजधानी
एक्सप्रेस में सीनियर सिटिजन के लिए अलग-अलग श्रेणी में दो बर्थ आरक्षित होती हैं।
इस बर्थ पर केवल अकेले सफर करने वाले सीनियर सिटिजन को टिकट मिलता है। ऐसी स्थिति
में बुजुर्ग दंपती को एक साथ बर्थ नहीं मिल पाती है। कई बार तो बर्थ नहीं मिलने से
बुजुर्ग दंपती को एक ही बर्थ पर यात्रा करना पड़ती है, जिससे
उन्हें काफी परेशानी होती है।
रेल मंत्रालय नए साल से बुजुर्ग दंपती को "साथ" का तोहफा देने जा
रहा है। पहली जनवरी से सभी ट्रेनों के स्लीपर व एसी थ्री में सीनियर सिटिजन के लिए
बर्थ की संख्या दो से बढ़ाकर चार की जा रही हैं, जिससे बुजुर्ग दंपती को
एक साथ दो बर्थ आवंटित हो सकेंगी। सफर के दौरान सीनियर सिटिजन को आयु प्रमाण पत्र
व पति पत्नी होने का प्रमाण पत्र टीटीई को दिखाना पड़ेगा।
सीनियर सिटिजन को नीचे की बर्थ उपलब्ध होगी। जो बुजुर्ग यात्री आरक्षित
कोटे से बर्थ नहीं ले रहे हैं, उन्हें भी नीचे की बर्थ उपलब्ध कराई
जाएगी। ट्रेन में ड्यूटी करने वाले टीटीई को आदेश दिया गया है कि अगर किसी सीनियर
सिटिजन को ऊपर की बर्थ मिली है तो वह नीचे की बर्थ वाले यात्रियों से अनुरोध कर
सीनियर सिटिजन को नीचे का बर्थ उपलब्ध कराएं। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नीरज शर्मा
ने बताया कि पहली जनवरी से ट्रेनों में सीनियर सिटिजन के लिए यह सुविधा शुरू हो
जाएगी।