कोटा से आई एक महिला
प्लेटफार्म नंबर 4 पर जयपुर जाने के लिए खड़ी ट्रेन (रणथंभौर एक्सप्रेस) में
फ्रेश होने के लिए गई, तभी ट्रेन चल दी और महिला हड़बड़ी में
उतरने की कोशिश करने लगी। इस दौरान उसका पैर प्लेटफॉर्म और ट्रेन के गैप में फंस
गया। उसे बचाने आया एक युवक भी गैप में फंस गया। लोगों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन
रोका। दोनों को बाहर निकाला गया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में महिला की मौत हो
गई।
रेलवे पुलिस के अनुसार, हादसा
मंगलवार सुबह 6 बजे का है। महिला का नाम प्रेमलता रायकवार (42)
है। वह देवनगर, पवनपुरी में रहती थी। वह देवी
अहिल्या विश्वविद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थी। वह पिता की बरसी में शामिल
होने चार दिन पहले कोटा गई थी। सोमवार की रात को कोटा से बैठी और उज्जैन उतरी।
वहां से इंदौर-भोपाल ट्रेन से इंदौर पहुंची थी।
उसकी मदद करने के लिए
वहां से गुजर रहा 32 वर्षीय अमरजीत शर्मा नाम का युवक आया। जयराम नगर नंदबाग
कॉलोनी निवासी शर्मा के मुताबिक, मैं अपने एक मित्र को जयपुर
जाने वाली ट्रेन में बैठाकर लौट रहा था, तभी देखा कि महिला
ट्रेन और प्लेटफॉर्म के गैप में फंसी हुई है। मैं उसकी मदद के लिए दौड़ा। मैंने
महिला को हाथ दिया। मैं भी ट्रेन और प्लेटफॉर्म के गैप में जा गिरा। शोर सुनकर
लोगों ने ट्रेन की चेन पुलिंग की। फिर हम दोनों को निकाला गया। मेरे पैर की उंगली
कट गई और पीठ में गंभीर चोट आई है। महिला के पांव का पंजा भी कटा हुआ था।
पुलिस के अनुसार, महिला
के दो बेटे ललित और अनिल हैं। ललित रेलवे के पार्सल विभाग में काम करता है। घटना
के फौरन बाद ललित पहुंचा, तब तक प्रेमलता जीवित थी। उसे
ज्यादा चोट नहीं आई थी। प्रेमलता ने बेटे को पूरी बात बताई। वह हादसे के बाद काफी
घबरा गई थी। जब उसे एमवायएच ले जा रहे थे, तभी रास्ते में
उसकी मौत हो गई। प्रथमदृष्टया मौत का कारण दिल का दौरा पड़ना बताया जा रहा है।
हालांकि पोस्ट मार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।

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