भोपाल से जबलपुर आ रही इंटरसिटी ट्रेन
में यात्री को सीट देने और टिकट बनाने के लिए टीटी वसूली कर रहा था। इस पर कुछ
पैसेंजर ने ऐतराज किया, लेकिन वो नहीं माना। एक पैसेंजर ने इसकी शिकायत
रेलवे विजिलेंस से कर दी। शनिवार शाम 4 बजे जैसे ही ट्रेन
जबलपुर से भोपाल के लिए रवाना हुई विजिलेंस की टीम उस पर सवार हो गई और टीटी पर
नजर रखनी शुरू कर दी। जैसे ही टीटी ने पैसेंजर से रुपए लिए, विजिलेंस
ने उसे पकड़ लिया। इस पर कई यात्रियों ने विजिलेंस की कार्रवाई को सराहा।
1500 वसूले, जेब में 500 ही मिले
पैसेंजर की शिकायत के मुताबिक टीटी ने कई यात्रियों से तकरीबन 15 सौ रुपए वसूले, लेकिन जब विजिलेंस के अधिकारियों ने
उसकी जेब चेक की तो सिर्फ 5 सौ रुपए अतिरिक्त मिले। कई ने
बताया कि शेष राशि उसने किसी को दे दी, लेकिन किसको दी,
यह जानकारी नहीं लगी। विजिलेंस ने केस बनाकर रिपोर्ट भोपाल मंडल के
कमर्शियल कार्यालय को भेज दिया। जानकारी के मुताबिक टीम ने टीटी की इस हरकत को बड़ी
गलती माना और मेजर केस बनाया। इस केस में उसकी नौकरी भी जा सकती है।
कीमत से ज्यादा बिना बिल के दे रहा था खाना
पटना से पुणे जा रही ज्ञानगंगा एक्सप्रेस में विजिलेंस ने पेंट्रीकार
टीम पर कार्रवाई की। शिकायत मिली थी कि वो पिछले एक माह से यात्रियों को बिना बिल
के खाना दे रहा है, वो भी तय कीमत से ज्यादा। पेंट्रीकार के मालिक पर
केस कर तकरीबन 20 हजार जुर्माना लगाया और जांच कर मामला
सेंट्रल रेलवे को भेज दिया।
50 रुपए ज्यादा मिलने पर कार्रवाई
नरसिंहपुर स्टेशन के टिकट काउंटर पर विजिलेंस ने छापा मारा। यहां एक
काउंटर पर तैनात महिला कर्मी के पास कुल राशि में से 50 रुपए अतिरिक्त मिले। राशि कम थी, इसके बाद भी
विजिलेंस ने नियम के मुताबिक उस पर माइनर केस दर्ज कर रिपोर्ट जबलपुर कमर्शियल
कार्यालय को भेज दी। सजा के तौर पर महिला का एक इंक्रीमेंट रोका जा सकता है। तीनों
कार्रवाई विजिलेंस अरुण शर्मा के निर्देशन में वासुदेव सरकार और हेमंत, राकेश तिवारी ने कार्रवाई की।

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