खचाखच भरी मेट्रो में पैसिंजरों को राहत देने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्परेशन ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए मेट्रो ने ऐसे आठ नए कोच खरीदने के लिए ऑर्डर दे दिया है, जो मौजूदा चल रही ट्रेनों में लगाए जाएंगे। मेट्रो का दावा है कि उसे ये नए कोच इस साल अगस्त तक मिल जाएंगे और उसके अगले दो महीने में इन्हें ट्रेनों में जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद नई ट्रेनों के साथ-साथ छह कोच वाली इन ट्रेनों के चलने से मेट्रो में भीड़-भाड़ से कुछ राहत मिल सकेगी। दिल्ली मेट्रो के पास इस वक्त 70 ट्रेनों का बेड़ा है और ये सभी ट्रेनें चार-चार कोच वाली हैं। रोजाना 8.5 लाख पैसिंजरों को ढोने वाली इन ट्रेनों में पीक-ऑवर में काफी भीड़ रहती है। इससे पैसिंजरों को परेशानी सहनी पड़ती है। मेट्रो के मौजूदा चार कोच वाली ट्रेनों को बढ़ाने के फैसले से ज्यादा पैसिंजर मेट्रो का इस्तेमाल कर सकेंगे और उन्हें सफर के दौरान आराम भी मिलेगा। वैसे, मेट्रो की नई 131 ट्रेनों के लिए पहले ही ऑर्डर दिया जा चुका था। इन ट्रेनों का दिल्ली पहुंचना भी शुरू हो गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्परेशन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल के मुताबिक, हर कोच में 50 पैसिंजरों के बैठने और 340 के खड़े होने की कपैसिटी है। दो-दो कोच बढ़ाने से छह कोच वाली ट्रेन में पैसेंजर चढ़ने की कपैसिटी 1,560 से बढ़कर 2,340 हो जाएगी। एक्सट्रा कोच लगाने के फैसले से मेट्रो सिस्टम में किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि मेट्रो के सभी प्लैटफॉर्म आठ कोच वाली ट्रेन चलाने में सक्षम हैं। सिर्फ इंद्रलोक-मुंडका, केंद्रीय सचिवालय-बदरपुर और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के स्टेशन ही ऐसे हैं, जिनकी क्षमता 6-6 कोच की ट्रेन चलाने की है। फिलहाल, चार ट्रेनों के लिए आठ कोच बैंगलुरु में भारतीय अर्थ मूवर्स लिमिटेड के कारखाने में बिना किसी विदेशी कंपनी के सहयोग के बनाए जाएंगे।
Sunday, April 26, 2009
रविवार को चलती ट्रेन से चार मुसाफिरों को ट्रेन के कुछ यात्रियों ने बाहर फेंक दिया।
Saturday, April 25, 2009
बुजुर्ग की मौत के मामले में ट्रेन ड्राइवर के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया
इरकॉन के अफसर ने लाटरी के चक्कर में ५१ लाख गंवाए
Tuesday, April 21, 2009
नक्सलियों ने झारखंड के लातेहार जिले में बरकाकाना-मुगलसराय पैसिंजर ट्रेन को अपने कब्जे में ले लिया
उधर बिहार में मगलवार रात नक्सलियों ने औरंगाबाद जिले के देव ब्लॉक ऑफिस की बिल्डिंग को विस्फोटक लगाकर उड़ा दिया और गया में आठ ट्रकों को आग के हवाले कर दिया। औरंगाबाद के डीएसपी मोहम्मद अख्तर हुसैन ने बुधवार को बताया कि मंगलवार रात करीब 50-60 की संख्या में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)के नक्सली देव देव ब्लॉक ऑफिस की परिसर में आए और बिल्डिंग को विस्फोटक से उड़ा दिए। उन्होंने बताया कि इस मामले की एक एफआईआर देव थाना में दर्ज करा दी गई है तथा नक्सलियों के संभावित क्षेत्रों में छापामरी शुरू कर दी गई है। देव ब्लॉक ऑफिस औरंगाबाद जिला मुख्यालय से करीब 18किलोमीटर दूर रिहायशी इलाके में स्थित है। बिहार के ही गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र में मंगलवार रात नक्सलियों ने आठ ट्रकों को आग के हवाले कर दिया। नक्सलियों ने एक ट्रक ड्राइवर को गोली भी मार दी। शेरघाटी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सुरेश प्रसाद ने बुधवार को बताया कि जीटी रोड पर 71 माईल क्षेत्र के नजदीक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के 40-50 की संख्या में नक्सली आ धमके और आने-जाने वाले आठ ट्रकों को रोककर उस पर सवार लोगों को उतारा और फिर ट्रकों में आग लगा दी। उन्होंने बताया कि इस बीच एक ट्रक चालक लक्ष्मण यादव को नक्सलियों ने गोली भी मार दी। गंभीर रूप से घायल लक्ष्मण को डोभी स्थित एक अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। इस मामले की एक प्राथमिकी बाराचट्टी थाना में दर्ज करा दी गई है।
नोएडा में तो मेट्रो की सीटी कुछ ही महीनों में बजने वाली है,
दिल्ली सराय रोहिल्ला से अजमेर के लिए वीकली स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन
ऐलान किया है। यह ट्रेन 21 अप्रैल से 30 जून तक हर मंगलवार को दोपहर 2:50 बजे अजमेर से चलेगी और रात 10:40 बजे सराय रोहिल्ला पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन हर मंगलवार को रात 11:50 बजे से रवाना होकर सुबह 8:45 बजे अजमेर पहुंचेगी। उत्तर रेलवे के प्रवक्ता के मुताबिक, इस ट्रेन में एक एसी टू टीयर, एक एसी थ्री टीयर और 10 सेकंड स्लीपर के अलावा चार जनरल कोच भी होंगे। रास्ते में यह ट्रेन किशनगढ़, तिलोनिया नारायणा, फुलेरा जंक्शन, बाधल, रिंग्स जंक्शन, श्री माधोपुर, नीम का थाना, डाबल, नारनौल, अटेली, रिवाड़ी और दिल्ली छावनी स्टेशनों पर रुकेगी। रेलवे अजमेर और सराय रोहिल्ला के बीच भी एक और स्पेशल ट्रेन चलाने जा रही है। यह ट्रेन 20 अप्रैल से 29 जून के बीच हर सोमवार दोपहर 2:50 बजे अजमेर से चलेगी और रात 10:40 बजे सराय रोहिल्ला पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन 20 अप्रैल से 29 जून तक हर सोमवार रात 11:50 बजे चलकर सुबह अजमेर पहुंचेगी।
कई जगह सीटें खाली :
उत्तर रेलवे के प्रवक्ता के मुताबिक, स्पेशल ट्रेनों में कई ऐसी हैं, जिनमें अभी भी सीटें खाली हैं। इसकी वजह यह भी है कि पैसेंजर सामान्य ट्रेनों में ही जगह खोज रहे हैं। दिल्ली-लखनऊ के बीच चलने वाली शताब्दी स्पेशल, निजामुद्दीन-लखनऊ शताब्दी स्पेशल, नई दिल्ली-गुवाहाटी राजधानी स्पेशल, निजामुद्दीन-मुंबई सेंट्रल राजधानी स्पेशल, दिल्ली-गया स्पेशल आदि ट्रेनें ऐसी हैं, जिनमें 30 अप्रैल तक सीटें खाली हैं।
Sunday, April 19, 2009
Central Railway- No Regular Booking Window
Our correspondant told that on GTB Nagar railway station one temporary ticket window is made in a booking hall on the north side near FOB from where passengers use to purchase the tickets, but this window is only working from morning to 2 p.m. and afterthat the window remain closed resulting the passengers who want to purchase the ticket have to go a long way on the top of the station and that also sometime closed.
Central Railway authorities are requested so many times to ensure that ticket window should be opened all the 24 hrs enable the passengers to have their valid tickets.
Thursday, April 16, 2009
यात्रियों की समस्याओं या उनकी वाजिब मांगों पर खुद जनरल मैनेजर गौर फरमाएंगे और उसका फॉलो-अप करेंगे।
भारत में रेल स्थापना की सालगिरह को व्यावहारिकता की दृष्टि उपयोगी बनाने के लिए मध्य रेल ने एक ऐसी अनूठी सेवा लांच की, जो पूरे रेलवे में सर्वप्रथम मानी जा रही है। अब मध्य का कोई भी मुसाफिर-अगर उसे किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत या शिकायत हो तो अपनी इस शिकायत को तुरंत मध्य रेल के आला अफसरों तक पहुंचा सकता है। उसे बस अपने मोबाइल में अपनी शिकायत या सुझाव टाइप कर उसे 9004411111 नंबर पर एसएमएस करना होगा। मध्य रेल का मुसाफिरों से संवाद स्थापित करने का यह प्रयास पहले 6 महीनों के लिए ट्रायल बेसिस पर चलाया जा रहा है। मध्य रेल के मुख्य प्रवक्ता श्रीनिवास मुडगेरिकर ने बताया कि इस पर हम पिछले कुछ महीनों से गंभीरतापूर्वक काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यात्रियों की समस्याओं या उनकी वाजिब मांगों पर खुद जनरल मैनेजर गौर फरमाएंगे और उसका फॉलो-अप करेंगे। इस एसएमएस सिस्टम से यात्रियों की शॉर्ट-टर्म मांगों (जैसे हॉकरों को हटाना), मीडियम टर्म मांगों (जैसे स्टेशन की साफ-सफाई आदि) या लॉन्ग-टर्म मांगों (जैसे कि फुटओवर ब्रिज बनाने की मांगों) पर गंभीरतापूर्वक गौर फरमाया जाएगा और व्यावहारिकता की कसौटी पर आंककर उसे पूरा करने का हर संभव प्रयत्न किया जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि चूंकि रोज हजारों की तादाद में मिलने एसएमएस का हम व्यक्तिगत रूप से रिप्लाई कर पाना संभव नहीं होगा, मगर उचित शिकायतों पर हम खास ध्यान जरूर देंगे। मध्य रेल के इस पहल का स्वागत करते हुए डीआरयूसीसी मेंबर शंकर केजरीवाल ने बताया कि कि इस सिस्टम से जहां रेल कर्मियों और अधिकारियों में जिम्मेदारी का एहसास होगा, वहीं पर ट्रांसपेरेंसी भी आएगी।
Wednesday, April 15, 2009
ठाणे में एक टिकट दलाल सुरेश आहूजा को पकड़ा
5 रुपए का पान और सफाई पर डेढ़ करोड़।
Saturday, April 11, 2009
श्री गिरीश भटनागर नेदिए पुरस्कार
Speaking on the occasion, ECR GM Girish Bhatnagar said the zone has registered a record earning in every field, particularly in freight loading and earning from passengers. ECR registered an earning of Rs 1132.55 crore from passengers and Rs 4278.24 crore from freight loading alone, he added.
Besides, ECR has improved a lot in the sphere of railway safety measures too. As many as 1.10 lakh people were arrested for illegal travelling during the last fiscal year yielding about Rs 2.5 crore to the railways, he said.
Lauding the role of railway employees for their full cooperation and dedication to duty, the GM said ECR could make all-round development by virtue of their sustained hard labour. The recently inaugurated super-speciality hospital of ECR at the Karbigahiya end in Patna has proved to be a boon for railway employees, he said adding health care has always been the top priority of the zone for each category of employees.
Dhanbad and Mughalsarai divisions were jointly given overall performance efficiency shield while cleanliness awards were given to Dhanbad and Hajipur for keeping major stations clean. However, Karisath of Danapur division bagged the best maintained station among small stations. ECR CPRO A K Chandra also spoke on the occasion.
चलती ट्रेन पर की गई गोलीबारी
घटना में घायल सीआरपीएफ जवान अनिल तिवारी की अस्पताल ले जाते वक्त मौत हो गई। गंभीर रूप से घायलों में 3 महिलाएं भी हैं। गोलीबारी के बाद विद्रोही पास के घने जंगलों में भाग गए। हाफलोंग स्थित जिला पुलिस मुख्यालय से पुलिसबल रवाना कर उग्रवादियों की तलाशी की जा रही है।
Friday, April 10, 2009
दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग 6 घंटे तक ठप रहा।
Tuesday, April 7, 2009
कॉमनवेल्थ गेम्स का काउंटडाउन शुरू होने के साथ ही दिल्ली मैट्रो ने लक्ष्य पूरा करने केलिए कमर कसी
Monday, April 6, 2009
विस्फोट दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस को निशाना बनाकर किया गया था।
Friday, April 3, 2009
बिनाटिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी क्योंकि रेलवे मजिस्ट्रेट ही नही आया
बिनाटिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी क्योंकि रेलवे मजिस्ट्रेट ही नही
The checking conducted by commercial department officials of Northern Railway (NR) to nab ticketless travellers boomeranged after the railway magistrate did not turn up and the passengers detained for the offence panicked so much that railway had to comfort them over snacks. On Friday, ACM Anshu Pandey who according to the official information is not more than three months old in the organisation went on to conduct `fortress checking' at Charbagh station since early in the morning, much in the knowledge of the senior officials. It is a periodical checking which is carried out to get hold of passengers travelling without ticket or those not having platform tickets at the station. By afternoon, at least 300 ticketless travellers were detained by the railway team, though railway officials shared that there were not more than 150 passengers who were taken hold of and put together in the first class retiring room. The ticketless travellers can either be charged with a penalty or are presented before the railway magistrate for a trial. Railway team had decided in the favour of the latter this time. During such a checking the station is almost guarded like a fort and none of the passengers are allowed to escape checking. The passengers who were detained in the morning had started panicking as the clock struck twelve. It took a worse turn as the railway magistrate did not turn up and those caught could not be tried for the offence. There were also families which had been detained and presence of women and children aggravated the situation. "When I got to know that there were also kids and women in the lot I asked the team to go easy and let them go", said Neeraj Sharma, senior divisional commercial manager, NR. The railway officials had to arrange for some quick refreshments to comfort the hungry children and women. Some of the passengers reportedly got agitated when they asked railway officials to let them go after realising the penalty but officials did not act accordingly. "I had finally asked the team to let go the passengers since the magistrate could not come", added Sharma. He also added that it was important to send the message across that ticketless travelling is not permitted and that got conveyed by the move. Meanwhile, some of the passengers have already got their complaints registered with the RPF, Charbagh.
वाराणसी में टचस्क्रीन का उद्घाटन महाप्रबंधक श्री श्रेणी क हाथों हुआ
गोवा केलिए विशेष रेलगाडिया
Thursday, April 2, 2009
मैट्रो रेल से अब नहीं होगा शोर, पडोसी भी नहीं होंगे तंग
मैट्रो रेल से अब नहीं होगा शोर, पडोसी भी नहीं होंगे तंग, अच्छी सोच सेवा के लिए बधाई ।
मेट्रो रेल लाइन के पड़ोस में बसे घरों को शोर-शराबे से बचाने और उनकी प्राइवेसी को बरकरार रखने के लिए दिल्ली मेट्रो नई कवायद में जुट गया है। शुरुआत केंदीय सचिवालय-बदरपुर मेट्रो लाइन से की जा रही है। इस लाइन के ऐलिवेटिड हिस्से में ऐसे इंतजाम किए जाएंगे, ताकि मेट्रो लाइन के आसपास बसे घरों को मेट्रो की वजह से किसी तरह की डिस्टर्बेंस न हो। इसके लिए विशेषज्ञ एजंसियों की मदद ली जा है। एक एजंसी ने मेट्रो को ऐसी टाइल लगाने की सलाह दी है, जिससे मेट्रो का शोर मेट्रो लाइन के बाहर कम से कम जाए। दरअसल, दिल्ली मेट्रो की यह पहली लाइन थी, जिसे बनाने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। लोगों को आपत्ति थी कि उनके घर के पास मेट्रो लाइन बनने से शोर होगा और ऊपर की मंजिलों में रहने वाले लोगों की प्रिवेसी भी डिस्टर्ब होगी क्योंकि पैसिंजर आसानी से उनके घर में झांक सकेंगे। कंपन से उनके मकानों को खतरा हो सकता है। मसला अदालत तक भी गया और राजनीतिक गलियारों में भी गूंजा। नतीजतन, इस लाइन के एलिवेटिड हिस्से का निर्माण देरी से शुरू हुआ। अब दिल्ली मेट्रो ने स्थानीय लोगों से वादा किया है कि मेट्रो लाइन बनने के साथ उनकी इन आपत्तियों को दूर करने की कोशिश करेगी। दिल्ली मेट्रो ने बाकायदा इसके लिए केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) के एक्सर्पट्स की मदद लेने का फैसला किया है। दिल्ली मेट्रो के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल के मुताबिक, सीआरआरआई के एक्सपर्ट स्टडी में जुट गए हैं। नैशनल फिजिकल लैब (एनपीएल) के ऐक्सपर्ट्स की भी राय ली जा रही है। ऐक्सपर्ट्स ने मेट्रो को लाइन पर कुछ खास तरह की टाइल्स लगाने की सलाह दी है, जिससे शोर मेट्रो लाइन की बाउंड्री से बाहर तक बेहद कम जाता है। यह स्टडी भी चल रही है कि मेट्रो लाइन के किनारे दीवार बनाई जाए या फिर ऐसा इंतजाम किया जाए, ताकि मेट्रो के पैसिंजरों को बाहर के ये मकान दिखें ही नहीं। लगभग चार हजार करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही यह मेट्रो रेल लाइन अगले साल तक चालू होने की उम्मीद है।
Wednesday, April 1, 2009
सदस्य मेकेनिकल श्री प्रवीण कुमार ने इस वर्ष के आखिरी रेल इंजन को हरी झंडी दी
सदस्य मेकेनिकल श्री प्रवीण कुमार ने इस वर्ष के आखिरी रेल इंजन को हरी झंडीदी, डीजल लोकोमोटिव वर्क्स वाराणसी में हुआ भव्य आयोजन
According to Pradeep Mishra, public relation officer, DLW, the visit would include inspection of workshops besides unveiling of the last railway engine (for financial year 2008-09) at the loco assembly shop. A meeting with DLW authorities including managerial and administrative staff would be also held on the occasion. Education camp: A 10-day education camp on 'Hind Swaraj and Buddhist Philosophy' would be held at Central University for Tibetan Studies (CUTS), Sarnath starting Thursday. Padmashree and Vice Chancellor, CUTS, Nawang Sametan would inaugurate the programme. Prime Minister of exiled Tibetan Government Samdong Rinpoche would also participate in the programme. It may be mentioned here that CUTS, Sarnath and Gujarat Vidyapith, Ahmedabad have jointly organised the camp