Sunday, April 26, 2009

पैसिंजरों को राहत देने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्परेशन ने तैयारी शुरू कर दी है।

खचाखच भरी मेट्रो में पैसिंजरों को राहत देने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्परेशन ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए मेट्रो ने ऐसे आठ नए कोच खरीदने के लिए ऑर्डर दे दिया है, जो मौजूदा चल रही ट्रेनों में लगाए जाएंगे। मेट्रो का दावा है कि उसे ये नए कोच इस साल अगस्त तक मिल जाएंगे और उसके अगले दो महीने में इन्हें ट्रेनों में जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद नई ट्रेनों के साथ-साथ छह कोच वाली इन ट्रेनों के चलने से मेट्रो में भीड़-भाड़ से कुछ राहत मिल सकेगी। दिल्ली मेट्रो के पास इस वक्त 70 ट्रेनों का बेड़ा है और ये सभी ट्रेनें चार-चार कोच वाली हैं। रोजाना 8.5 लाख पैसिंजरों को ढोने वाली इन ट्रेनों में पीक-ऑवर में काफी भीड़ रहती है। इससे पैसिंजरों को परेशानी सहनी पड़ती है। मेट्रो के मौजूदा चार कोच वाली ट्रेनों को बढ़ाने के फैसले से ज्यादा पैसिंजर मेट्रो का इस्तेमाल कर सकेंगे और उन्हें सफर के दौरान आराम भी मिलेगा। वैसे, मेट्रो की नई 131 ट्रेनों के लिए पहले ही ऑर्डर दिया जा चुका था। इन ट्रेनों का दिल्ली पहुंचना भी शुरू हो गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्परेशन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल के मुताबिक, हर कोच में 50 पैसिंजरों के बैठने और 340 के खड़े होने की कपैसिटी है। दो-दो कोच बढ़ाने से छह कोच वाली ट्रेन में पैसेंजर चढ़ने की कपैसिटी 1,560 से बढ़कर 2,340 हो जाएगी। एक्सट्रा कोच लगाने के फैसले से मेट्रो सिस्टम में किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि मेट्रो के सभी प्लैटफॉर्म आठ कोच वाली ट्रेन चलाने में सक्षम हैं। सिर्फ इंद्रलोक-मुंडका, केंद्रीय सचिवालय-बदरपुर और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के स्टेशन ही ऐसे हैं, जिनकी क्षमता 6-6 कोच की ट्रेन चलाने की है। फिलहाल, चार ट्रेनों के लिए आठ कोच बैंगलुरु में भारतीय अर्थ मूवर्स लिमिटेड के कारखाने में बिना किसी विदेशी कंपनी के सहयोग के बनाए जाएंगे।

रविवार को चलती ट्रेन से चार मुसाफिरों को ट्रेन के कुछ यात्रियों ने बाहर फेंक दिया।

पूर्वमध्य रेलवे के सोनपुर डिविजन में हाजीपुर-बरौनी रेल सेक्शन में रविवार को चलती ट्रेन से चार मुसाफिरों को ट्रेन के कुछ यात्रियों ने बाहर फेंक दिया। पुलिस ने बताया कि घटना चक मकरान हॉल्ट के पास हुई। ट्रेन से फेंके जाने के बाद चारों यात्री घायल हो गए। इनमें एक की हालत गंभीर थी और वह कोमा में था। आरपीएफ ने बताया कि जनसेवा एक्सप्रेस में सवार यात्रियों के दो गुटों में मामूली बात पर कहासुनी हो गई। इसी दौरान चारों को चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया। चारों घायल खगड़िया जिले के अलौली गांव के रहने वाले हैं और मजदूरी करते हैं। उन्हें सोनपुर रेलवे अस्पताल ले जाया गया।

Saturday, April 25, 2009

बुजुर्ग की मौत के मामले में ट्रेन ड्राइवर के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया

ट्रेन ड्राइवर को हादसे की जानकारी न देना अब महंगा पड़ गया है। गोंडवाना महामाया एक्सप्रेस की चपेट में आकर बुजुर्ग की मौत के मामले में ट्रेन ड्राइवर के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पलवल जीआरपी चौकी इंचार्ज पवन कुमार के मुताबिक 16 अप्रैल को बामनीखेड़ा फाटक के पास गोंडवाना महामाया एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक अज्ञात बुजुर्ग की मौत हो गई थी। इस बारे में ट्रेन के चालक ने कोई सूचना पुलिस को नहीं दी। इसलिए पुलिस ने यूनिट नंबर 20 के इंचार्ज महीपाल की शिकायत पर सूचना न देने पर ट्रेन चालक के खिलाफ आईपीसी की धारा 176, 187, 202 के तहत मामला दर्ज किया है। चौकी इंचार्ज के मुताबिक इस तरह का जीआरपी में यह पहला मामला दर्ज हुआ है। उन्होंने बताया कि जीआरपी की एसपी ने रेलवे के अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा था कि किसी व्यक्ति की ट्रेन हादसे में मौत हो जाए तो ट्रेन ड्राइवर इसके बारे में जीआरपी को सूचित करे। पवन कुमार के मुताबिक ड्राइवर गाड़ी को भगा ले जाते हैं ओर कोई सूचना पुलिस तक नहीं देते। इससे पुलिस को काफी परेशानियां होती हैं। सूचना न देने पर कई बार मौत के मामले में शक बाकी रह जाता है।

इरकॉन के अफसर ने लाटरी के चक्कर में ५१ लाख गंवाए

सरकारी विभाग के एक सीनियर अफसर ने इंटरनेट और फोन पर मिली 5 करोड़ 55 लाख रुपये की लॉटरी के लालच में साढ़े 51 लाख रुपये गंवा दिए। अज्ञात धोखेबाज उन्हें महज 15 दिनों में ही इतना बड़ा चूना लगाने में कामयाब रहे। इस संबंध में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लग पाया है। भारत सरकार के सार्वजनिक उपक्रम इरकॉन इंटरनैशनल के असिस्टंट जनरल मैनेजर रमाकांत मिश्रा इस ठगी का शिकार बने हैं। उन्हें 5 अप्रैल को मोबाइल पर मेसेज मिला कि उनकी 5 करोड़ 55 लाख रुपये की लॉटरी निकली है। यहां के सेक्टर 43 की पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में रहने वाले रमाकांत ने मेसिज पर रिप्लाई भेजा कि इसे क्लेम करने के लिए उन्हें क्या करना होगा। इस पर जवाब आया कि उन्हें शुरू में एक लाख 49 हजार रुपये बताए गए अकाउंट नंबर में जमा कराने होंगे। ऐसा करने के बाद भी जब उन्हें लॉटरी की रकम नहीं मिली, तो उन्होंने फिर से संपर्क किया। संपर्क करने पर रमाकांत को कहा गया कि वह इंग्लैंड के नागरिक नहीं हैं, इसलिए उन्हें और पैसा जमा कराना होगा। इस तरह उन्हें लगातार पैसा जमा कराने की हिदायतें मिलती रहीं और लालच में आकर उन्होंने महज 15 दिनों में ही 51 लाख 66 हजार रुपये जमा करा दिए। इसी बीच जब सामने वाले का नंबर स्विच ऑफ मिला तो उन्हें शक हुआ। तब जाकर उन्हें पता चला कि उनके साथ लाखों की ठगी हो चुकी है और कोई लॉटरी का चक्कर ही नहीं है।

Tuesday, April 21, 2009

नक्‍सलियों ने झारखंड के लातेहार जिले में बरकाकाना-मुगलसराय पैसिंजर ट्रेन को अपने कब्‍जे में ले लिया

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण से ठीक एक दिन पहले नक्‍सलियों ने झारखंड के लातेहार जिले में बरकाकाना-मुगलसराय पैसिंजर ट्रेन को अपने कब्‍जे में ले लिया है। ट्रेन को धनबाद रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले हेहेगड़ा रेलवे स्टेशन पर कब्ज़े में लिया गयाहै। ट्रेन पर कई यात्री सवार हैं। पलामू के बरवाडीह में नक्सलियों द्वारा बारूदी सुरंग विस्फोट के जवाब में पुलिस कार्रवाई में पांच ग्रामीण मारे गए थे। बरवाडीह कांड के विरोध में नक्सलियों ने बुधवार से झारखंड और बिहार में बेमियादी बंद का आह्वान किया है। इसी के तहत नक्सलियों ने दोनों सूबों में मंगलवार की रात से तांडव मचाना शुरू कर दिया है। ट्रेन पर कब्जा करने से पहले मंगलवार देर रात नक्सलियों ने पलामू में उंटारी रोड स्टेशन और वहीं के एक स्कूल की बिल्डिंग को उड़ा दिया। इस घटना में रांची-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस बाल-बाल बच गई। घटना के बाद राजधानी एक्सप्रेस को उंटारी रोड से पहले के स्टेशन केरकट्टा में रोक लिया गया। विस्फोट के कारण उंटारी स्टेशन पर सिग्नल व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। इन वारदातों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
उधर बिहार में मगलवार रात नक्सलियों ने औरंगाबाद जिले के देव ब्लॉक ऑफिस की बिल्डिंग को विस्फोटक लगाकर उड़ा दिया और गया में आठ ट्रकों को आग के हवाले कर दिया। औरंगाबाद के डीएसपी मोहम्मद अख्तर हुसैन ने बुधवार को बताया कि मंगलवार रात करीब 50-60 की संख्या में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)के नक्सली देव देव ब्लॉक ऑफिस की परिसर में आए और बिल्डिंग को विस्फोटक से उड़ा दिए। उन्होंने बताया कि इस मामले की एक एफआईआर देव थाना में दर्ज करा दी गई है तथा नक्सलियों के संभावित क्षेत्रों में छापामरी शुरू कर दी गई है। देव ब्लॉक ऑफिस औरंगाबाद जिला मुख्यालय से करीब 18किलोमीटर दूर रिहायशी इलाके में स्थित है। बिहार के ही गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र में मंगलवार रात नक्सलियों ने आठ ट्रकों को आग के हवाले कर दिया। नक्सलियों ने एक ट्रक ड्राइवर को गोली भी मार दी। शेरघाटी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सुरेश प्रसाद ने बुधवार को बताया कि जीटी रोड पर 71 माईल क्षेत्र के नजदीक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के 40-50 की संख्या में नक्सली आ धमके और आने-जाने वाले आठ ट्रकों को रोककर उस पर सवार लोगों को उतारा और फिर ट्रकों में आग लगा दी। उन्होंने बताया कि इस बीच एक ट्रक चालक लक्ष्मण यादव को नक्सलियों ने गोली भी मार दी। गंभीर रूप से घायल लक्ष्मण को डोभी स्थित एक अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। इस मामले की एक प्राथमिकी बाराचट्टी थाना में दर्ज करा दी गई है।

नोएडा में तो मेट्रो की सीटी कुछ ही महीनों में बजने वाली है,

नोएडा में तो मेट्रो की सीटी कुछ ही महीनों में बजने वाली है, अब ग्रेटर नोएडा पर भी बातचीत शुरू हो चुकी है। नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो का 29 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनाने की चर्चा है। मंगलवार को डीएमआरसी के अफसरों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अफसरों के साथ बैठक कर इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट की स्टडी पर बातचीत की। नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच प्रस्तावित इस दूसरे चरण के प्रोजेक्ट पर लगभग चार हजार करोड़ का खर्च आने का अनुमान है। मेट्रो प्रोजेक्ट में एक लाइन जेवर एयरपोर्ट तक भी पहुंचाने का विचार किया जा रहा है। नोएडा अथॉरिटी के अडिशनल चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर पी.एन. बाथम ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अथॉरिटी में इस मामले में महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इसमें डीएमआरसी की तरफ से जीएम एस.डी. शर्मा और आर. जी. शर्मा के अलावा ग्रेटर नोएडा की जीएम प्लैनिंग नीलू सहगल मौजूद थीं। बैठक में इस पूरे प्रोजेक्ट के बारे में रूट व अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई। बाथम ने बताया कि यह नया ट्रैक सेक्टर 32 स्थित मेट्रो के आखिरी स्टेशन से शुरू होगा। यह सेक्टर 50, 78, 101, 82, 92 से होता हुआ सीधे नोएडा- ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे के पास पहुंचेगा। यहां से ग्रेटर नोएडा में परी चौक तक जाएगा। इसमें नोएडा के एरिया में 14 और ग्रेटर नोएडा में 8 स्टेशन होंगे। प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट अगले एक महीने में आ जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद दूसरी बैठक होगी।

दिल्ली सराय रोहिल्ला से अजमेर के लिए वीकली स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन

उत्तर रेलवे ने दिल्ली सराय रोहिल्ला से अजमेर के लिए वीकली स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का
ऐलान किया है। यह ट्रेन 21 अप्रैल से 30 जून तक हर मंगलवार को दोपहर 2:50 बजे अजमेर से चलेगी और रात 10:40 बजे सराय रोहिल्ला पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन हर मंगलवार को रात 11:50 बजे से रवाना होकर सुबह 8:45 बजे अजमेर पहुंचेगी। उत्तर रेलवे के प्रवक्ता के मुताबिक, इस ट्रेन में एक एसी टू टीयर, एक एसी थ्री टीयर और 10 सेकंड स्लीपर के अलावा चार जनरल कोच भी होंगे। रास्ते में यह ट्रेन किशनगढ़, तिलोनिया नारायणा, फुलेरा जंक्शन, बाधल, रिंग्स जंक्शन, श्री माधोपुर, नीम का थाना, डाबल, नारनौल, अटेली, रिवाड़ी और दिल्ली छावनी स्टेशनों पर रुकेगी। रेलवे अजमेर और सराय रोहिल्ला के बीच भी एक और स्पेशल ट्रेन चलाने जा रही है। यह ट्रेन 20 अप्रैल से 29 जून के बीच हर सोमवार दोपहर 2:50 बजे अजमेर से चलेगी और रात 10:40 बजे सराय रोहिल्ला पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन 20 अप्रैल से 29 जून तक हर सोमवार रात 11:50 बजे चलकर सुबह अजमेर पहुंचेगी।
कई जगह सीटें खाली :
उत्तर रेलवे के प्रवक्ता के मुताबिक, स्पेशल ट्रेनों में कई ऐसी हैं, जिनमें अभी भी सीटें खाली हैं। इसकी वजह यह भी है कि पैसेंजर सामान्य ट्रेनों में ही जगह खोज रहे हैं। दिल्ली-लखनऊ के बीच चलने वाली शताब्दी स्पेशल, निजामुद्दीन-लखनऊ शताब्दी स्पेशल, नई दिल्ली-गुवाहाटी राजधानी स्पेशल, निजामुद्दीन-मुंबई सेंट्रल राजधानी स्पेशल, दिल्ली-गया स्पेशल आदि ट्रेनें ऐसी हैं, जिनमें 30 अप्रैल तक सीटें खाली हैं।

Sunday, April 19, 2009

Central Railway- No Regular Booking Window

Passengers on central are forced to travel without ticket. This fact came in notice when some passengers told that they want to purchase tickets but no regular ticket window is working on so many stations on suberban stations in Central Railway.
Our correspondant told that on GTB Nagar railway station one temporary ticket window is made in a booking hall on the north side near FOB from where passengers use to purchase the tickets, but this window is only working from morning to 2 p.m. and afterthat the window remain closed resulting the passengers who want to purchase the ticket have to go a long way on the top of the station and that also sometime closed.
Central Railway authorities are requested so many times to ensure that ticket window should be opened all the 24 hrs enable the passengers to have their valid tickets.

Thursday, April 16, 2009

यात्रियों की समस्याओं या उनकी वाजिब मांगों पर खुद जनरल मैनेजर गौर फरमाएंगे और उसका फॉलो-अप करेंगे।

भारत में रेल स्थापना की सालगिरह को व्यावहारिकता की दृष्टि उपयोगी बनाने के लिए मध्य रेल ने एक ऐसी अनूठी सेवा लांच की, जो पूरे रेलवे में सर्वप्रथम मानी जा रही है। अब मध्य का कोई भी मुसाफिर-अगर उसे किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत या शिकायत हो तो अपनी इस शिकायत को तुरंत मध्य रेल के आला अफसरों तक पहुंचा सकता है। उसे बस अपने मोबाइल में अपनी शिकायत या सुझाव टाइप कर उसे 9004411111 नंबर पर एसएमएस करना होगा। मध्य रेल का मुसाफिरों से संवाद स्थापित करने का यह प्रयास पहले 6 महीनों के लिए ट्रायल बेसिस पर चलाया जा रहा है। मध्य रेल के मुख्य प्रवक्ता श्रीनिवास मुडगेरिकर ने बताया कि इस पर हम पिछले कुछ महीनों से गंभीरतापूर्वक काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यात्रियों की समस्याओं या उनकी वाजिब मांगों पर खुद जनरल मैनेजर गौर फरमाएंगे और उसका फॉलो-अप करेंगे। इस एसएमएस सिस्टम से यात्रियों की शॉर्ट-टर्म मांगों (जैसे हॉकरों को हटाना), मीडियम टर्म मांगों (जैसे स्टेशन की साफ-सफाई आदि) या लॉन्ग-टर्म मांगों (जैसे कि फुटओवर ब्रिज बनाने की मांगों) पर गंभीरतापूर्वक गौर फरमाया जाएगा और व्यावहारिकता की कसौटी पर आंककर उसे पूरा करने का हर संभव प्रयत्न किया जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि चूंकि रोज हजारों की तादाद में मिलने एसएमएस का हम व्यक्तिगत रूप से रिप्लाई कर पाना संभव नहीं होगा, मगर उचित शिकायतों पर हम खास ध्यान जरूर देंगे। मध्य रेल के इस पहल का स्वागत करते हुए डीआरयूसीसी मेंबर शंकर केजरीवाल ने बताया कि कि इस सिस्टम से जहां रेल कर्मियों और अधिकारियों में जिम्मेदारी का एहसास होगा, वहीं पर ट्रांसपेरेंसी भी आएगी।

Wednesday, April 15, 2009

ठाणे में एक टिकट दलाल सुरेश आहूजा को पकड़ा

पुलिस की सघन निगरानी के बावजूद रेलवे के अनधिकृत टिकट दलाल लुका-छिपी का खे ल खेल रहे हैं और मौका पाते ही छद्म नामों से थोक के भाव टिकट निकाल रहे हैं। ऐसा प्राय: मुम्बई के हर बड़े स्टेशन पर हो रहा है। हाल ही में मुम्बई मंडल वाणिज्य विभाग के सीनियर डीसीएम कमल जैन के निर्देशन में ओ. पी. शर्मा ने छापा मार कर ठाणे में एक टिकट दलाल सुरेश आहूजा को पकड़ा, जिसके पास से बेहिसाब नकदी के अलावा उत्तर भारत की ओर जाने वाली गाड़ियों के भरे हुए रिजर्वेशन फॉर्म बरामद किए गए। दूसरा दलाल जयदीप सीएसटी पर पकड़ा गया, जिसके पास से छद्म नामों से भरे हुए 26 फॉर्म और 12 आरक्षित टिकट जिसकी कीमत 11 हजार 322 रुपये है, तथा नकद राशि 19,440 रुपये बरामद किए गए। दोनों दलालों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है तथा उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए रेलवे सुरक्षा बल के हवाले कर दिया गया है।

5 रुपए का पान और सफाई पर डेढ़ करोड़।

5 रुपए का पान और सफाई पर डेढ़ करोड़। जी हां, मुंबई की सबअर्बन ट्रेनों की सफाई पर रेलवे को सालाना इतना ही खर्च करना पड़ता है। सेंट्रल रेलवे को 111 ट्रेनों की सफाई पर 87 लाख रुपए खर्च करने पड़ते हैं। इसके पीछे 96 हजार मैन ऑवर बर्बाद होते हैं। ट्रेनें हर 10 दिन पर धुलाई के लिए जाती हैं। इसी तरह वेस्टर्न रेलवे 73 गाड़ियों के रख-रखाव पर 57 लाख रुपए खर्च करती है। इसमें 63 हजार आदमियों के एक घंटे काम करने बराबर ऊर्जा लगती है। रेल या रेलवे स्टेशनों पर गंदगी फैलने वालों पर दंड का प्रावधान तो है, लेकिन रेलवे की मुसीबत ऐसे लोगों से निपटने की है। चलती ट्रेनों में ऐसे लोगों को पकड़ा कैसे जाए? इसीलिए रेलवे लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करने की कोशिश कर रही है।

Saturday, April 11, 2009

श्री गिरीश भटनागर नेदिए पुरस्कार

The Danapur division of East Central Railway (ECR) stole the show at the 54th Railway Week function of ECR held at Sri Krishna Memorial Hall here on Friday. Altogether 45 staff, including railway officials, received awards on this occasion for their outstanding services to the railways. The Danapur division bagged 11 shields for its efficiency in various fields while it received a group award for its better performance in loading and unloading of freight. The division was awarded shields for efficiency in commercial section jointly with Sonepur and in punctuality with Dhanbad.

Speaking on the occasion, ECR GM Girish Bhatnagar said the zone has registered a record earning in every field, particularly in freight loading and earning from passengers. ECR registered an earning of Rs 1132.55 crore from passengers and Rs 4278.24 crore from freight loading alone, he added.

Besides, ECR has improved a lot in the sphere of railway safety measures too. As many as 1.10 lakh people were arrested for illegal travelling during the last fiscal year yielding about Rs 2.5 crore to the railways, he said.

Lauding the role of railway employees for their full cooperation and dedication to duty, the GM said ECR could make all-round development by virtue of their sustained hard labour. The recently inaugurated super-speciality hospital of ECR at the Karbigahiya end in Patna has proved to be a boon for railway employees, he said adding health care has always been the top priority of the zone for each category of employees.

Dhanbad and Mughalsarai divisions were jointly given overall performance efficiency shield while cleanliness awards were given to Dhanbad and Hajipur for keeping major stations clean. However, Karisath of Danapur division bagged the best maintained station among small stations. ECR CPRO A K Chandra also spoke on the occasion.

चलती ट्रेन पर की गई गोलीबारी

असम के उत्तरी कछार पहाड़ी जिले में दीमा हलाम दाओगाह (डीएचजे) उग्रवादियों द्वारा शुक्रवार को एक चलती ट्रेन पर की गई गोलीबारी में सीआरपीएफ के एक जवान की मौत हो गई। हमले में 14 यात्रियों के गंभीर रूप से घायल होने की भी खबर है। ट्रेन जैसे ही माइबोंग स्टेशन के तहत आने वाले वाडरेंगडिसा स्टेशन से रवाना हुई, ऑटोमैटिक हथियारों से लैस डीएचजे विद्रोहियों ने बदरपुर लुमडिंग बराक एक्सप्रेस पर पहाड़ी की चोटी से गोलीबारी शुरू कर दी।

घटना में घायल सीआरपीएफ जवान अनिल तिवारी की अस्पताल ले जाते वक्त मौत हो गई। गंभीर रूप से घायलों में 3 महिलाएं भी हैं। गोलीबारी के बाद विद्रोही पास के घने जंगलों में भाग गए। हाफलोंग स्थित जिला पुलिस मुख्यालय से पुलिसबल रवाना कर उग्रवादियों की तलाशी की जा रही है।

Friday, April 10, 2009

दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग 6 घंटे तक ठप रहा।

न्यू टाउन स्टेशन के नजदीक गुरुवार सुबह उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के 4 डिब्बे ट्रैक से उतरने से अफरातफरी मच गई। इस हादसे की वजह से दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग 6 घंटे तक ठप रहा। डिब्बों के पटरी से उतरने के कारण डाउन ट्रैक और थर्ड लाइन ठप पड़ गई। अप साइड की ट्रेनें चल रही थीं, लेकिन बाद में मुंबई से आ रही ट्रेनों को अप लाइन से निकाला गया। इस ट्रेन के पीछे सिकंदराबाद राजधानी चल रही थी, जिसे उनकी पोजिशन पर ही रोक दिया गया। आगरा कैंट जा रही तूफान एक्सपेस को फरीदाबाद स्टेशन पर ढाई घंटे तक खड़ा रहना पड़ा। मंगला एक्सपेस को तुगलकाबाद और झेलम एक्सपेस को नई दिल्ली पर रोक दिया गया। अधिकतर लोकल ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। दैनिक यात्रियों को राहत पहुंचाने के लिए दिल्ली की तरफ जा रही कुछ ट्रेनों को शटल बनाया गया। इनमें गोवा एक्सप्रेस और मेवाड़ एक्सप्रेस शामिल रहीं। दिल्ली से आने वाले लोगों को बसों में यात्रा करनी पड़ी। बदरपुर से ओल्ड और बाटा आने वाले ऑटो ड्राइवरों ने स्थिति का लाभ उठाकर मनमाने पैसे वसूले। हादसा गुरुवार की सुबह साढे़ पांच बजे का है। न्यू टाउन (## include msid=3937671,type=9 ##) स्टेशन पर उत्तर संपर्क क्रांति को धीमी गति से निकाला जा रहा था। अचानक इस ट्रेन के पिछले चार डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। डिब्बों के पटरी से उतरने के कारण डाउन ट्रैक और थर्ड लाइन ठप पड़ गई। अप साइड की ट्रेनें चल रही थीं, लेकिन बाद में मुंबई से आ रही ट्रेनों को अप लाइन से निकाला गया। इसकी वजह से अप ट्रेनें भी विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी रही। आगरा कैंट जा रही तूफान एक्सपेस को फरीदाबाद स्टेशन पर ढाई घंटे तक खड़ा रहना पड़ा। इसी तरह हादसे के तुरंत बाद मंगला एक्सपेस को तुगलकाबाद और झेलम एक्सप्रेस को नई दिल्ली पर रोक दिया गया। अधिकतर लोकल ट्रेनों को तो रद्द कर दिया गया। दैनिक यात्रियों को राहत पहुंचाने के लिए दिल्ली की तरफ जा रही कुछ ट्रेनों को शटल बनाया गया। इनमें गोवा एक्सपेस और मेवाड़ एक्सपेस शामिल रहीं। एक्सिडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी) को मौके पर पहुंचाने के लिए लाइन क्लियर नहीं मिली। इसकी वजह से स्पॉट पर एआरटी को सुबह 7.30 बजे पहुंचाया जा सका। इसके बाद ही लाइन को क्लियर करने का काम शुरू हो पाया। संपर्क क्रांति के 6 डिब्बों को अलग कर उसे निजामुद्दीन रवाना कर दिया। यह ट्रेन अप लाइन से होते हुए सुबह 8.30 बजे निजामुद्दीन के लिए रवाना हुई। 11 बजे तक बाकी डिब्बों को भी ट्रैक से हटा लिया गया। हादसे की सूचना मिलते ही डीआरएम समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए। डीआरएम बी. डी. गर्ग ने कहा कि घटना की जांच हो रही है। इसके लिए कमिटी बना दी गई है। इसके बाद ही वह इस हादसे के कारणों का खुलासा कर पाएंगे। सिकंदराबाद राजधानी के अलावा अगस्त क्रांति एक्सप्रेस और मुंबई राजधानी भी बीच रास्ते खड़ी रही।

Tuesday, April 7, 2009

कॉमनवेल्थ गेम्स का काउंटडाउन शुरू होने के साथ ही दिल्ली मैट्रो ने लक्ष्य पूरा करने केलिए कमर कसी

कॉमनवेल्थ गेम्स का काउंटडाउन शुरू होने के साथ ही दिल्ली में मेट्रो रेल लाइनों के निर्माण की रफ्तार ने तेजी पकड़ ली है। दूसरे फेज में बनने वाली मेट्रो रेल लाइनों में से नोएडा को छोड़ दें तो ज्यादातर लाइनें तय वक्त पर या उससे पहले पूरी होने जा रही हैं। तय कार्यक्रम के मुताबिक 2009 में तीन लाइनों को चालू किया जाने की योजना थी। लेकिन अब इस साल तीन की बजाय चार मेट्रो लाइनों को चालू किया जाएगा। इनमें से डीयू से जहांगीरपुरी की लाइन सबसे एडवांस रही। इसे इस साल अक्टूबर में चालू किया जाना था, जबकि इस साल फरवरी में ही इसे चालू कर दिया गया। इसी तरह इंद्रलोक मुंडका लाइन का तय शेड्यूल अगले साल मार्च तक चालू करने का है लेकिन इसे इसी साल दिसंबर तक चालू करने की तैयारी की जा रही है। यह पहली स्टैंडर्ड गेज लाइन होगी, जो दिल्ली मेट्रो में चलेगी। इंद्रप्रस्थ डिपो से लेकर आनंद विहार बस अड्डे तक की मेट्रो रेल लाइन को इस साल दिसंबर में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था। पिछले साल इस लाइन पर लक्ष्मी नगर के पास बड़ा हादसा हुआ था, इसके बावजूद इसे तय वक्त में ही चालू कर दिया जाएगा। इंदप्रस्थ से न्यू अशोक नगर होते हुए नोएडा मेट्रो रेल लाइन में जरूर कुछ देरी होगी। इसे जून में ही चालू किया जाना था लेकिन अब अक्टूबर में चालू की जा सकेगी। बदरपुर लाइन के लिए हालांकि वक्त बेहद कम मिला है और शेड्यूल टाइट है, इसके बावजूद मेट्रो की कोशिश होगी कि इसे भी कुछ दिन पहले ही चालू कर दिया जाए। इसका तय वक्त अगले साल सितंबर है। नोएडा लाइन का काम भी तय वक्त तक हो सकता था लेकिन मेट्रो ट्रेनों की जरूरत को देखते हुए इसे जून की बजाय इसी साल अक्टूबर तक के लिए टाला गया है।

Monday, April 6, 2009

विस्फोट दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस को निशाना बनाकर किया गया था।

असम के करबी आंगलोंग जिले में गुरुवार सुबह रेलवे लाइन पर एक शक्तिशाली बम विस्फोट हुआ। विस्फोट दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस को निशाना बनाकर किया गया था। ब्लास्ट में किसी के घायस होने की खबर नहीं है। ब्लास्ट गुरुवार तड़के 1.10 बजे शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर उस समय हुआ, जब राजधानी एक्सप्रेस के गुजरने से पहले सिक्यूरिटी एंजिन रेलवे ट्रैक की जांच करने के लिए वहां से गुजरा। पुलिस के अनुसार ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि उससे ट्रैक पर 2.5 फुट गहरा गड्ढा हो गया। ब्लास्ट की खबर मिलते ही जिले के पुलिस सुपरिटेंडंट के. के सरमा और राजपुताना राइफल्स के 5 वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर रवाना हो गए और उन्होंने रेलवे लाइन से विस्फोटक (आईईडी) बरामद की। विस्फोट को डिफ्यूज कर दिया गया और ट्रैक से हटा दिया गया। उन्होंने बताया कि ट्रेन को दीफू रेलवे स्टेशन के पास रोक दिया गया है और पटरियों की मरम्मत की जा रही है। गौरतलब है कि एक जनवरी को एकपक्षीय संघर्षविराम समझौते से हटने वाला कार्बी लोंगरी नैशनल लिबरेशन फ्रंट (केएनएलएफ) इस क्षेत्र में 17 मार्च से हिंसक हमलों में सक्रिय है। आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर इस उग्रवादी संगठन ने राजनीतिक पार्टियों को एक पांच सूत्री घोषणापत्र सौंपकर संगठन की मांगों के मद्देनजर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।

Friday, April 3, 2009

बिनाटिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी क्योंकि रेलवे मजिस्ट्रेट ही नही आया

बिनाटिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी क्योंकि रेलवे मजिस्ट्रेट ही नही

The checking conducted by commercial department officials of Northern Railway (NR) to nab ticketless travellers boomeranged after the railway magistrate did not turn up and the passengers detained for the offence panicked so much that railway had to comfort them over snacks. On Friday, ACM Anshu Pandey who according to the official information is not more than three months old in the organisation went on to conduct `fortress checking' at Charbagh station since early in the morning, much in the knowledge of the senior officials. It is a periodical checking which is carried out to get hold of passengers travelling without ticket or those not having platform tickets at the station. By afternoon, at least 300 ticketless travellers were detained by the railway team, though railway officials shared that there were not more than 150 passengers who were taken hold of and put together in the first class retiring room. The ticketless travellers can either be charged with a penalty or are presented before the railway magistrate for a trial. Railway team had decided in the favour of the latter this time. During such a checking the station is almost guarded like a fort and none of the passengers are allowed to escape checking. The passengers who were detained in the morning had started panicking as the clock struck twelve. It took a worse turn as the railway magistrate did not turn up and those caught could not be tried for the offence. There were also families which had been detained and presence of women and children aggravated the situation. "When I got to know that there were also kids and women in the lot I asked the team to go easy and let them go", said Neeraj Sharma, senior divisional commercial manager, NR. The railway officials had to arrange for some quick refreshments to comfort the hungry children and women. Some of the passengers reportedly got agitated when they asked railway officials to let them go after realising the penalty but officials did not act accordingly. "I had finally asked the team to let go the passengers since the magistrate could not come", added Sharma. He also added that it was important to send the message across that ticketless travelling is not permitted and that got conveyed by the move. Meanwhile, some of the passengers have already got their complaints registered with the RPF, Charbagh.

वाराणसी में टचस्क्रीन का उद्घाटन महाप्रबंधक श्री श्रेणी क हाथों हुआ

General manager, North East Railway, Gorakhpur, UCD Shreni inaugurated a touch screen at the divisional office of NER in the city, on Friday. This fully computerised service for railway staffs would provide services like providing details of balance of provident fund of employees, details of leave and other information with the touch of finger, said Ashok Kumar, public relation officer, NER, Varanasi division. Divisional railway manager, NER, Varanasi, DN Jha and other senior railway staffs were also present on the occasion

गोवा केलिए विशेष रेलगाडिया

Observing the success of its weekend special trains to Goa which were running on a trial basis, the Central Railway has decided to extend this service citing heavy demand. The weekend special trains were commenced keeping in mind the commuters wanting to get away at the end of a hard week. It found success as trains take less time compared to other means of transport. Moreover, one can be back on Monday morning, a railway official said. "The train to Margao which leaves on Friday night and takes around 9 hours to reach Goa, has made 20 trips adding Rs 40 lakh to the Indian Railways kitty," a Central Railway official said. Meanwhile, the South Western Railway will run weekly special trains to clear the extra rush of passengers during summer. The Yeshwantpur-Vasco-Da-Gama Garib Rath Weekly Express Special (0695) will depart from Yeshwantpur at 9 pm on Saturdays from April 4 and arrive at Vasco-Da-Gama at 11.40 am, the next day. The last service from Yeshwantpur is on May 30. In the return direction, Vasco-Da-GamaYeshwantpur Garib Rath Weekly Express Special (0696) will depart from Vasco-Da-Gama on Sundays at 2.30 pm commencing from April 5 and arrive at Yeshwantpur at 5 am, the next day. The last service from Vasco-Da-Gama is on May 31.

Thursday, April 2, 2009

मैट्रो रेल से अब नहीं होगा शोर, पडोसी भी नहीं होंगे तंग

मैट्रो रेल से अब नहीं होगा शोर, पडोसी भी नहीं होंगे तंग, अच्छी सोच सेवा के लिए बधाई ।

मेट्रो रेल लाइन के पड़ोस में बसे घरों को शोर-शराबे से बचाने और उनकी प्राइवेसी को बरकरार रखने के लिए दिल्ली मेट्रो नई कवायद में जुट गया है। शुरुआत केंदीय सचिवालय-बदरपुर मेट्रो लाइन से की जा रही है। इस लाइन के ऐलिवेटिड हिस्से में ऐसे इंतजाम किए जाएंगे, ताकि मेट्रो लाइन के आसपास बसे घरों को मेट्रो की वजह से किसी तरह की डिस्टर्बेंस न हो। इसके लिए विशेषज्ञ एजंसियों की मदद ली जा है। एक एजंसी ने मेट्रो को ऐसी टाइल लगाने की सलाह दी है, जिससे मेट्रो का शोर मेट्रो लाइन के बाहर कम से कम जाए। दरअसल, दिल्ली मेट्रो की यह पहली लाइन थी, जिसे बनाने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। लोगों को आपत्ति थी कि उनके घर के पास मेट्रो लाइन बनने से शोर होगा और ऊपर की मंजिलों में रहने वाले लोगों की प्रिवेसी भी डिस्टर्ब होगी क्योंकि पैसिंजर आसानी से उनके घर में झांक सकेंगे। कंपन से उनके मकानों को खतरा हो सकता है। मसला अदालत तक भी गया और राजनीतिक गलियारों में भी गूंजा। नतीजतन, इस लाइन के एलिवेटिड हिस्से का निर्माण देरी से शुरू हुआ। अब दिल्ली मेट्रो ने स्थानीय लोगों से वादा किया है कि मेट्रो लाइन बनने के साथ उनकी इन आपत्तियों को दूर करने की कोशिश करेगी। दिल्ली मेट्रो ने बाकायदा इसके लिए केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) के एक्सर्पट्स की मदद लेने का फैसला किया है। दिल्ली मेट्रो के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल के मुताबिक, सीआरआरआई के एक्सपर्ट स्टडी में जुट गए हैं। नैशनल फिजिकल लैब (एनपीएल) के ऐक्सपर्ट्स की भी राय ली जा रही है। ऐक्सपर्ट्स ने मेट्रो को लाइन पर कुछ खास तरह की टाइल्स लगाने की सलाह दी है, जिससे शोर मेट्रो लाइन की बाउंड्री से बाहर तक बेहद कम जाता है। यह स्टडी भी चल रही है कि मेट्रो लाइन के किनारे दीवार बनाई जाए या फिर ऐसा इंतजाम किया जाए, ताकि मेट्रो के पैसिंजरों को बाहर के ये मकान दिखें ही नहीं। लगभग चार हजार करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही यह मेट्रो रेल लाइन अगले साल तक चालू होने की उम्मीद है।

Wednesday, April 1, 2009

सदस्य मेकेनिकल श्री प्रवीण कुमार ने इस वर्ष के आखिरी रेल इंजन को हरी झंडी दी


सदस्य मेकेनिकल श्री प्रवीण कुमार ने इस वर्ष के आखिरी रेल इंजन को हरी झंडीदी, डीजल लोकोमोटिव वर्क्स वाराणसी में हुआ भव्य आयोजन
Member, Railway Board (Mechanical), Praveen Kumar would be in the city on Wednesday for inspection of Diesel Locomotive Works (DLW).
According to Pradeep Mishra, public relation officer, DLW, the visit would include inspection of workshops besides unveiling of the last railway engine (for financial year 2008-09) at the loco assembly shop. A meeting with DLW authorities including managerial and administrative staff would be also held on the occasion. Education camp: A 10-day education camp on 'Hind Swaraj and Buddhist Philosophy' would be held at Central University for Tibetan Studies (CUTS), Sarnath starting Thursday. Padmashree and Vice Chancellor, CUTS, Nawang Sametan would inaugurate the programme. Prime Minister of exiled Tibetan Government Samdong Rinpoche would also participate in the programme. It may be mentioned here that CUTS, Sarnath and Gujarat Vidyapith, Ahmedabad have jointly organised the camp