Wednesday, February 25, 2009
आर पी एफ के जवानो की राइफलें लुटीं
पश्चिम बंगाल के पुरूलिया जिले में माओवादियों ने बुधवार को बीरामडीह रेलवे स्टेशन पर हमला कर रेलवे प्रटेक्शन फोर्स के चार जवानों को घायल कर दिया और उनकी राइफले छीन लीं। घायलों में 3 की हालत गंभीर है। मैनिजर ओम प्रकाश चौबे ने बताया कि दक्षिण पूर्वी रेलवे के अदरा मंडल में करीब 10 माओवादियों ने आरपीएफ के जवानों पर अचानक अत्याधुनिक हथियारों से हमला किया। उन्होंने बताया कि हमले के वक्त स्टेशन पर कोई ट्रेन नहीं होने के कारण भीड़ नहीं थी। अगर भीड़ होती तो इस हमले में काफी लोग हताहत होते। चौधरी ने जानकारी दी कि हमले के बाद हमलावर कुछ मिनट के अंदर ही के साथ लगी सीमा से फरार हो गए।
लोकल से कूदकर की आत्महत्या
पति द्वारा दूसरा विवाह करने की धमकी देने से मानसिक रूप से परेशान नवविवाहिता शिक्षिका विनीता सिंह ने लोकल ट्रेन से छलांग लगा कर खुदकुशी कर ली। ठाणे रेल पुलिस विनीता के ससुराल वालों से मामले के बारे में पूछताछ कर रही है। विनीता द्वारा लिखी एक डायरी के आधार पर पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने में लगी है। ठाणे शहर निवासी दिवाकर सिंह की बेटी विनीता (23) का विवाह एक वर्ष पूर्व ठाणे निवासी संदीप सिंह से हुआ था। कॉल सेंटर में काम करने वाले संदीप सिंह व विनीता के बीच विवाह के कुछ माह बाद से ही अनबन शुरू हो गई थी। विनीता के पिता दिवाकर सिंह के मुताबिक दो माह से विनीता मायके में ही रह रही थी। सिंह ने बताया है कि उनकी बेटी को उनका दामाद उपेक्षा की दृष्टि से देखने लगा था और उसने विनीता को धमकी दी थी कि वह दूसरा विवाह करने वाला है। पति द्वारा दी गई दूसरे विवाह की धमकी के बाद विनीता ने रविवार को लोकल ट्रेन से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने विनीता के मायके से उसके द्वारा लिखी एक डायरी बरामद की है। इस डायरी में विनीता ने पति द्वारा की जा रही ज्यादतियों के बारे में लिखा है। अब तक ठाणे रेल पुलिस मामले की जांच कर रही है, मगर अब मामले को ठाणे शहर पुलिस के पास ट्रांसफर किया जाएगा। विनीता के पिता ने मामले के लिखे जिम्मेदार दामाद व उसके मां बाप को गिरफ्तार करने की मांग पुलिस से की है। रेल पुलिस ने भी इन्हीं कारणों से विनीता द्वारा आत्महत्या करने की आशंका जताई है।
Sunday, February 22, 2009
मुंबई में तीन स्टेशनों पर बम रखे जाने की सूचना
अज्ञात व्यक्ति ने मुंबई में तीन स्टेशनों पर बम रखे जाने की सूचना पुलिस को दी है। पुलिस ने एहतियातन दहिसर, बांद्र और बोरिवली स्टेशन को हाई अलर्ट कर दिया है। हमारा सभी मुंबईकरो से आग्रह है कि वे अलर्ट रहें और हमें भी यदि कोई घटना घटती है, तो उसकी सूचना दें
मैट्रो दिल्ली यू एन प्रमाण पत्र पाने वाला पहला भारतीय संगठन, बघाई- श्रीधरन जी को
मैट्रो दिल्ली यू एन प्रमाण पत्र पाने वाला पहला भारतीय संगठन,
Adding yet another feather to its cap, Delhi Metro has become the first rail network in the world to get a UN certificate for preventing over 90,000 tonnes of carbon dioxide from being released into the atmosphere, doing its bit to fight against global warming. The certification report, given by Germany-based validation organisation TUV NORD which conducted an audit on behalf of the UN Framework Convention on Climate Change Change (UNFCCC), found that the DMRC stopped the emission of 90,004 tonnes of carbon dioxide from 2004 to 2007 by adopting regenerative braking systems in the metro trains. "The UN certificate was given to the DMRC for preventing over 90,000 tonnes of carbon dioxide from being released into the atmosphere by deducing its power requirement, thus contributing to the fight against global warming," Delhi Metro spokesperson Anuj Dayal said today. Under regenerative braking process for which DMRC earned carbon credits, whenever trains on the Metro network apply brakes, three phase-traction motors installed on them act as generators to produce electrical energy which goes back into the Over head Electricity (OHE) lines. The regenerated energy that is supplied back to the OHE is used by other accelerating trains in the same service line, thus saving overall energy in the system as about 30 per cent of electricity requirement is reduced.
नागरकोइल एक्सप्रेस की शनिवार को घटित मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिये
नागरकोइल एक्सप्रेस की शनिवार को घटित मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिये
Passengers of Nagercoil Express had a lucky escape on Saturday afternoon when the train's engine was damaged by equipment left behind on the track by labourers. Central Railway (CR) spokesperson A K Singh ruled out sabotage and said an inquiry had been ordered into the incident. Around 12.40 pm, as the Nagercoil Express neared Kurla, the wheels of the engine got caught in tools and equipment. According to Singh, labourers working on the tracks seemed to have been taken by surprise by the approaching train and fled leaving their equipment, including iron rods, behind. "The locomotive engine was damaged and the train ground to a halt,'' he added. The engine was detached from the coaches and the train finally left Kurla two hours later, pulled by a new engine. "There was no casualty,'' Singh said, adding that other train services were not affected. "The incident occurred on the down fast lane and so we diverted other trains to the slow lane.''
वाह लालू जी, रेल मत्री या पटना मंत्री
दानापुर से चलेंगी १३० घंटे प्रति किलोमीटर रफ्तार की ट्रेनें, वाह लालू जी, रेल मत्री या पटना मंत्री
The railways have completed massive track strengthening and its renewal work on the mainline section of Danapur division of East Central Railway (ECR). Though the speed limit of trains, including mail, express and super fast ones, was raised up to 110 kmph recently, the railways intend to raise it up to 130 kmph by the end of this year on the Mughalsarai-Jhajha route of the division, said Danapur DRM B D Garg. According to Garg, the division is fully prepared to run passenger trains at 130 kmph soon after completing ballasting work on tracks and approval from the commissioner of railway safety (CRS). Thus, the entire section from Jhajha to Mughalsarai will become a faster corridor to run passenger trains at 130 kmph, Garg said. The railways had recently carried out track renewal work on the Mughalsarai-Jhajha section replacing the old ones with heavier tracks (weighing 60 kgs per metre). It has been completed as the mainline section of the division has been declared `Rajdhani Route' by the Railway Board. Several pairs of Rajdhani Express trains are running on the Mughalsarai-Jhajha route. The booked speed limit of the Rajdhani Express train is 130 kmph. However, the Rajdhani Express has of late been running at 110 kmph between Jhajha and Mughalsarai, sources said, adding Sampoorna Kranti Express and Garib Rath are two other fast trains running on this route. The DRM said an increase in the speed limit up to 130 kmph is likely to reduce the journey time on Patna-Delhi and Patna-Howarh routes. Besides, it will help the railways clear huge traffic rush quickly on the Jhajha-Mughalsarai route. The division is at present coping with the operational needs of about 120 pairs of passenger trains. Keeping this in mind, an increase in the speed limit up to 130 kmph will prove to be a boon both for the division and passengers, he said. Since the railways have already increased the speed limit up to 130 kmph from Mughalsarai onwards to Delhi, it has become imperative to maintain a uniform speed limit of 130 kmph right from Howrah to Delhi on the mainline route for the fast running of passenger trains, sources said. Meanwhile, the division has increased the speed limit up to 100 kmph on the Kiul-Gaya, Patna-Gaya, Bakhtiarpur-Rajgir sections of the division. The speed limit of the loop lines has been also increased from 15 kmph to 30 kmph, the DRM said.
Thursday, February 19, 2009
दिल्ली का आनंद विहार रेल स्टेशन का लक्ष्य अब मार्च २००९ तक
दिल्ली का आनंद विहार रेल स्टेशन का लक्ष्य अब मार्च २००९ तक
रेल राज्यमंत्री आर. वेलु ने गुरुवार को लोकसभा में बताया कि आनंद विहार रेल टर्मिनल को पूरा करने की नई तारीख सरकार ने मार्च 2009 तय की है। इससे पहले इसे सितंबर 2008 तक पूरा करने की योजना थी। हालांकि स्टेशन की बिल्डिंग लगभग तैयार हो चुकी है, लेकिन कुछ बाधाएं हैं। ऐसे में अब भी डेडलाइन मिस होने की नौबत आई तो हो सकता है कि किसी प्लैटफॉर्म से कुछ ट्रेनें चालू कर दी जाएं। इस स्टेशन को साहिबाबाद से जोड़ने वाली रेल लाइन रोड नंबर 56 पर बने फ्लाईओवर के नीचे से जानी है। फ्लाईओवर के नीचे पहले से तैयार कंक्रीट के बॉक्स को पुश करके फिट किया जाना है। रेलवे के तकनीकी जानकारों का कहना है कि यह काम बेहद जटिल है और इसमें जल्दबाजी नहीं की जा सकती। फ्लाईओवर के ऊपर ट्रैफिक रोकना मुश्किल है। रेलवे इंजीनियरों का मानना है कि मार्च से पहले काम पूरा होने की संभावना नहीं दिख रही है। स्टेशन की एंट्री का रास्ता भी तैयार नहीं हो सका है।
इस एंट्री पाइंट पर पेड़ लगे हुए हैं, जिन्हें काटने के लिए रेलवे ने लगभग डेढ़ साल पहले दिल्ली सरकार के वन विभाग से अनुमति मांगी थी। लेकिन विभाग ने यह अनुमति नहीं दी। बाद में चीफ सेक्रेटरी राकेश मेहता के दखल से विभाग राजी तो हो गया है लेकिन इस बारे में अभी औपचारिक अनुमति नहीं दी गई है। रेलवे इंजीनियरों का कहना है कि अगर बॉक्स पुशिंग में अड़चन नहीं आई तो स्टेशन के बाहर निकलने के रास्ते को ही दोतरफा बनाकर इस टर्मिनल को चालू किया जा सकता है। लेकिन इससे न सिर्फ स्टेशन में प्रवेश और निकलने में दिक्कत हो सकती है बल्कि रोड नंबर 56 पर ट्रैफिक बड़ी समस्या बन सकता है। स्टेशन चालू होने पर रोजाना यहां 50 हजार से ज्यादा लोग आना शुरू कर देंगे। एंट्री पॉइंट का काम पूरा होने में कम से कम चार महीने का वक्त लग सकता है। तीन प्लैटफॉर्म वाले आनंद विहार रेल टमिर्नल के फेज एक का कार्य करने के लिए रेल मंत्रालय ने 2003-04 के बजट में लगभग 85 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की थी, लेकिन इस टर्मिनल का कार्य 2005 में शुरू किया जा सका। तब से इस रेल टर्मिनल का कार्य तो चलता रहा है लेकिन इससे जुड़े कुछ कार्यों में अड़चनें आती रही हैं।
वाह रे मुंबई की लोकल, कभी हाँ कभी ना
बुधवार की सुबह 10.30 बजे सीएसटी स्टेशन पर उस समय यात्रियों में डर पैदा हो गया जब लोकल ट्रेन के तीन डिब्बे इससे अलग हो गए। घटना सुबह 10.30 बजे की है जब कसारा जाने वाली लोकल जैसे ही प्लेटफार्म नं. 6 से आगे बढ़ी तो उसके पीछे के तीन डिब्बे वहीं छूट गई। ट्रेन को तुरंत रोक लिया गया और बाद में एक-एक करके दोनों हिस्से को मरम्मत के लिए बाहर ले जाया गया। मध्य रेल के मुख्य प्रवक्ता श्रीनिवास मुडगेरिकर ने बताया कि पहली दफा यह घटना डी-कपलिंग की नहीं लगती है और ज्यादा संभावना है कि इसमें उपयुक्त सामानों में ही कहीं कोई खराबी हो गई हो। उन्होंने बताया कि सेफ्टी कमिश्नर को घटना की जांच का आदेश दे दिया गया है। हालांकि इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ मगर इसका असर यह रहा कि इससे गाड़ियों के आवागमन पर 15-20 मिनट की देरी दर्ज की गई। स्टेशन पर लोकल की गाड़ियों के दो हिस्से हो जाने की यह पहली घटना है। इससे पहले 31 अगस्त को शहाड और आंबिवली स्टेशन के बीच ऐसी घटना हुई थी जब नई ट्रेन के चार बोगी इसके बाकी हिस्से से अलग हो गए थे।
मैट्रो के काम के कारण मुंबई के रास्ते जाम
Tuesday, February 17, 2009
केवल रेल क्लेम पाने के लिए किया नाटक, वाह रे लालू क्या, क्या होगा तेरे राज में
Saturday, February 14, 2009
मरती जनता है, लालू तो मस्त है
अंतरिम रेल बजट पेश करते हुए रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने दावा किया था कि उनके कार्यकाल में दुर्घटनाओं में काफी कमी आई है। लेकिन उनके दावों की पोल 12 घंटे के भीतर हुई दो रेल दुर्घटनाओं ने खोल दी है। मोतिहारी के पास शनिवार सुबह एक इंजन गोरखपुर-मुजफ्फरपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन से टकरा गया। इस हादसे में लगभग 15 लोग घायल हो गए। इससे पहले चेन्नै से हावड़ा जा रही कोरमंडल एक्सप्रेस के 13 डिब्बे शुक्रवार की रात उड़ीसा के जाजपुर में पटरी से उतर गए थे। इसमें 16 यात्रियों की मौत हो गई है और 161 घायल हो गए हैं। इसके 12 घंटे से भी कम समय में मोतिहारी के पास एक और दुर्घटना हो गई। सुगौती स्टेशन के पास हुए इस हादसे में घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। मामले के उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
चलती गाडी से फैंका, पश्चिम रेल के महाप्रबंधक जिम्मेवारी तय करें
चलती गाडी से फैंका, पश्चिम रेल के महाप्रबंधक जिम्मेवारी तय करें
भरूच रेलवे स्टेशन के पास दो युवकों को चलती ट्रेन से फेंक दिया गया, जिससे एक की मौत
हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। रेलवे सुरक्षा बल के अफसरों ने बताया कि महाराष्ट्र के जलगांव तालुका के रहने वाले शंकर कोली (24) को ओखा पुरी एक्सप्रेस की जनरल बोगी में सीटों को लेकर हुए बहस के बाद चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया। उन्होंने बताया कि शंकर की मौके पर ही मौत हो गई, जब कि एक दूसरे अज्ञात युवक को गंभीर चोट आई है। पुलिसकर्मियों ने बताया कि घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गोधरा काण्ड के आरोपियों पर पोटा नहीं
गोधरा काण्ड के आरोपियों पर पोटा नामुमकिन, लालू खुश
गुजरात हाई कोर्ट ने सेंट्रल पोटा रिव्यू कमिशन(सीपीआरसी)की सिफारिश को चुनौती देने वाली एक याचिका खारिज कर दी। इस सिफारिश में गोधरा ट्रेन जनसंहार केस में अभियुक्तों के खिलाफ पोटा के तहत आरोप हटाने को कहा गया है। इस फैसले के बाद गोधरा ट्रेन आगजनी कांड में करीब 134 अभियुक्तों का ट्रायल पुराने पोटा कानून के तहत नहीं होगा। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस भगवती प्रसाद और बंकिम मेहता की हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने गोधरा केस संबंधित सभी कार्यवाहियों पर स्टे को आगे बढ़ा दिया। इनमें पोटा कोर्ट से केस को सेशन कोर्ट में ट्रांसफर का मामला भी शामिल है। बेंच ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के लिए याचिकाकर्ता को दो हफ्ते का वक्त दिया। कोर्ट ने इस मामले में सरदारजी मगनजी वाघेला की याचिका खारिज करते हुए सीपीआरसी की सिफारिशों को उचित बताया। सीपीआरसी ने कहा था कि इस मामले में आतंकवाद निरोधक कानून लागू नहीं होता। इसके बावजूद राज्य सरकार अब तक गोधरा ट्रेन जनसंहार के अभियुक्तों को पोटा के तहत आरोपी मान रही थी।
वाह रे लालू, वाहवाही लूटी और रेल पटरी से उतरी
जाजपुर रोड (उड़ीसा) ।। भुवनेश्वर से 100 किलोमीटर दूर जाजपुर रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार शाम हावड़ा-चेन्नै कोरोमंडल सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने के मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पूर्व तटीय रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी जे. पी. मिश्रा ने बताया कि दुर्घटना का कारण पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त और अन्य वरिष्ठ द्वारा किए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि रेल राज्य मंत्री आर. वेलू, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एस. एस. खुराना और बोर्ड के अन्य सदस्य दुर्घटनास्थल का दौरा करेंगे। हावड़ा से चेन्नै जा रही कोरोमंडल एक्सप्रेस के 13 डिब्बे पटरी बदलते समय उतर गए जिससे 16 यात्रियों की मौत हो गई जबकि 161 यात्री घायल हैं। पूर्वी तटीय रेलवे के जीएम अजय कुमार गोयल ने यात्रियों के हताहत होने की पुष्टि करते हुये बताया कि कल शाम तेज गति से जा रही एक्सप्रेस ट्रेन जाजपुर रोड रेलवे स्टेशन पार करने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। उसका इंजन और 13 डिब्बे पटरी से उतर गए। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद गोयल ने पीटीआई को बताया कि पटरी से उतरने वाले 13 डिब्बों में 11स्लीपर और दो सामान्य श्रेणी के हैं। उड़ीसा के पुलिस महानिदेशक मनमोहन प्रहाराज ने बताया कि यह दुर्घटना शुक्रवार शाम लगभग आठ बजे उस वक्त हुई जब ट्रेन स्टेशन के बाहर पटरी बदल रही थी। ट्रेन में सवार यात्रियों ने बताया कि दुर्घटना से पहले उन्होंने कई तेज झटके महसूस किए जिससे लगता है कि चालक ने ब्रेक लगाने की कोशिश की थी। न्यूज़ एजंसी पीटीआई के मुताबिक घटनास्थल पर देखा गया कि डिब्बों के पहिये और स्प्रिंग घटनास्थल से 200 से 300 मीटर की दूरी पर हैं। इन 13 डिब्बों में से एक डिब्बा दूसरे डिब्बे पर चढ़ गया है। पुलिस अधीक्षक (रेलवे) नीरज स्वेन ने बताया कि दुर्घटना शुक्रवार शाम साढ़े सात बजे से सात बजकर चालीस मिनट के बीच हुई। यह दुर्घटना उस दिन हुई है जिस दिन रेल मंत्री लालू प्रसाद ने अपने रेल बजट में रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और ट्रेन हादसों में कमी होने के रेकॉर्ड पर जोर दिया। प्रसाद ने कहा है कि दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने दुर्घटना में मारे गए हर एक यात्री के आश्रित को पांच लाख रुपये और नौकरी,गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये और मामूली रूप से घायलों को 10,000 रुपये देने की घोषणा की है। रेलवे के अधिकारियों ने कहा है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि कुछ घायल यात्री गंभीर हालत में हैं। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि घायलों को यहां के अस्पताल और घटनास्थल से 60 किलोमीटर दूर कटक के एससीबी मेडिकल कॉलिज अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।
Monday, February 9, 2009
मुंबई उपनगरीय गाडियों में नवीनीकृत ई एम यू रेकों का आगमन और बढेगा
मुंबई उपनगरीय गाडियों में नवीनीकृत ई एम यू रेकों का आगमन और बढेगा, और इससे मुंबई के रेल उपयोगकर्ताओं को होगा लाभ
The Integral Coach Factory (ICF), Chennai, formally commenced supply of electrical multiple unit trains (EMU) with air-conditioned driver's cab and forced passenger ventilation system, to Mumbai suburban railway, on Monday. Union minister of state for railways R Velu flagged off the trains, which have been fitted with a regenerative braking system that saves power by 30% for the operator. ICF has been the sole supplier of dual voltage EMUs for the transition of Mumbai's suburban rail system from 1500 V DC to 25 KV AC power. Its forced passenger ventilation systems, which pump in 16000 cubic metres of fresh air every hour, are expected provide relief in peak hours when the coaches with capacity for 100 passengers carry 600. The company, which has a turnout rate of one coach per week, is committed to supplying 177 9-car rakes in phase I. Of this, 101 rakes would be purchased on world bank funding, and the rest by railway funding. "At the completion of phase I, Mumbai suburban railway would save 20 crore units of power and Rs.90 crore annually, by using our power saving braking systems," said an ICF spokesperson. These coaches are also eligible for Rs.12 crore worth of carbon credits annually, for which applications have been sent to the United Nations convention for climate change. Energy Conservation Consciousness (ECC) Campaign is a step towards better Energy Habits. We can avoid wastages in work area by implementing effortless energy conservation tips to create a more sustainable and greener organization.
Saturday, February 7, 2009
गोली चलाने वाला तो चला गया गोली, जिम्मेदारी किसकी
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी) में शनिवार तड़के एक 19 साल के युवक ने देशी रिवॉल्वर से एक पुलिसकर्मी पर गोली चलाई। जीआरपी अधिकारी ने बताया कि इस गोलीबारी में कोई घायल नहीं हुआ। गोली चलाने वाला दादर में अम्बेडकर नगर की झुग्गी बस्ती का रहने वाला राजू तोमर था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। जीआरपी के असिस्टंट पुलिस कमिश्नर बापू थोम्ब्रे ने बताया- रात के डेढ़ बजे रूटीन चैकिंग के दौरान जब सीएसटी में पुलिस ने भागने की कोशिश कर रहे एक युवक को पकड़ने की कोशिश की तो उसने गोली चला दी। उन्होंने बताया कि युवक विरोधाभासी बयान दे रहा है कि क्यों वह रिवॉल्वर लेकर घूम रहा था। उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच चल रही है। घटना के बाद टर्मिनस की सुरक्षा बढा दी गई है।
Thursday, February 5, 2009
लालू राज में सबकुछ संभव, हो सकता है
लालू राज में सबकुछ संभव, हो सकता है ट्रेन अब बिना चालक ही चले, यात्रियों की सुरक्षा अब प्रश्नचिन्ह
नई दिल्ली से रांची के बीच चलने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस बुधवार को एक अनॉथराइज़्ड शख्स के हवाले थी। बुधवार शाम को नई दिल्ली से एक अनॉथराइज़्ड ड्राइवर इस ट्रेन को कानपुर तक ले गया। ख़बरों के मुताबिक इस ड्राइवर के पास ट्रेन को चलाने के लिए रेलवे की ओर से जारी होने वाला बुकिंग लेटर नहीं था। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर पहुचंते ही रामस्वरूप नाम के इस ड्राइवर को हिरासत में ले लिया गया है और रेलवे पुलिस इससे पूछताछ कर रही है। रात करीब सवा दस बजे यह ट्रेन कानपुर पहुंची थी। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के पीआरओ से जब इस लापरवाही के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि वह कोई बाहरी शख्स नहीं था बल्कि रेलवे का ही ड्राइवर था। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और अभी पक्के तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। इस बाबत यह भी जानकारी मिली है कि रेल ड्राइवरों के झगड़े के चलते ट्रेन कौन ले जाएगा, इस पर विवाद हुआ और जिस ड्राइवर को यह ट्रेन लेकर जाना था, वह नई दिल्ली में ही रह गया। सूत्रों के हवाले से यह अपुष्ट जानकारी भी मिल रही है कि ट्रेन को चलाने के लिए जरूरी बुकिंग लेटर ड्राइवरों की दो टीम को दे दिया गया जो कि गंभीर लापरवाही का मामला है। हालांकि, कानपुर सेंट्रल में ट्रेन को रोककर अनॉथराइज़्ड ड्राइवर को पकड़कर उससे पूछताछ की गई है और शुरुआती तौर पर यह ड्राइवरों के आपसी झगड़े का मामला दिख रहा है। हालांकि, रेलवे की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सोनिया 10 फरवरी को रोहताश जिले में ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण कार्य की आधारशिला रखेंगी।
Wednesday, February 4, 2009
यात्रियों का गुस्सा कुछ भी काण्ड कर सकता है और इसकी जिम्मेवारी रेल अधिकारियों की होगी ,
मुंबई के बोरिवली स्टेशन पर यात्रियों के उत्पात के चलते वेस्टर्न लाइन साढ़े चार घंटे बाधित रहने के बाद सामान्य हो गया है। बोरिवली स्टेशन पर पुलिस को हल्का लाठी चार्ज करना पड़ा। बोरिवली स्टेशन से दो ट्रेनें रवाना की गई हैं। रेल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक उम्मीद की जा रही है कि कुछ ही घंटों में हालात बिल्कुल सामान्य हो जाएंगे। बताया जा रहा है कि सुबह 9.10 मिनट की ट्रेन रद्द किए जाने के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने रेल की पटरी पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों के प्रदर्शन के चलते रेलवे प्रशासन ने वेस्टर्न लाइन पर ट्रेनें रोक दी गई थीं। वेस्टर्न लाइन पर यातायात रुकने की वजह से इस रूट पर यात्री जहां-तहां फंसे हुए थे। लाखों की संख्या में लोग अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाए। गौरतलब है कि मुसाफिरों की तादाद को देखते हुए विरार और बोरिवली के बीच लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाई गई है। ट्रेनों को संख्या बढ़ाने से नए प्लैटफॉर्म की जरूरत पड़ी। बोरिवली स्टेशन पर नई लोकल ट्रेनें प्लैटफ़ॉर्म 7-8 पर लगती हैं, जो प्लैटफॉर्म नंबर एक करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है। इसके चलते सामान वगैरह लेकर चलने वाले डेली पैसिजर्स को 7-8 नंबर प्लैटफॉर्म तक पहुंचने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इस वजह से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार को ट्रेनें रद्द होने की घटना में लोगों के गुस्से को हवा दे दी और लोग भड़क गए। पुलिस बल की कमी के चलते लोगों को काबू करना मुश्किल हो रहा था। लोकल ट्रेन को मुंबई की लाइफलाइन भी कहा जाता है। यहां मुख्य रूप से दो लाइनें हैं, सेंट्रल और वेस्टर्न। मुंबई में सड़क यातायात के मुकाबले रेल यातायात का उपयोग करने वालों की संख्या काफी ज्यादा है। इसी वजह से किसी भी लाइन पर यातायात बाधित होने से लोगों को काफी परेशानी होती है।
Tuesday, February 3, 2009
लालू से उम्मीद करना है बेकार, अब तो सावधान होना चाहिये
अपने मजाकिया लहजे के लिए मशहूर लालू यादव हड़ताली कामगारों पर पटना में जमकर बरसे। कॉन्ट्रेक्ट पर काम करने वाले ये कामगार आरजेडी के मुख्यालय पर सहायता की उम्मीद में गए थे। इन लोगों को भगाते हुए लालू ने कहा, ' यहां से चले क्यों नहीं जाते? यह क्या मुख्यमंत्री की कोठी है? गांव जाओ और विरोध करो। मर भी जाओगे तो कोई नहीं सुनेगा। मैं तुम्हारे लिए क्या कर सकता हूं? तुम्हें भगाऊं यहां से? ' दरअसल, ये हड़ताली कामगार नरेगा के तहत अपनी खोए हुए रोजगार वापस लेने की मांग कर रहे थे।
आरपीएफ के चुनिंदा अफसरों को ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजेंगे, लालू
मुंबई हमले के बाद रेल मंत्री लालू यादव को अब रेलवे सुरक्षा की याद आई है। उनका मानना है कि आंतरिक सुरक्षा के बदले हालात के मद्देनजर रेलवे प्रटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) को मजबूत किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम आरपीएफ के चुनिंदा अफसरों को ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजेंगे। उन्होंने आरपीएफ में 22 हजार भर्तियां करने का भी ऐलान किया। शनिवार को आरपीएफ की परेड को संबोधित करते हुए रेलमंत्री ने कहा कि इसका मकसद यह है कि हमारे अफसर अन्य देशों में रेलवे सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को जान सकें और वहां की रेलवे सुरक्षा प्रणाली को समझ सकें। अब तक आरपीएफ को आधुनिक हथियार दिलाने में नाकाम रहे रेलमंत्री ने यह भी घोषणा की आरपीएफ कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने के लिए एक स्पेशल ट्रेनिंग अकादमी खोली जाएगी। इस अकादमी में आरपीएफ के लोगों को आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वह आधुनिक चुनौतियों का सामना कर सकें। लालू ने यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर सहित सभी रेलवे जोन में आरपीएफ को अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण और वाहन दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत को देखते हुए तीन नई आरपीएफ बटालियन गठित करने का प्रस्ताव है। साथ ही आरपीएफ में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सभी रेलवे जोन में करीब 22 हजार नए पद बनाए जाएंगे। इसके अलावा नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रीजन के लिए आरपीएफ की दो कंपनियां गठित की जाएंगी।
Sunday, February 1, 2009
क्योकि लालू गोपालगंज के रहने वाले है, तोहफा तो मिलना ही चाहिये ।
क्योकि लालू गोपालगंज के रहने वाले है, तोहफा तो मिलना ही चाहिये ।
रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव अगले लोकसभा चुनावों के पहले बिहार के गोपालगंज को रेलवे डिवीजन के रूप में तोहफा देने जा रहे हैं। लालू गोपालगंज के ही रहने वाले हैं। अपने पुरखों के गांव फुलवरिया को पत्नी राबड़ी देवी के गांव सलार कलां से जोड़ने के बाद अब लालू की योजना बिहार को एक और दुर्लभ तोहफा देने की है। वह गोपालगंज के थावे में एक रेलवे डिवीजन की स्थापना की घोषणा करने वाले हैं। अपने गांव फुलवरिया की यात्रा के दौरान लालू ने कहा, ' थावे नया रेलवे डिवीजन बन सकता है। ' उन्होंने संकेत दिया कि इस महीने के अंत में पेश होने वाले रेल बजट मे वह इसकी स्थापना की घोषणा कर सकते हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार लालू ने सीनियर अधिकारियों से थावे में रेलवे डिवीजन के निर्माण की तैयारियां शुरू करने को कहा है। वर्तमान में थावे रेलवे स्टेशन है और यह लालू और उनकी पत्नी के जन्मस्थानों फुलवरिया और सलार कलां से अधिक दूर नहीं है। थावे डिवीजन पूर्व-मध्य रेलवे जोन का एक हिस्सा होगा, जिसका मुख्यालय हाजीपुर में है। लालू ने भागलपुर में भी एक रेलवे डिवीजन की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा, ' थावे और भागलपुर दोनों की अध्यक्षता डिविजनल रेलवे मैनेजर करेंगे।
लंबी दूरी की ट्रेनों से एक्स्ट्रा बर्थ वाले कोचों को हटा दिया जाएगा
जनता की मांग को मानते हुए रेल मंत्रालय लंबी दूरी की ट्रेनों के उन नए कोचों को बदलने के लिए
तैयार हो गया है जिनमें साइड में एक्स्ट्रा बर्थ लगाई गई थी। रेलवे मंत्रालय के एक सीनियर अफसर ने कहा, ' लंबी दूरी की ट्रेनों से एक्स्ट्रा बर्थ वाले कोचों को हटा दिया जाएगा, क्योंकि दिन के समय यात्रियों को इससे असुविधा होती है। इन कोचों का इस्तेमाल सिर्फ लखनऊ एक्सप्रेस और भोपाल एक्सप्रेस सरीखी ट्रेनों में होगा, जो रात में सफर पूरा कर लेती हैं। फिलहाल रेलवे के पास अधिक बर्थ क्षमता वाले 5 हजार से अधिक कोच हैं, जिनमें साइड में एक्स्ट्रा सीट जोड़ी गई है। ' गौरतलब है कि रेलवे के पास लंबी दूरी की ट्रेनों में साइड एक्स्ट्रा बर्थ वाले डिब्बों को लेकर काफी शिकायतें आईं हैं। ज्यादातर यात्रियों का कहना है कि अधिक क्षमता वाले डिब्बों में बैठने की जगह कम हो जाने के कारण दिक्कतें बढ़ी हैं।