Tuesday, June 30, 2009

रेल मंत्री ममता बनर्जी ने रेल मंत्रालय के अधिकारियों के विदेश दौरों पर बंदिशें लगा दी

रेल मंत्री ममता बनर्जी ने रेल मंत्रालय के अधिकारियों के विदेश दौरों पर बंदिशें लगा दी हैं। कोलकाता में एक समारोह में शामिल होने के बाद ममता ने कहा कि अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर रोक लगाना तो संभव नहीं है क्योंकि नई तकनीकों से परिचित होना जरूरी है लेकिन हम अन्य मकसदों के लिए की जाने वाली यात्राएं कम करने की कोशिश करेंगे। इस कटौती से जो रकम बचेगी, उसे यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने में लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि ट्रेनें सही वक्त पर चलें। इस काम में हमें 85 फीसदी सफलता मिलने की उम्मीद है।

Sunday, June 28, 2009

करोड़ों रुपयों की लागत से बने ब्रिज की पोल पहली बारिश में ही तब खुल गई

कल्याण स्टेशन पर यात्री सुविधा के लिए करोड़ों रुपयों की लागत से बने ब्रिज की पोल पहली बारिश में ही तब खुल गई, जब अचानक आई बारिश से बचने के लिए यात्री ब्रिज की छत के नीचे भी भीगने से नहीं बच पाए। यह ब्रिज कल्याण स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 7 तक जुड़ता है। 8 मार्च को ही सेंट्रल रेलवे के जी.एम. बी. बी. मोदगिल ने इसका उद्घाटन किया था। बता दें कि पुल की सीढ़ियों पर डाली गयी शेड में गैप होने के कारण सीढ़ियों पर पानी का गिरना बदस्तूर जारी है। कहीं-कहीं तो इस तरह से पानी गिरता है जैसे पाइप से पानी गिर रहा हो। प्लास्टिक की छत से जहां-तहां पानी का लीकेज है। पुल पर अभी भी काफी जगह गैप छूटा हुआ है। टाइलों के टूटने का सिलसिला नए पुल पर भी शुरू हो गया है। स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नबर ए-1 तथा 4-5 पर सीएसटी ऐंड की ओर पुराने ब्रिज पर महीनों से लाइट गुल है, जिस कारण कई बार गिर पड़ते हैं।

दिल्ली मेट्रो का नया होटल काफी राहत देगा।

गेम्स के दौरान होने वाली होटलों की कमी को लेकर दिल्ली सरकार पहले ही चिंतित है। चूंकि गेम्स से पहले बहुत कम नए होटल तैयार हो पाए हैं इसलिए सरकार को विदेशी टूरिस्टों को ठहराने के लिए बेड ऐंड ब्रेकफॉस्ट के अलावा यमुना किनारे टेंट लगाने जैसी योजनाएं बनानी पड़ी हैं। ऐसे में दिल्ली मेट्रो का नया होटल काफी राहत देगा। इसे द्वारका में सेक्टर 21 में निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन के समीप बनाया जाना है। योजना के मुताबिक, इस होटल में छह ब्लॉक बनाए जाने हैं लेकिन गेम्स से पहले यानी अगले साल अक्टूबर तक इस होटल के तीन ब्लॉक तैयार हो पाएंगे। इन तीन ब्लॉकों में दो सौ कमरे और कन्वेंशन हॉल, मीटिंग रूम आदि होंगे। दिल्ली मेट्रो के सूत्रों का कहना है कि अब वक्त काफी कम रह गया है इसलिए इस होटल को बनाने में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे एक साथ ऊपर और जमीन के नीचे निर्माण चालू किया जा सके। इस तकनीक के तहत पहले ग्राउंड फ्लोर का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद इस ग्राउंड फ्लोर के ऊपर और बेसमंट का निर्माण एक साथ किया जा सकेगा। इस तरह ऊपर और नीचे निर्माण कार्य चलता रहेगा। इस तरह कम वक्त में ही यह होटल तैयार किया जा सकेगा। निर्माण कार्य का जिम्मा नामी कंपनी एल ऐंड टी को दिया गया है। दिल्ली मेट्रो ने इस होटल को बनाने के लिए आईएचसी को 3 हेक्टेयर जमीन का यह प्लॉट मुहैया कराया है। चूंकि यहां एफएआर (फ्लोर एरिया रेश्यो) 1.5 रेश्यो के आधार पर है इसलिए कुल मिलाकर होटल के लिए लगभग साढ़े चार हेक्टेयर फ्लोर एरिया के बराबर जगह उपलब्ध होगी। हालांकि मेट्रो ने खुलासा नहीं किया है कि होटल के लिए हुए इस अग्रीमेंट में मेट्रो को कितनी राशि दी गई है लेकिन सूत्रों का कहना है कि होटल के निर्माण का खर्च तो आईएचसी उठाएगी। जब यह होटल शुरू हो जाएगा, उसके बाद भी मेट्रो को नियमित रूप से कुछ राशि मिलती रहेगी। मेट्रो का यह भी कहना है कि गेम्स के बाद इस होटल के तीन और ब्लॉक बनाए जाएंगे यानी लगभग दो सौ कमरे और तैयार होंगे। द्वारका के इस होटल का निर्माण इस नजरिए से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जगह दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से महज दो से ढाई किलोमीटर दूर है। चूंकि होटल से सटा हुआ ही मेट्रो स्टेशन होगा इसलिए टूरिस्टों को यहां से किसी भी जगह जाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। दिल्ली मेट्रो की एक्सप्रेस मेट्रो रेल लाइन भी सेक्टर 21 तक पहुंचनी है और यहीं से आगे द्वारका होते हुए इंद्रप्रस्थ व नोएडा तक की मेट्रो रेल लाइन भी जुड़नी है। ऐसे में न सिर्फ कॉमनवेल्थ गेम्स बल्कि बाद में भी उन विदेशी टूरिस्टों के लिए यह होटल पसंदीदा स्पॉट बन सकता है, जो एयरपोर्ट के समीप ही रुकना चाहते हों। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि बेहद कम वक्त में होटल बनाने का चुनौतीपूर्ण कार्य करने वाली दिल्ली मेट्रो को अभी कई स्थानीय विभागों की ना-नुकर का सामना करना पड़ रहा है। यही वजह है कि मेट्रो ने तय वक्त पर होटल बनाने के लिए यह शर्त भी रखी है कि अगर इन विभागों ने अगर अपनी मंजूरी देने में अड़चन नहीं लगाई तो ही यह होटल गेम्स से पहले तैयार हो सकता है। इन विभागों में दिल्ली अर्बन आर्ट्स कमिशन, दिल्ली सरकार का पर्यावरण विभाग आदि शामिल हैं।

Tuesday, June 23, 2009

फिर टल गया मेट्रो का ट्रायल

अक्षरधाम मंदिर से नोएडा तक होने वाला मेट्रो का ट्रायल फिर टल गया है। इस बार कारण एमडी श्रीधरन का दिल्ली से बाहर होना बताया जा रहा है। डीएमआरसी ने यह भी बताया है कि जब तक सेक्टर- 32 तक पूरा टैक बनकर तैयार नहीं होगा तब तक मेट्रो का ट्रायल शायद ही शुरू हो पाए। डीएमआरसी के सूत्रों ने बताया कि पहले मई में ट्रायल होना था। इसे बढ़ाकर 1 जून किया गया। इस बीच यूपी में बिजली की दरों को लेकर पश्चिमांचल और डीएमआरसी के बीच मीटिंग हुई। इसमें फिलहाल रेलवे के टैरिफ पर बिजली देने पर सहमति बनी। यूपी रेग्युलेटरी अथॉरिटी अभी डीएमआरसी के लिए रेट तय नहीं कर पाई है। इस कारण ट्रायल की डेट फिर आगे बढ़ी। डीएमआरसी ने फिर 15 जून से 15 जुलाई के बीच 1 महीने तक मेट्रो ट्रायल की संभावना जताई। 14 जून से तेज हुई प्रोग्रेस से संभावना बढ़ी कि जल्द ही मेट्रो ट्रायल होगा। पहले अक्षरधाम से न्यू अशोक नगर तक 14 जून को लाइन पर बिजली चार्ज हुई। 21 जून को यह न्यू अशोक नगर से सेक्टर 15 स्टेशन तक चार्ज हो गई। इस बीच यह भी जानकारी आई कि 23 जून को मेट्रो ट्रायल के लिए न्यू अशोक नगर तक पहुंच जाएगी। इसके लिए सभी इंजीनियरों को सूचना भेजी गई थी। दिन में अथॉरिटी अफसर भी यही जानकारी देते रहे कि शाम को शायद मेट्रो कोच आ जाए। इसके बाद डीएमआरसी की प्रवक्ता संध्या ने एनबीटी को बताया कि डीएमआरसी के एमडी श्रीधरन भी यहां नहीं हैं। इसलिए इस पर साफ तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। मेट्रो की फीडर बसों के रेट तय नोएडा में मेट्रो की फीडर बसों के किराए तय कर दिए गए हैं। पॉलिसी के अनुसार नॉन एसी बस अधिकतम 10 रुपये और एसी बसों में मात्र 15 रुपये किराया लगेगा। अथॉरिटी के एसीईओ पी. एन. बाथम ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फीडर बसों के जरिए पब्लिक को भारी राहत मिलेगी। नान एसी बस में 8 किलोमीटर तक 7 रुपये और इससे ज्यादा के लिए 10 रुपये का टिकट होगा। एसी बस में 6 किलोमीटर तक 10 रुपये और ज्यादा दूरी तक 15 रुपये का टिकट तय किया गया है।

Sunday, June 21, 2009

रेलवे ने अपने सभी जोन को 10 रुपये प्रति पैकिट की दर से पूड़ी-सब्जी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

रेलवे स्टेशनों पर कम कीमत में खाने-पीने की चीजें उपलब्ध नहीं होने की शिकायत मिलने पर रेलव ने अपने सभी जोन को 10 रुपये प्रति पैकिट की दर से पूड़ी-सब्जी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। पूड़ी-सब्जी का यह पैकिट जल्द ही स्टेशनों पर मौजूद होगा। इसकी बड़ी खासियत यह होगी कि इसे रसोईघर में साफ-सफाई के साथ पकाया जाएगा, जब कि पहले इसे प्लैटफॉर्म पर ही तैयार किया जाता था। रेल मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि सभी जोन के अफसरों को निर्देश दिया गया है कि वे प्लैटफॉर्म पर 10 रुपये में पूड़ी-सब्जी उपलब्ध कराने के लिए उपायों को लागू करने का काम सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि इस पैकिट 'जनता भोजन' में सात पूरी और आलू की सब्जी के साथ अचार भी मिलेगा। रेल मंत्री ममता बनर्जी द्वारा ट्रेनों और स्टेशनों पर उचित कीमत पर सही भोजन सुनिश्चित कराने के बारे में अधिकारियों को निदेर्श दिए जाने के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। गौरतलब कि स्टेशनों पर बहुराष्ट्रीय







कंपनियों की दुकानें खुलने पर यात्री भोजन नहीं उपलब्ध होने की शिकायत कर रहे हैं। रेलवे ने प्लैटफॉर्म पर सब्जी पकाने की इजाजत नहीं दी है। यह कदम आग लगने के खतरे के मद्देनजर उठाया गया है। अधिकारी ने बताया कि पैंट्री कार और रसोईघरों में नियमित निरीक्षण किया जाएगा। यह काम निर्देशों को सही रूप में लागू करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्लैटफॉर्म पर भोजन उपलब्ध होने की जानकारी देने के लिए साइन बोर्ड लगाने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि सभी यात्री इस सुविधा का लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि इस भोजन के लिए ही विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। रेलवे ने भोजन की क्वॉलिटी सुधारने के साथ ट्रेन के कचरों को निपटाने की पहल भी की है।

Friday, June 19, 2009

नोयडा में मैट्रो रेल तक पहुंचने केलिए बसों के रूट तयकिए गए

मेट्रो की नोएडा के अलग-अलग रूटों पर चलने वाली बसों के लोकल रूट तय कर दिए गए हैं। इन रूटों के पैसिंजर सीधे मेट्रो स्टेशन तक बिना किसी दिक्कत के पहुंच सकते हैं। ये रूट इस तरह से बनाए गए हैं ताकि हर क्षेत्र के लोगों तक फीडर बसों की पहुंच हो सके। ऑथॉरिटी के सूत्रों ने बताया कि कुल 5 रूटों पर 55 बसें चलाई जाएंगी। फीडर बसें मेट्रो चलने के बाद ही शुरू हो पाएंगी। इससे पहले इनके रूट फाइनल करने की तैयारी में इन दिनों डीएमआरसी लगी हुई है।

नोएडा के रूट इस तरह से हैं
(रूट नंबर-1)

गोल्फ कोर्स से एल्डिको सेक्टर 93 तक-
गोल्फ कोर्स-सेक्टर 37- एमिटी फ्लाईओवर- तपस्या कॉल सेंटर- लोटस वैली स्कूल-रायपुर गांव- हाजीपुर गांव- एनएसईजेड क्रॉसिंग- सर्विस रोड सेक्टर 110 -सेक्टर 93 एल्डिको( लंबाई रूट- 11 किलोमीटर, कुल बसें- 11)



(रूट नंबर-2 )
सेक्टर 32 से 112 तक
सेक्टर 32-50-41-49-76-77-116-115 व 112 तक(लंबाई रूट-8 किलोमीटर, कुल बसें-8)

(रूट नंबर-3 )
सिटी सेंटर सेक्टर 32 से विजय नगर पुलिस स्टेशन तक
सिटी सेंटर-सेक्टर 34-52-51-71-70-67-65-69-एनएच 24-विजय नगर पुलिस स्टेशन तक( लंबाई रूट-13 किलोमीटर, कुल बसें- 12)

(रूट नंबर-4 )
सेक्टर 15 से सेक्टर 62 मॉडल टाउन चौकी
सेक्टर 15- हरौला- सेक्टर 5-9-8-10-12 ए ब्लॉक- जवाहर लाल नेहरू युवा केंद सेक्टर 11- सेक्टर 55- 56-रजत विहार-सेक्टर 57-58- मामूरा- सहारा कांप्लेक्स- वाजीदपुर व सेक्टर 62 तक(लंबाई रूट-13 किलोमीटर, कुल बसें-12)

(रूट नंबर-5 )
बोटेनिकल गार्डन से सेक्टर 88 तक
बोटेनिकल गार्डन- सेक्टर 40-46-99-100-105-110-93-82-83-84-87( लंबाई रूट-12 किलोमीटर, कुल बसें-12)

Tuesday, June 16, 2009

ममता ने अपने राज्यमं॑त्रियों को काम दिया

रेल मंत्री ने अपने राज्य मं॑त्रियों को काम का बंटवारा कर दिया है उन्होंने अपने पास जम्मू-कशमीर, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों का काम रखा हैं जबकि ई अहमद को कुछ राज्य जैसे कि बिहार केरल तमिलनाडू छत्तीसगढ असम और झारखंड के मामलों को देखेंगे वही दूसरी ओर श्री के एच मनिअप्पा कर्नाटक आंध्र प्रदेश गुजरात हिमाचल प्रदेश राजस्थान मध्य प्रदेश और हरियाणा के रेल संबंधी कार्य देखेंगे । इसी के साथ श्री ई अहमद राज्य सभा में प्रश्नों के उत्तर आदि केलिए कार्य करेंगे वही श्री मनिअप्पा लोक सभा में ।

Monday, June 15, 2009

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने 35 किलोमीटर लंबी चार और लाइनों को तीसरे फेज में शामिल करने की तैयारी

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने 35 किलोमीटर लंबी चार और लाइनों को तीसरे फेज में शामिल करने की तैयारी कर ली है। इनमें से दो लाइनें तो बिल्कुल नई हैं, जबकि बाकी दो की पहले ही डिटेल प्रॉजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो चुकी है। फेज थ्री के लिए मेट्रो पहले ही 85 किमी की लाइनों का प्रस्ताव दिल्ली सरकार को भेज चुकी है। अगर इन सभी लाइनों को दिल्ली सरकार अपनी मंजूरी दे देती है तो तीसरे फेज में दिल्ली मेट्रो 120 किमी लंबी लाइनों का निर्माण करेगी। सूत्रों का कहना है कि तीसरे फेज के लिए जिन चार और लाइनों को शामिल करने की तैयारी हो रही है, उनमें रिठाला से बरवाला (6 किमी), आश्रम से जसोला (5 किमी), मुंडका से बहादुरगढ़ (10 किमी) और बदरपुर से फरीदाबाद (14 किमी) हैं। बदरपुर से फरीदाबाद लाइन के लिए तो डीपीआर तैयार होने के अलावा निर्माण की तैयारियों से जुड़े बाकी पहलुओं पर भी काम हो चुका है। पहले इस लाइन को दूसरे फेज के बीच में ही शुरू करने की योजना थी, लेकिन दिल्ली सरकार से मंजूरी न मिलने की वजह से अब इसे तीसरे फेज में शामिल किया गया है। हरियाणा के शहरों को जोड़ने के लिए तीसरे फेज में मुंडका-बहादुरगढ़ लाइन को भी तीसरे फेज में रखा गया है। दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि इंदलोक से मुंडका तक की मेट्रो रेल लाइन इसी साल के अंत तक चालू होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक रिठाला से बरवाला लाइन को जोड़ने का मकसद यह है कि रोहिणी से आगे के हिस्सों को भी दिल्ली से सीधे कनेक्ट किया जाए। लाइन को बरवाला तक ले जाने की योजना पहले फेज में ही थी, लेकिन उस वक्त वहां आबादी इतनी नहीं थी कि मेट्रो को पर्याप्त पैसिंजर मिलते। तब इस योजना रद्द करके उसकी जगह बाराखंभा रोड लाइन का इंदप्रस्थ तक विस्तार कर दिया गया था। चौथी लाइन आश्रम से जसोला के बीच बनाई जाएगी। इस लाइन को इस तरह से बनाया जाएगा कि यह बदरपुर लाइन से भी जुड़ जाए। भले ही यह लाइन 5 किमी की होगी लेकिन पूरा इलाका मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे पहले जिन सात लाइनों का प्रस्ताव दिल्ली सरकार को भेजा गया था, उनमें गाजीपुर से धौला कुआं, मुकुंदपुर से शिवाजी पार्क, नोएडा सेक्टर 18 से एनएच-8, अशोक पार्क से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, केंद्रीय सचिवालय से कश्मीरी गेट, शिव विहार से यमुना बैंक और जहांगीरपुरी से बादली लाइन शामिल है। दिल्ली मेट्रो की इच्छा है कि उसे तीसरे फेज की लाइनों के लिए जल्द मंजूरी मिल जाए, ताकि जिस मशीनरी का इस्तेमाल दूसरे फेज के लिए किया जा रहा है, उसी मशीनरी का इस्तेमाल तीसरे फेज की लाइनों के लिए भी किया जा सके। अगर मंजूरी में देरी होती है तो भारी भरकम मशीनरी वापस चली जाएगी। तब मेट्रो को इसी मशीनरी को लाने-ले जाने पर काफी पैसा खर्च करना पड़ेगा, साथ ही निर्माण में भी ज्यादा वक्त लगेगा।

Thursday, June 11, 2009

वरिष्ठ नेता राम नाइक ने रेल मंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर इन पासों को वापस लेने की मांग की

पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को रेलवे से बतौर तोहफा उन्हें फर्स्ट क्लास एसी का आजीवन पास मिला है। इस पास पर वह तीन अन्य सहयोगियों के साथ रेल में सफर कर सकते हैं। इस संबंध में पिछले 19 मई को जारी किया गया आदेश, जिसकी प्रति आईएएनएस के पास है, विवादों में आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस आदेश को चुनौती दी है और उसकी समीक्षा करने की मांग की है। ऐसा नहीं है कि इस आदेश से सिर्फ लालू ही लाभान्वित हुए हैं बल्कि पूर्ववर्ती सरकार में रहे रेल राज्यमंत्रियों को भी इस प्रकार के आजीवन पास मिले हैं लेकिन दोनों में फर्क इतना है कि इनके साथ सिर्फ एक सहयोगी और एक सहायक ही सफर कर सकते हैं। रेलवे बोर्ड के संयुक्त सचिव की ओर से इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है, ''यह मामले रेलवे मंत्रालय के वित्त विभाग के अधीन है। इस संबंध में नियमों में किए गए बदलावों से हमें खुशी है। इस बीच, बीजेपी के वरिष्ठ नेता राम नाइक ने रेल मंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर इन पासों को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने रेलवे बोर्ड के इस फैसले को अनैतिक बताया है। बनर्जी को लिखे पत्र में राम नाइक ने कहा, ''लोकसभा चुनाव के परिणाम 16 मई को आए और 19 मई को रेलवे के महाप्रबंधकों को इस फैसले से अवगत कराया गया।''नाइक ने कहा, ''मेरा मानना है कि खुद को लाभान्वित करने के लिए लोकसभा चुनाव के बाद उठाया गया ऐसा कोई भी कदम अनुचित और अनैतिक है।''उन्होंने कहा, ''मैं आपसे आग्रह करता हूं कि इस निर्णय की समीक्षा करें और जो अतिरिक्त सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं उन्हें वापस लें।

Sunday, June 7, 2009

आग लग जाने के कारण तीन डिब्बे खाक

मथुरा-पटना एक्सप्रेस गाड़ी में रात आग लग जाने के कारण तीन डिब्बे खाक हो गए। हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की आशंका नहीं है। रेलवे सूत्रों के अनुसार यह हादसा रात में करीब नौ बजे हुआ जब ट्रेन को यार्ड से प्लैटफॉर्म पर लाया जा रहा था। उस समय ट्रेन में कोई यात्री नहीं था, लेकिन प्लैटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ जमा थी। उन्होंने बताया कि रेलवे प्रशासन ने शुरू में अपने संसाधनों से ही आग पर काबू पाने का प्रयास किया। आग के कारण शयनयान श्रेणी के तीन कोच खाक हो गए। मंडल रेल प्रबंधक ने हादसे की पूरी जांच कराने की बात कही है।

बम की बात झूठी पाई गई

ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन में शनिवार की शाम जीडीकेएम शटल में बम की अफवाह से अफरातफरी मच गई। आनन फानन में रेलवे पुलिस के जवानों ने स्टेशन परिसर की नाकाबंदी कर दी। स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने पर उसकी चेकिंग की गई। रेलवे पुलिस का कहना है कि इससे पहले निजामुद्दीन स्टेशन पर भी पूरी शटल की चेकिंग की गई थी। बम की बात झूठी पाई गई है। इस सिलसिले में एक युवक को हिरासत में लिया गया है, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। गाजियाबाद से मथुरा जाने वाली जीडीकेएम ईएमयू में शनिवार शाम किसी ने बम की अफवाह उड़ा दी। दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम को मिली सूचना के बाद निजामुद्दीन स्टेशन पर शटल को रोक लिया गया। यहां करीब 40 मिनट की उसकी चेकिंग की गई, लेकिन बम नहीं मिला। इसके बाद शटल को रवाना कर दिया गया। इस बीच बम की खबर ओल्ड रेलवे स्टेशन पर भी पहुंच गई। करीब सात बजे ट्रेन यहां पहुंची। पुलिसकर्मियों ने उसकी दोबारा चेकिंग की करीब 15 मिनट बाद ट्रेन के यहां से आगे के लिए रवाना कर दिया गया।

Wednesday, June 3, 2009

हार्वर लाइन पर होंगी १२ डिब्बे वाली गाडियां

हार्बर लाइन पर बढ़ते यात्रियों के बोझ और नवी मुम्बई में लोकल ट्रेनों के ऑपरेशन की संभावनाओं के मद्देनजर राज्य सरकार ने इस रूट पर 12 डिब्बों की लोकल चलाने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है और इसकी संभाव्यता रिपोर्ट (फिजीबिलिटी रिपोर्ट)का आकलन करने के लिए फौरन 1 करोड़ रुपए भी सैंक्शन कर दिया है। फिलहाल इसका पता लगाने के लिए मुम्बई रेल विकास कारपोरेशन (एमआरवीसी) ने इसका अध्ययन कर रही है और जैसे ही यह पूरा हो जाता है, रेलवे बोर्ड के पास इसे अप्रूवल के लिए भेज दिया जाएगा। यही नहीं, सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे के स्टेशनों पर 100-100 एटीवीएम लगाने के खर्च को वहन करने की मां.ग को भी राज्य सरकार ने मंजूर कर लिया है। राज्य सरकार के फैसले पर खुशी का इजहार करते हुए एमआरवीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. पी. सी. सहगल ने बताया कि अब जबकि राज्य सरकार ने इस बहुप्रतीक्षित प्रॉजेक्ट को हरी झंडी दिखाते हुए काम आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है, तो हमें पूरी उम्मीद है कि साल 2013 के अंत तक हम हार्बर लाइन पर 12 डिब्बों की लोकल चलाने की पोजीशन में होंगे। हालांकि उनका कहना था कि इस पर पूरी तरह से काम अगले साल ही शुरू हो पाएगा, जब रेल बजट में इसका प्रावधान कर लिया जाएगा। गौरतलब है कि हार्बर लाइन पर 9 डिब्बों की लोकल को 12 डिब्बों में बदलने का प्रस्ताव एमयूटीपी के फेज-1 और फेज-2 में किया गया था। जहां तक फेज-3 का सवाल है तो इसे साल 2013 तक शुरू कर देने की उम्मीद है, जिस पर अगले 20 सालों में 30,000 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान लगाया गया है। जहां तक 9 डिब्बों की लोकल को 12 डिब्बों की लोकलों में कन्वर्ट करने का सवाल है, तो इसमें प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाना, स्टेबलिंग साइडिंग का एक्सटेंशन, पुलों के स्ट्रक्चर में सुधार, बिजली सप्लाई का प्रावधान, ओवरहेड औजारों की समुचित देखरेख, सिग्नलों को फिर से फिट करना, प्लेटफॉर्म से उनकी शिफ्टिंग और ट्रैकों के सर्किट का मॉडिफिकेशन करना महत्वपूर्ण काम माना जाता है। इसके अलावा 12 डिब्बों के कोचों की उपलब्धता भी एक प्रमुख समस्या मध्य रेल के पास होगी।

लालू और नितीश के बीच भिडंत

बिहार के खुसरूपुर में सोमवार को रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ और ट्रेनों में आगजनी की घटना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व रेल मंत्री लालू यादव के बीच वाक् युद्ध शुरू हो गया है। नीतीश कुमार ने लालू पर रेलवे बोर्ड की मंजूरी लिए बिना ट्रेनों के स्टॉपेज बनाने का आरोप मढ़ा। नीतीश ने कहा कि लालू ने बिना रेलवे बोर्ड की मंजूरी के ट्रेनों के ढेरों हॉल्ट तय करके मौजूदा रेल मंत्री ममता बनर्जी को मुश्किल में डाल दिया है। पूर्ववर्ती सरकार में रेलवे लालू की स्टाइल में काम करता था। आरजेडी नेता के मौखिक आदेशों से ट्रेनों के हॉल्ट बनाए गए, जिन्हें रेलवे बोर्ड की मंजूरी नहीं थी। इससे पहले लालू ने हिंसा को रोकने में नाकामी का दोषी नीतीश पर मढ़ते हुए कहा था कि नीतीश को इस हालात को ढंग से डील करना चाहिए था। उन्हें ऐसी घटनाओं का अंदाजा होना चाहिए। उनके अफसरों को ज्यादा सजग रहना चाहिए। यह राज्य की रेल पुलिस की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं (ट्रेनों पर हमले) का ध्यान रखें।

Tuesday, June 2, 2009

स्थानीय लोगों ने दो ट्रेनों में आग लगा दी

राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी एक्सप्रेस का स्टॉपेज खुसरूपुर स्टेशन से हटाने पर नाराज स्थानीय लोगों ने दो ट्रेनों में आग लगा दी और दानापुर डिवीजन में पटरियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थानीय लोगों ने खुसरूपुर स्टेशन को भी काफी नुकसान पहुंचाया। हालांकि इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इस बीच बवाल के बाद खुसरूपुर से स्टॉपेज हटाने के आदेश पर रोक लगा दी गई है। पूर्वी-मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ए.के. चंद्रा ने बताया कि जैसे ही यह घोषणा की गई कि खुसरूपुर स्टेशन से श्रमाजीवी एक्सप्रेस का स्टॉपेज हटाया जा रहा, वहां मौजूद लोगों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। भीड़ ने इस रूट से गुजर रहीं 3226 डाउन दानापुर-जयनगर इंटरसिटी और 543 राजगीर-दानापुर पैसिंजर के डिब्बों में स्टेशन के पास बैकठपुर गांव के पास आग लगा दी। चंद्रा ने बताया कि दानापुर-जयनगर इंटरसिटी के चार चेयर कार कोच और एक एसी बोगी में आग लगा दी। भीड़ ने इंटरसिटी के पहुंचने के कुछ ही देर बाद आई राजगीर-दानापुर पैसिंजर की जनरेटर बोगी को भी आग को हवाले कर दिया। जीआरपी के डीएसपी (पटना पूर्वी)राजेंद्र सिंह ने बताया कि दमकल दस्ते को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि स्थानीय नागरिकों ने खुसरूपुर स्टेशन पर 2391 और 2392 श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन का स्टॉपेज बंद किए जाने के विरोध में सोमवार को वहां तोड़फोड़ और ट्रेन में आगजनी की। दानापुर रेलमंडल के जनसंपर्क अधिकारी आर.के. सिंह ने बताया कि बिहार के 33 विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर विभिन्न ट्रेनों का अस्थायी तौर पर स्टॉपेज था। रेलवे बोर्ड ने गत 26 मई को एक आदेश जारी कर इस स्टॉपेज पर रोक लगा दी थी, जिसका नागरिकों ने विरोध किया। अंतत: सोमवार को बोर्ड ने अपने उस आदेश को तात्कालिक तौर पर वापस ले लिया है। सिंह ने बताया कि बाद में इन स्टेशनों पर होने वाली टिकटों की बिक्री की समीक्षा करने के बाद इस बारे में निर्णय लिया जाएगा कि यहां ट्रेनों के स्टॉपेज आगे भी जारी रखे जाएं या नहीं।

ट्रेनें 2 घंटे तक जहां की तहां खड़ी रहीं

आरएनटी पैसिंजर में खराबी आने के कारण दिल्ली-रेवाड़ी रेलमार्ग 2 घंटे तक ठप रहा। दिल्ली से आने वाली ट्रेनें 2 घंटे तक जहां की तहां खड़ी रहीं। यात्रियों ने बीच रास्ते हंगामा भी किया। गुड़गांव समेत अन्य स्टेशनों पर भी यात्रियों का गुस्सा देखने लायक था। तिलक ब्रिज से रेवाड़ी के बीच चलने वाली आरएनटी पैसिंजर शाम 7.20 मिनट पर पालम स्टेशन पहुंचती है, लेकिन सोमवार शाम यह ट्रेन जैसे ही दिल्ली कैंट से पालम की तरफ बढ़ी, इसके पावर सिस्टम में खराबी आ गई। इस ट्रेन के रास्ते में खड़े होने से स्वर्ण जयंती, राजधानी एक्सप्रेस, मंडौर एक्सप्रेस और अहमदाबाद मेल घंटों लेट हो गईं।