Friday, July 31, 2009

असामाजिक तत्व समाचार पत्रों के जरिए ब्लेक कर रहें हैं


'Anti-social elements publishing newspapers'

The Chairman of the Press Council of India, Mr. Justice P.B. Sawant, has expressed his concern over the trend towards anti-social elements publishing newspapers and using them for blackmail.

He made the observation at the sitting of the council for the second day on Wednesday and while going into the complaint from an Indian Railway Traffic Service official working in Mumbai, Mr. Goel, against a Hindi journal, Railway Samachar. The official told the council that his efforts to put down ticketless travelling in the suburban and other railway services had evoked the wrath of the newspaper which had used scurrilous language against him. The earnings of the Western Railways had gone up by Rs. 100 crores in the last one year after he took up the drive. The newspaper was being published occasionally.

Mr. Justice Sawant said that the language used by the offending journal was the worst he had come across in his tenure. Even some other newspapers were using such language, and he went on to remark that goondas had come to publish newspapers.

The other complaint the council went into on Wednesday was against the Marathi newspaper, Tarun Bharat published from Belgaum and Sangli in Maharashtra. The complainant, Mr. Barve, a municipal councillor of Sangli, said that he had been targetted, as he had questioned the way the newspaper had published an advertisement issued by the municipality which had only helped a cartel of contractors. He alleged that the newspaper published the advertisement in its Belgaum edition after the last date for responding to the tender invited by the municipality had expired. The newspaper did not put up a defence before the council.

In its two-day sittings, the council decided 79 cases of which 44 were against the authorities for harassment and denial of facilities. The remaining ones were against the newspapers for violation of the norms of journalistic ethics. The majority (24) of the complaints against the authorities pertained to harassment of journalists by the police, the district administration etc., for highlighting the deficiencies and corruption in the administration, and 20 pertained to denial of facilities to journalists. The council censured seven newspapers, warned five and admonished three others. While nine were dismissed for lack of sufficient ground for inquiry or withdrawn, 11 cases were disposed of after issuing directions.

At its sittings, the Council took up complaints from or against newspapers published from Maharashtra, Goa, Tamil Nadu, Kerala, Andhra Pradesh and Karnataka.

On Tuesday, Mr. Justice Sawant had said that on an average, 1,200 complaints were being received by the council every year. While 30 per cent of them were against the authorities, 70 per cent against the newspapers

Thursday, July 30, 2009

यहां-वहां थूकने वाले लोगों की धरपकड़ करते हुए उन से 32700 रुपए दंड स्वरूप वसूले


पश्चिम रेल ने स्टेशनों या रेल संपत्तियों पर यहां-वहां थूकने वाले लोगों की धरपकड़ करते हुए उन से 32700 रुपए दंड स्वरूप वसूले हैं। इतना ही नहीं, रेल प्रशासन ने ऐसे ही आरोपों में 25 लोगों को हवालात में डाल दिया। सूत्रों के मुताबिक भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 145 (बी) के तहत एक जुलाई से 29 जुलाई के दौरान गुटखा, पान आदि खाकर स्टेशनों व अन्य रेल संपत्तियों पर थूकने के आरोप में पश्चिम रेल प्रशासन ने कुल 247 लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की है। इसके अलावा 25 लोगों को जेल भेजा गया, जबकि नौ लोगों को कड़ी चेतावनी दी गई। गौरतलब है कि रेलवे द्वारा रेल संपत्तियों को साफ-सुथरा रखने के लिए स्वच्छता अभियान चलाया है, जिसके तहत यात्रियों से भी रेलवे को सहयोग देने की अपील की जाती रही है।

Monday, July 27, 2009

जनता के मन में पिलर्स के कारण सेफ्टी को लेकर आशंकाएं बरकरार

नोएडा की मेट्रो लाइन पर सेक्टर-एक के निकट दो पिलर्स में आई दरार देख
ने वालों का सोमवार को दिन भर जमावड़ा लगा रहा। इन दरारों के बावजूद डीएमआरसी के इंजीनियर सेक्टर-15 स्टेशन का काम पूरा करने में लगे हुए थे। यहां इन दिनों सीढ़ियां, लिफ्ट व एस्कलेटर लगाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, जनता के मन में पिलर्स के कारण सेफ्टी को लेकर आशंकाएं बरकरार हैं। डीएमआरसी ने पहले 30 जून तक नोएडा में मेट्रो लाने का टारगेट तय किया था। इसके बाद इसे तीन महीने बढ़ाकर सितंबर के अंत तक कर दिया गया था। डीएमआरसी ने 1 अक्टूबर तक मेट्रो चलाने की घोषणा कर दी थी। अक्टूबर को आधार बनाकर नोएडा साइट पर काम करने वाले इंजीनियर व कंपनियां काम कर ही रहीं थी कि डीएमआरसी चीफ ई. श्रीधरन ने इसका टाइम घटाकर अगस्त कर दिया। इंजीनियरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इतने कम समय में ज्यादा काम निपटाने में क्वॉलिटी पर असर पड़ेगा। ज्यादातर स्टेशनों का काम अभी भी पीछे चल रहा है। दिन-रात एक करके टारगेट पूरा करने की कोशिश सही नहीं है। अभी भी हालत यह है कि सेक्टर 16 और 18 के बीच सिक लाइन पर बिजली के खंभे लगाए जा रहे हैं। इस टैक पर एकाध जगह केबिल कंडक्टर लगने बाकी हैं। डीएमआरसी के सभी रूटों पर बनने वाले पिलर्स पर नंबर डाले जा चुके हैं। सिर्फ नोएडा का टैक ही ऐसा है, जहां अभी तक नंबर नहीं पड़े हैं। डीएमआरसी के सूत्रों का कहना है कि अभी तक मेट्रो का सारा काम दिल्ली में ही होता रहा है। पहली बार यह दिल्ली की सीमा पार कर यूपी में एंट्री करेगी। डीएमआरसी अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि यमुना स्टेशन से आगे चल रहे सीरियल नंबर के आधार पर ही नोएडा में एंट्री करने के बाद पिलर पर नंबर दिया जाए या यूपी में एंट्री करने के बाद नए सिरे से नंबर तय किया जाए। जांच रिपोर्ट में जिस पिलर नंबर का हवाला दिया गया है वह यूपी में एंट्री करने के बाद 10वां व 14वां है। नैशनल बोटेनिकल गार्डन स्टेशन में बने 33 केवी सबस्टेशन को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम 31 जुलाई को बिजली से कनेक्ट कर देगा। इस संबंध में सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। निगम के अफसरों ने बताया कि डीएमआरसी चाहे तो 31 जुलाई के बाद इस बिजली को अपनी लाइन के लिए इस्तेमाल कर सकता है। मेट्रो के हर स्टेशन पर बीएसएनएल भी टेलिफोन का एक कनेक्शन लगाने जा रहा है।

Saturday, July 25, 2009

फिक्की महासचिव अमित मित्रा की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक समिति

रेल मंत्री ममता बनर्जी ने फिक्की महासचिव अमित मित्रा की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक समिति गठित की ताकि सार्वजनिक और निजी भागीदारी के जरिये कोष निर्माण की तकनीक विकसित की जा सके और 2020 दृष्टिकोण दस्तावेज तैयार किया जा सके। एक आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया कि इस 16 सदस्यीय समिति से पहली बैठक के 15 दिन बाद से ही सिफारिशें देने को कहा गया है। ममता ने इस महीने की शुरुआत में रेल बजट भाषण में इस समिति के गठन की घोषणा की थी। इस समिति से दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे के लिये व्यापारिक प्रारूप विकसित करने के बारे में विशेष तौर पर विचार करने को कहा गया है।

सीबीआई सूत्रों के अनुसार सीबीआई इस मामले में आरपीएफ से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका की भी छानबीन कर रही है।

एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में सीबीआई ने शनिवार को तीन बड़ी रिजर्वेशन एजेंसियों पर छापा डाला। ये छापे सीएसटी, मुम्बई सेंट्रल और बांद्रा में डाले गए। छापे के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने 2 लाख 800 रुपए जब्त किए। सीबीआई अधिकारियों ने छापे के बाद तीनों एजेंसियों के कर्मचारियों से पूछताछ की है। इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी की संभावना है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार सीबीआई इस मामले में आरपीएफ से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका की भी छानबीन कर रही है। साथ ही कुछ रेल कर्मी भी शक के घेरे में हैं।

एमसीए कर रहे स्टूडेंट को पर रेलवे भर्ती बोर्ड की एक वेबसाइट बने के आरोप में गिरफ्तार

दिल्ली के एक एमसीए कर रहे स्टूडेंट को पर रेलवे भर्ती बोर्ड की एक वेबसाइट बने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। स्टूडेंट को एक स्थानीय अदालत ने तीन अगस्त तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस कमिश्नर जावेद शमीम ने बताया कि सुप्रकाश सिंह नाम के इस युवक को बुधवार को दिल्ली से गिरफ्तार करके ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया गया। आधिकारिक वेबसाइट www.rrbkolkata.com है जबकि इस स्टूडेंट ने www.railwayrecruitmentboard.com नाम से एक वेबसाइट बना डाली। शमीम के मुताबिक जांच करने पर पता चला कि यह डोमेन नाम दिल्ली के एक स्टूडेंट आर. के. गुप्ता के नाम से दर्ज है, जो फर्जी है। कड़कड़डूमा अदालत ने उसे 3 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। अधिकारी ने बताया पूछताछ के बाद ही हम उसकी गतिविधि के बारे में कुछ बता पाएंगे।

Tuesday, July 21, 2009

दिल्ली मेट्रो अपनी लाइनों को तय टाइम टेबल के मुताबिक ही चालू करने की कोशिश करेगी।

जमरूदपुर में मेट्रो हादसे के बाद अब दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्परेशन(डीएमआरसी) उसकी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। उम्मीद है कि यह रिपोर्ट मंगलवार शाम या फिर बुधवार सुबह तक दिल्ली मेट्रो को मिल जाएगी। इस बीच हादसे के बाद न सिर्फ बदरपुर बल्कि अन्य मेट्रो रेल लाइनों के निर्माण का काम भी धीमा कर दिया गया है। माना जा रहा है कि अब दिल्ली मेट्रो अपनी लाइनों को तय टाइम टेबल के मुताबिक ही चालू करने की कोशिश करेगी।
पिछले साल अक्टूबर में लक्ष्मी नगर और इसी महीने जमरूदपुर में मेट्रो हादसे के बाद डीएमआरसी पर यह आरोप लगाया गया है कि वह जल्द काम निपटाने के लिए क्वॉलिटी से समझौता कर रही है। जिससे लगातार हादसे हो रहे हैं। डीएमआरसी सूत्रों के मुताबिक इन आरोपों को देखते हुए अब शायद दिल्ली मेट्रो अपनी किसी भी लाइन को तय वक्त से पहले खोलने से बचेगी। उसकी कोशिश यही होगी कि टाइम टेबल के मुताबिक या उससे कुछ दिन पहले ही मेट्रो रेल लाइनों को चालू किया जाए ताकि उस पर जल्दबाजी का आरोप न लगे।
सूत्रों के मुताबिक दिल्ली मेट्रो के प्रबंध निदेशक ई. श्रीधरन इस समय दिल्ली से बाहर हैं। वह मंगलवार को दिल्ली पहुंचेंगे। दिल्ली आने के बाद मंगलवार शाम या फिर बुधवार सुबह उन्हें इस हादसे की जांच करने वाली कमिटी अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। इस रिपोर्ट से ही हादसे के कारणों का पता चल पाएगा। वैसे खुद मेट्रो यह मान चुकी है कि इस हादसे की वजह या तो पिलर नंबर 67 की कैप का गलत डिजाइन है या फिर कैप में लगाया गया मटीरिअल ही खराब था। कमिटी इस बारे में अपनी विस्तृत रिपोर्ट देगी। माना जा रहा है कि कमिटी की रिपोर्ट के बाद दिल्ली मेट्रो के कुछ अफसरों पर गाज गिर सकती है। इसकी वजह यह है कि अगर डिजाइन में गड़बड़ है तो मेट्रो में डिजाइन तैयार करने वालों पर कार्रवाई होगी। इससे पहले इस मामले में दिल्ली मेट्रो अपने सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से एक डायरेक्टर विजय आनंद को दिल्ली मेट्रो से उनके मूल विभाग भारतीय रेलवे में वापस भेज चुकी है। इस बीच जमरूदपुर हादसे का शिकार बने पीड़ितों की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट में डीएमआरसी और मेट्रो लाइन का निर्माण करने वाली फर्म गैमन इंडिया लिमिटेड के खिलाफ मुआवजे का मामला दायर किया। श्रमिक रेफरल सेंटर की चेअरपर्सन श्रीमती एस. मित्रा चौधरी की ओर से दायर याचिका में हादसे का शिकार बनने वालों के लिए मुआवजे की मांग की गई है।

Saturday, July 18, 2009

रेल टैक में पूरा रूट एलिवेटेड नहीं

नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच लगभग 22 किलोमीटर लंबे लाइट रेल टैक में पूरा रूट एलिवेटेड नहीं होगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अफसर इस बात पर सहमत हो गए हैं कि जहां जरूरी नहीं, वहां पर एलआरटी क्यों न जमीन पर ही चलाई जाए। पहले सिर्फ स्टेशनों को ही जमीन पर बनाने की बात चल रही थी। अब डीपीआर में इस तरह के बदलाव के निर्देश दे दिए गए हैं। यह जानकारी नोएडा अथॉरिटी के सीईओ मोहिंदर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि एलआरटी का टैक काफी लंबा है। इस टैक में कहीं-कहीं पर तो सीधा और खुला रास्ता है। इसमें एलिवेटेड टैक बनाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने बताया कि भीड़ भरे रास्तों में तो एलिवेटेड टैक बनाना ठीक है, मगर जब एक्सप्रेस-वे के किनारे हमारे पास जमीन मौजूद है तब ऐसे रास्तों पर सिर्फ स्टेशन ही नहीं, बल्कि पूरा टैक ही जमीन पर बनाने में समझदारी है। इसी वजह से एलआरटी मेट्रो की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट आने में देरी हो रही है।

चलती गाड़ी में गैंगरेप का मामला सामने आया

मुंबई के थाणे में एक लोकल ट्रेन का मामला है कि यहां पर चलती गाड़ी में गैंगरेप का मामला सामने आया। लड़की ऑफिस से घर लौट रही थी। पुलिस इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। जानकारी के मुताबिक, ठाणे शहर में एक चलती गाड़ी में लड़की के साथ गैंगरेप हु्आ है। बताया जाता है कि रेप की शिकार लड़की ऑफिस से घर लौट रही थी। इसी क्रम में कुछ लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया। लड़की ने वर्तक नगर थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज के बाद मामले की छानबीन शुरू कर दी है और इस अपराध में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की कोशिश तेज़ कर दी है।

Friday, July 17, 2009

Normal traffic was on Friday restored near the Metro accident site in south Delhi

Normal traffic was on Friday restored near the Metro accident site in south Delhi, five days after the mishap which claimed six lives, even as the debris clearance operation was progressing. Delhi Metro officials said Moolchand-Nehru Place stretch was opened for two-way traffic during the day after workers managed to clear the debris from the stretch. One-way traffic on the stretch was opened on Tuesday. The collapse of an under-construction bridge in Zamrudpur on Sunday had killed six men while six others were injured the next day when cranes snapped during debris clearance operation. Till Thursday, vehicles were moving from Moolchand to Nehru Place side only. Structural experts Shirish Patel and Associates, which was appointed to undertake technical audit of critical structures continued its work while B P Singh, an expert on erection of heavy structures, conducted inquiry into Monday's mishap involving cranes

Tuesday, July 14, 2009

मेट्रो हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे

मेट्रो हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। दिल्ली में रविवार और सोमवार को हुए हादसों के बाद अब देश की व्यावसायिक राजधानी मुंबई की पहली मेट्रो लाइन के निर्माण में इस्तेमाल किया जा रहा स्टील का ढांचा (स्कैफोल्डिंग)टूट गया। यह घटना सोमवार देर रात मुम्बई के उपनगरीय इलाके साकी नाका में उस समय हुई जब मेट्रो स्थल पर निर्माण कार्य चल रहा था। हालांकि इस हादसे में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। मुंबई मेट्रो के निदेशक के. पी. माहेश्वरी ने मंगलवारको बताया- अस्थाई स्कैफोल्डिंग था जो तेज हवाओं के चलते नीचे गिर पड़ा. हमने दो-तीन घंटे में मलबा हटा दिया और निर्माण स्थल पर दोबारा काम शुरू हो चुका है.गौरतलब है कि व्यावसायिक राजधानी में अंधेरी और घाटकोपर के बीच मेट्रो लाइन बिछाई जा रही है. माहेश्वरी ने कहा- इस बात की जांच करेंगे कि ढांचा क्यों ध्वस्त हुआ। मुंबई में सोमवार रात से ही तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है जिससे सड़क और रेल यातायात में बाधा आ रही है। शहर के बहुत से इलाकों में पानी भर गया है। माहेश्वरी ने कहा- हादसे के कारणों की जांच कर जल्द ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी। दिल्ली में रविवार को मेट्रो पुल ढह जाने से 6 लोगों की मौत हो गई थी। सोमवार को इसी दुर्घटनास्थल पर क्रेनों के टूट जाने से लॉन्चर नीचे गिर पड़ा जिससे कई लोग घायल हो गए।

Saturday, July 11, 2009

मेट्रो का निर्माणाधीन पुल गिरने से तीन मजदूरों की मौत

दक्षिणी दिल्ली के जमरूदपुर में मेट्रो का निर्माणाधीन पुल गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गई और कम से कम 15 मजदूर घायल हो गए। यह हादसा रविवार तड़के 5 बजे के करीब हुआ। दो लोगों अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं। मृतकों की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है। घायलों का इलाज एम्स ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। मृतक और घायल मजदूर ठेका कंपनी गेमैन इंडिया के कर्मी हैं। पुल का हिस्सा पानी के पाइपलाइन पर गिरने से पूरे इलाके में पानी भर गया है। नौ महीने में मेट्रो के निर्माणाधीन पुल ढहने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले पिछले साल 19 अक्टूबर को पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर में विकास मार्ग पर लॉन्चर कंक्रीट का स्लैब गिरने से नीचे से जा रही बस इसकी चपेट में आ गई थी और दो लोगों की मौत हो गई थी। ताजा हादसा लेडी श्रीराम कॉलेज के पास हुआ है। दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता अनुज दयाल ने बताया कि हादसे में सात लोग घायल हुए हैं और दो लोग अभी भी मलबे में दबे हुए हैं। दयाल ने बताया कि ऐसा लग रहा है कि हादसा ढांचा ढहने की वजह से हुआ है, हम इसकी जांच कर रहे हैं। जबकि, एम्स ट्रॉमा सेंटर के डायरेक्टर एस.सी. मिश्रा ने बताया कि में 15 मजदूरों को यहां सुबह लाया गया था। उन्होंने बताया कि इनमें से तीन को मृत घोषित कर दिया गया है और दो गंभीर रूप से घायल हैं।

हावड़ा देहरादून एक्सप्रेस ट्रेन की तीन बोगियों के पटरी से उतर गईं।

पूर्व मध्य रेलवे के गया-धनबाद रेलखंड पर दिलवा और नाथगंज स्टेशनों के बीच शुक्रवार सुबह 3009 अप हावड़ा देहरादून एक्सप्रेस ट्रेन की तीन बोगियों के पटरी से उतर गईं। इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। दुर्घटना के कारण इस लाइन पर ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। गया रेलवे स्टेशन के क्षेत्रीय अधिकारी एस. भट्टाचार्य ने बताया कि इस हादसे में कोई यात्री हताहत नहीं हुआ है। बचाव दल और रेलवे के तकनीकी कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचकर ट्रेनों का परिचालन सामान्य बनाने के प्रयास में लगे हैं। उन्होंने बताया कि आज सुबह करीब 4 बजे हुई इस घटना में इस ट्रेन की एक सामान्य बोगी, एक अन्य बोगी और गार्ड का डिब्बा पटरी से उतर गया।

Thursday, July 9, 2009

पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद धीरे-धीरे अपने गुनाहों को कबूलने लगे हैं।

वर्तमान स्थिति पर वाइट पेपर जारी करने की घोषणा की है, तब से पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद धीरे-धीरे अपने गुनाहों को कबूलने लगे हैं। नीतीश ने कहा कि लालू ने अपने कार्यकाल में पटना को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का रेलवे स्टेशन बनाए जाने की घोषणा की थी, वह देश की जनता को मात्र गुमराह करने वाली घोषणा थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने आए रेल पदाधिकारियों ने उन्हें बताया था कि रेलवे की इस योजना के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान वित्तीय बाजीगरी के जरिए रेलवे को मुनाफे में बताकर लालू ने देश की जनता की आंख में धूल का काम किया है। यही उचित समय है कि वह अपने गुनाह कबूल कर लें ताकि वह इस मामले में अपराध दंड संहिता के तहत कोई बडी सजा पाने से बच जाएं।
पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद ने मंगलवार को लोकसभा में रेल बजट पर चर्चा के दौरान कहा था कि वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनाने की बात केवल काल्पनिक है, इसे हकीकत में तब्दील नहीं किया जा सकता। लालू प्रसाद ने कहा था कि रेल मंत्री के रूप में उनके पांच साल के कामकाज पर वाइट पेपर लाने की किसी भी चुनौती को वह स्वीकार करते हैं क्योंकि पूरी राशि का ऑडिट हो चुका और संसद में रखा जा चुका है।

Saturday, July 4, 2009

ओएचई फेल होने की पूरी कारस्तानी इसी चिड़िया की थी।

एक छोटी सी चिड़िया ने भारतीय रेलवे की न केवल लापरवाही की पोल खोली, बल्कि उसे घंटों नाकों चने भी चबवाए। ओएचई फेल होने की पूरी कारस्तानी इसी चिड़िया की थी। दरअसल, इस चिड़िया ने घटनास्थल पर एक घोंसला बनाया हुआ था। जिसके लिए वह कहीं से एक तार ले आई थी। इस तार से ओएचई को अर्थिंग मिली और धमाका हो गया। मौके पर ओएचई ठीक करने आए टेक्निकल स्टाफ ने एनबीटी के सामने इस बात का खुलासा किया। हालांकि, डीआरएम बी. डी. गर्ग का कहना है कि घटना के कारणों की गहन जांच हो रही है। यह चिडि़या ओएचई पर अपने घोंसले के लिए तिनके इकट्ठे कर रही थी। मौके पर मौजूद टेक्निकल स्टाफ के अनुसार घटनास्थल पर इस चिड़िया के घोंसले के साथ एक बिजली की तार का टुकड़ा भी मिला है। यह चिड़िया तिनकों के साथ इस तार को भी ले आई। जिसकी वजह से ओएचई को अर्थिंग मिल गई। सुबह हुई बरसात की वजह से तार ने दो तारों को कनेक्ट किया और नतीजा तेज धमाका। प्रत्यक्षदशिर्यों के अनुसार घटनास्थल पर उन्होंने जोरदार धमाका सुना जिसकी वजह से उन्हें पहले तो कुछ बम फटने या सिलिंडर फटने का आभास हुआ, लेकिन बाद में माजरा समझ में आ गया। टेक्निकल स्टाफ ने ओएचई से घोंसला हटाकर तार अपने कब्जे में ले लिया। इस घटनाक्रम ने ओएचई की मेंटिनेंस पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। ओएचई पर चिडि़या घोंसला बनाती रही और किसी को इसकी भनक तक नहीं हुई, जबकि रेलवे के गैंगमेन प्रतिदिन रेलवे ट्रैक और ओएचई का मुआयना करते हैं और ऐसी स्थिति से रेलवे को अवगत कराते हैं। अभी कुछ महीने पूर्व ही कुलियों को गैंगमेन बनाया गया है। इसके बावजूद, इस तरह की घटनाएं रेलवे की खामियों को उजागर कर रही हैं। हो सकता था बड़ा हादसा यदि मेवाड़ एक्सपेस उस समय हाई स्पीड में होती, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। यह ट्रेन घटनास्थल से कुछ ही दूर थी। चंद मिनटों के फासले ने इस ट्रेन को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचा लिया। इस ट्रेन का स्टॉपेज बल्लभगढ़ में है। यहां रोकने के लिए ड्राइवर ने ब्रेक लगाए ही थे कि यह हादसा हो गया। यदि ड्राइवर को ब्रेक लगाने में एक मिनट की भी देरी हुई होती, तो ट्रेन अचानक पावर न मिलने के कारण दुर्घटनाग्रस्त भी हो सकती थी। रेलवे टेक्निशियंस के अनुसार यदि अचानक हाई स्पीड ट्रेनों को पावर मिलना बंद हो जाए, तो ट्रेन पटरी से उतरने के साथ पलट भी सकती है।

Thursday, July 2, 2009

मुंबई-ठाणे के बीच रेल यातायात ठप

मुंबई में ओवरहेड वायर टूटने से मुंबई-ठाणे के बीच रेल यातायात ठप हो गया है। इससे सीएसटी-ठाणे के बीच सात ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक दैनिक यात्रियों की सुविधा के लिए स्लो ट्रैक की सभी ट्रेनों को फास्ट ट्रैक पर डालने का फैसला किया गया है। रेलवे ने ओवरहेड तार के टूटने के कारण आई इस गड़बड़ी को कुछ घंटों में दुरुस्त करने का दावा किया है।