रेलवे के एक अधिकारी की पत्नी श्रीमती गायत्री जी ने जहां बुजुगों केलिए प्रणाम इण्टरनेशनल संस्था का गठन किया है वहीं उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मानसरोवर पार्क इलाके में बुजुर्ग महिला की उसके बेटे-बहू ने बेरहमी से पिटाई कर दी। महिला के इस आरोप पर अभी तक पुलिस ने कोई केस दर्ज नहीं किया है। पुलिस के मुताबिक, दुर्गापुरी में रहने वाली सीता यादव (60) के पति की मौत हो चुकी है। उनका कोर्ट में अपने बेटों से प्रॉपर्टी विवाद चल रहा है। महिला का आरोप है कि शनिवार दोपहर उनके बेटे सुनील यादव और उनकी बहु ने उनको डंडों से खूब मारा, जिससे उनका सिर फट गया। महिला को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
Saturday, May 30, 2009
Wednesday, May 27, 2009
रेलवे ने बुधवार से पूछताछ के लिए 139 पर एसएमएस सुविधा देने का ऐलान किया
रेल यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत देने की कोशिशों के तहत रेलवे ने बुधवार से पूछताछ
के लिए 139 पर एसएमएस सुविधा देने का ऐलान किया है। इस सुविधा के अंतर्गत रेल यात्री एसएमएस के माध्यम से बर्थ की स्थिति, रेलगाड़ी की स्थिति, सीट स्थान की उपलब्धता और किराए की जानकारी का पता लगा सकेंगे। रेलवे के एक सीनियर ऑफिसर ने बताया कि यात्रियों को पूछताछ के लिए 139 नंबर पर मात्र एक एसएमएस करना होगा, जिसका जवाब चंद मिनटों में दे दिया जाएगा। हालांकि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए यात्रियों को अपने जेब से प्रति एसएमएस तीन रुपये खर्च करने होंगे।
अधिकारियों का मानना है कि एसएमएस सुविधा के शुरू हो जाने से फोन के जरिए 139 सुविधा के ऊपर का भार काफी हद तक कम हो जाएगा। यह सुविधा 24 घंटे मिलेगी और इसका संचालन आईआरसीटीसी द्वारा किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इस सुविधा में बर्थ की जानकारी लेने के लिए यात्री को अपने मोबाइल के मैसेज बाक्स में पीएनआर लिख, फिर स्पेस देकर अपना पीएनआर नंबर लिखकर 139 पर भेजना होगा। इसी तरह अगर कोई ट्रेन के आगमन-प्रस्थान के बारे में जानकारी चाहता है, तो उसे ट्रेन नंबर और स्टेशन का नाम या कोड लिखकर 139 पर एसएमएस करना होगा। इस सुविधा का सबसे बढ़ा लाभ यह होगा कि इससे यात्रा के दौरान भी सूचना प्राप्त की जा सकती है। अधिकारियों ने बताया कि बीएसएनएल और रिलांयस छोड़ कर अन्य सभी मोबाइल नेटवर्क पर इस सुविधा का लाभ लिया जा सकता है। इन दोनों नेटवर्क पर भी बहुत जल्द ही यह सुविधा दे दी जाएगी और यह देश के हर हिस्से में मौजूद होगी। रेलवे 139 सुविधा के अंतर्गत होटल के कमरे बुक करने जैसी सुविधाएं देने के लिए भी प्रयासरत है। अभी हाल ही में विभाग ने 139 पर टैक्सी बुकिंग की सुविधा भी दी है।
के लिए 139 पर एसएमएस सुविधा देने का ऐलान किया है। इस सुविधा के अंतर्गत रेल यात्री एसएमएस के माध्यम से बर्थ की स्थिति, रेलगाड़ी की स्थिति, सीट स्थान की उपलब्धता और किराए की जानकारी का पता लगा सकेंगे। रेलवे के एक सीनियर ऑफिसर ने बताया कि यात्रियों को पूछताछ के लिए 139 नंबर पर मात्र एक एसएमएस करना होगा, जिसका जवाब चंद मिनटों में दे दिया जाएगा। हालांकि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए यात्रियों को अपने जेब से प्रति एसएमएस तीन रुपये खर्च करने होंगे।
अधिकारियों का मानना है कि एसएमएस सुविधा के शुरू हो जाने से फोन के जरिए 139 सुविधा के ऊपर का भार काफी हद तक कम हो जाएगा। यह सुविधा 24 घंटे मिलेगी और इसका संचालन आईआरसीटीसी द्वारा किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इस सुविधा में बर्थ की जानकारी लेने के लिए यात्री को अपने मोबाइल के मैसेज बाक्स में पीएनआर लिख, फिर स्पेस देकर अपना पीएनआर नंबर लिखकर 139 पर भेजना होगा। इसी तरह अगर कोई ट्रेन के आगमन-प्रस्थान के बारे में जानकारी चाहता है, तो उसे ट्रेन नंबर और स्टेशन का नाम या कोड लिखकर 139 पर एसएमएस करना होगा। इस सुविधा का सबसे बढ़ा लाभ यह होगा कि इससे यात्रा के दौरान भी सूचना प्राप्त की जा सकती है। अधिकारियों ने बताया कि बीएसएनएल और रिलांयस छोड़ कर अन्य सभी मोबाइल नेटवर्क पर इस सुविधा का लाभ लिया जा सकता है। इन दोनों नेटवर्क पर भी बहुत जल्द ही यह सुविधा दे दी जाएगी और यह देश के हर हिस्से में मौजूद होगी। रेलवे 139 सुविधा के अंतर्गत होटल के कमरे बुक करने जैसी सुविधाएं देने के लिए भी प्रयासरत है। अभी हाल ही में विभाग ने 139 पर टैक्सी बुकिंग की सुविधा भी दी है।
Monday, May 25, 2009
रेल मंत्री का पदभार कोलकाता में ही ग्रहण करेंगी।
तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कहा है कि वह रेल मंत्री का पदभार कोलकाता में ही ग्रहण करेंगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में वह दिल्ली नहीं जा सकतीं। उन्हें पश्चिम बंगाल में आए चक्रवात से प्रभावित लोगों के साथ रहना है। ममता ने कहा कि वह मंगलवार दोपहर एक बजे पूर्वी रेलवे मुख्यालय प्लेस में रेल मंत्री के तौर पर पद भार ग्रहण करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि मनमोहन सरकार में कल छह और सांसद भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि चक्रवात की वजह से हवाई - उड़ानों में आ रही बाधा के मद्देनजर चार तृणमूल सांसद ट्रेन से दिल्ली रवाना हुए। इन सांसदों में सौगत राय, शिशिर अधिकारी, सी.एम जटुआ और मुकुल राय शामिल हैं। दो अन्य सांसद, दिनेश त्रिवेदी और सुल्तान अहमद पहले से ही दिल्ली में हैं। ममता ने कहा कि रेल मंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद वह चक्रवात से सबसे ज्यादा प्रभावित चौबीस परगना जिले के काकद्वीप का ट्रेन से दौरा करेंगी। इस बीच, खबर आयी है कि ममता के पदभार ग्रहण करने के मौके पर मौजूद रहने के लिए रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एस.एस. खुराना कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कोलकाता रवाना हो रहे हैं। पिछले शनिवार को ममता ने कहा था कि वह मंत्रालय का पदभार तब ग्रहण करेंगी जब उनकी पार्टी के मंत्री पदभार संभाल लेंगे। शुक्रवार को ममता को कैबिनेट में शामिल किया गया था।
Saturday, May 23, 2009
गरीब व छात्रों को १६ से २० रूपये प्रति माह की दर से रेलवे पास
ममता बनर्जी बनीं रेल मंत्री
रेल मंत्री बनने के बाद रेल मंत्री कुमारी ममता बनर्जी ने कहा कि वे अपने मंत्रालय का कामकाज अपने बाकी बचे साथियों के शपथ लेने के बाद की संभालेंगी । ज्ञात हो कि ममता बनर्जी एक बडी तेज तर्रार नेता है साथ ही साथ एक साफ छवि वाली रेल मंत्री से आम जनता को काफी उम्मीद है । लालू के राज्य से तंग लोगों को ममता के रेल मंत्री बनने से राहत महसूस हो रही है । ममता ने अपने पहले ही भाषण में गरीब तबके के या॑त्रियों को राहत देते हुए घोषणा की कि वे गरीब व छात्रों को १६ से २० रूपये प्रति माह की दर से रेलवे पास देंगी । इस घोषणा का सर्वत्र स्वागत हुआ है ।
रेल मंत्री बनने के बाद रेल मंत्री कुमारी ममता बनर्जी ने कहा कि वे अपने मंत्रालय का कामकाज अपने बाकी बचे साथियों के शपथ लेने के बाद की संभालेंगी । ज्ञात हो कि ममता बनर्जी एक बडी तेज तर्रार नेता है साथ ही साथ एक साफ छवि वाली रेल मंत्री से आम जनता को काफी उम्मीद है । लालू के राज्य से तंग लोगों को ममता के रेल मंत्री बनने से राहत महसूस हो रही है । ममता ने अपने पहले ही भाषण में गरीब तबके के या॑त्रियों को राहत देते हुए घोषणा की कि वे गरीब व छात्रों को १६ से २० रूपये प्रति माह की दर से रेलवे पास देंगी । इस घोषणा का सर्वत्र स्वागत हुआ है ।
पलवल रेल रूट के यात्रियों को तोहफा मिलने की संभावना
पलवल रेल रूट के यात्रियों को तोहफा मिलने की संभावना है। यह तोहफा उन् हें 25 मई से मिल सकता है। बल्लभगढ़ तक चलने वाली एक शटल को पलवल तक बढ़ाने की रेलवे ने मंजूरी दे दी है। पलवल से यह ट्रेन शाम 5.35 मिनट पर चलेगी। एक बुरी खबर यह है कि इस रूट पर चलाई जाने वाली लेडीज स्पेशल ट्रेन को थोड़ा समय लग सकता है। वहीं कुछ और ट्रेनों के समय में भी बदलाव होने की संभावना जताई हैं। अब दिल्ली जाने के लिए शाम को भी लोकल ट्रेन मिलेगी। 25 मई से एसएनबी-4 बल्लभगढ़ की बजाय पलवल तक जाएगी। यह ट्रेन पलवल से पुरानी दिल्ली के लिए चलेगी और प्रत्येक स्टेशन पर आधा मिनट का ठहरेगी। वहीं इसके बाद चलने वाली लोकल शाम 5.10 पर फरीदाबाद पहुंचने वाली लोकल अब शकूर बस्ती तक जाएगी। पहले ये दोनों ट्रेनें सिर्फ 10 मिनट के अंतराल पर चला करती थीं। दैनिक यात्रियों ने रेलवे के इस कदम की सराहना की है। दैनिक यात्री संघ की अध्यक्षा का कहना है कि रेलवे बोर्ड ने यह आदेश जारी कर दिए हैं। इससे दिल्ली जाने वाले यात्रियों को शाम पांच से साढे़ सात के बीच में एक शटल मिल जाएगी।
Thursday, May 21, 2009
गलत अनाउंसमंट की वजह से फरीदाबाद स्टेशन पर कई यात्रियों की ट्रेन छूट गई।
गलत अनाउंसमंट की वजह से फरीदाबाद स्टेशन पर कई यात्रियों की ट्रेन छूट गई। गुस्साए यात्रियों ने जब इस बाबत अधिकारियों से पूछताछ की तो उन्होंने भी यात्रियों को पीछे एक और शटल के आने की बात कही। बाद में कुछ पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को शांत करवाया। अगली ट्रेन आने के बाद यात्री रवाना हुए। इस शटल में अकेले फरीदाबाद से सैकड़ों यात्री चढ़ते हैं, इनमें कई विकलांग भी हैं, जिनके लिए यह मुमकिन ही नहीं है कि वह ट्रेन को इतने कम समय में पकड़ सकें। अधिकारियों के अनुसार टेक्निकल कारणों से अचानक ट्रेन के प्लैटफॉर्म को बदलने का फैसला लेना पड़ा। शाम के 5.10 मिनट हो रहे थे। बल्लभगढ़ से शकूरबस्ती चलने वाली शटल पहले ही अपने नियमित समय से आधा घंटा लेट हो चुकी थी। बार बार अनाउंसमंट हो रहा था कि बल्लभगढ़ से शकूरबस्ती जाने वाली शटल अपने निर्धारित प्लैटफॉर्म दो पर आ रही है। यात्री शटल में चढ़ने के लिए प्लैटफॉर्म दो पर पहुंच गए। प्लैटफॉर्म यात्रियों से खचाखच भरा हुआ था, लेकिन शटल प्लैटफॉर्म नंबर एक पर पहुंच गई, जिसकी वजह से यात्रियों को दौड़कर प्लैटफॉर्म नंबर एक पर पहुंचना पड़ा। फुट ओवरब्रिज पर धक्का मुक्की शुरू हो गई। यात्री शटल के छूटने तक फुट ओवरब्रिज पर ही फंसे रहें। शटल को आधे मिनट के बजाय करीब डेढ़ मिनट तक रुकवाया गया। इसके बावजूद भी कई यात्री शटल तक पहुंच ही नहीं पाए।
श्री गिरिश भटनागर ने उच्च अधिकारियों की क्लास ली
A meeting of East Central Railway (ECR)'s principal officers and department heads on Thursday discussed the functioning of the zone in the new fiscal year. The divisional railway managers (DRMs) of ECR's five divisions also attended the meeting held at Hajipur. Speaking on the occasion, ECR GM Girish Bhatnagar threw light on the achievements of ECR and the target set for the year 2009-2010. He discussed freight business, commercial management business, earnings from luggage booking and commercial publicity. He also directed officials concerned to increase ticket sale capacity, including Gramin Ticket Booking Scheme (GTBS), and provide more amenities at E-class stations. The GM stressed the need of opening more unreserved ticketing system (UTS) and passenger reservation system (PRS) counters at important stations under ECR to fulfil the needs of passengers. He said the railways is committed to providing Jan Sadharan Ticket Booking Sewak at 98 stations falling under the ECR. Railways intends to install about 88 PRS -cum- UTS counters under ECR, the GM said adding the ECR has at present 149 PRS, 181 UTS and 19 UTS-cum-PRS under its five divisions. The GM directed officials concerned to ensure supply of water and cleanliness in each long-distance train originating from ECR. The target set for the current fiscal is challenging but it is not difficult to achieve, he said adding there should be a collective effort to improve the functioning of the ECR. Later, all principal officials of the department, including DRMs, made power presentations before the GM.
Monday, May 18, 2009
इण्टरलॉकिंग के कारण ट्रेन रहेंगी केन्सल
Due to interlocking work in progress, following trains of the North-Eastern Railways will remain cancelled.
Train No. 2531/2532—(Inter-City Express Train running between Gorakhpur-Lucknow-Gorakhpur will remain cancelled on May 21. The Passenger train (No 583/584) running between Gonda-Gorakhpur will also remain cancelled on May 21. Passenger train (No 441/442) running between Gorakhpur-Ayodhya-Gorakhpur and another Passenger Train (no 581/582) running between Gorakhpur-Gonda-Gorakhpur will also remain cancelled on May 21. Due to the cancellation of the above-mentioned trains, Barauni-Gwalior Mail (Train No 1123) and Lucknow-Barauni Express (Train No 5204) will stop at all stations between Gorakhpur and Gonda on May 21. Kushinagar Express (Train No 1015/1016) and Barauni-Gwalior Mail and Kushinagar Express Train (Train No 1015) will also stop at all stations between Gorakhpur and Gonda on May
Train No. 2531/2532—(Inter-City Express Train running between Gorakhpur-Lucknow-Gorakhpur will remain cancelled on May 21. The Passenger train (No 583/584) running between Gonda-Gorakhpur will also remain cancelled on May 21. Passenger train (No 441/442) running between Gorakhpur-Ayodhya-Gorakhpur and another Passenger Train (no 581/582) running between Gorakhpur-Gonda-Gorakhpur will also remain cancelled on May 21. Due to the cancellation of the above-mentioned trains, Barauni-Gwalior Mail (Train No 1123) and Lucknow-Barauni Express (Train No 5204) will stop at all stations between Gorakhpur and Gonda on May 21. Kushinagar Express (Train No 1015/1016) and Barauni-Gwalior Mail and Kushinagar Express Train (Train No 1015) will also stop at all stations between Gorakhpur and Gonda on May
पूर्व एमएलए स्टेशन पर पडा रहा, कोई सुध लेने वाला नहीं।
A 70-year-old critically ill former MLA remained unattended for nearly three hours at the Kanpur Central railway station in the absence of treatment even as railway authorities remained mute spectators. The condition of the victim, identified as Gorey Lal Shakya, ex-MLA of Bharthana, who as per the kin, suffered paralysis attack, was undergoing treatment at a private nursing home of the city. The incident has once again exposed the health scenario in the region. His relatives, who later took him to a private hospital, have decided to file a complaint with the railway authorities and plan to apprise the railway ministry about the situation as well. "They did'nt even provided the wheel-chair what to talk about doctor. He remained unattended for more than three hours but no medical staff appeared. He had gone to the state capital and was on board Lucknow-Chennai Express. After feeling drowsiness, when he could not stand any more, he slumped on the floor of the railway platform No 6 of the Kanpur Central," said one of his relative Sharad Mishra, while talking to TOI on phone. "I saw him lying on the floor, unattended," said another kin of the victim. "I carried him on my shoulder across to platform No 1," he added. On being contacted, deputy chief traffic manager, Manoj Sinha said,"no one contacted us and there are three wheel-chairs at the passenger facilitation centre and also there is round-the-clock availability of doctors at the Kanpur Central Railway station
ट्रेन के रवाना होने पर उन्होंने दो एसी बोगियों में लूटपाट शुरू कर दी।
बिहार के लखीसराय जिले में बुधवार रात पूर्वांचल एक्सप्रेस ट्रेन की दो एसी बोगियों में लुटेरों ने लूटपाट की। उन्होंने ट्रेन से यात्रा कर रहे एक रेल ड्राइवर की गोली मारकर हत्या भी कर दी। जमालपुर के रेलवे पुलिस अधीक्षक विमल कुमार ने गुरुवार को यहां बताया कि बीती रात हथियार लिए हुए करीब 20 व्यक्ति रात लगभग 9 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेस में रेलवे स्टेशन से चढ़े। ट्रेन के रवाना होने पर उन्होंने दो एसी बोगियों में लूटपाट शुरू कर दी। डिब्बे में एक ट्रेन ड्राइवर मोती यादव (50)भी था जिसने लूटपाट का विरोध किया। लुटेरों ने उसकी गोली मार कर हत्या कर दी। विमल ने बताया कि मृतक ट्रेन ड्राइवर पश्चिम बंगाल के चितपुर रेलवे स्टेशन पर कार्यरत थे और उत्तर प्रदेश के देवरिया स्थित अपने घर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि लुटेरों ने यादव के पास रखे 52,430 रुपये लूटने का प्रयास किया। यादव के इनकार करने पर लुटेरों ने उन्हें गोली मार दी। लूटपाट कर लुटेरे कुंदर रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की चैन खींच कर फरार हो गए।
Wednesday, May 13, 2009
रेलवे इंक्वायरी नंबर 139 और इंटरनेट दोनों पर गलत दी जा रही है।
अगर आप रेलवे की पूछताछ सेवा पर यकीन करके चल रहे हैं तो कभी भी धोखा खा सकते हैं। रेलवे इन्क्वायरी और रेलवे वेबसाइट दोनों पर दी जा रही जानकारी गलत हो सकती है। यात्री वेबसाइट देखकर और पूछताछ कर स्टेशन पहुंचते हैं लेकिन यहां आकर पता चलता है कि वे घंटों पहले आ गए हैं। उन्हें गलत जानकारी दी गई है। बात हो रही है पुणे से जम्मू जाने वाली 1077 झेलम एक्सप्रेस की। पिछले कई दिनों से इस ट्रेन के बाबत रेलवे इंक्वायरी नंबर 139 और इंटरनेट दोनों पर गलत दी जा रही है। फरीदाबाद में इसके पहुंचने का समय 18.38 बजे यानी शाम 6.38 बजे दिखाया जा रहा, वहीं डिपार्चर टाइम भी 18.40 बजे यानी शाम 6.40 बजे दर्शाया जा रहा है। 139 पर भी इस ट्रेन का यही समय फरीदाबाद पर बताया जा रहा है। लेकिन इस ट्रेन का फरीदाबाद पर नियमित समय यह नहीं है। ट्रेन का सही समय 19.40 बजे यानी शाम 7.40 बजे का है। ऐसे में यात्रियों को परेशानियां तो हो ही रही हैं साथ ही उनका भरोसा भी रेलवे इंक्वायरी से खत्म हो रहा है। इस ट्रेन में जम्मू और पुणे जाने वाले कई विदेशी सैलानी भी सफर करते हैं और वह इस गलती को कई बार विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर बता चुके हैं। लेकिन रेलवे ने अभी तक अपनी इस गलती को गंभीरता से नहीं लिया है। बीती रात ग्रीन फील्ड से आई एक महिला सुजाता का कहना है कि उसने 139 पर पता किया लेकिन ट्रेन का समय उसे गलत बताया गया। शिकायत बुक मांगी तो वह भी नहीं मिली। ट्रेन इसके बाद अपने समय से डेढ़ घंटा लेट थी। ऐसे में उसे बच्चों के साथ स्टेशन पर तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। रेलवे प्रवक्ता गीतांजलि से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने ट्रेन का नाम और नंबर दोनों नोट कर लिए और इस गलती को ठीक करवाने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि इसे चेक कर जल्द से जल्द ठीक करवा दिया जाएगा।
Saturday, May 9, 2009
रोहतक रूट से चलने वाली ट्रेनें शनिवार और रविवार को रूट बदलकर चलेंगी
रोहतक रूट से चलने वाली ट्रेनें शनिवार और रविवार को रूट बदलकर चलेंगी । इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ट्रेनों के रूट में परिवर्तन रोहतक स्टेशन पर बन रहे रोड ओवरब्रिज के निर्माण की वजह से किया गया है। 9 से 10 मई तक इस मार्ग की ट्रेनें वाया जींद-पानीपत-सोनीपत रूट से चलेंगी। इसका मतलब यह है कि अब इस रूट की चार ट्रेनें रोहतक नहीं जाएंगी। विभिन्न रूटों की दो ट्रेनों को इस निर्माण कार्य की वजह से रद्द भी कर दिया गया है। बताते चलें कि ग्रीष्मकालीन छुट्टी की वजह से पहले ही ट्रेनों में काफी भीड़ चल रही है। ऐसे में यह परिवर्तन यात्रियों को काफी भारी पड़ सकते हैं। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार 9024 फिरोजपुर-मुंबई जनता एक्सपेस अब रोहतक की बजाय जींद-पानीपत-सोनीपत के रास्ते चलेगी। इसी तरह 6032 जम्मूतवी-चेन्नै अंडमान एक्सप्रेस भी जींद-पानीपत-सोनीपत के रास्ते चलेंगी। 6318 जम्मूतवी-कन्याकुमारी हिमसागर एक्सप्रेस और 1450 जम्मूतवी-जबलपुर एक्सपेस के मार्ग में भी परिवर्तन किया गया है। इन दोनों ट्रेनों को भी वाया जींद-पानीपत-सोनीपत चलाया जाएगा। हालांकि फरीदाबाद में ट्रेनें अपने नियमित समय पर पहुंचने की बात कही जा रही है। लेकिन लांग रूट होने की वजह से यह मुमकिन नहीं दिखता। वहीं, अन्य रूट की ट्रेनों में श्रीगंगानगर-दिल्ली के बीच चलने वाली इंटरसिटी एक्सपेस के रूट में बदलाव किया गया है। वहीं दिल्ली-रोहतक-दिल्ली के बीच चलने वाली 1 डीआर, 4 डीआर, एवं नई दिल्ली-रोहतक-नई दिल्ली एक्सपेस को भी आंशिक तौर पर रद्द कर दिया गया है। इन ट्रेनों में कुछ लोकल सवारियां भी जाती हैं। इस बदलाव की वजह से उन्हें काफी परेशानियां हो सकती हैं।
The situation was particularly bad last year when all the construction was at its peak. After this, only very few roads will be left with construction
There is good news for Delhi drivers. Jams on MG Road, NH-8, Aurobindo Marg and Vikas Marg among other arterial roads are set to go as Delhi Metro Rail Corporation has promised to remove all roadblocks and diversions in place for construction work by July-end. With Delhi Metro's Phase II lines fast getting operational - the Vishwavidyalaya to Jehangirpuri section has already been opened, and the Noida, Mundka and Gurgaon lines are also expected to open by the end of the year — one can expect relief on the city's road network soon. The DMRC chief is understood to have told traffic police at a meeting on Friday that arterial roads including Vikas Marg, UP Link Road, Aurobindo Marg, Outer Ring Road near IIT, MG Road, Rohtak Road, Dhaula Kuan, parts of Lutyens Delhi and INA will be cleared of all construction activity within two months. "After that happens, the roads will be restored and recarpeted. The traffic signals, bus shelters and other such street furniture which has been removed for the construction will be set up again on the stretches and free movement of traffic will be allowed soon after," said sources. Areas where the Badarpur and Airport metro lines are coming up, however, may not be cleared immediately as the approvals for these lines came last. DMRC officials said construction on parts of these two lines would take some more time. Relief is also on way on the congested Naraina T-point where a flyover is being constructed by Public Works Department. Sources said construction of the flyover would be completed by September after which the plan is to use the flyover for one-way movement of traffic on Ring Road while traffic in the opposite direction will move on one side of the Ring Road. "This will ensure that some space is available at the ground level for the finishing work like road relaying and restoration. The traffic situation at Naraina is only expected to get better from now on," said a senior traffic police official. This is expected to bring a lot of relief to Delhi's stretched road network where constricted road space due to all the construction had resulted in major chaos in the past few years. The situation was particularly bad last year when all the construction was at its peak. After this, only very few roads will be left with construction.
The 2.1 km addition to Line 3 from Indraprastha to Yamuna Bank will finally be open to public from Sunday
The 2.1 km addition to Line 3 from Indraprastha to Yamuna Bank will finally be open to public from Sunday. The extension was earlier supposed to be operational from May 2, but was postponed due to general elections. "The new Yamuna Bank Metro station will be open to public from 6 am. The trains will be available on the new route till 11 pm for Dwarka sector 6. The frequency will be 4-10 minutes, approximately, as per the peak traffic requirement,'' said Anuj Dayal, chief PRO, Delhi Metro Rail Corporation (DMRC). The opening of the Yamuna Bank station comes as a huge relief for the residents of East Delhi as they won't need to cross over the congested Nizammudin and ITO bridges to use the Metro services. DMRC has also planned feeder bus services for the residents of the nearby colonies till the time line gets extended to Noida and than Ghaziabad later this year. A new Metro feeder bus service will start from Yamuna Bank station to Mayur Vihar Phase-III via Vikas Marg, New Patparganj Road, Mother Dairy, Mayur Vihar Phase-II, Pocket C, Kalyanpuri, Kondli, Gharole and Mayur Vihar Phase-III. This service will also be available from May 10. The DMRC has applied for permission to provide an additional feeder service from Yamuna Bank to Jheel/Rajgarh Colony via Geeta Colony, Shiv Puri, Rashid Market, Khureji, Shakarpur, Laxmi Nagar and Vikas Marg. This route will be operational after the permits are received. The new station has a huge parking area which can accommodate over 400 cars. It also houses a massive maintenance depot where new trains will be commissioned and stationed for the trial runs for the Noida extension expected to start in May/June 2009. This line will be open to public in October this year
Friday, May 1, 2009
रेलवे में रख-रखाव की कमी से होते है अधिकतर एक्सीडेण्ट
The maintanence of engines and coaches is very poor in ओउर workshop वर्कशॉप.There was widespread speculation on Thursday about how the train accident could have occurred in Vyasarpadi. Even as the mystery about the accident continued to baffle railway and police officials, some railway technical staff members who have had hands-on experience with electric locomotives at the railway workshop in Perambur told The Times Of India that a mechanical fault caused due to lack of proper maintenence could lead to the moving of a train without manual intervention. The acceleration mechanism of the locomotive, which is based on an auto-transfer system, runs the risk of having carbon deposited on it if it is not properly serviced. The air gap between the accelerator lever and the power point gets filled up with carbon and the lever then automatically connects to the power supply, even if the reverser key remains in a locked position, a mechanical staff member told TOI. According to him, the faulty accelerator system can also pick up speed all by itself and run on its own. "The maintanence of engines and coaches is very poor in our workshop. If anyone checks the engine parts and the air-conditioning systems in train coaches, the level of maintanence can be understood. The workshops also suffer from delayed spare parts supply. Most of the recognised companies do not supply materials to railways because of other' factors. The possibility of a mechanical fault was discussed among technical staff this morning but the railway staff was later told not to make any public comments about the issue," a railway mechanical staff member said. The staff member also pointed out the occurrence of something similar in Jolarpet seven years ago. Then, a bigger electric engine had run on its own. The train passed three stations before the railway authorities cut off the power supply to stop it. Fortunately, no accident took place. However, other mechanical staff members said that a mechanical fault leading to the Vyasarpadi accident was highly improbable. "Even if the train moves due to an automatic spark in the accelerator, it cannot reach that kind of speed. The chance of the train moving on its own is very remote," a mechanical officer said. Another official said that the possibility of a mechanical fault was ruled out. "The train which was involved in the accident had been serviced just the day before. Moreover, carbon is a poor conductor of electricity. Thirdly, the train has two sets of brakes to prevent it from moving," added an engineer. Railway authorities said that the incident in Jolarpet had happened because of the fault of the engine drivers. "The rule says that both the engine drivers cannot get down from the engine when it is in the on' position. In Jolarpet, both the engine drivers got off without putting on the handbrakes, and the train accidentally started moving," an official said. A staff member added that a similar incident in Renigunta was also reported. Another possibility that was spoken about on Thursday was that of a person operating the train from the rear motor room. An EMU usually has three motor rooms - in the front, middle and rear. While the front and rear engines are used for moving the train, the centre motor room has other allied systems. Both the front and rear motor rooms have the capacity to pull four coaches of 36 tonnes each. The impact on the middle and rear motor rooms were minimal in the Vyasarpadi accident and the possibility of the person who drove the EMU and got off the rear motor room could not be ruled out, a staff member said
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