Monday, August 31, 2009
मेट्रो निर्माण स्थलों पर कर्मचारियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
लोकट ट्रेन सर्विस सुबह 8 बजे ठप
Saturday, August 29, 2009
भूमिगत खान में लगभग 6 महीने से लगी आग से अब रेलमार्गों को खतरा
श्रमजीवी एक्सप्रेस के डिब्बों में उग्र भीड़ द्वारा आगजनी के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार
Tuesday, August 25, 2009
साहिबाबाद और गाजियाबाद रेलवे स्टेशनों को और सुविधाओं से लैस करने
कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले 2रेलवे स्टेशनों की तस्वीर बदलने वाली है। साहिबाबाद और गाजियाबाद रेलवे स्टेशनों को और सुविधाओं से लैस करने की तैयारी हो चुकी है। यहां सुरक्षा के खास बंदोबस्त किए जाएंगे। इन स्टेशनों पर क्लोज सकिर्ट कैमरों का जाल बिछाया जाएगा। प्लैटफॉर्म को भी नए अंदाज में संवारा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन को भी नया बनाया जा रहा है। इसके चालू होने के साथ ही गाजियाबाद और साहिबाबाद स्टेशन भी अपनी पूरी रंगत में होंगे। स्पेशल फोर्स और हाइटेक सिक्यूरिटी स्टेशनों पर सुरक्षा के हाइटेक इंतजाम कि ए जाएंगे। रेलवे प्रशासन इसके लिए नया ब्लू प्रिंट तैयार करने में जुटा है। इसके साथ ही कई पॉइंट्स पर क्लोज सर्किट कैमरे लगाए जाने की प्लानिंग है जिससे चप्पे चप्पे पर कड़ी नजर रखी जा सके। फिलहाल रेलवे स्टेशन के 1, 2, 3 और 4 नंबर प्लैटफॉर्म और कुल मिलाकर 18 पॉइंट्स पर ऐसे कैमरे लगे हैं। तुरंत एक्शन के लिए जीआरपी और आरपीएफ के साथ स्पेशल फोर्स की यूनिट भी तैनात रहेगी। रेलवे सूत्रों के मुताबिक गेम्स के दौरान इन स्टेशनों पर अस्थायी तौर पर कई लांग रूट की ट्रेनें भी रुका करेंगी। स्टेशनों को जोड़ेंगे नए ट्रैक साहिबाबाद रेलवे स्टेशन को आनंद विहार रेलवे स्टेशन से जोड़ने के लिए 2 नए ट्रैक तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर 5 और 6 को भी रिनोेवेट करके नया रुप दिया गया है। साथ ही मुसाफिरों को मिलने वाली सुविधाओं को और बढ़ाया जा रहा है। ट्रैफिक लोड के बढ़ने की संभावना के चलते गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर पहले ही तैयारी शुरू हो चुकी है। रेलवे स्टेशन पर प्लैटफॉर्म नंबर 1,2, 3 और 4 ज्यादा बिजी होंगे। खास ट्रेनों के लिए बनेंगे स्टॉप कई खास ट्रेनों के लिए इन स्टेशनों पर नए स्टॉप बनाए जाने पर भी विचार चल रहा है। इससे यात्रियों को सहूलियत होगी और इन्हें ट्रेन लेने के लिए दूसरे स्टेशन पर नहीं जाना पड़ेगा। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दूसरे स्टेशनों का लोड भी कम हो पाएगा।
दिल्ली-एनसीआर के लिए मेट्रो के एलिवेटेड ट्रैक का डिजाइन ठीक नहीं
Sunday, August 23, 2009
रेलवे के मुताबिक ओवरब्रिज बनाने में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
Thursday, August 20, 2009
वैशाली के सेक्टर-4 में डीएमआरसी ने बुधवार को हवन के बाद मेट्रो स्टेशन बनाने का काम शुरू कर दिया।
Wednesday, August 19, 2009
हादसे में पांच यात्री घायल हुए
Tuesday, August 18, 2009
चार एसी बोगियों के शीशे तोड़ दिए और उनमें आग लगा दी।
Sunday, August 16, 2009
मैट्रो में अब होने लगे है हादसे
डीएमआरसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल ने बताया कि रविवार शाम 5:19 बजे शास्त्री पार्क से शाहदरा की तरफ जाने वाली ट्रेन के आगे एक शख्स ने छलांग लगा दी। ट्रेन ऑपरेटर ने कच्छा बनियान पहने शख्स को ट्रेन के आगे कूदते हुए देख लिया था, लेकिन ट्रेन की रफ्तार ज्यादा होने के कारण इमर्जन्सी ब्रेक लगाए जाने के बावजूद वह शख्स ट्रेन की चपेट में आ गया। जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे के कारण मेट्रो की एक लाइन पर 20 मिनट तक मेट्रो सेवा प्रभावित रही। हादसे की सूचना मिलते ही मेट्रो पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। सवाल उठ रहा है कि मृतक रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंच गया। क्योंकि स्टेशन के अलावा एंट्री का दूसरा कोई रास्ता नहीं है। स्टेशन के एंट्री गेट पर पर हमेशा सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर भी गार्ड तैनात रहते हैं।
Friday, August 14, 2009
मेट्रो स्टेशनों पर जल्द ही नजारा बदलने वाला है।
दिल्ली मेट्रो ने लगभग आधा दर्जन स्टेशनों पर ये मशीनें लगा भी दी हैं। उम्मीद है कि अगले 15 दिन में इन मशीनों को पैसिंजरों के लिए एक्टिवेट कर दिया जाएगा। इनमें राजीव चौक, बाराखंभा रोड और केंद्रीय सचिवालय स्टेशन भी शामिल हैं। डीएमआरसी के सूत्रों का कहना है कि इन मशीनों को उन स्टेशनों पर ही लगाया जाएगा, जहां भीड़भाड़ ज्यादा रहती है।
मेट्रो की ये टिकिटिंग मशीनें बेहद स्मार्ट होंगी। मशीनों की खासियत होगी कि वे न सिर्फ कटे-फटे नोटों को पहचान कर उन्हें रिजेक्ट कर सकती हैं, बल्कि नोट की कीमत पहचान कर और टिकिट की राशि काटकर बाकी पैसे भी वापस पैसिंजर को दे सकती हैं। किस स्टेशन तक कितना किराया बनता है, यह जानकारी भी स्क्रीन पर आ जाएगी। दरअसल, ट्रायल के तौर पर इस तरह की मशीनों की शुरुआत लगभग दो साल पहले की गई थी। उस वक्त राजीव चौक पर मशीन लगाई गई थी, पर बाद में हटा ली गई। अब दूसरे फेज की लाइनें चालू होने के साथ ही मेट्रो ने फिर से इन मशीनों पर भरोसा जताया है। दिल्ली मेट्रो की सोच है कि अगर भीड़ वाले स्टेशनों पर ये मशीनें लगाई जाती हैं तो इससे टोकन की बिक्री वाले काउंटरों पर कतारें नहीं लगेंगी। वैसे भी, मेट्रो के लिए ये मशीनें काफी फायदेमंद साबित होंगी।
अभी काउंटरों पर टोकन बेचने के लिए कर्मचारी तैनात करने पड़ते हैं। अगर ये मशीनें लगाई जाती हैं, तो कर्मचारियों पर आने वाला खर्च कम होगा। हालांकि मेट्रो पहले ही यह तय कर चुकी है कि अगर ये मशीनें लगाई जाती हैं तो भी काउंटर पर कर्मचारी तैनात रखे जाएंगे, लेकिन ऐसे स्टेशनों पर काउंटरों की तादाद को जरूर कम किया जा सकता है।
कानपुर से चलने वाली कुछ ट्रेन अब इलाहाबाद से शुरू होंगी
In this connection, train number 2951/2952 Shram Shakti Express instead of originating from Kanpur junction would depart from Allahabad at 21:00 hrs. It would arrive at Kanpur railway station at about 23:25 hrs and depart at 23:35 hrs. During the return journey, the train would arrive at Kanpur at about 6:00 am and terminate at Allahabad at about 8:35 hrs.
This arrangement has been made from September 5 to 12 when the train would originate from Allahabad instead of Kanpur.
Similarly, train number 2173/2174 Udyog Nagri Express running between Lokmanya Tilak Terminus and Kanpur would originate from Allahabad railway junction from September 6 to 8. This train would originate from Allahabad junction at about 5:00 hrs and arrive at Kanpur junction at about 8:00 hrs. During the return journey, the train would arrive at Kanpur station at about 14:00 hrs and terminate at Allahabad junction at 16:30 hrs.
However, train number 2943/2944 Udyogkarmi Express running between Valsad and Kanpur has also been extended upto Allahabad. This train would arrive at Kanpur at about 19;20 hours and terminate at Allahabad at 22;25 hrs on September 9. During the return journey, this train would originate from Allahabad railway station on September 11 at about 5:00 pm and reach Kanpur at 7:40 hrs.
It is pertinent to mention that the work of remodelling of Kanpur yard and replacement of Route Relay Interlocking work at Kanpur station would be done from August 25 to September 12. Due to this work, the movement of these above trains have been extended upto Allahabad.
Wednesday, August 12, 2009
रबड़ टायर टेन प्रोजेक्ट में संशोधन
मालूम हो कि डीएलएफ यूनिवर्सल ने दो साल पहले अपने रेजिडेंट के लिए बिना ड्राइवर की रबड़ टायर टेन प्रोजेक्ट का प्लान बनाया था। लेकिन कभी हूडा से मेट्रो लाइन के लिए जमीन न मिलने के कारण, तो कभी कनेक्टिविटी चार्ज पर उपजे गतिरोध के कारण मामला लटका रहा। अब उस प्रतीक्षित गुड़गांव मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण का रास्ता खुल गया है। रबड़ टायर के प्रोजेक्ट में संशोधन कर दिया गया है, जो अपने स्टैंडर्ड गेज पर चलेगी। प्रदूषण रहित, साउंड प्रूफ और कई प्रकार की उच्चकोटि की सुविधाओं से ट्रेन लैस होगी।
6 किमी लंबा और 6 स्टेशन
6.1 किलोमीटर लंबे इस मेट्रो रेल लिंक में सिकंदरपुर, डीएलएफ फेस-2, बिलवेडियर टावर, डीएलएफ फेस-3, गेटवे टावर और मॉल ऑफ इंडिया मिलाकर 6 स्टेशन बनेंगे। प्रत्येक स्टेशन की लंबाई 75 मीटर होगी और मेट्रो की स्पीड 30 किमी प्रति घंटे से लेकर 80 किमी प्रति घंटे होगी। सिकंदरपुर स्टेशन को इस तरह बनाया जाएगा कि गुड़गांव या दिल्ली मेट्रो की सवारी करने वाले पैसेंजर को कोई परेशानी न हो।
2012 तक चालू होने की संभावना
डीएलएफ ग्रुप के वाइस चेयरमैन राजीव सिंह के मुताबिक मेट्रो सर्विस 2012 तक चालू हो जाएगी। गुड़गांव मेट्रो सर्विस में शुरुआती चरण में चार कोच होंगे। हरेक कोच में 300 सवारियों के बैठने की कपैसिटी होगी। बाद में जरूरत के हिसाब से कोच की संख्या बढ़ाई जाएगी। उनके मुताबिक दिल्ली सरकार की अनुमति मिली तो कंपनी का प्लान गुड़गांव मेट्रो को मॉल ऑफ इंडिया से बढ़ाकर आईजीआई एयरपोर्ट तक विस्तारित करना है।
केंद्र को भेजा प्रस्ताव : सीएम
मेट्रो प्रोजेक्ट के शिलान्यास के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि बहादुरगढ़, कुंडली व फरीदाबाद समेत नजफगढ़ को भी इस लिंक से जोड़ने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। 10 जनवरी तक दिल्ली से गुड़गांव तक मेट्रो टेन आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 20 लाख की आबादी वाला गुड़गांव तेजी से विकसित हो रहा है। सरकार ने गुड़गांव के डिवेलपमेंट के लिए मास्टरप्लान 2021 में व्यापक प्लान बनाया है।
पीछे से हुई टक्कर, अभी तक कोई खास कार्रवाई नहीं हुई
पश्चिमी रेलवे के माहिम रेलवे स्टेशन के पास दो लोकल ट्रेनों के बीच रविवार दोपहर टक्कर हो गई। इस में कई यात्री घायल हो गए। घायलों को पास एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बोरिवली जाने वाली ट्रेन माहिम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर रुकी हुई थी। इसी दौरान उसे अंधेरी जाने वाली लोकल ट्रेन ने पीछे टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि यह दुर्घटना सिग्नल फेल होने की वजह से हुई है। एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना की वजह से पश्चिमी रेलवे पर रेल सेवाओं का मार्ग परिवर्तन करके फास्ट ट्रैक पर कर दिया गया है।
Saturday, August 8, 2009
दिल्ली मेट्रो के तीसरे फेज की तैयारियों का रास्ता साफ
Wednesday, August 5, 2009
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के लिए शुरू की गई पहली लेडीज स्पेशल ट्रेन
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के लिए शुरू की गई पहली लेडीज स्पेशल ट्रेन
मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच ग
मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच ग
मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच ग
Sunday, August 2, 2009
रेलवे की घटिया सेवा के कारण रोडवेज का फायदा
लाल नेहरू अर्बन रिवॉलविंग मैनेजमेंट स्कीम) योजना के तहत यूपी को 1500 बसें दी जाएगी। इस प्लान पर केंद सरकार यूपी में करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपया खर्च करेगी। कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले स्कीम लागू होगी। रोडवेज सूत्रों के मुताबिक तीस लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में रोडवेज सिटी बस का इंफ्रा स्ट्रक्चर तैयार करेगा। इन शहरों में मेरठ, मथुरा, आगरा, लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद और वाराणसी शामिल है। इनमें से अभी कुछ शहरों में ही सिटी बसें है, मगर उनका संचालन प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों के हाथों में ही है। प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लेकर तमाम शिकायतें सामने आ रही हैं। केंद्र सरकार की योजना के मुताबिक है इन सभी बडे़ शहरों में सिटी बस का संचालन रोडवेज करेगा। इन बसों के लिए रूट नगर निगम तय करेगी। इनको ज्यादा से ज्यादा 40 किलोमीटर के रूट पर चलाया जा सकता है। इन बसों का संचालन नगर निगम के सुझाए गए रूटों पर होगा। बसों का संचालन यूपी रोडवेज करेगा। बसों के रखरखाव और ऑपरेशन पर नजर रखने के लिए यूपी रोडवेज, नगर निगम और डिवेलपमंट ऑथॉरिटी की एक होगी। सूत्रों का कहना है कि बसों से होने वाली आमदनी और घाटे का जोखिम डिवेलपमंट ऑथॉरिटी उठाएगी। बसों के संचालन में आर्थिक घाटे के कारण आने वाली रुकावटों को दूर करने का प्रबंध भी कर लिया गया है। केंद्र सरकार से सिटी बस के तौर पर मिलने वाली सभी बसें 27 सीटर होगी। बसों का डिजाइन इस तरह से होगा कि वह कम चौड़ी सड़कों से भी गुजर सकेगी।