Monday, August 31, 2009

मेट्रो निर्माण स्थलों पर कर्मचारियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।

मेट्रो निर्माण स्थलों पर कर्मचारियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। एक नए मामले में असम के एक 20 वर्षीय मजूदर की दक्षिणी दिल्ली में रविवार को मौत हो गई। मेट्रो अधिकारियों ने रविवार को बताया कि अरुण नामक यह मजदूर जसोला में सीढ़ी से फिसल कर नीचे गिर गया। यह स्थल केंद्रीय सचिवालय से बदरपुर जाने वाली मेट्रो लाइन के रास्ते में आता है। दिल्ली मेट्रो के एक प्रवक्ता ने कहा कि मजदूर की पहचान अरुण (20) के रूप में हुई है। वह असम का रहने वाला है। वह कुछ सफाई के काम से सीढ़ी से ऊपर चढ़ रहा था। प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि नीचे गिरने की वजह से उसे कुछ अंदरूनी चोट लग गई। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अरुण एक उप ठेकेदार का कर्मचारी था, जबकि इस काम का मुख्य ठेकेदार गैमन इंडिया है।

लोकट ट्रेन सर्विस सुबह 8 बजे ठप

ओवरहेड वायर टूटने से विरार-भयंदर रूट पर लोकट ट्रेन सर्विस सुबह 8 बजे ठप हो गई है। इसकी वजह से विरार से मुंबई जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Saturday, August 29, 2009

भूमिगत खान में लगभग 6 महीने से लगी आग से अब रेलमार्गों को खतरा

झारखंड की एक भूमिगत खान में लगभग 6 महीने से लगी आग से अब रेलमार्गों को खतरा पैदा हो गया है। इस से पहले जमीन के नीचे लगी आग की वजह से रांची-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करना पड़ा था। बोकारो जिले में स्थित सेंट्रल कोल फील्ड लिमिटेड (सीसीएल) की कल्याणी परियोजना की 4 से 5 साइट पर जमीन के भीतर लगी आग से गोमो-बड़काखाना रेलमार्ग और बेरमो-चंद्रपुरा-धनबाद राष्ट्रीय राजमार्ग को खतरा पैदा हो गया है। इन खदानों से रेलवे पटरियों की दूरी महज 40 फुट है वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग केवल 10 फुट की दूरी पर स्थित है। खदान के दो किलोमीटर के दायरे में आग लगी हुई है। खान में आग की वजह से 7 अगस्त तक राष्ट्रीय राजमार्ग-33 को बंद रखा गया था। यह राजमार्ग रांची और पटना को हजारीबाग व कोडरमा के रास्ते जोड़ता है। रेलमार्गों को संभावित खतरे को भांपते हुए जिला प्रशासन सीसीएल को आग पर काबू करने के लिए कई बार पत्र लिख चुका है। सीसीएल के प्रवक्ता एम. एन. झा ने बताया, हम आग पर काबू करने की कोशिश कर रहे हैं। हमने कुछ इलाकों में आग पर काबू कर लिया है और अन्य इलाकों में भी प्रयास कर रहे हैं। आग की वजह अवैध खनन है। धनबाद जिले में भी एक दूसरी खदान में आग की वजह से बासजोरा में रेलमार्गों को खतरा पैदा हो गया है। जिला प्रशासन ने इस बारे में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) को पत्र लिखा है। दूसरी ओर रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अभी धनबाद और कतरास रेलमार्गों को खदान में आग से खतरा नहीं है। धनबाद रेलमंडल के प्रवक्ता अमरेन्द्र दास ने कहा, हमारे पास खान सुरक्षा महानिदेशालय और रेलवे के मुख्य खदान सलाहकार का सुरक्षा प्रमाण पत्र है। भविष्य में यदि हमें कोई खतरा महसूस होगा तो हम रेलमार्गों को बदलने में देरी नहीं करेंगे।

श्रमजीवी एक्सप्रेस के डिब्बों में उग्र भीड़ द्वारा आगजनी के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार

बिहार में 10 दिन पहले दिल्ली से पटना आ रही श्रमजीवी एक्सप्रेस के डिब्बों में उग्र भीड़ द्वारा आगजनी के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और 26लोगों की पहचान की है। रेलवे सुरक्षा बल के डीआईजी अरविंद पांडे ने कहा कि विभिन्न समाचार चैनलों द्वारा मुहैया कराए गए वीडियो क्लिपिंग के जरिए ऐसे 26 लोगों की पहचान की गई है, जिन्होंने 18 अगस्त को श्रमजीवी एक्सप्रेस के डिब्बों में आग लगाई थी। पांडे ने कहा, 'इस मामले में रेलवे पुलिस ने फैज अहमद ऊर्फ चांद को गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ की जा रही है।' उल्लेखनीय है कि 18 अगस्त को श्रमजीवी एक्सप्रेस में सवार छात्रों से आरपीएफ के जवानों ने टिकट मांगें, जिससे बेटिकट यात्रा कर रहे छात्र भड़क गए। उन्होंने रेलगाड़ी को बिहटा स्टेशन पर रोककर उसके दो एसी डिब्बों में आग लगा दी और जमकर तोड़फोड़ की। बाद में अन्य दो एसी डिब्बों में भी आग फैल गई। एक रेलवे अधिकारी ने कहा कि इस घटना से रेलवे को 3.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया था।

Tuesday, August 25, 2009

साहिबाबाद और गाजियाबाद रेलवे स्टेशनों को और सुविधाओं से लैस करने

कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले 2रेलवे स्टेशनों की तस्वीर बदलने वाली है। साहिबाबाद और गाजियाबाद रेलवे स्टेशनों को और सुविधाओं से लैस करने की तैयारी हो चुकी है। यहां सुरक्षा के खास बंदोबस्त किए जाएंगे। इन स्टेशनों पर क्लोज सकिर्ट कैमरों का जाल बिछाया जाएगा। प्लैटफॉर्म को भी नए अंदाज में संवारा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन को भी नया बनाया जा रहा है। इसके चालू होने के साथ ही गाजियाबाद और साहिबाबाद स्टेशन भी अपनी पूरी रंगत में होंगे। स्पेशल फोर्स और हाइटेक सिक्यूरिटी स्टेशनों पर सुरक्षा के हाइटेक इंतजाम कि ए जाएंगे। रेलवे प्रशासन इसके लिए नया ब्लू प्रिंट तैयार करने में जुटा है। इसके साथ ही कई पॉइंट्स पर क्लोज सर्किट कैमरे लगाए जाने की प्लानिंग है जिससे चप्पे चप्पे पर कड़ी नजर रखी जा सके। फिलहाल रेलवे स्टेशन के 1, 2, 3 और 4 नंबर प्लैटफॉर्म और कुल मिलाकर 18 पॉइंट्स पर ऐसे कैमरे लगे हैं। तुरंत एक्शन के लिए जीआरपी और आरपीएफ के साथ स्पेशल फोर्स की यूनिट भी तैनात रहेगी। रेलवे सूत्रों के मुताबिक गेम्स के दौरान इन स्टेशनों पर अस्थायी तौर पर कई लांग रूट की ट्रेनें भी रुका करेंगी। स्टेशनों को जोड़ेंगे नए ट्रैक साहिबाबाद रेलवे स्टेशन को आनंद विहार रेलवे स्टेशन से जोड़ने के लिए 2 नए ट्रैक तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर 5 और 6 को भी रिनोेवेट करके नया रुप दिया गया है। साथ ही मुसाफिरों को मिलने वाली सुविधाओं को और बढ़ाया जा रहा है। ट्रैफिक लोड के बढ़ने की संभावना के चलते गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर पहले ही तैयारी शुरू हो चुकी है। रेलवे स्टेशन पर प्लैटफॉर्म नंबर 1,2, 3 और 4 ज्यादा बिजी होंगे। खास ट्रेनों के लिए बनेंगे स्टॉप कई खास ट्रेनों के लिए इन स्टेशनों पर नए स्टॉप बनाए जाने पर भी विचार चल रहा है। इससे यात्रियों को सहूलियत होगी और इन्हें ट्रेन लेने के लिए दूसरे स्टेशन पर नहीं जाना पड़ेगा। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दूसरे स्टेशनों का लोड भी कम हो पाएगा।

दिल्ली-एनसीआर के लिए मेट्रो के एलिवेटेड ट्रैक का डिजाइन ठीक नहीं

रुड़की विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर और प्रख्यात भूकंप विशेषज्ञ डॉ. आनंद स्वरूप आर्य का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर के लिए मेट्रो के एलिवेटेड ट्रैक का डिजाइन ठीक नहीं है। दिल्ली में जो भी लोग चौथी मंजिल बना रहे हैं वे भी जरा संभलकर अपनी बिल्डिंग बनाएं। इसकी वजह यह है कि दिल्ली और आसपास का इलाका भूकंप क्षेत्र 4 में आता है। समय आ गया है कि लोग अपने घर या कोई भी बिल्डिंग बनाने से पहले उसकी स्ट्रक्चरल इंजीनियर से एक बार स्टडी जरूर करवा लें। यह जानकारी डॉ. आर्य ने एनबीटी से खास बातचीत में दी। वह सेक्टर-1 स्थित कृभको भवन में इंडियन असोसिएशन ऑफ स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स के सेमिनार में हिस्सा लेने नोएडा आए थे। डॉ. आर्य का कहना है कि मेट्रो के एलिवेटिड टैक को लेकर मेरे मन में खतरा है। मेरा मानना है कि मेट्रो टावर का भूकंप के लिहाज से डिजाइन नहीं किया गया है। मैं इसकी विस्तृत स्टडी करने का इच्छुक हूं। जब कैंटिलीवर के डिजाइन में गड़बड़ी पाई गई है, तो दिल्ली सरकार को टावर के डिजाइन की भी भूकंप की दृष्टि से स्टडी करानी चाहिए। जापान में साल 1995 में आए भूकंप में वहां का मेट्रो टैक टूट चुका है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में भूकंप की संभावना हिमालय की तरफ से ज्यादा है। इसका केंद्र देहरादून के नॉर्थ में कहीं भी हो सकता है। इससे दिल्ली और आस-पास के इलाकों को भारी नुकसान हो सकता है। इसके तर्क में वह भुज के भूकंप का हवाला देते हुए बताते हैं कि भुज और अहमदाबाद के बीच लगभग 3 सौ किलोमीटर का अंतर है। भुज के भूकंप से अहमदाबाद में लगभग सौ आरसीसी की बिल्डिंगें गिर गई थीं। इससे 7 सौ के करीब लोगों की मौत हुई थी। दिल्ली में यमुना किनारे दोनों तरफ जो भी मल्टिस्टोरी बिल्डिंगें बन रही हैं, उनमें स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग के हिसाब से शुरुआत होनी चाहिए। वह बताते हैं कि दिल्ली के पास वैशाली में एक बीस मंजिला बिल्डिंग बनाई गई है। इस बिल्डिंग के नीचे लगभग 4 फुट मोटी राफ्ट बनाकर बिल्डिंग बनाई गई है। इससे यह भूकंप के लिहाज से सुरक्षित हो गई है। डॉ. आर्य ने बताया कि मल्टिस्टोरी पर असर के पीछे यमुना के आस-पास की मिट्टी का सॉफ्ट होना है। भूकंप के समय इसके दवीकरण होने का खतरा है। वह कहते हैं कि स्वायल की फ्रीक्वेंसी सीमा रेजिस्टेंस के हिसाब से लंबी बिल्डिंगों को ज्यादा प्रभावित करती है। इससे छोटी बिल्डिंगों पर खतरा कम होगा। नोएडा को लेकर हुई स्टडी में यह बात उभरकर सामने आई कि यहां भूकंप आने पर 35 पर्सेंट बिल्डिंगों को हो सकता है नुकसान।

Sunday, August 23, 2009

रेलवे के मुताबिक ओवरब्रिज बनाने में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

नई लिंक रोड पर बनने वाले ओवरब्रिज को रेलवे ने हरी झंडी दे दी है। रेलवे ने ओवरब्रिज का इस्टीमेट जीडीए के पास भेज दिया है। रेलवे के मुताबिक ओवरब्रिज बनाने में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत आएगी। जीडीए के अधिशासी अभियंता आर. पी. श्रीवास्तव का कहना है कि यह पैसा जीडीए जल्द ही रेलवे को जारी कर देगा ताकि जल्द से जल्द इसका काम शुरू हो सके। इसे बनाने में तकरीबन 2 साल लगेंगे। एनएच-58 को एनएच-24 से जोड़ने के लिए बनने वाली नई लिंक पर 6 लेन का ओवरब्रिज बनाया जाना है। इसके निर्माण का काम रेलवे करेगी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को जेएनआरएम (जवाहर लाल नेहरू रिन्यूवल मिशन ) स्कीम से भी पैसा मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक जीडीए पहले रेलवे को पैसा दे देगी और बाद में केंद सरकार को इसका इस्टीमेट भेजेगा। श्रीवास्तव के मुताबिक लिंक रोड बनाने पर तकरीबन 113 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा 25 करोड़ रुपये रेलवे लाइन के ऊपर ओवरब्रिज बनाने में खर्च होंगे। जीडीए की कोशिश है कि इस प्रोजेक्ट पर कार्य जल्द शुरू हो जाए। इस नई लिंक रोड के बनने के बाद वाहन चालकों को मेरठ रोड तिराहे से एनएच-24 पहुंचने के लिए लाल कुंआ या फिर कनावनी रोड के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। जीडीए के चीफ इंजीनियर अनिल गर्ग का कहना है कि इस रोड को बनाने में 2 साल तक का समय लग सकता है।

Thursday, August 20, 2009

वैशाली के सेक्टर-4 में डीएमआरसी ने बुधवार को हवन के बाद मेट्रो स्टेशन बनाने का काम शुरू कर दिया।

वैशाली के सेक्टर-4 में डीएमआरसी ने बुधवार को हवन के बाद मेट्रो स्टेशन बनाने का काम शुरू कर दिया। जीडीए के सचिव नरेंद्र कुमार ने इसका उद्घाटन किया। इस मौके पर डीएमआरसी के कई आला अधिकारी मौजूद थे। जीडीए के अधिकारियों ने डीएमआरसी को भरोसा दिलाया कि सब-स्टेशन शिफ्टिंग का काम एक हफ्ते में पूरा हो जाएगा और कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले आनंद विहार से वैशाली तक मेट्रो शुरू कर दी जाएगी। आनंद विहार से वैशाली के लिए आधा दर्जन से ज्यादा पिलर पहले ही बन चुके हैं। वैशाली मेट्रो शुरू होने से इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा आदि कॉलोनियों सहित गाजियाबाद शहर के निवासियों को फायदा होगा। फिलहाल, उन्हें मेट्रो के लिए दिलशाद गार्डन स्टेशन या आईटीओ जाना पड़ता है। गाजियाबाद के लोगों को मेट्रो का काफी अरसे से इंतजार है। दिल्ली आने जाने वाले इसकी बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं। मेट्रो की कवायद बहुत दिनों से जारी है लेकिन बीच- बीच में इसमें कई अड़चनें आती रही हैं। भूमिपूजन होने के बाद आसपास के लोगों में खुशी की लहर है कि अब मेट्रो की गाड़ी चल पड़ी है। अब कुछ दिन बाद उनके लिए दिल्ली एकदम दूर नहीं रहेगी।

Wednesday, August 19, 2009

हादसे में पांच यात्री घायल हुए

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में मुंबई से गोरखपुर जा रही कुशीनगर एक्सप्रेस रेलगाड़ी के चार डिब्बे बुधवार को पटरी से उतर गए। हादसे में पांच यात्री घायल हुए हैं। हादसे के बाद से गोरखपुर-लखनऊ रेल मार्ग ठप है। बस्ती के जीआरपी के इंचार्ज किशोरी प्रसाद चौहान ने बताया कि यह हादसा बुधवार सुबह 6.20 मिनट पर ओडवारा रेलवे स्टेशन के निकट हुआ। कुशीनगर एक्सप्रेस डाउन (1016) के चार डिब्बे पटरी से उतर गए। दुर्घटना में पांच लोगों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। चौहान के मुताबिक हादसे से वक्त रेलगाड़ी में मामूली भीड़ होने के साथ-साथ उसकी रफ्तार कम थी, अन्यथा हादसा बड़ा रूप ले सकता था। दुर्घटना के बाद से गोरखपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर रेलगाड़ियों की आवाजाही अवरुद्ध हो गई है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक क्षतिग्रस्त मार्ग ठीक किया जा रहा है। बहुत जल्द रेलगाड़ियों की आवाजाही बहाल हो जाएगी।

Tuesday, August 18, 2009

चार एसी बोगियों के शीशे तोड़ दिए और उनमें आग लगा दी।

नई दिल्ली से पटना आ रही 2392 डाउन श्रमजीवी एक्सपेस ट्रेन में आरपीएफ जवानों द्वारा कुछ छात्रों की कथित तौर पर पिटाई करने से उग्र छात्रों ने ट्रेन के बिहटा स्टेशन पर पहुंचने पर उसकी चार एसी बोगियों के शीशे तोड़ दिए और उनमें आग लगा दी। जीआरपी के डीएसपी सुरेश चौधरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रेन में लगी आग और उग्र भीड़ पर काबू पाने के लिए दमकल और पुलिस बल की अतिरिक्त टुकड़ी घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई है। चौधरी ने बताया कि छात्रों द्वारा मचाए जा रहे उपद्रव के कारण इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन फिलहाल रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि ट्रेन में आरपीएफ जवानों ने किस कारण से छात्रों की पिटाई की, इस बारे में अभी पता नहीं चल पाया है।

Sunday, August 16, 2009

मैट्रो में अब होने लगे है हादसे

सीलमपुर मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन के आगे कूदकर एक व्यक्ति ने खुदकुशी कर ली। मृतक की उम्र 55 साल के करीब बताई जाती है। फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो पाई है। हादसे की वजह से शास्त्री पार्क से शाहदरा की ओर जाने वाली लाइन पर करीब 20 मिनट तक मेट्रो सेवा प्रभावित रही।
डीएमआरसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल ने बताया कि रविवार शाम 5:19 बजे शास्त्री पार्क से शाहदरा की तरफ जाने वाली ट्रेन के आगे एक शख्स ने छलांग लगा दी। ट्रेन ऑपरेटर ने कच्छा बनियान पहने शख्स को ट्रेन के आगे कूदते हुए देख लिया था, लेकिन ट्रेन की रफ्तार ज्यादा होने के कारण इमर्जन्सी ब्रेक लगाए जाने के बावजूद वह शख्स ट्रेन की चपेट में आ गया। जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे के कारण मेट्रो की एक लाइन पर 20 मिनट तक मेट्रो सेवा प्रभावित रही। हादसे की सूचना मिलते ही मेट्रो पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। सवाल उठ रहा है कि मृतक रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंच गया। क्योंकि स्टेशन के अलावा एंट्री का दूसरा कोई रास्ता नहीं है। स्टेशन के एंट्री गेट पर पर हमेशा सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर भी गार्ड तैनात रहते हैं।

Friday, August 14, 2009

मेट्रो स्टेशनों पर जल्द ही नजारा बदलने वाला है।

दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर टिकिट के लिए कतार में लगने के दिन लदने वाले हैं। जल्द ही नजारा बदलने वाला है। करना सिर्फ यह होगा कि मेट्रो स्टेशन पर लगी मशीन के स्क्रीन पर बने नक्शे पर जहां जाना है, उस स्टेशन का बटन दबाइए, मशीन आपसे पैसे मांगेगी। आप नोट मशीन में डालिए और चंद सेकंडों में टोकन आपके सामने होगा।
दिल्ली मेट्रो ने लगभग आधा दर्जन स्टेशनों पर ये मशीनें लगा भी दी हैं। उम्मीद है कि अगले 15 दिन में इन मशीनों को पैसिंजरों के लिए एक्टिवेट कर दिया जाएगा। इनमें राजीव चौक, बाराखंभा रोड और केंद्रीय सचिवालय स्टेशन भी शामिल हैं। डीएमआरसी के सूत्रों का कहना है कि इन मशीनों को उन स्टेशनों पर ही लगाया जाएगा, जहां भीड़भाड़ ज्यादा रहती है।
मेट्रो की ये टिकिटिंग मशीनें बेहद स्मार्ट होंगी। मशीनों की खासियत होगी कि वे न सिर्फ कटे-फटे नोटों को पहचान कर उन्हें रिजेक्ट कर सकती हैं, बल्कि नोट की कीमत पहचान कर और टिकिट की राशि काटकर बाकी पैसे भी वापस पैसिंजर को दे सकती हैं। किस स्टेशन तक कितना किराया बनता है, यह जानकारी भी स्क्रीन पर आ जाएगी। दरअसल, ट्रायल के तौर पर इस तरह की मशीनों की शुरुआत लगभग दो साल पहले की गई थी। उस वक्त राजीव चौक पर मशीन लगाई गई थी, पर बाद में हटा ली गई। अब दूसरे फेज की लाइनें चालू होने के साथ ही मेट्रो ने फिर से इन मशीनों पर भरोसा जताया है। दिल्ली मेट्रो की सोच है कि अगर भीड़ वाले स्टेशनों पर ये मशीनें लगाई जाती हैं तो इससे टोकन की बिक्री वाले काउंटरों पर कतारें नहीं लगेंगी। वैसे भी, मेट्रो के लिए ये मशीनें काफी फायदेमंद साबित होंगी।
अभी काउंटरों पर टोकन बेचने के लिए कर्मचारी तैनात करने पड़ते हैं। अगर ये मशीनें लगाई जाती हैं, तो कर्मचारियों पर आने वाला खर्च कम होगा। हालांकि मेट्रो पहले ही यह तय कर चुकी है कि अगर ये मशीनें लगाई जाती हैं तो भी काउंटर पर कर्मचारी तैनात रखे जाएंगे, लेकिन ऐसे स्टेशनों पर काउंटरों की तादाद को जरूर कम किया जा सकता है।

कानपुर से चलने वाली कुछ ट्रेन अब इलाहाबाद से शुरू होंगी

Some of the major trains that have become synonymous with the city of Kanpur would now originate from Allahabad, though for a temporary period during the coming month of September. These trains include train number 2451/2452 Shram Shakti Express, train number 2173/2174 Udyog Nagri Express and train number 2943/2944 Udyogkarmi Express.
In this connection, train number 2951/2952 Shram Shakti Express instead of originating from Kanpur junction would depart from Allahabad at 21:00 hrs. It would arrive at Kanpur railway station at about 23:25 hrs and depart at 23:35 hrs. During the return journey, the train would arrive at Kanpur at about 6:00 am and terminate at Allahabad at about 8:35 hrs.
This arrangement has been made from September 5 to 12 when the train would originate from Allahabad instead of Kanpur.
Similarly, train number 2173/2174 Udyog Nagri Express running between Lokmanya Tilak Terminus and Kanpur would originate from Allahabad railway junction from September 6 to 8. This train would originate from Allahabad junction at about 5:00 hrs and arrive at Kanpur junction at about 8:00 hrs. During the return journey, the train would arrive at Kanpur station at about 14:00 hrs and terminate at Allahabad junction at 16:30 hrs.
However, train number 2943/2944 Udyogkarmi Express running between Valsad and Kanpur has also been extended upto Allahabad. This train would arrive at Kanpur at about 19;20 hours and terminate at Allahabad at 22;25 hrs on September 9. During the return journey, this train would originate from Allahabad railway station on September 11 at about 5:00 pm and reach Kanpur at 7:40 hrs.
It is pertinent to mention that the work of remodelling of Kanpur yard and replacement of Route Relay Interlocking work at Kanpur station would be done from August 25 to September 12. Due to this work, the movement of these above trains have been extended upto Allahabad.

Wednesday, August 12, 2009

दो साल से अधर में लटके सिकंदरपुर से मॉल ऑफ इंडिया तक चलने वाली लाइट मेट्रो टेन प्रोजेक्ट के अब आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद सिंह हुड्डा ने मंगलवार को इसका शिलान्यास किया। इसके निर्माण पर लगभग 900 करोड़ की लागत आएगी। गुड़गांव में इस प्रोजेक्ट का निर्माण डीएलएफ ऐंड आईएल ऐंड एफएस कंपनी कर रही है। हरियाणा गवर्नमेंट से हुए समझौते के अनुसार कंपनी 99 साल तक गुड़गांव मेट्रो का संचालन करेगी। तय प्रावधान के अनुसार लोकल रेल सेवा का किराया दिल्ली मेट्रो सविर्स के तर्ज पर रखा जाएगा।

रबड़ टायर टेन प्रोजेक्ट में संशोधन

मालूम हो कि डीएलएफ यूनिवर्सल ने दो साल पहले अपने रेजिडेंट के लिए बिना ड्राइवर की रबड़ टायर टेन प्रोजेक्ट का प्लान बनाया था। लेकिन कभी हूडा से मेट्रो लाइन के लिए जमीन न मिलने के कारण, तो कभी कनेक्टिविटी चार्ज पर उपजे गतिरोध के कारण मामला लटका रहा। अब उस प्रतीक्षित गुड़गांव मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण का रास्ता खुल गया है। रबड़ टायर के प्रोजेक्ट में संशोधन कर दिया गया है, जो अपने स्टैंडर्ड गेज पर चलेगी। प्रदूषण रहित, साउंड प्रूफ और कई प्रकार की उच्चकोटि की सुविधाओं से ट्रेन लैस होगी।

6 किमी लंबा और 6 स्टेशन

6.1 किलोमीटर लंबे इस मेट्रो रेल लिंक में सिकंदरपुर, डीएलएफ फेस-2, बिलवेडियर टावर, डीएलएफ फेस-3, गेटवे टावर और मॉल ऑफ इंडिया मिलाकर 6 स्टेशन बनेंगे। प्रत्येक स्टेशन की लंबाई 75 मीटर होगी और मेट्रो की स्पीड 30 किमी प्रति घंटे से लेकर 80 किमी प्रति घंटे होगी। सिकंदरपुर स्टेशन को इस तरह बनाया जाएगा कि गुड़गांव या दिल्ली मेट्रो की सवारी करने वाले पैसेंजर को कोई परेशानी न हो।

2012 तक चालू होने की संभावना

डीएलएफ ग्रुप के वाइस चेयरमैन राजीव सिंह के मुताबिक मेट्रो सर्विस 2012 तक चालू हो जाएगी। गुड़गांव मेट्रो सर्विस में शुरुआती चरण में चार कोच होंगे। हरेक कोच में 300 सवारियों के बैठने की कपैसिटी होगी। बाद में जरूरत के हिसाब से कोच की संख्या बढ़ाई जाएगी। उनके मुताबिक दिल्ली सरकार की अनुमति मिली तो कंपनी का प्लान गुड़गांव मेट्रो को मॉल ऑफ इंडिया से बढ़ाकर आईजीआई एयरपोर्ट तक विस्तारित करना है।

केंद्र को भेजा प्रस्ताव : सीएम

मेट्रो प्रोजेक्ट के शिलान्यास के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि बहादुरगढ़, कुंडली व फरीदाबाद समेत नजफगढ़ को भी इस लिंक से जोड़ने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। 10 जनवरी तक दिल्ली से गुड़गांव तक मेट्रो टेन आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 20 लाख की आबादी वाला गुड़गांव तेजी से विकसित हो रहा है। सरकार ने गुड़गांव के डिवेलपमेंट के लिए मास्टरप्लान 2021 में व्यापक प्लान बनाया है।

पीछे से हुई टक्कर, अभी तक कोई खास कार्रवाई नहीं हुई

संशय अभी भी बरकरार है, पीछे से हुई टक्कर, अभी तक कोई खास कार्रवाई नहीं हुई

पश्चिमी रेलवे के माहिम रेलवे स्टेशन के पास दो लोकल ट्रेनों के बीच रविवार दोपहर टक्कर हो गई। इस में कई यात्री घायल हो गए। घायलों को पास एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बोरिवली जाने वाली ट्रेन माहिम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर रुकी हुई थी। इसी दौरान उसे अंधेरी जाने वाली लोकल ट्रेन ने पीछे टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि यह दुर्घटना सिग्नल फेल होने की वजह से हुई है। एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना की वजह से पश्चिमी रेलवे पर रेल सेवाओं का मार्ग परिवर्तन करके फास्ट ट्रैक पर कर दिया गया है।

Saturday, August 8, 2009

दिल्ली मेट्रो के तीसरे फेज की तैयारियों का रास्ता साफ

दिल्ली मेट्रो के तीसरे फेज की तैयारियों का रास्ता साफ हो गया है। तीसरे फेज की मेट्रो रेल लाइनों की डिटेल प्रॉजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के प्रस्ताव को दिल्ली सरकार ने अपनी हरी झंडी दिखा दी है। प्रॉजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए दिल्ली सरकार ने 3.19 करोड़ रुपये की राशि मंजूर कर ली है। इस राशि की मंजूरी के बाद अब दिल्ली मेट्रो तीसरे फेज की 85 किमी लंबी लाइनों की डिटेल प्रॉजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का कार्य शुरू कर सकता है। दिल्ली सरकार के सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के वित्तमंत्री डॉ. अशोक कुमार वालिया ने गुरुवार को इस रकम को मंजूरी प्रदान कर दी है। रिपोर्ट के लिए इतनी ही राशि केंद्र सरकार भी देगी। इस तरह औपचारिक तौर पर तीसरे फेज की लाइनों को बनाने के लिए शुरुआती कवायद शुरू हो जाएगी। दिल्ली मेट्रो की लाइनों का निर्माण करने से पहले प्रस्ताव कई चरणों से होकर गुजरता है। इसके तहत सबसे पहले प्रस्तावित मेट्रो रेल लाइनों की डिटेल प्रॉजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाती है। इस प्रॉजेक्ट रिपोर्ट के तहत मेट्रो के रूट पर चलने वाले ट्रैफिक, संभावित पैसिंजरों की तादाद, मेट्रो के चलने पर वहां के वातावरण पर पड़ने वाले असर, स्टेशनों की संख्या, उनकी लोकेशन, रास्ते में आने वाले पेड़ों आदि के साथ-साथ मेट्रो लाइन से प्रभावित होने वाली संपत्तियों का ब्यौरा भी तैयार किया जाता है। इसके अलावा इसी डीपीआर में ही मेट्रो रेल लाइन के संभावित खर्च की भी जानकारी दी जाती है। यह पूरी कवायद ही डिटेल प्रॉजेक्ट रिपोर्ट के रूप में सामने आती है। इसके बाद यह रिपोर्ट दिल्ली सरकार को दी जाती है और वही कैबिनेट में इन लाइनों के भविष्य का फैसला करती है। अगर सरकार उसे मंजूर करती है तो मेट्रो लाइन के निर्माण पर आने वाले खर्च को भी मंजूरी देनी होती है। बाद में केंद्र सरकार से भी मंजूरी ली जाती है। दिल्ली सरकार के सूत्रों का कहना है कि फिलहाल 85 किमी की डीपीआर के मंजूरी दी गई है। वैसे मेट्रो का इरादा तीसरे फेज में भी 120 किमी लंबी लाइनें बनाने का है। ऐसे में 35 किमी की लाइनों की डीपीआर तैयार करने के लिए संभवत: बाद में सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

Wednesday, August 5, 2009

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के लिए शुरू की गई पहली लेडीज स्पेशल ट्रेन

रेल मंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली सरकार को आश्वस्त किया है कि शहर में रिंग रेल को और उपयोगी बनाने के लिए रेलवे हरसंभव कोशिश करेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली से जुड़ी महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जाएगा ताकि दिल्ली वालों को इसका फायदा मिल सके। रेल मंत्री नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के लिए शुरू की गई पहली लेडीज स्पेशल ट्रेन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रही थीं। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री विलासराव देशमुख समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। इस मौके पर रेल मंत्री ने कहा कि जल्द ही तुगलकाबाद रेलवे स्टेशन से तीन पार्सल ट्रेनें शुरू की जाएंगी। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और आनंद विहार स्टेशनों का जिक्र करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि इन दोनों स्टेशनों को वर्ल्ड क्लास बनाने का कार्य भी जल्द ही शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने महिलाओं के लिए स्पेशल लेडीज ट्रेन चलाने के लिए रेल मंत्री का आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि दिल्ली से जुड़े रेल प्रॉजेक्ट जल्द ही पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़ी परियोजनाओं को भी तय वक्त तक पूरा कर लिया जाएगा।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के लिए शुरू की गई पहली लेडीज स्पेशल ट्रेन

रेल मंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली सरकार को आश्वस्त किया है कि शहर में रिंग रेल को और उपयोगी बनाने के लिए रेलवे हरसंभव कोशिश करेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली से जुड़ी महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जाएगा ताकि दिल्ली वालों को इसका फायदा मिल सके। रेल मंत्री नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के लिए शुरू की गई पहली लेडीज स्पेशल ट्रेन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रही थीं। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री विलासराव देशमुख समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। इस मौके पर रेल मंत्री ने कहा कि जल्द ही तुगलकाबाद रेलवे स्टेशन से तीन पार्सल ट्रेनें शुरू की जाएंगी। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और आनंद विहार स्टेशनों का जिक्र करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि इन दोनों स्टेशनों को वर्ल्ड क्लास बनाने का कार्य भी जल्द ही शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने महिलाओं के लिए स्पेशल लेडीज ट्रेन चलाने के लिए रेल मंत्री का आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि दिल्ली से जुड़े रेल प्रॉजेक्ट जल्द ही पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़ी परियोजनाओं को भी तय वक्त तक पूरा कर लिया जाएगा।

मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच ग

राखी से एक दिन पहले दिल्ली मेट्रो ने पैसिंजरों को सफर कराने का रेकॉर्ड कायम किया है। मंगलवार को दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच गया। यही नहीं, मेट्रो ने आमदनी का भी रेकॉर्ड बनाया है। डीएमआरसी के प्रवक्ता ने बताया कि मंगलवार को कुल 9.92 लाख पैसिंजरों ने सफर किया। इससे पहले अधिकतम पैसिंजरों का रेकॉर्ड 24 नवंबर 2008 को तब बना था, जब प्रगति मैदान में ट्रेड फेयर चल रहा था। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि 4 अगस्त को मेट्रो को 1.24 करोड़ रुपये की रेकॉर्ड आमदनी हुई। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि इससे पहले सोमवार को मेट्रो में 9.26 लाख पैसिंजरों ने सफर किया और उसकी आमदनी लगभग सवा करोड़ रुपये थी। दिल्ली मेट्रो के सर्वे के मुताबिक आमतौर पर मेट्रो में सफर करने वालों में से 43 फीसदी पैसिंजर एक से ज्यादा मेट्रो ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। इस सर्वे के आधार पर मेट्रो का कहना है कि इस तरह से मंगलवार को कुल 14.21 लाख पैसिंजरों के बराबर मेट्रो ट्रेनों में सफर किया गया। मंगलवार के जो आंकड़े मेट्रो को मिले हैं, उनके मुताबिक सबसे ज्यादा 3.96 लाख पैसिंजरों ने यमुना बैंक-द्वारका लाइन पर सफर किया। दिलशाद गार्डन-रिठाला लाइन पर 3.05 लाख और जहांगीरपुरी लाइन पर 2.89 लाख पैसिंजरों ने सफर किया। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि बुधवार को रक्षाबंधन पर भी मेट्रो के कई स्टेशनों पर भारी भीड़ रही। इनमें राजीव चौक, यमुना बैंक, जहांगीरपुरी, दिलशाद गार्डन, सीलमपुर, शाहदरा, द्वारका मोड़ और उत्तम नगर शामिल हैं। इस वक्त दिल्ली मेट्रो में औसतन 8.37 लाख पैसिंजर रोजाना सफर करते हैं।

मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच ग

राखी से एक दिन पहले दिल्ली मेट्रो ने पैसिंजरों को सफर कराने का रेकॉर्ड कायम किया है। मंगलवार को दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच गया। यही नहीं, मेट्रो ने आमदनी का भी रेकॉर्ड बनाया है। डीएमआरसी के प्रवक्ता ने बताया कि मंगलवार को कुल 9.92 लाख पैसिंजरों ने सफर किया। इससे पहले अधिकतम पैसिंजरों का रेकॉर्ड 24 नवंबर 2008 को तब बना था, जब प्रगति मैदान में ट्रेड फेयर चल रहा था। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि 4 अगस्त को मेट्रो को 1.24 करोड़ रुपये की रेकॉर्ड आमदनी हुई। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि इससे पहले सोमवार को मेट्रो में 9.26 लाख पैसिंजरों ने सफर किया और उसकी आमदनी लगभग सवा करोड़ रुपये थी। दिल्ली मेट्रो के सर्वे के मुताबिक आमतौर पर मेट्रो में सफर करने वालों में से 43 फीसदी पैसिंजर एक से ज्यादा मेट्रो ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। इस सर्वे के आधार पर मेट्रो का कहना है कि इस तरह से मंगलवार को कुल 14.21 लाख पैसिंजरों के बराबर मेट्रो ट्रेनों में सफर किया गया। मंगलवार के जो आंकड़े मेट्रो को मिले हैं, उनके मुताबिक सबसे ज्यादा 3.96 लाख पैसिंजरों ने यमुना बैंक-द्वारका लाइन पर सफर किया। दिलशाद गार्डन-रिठाला लाइन पर 3.05 लाख और जहांगीरपुरी लाइन पर 2.89 लाख पैसिंजरों ने सफर किया। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि बुधवार को रक्षाबंधन पर भी मेट्रो के कई स्टेशनों पर भारी भीड़ रही। इनमें राजीव चौक, यमुना बैंक, जहांगीरपुरी, दिलशाद गार्डन, सीलमपुर, शाहदरा, द्वारका मोड़ और उत्तम नगर शामिल हैं। इस वक्त दिल्ली मेट्रो में औसतन 8.37 लाख पैसिंजर रोजाना सफर करते हैं।

मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच ग

राखी से एक दिन पहले दिल्ली मेट्रो ने पैसिंजरों को सफर कराने का रेकॉर्ड कायम किया है। मंगलवार को दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों का आंकड़ा 10 लाख के समीप पहुंच गया। यही नहीं, मेट्रो ने आमदनी का भी रेकॉर्ड बनाया है। डीएमआरसी के प्रवक्ता ने बताया कि मंगलवार को कुल 9.92 लाख पैसिंजरों ने सफर किया। इससे पहले अधिकतम पैसिंजरों का रेकॉर्ड 24 नवंबर 2008 को तब बना था, जब प्रगति मैदान में ट्रेड फेयर चल रहा था। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि 4 अगस्त को मेट्रो को 1.24 करोड़ रुपये की रेकॉर्ड आमदनी हुई। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि इससे पहले सोमवार को मेट्रो में 9.26 लाख पैसिंजरों ने सफर किया और उसकी आमदनी लगभग सवा करोड़ रुपये थी। दिल्ली मेट्रो के सर्वे के मुताबिक आमतौर पर मेट्रो में सफर करने वालों में से 43 फीसदी पैसिंजर एक से ज्यादा मेट्रो ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। इस सर्वे के आधार पर मेट्रो का कहना है कि इस तरह से मंगलवार को कुल 14.21 लाख पैसिंजरों के बराबर मेट्रो ट्रेनों में सफर किया गया। मंगलवार के जो आंकड़े मेट्रो को मिले हैं, उनके मुताबिक सबसे ज्यादा 3.96 लाख पैसिंजरों ने यमुना बैंक-द्वारका लाइन पर सफर किया। दिलशाद गार्डन-रिठाला लाइन पर 3.05 लाख और जहांगीरपुरी लाइन पर 2.89 लाख पैसिंजरों ने सफर किया। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि बुधवार को रक्षाबंधन पर भी मेट्रो के कई स्टेशनों पर भारी भीड़ रही। इनमें राजीव चौक, यमुना बैंक, जहांगीरपुरी, दिलशाद गार्डन, सीलमपुर, शाहदरा, द्वारका मोड़ और उत्तम नगर शामिल हैं। इस वक्त दिल्ली मेट्रो में औसतन 8.37 लाख पैसिंजर रोजाना सफर करते हैं।

Sunday, August 2, 2009

रेलवे की घटिया सेवा के कारण रोडवेज का फायदा

स्टेट के सात बडे़ शहरों में रोडवेज सिटी बसें चलाएगी। केंद्र सरकार की जेएनयूआरएमएस (जवाहर
लाल नेहरू अर्बन रिवॉलविंग मैनेजमेंट स्कीम) योजना के तहत यूपी को 1500 बसें दी जाएगी। इस प्लान पर केंद सरकार यूपी में करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपया खर्च करेगी। कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले स्कीम लागू होगी। रोडवेज सूत्रों के मुताबिक तीस लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में रोडवेज सिटी बस का इंफ्रा स्ट्रक्चर तैयार करेगा। इन शहरों में मेरठ, मथुरा, आगरा, लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद और वाराणसी शामिल है। इनमें से अभी कुछ शहरों में ही सिटी बसें है, मगर उनका संचालन प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों के हाथों में ही है। प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लेकर तमाम शिकायतें सामने आ रही हैं। केंद्र सरकार की योजना के मुताबिक है इन सभी बडे़ शहरों में सिटी बस का संचालन रोडवेज करेगा। इन बसों के लिए रूट नगर निगम तय करेगी। इनको ज्यादा से ज्यादा 40 किलोमीटर के रूट पर चलाया जा सकता है। इन बसों का संचालन नगर निगम के सुझाए गए रूटों पर होगा। बसों का संचालन यूपी रोडवेज करेगा। बसों के रखरखाव और ऑपरेशन पर नजर रखने के लिए यूपी रोडवेज, नगर निगम और डिवेलपमंट ऑथॉरिटी की एक होगी। सूत्रों का कहना है कि बसों से होने वाली आमदनी और घाटे का जोखिम डिवेलपमंट ऑथॉरिटी उठाएगी। बसों के संचालन में आर्थिक घाटे के कारण आने वाली रुकावटों को दूर करने का प्रबंध भी कर लिया गया है। केंद्र सरकार से सिटी बस के तौर पर मिलने वाली सभी बसें 27 सीटर होगी। बसों का डिजाइन इस तरह से होगा कि वह कम चौड़ी सड़कों से भी गुजर सकेगी।