Tuesday, December 31, 2013

यात्री के नाश्ते में शेविंग ब्लेड

मेल एक्सप्रेस ट्रेन में रेलवे के पैंट्री कार द्वारा दिए गए भोजन के बासी होने, उसमें तिलचट्टा तथा अन्य गंदगी पाए जाने और घटिया क्वॉलिटी जैसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। शिकायतों के बावजूद रेलवे प्रशासन तथा भोजन सप्लाई करने वाली आईआरसीटीसी लिमिटेड को कोई फर्क पड़ता नजर नहीं आ रहा है।
शनिवार को इलाहाबाद से चली और रविवार की दोपहर लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंची 12294 अप दुरंतो ट्रेन में एक यात्री के नाश्ते में शेविंग ब्लेड पाए जाने की घटना सामने आई है। प्रमोद दुबे नामक यात्री की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि उन्हें परोसी गई कटलेट के भीतर मौजूद ब्लेड का टुकड़ा यदि उनके गले में अटक जाता या पेट में चला जाता, तो उनकी जान पर बन आती।
ठाणे के नालासोपारा निवासी प्रमोद दुबे इलाहाबाद-लोकमान्य तिलक टर्मिनस 12294 अप दुरंतो एक्सप्रेस में अपने भाई के साथ बी-1 बोगी में सवार थे। रविवार की सुबह भुसावल पहुंचने पर ट्रेन में नाश्ता चढ़ाया गया और फिर यात्रियों को परोसा गया। दुबे के मुताबिक वे कटलेट को धीरे-धीरे तोड़कर खा रहे थे, वे एक टुकड़े को जैसे ही मुंह में डालने गए, तो उसमें कोई कड़क चीज होने का एहसास हुआ। दुबे ने कटलेट के टुकड़े को ध्यान से देखा, तो उसमें शेविंग ब्लेड का आधा टुकड़ा था।


Monday, December 30, 2013

रेलवे स्टेशनों के बीच रेल पटरी पर लावारिस हालत में पड़े दो बम में सोमवार सुबह विस्फोट



बिहार के कटिहार जिले के आजमनगर और खुरियार रेलवे स्टेशनों के बीच रेल पटरी पर लावारिस हालत में पड़े दो बम में सोमवार सुबह विस्फोट हो गया। रेल पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मिश्र ने बताया कि बम कम तीव्रता के थे। इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटनास्थल से दो अन्य बम भी बरामद किए गए हैं।
अधीक्षक ने बताया रेल पटरी की जांच कर रहे ट्रैक मैन द्वारा लावारिस हालत में पडे़ इन बमों को डंडे से हटाने के क्रम में उनमें से दो में विस्फोट हो गया। मिश्र ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही उस रेल मार्ग पर ट्रेनों के परिचालन को रोक दिया गया है। पुलिस अधीक्षक बम निरोधक दस्ते के साथ घटनाथल के लिए रवाना हो गए हैं।

Friday, December 27, 2013

कालका-शिमला रेल ट्रैक पर हॉली-डे स्पेशल ट्रेन शुरू

नए साल की खुशियां मनाने हिमाचल आने वाले पर्यटकों की तादाद में बढ़ोतरी को देखते हुए उत्तर रेलवे ने कालका-शिमला रेल ट्रैक पर हॉली-डे स्पेशल ट्रेन शुरू की है। गुरुवार को शिमला से सुबह 9.25 मिनट पर यह स्पेशल ट्रेन (शिवालिक डुप्लिकेट) कालका के लिए रवाना हुई। यह ट्रेन दूसरे दिन कालका से 12:45 बजे चलेगी और 6 बजे शिमला पहुंचेगी।
कालका के स्टेशन सुपरिटेंडेंट एम. पी. पटेल ने बताया कि 7 कोच वाली इस स्पेशल ट्रेन में एडवांस बुकिंग का प्रावधान है। इसका लिंक हिमालयन क्वीन और शताब्दी एक्सप्रेस से किया गया है। शिवालिक ट्रेन से कालका से शिमला जाने के लिए किराया 375 रुपये है, जबकि शिमला से कालका की दूरी के लिए 465 रूपये किराया लिया जाएगा। पटेल ने बताया कि नववर्ष मनाने के लिए देश-विदेश से भारी संख्या में पर्यटक शिमला पहुंच रहे हैं। पर्यटकों को सहूलियत देने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई गई हैं। हॉली डे स्पेशल ट्रेन के अलावा 20 दिसंबर से दूसरी स्पेशल ट्रेन चलाई गई है। शिमला आने वाले अधिकतर पर्यटक बस की जगह ट्रेन से सफर करना पसंद करते हैं। कालका-शिमला रेलमार्ग पर 102 सुरंगें और 869 पुल बने हुए है। इस रास्ते में 919 घुमाव आते है, जिनमें से सबसे तीखे मोड़ पर ट्रेन 48 डिग्री के कोण पर घूमती है।

Monday, December 23, 2013

ट्रेन के कन्फर्म टिकट पर फैमिली के दूसरे लोग कर सकते हैं सफर

रेलवे ने यात्रियों की परेशानी दूर करने के लिए कुछ नियम बनाए हैं, लेकिन जानकारी न होने के कारण यात्री सुविधा का लाभ नहीं उठा पाते हैं। एक सुविधा यह है कि कन्फर्म ट्रेन टिकट लेने वाला व्यक्ति यदि किसी कारणवश यात्रा नहीं कर पाए तो उसके खून के रिश्ते वाले किसी वयस्क को संशोधित टिकट दिया जा सकता है। इसी तरह निश्चित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने पर बाराती, छात्र और सरकारी कर्मचारियों को भी संशोधित टिकट देने की व्यवस्था है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, किसी ट्रेन के कन्फर्म टिकट लेने वाला व्यक्ति किन्हीं कारणों से खुद यात्रा नहीं कर पाए तो उस टिकट पर उसके माता, पिता, भाई, बहन, बेटा, बेटी, पत्नी (पत्नी के नाम से टिकट हो तो पति) यात्रा कर सकते हैं। उन्हें बर्थ मिल जाएगी। इसके लिए जरूरी यह है परिवार वाले का नाम राशनकार्ड में या अन्य दस्तावेज में होना चाहिए। यह सुविधा लेने के लिए ट्रेन के रवाना होने से 24 घंटे पहले चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर (सीआरएस) को आवेदन देना होगा  इसी प्रकार यदि कोई सरकारी कर्मचारी कन्फर्म टिकट लेने के बाद सफर नहीं कर पाए तो उसके बदले उसी टिकट पर दूसरा कर्मचारी यात्रा कर सकता है, बशर्ते ट्रेन चलने के 24 घंटे पहले सीआरएस को आवेदन दे दिया जाए। रेलवे ने छात्रों और बारातियों को भी सहूलियत दी है। किसी मान्यता प्राप्त शैक्षिक संस्था का छात्र या किसी बाराती दल का सदस्य टिकट लेने के बाद यात्रा नहीं कर पाए तो उसके स्थान पर उसी संस्था या बाराती दल के दूसरे सदस्य को संशोधित टिकट दिया जा सकता है। यह सुविधा लेने के लिए 48 घंटे पूर्व संस्था प्रमुख या समारोह के मुखिया की ओर से आवेदन करना होगा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि छात्र और बारातियों में से मात्र 10% सदस्यों को ही यह सुविधा दी जा सकेगी।
रायपुर रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी रतन बसाक ने बताया कि यह नियम बहुत पहले से लागू है, लेकिन जानकारी के अभाव में इन नियमों का लाभ यात्री उठा नहीं पाते हैं।

Friday, December 20, 2013

ट्रेन से गिरकर एक युवक की मौत

 बुधवार देर रात मुजेसर फाटक के पास चलती ट्रेन से गिरकर एक युवक की मौत हो गई। जीआरपी के जांच अधिकारी एएसआई पोरस कुमार का कहना है कि बुधवार देर रात सूचना मिली कि मुजेसर फाटक के पास रेलवे लाइन के किनारे एक अज्ञात युवक का शव पड़ा हुआ है। जिसके बाद वह तुरंत मौके पहुंच गए। उन्होंने बताया कि शव के पास ही मृतक का मोबाइल फोन भी पड़ा हुआ था। उनका कहना है कि यह स्पष्ट है कि युवक की मौत चलती ट्रेन से गिरने के कारण है। मोबाइल में फीड नंबर पर संपर्क कर मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। 

Tuesday, December 17, 2013

दिल्ली-चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को मॉर्डन रेलवे स्टेशन

दिल्ली-चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को मॉर्डन रेलवे स्टेशन बनाने की योजना पैसों की कमी के कारण खटाई में पड़ता दिखाई दे रहा है। इसके अलावा अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन को भी वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनाने का ऐलान रेलवे बजट में किया गया था। यह दावा भी खोखला पड़ता नजर आ रहा है।रविवार को अंबाला नॉर्थ जोन के डीआरएम रेलवे ने कहा कि रेलवे को जब पैसों की तंगी दूर होगी तब ही इन स्टेशनों को हाईटेक बनाने की ओर कदम बढ़ाया जायेगा। फिलहाल अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन को एस्क्लेटर और रेस्ट्रॉन्ट से ही संतोष करना पड़ेगा।
वैसे अंबाला छावनी ऐसा रेलवे स्टेशन है, जहां से कालका-शिमाला, अमृतसर, दिल्ली और सहारनपुर के ‌लिए रेल लाइन निकलती है, परन्तु सुविधाओं के नाम पर यहां केवल गंदगी ही दिखाई देती है। इसके साथ लगते अंबाला शहर रेलवे स्टेशन का तो इस कदर हाल बेहाल है कि यहां से रेलगाड़ी पकड़ने के लिए आने वाले लोगों को बेंचों की कमी के कारण जमीन पर बैठ कर रेलगाड़ियों का इंतजार करना पड़ता है। इस बारे में रेलवे अधिकारी हर बार यही राग अलापते हैं कि सब ठीक कर दिया जाएगा।
अंबाला में नॉर्थ जोन के डीआरएम रेलवे ने कहा कि अभी दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे बड़े स्टेशन कवर नहीं हुए हैं। जब रेलवे की तंगी दूर होगी तभी यह प्रॉजेक्ट पूरे हो पाएंगे। डीआरएम ने माना कि अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन को भी हाईटेक किया जाना था लेकिन अभी स्टेशन के लिए एक एस्क्लेटर और रेस्ट्रॉन्ट ही बनाया जाना है, जो जल्द पूरा हो जाएगा।
 

एक्सप्रेस ट्रेन में 11 साल की एक लड़की का यौन उत्पीड़न

 हावड़ा जा रही एक एक्सप्रेस ट्रेन में 11 साल की एक लड़की का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में कोलकाता में काम करने वाले एक इंजिनियर को गिरफ्तार किया गया है।
जीआरपी सूत्रों ने बताया कि कोलकाता की एक निजी कंपनी में इंजिनियर के तौर पर काम कर रहे और उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के रहने वाले मोहम्मद नफीस को पीड़िता के परिवार के लोगों द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
टाटानगर जीआरपी के पास दायर शिकायत में कहा गया कि सोमवार रात आरोपी ने पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस में पीड़िता का यौन उत्पीड़न किया, हालांकि आरोपी ने इससे इनकार किया है।

Monday, December 9, 2013

दो बुजुर्ग रेलगाड़ी की चपेट में आ गए

भिवानी रोड रेलवे फाटक के निकट सोमवार दोपहर को रेलवे लाइन पार कर रहे दो बुजुर्ग रेलगाड़ी की चपेट में आ गए। जिसमें दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्गा कॉलोनी निवासी मुख्तयार सिंह (90), जुलाना निवासी ओमप्रकाश (80) सोमवार दोपहर को भिवानी रोड रेलवे फाटक के निकट रेलवे लाइन को पार कर रहे थे। उसी दौरान जींद से दिल्ली की तरफ जा रही छिंदवाड़ा एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। जिसमें दोनों बुजुर्गो की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान उनकी जेब से मिले कागजातों के आधार पर हुई। बताया जाता है कि दोनों बुजुर्ग पैदल ही शहर की तरफ जा रहे थे। फाटक बंद होने के कारण कुछ दूरी पर रेलवे लाइन को पार करने लगे। उसी दौरान दोनों हादसे का शिकार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस मौके पर पहुंच गई और दोनों बुजुर्ग लोगों के शवों को कब्जे में ले सामान्य अस्पताल में ले आए। रेलवे पुलिस ने मृतक बुजुर्गो के शवों का सामान्य अस्पताल में पोस्टमॉर्टम करवा परिजनों को सौंप दिए। रेलवे पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। 

Thursday, December 5, 2013

ट्रेन पर हमला

आगरा जेल से गाजियाबाद भेजे गए दो विचाराधीन कैदियों के एक दर्जन हथियारबंद साथियों ने उन्हें वापस लाते समय ट्रेन पर हमला कर उन्हें छुड़ा लिया। इस घटना में चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से दो हालत बेहद नाजुक होने पर उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को आगरा जिला कारागार से हत्या के आरोपी दो विचाराधीन कैदियों हरेंद्र सिंह राणा और दिनेश कुमार को एक अन्य मामले में गाजियाबाद जिला न्यायालय में पेशी के लिए ले जाया गया था। देर रात जब उन्हें आगरा ले जाया जा रहा था, तभी बाद और फरह स्टेशन के बीच ट्रेन की गति धीमी होने पर कई हथियारबंद बदमाश बोगी में चढ़ गए।
बदमाशों ने राणा और दिनेश की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों पर जानलेवा हमला कर अपने दोनों साथी छुड़ा लिए और चेन पुल करके फरार हो गए।

मुंबई मेट्रो की लाइन वन (वरसोवा अंधेरी घाटकोपर) अब मेट्रो रेलवे ऐक्ट के तहत

मुंबई मेट्रो की लाइन वन (वरसोवा अंधेरी घाटकोपर) अब मेट्रो रेलवे ऐक्ट के तहत आएगी। इस बारे में शहरी विकास मंत्रालय ने 18 नवंबर को बाकायदा नोटिफिकेशन जारी कर दिया है और इस बारे में मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन और महाराष्ट्र सरकार को भी सूचना दे दी है। नोटिफिकेशन होने से पहले तक यह लाइन ट्राम वे एक्ट के तहत थी।

शहरी विकास मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक इस मेट्रो लाइन को मेट्रो एक्ट के तहत लाने के लिए राज्य सरकार की ओर से ही मंत्रालय से अनुरोध किया गया था। उसी अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए मंत्रालय ने इसे मेट्रो एक्ट के तहत नोटिफाई कर दिया है। इसके साथ ही इस लाइन का अलाइनमेंट भी इसी एक्ट के तहत आ गया है।

मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो एक्ट में इस लाइन के आने के बाद इस पर सभी तरह के नियम कानून मेट्रो एक्ट के तहत ही लागू होंगे। संभवत: इसकी वजह यह भी है कि राज्य सरकार नहीं चाहती थी कि यह लाइन ट्राम वे एक्ट के तहत चले।

Monday, November 18, 2013

इगतापुरी के पास घोती में एक ट्रेन के दस डिब्बे पटरी से उतर गए

नासिक जिले में शुक्रवार सुबह इगतापुरी के पास घोती में एक ट्रेन के दस डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे दो लोगों की मौत हो गई और 37 अन्य घायल हो गए।
मध्य रेलवे के एक प्रवक्ता ने मुंबई में बताया कि हादसा सुबह करीब छह बजकर 20 मिनट पर उस समय हुआ जब 12618 निजामुद्दीन-एर्नाकुलम लक्षद्वीप मंगला एक्सप्रेस नासिक के पास घोती-इगतापुरी के बीच गुजर रही थी।
उन्होंने बताया कि हादसे का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। घोती के वरिष्ठ निरीक्षक भास्कर जाधव ने बताया कि हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई और 37 अन्य घायल हो गए।
पुलिस ने बताया कि घायलों को घोती ग्रामीण अस्पताल, कसारा और नासिक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। रेलवे पुलिस और ग्रामीण सुरक्षाकर्मियों की मदद से राहत अभियान चलाया जा रहा है।
नासिक सिविल अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अब तक दो यात्रियों के मरने की पुष्टि की है। रेलवे के एक अधिकारी ने नासिक में बताया कि दुर्घटना के बाद रेल यातायात प्रभावित हो गया जिसके चलते रेलवे अधिकारियों ने मनमाड़-कुर्ला-गोदावरी एक्सप्रेस और मनमाड़-मुंबई पंचवटी एक्सप्रेस तथा मनमाड़-पुणे राज्यरानी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें रद्द कर दीं।

Wednesday, November 13, 2013

धुंध की चादर का असर

दिवाली के बाद से फैली धुंध की चादर का असर पर दिल्ली-रेवाड़ी रेल मार्ग पर पड़ने लगा है। ऐसे में इस रूट पर आने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों समेत पैसेंजर ट्रेनें भी घंटों लेट चल रही हैं। इस वजह से मुसाफिरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें सही इन्फर्मेशन भी नहीं मिल पा रही है। 
जानकारी के मुताबिक, रविवार को दिल्ली-रेवाड़ी रूट की एक दर्जन से अधिक ट्रेनें लेट रहीं। रेलवे प्रवक्ता के मुताबिक, धुंध का असर शुरू हो गया है। इस वजह से रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द व शॉर्ट टर्मिनेट भी किया है। फिलहाल दिल्ली-रेवाड़ी रेल मार्ग पर धुंंध का अधिक असर नहीं है। जैसे-जैसे धुंध का कहर बढे़गा, यहां भी कदम उठाए जाएंगे। गौरतलब है कि हर साल कोहरे के दौरान रेलवे का यही हाल होता है। इससे निपटने के लिए रेलवे ने करीब 2 साल पहले सैटलाइट डिवाइस की मदद से ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया था, लेकिन यह प्रक्रिया फिलहाल 100 ट्रेनों तक ही सीमित है। 

Friday, November 8, 2013

ट्रेन से कटकर एक युवक की मौत

ट्रेन से कटकर एक युवक की मौत हो गई। युवक का नाम नवनीत यादव निवासी पूठड बताया जा रहा है। वह मेरठ यूनिवर्सिटी में बीए फस्ट इयर का छात्र था। परिजनों के अनुसार नवनीत सुबह मेरठ जाने के लिए कहकर निकला था। विपरीत दिशा में स्थित सूजरा रेलवे हॉल्ट के पास ट्रेन से कटकर उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Monday, November 4, 2013

पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव की योजना सिरदर्द बन गई

रेलयात्रियों के लिए रविवार को पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव की योजना सिरदर्द बन गई। उनका स्लीपर का आरक्षण अपग्रेड होकर एसी में कंफर्म हो गया। ट्रेनें छूटने के घंटों बाद तक यात्रियों को इसकी जानकारी तक नहीं मिली जिससे एसी के कंडक्टर ने उन्हें चार्ट में 'नॉट टर्नअप' दिखा दिया। इससे वह बुरे फंस गए स्लीपर के कंडक्टर ने प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को उनकी शायिकाएं दे दीं और एसी में उन्हें जगह लेने के लिए घंटों जद्दोजहद करनी पड़ी।
दिवाली के दौरान ज्यादातर ट्रेनों में सन्नाटा था। लेकिन गोरखपुर-अहमदाबाद स्पेशल, पुष्पक एक्सप्रेस, सहित लम्बी दूरी की कुछ ट्रेनों के स्लीपर क्लास में जगह फुल थी। उनके एसी दर्जे में शायिकाएं खाली रह गईं। करीब दर्जनभर ट्रेनों के सैकड़ों यात्रियों के टिकट अपग्रेड हो गए। इनमें से पहले से ही जागरूक यात्रियों ने तो अपग्रेड हुए टिकटों का फायदा उठा लिया लेकिन जिन्हें जानकारी नहीं थी उनके लिए यह सुविधा सिरदर्द बन गई।
गोरखपुर से अहमदाबाद के बीच चलने वाली अहमदाबाद एक्सप्रेस (19410) के दो दर्जन से अधिक यात्रियों को लखनऊ से ट्रेन में बैठने के बाद कानपुर तक टीटीई नहीं मिला। कानपुर में जब टीटीई एस-1 कोच में घुसा तो उसने कई यात्रियों को झिड़कना शुरू कर दिया। टीटीई ने उनसे व कई अन्य यात्रियों से कहा कि आपके टिकट अपग्रेड हो गए हैं थर्ड एसी में जाओ। इसके बाद उसने आरएसी व प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को उनकी शायिकाएं आवंटित कर दीं। इसके पहले थर्ड एसी के कुछ यात्रियों के टिकट सेकेंड एसी में अपग्रेड हो चुके थे। इसी ट्रेन से अजमेर जाने के लिए एस एम राफे ने तत्काल दर्जे में स्लीपर क्लास के चार टिकट लिए थे। जिनका नम्बर एस-1 में 41, 42, 43 44 था। चार्ट बना तो उनके टिकट पर बी-1 कोच में 23, 24, 29 30 नम्बर आवंटित हो गई। राफे सहित कई यात्रियों के टिकटों पर पहले से ही कोच व बर्थ नम्बर पड़ा था इसलिए उन लोगों ने चार्ट पर नाम देखने की जहमत नहीं उठाई।

Sunday, November 3, 2013

शुभकामनायें

दीप पर्व की शुभकामनायें 

Thursday, October 31, 2013

हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर एक मगरमच्छ को छुड़ाया

वाइल्डलाइफ स्मगलरों से कब्जे से हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर एक मगरमच्छ को छुड़ाया गया। दलदल में पाए जाने वाले इस बेहद यंग मगरमच्छ को स्मगलर कर्नाटक से लाए थे। उनका इरादा इसे एक चीनी व्यापारी को बेचने का था। जहां उसे मारकर चीन की ट्रेडिशनल दवाओं के बनाने में इस्तेमाल किया जाना था। लेकिन इससे पहले कि उनके इरादे कामयाब होते, दिल्ली वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट और वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने मगरमच्छ को छुड़ा लिया। अब लीगल प्रोसेस के बाद इसे नैशनल चंबल सेंक्चुअरी में छोड़ा गया है। 
कुछ महीने पहले छुड़ाए गए इसे मगरमच्छ को शुरू में वाइल्डलाइफ कोर्ट के आदेश पर वाइल्डलाइफ एसओएस की देखभाल में ही रखा गया था। डीसीएफ चंबल और उत्तर प्रदेश के चीफ वाइल्डलाइफ वॉर्डन से परमिशन मिलने के बाद इसे चंबल नदी में छोड़ा गया। इसे शिफ्ट करने के लिए दिल्ली वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट और वाइल्डलाइफ एसओएस ने दिल्ली में कोर्ट से इजाजत ली थी। मगरमच्छ को नैशनल चंबल सेंचुरी ले जाने के लिए वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया। इस दौरान दिल्ली वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर भी टीम के साथ थे। मगरमच्छ को इसी रविवार को वन विभाग के अफसरों की मौजूदगी में चंबल नदी के किनारे छोड़ा गया। 
उत्तर प्रदेश के चीफ वाइल्डलाइफ वॉर्डन डॉ. रूपक डे ने बताया कि यह मगरमच्छ कुदरत के तोहफे की तरह है और इसे फिर से कुदरती माहौल में भेजना जरूरी था। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्दी यह मगरमच्छ अपने आप को नए माहौल के मुताबिक ढाल लेगा। 
डिप्टी कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (वाइल्डलाइफ) एन. के. जानू ने कहा कि चंबल नदी मगरमच्छों के लिए नेचरल घर की तरह है। यहां पर इसे छोड़ना इसे अजादी देने की तरह है। उन्होंने इस जानवर को बचाने के लिए किए गए प्रयासों की भी तारीफ की। अदालत से परमिशन मिलने तक मगरमच्छ को गुड़गांव के रेस्क्यू सेंटर में रखा गया था। वाइल्डलाइफ एसओएस की कस्टडी में चल रहे इस सेंटर में ऐसे कई जानवर हैं। मगरमच्छ के बारे में जानकारी देते हुए वाइल्डलाइफ एसओएस की को-फाउंडर गीता शेषामणि ने बताया कि जब चंबल नदी के किनारे मगरमच्छ को छोड़ा गया तो पहले उसने रुककर आसपास की जगह का जायजा लेने की कोशिश की। उसके बाद उसने एक नजर हमारी टीम को देखा और तैरते हुए पानी में चला गया। 

Tuesday, October 29, 2013

सोमवार सुबह ट्रेन की चपेट में आकर 3 गैंगमैनों की मौत

दिल्ली-हावड़ा रूट पर करबिगवां स्टेशन के पास सोमवार सुबह ट्रेन की चपेट में आकर 3 गैंगमैनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के आला अफसर और कानपुर से जीआरपी मौके पर पहुंची। शवों को तुरंत हटवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। तीनों गैंगमैन इलाहाबाद के रहने वाले हैं। 
जीआरपी इंस्पेक्टर के मुताबिक, गैंगमैन महेंद्र सिंह (इलाहाबाद), इंद्रपाल (कौशांबी) और विमलेश (इलाहाबाद) करबिगवां स्टेशन के आउटर पर खंभा नंबर 985/18 के पास काम कर रहे थे। इस दौरान सुबह 11:50 बजे अचानक तीनों को डाउन लाइन पर जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस आती दिखी। तीनों काम रोककर अप-लाइन पर आए तभी इस ट्रैक पर चौरीचौरा एक्सप्रेस आ गई। इसकी चपेट में आकर तीनों की दर्दनाक मौत हो गई। ट्रेन ड्राइवर से मिली सूचना के बाद रेलवे अफसरों में हड़कंप मच गया। तुरंत ही फतेहपुर और कानपुर से रेलवे के सीनियर अफसरों के अलावा जीआरपी की एक टीम मौके के लिए रवाना हुई। 

Monday, October 28, 2013

अत्याधुनिक और लक्जरी सुविधाओं से लैस लोकल ट्रेन

मुंबई की लाइफलाइन मुंबई लोकल का कायाकल्प होने वाला है। महानगर की पटरियों पर अब दौड़ेगी अत्याधुनिक और लक्जरी सुविधाओं से लैस लोकल ट्रेन। इस तरह का पहला रैक मुंबई पहुंच चुका है। ऐसे कुल 72 रैक्स मंगाए जा रहे हैं। इन रैक्स को तैयार किया है जर्मन कंपनी बंबार्डीयन ने। इन नए रैक का उद्  घाटन रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे और मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने उपनगरीय लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर रविवार को एक भव्य कार्यक्रम के दौरान किया। 
नए रेल डिब्बों की खास बातें:
 
- सभी डिब्बे स्टीलनेस स्टील के होंगे
 
- एनर्जी एफिशिएंट
 
- प्रति घंटे 16 हजार क्यूबिक मीटर हवा सप्लाई
 

- सामान रखने के लिए स्टील के रैक 
- पॉलीकार्बोनेट लूअर्स के साथ चौड़ी खिड़कियां
 
- डिब्बों में जॉइंट पर रीजनरेटिव ब्रेकिंग
 
- गाड़ी से 35 पर्सेंट ईंधन की बचत
 
- स्टील के साइड वॉल और पेनल रूफ
 
- एयरोडायनामिक ड्राइवर केबिन
 
- गर्मी से बचाने के लिए रूफ माउंटेड वेंटीलेशन सिस्टम
 
- डिब्बे में डबल साइड सूचना डिस्प्ले प्रणाली
 
- दरवाजों में कांच के पारदर्शी दरवाजे
 
- लाइट वेट स्लाइडिंग दरवाजे
 
- स्टीलनेस स्टील की सीटें
 
- पकड़ के लिए पॉलीकार्बोनेट स्टील हैंडल
 
यह विकास कार्य एमयूटीपी (मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रॉजेक्ट) के दूसरे चरण के तहत किया जा रहा है। इसके लिए 12 कार रैक (रेल डिब्बे) के 72 नगों (864 डिब्बों) का निर्माण चेन्नै स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी में किया जा रहा है। इस परियोजना के कुल लागत 3041 करोड़ रुपये है।
 
इस
 कार्यक्रम में मुंबई के 12 उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर ट्रेस पास कंट्रोल लगाए जाने की भी घोषणा की गई।यह ट्रेस पास कंट्रोल लोगों को पटरी पार करने से रोकने के लिए होगा। इसके अतिरिक्त ऊपरी मार्ग परप्लैटफॉर्मों के बीच इंटरकनेक्शन , चार दिवारी का निर्माण , एस्केलेटर , ग्रीन पैच , रेलवे ट्रैक की बारकेडिंगशामिल है। मुंबई के वेस्टर्न और सेंट्रल लाइन के छह स्टेशनों पर एस्केलेटर और लिफ्ट लगाने का प्रस्ताव है। ये स्टेशन हैं - दादर , कुर्ला , कांजूर मार्ग , ठाणे , ठाकुर्ली , कल्याण ( सेंट्रल लाइन ) और दादर , कांदिवली ,बोरिवली , भाईंदर , वसई रोड और नालासोपारा। 
मुख्यमंत्री
 ने मंच पर उपस्थित मेयर सुनील प्रभु से उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर महिला शौचालय का प्रबंधकरने की भी गुजरिश की। कार्यक्रम के दौरान रेलवे इलेक्ट्रिकल बोर्ड के मेंबर सुबोध जैन , कुलभूषण , रेलवे बोर्डअध्यक्ष अरुणेन्द्र कुमार और मंडल प्रमुख मुकेश निगम ने मुख्यमंत्री और रेल मंत्री को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। 

Wednesday, October 23, 2013

रेलवे ट्रैक पर मिले घायल ने दम तोड़ा, हत्या का मामला दर्ज

शहबाजपुर खालसा से अपहृत व राजस्थान के रेलवे ट्रैक पर गंभीर रूप से घायल मिले युवक ने जिंदगी और मौत से जूझते हुए आखिरकार जयपुर के अस्पताल में बीती रात को दम तोड़ दिया। इस युवक का अपहरण एक सप्ताह पहले किया गया था और मृतक की पत्नी ने तीन साथियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था लेकिन युवक की मौत के बाद उसकी पत्नी ने अब हत्या का मामला दर्ज करा दिया है। पुलिस ने तीनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह हत्या रुपयों के लेन-देन को लेकर की गई। 
गौरतलब है कि गांव शहबाजपुर खालसा निवासी युवक हरीश कुमार प्रजापत रेहड़ी पर अंडे बेचने का काम करता था। उसकी पत्नी पिंकी देवी के अनुसार 13 अक्टूबर की रात को गांव के दो युवक रामोतार, सोनू यादव और विकास उर्फ मूसा निवासी बैरियावास उसके पति को उसके घर के सामने से जबरन उठा कर ले गए थे। वह गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद उसकी तलाश करती रही। राजस्थान के समाचार पत्र में छपी एक खबर के बाद उसके रिश्तेदारों ने फोन करके हरीश की शिनाख्त करने के लिए बुलाया। हरीश को मरणासन्न व बेहोशी की हालत में 16 अक्तूबर को अजरका रेलवे ट्रेक पर पड़ा हुआ पाया गया था और उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। उसे लेकर वह जयपुर के सवाई मानसिक अस्पताल पहुंची, जहां बीती रात को उसने दम तोड़ दिया। उसके सिर पर लोहे की रॉड से गंभीर चोटें मारी गई थी। तब पत्नी की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया था और अब हरीश की मौत के बाद हत्या की धारा भी जोड़ दी गई है। इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ब्रह्मजीत ने बताया कि इस हत्या में शामिल हरीश के तीनों साथियों रामोतार, सोनू व विकास को कसौला थाना के गांव साल्हावास से गिरफ्तार कर लिया गया है। जिनसे कड़ी पूछताछ की जाएगी।
 

Friday, October 18, 2013

कई चीजों की खुलेआम अनदेखी

 इन दिनों दिल्ली के कई इलाकों में मेट्रो के फेज-3 का काम चल रहा है। डीएमआरसी पर तय डेडलाइन तक काम पूरा करने का दबाव है और ऐसे में इस बार कई चीजों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। कई जगह मेट्रो लाइन और मेट्रो स्टेशन बनाने का जिम्मा संभाल रहे कॉन्ट्रैक्टर लापरवाही रवैया अपना रहे हैं। खासतौर से ईस्ट और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में बड़े पैमाने पर ऐसा देखने को मिल रहा है।
आमतौर पर डीएमआरसी कंस्ट्रक्शन वर्क के लिए जहां कहीं भी सड़क को कवर करती है, वहां जनरल ट्रैफिक के लिए दूसरा रास्ता भी मुहैया कराती है। डीएमआरसी की यही कोशिश होती है कि उसके काम के चलते ट्रैफिक पर ज्यादा असर ना पड़े। लेकिन इस बार कॉन्ट्रैक्टर डीएमआरसी की इस इमेज खराब करने का काम कर रहे हैं। कई जगह मेट्रो की कंस्ट्रक्शन साइट्स के आसपास सड़क की हालत इतनी खस्ता है कि वहां से गुजरना लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी है।
ईस्ट दिल्ली में मयूर विहार फेज-1 के मेट्रो स्टेशन से लेकर मयूर विहार पुलिस थाने के बीच की रोड इसका सबूत है। यहां डीएमआरसी की ओर से की गई बैरिकेडिंग के दोनों तरफ सड़क की हालत बेहद खराब है। सड़क में बड़े बड़े गड्ढे बने हुए हैं। स्टेशन के ठीक नीचे रोड के बीचोंबीच सॉयल टेस्टिंग के लिए जो गड्ढा खोदा गया था, उसे भी ऐसे ही मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया, जिसकी वजह से यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं।

उधर मौजपुर से सीलमपुर के बीच भी रोड की हालत बेहद खस्ता है। यहां भी कॉन्ट्रैक्टर ने सड़क के बीच में बैरिकेडिंग तो कर दी, लेकिन वैकल्पिक रोड दुरुस्त नहीं की जिसके चलते यहां जाम लगता रहता है। खास बात यह है कि एक तरफ जहां रिंग रोड और आउटर रिंग रोड पर चल रहे मेट्रो के काम के लिए व्यस्त रास्तों पर बैरिकेडिंग करने के बावजूद नई वैकल्पिक रोड बनाकर दी गई है, वहीं यमुनापार के इन इलाकों में वैकप्लिक रास्तों को ऐसे ही छोड़ दिया गया है।
इतना ही नहीं, कई जगह फुटपाथ पर ही बैरिकेड्स रख दिए गए हैं और उन पर कंस्ट्रक्शन मटीरियल और डिमोलिशन से निकला मलबा और सामान छोड़ दिया गया है, जिसके चलते राहगीरों को भी यहां से निकलते वक्त बेहद सावधानी रखनी पड़ती है। मयूर विहार फेज-1 में रहने वाले जगदीश ठाकुर का कहना है कि हमने कभी नहीं सोचा था कि डीएमआरसी यहां इस तरह से काम करेगी। घर से निकलकर बाहर अक्षरधाम की तरफ जाने वाली मेन रोड तक पहुंचने में भी काफी वक्त लग जाता है।

Tuesday, October 15, 2013

राजधानी एक्सप्रेस में भीषण आग

नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस में असम के मोरिगांव जिले में धरमतुल रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार तड़के भीषण आग लग गई। अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।

ट्रेन की पैन्ट्री में सुबह करीब साढ़े चार बजे आग लग गई जिसने ट्रेन को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद ट्रेन धरमतुल रेलवे स्टेशन पर रुक गई। पुलिस और रेल विभाग के सू़त्रों ने बताया कि राजधानी में आग लगने के कारण रेल यातायात तीन घंटे तक बाधित रहा।

सूत्रों ने बताया कि अग्निशमन विभाग के कर्मी दो घंटे की मशक्कत के बाद आग को काबू कर पाए।उन्होंने बताया कि आग पर काबू पाने के बाद सुबह आठ बजे यातायात सुचारू हो पाया। रेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।

Friday, October 11, 2013

काडर का पुनर्गठन प्रस्ताव मंजूर

रेलवे बोर्ड ने दशहरे पर अपने साढ़े छह लाख कर्मचारियों को उनके काडर का पुनर्गठन प्रस्ताव मंजूर करके तोहफा दिया है। यह व्यवस्था 1 नवंबर से लागू होगी। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री एस. जी. मिश्र ने इसे कर्मचारियों के संघर्ष का नतीजा बताया है। पुनर्गठन स्कीम का फायदा सभी अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा। इससे ओपन लाइन पर काम करने वाले, कारखानों और आरडीएसओ के कर्मचारियों को फायदा होगा। 
नॉर्दर्न रेलवे मेंस फेडरेशन के मंडल मंत्री आर. के. पांडेय ने बताया कि एक नवंबर के पहले चल रहे सिलेक्शन भी तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए जाएंगे। काडर पुनर्गठन से जिन कर्मचारियों को फायदा मिलेगा, उन्हें लिखित परीक्षा पास करने की जरूरत नहीं है। इसके दायरे में आने वाले कर्मचारी सामान्य औपचारिकता पूरी करने के बाद अगले वेतनमान का फायदा ले सकेंगे। इस आदेश से उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के 24000 में से 13000 और एनईआर के 15000 में से 8500 कर्मचारियों को उच्च वेतनमान का फायदा मिलेगा।
 

Tuesday, October 8, 2013

शताब्दी और राजधानी ट्रेनों के किरायों में 5 रुपये से लेकर 95 रुपये तक की वृद्धि

 ईंधन समायोजन घटक यानी फ्यूल एडजस्टमेंट कंपोनेंट (एफएसी) लागू होने से सोमवार से सभी श्रेणियों के किराए में दो फीसदी की बढ़ोतरी के चलते यात्रियों को अब अपनी जेब ढीली करनी होगी। नए किराए उन टिकटों पर भी लागू होंगे, जो 7 अक्टूबर या उसके बाद की यात्रा के लिए पहले ही जारी कर दिए गए हैं। हालांकि उपनगरीय रेलों में सेकंड क्लास के टिकटों और मासिक टिकटों के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
रेल किराया भले ही दो फीसदी बढ़ा है, लेकिन राउंड ऑफ सिस्टम का फॉर्म्युला लागू होने से यात्रियों को 66% तक ज्यादा किराया देना होगा। सामान्य टिकटों के लिए राउंट ऑफ 5 रुपये का होगा, जबकि रिजर्व टिकटों का राउंड ऑफ 10 रुपये होगा। मसलन, यात्रियों को अब पैसेंजर ट्रेनों में 11 से लेकर 14 रुपये तक का किराया होने पर 15 रुपये अदा करने होंगे। इसी तरह 16 से 19 रुपये किराया होने पर 20 रुपये देने होंगे। इससे उन पर दो से लेकर 4 रुपये तक अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसी तरह रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों को यह किराया 10 के गुणक में देना होगा। अगर किसी यात्री का टिकट 211 रुपये का है तो उससे 220 रुपये लिए जाएंगे। रेलवे ने भले ही फुटकर की दिक्कत को मूल वजह बताई है, लेकिन यह रेलवे की बाजीगरी है। इससे रेलवे ने कागजों पर जो बढ़ोतरी दिखाई है, उससे कहीं ज्यादा आय होगी।
आज की बढ़ोतरी के बाद मेल/एक्सप्रेस, शताब्दी और राजधानी ट्रेनों के किरायों में 5 रुपये से लेकर 95 रुपये तक की वृद्धि होगी। इसके अलावा दूरंतो ट्रेनों का किराया राजधानी/शताब्दी ट्रेनों के बराबर हो जाएगा और इसमें 100-120 रुपये तक का अतिरिक्त इजाफा होगा। सेकंड क्लास (गैर उपनगरीय) के किरायों में चुनिंदा दूरियों के लिए पांच रुपये तक की वृद्धि होगी, जबकि बाकी सभी दर्जों (स्लीपर, थर्ड एसी, सेकंड एसी, फस्र्ट एसी और एसी चेयरकार) के किरायों में 10 रुपये से लेकर 95 रुपये तक की वृद्धि की जा रही है। सेकंड क्लास के उपनगरीय और मंथली सीजन टिकट (एमएसटी) के किरायों को एफएसी की वृद्धि से मुक्त रखा गया है। एफएसी के अनुसार किरायों में अगली समीक्षा अब अप्रैल में होगी।
रेलवे ने सोमवार से एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों के किराये बढ़ाने के साथ सेकंड क्लास स्लैब चेंज करने को जो फॉर्म्युला अपनाया है, उससे लोकल ट्रेनों के किराये में भी बढ़ोतरी हो गई है। मसलन, पहले 1 से 30 किलोमीटर तक लोकल ट्रेन का किराया 5 रुपये था, लेकिन नए स्लैब के अनुसार 5 रुपये अब 1 से 20 किलोमीटर तक ही लागू होगा। 20 किलोमीटर से ऊपर जाते ही 10 रुपये अदा करने होंगे। हालांकि एमएसटी के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
यात्री किराये में बढ़ोतरी से रेलवे को इस वित्त वर्ष के बाकी छह महीनों में तकरीबन 450 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने की संभावना है। गौरतलब है कि डीजल आौर बिजली की बढ़ी कीमतों की वजह से 1200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ झेल रहे रेलवे ने यात्री किराया और माल भाड़ा बढ़ाने का फैसला किया। इस बढ़ोतरी को फ्यूल एडजस्टमेंट कंपोनेंट के साथ जोड़ा जा रहा है। एफएसी को यात्री किराये और माल भाड़े के साथ जोड़ने का प्रस्ताव रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी ने 2012-13 के रेल बजट में दिया था। मालभाड़ों पर एफएसी के दूसरे पुनरीक्षण के तहत की जाने वाली 1.7 फीसद की वृद्धि 10 अक्टूबर से लागू होगी। आपको बता दें कि अभी पहली अक्टूबर से ही व्यस्त मौसम अधिभार के तहत मालभाड़ों में 15 फीसद तक की वृद्धि की गई थी।

Thursday, October 3, 2013

युवती की शिनाख्त नहीं हुई है

 मेवला महाराजपुर से करीब आधा किलोमीटरआगे रेलवे ट्रैक पर एक विदेशी युवती ने ट्रेन के आगे कूदकरजान दे दी। ट्रेन ड्राइवर के सूचना देने पर जीआरपी मौके परपहुंची। जीआरपी का कहना है कि युवती की शिनाख्त नहीं हुईहै। 
फरीदाबाद जीआरपी के अनुसार बुधवार दोपहर को मेवलामहाराजपुर रेलवे फाटक से आगरा की तरफ करीब आधाकिलोमीटर आगे रेलवे ट्रैक किनारे पर एक विदेशी युवती चलरही थी। इस दौरान दिल्ली की तरफ से एक ट्रेन आगरा कीतरफ जा रही थी। जैसे ही ट्रेन विदेशी युवती के पास पहुंची , उसने अचानक ट्रेन के आगे कूद आत्महत्या कर ली। 
जीआरपी ने युवती का कोई सामान या अन्य दस्तावेज तलाशने के काफी प्रयास किए गए , लेकिन कुछ नहींमिला। युवती की उम्र करीब 25 साल है और उसने कोका कोला कलर का राउंड नेक की टीशर्ट और लाल - हरीछापेदार सलवार टाइप पहना हुआ है।