Monday, December 23, 2013

ट्रेन के कन्फर्म टिकट पर फैमिली के दूसरे लोग कर सकते हैं सफर

रेलवे ने यात्रियों की परेशानी दूर करने के लिए कुछ नियम बनाए हैं, लेकिन जानकारी न होने के कारण यात्री सुविधा का लाभ नहीं उठा पाते हैं। एक सुविधा यह है कि कन्फर्म ट्रेन टिकट लेने वाला व्यक्ति यदि किसी कारणवश यात्रा नहीं कर पाए तो उसके खून के रिश्ते वाले किसी वयस्क को संशोधित टिकट दिया जा सकता है। इसी तरह निश्चित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने पर बाराती, छात्र और सरकारी कर्मचारियों को भी संशोधित टिकट देने की व्यवस्था है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, किसी ट्रेन के कन्फर्म टिकट लेने वाला व्यक्ति किन्हीं कारणों से खुद यात्रा नहीं कर पाए तो उस टिकट पर उसके माता, पिता, भाई, बहन, बेटा, बेटी, पत्नी (पत्नी के नाम से टिकट हो तो पति) यात्रा कर सकते हैं। उन्हें बर्थ मिल जाएगी। इसके लिए जरूरी यह है परिवार वाले का नाम राशनकार्ड में या अन्य दस्तावेज में होना चाहिए। यह सुविधा लेने के लिए ट्रेन के रवाना होने से 24 घंटे पहले चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर (सीआरएस) को आवेदन देना होगा  इसी प्रकार यदि कोई सरकारी कर्मचारी कन्फर्म टिकट लेने के बाद सफर नहीं कर पाए तो उसके बदले उसी टिकट पर दूसरा कर्मचारी यात्रा कर सकता है, बशर्ते ट्रेन चलने के 24 घंटे पहले सीआरएस को आवेदन दे दिया जाए। रेलवे ने छात्रों और बारातियों को भी सहूलियत दी है। किसी मान्यता प्राप्त शैक्षिक संस्था का छात्र या किसी बाराती दल का सदस्य टिकट लेने के बाद यात्रा नहीं कर पाए तो उसके स्थान पर उसी संस्था या बाराती दल के दूसरे सदस्य को संशोधित टिकट दिया जा सकता है। यह सुविधा लेने के लिए 48 घंटे पूर्व संस्था प्रमुख या समारोह के मुखिया की ओर से आवेदन करना होगा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि छात्र और बारातियों में से मात्र 10% सदस्यों को ही यह सुविधा दी जा सकेगी।
रायपुर रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी रतन बसाक ने बताया कि यह नियम बहुत पहले से लागू है, लेकिन जानकारी के अभाव में इन नियमों का लाभ यात्री उठा नहीं पाते हैं।

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