Thursday, September 24, 2009

आनंद विहार मेट्रो लाइन भी दिसंबर में शुरू हो जाएगी।

मेट्रो चीफ ई. श्रीधरन ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेस में कहा कि दिल्ली-नोएडा के बीच मेट्रो रूट शुरू होने में अभी देरी है। उन्होंने कहा कि कोचों की कमी के चलते इस रूट पर नवंबर-दिसंबर के बीच ही मेट्रो शुरू हो पाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आनंद विहार मेट्रो लाइन भी दिसंबर में शुरू हो जाएगी। शुक्रवार को केंद्रीय सचिवायल-जहांगीर पुरी लाइन पर नई मेट्रो ट्रेन का उद्घाटन करते हुए श्रीधरन ने यह जानकारी दी। पटेल चौक पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सिंतबर में शुरू होने वाले नोएडा मेट्रो रूट के बारे में कहा कि फिलहाल यह रूट शुरू नहीं हो पाएगा। उन्होंने बताया कि इस रूट को शुरू करने के लिए कोच नहीं है। इसलिए अब यह रूट नवंबर के आखिरी सप्ताह या दिसंबर की शुरुआत में ही शुरू हो सकेगा। पीक आवर्स में भीड़भाड़ झेल रहे मेट्रो पैसेंजरों को राहत देने के लिए नई मेट्रो ट्रेनों को धीरे-धीरे ट्रैक पर लाया जा रहा है। अगले एक-डेढ़ महीने में नई खेप की लगभग एक दर्जन ट्रेनें ट्रैक पर आ जाएंगी। फिलहाल इनकी टेस्टिंग चल रही है। गौरतलब है कि केंद्रीय सचिवालय-जहांगीरपुरी लाइन पर फिलहाल 16 ट्रेनें दौड़ती हैं। और मेट्रो की नई खेप में 13 ट्रेनें आ चुकी हैं, जिन्हें धीरे-धीरे ट्रैक पर लाया जाएगा।

Tuesday, September 22, 2009

एक वंशज, अली अकबर आदमजी पीरभॉय ने बताया कि इस रेल नेटवर्क को हमारे परिवार ने 102 साल पहले बनवाया था।

सौ साल पुराना नेराल-माथेरान रेलवे नेटवर्क विवादों में है। जहां इसके हेरिटेज स्टेटस के लिए यूनेस्को विचार कर रहा है, वहीं इस रेल नेटवर्क के संस्थापक के वंशजों ने सरकार से रॉयल्टी मांगी है। माथेरान रेलवे के संस्थापक अब्दुल हुसैन आदमजी पीरभॉय के वंशजों ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करके सरकार से 90 करोड़ रुपये की रॉयल्टी मांगी है। एक वंशज, अली अकबर आदमजी पीरभॉय ने बताया कि इस रेल नेटवर्क को हमारे परिवार ने 102 साल पहले बनवाया था। इसके लिए तत्कालीन ब्रिटिश गवर्नमेंट से मंजूरी ली गई। तब कुल 16 लाख रुपये की लागत से नेटवर्क का निर्माण हुआ। भारत सरकार ने 1951 में इस नेटवर्क को अक्वॉयर कर लिया। वंशज अकबर का आरोप है कि अधिग्रहण के एवज में पीरभोय परिवार को मुआवजा देने के लिए जताई गई प्रतिबद्धता का सरकार ने सम्मान नहीं किया। अब अकबर ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करके अपने और पीरभोय परिवार के कानूनी उत्तराधिकारियों के लिए इस नेटवर्क की रॉयल्टी मांगी है, जो 90 करोड़ रुपये से अधिक होगी। याचिकाकर्ता की दलील है कि 1904 में ब्रिटिश प्रशासन ने माथेरान ट्रॉमवे ऑर्डर जारी किया था, जिसके नेटवर्क का कानूनी अधिकार अब्दुल हुसैन आदमजी पीरभॉय के परिवार के पास था। इस आदेश में कहा गया था कि अगर सरकार यह नेटवर्क खरीदना चाहती है तो उसे इसके स्वामी को छह महीने का नोटिस देना होगा। जबकि इस प्रावधान का पालन नहीं किया गया। आदेश के 44वें क्लॉज में कहा गया था कि रेल नेटवर्क का परचेज प्राइस इसके द्वारा गत तीन वर्ष में अर्जित किए गए औसतन राजस्व का 25 गुना होगा। यह राशि खरीद की तारीख के तुरंत बाद दे दी जानी चाहिए। भुगतान न करने पर तीन फीसदी सालाना ब्याज की बात भी थी। लेकिन इनमें से किसी भी प्रावधान का पालन नहीं किया गया। सरकार की दलील है कि रेलवे की खरीद के लिए क्रेता और विक्रेता, दोनों पक्षों के बीच हुआ अनुबंध 1951 में सेल डीड के जरिए वापस ले लिया गया था। बहरहाल, पीरभॉय के वंशजों ने इस सेलडीड के बारे में कहा है कि उसमें क्रेता और विक्रेता के दस्तखत नहीं हैं। यह भी नहीं लिखा कि भुगतान चेक से हो या कैश। सरकार नेराल-माथेरान रेल नेटवर्क के अमन लॉज रेलवे स्टेशन से माथेरान के लिए मिनी ट्रेन की शटल सेवा शुरू करने वाली है। याचिकाकर्ता ने इसे भी चुनौती दी है और कहा है कि जब तक पीरभॉय परिवार को मुआवजा नहीं मिल जाता, यह सेवा शुरू नहीं की जा सकती। अली अकबर की याचिका को बॉम्बे हाई कोर्ट ने विचार के लिए स्वीकार कर लिया है। माथेरान मुंबई के नजदीक एक हिल स्टेशन है और और अपनी ट्रेन की सवारी के लिए पर्यटकों के दिलों में खास स्थान रखता है।

रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स जल्द ही एके 47 ऑटोमैटिक राइफल से लैस होने जा रहे हैं।

देश में आतंकी घटनाओं की बढ़ती आशंका को देखते हुए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) के जवान जल्द ही एके 47 ऑटोमैटिक राइफल से लैस होने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि कुछ ही महीनों के अंदर आरपीएफ को डिमांड के हिसाब से एके 47 राइफलें मिल जाएंगी। रेलवे प्रशासन ने एके 47 हथियारों की डिमांड भेजी है। साथ ही आरपीएफ को अन्य ऑटोमैटिक हथियारों से लैस करने की प्लानिंग पर रेलवे प्रशासन काम कर रहा है। दिल्ली के बाद साहिबाबाद और गाजियाबाद रेलवे स्टेशन काफी महत्वपूर्ण है। दोनों ही स्टेशनों को सिक्युरिटी के मामले में भी काफी महत्व दिया जाता है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गाजियाबाद रेलवे स्टेशन में आरपीएफ के असिस्टेंट कमिश्नर और जीआरपी के सर्कल ऑफिसर का ऑफिस है। जीआरपी और आरपीएफ दोनों ही फोर्स के थाने भी गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर हैं। अभी आरपीएफ के जवानों के पास कार्बाइन, एसएलआर आदि हथियार हैं। मगर आरपीएफ के पास लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियारों में एके 47 नहीं के बराबर हैं। ऐसे में रेलवे प्रॉपटीर् की सिक्युरिटी के लिए कई बार स्पेशल फोर्स का सहारा लेना पड़ता है। आरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि जवानों के पास रेलवे ट्रैक की सिक्युरिटी की भी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में इन राइफलों की भी जरूरत महसूस की जा रही है।

बरेली में आर पी एफ जवान को भारी चोटें

A constable of the Railway Protection Force (RPF) died while his fellow cop suffered severe injuries in an exchange of fire with suspected criminals in Bareilly district during the intervening night of Saturday and Sunday. Police have launched a massive hunt for the assailants who managed to escape. Reports said RPF head constable (HC) Chhote Lal and constable Vindyachal Yadav were deputed on signal cabin security outside the trolley hut situated near the railway pillar on Ram Ganga railway bridge when they spotted three suspicious-looking men on the tracks in the vicinity. When the cops tried to stop them, the trio reportedly opened fire at the cops. One of the bullets struck Chhotelal on his chest, knocking him off his feet. He fell off the railway bridge to hit the ground around 50 feet below and died on the spot. After losing his companion, constable Vindyachal took guard and opened fire at the assailants who were trying to escape. While chasing the fleeing miscreants, Yadav slipped from the tracks off the railway bridge and fell on the ground below with multiple fracture injuries. Senior officials rushed to the site immediately after the reports regarding the shootout reached them. A manhunt was launched for the assailants but no arressts were reported till late on Sunday night

Sunday, September 20, 2009

नई ट्रेन सबसे पहले केंद्रीय सचिवालय-जहांगीरपुरी ट्रैक पर चलने की उम्मीद


मेट्रो ट्रेनों की नई खेप तैयार है और यह पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट होकर आई है। इसे कमिश्नर रेलवे सेफ्टी की मंजूरी मिलने के बाद अब ट्रैक पर लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि अगले महीने के शुरू में पैसिंजरों को इस ट्रेन में सफर करने का मौका मिलेगा। नई ट्रेन सबसे पहले केंद्रीय सचिवालय-जहांगीरपुरी ट्रैक पर चलने की उम्मीद है। इस ट्रेन के सारे सिस्टम की जांच पूरी करके ट्रायल चल रहा है। ऐसी 13 नई ट्रेनें मेट्रो को मिल चुकी है। न सिर्फ मेट्रो ने इसमें अपना रंग-रूप बदला है, बल्कि मौजूदा ट्रेनों से कुछ अलग हटकर इनमें ढेरों उपयोगी फीचर भी जोड़े हैं। आइए एक नजर डालें - डिजिटल मैप दिखाएगा लोकेशन नई ट्रेन के अंदर गेट के ऊपर पूरे रूट के स्टेशनों का साधारण मैप हटा दिया जाएगा। उसकी जगह डिजिटल मैप लगाया गया है। यानी जो भी स्टेशन आएगा, उस स्टेशन के नाम के आगे लगी बत्ती जल उठेगी। इससे पैसिंजर समझ सकेंगे कि किस स्टेशन पर ट्रेन रुकी है। इसके बाद जब ट्रेन आगे बढ़ेगी तो अगले स्टेशन की लाइट जलेगी। ट्रेन में मोबाइल फोन चार्ज करने की सुविधा भी जोड़ी जा रही है। हर कोच में चार कैमरे : सुरक्षा की वजह से नई ट्रेनों के हर कोच में चार कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे पूरे कोच के हर एंगल को कवर करेंगे। यही नहीं, इन कैमरों की रिकॉर्डिंग 8 घंटे तक सुरक्षित रहेगी यानी एक फुटेज को आठ घंटे के अंदर कभी भी देखा जा सकेगा। ये कैमरे सुरक्षा की दृष्टि से लगाए गए हैं। ट्रेन में असामाजिक तत्वों को गड़बड़ फैलाने से रोकने में ये कैमरे अहम रोल निभा सकेंगे। ड्राइवर के कैमरे : पूरी ट्रेन पर एकसाथ नजर रखने के लिए ड्राइवर के कैबिन में रियर व्यू कैमरे लगाए गए हैं। बाहर की तरफ लगे इन कैमरों को मॉनिटर करने के लिए कैबिन में दो स्क्रीन लगे हैं। इनसे ड्राइवर बैठे-बैठे सभी चार कोचों के गेट को चेक कर सकेगा कि क्या सभी पैसिंजर ट्रेन में सवार हो पाए या कहीं कोई गेट पर फंस तो नहीं गया। एक शख्स का हाथ इसी तरह पहले फंस चुका है। हीटर भी होगा : मौजूदा ट्रेनों में एयरकंडीशन तो है लेकिन सदिर्यों के मौसम के लिए हीटर नहीं हैं। सिर्फ फ्रेश एयर की व्यवस्था है। नई ट्रेनों में हीटर भी होगा और बारिश के दिनों में ह्यूमिडिटी कंट्रोल करने का सिस्टम भी लगाया जाएगा। इस तरह से गर्मी ही नहीं सर्दी और बारिश में भी मेट्रो ट्रेनें राहत देंगी।

Tuesday, September 15, 2009

दिल्ली - पलवल रेल मार्ग पर चल रही लेडीज स्पेशल का टाइम टेबल सोमवार से बदल गया।

दिल्ली - पलवल रेल मार्ग पर चल रही लेडीज स्पेशल का टाइम टेबल सोमवार से बदल गया। इससे महिला यात्री काफी उत्साहित भी है। हालांकि नए समय पर चलने पर भी लेडीज स्पेशल में अधिक भीड़ नजर नहीं आई। लेडीज स्पेशल का समय डेढ़ महीने में तीन बार बदला गया है। सोमवार को यह ट्रेन अपने तय समय 8.53 बजे फरीदाबाद स्टेशन पर पहुंची। इस ट्रेन में फिलहाल दो डिब्बों की सवारियां भी नहीं चल रही हैं। इनमें से आधा स्टाफ रेलवे का है, जो इस ट्रेन की चेकिंग और सुरक्षा के लिए लगाया गया है। दिल्ली-पलवल दैनिक यात्री संघ की अध्यक्ष विजय लक्ष्मी कौशिक का कहना है कि ट्रेन के नए समय के बारे में अधिकांश महिला यात्रियों को जानकारी नहीं थी। इस वजह से पहले दिन इसमें भीड़ नहीं रही। लेकिन मंगलवार से ट्रेनों में भीड़ रहेगी। उनका कहना है कि महिला यात्रियों से उनकी बातचीत हो चुकी है और सभी ने इसी समय पर रजामंदी जाहिर की थी। इसके बाद ही ट्रेन के समय में यह बदलाव कराया गया है।

कर्मचारियों ने मंगलवार को भूख हड़ताल का ऐलान किया

अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से आंदोलन कर रहे रेलवेकर्मियों ने सोमवार को स्टेशन पर धरना दिया। कर्मचारियों ने मंगलवार को भूख हड़ताल का ऐलान किया है। रेलवे कर्मियों की नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन कोऑर्डिनेशन कमिटी के बैनर तले आंदोलन 21 जुलाई से चल रहा है। इसके बावजूद अब तक रेलवे प्रशासन ने कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया है। कमिटी के प्रेजिडेंट रामवीर सिंह के मुताबिक कर्मचारी दिल्ली एरिया (एनसीआर) का ट्रांसपोर्ट अलाउंस देने, कर्मचारियों के एक बच्चे को उनके रिटायरमेंट से पहले नौकरी देने, अस्पताल की हालत सुधारने, एंबुलेंस उपलब्ध कराने और मकानों की स्थिति ठीक करने की मांग कर रहे हैं। सिंह ने बताया कि मंगलवार को कर्मचारी भूख हड़ताल पर रहेंगे, अगर तब भी मांगें नहीं मानी गईं तो आगे आंदोलन की नई रणनीति तय की जाएगी। धरना दे रहे कर्मचारियों में वीके मिश्रा, रनवीर सिंह, राज सिंह, उदल सिंह, ओपी चौहान और रविंद्र शर्मा शामिल रहे।

Sunday, September 13, 2009

उत्तर पश्चिम रेलवे के पूर्व महाप्रबंधक अशोक गुप्ता के खिलाफ सीबीआई ने छापे मारे

सीबीआई ने उत्तर पश्चिम रेलवे के पूर्व महाप्रबंधक अशोक गुप्ता के खिलाफ आय से अधिक सम्पति का मामला दर्ज कर छापा मारा था। प्रवक्ता के अनुसार सीबीआई गुप्ता के तीन बैंक लाकर की तलाशी में जुटी है। उन्होंने गुप्ता की फिलहाल गिरफ्तारी से इंकार करते हुए कहा, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है, उनसे पूछताछ की जा रही है।
सीबीआई ने 31 अगस्त को सेवानिवृत हुए उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अशोक गुप्ता के दिल्ली और
गुडगांव के ठिकानों पर शुक्रवार रात मारे गए छापे में करोड़ों रुपये के निवेश के कागजात, एक करोड़ से अधिक की नकदी और लाखों रुपये के आभूषण बरामद किये हैं। सीबीआई ने शनिवार को अशोक गुप्ता के तीन और लॉकरों का पता लगाया। सीबीआई गुप्ता से बेनामी सम्पति के बारे में पूछताछ कर रही है। सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि छापे में बैंक के करीब 18 खातों में जमा एक करोड़ 36 लाख रुपये की नकदी, 12 लाख से अधिक की एफडी, लाखों रुपये के शेयर, 14 लाख रुपये से ज्यादा के गहने और दिल्ली के पालम इलाके में करोड़ो रूपये की लागत से बनाये गये मकान और कुछ अन्य प्लॉटों के कागजात जब्त किये गये हैं।

मेट्रो में एक के बाद एक गड़बडि़यों का सिलसिला जारी

मेट्रो में एक के बाद एक गड़बडि़यों का सिलसिला जारी है। रविवार को यमुना बैंक-द्वारका रूट पर सुबह इंद्रप्रस्थ स्टेशन से पहले मेट्रो का एक कोच पटरी से उतर गया। इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है लेकिन इस रूट पर मेट्रे की सेवा बाधित हो गई है। इस दुर्घटना के दिल्ली मेट्रो ने विभागीय जांच का आदेश देने के साथ ही जूनियर इंजीनियर, ट्रैक को सस्पेंड कर दिया गया है। पटरी साफ किए जाने तक मेट्रो यमुना बैंक के बजाय द्वारका के लिए इंद्रप्रस्थ से चलाई जा रही हैं। मेट्रो की सुरक्षा एवं संरक्षा में खामी की एक महीने में यह चौथी घटना है। जानकारी के मुताबिक सुबह 6 बजे यमुना बैंक से खुलने के 100 मीटर बाद ही मेट्रो का एक कोच पटरी से उतर गया। इसके बाद से ही फिलहाल यमुना बैंक स्टेशन से मेट्रो की सेवा बंद कर दी गई है और यात्रियों से अपील की जा रही है कि वे इंद्रप्रस्थ स्टेशन से मेट्रो पकड़े। यमुना स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को फीडर बसो के द्वारा भी इंद्रप्रस्थ स्टेशन पहुंचाया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि दोपहर 12 बजे के बाद यमुना बैंक से मेट्रे सेवा शुरू हो जाएगी। इससे पहले शनिवार को केंद्रीय सचिवालय-जहांगीरपुरी रूट पर मेट्रो के ब्रेक फेल हो गए थे। इससे भयानक हादसा होते-होते टल गया था। राजीव चौक स्टेशन पर ब्रेक फेल होने के बाद ऑपरेटर ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगा हादसे को टाला। इसके कारण करीब आधे घंटे तक इस रूट पर मेट्रो की सेवा बाधित रही। घटना के कारणों की जांच के लिए विभागीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है।

Thursday, September 10, 2009

रेलवे मंत्रालय भी गृह मंत्रालय की तर्ज पर अपने कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली स्थापित करने जा रहा है।

रेलवे मंत्रालय भी गृह मंत्रालय की तर्ज पर अपने कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली स्थापित करने जा रहा है। पहले चरण में रेलवे को प्रमुख दफ्तरों एवं अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में यह प्रणाली स्थापित की जाएगी। भविष्य में सभी रेलवे मंडलों में भी इसे स्थापित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली की शुरुआत की थी। इस प्रणाली में मशीन अंगूठे या चेहरे से व्यक्ति की पहचान कर लेती है। उसे रजिस्टर पर हाजिरी लगाने की जरूरत नहीं रहती। रेलवे के एक बड़े अधिकारी के अनुसार इस प्रणाली की शुरुआत के लिए 4 करोड़ 40 लाख की राशि स्वीकृति की गई है। इस राशि के रेल भवन सहित मुख्य रेलवे कार्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली स्थापित की जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य रेलवे के रिजर्वेशन व अन्य प्रमुख तकनीकी दफ्तरों को पूरी तरह महफूज करना है। इस प्रणाली के बाद कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति इन केंद्रों में प्रवेश नहीं कर सकेगा। उक्त अधिकारी के मुताबिक अभी जिस तरह का खतरा सामने आ रहा है उसे देखते हुए ऐसा किया जाना जरूरी हो गया है। रेलवे के सभी जोन के महाप्रबंधकों से कहा गया है कि अपने क्षेत्र के उन सभी प्रमुख कार्यालयों व संस्थानों की पहचान करें जहां बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली स्थापित की जानी है।

Tuesday, September 8, 2009

मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे जीआरपी ने तीन ऐसे गिरोहों का भंडाफोड़ किया

मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे जीआरपी ने तीन ऐसे गिरोहों का भंडाफोड़ किया है जो गणेशोत्सव के दौरान लोकल ट्रेनों में चेन स्नैचिंग और महिला यात्रियों के पर्स लूटने की वारदात को अंजाम देते थे। इसमें तीन महिलाओं का भी गैंग शामिल है। इस पूरे मामले में जीआरपी को बड़ी सफलता तब मिली जब उमेश गायकवाड़ (22) नामक एक ऐसा आरोपी उनके हत्थे चढ़ा जो पार्किन्ग में खड़ी कारों से लैपटॉप चुराता था। मुलुंड के रहने वाले उमेश के पास से पुलिस ने नौ लैपटॉप बरामद किए हैं। जिसकी कीमत तकरीबन 3 लाख पैंतीस हजार आंकी जा रही हैं। उमेश की गिरफ्तारी कल्याण जीआरपी ने की। वहीं बांद्रा जीआरपी ने अब्बास शेख (25) और हैदर शेख (38) नामक दो ऐसे आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है जिन्होंने गणेश पूजा के दौरान अलग-अलग दर्ज हुए मामलों में 2 लाख 72 हजार रुपये की जूअलरी चुराई थी। इसके अलावा बांद्रा और परेल जीआरपी ने तीन महिलाओं के रैकिट का भंडाफोड़ किया है जो लोकल ट्रेनों के लेडीज डिब्बों में चढ़कर महिला यात्रियों के गहनों पर हाथ साफ करता था। गिरफ्तार की गई तीनों महिलाओं के नाम शीतल मोहन सकट (33), अनिता शिंदे (28) और उर्मिला प्रजापति (32) है। पुलिस को शीतल और अनीता के पास से 1 लाख 60 हजार के गहने जबकि उर्मिला के पास से अकेले 87 हजार 180 रुपये के गहने मिले हैं।

मेट्रो ट्रेन के सिग्नल केबल चोरी

अज्ञात लोगों द्वारा पूर्वी दिल्ली की मेट्रो ट्रेन के सिग्नल केबल चोरी कर लिए जाने से द्वारका लाइन पर चलने वाली सभी गाड़ियां प्रभावित रहीं। यमुना बैंक से द्वारका और द्वारका से यमुना बैंक तक के लिए चलने वाली सभी गाड़ियों के आगमन-प्रस्थान के समय में दिल्ली मेट्रो रेल प्रशासन को परिवर्तन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। दिल्ली मेट्रो रेल के एक प्रवक्ता के मुताबिक चोरों ने इंदप्रस्थ और यमुना बैंक स्टेशन के बीच लगी सिग्नल केबल को सोमवार रात चुरा लिया। प्रवक्ता के अनुसार सिग्नल केबल के चोरी चले जाने से इन दोनों स्टेशन के बीच एक लाइन पर ही धीरे-धीरे गाड़ियों का परिचालन होता रहा। प्रवक्ता ने कहा, 'हम दोनों लाइन का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। इस कारण ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं और यात्रियों को अपने मंजिल तक पहुंचने में थोड़ी बहुत देरी हुई।' इस लाइन पर यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए दस से 15 मिनट तक इंतजार करना पड़ा जबकि सामान्य स्थिति में तीन से चार मिनट के अंदर ट्रेन उपलब्ध हो जाया करती है।

Thursday, September 3, 2009

रेल पटरी को ही ऑपरेशन थिएटर बनाना पड़ गया।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मिसरौद रेलवे स्टेशन पर एक यात्री की जान बचाने के लिए डॉक्टरों को रेल पटरी को ही ऑपरेशन थिएटर बनाना पड़ गया। डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई और रेलगाड़ी के पहिए में फंसे मगरिया पंथराम को बचा लिया गया। भोपाल से छिंदवाड़ा जा रही पेंचवली फास्ट पसिंजर रेलगाड़ी के सामान्य डिब्बे में चढ़ने की कोशिश में मिसरौद रेलवे स्टेशन पर मगरिया पंथ राम नामक यात्री पहिए के नीचे आ गया। यह वाकया सोमवार की रात की है। मगरिया का पैर पहिए और शॉकअप (स्प्रिंग) के बीच फंस गया। इस नजारे को देखते ही यात्रियों ने ट्रेप की चेन खींच दी। ट्रेन के रुकते ही मगरिया चीखने लगा। यात्रियों ने उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन जब कामयाबी नहीं मिली तो गार्ड राजेश गुप्ता ने इसकी सूचना रेल प्रशासन को दी। डॉक्टरों का एक टीम मौके पर पहुंच गई। डॉ. सुधाकर और डॉ. सुनील कुमार ने मगरिया को पहिए से निकालने की काफी कोशिश की। लगभग तीन घंटे तक चली कोशिशों को सफलता नहीं मिलने पर आखिर में मगरिया का बाया पैर काटने का फैसला लेना पड़ा। डॉक्टरों ने रेल की पटरी को ही ऑपरेशन थिएटर में बदल दिया और मगरिया की बाईं टांग को काट दिया। रेल पुलिस के थाना इंचार्ज आर. एस. रघुवंशी ने मंगलवार को बताया है कि मगरिया का इलाज एक प्राइवेट हॉस्पिटल में चल रहा है जहां वह खतरे से बाहर है ।

Tuesday, September 1, 2009

गुस्साए यात्रियों ने नालासोपारा स्टेशन पर जमकर हंगामा किया।

पटरियों पर लगातार दो दिन बिजली के तार गिरने की वजह से मुबंई में लोकल ट्रेनें देर से चल रही हैं । इससे गुस्साए यात्रियों ने नालासोपारा स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। गुस्साए लोगों को काबू में करने के लिए पुलिस को हवा में गोलीबारी करनी पड़ी। यात्रियों पर लाठीचार्ज भी किया गया है। दूसरी तरफ लोगों ने भी ट्रेनों पर पत्थरबाजी की है। इससे पहले मंगलवार सुबह बिजली का तार टूटकर पटरी पर गिरने से बोरीवली-विरार लाइन पर लोकल ट्रेन सिर्विस पर काफी बुरा असर पड़ा। इस रूट पर जगह-जगह सैकड़ों मुसाफिर फंसे हुए हैं। हर किसी को दफ्तर जाने की जल्दी है लेकिन लोकल ट्रेन की आवाजाही बंद होने की वजह से सभी की परेशानी बढ़ गई है। सभी ट्रेनें 15 से 20 मिनट की देरी से चल रही हैं। इससे पहले सोमवार को भी ओवरहेड वायर टूटने से विरार-भयंदर रूट पर लोकट ट्रेन सर्विस सुबह 8 से 9 बजे तक ठप हो गई थी।

लाश एक कपड़े के बैग में रखी थी।

हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) से बांद्रा टर्मिनल (मुंबई) के बीच चलने वाली महाराष्ट्र संपर्क क्रांति के एसी कोच ए-1 में लड़की की लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। लाश एक कपड़े के बैग में रखी थी। लाश का पता चलने पर गाड़ी मथुरा स्टेशन पर रुकवाई गई। रात 9 बज कर 35 मिनट पर चलने वाली इस गाड़ी का दिल्ली से कोटा के बीच कोई स्टॉपेज नहीं है। इसके चलते यह साफ है कि लाश को दिल्ली में ही चढ़ाया गया। लड़की की उम्र करीब 14-15 साल बताई गई है। उसकी गर्दन टूटी हुई है। बताया जा रहा है कि ए-1 कोच के उस केबिन में कोई यात्री ही नहीं था। बर्थ नंबर 1 से 4 तक खाली थे। मथुरा स्टेशन से पहले किसी की नजर बर्थ नंबर-1 के नीचे रखे बैग पर पड़ी, तो उसने गार्ड को उसकी जानकारी दी। गार्ड ने मौके पर पहुंच कर बैग खोल कर देखा तो उसमें टीनएजर की लाश मिली। उसने तुरंत मथुरा स्टेशन को इसकी जानकारी दी। स्टेशन पर जीआरपी ने लाश को अपने कब्जे में ले लिया। आगरा डिवीजन के डीएससी पंकज गंगवार ने बताया कि हत्या की वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगी। लेकिन देखने से ऐसा लग रहा जैसे उसकी गर्दन तोड़ी गई है। उन्होंने बताया कि हो सकता है कि बैग में रखने के चलते ऐसा हो गया हो। उन्होंने बताया कि इस बात का पता लगाया जा रहा है कि केबिन के चारों बर्थ किसके नाम पर बुक थे। निजामुद्दीन जीआरपी को इसकी सूचना दे दी गई है।