Thursday, September 24, 2009
आनंद विहार मेट्रो लाइन भी दिसंबर में शुरू हो जाएगी।
Tuesday, September 22, 2009
एक वंशज, अली अकबर आदमजी पीरभॉय ने बताया कि इस रेल नेटवर्क को हमारे परिवार ने 102 साल पहले बनवाया था।
सौ साल पुराना नेराल-माथेरान रेलवे नेटवर्क विवादों में है। जहां इसके हेरिटेज स्टेटस के लिए यूनेस्को विचार कर रहा है, वहीं इस रेल नेटवर्क के संस्थापक के वंशजों ने सरकार से रॉयल्टी मांगी है। माथेरान रेलवे के संस्थापक अब्दुल हुसैन आदमजी पीरभॉय के वंशजों ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करके सरकार से 90 करोड़ रुपये की रॉयल्टी मांगी है। एक वंशज, अली अकबर आदमजी पीरभॉय ने बताया कि इस रेल नेटवर्क को हमारे परिवार ने 102 साल पहले बनवाया था। इसके लिए तत्कालीन ब्रिटिश गवर्नमेंट से मंजूरी ली गई। तब कुल 16 लाख रुपये की लागत से नेटवर्क का निर्माण हुआ। भारत सरकार ने 1951 में इस नेटवर्क को अक्वॉयर कर लिया। वंशज अकबर का आरोप है कि अधिग्रहण के एवज में पीरभोय परिवार को मुआवजा देने के लिए जताई गई प्रतिबद्धता का सरकार ने सम्मान नहीं किया। अब अकबर ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करके अपने और पीरभोय परिवार के कानूनी उत्तराधिकारियों के लिए इस नेटवर्क की रॉयल्टी मांगी है, जो 90 करोड़ रुपये से अधिक होगी। याचिकाकर्ता की दलील है कि 1904 में ब्रिटिश प्रशासन ने माथेरान ट्रॉमवे ऑर्डर जारी किया था, जिसके नेटवर्क का कानूनी अधिकार अब्दुल हुसैन आदमजी पीरभॉय के परिवार के पास था। इस आदेश में कहा गया था कि अगर सरकार यह नेटवर्क खरीदना चाहती है तो उसे इसके स्वामी को छह महीने का नोटिस देना होगा। जबकि इस प्रावधान का पालन नहीं किया गया। आदेश के 44वें क्लॉज में कहा गया था कि रेल नेटवर्क का परचेज प्राइस इसके द्वारा गत तीन वर्ष में अर्जित किए गए औसतन राजस्व का 25 गुना होगा। यह राशि खरीद की तारीख के तुरंत बाद दे दी जानी चाहिए। भुगतान न करने पर तीन फीसदी सालाना ब्याज की बात भी थी। लेकिन इनमें से किसी भी प्रावधान का पालन नहीं किया गया। सरकार की दलील है कि रेलवे की खरीद के लिए क्रेता और विक्रेता, दोनों पक्षों के बीच हुआ अनुबंध 1951 में सेल डीड के जरिए वापस ले लिया गया था। बहरहाल, पीरभॉय के वंशजों ने इस सेलडीड के बारे में कहा है कि उसमें क्रेता और विक्रेता के दस्तखत नहीं हैं। यह भी नहीं लिखा कि भुगतान चेक से हो या कैश। सरकार नेराल-माथेरान रेल नेटवर्क के अमन लॉज रेलवे स्टेशन से माथेरान के लिए मिनी ट्रेन की शटल सेवा शुरू करने वाली है। याचिकाकर्ता ने इसे भी चुनौती दी है और कहा है कि जब तक पीरभॉय परिवार को मुआवजा नहीं मिल जाता, यह सेवा शुरू नहीं की जा सकती। अली अकबर की याचिका को बॉम्बे हाई कोर्ट ने विचार के लिए स्वीकार कर लिया है। माथेरान मुंबई के नजदीक एक हिल स्टेशन है और और अपनी ट्रेन की सवारी के लिए पर्यटकों के दिलों में खास स्थान रखता है।
रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स जल्द ही एके 47 ऑटोमैटिक राइफल से लैस होने जा रहे हैं।
बरेली में आर पी एफ जवान को भारी चोटें
Sunday, September 20, 2009
नई ट्रेन सबसे पहले केंद्रीय सचिवालय-जहांगीरपुरी ट्रैक पर चलने की उम्मीद
मेट्रो ट्रेनों की नई खेप तैयार है और यह पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट होकर आई है। इसे कमिश्नर रेलवे सेफ्टी की मंजूरी मिलने के बाद अब ट्रैक पर लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि अगले महीने के शुरू में पैसिंजरों को इस ट्रेन में सफर करने का मौका मिलेगा। नई ट्रेन सबसे पहले केंद्रीय सचिवालय-जहांगीरपुरी ट्रैक पर चलने की उम्मीद है। इस ट्रेन के सारे सिस्टम की जांच पूरी करके ट्रायल चल रहा है। ऐसी 13 नई ट्रेनें मेट्रो को मिल चुकी है। न सिर्फ मेट्रो ने इसमें अपना रंग-रूप बदला है, बल्कि मौजूदा ट्रेनों से कुछ अलग हटकर इनमें ढेरों उपयोगी फीचर भी जोड़े हैं। आइए एक नजर डालें - डिजिटल मैप दिखाएगा लोकेशन नई ट्रेन के अंदर गेट के ऊपर पूरे रूट के स्टेशनों का साधारण मैप हटा दिया जाएगा। उसकी जगह डिजिटल मैप लगाया गया है। यानी जो भी स्टेशन आएगा, उस स्टेशन के नाम के आगे लगी बत्ती जल उठेगी। इससे पैसिंजर समझ सकेंगे कि किस स्टेशन पर ट्रेन रुकी है। इसके बाद जब ट्रेन आगे बढ़ेगी तो अगले स्टेशन की लाइट जलेगी। ट्रेन में मोबाइल फोन चार्ज करने की सुविधा भी जोड़ी जा रही है। हर कोच में चार कैमरे : सुरक्षा की वजह से नई ट्रेनों के हर कोच में चार कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे पूरे कोच के हर एंगल को कवर करेंगे। यही नहीं, इन कैमरों की रिकॉर्डिंग 8 घंटे तक सुरक्षित रहेगी यानी एक फुटेज को आठ घंटे के अंदर कभी भी देखा जा सकेगा। ये कैमरे सुरक्षा की दृष्टि से लगाए गए हैं। ट्रेन में असामाजिक तत्वों को गड़बड़ फैलाने से रोकने में ये कैमरे अहम रोल निभा सकेंगे। ड्राइवर के कैमरे : पूरी ट्रेन पर एकसाथ नजर रखने के लिए ड्राइवर के कैबिन में रियर व्यू कैमरे लगाए गए हैं। बाहर की तरफ लगे इन कैमरों को मॉनिटर करने के लिए कैबिन में दो स्क्रीन लगे हैं। इनसे ड्राइवर बैठे-बैठे सभी चार कोचों के गेट को चेक कर सकेगा कि क्या सभी पैसिंजर ट्रेन में सवार हो पाए या कहीं कोई गेट पर फंस तो नहीं गया। एक शख्स का हाथ इसी तरह पहले फंस चुका है। हीटर भी होगा : मौजूदा ट्रेनों में एयरकंडीशन तो है लेकिन सदिर्यों के मौसम के लिए हीटर नहीं हैं। सिर्फ फ्रेश एयर की व्यवस्था है। नई ट्रेनों में हीटर भी होगा और बारिश के दिनों में ह्यूमिडिटी कंट्रोल करने का सिस्टम भी लगाया जाएगा। इस तरह से गर्मी ही नहीं सर्दी और बारिश में भी मेट्रो ट्रेनें राहत देंगी।
Tuesday, September 15, 2009
दिल्ली - पलवल रेल मार्ग पर चल रही लेडीज स्पेशल का टाइम टेबल सोमवार से बदल गया।
दिल्ली - पलवल रेल मार्ग पर चल रही लेडीज स्पेशल का टाइम टेबल सोमवार से बदल गया। इससे महिला यात्री काफी उत्साहित भी है। हालांकि नए समय पर चलने पर भी लेडीज स्पेशल में अधिक भीड़ नजर नहीं आई। लेडीज स्पेशल का समय डेढ़ महीने में तीन बार बदला गया है। सोमवार को यह ट्रेन अपने तय समय 8.53 बजे फरीदाबाद स्टेशन पर पहुंची। इस ट्रेन में फिलहाल दो डिब्बों की सवारियां भी नहीं चल रही हैं। इनमें से आधा स्टाफ रेलवे का है, जो इस ट्रेन की चेकिंग और सुरक्षा के लिए लगाया गया है। दिल्ली-पलवल दैनिक यात्री संघ की अध्यक्ष विजय लक्ष्मी कौशिक का कहना है कि ट्रेन के नए समय के बारे में अधिकांश महिला यात्रियों को जानकारी नहीं थी। इस वजह से पहले दिन इसमें भीड़ नहीं रही। लेकिन मंगलवार से ट्रेनों में भीड़ रहेगी। उनका कहना है कि महिला यात्रियों से उनकी बातचीत हो चुकी है और सभी ने इसी समय पर रजामंदी जाहिर की थी। इसके बाद ही ट्रेन के समय में यह बदलाव कराया गया है।
कर्मचारियों ने मंगलवार को भूख हड़ताल का ऐलान किया
Sunday, September 13, 2009
उत्तर पश्चिम रेलवे के पूर्व महाप्रबंधक अशोक गुप्ता के खिलाफ सीबीआई ने छापे मारे
सीबीआई ने उत्तर पश्चिम रेलवे के पूर्व महाप्रबंधक अशोक गुप्ता के खिलाफ आय से अधिक सम्पति का मामला दर्ज कर छापा मारा था। प्रवक्ता के अनुसार सीबीआई गुप्ता के तीन बैंक लाकर की तलाशी में जुटी है। उन्होंने गुप्ता की फिलहाल गिरफ्तारी से इंकार करते हुए कहा, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है, उनसे पूछताछ की जा रही है।
सीबीआई ने 31 अगस्त को सेवानिवृत हुए उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अशोक गुप्ता के दिल्ली और
गुडगांव के ठिकानों पर शुक्रवार रात मारे गए छापे में करोड़ों रुपये के निवेश के कागजात, एक करोड़ से अधिक की नकदी और लाखों रुपये के आभूषण बरामद किये हैं। सीबीआई ने शनिवार को अशोक गुप्ता के तीन और लॉकरों का पता लगाया। सीबीआई गुप्ता से बेनामी सम्पति के बारे में पूछताछ कर रही है। सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि छापे में बैंक के करीब 18 खातों में जमा एक करोड़ 36 लाख रुपये की नकदी, 12 लाख से अधिक की एफडी, लाखों रुपये के शेयर, 14 लाख रुपये से ज्यादा के गहने और दिल्ली के पालम इलाके में करोड़ो रूपये की लागत से बनाये गये मकान और कुछ अन्य प्लॉटों के कागजात जब्त किये गये हैं।
मेट्रो में एक के बाद एक गड़बडि़यों का सिलसिला जारी
मेट्रो में एक के बाद एक गड़बडि़यों का सिलसिला जारी है। रविवार को यमुना बैंक-द्वारका रूट पर सुबह इंद्रप्रस्थ स्टेशन से पहले मेट्रो का एक कोच पटरी से उतर गया। इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है लेकिन इस रूट पर मेट्रे की सेवा बाधित हो गई है। इस दुर्घटना के दिल्ली मेट्रो ने विभागीय जांच का आदेश देने के साथ ही जूनियर इंजीनियर, ट्रैक को सस्पेंड कर दिया गया है। पटरी साफ किए जाने तक मेट्रो यमुना बैंक के बजाय द्वारका के लिए इंद्रप्रस्थ से चलाई जा रही हैं। मेट्रो की सुरक्षा एवं संरक्षा में खामी की एक महीने में यह चौथी घटना है। जानकारी के मुताबिक सुबह 6 बजे यमुना बैंक से खुलने के 100 मीटर बाद ही मेट्रो का एक कोच पटरी से उतर गया। इसके बाद से ही फिलहाल यमुना बैंक स्टेशन से मेट्रो की सेवा बंद कर दी गई है और यात्रियों से अपील की जा रही है कि वे इंद्रप्रस्थ स्टेशन से मेट्रो पकड़े। यमुना स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को फीडर बसो के द्वारा भी इंद्रप्रस्थ स्टेशन पहुंचाया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि दोपहर 12 बजे के बाद यमुना बैंक से मेट्रे सेवा शुरू हो जाएगी। इससे पहले शनिवार को केंद्रीय सचिवालय-जहांगीरपुरी रूट पर मेट्रो के ब्रेक फेल हो गए थे। इससे भयानक हादसा होते-होते टल गया था। राजीव चौक स्टेशन पर ब्रेक फेल होने के बाद ऑपरेटर ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगा हादसे को टाला। इसके कारण करीब आधे घंटे तक इस रूट पर मेट्रो की सेवा बाधित रही। घटना के कारणों की जांच के लिए विभागीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है।
Thursday, September 10, 2009
रेलवे मंत्रालय भी गृह मंत्रालय की तर्ज पर अपने कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली स्थापित करने जा रहा है।
रेलवे मंत्रालय भी गृह मंत्रालय की तर्ज पर अपने कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली स्थापित करने जा रहा है। पहले चरण में रेलवे को प्रमुख दफ्तरों एवं अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में यह प्रणाली स्थापित की जाएगी। भविष्य में सभी रेलवे मंडलों में भी इसे स्थापित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली की शुरुआत की थी। इस प्रणाली में मशीन अंगूठे या चेहरे से व्यक्ति की पहचान कर लेती है। उसे रजिस्टर पर हाजिरी लगाने की जरूरत नहीं रहती। रेलवे के एक बड़े अधिकारी के अनुसार इस प्रणाली की शुरुआत के लिए 4 करोड़ 40 लाख की राशि स्वीकृति की गई है। इस राशि के रेल भवन सहित मुख्य रेलवे कार्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली स्थापित की जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य रेलवे के रिजर्वेशन व अन्य प्रमुख तकनीकी दफ्तरों को पूरी तरह महफूज करना है। इस प्रणाली के बाद कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति इन केंद्रों में प्रवेश नहीं कर सकेगा। उक्त अधिकारी के मुताबिक अभी जिस तरह का खतरा सामने आ रहा है उसे देखते हुए ऐसा किया जाना जरूरी हो गया है। रेलवे के सभी जोन के महाप्रबंधकों से कहा गया है कि अपने क्षेत्र के उन सभी प्रमुख कार्यालयों व संस्थानों की पहचान करें जहां बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली स्थापित की जानी है।