रेलवे ने कृष्णा कॉलोनी के झुग्गी वालों फिर राहत देते हुए कार्रवाई टाल
दिया है। हालांकि रेलवे ने कहा है कि 5 दिसंबर तक ही
मोहलत दी गई है। 4 दिसंबर तक जगह खाली नहीं करने पर 5 दिसंबर को तोड़फोड़ की जाएगी। रेलवे ने सेमी हाई
स्पीड ट्रेन को ट्रैक पर उतारने के लिए नवंबर आखिर की डेड लाइन तय की थी। फरीदाबाद
में नीलम पुल और बाटा पुल के बीच रेलवे लाइन के दोनों ओर दीवार बनाई जानी है, लेकिन यहां रेलवे की जमीन पर कृष्णा कॉलोनी की
झुग्गियां आ रही है। रेलवे ने 1 नवंबर को कॉलोनी
के लोगों को नोटिस देकर 14 नवंबर तक जगह खाली करने को कहा था। इसके बाद 15 नवंबर को तोड़फोड़ की कार्रवाई करने की
चेतावनी दी थी, जिला प्रशासन के अनुरोध पर कार्यवाही टाल
दिया। रेलवे ने शनिवार को कार्रवाई नहीं करते हुए 4 दिसंबर तक जगह
खाली को कहा है। दिल्ली डिविजन के प्रवक्ता अजय माइकल का कहना है कि 5 दिसंबर को तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी।
Sunday, November 30, 2014
Saturday, November 29, 2014
चर्चगेट स्थित मुख्यालय को मुंबई से अहमदाबाद शिफ्ट करने की मांग
वेस्टर्न रेलवे के चर्चगेट स्थित मुख्यालय को
मुंबई से अहमदाबाद शिफ्ट करने की मांग बीजेपी के एक सांसद ने की है। इस सांसद का
नाम है डॉ. किरीट सोलंकी। डॉ. सोलंकी गुजरात की अहमदाबाद पश्चिम लोकसभा सीट से
बीजेपी के सांसद है। उन्होंने यह मांग शुक्रवार को लोकसभा में की।
बीजेपी के इस सांसद ने लोकसभा में कहा, 'वेस्टर्न रेलवे रूट पर अहमदाबाद एक दम बीचों-बीच पड़ता है, इसलिए वेस्टर्न रेलवे का मुख्यालय मुंबई से हटाकर अहमदाबाद में शिफ्ट किया जाए।' उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार इस संबंध में केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय को कई बार पत्र लिख चुकी है। बीजेपी के इस सांसद ने कहा कि गुजरात सरकार, वेस्टर्न रेलवे मुख्यालय के लिए अहमदाबाद में जमीन भी दे चुकी है।
बीजेपी सांसद की इस मांग से महाराष्ट्र और गुजरात के बीच एक नया विवाद पैदा होने की आशंका है, क्योंकि इससे पहले केंद्र सरकार महाराष्ट्र में स्थापित होने वाले कोस्टल पुलिस ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट को महाराष्ट्र से गुजरात में शिफ्ट कर चुकी है। इस पर महाराष्ट्र की पॉलिटिकल पार्टियों ने विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाया था।
इसे अलावा गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने जब उद्योगपतियों से अपने उद्योग मुंबई से गुजरात शिफ्ट करने की अपील की थी, उस पर भी शिवसेना और एमएनएस ने काफी विरोध किया था। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक मुंबई के डायमंड मार्केट को भी मुंबई से गुजरात शिफ्ट करने की कोशिश की जा रही है।
जब इस बारे में 'एनबीटी' ने शिवसेना के प्रवक्ता और दक्षिण मुंबई के सांसद अरविंद सावंत से बात की तो उन्होंने कहा, 'हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे।' सावंत ने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी हैं। देश का सारा उद्योग व्यापार यहीं से संचालित होता है, गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य है, इसका मतलब यह नहीं है कि सब कुछ गुजरात में ही होना चाहिए।
बीजेपी के इस सांसद ने लोकसभा में कहा, 'वेस्टर्न रेलवे रूट पर अहमदाबाद एक दम बीचों-बीच पड़ता है, इसलिए वेस्टर्न रेलवे का मुख्यालय मुंबई से हटाकर अहमदाबाद में शिफ्ट किया जाए।' उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार इस संबंध में केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय को कई बार पत्र लिख चुकी है। बीजेपी के इस सांसद ने कहा कि गुजरात सरकार, वेस्टर्न रेलवे मुख्यालय के लिए अहमदाबाद में जमीन भी दे चुकी है।
बीजेपी सांसद की इस मांग से महाराष्ट्र और गुजरात के बीच एक नया विवाद पैदा होने की आशंका है, क्योंकि इससे पहले केंद्र सरकार महाराष्ट्र में स्थापित होने वाले कोस्टल पुलिस ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट को महाराष्ट्र से गुजरात में शिफ्ट कर चुकी है। इस पर महाराष्ट्र की पॉलिटिकल पार्टियों ने विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाया था।
इसे अलावा गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने जब उद्योगपतियों से अपने उद्योग मुंबई से गुजरात शिफ्ट करने की अपील की थी, उस पर भी शिवसेना और एमएनएस ने काफी विरोध किया था। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक मुंबई के डायमंड मार्केट को भी मुंबई से गुजरात शिफ्ट करने की कोशिश की जा रही है।
जब इस बारे में 'एनबीटी' ने शिवसेना के प्रवक्ता और दक्षिण मुंबई के सांसद अरविंद सावंत से बात की तो उन्होंने कहा, 'हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे।' सावंत ने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी हैं। देश का सारा उद्योग व्यापार यहीं से संचालित होता है, गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य है, इसका मतलब यह नहीं है कि सब कुछ गुजरात में ही होना चाहिए।
गाडी से फेंक दिये जाने की घटना
इंदौर मालवा एक्सप्रेस से ललितपुर बीना रेल खंड में एक लड़की को कथित रुप से
चलती गाडी से फेंक दिये जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए भोपाल रेल मंडल के
मंडल रेल प्रबंधक ने इसकी निष्पक्ष जांच के लिये मंडल रेल प्रबंधक झांसी से उच्च
स्तरीय कमेटी गठित करने का आग्रह किया है।
भोपाल रेल मंडल प्रबंधक ने आज जारी एक बयान में कहा कि जांच में अगर कोई भी रेल कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल रेल मंडल प्रबंधक ने आज जारी एक बयान में कहा कि जांच में अगर कोई भी रेल कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञप्ति के अनुसार पीड़ित यात्री की पारिवारिक स्थिति ठीक
नहीं होने के कारण उसके परिजनों को मंडल रेल प्रबंधक भोपाल के रिलीफ फंड से दस
हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि मालवा एक्सप्रेस से यात्रा कर रही कानपुर निवासी रति त्रिपाठी को करौदा आगासौद स्टेशनों के मध्य चलती गाड़ी से फेंक दिये जाने के कारण गंभीर अवस्था में सागर और भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जिसे बाद मे यहां के बंसल अस्पताल में ले जाया गया है।
उल्लेखनीय है कि मालवा एक्सप्रेस से यात्रा कर रही कानपुर निवासी रति त्रिपाठी को करौदा आगासौद स्टेशनों के मध्य चलती गाड़ी से फेंक दिये जाने के कारण गंभीर अवस्था में सागर और भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जिसे बाद मे यहां के बंसल अस्पताल में ले जाया गया है।
अंबाला-लुधियाना रेलवे ट्रैक पर मिली - 10वीं की स्टूडेंट की बॉडी
एक नामी पब्लिक स्कूल की 10वीं की स्टूडेंट की
बॉडी शुक्रवार शाम को अंबाला-लुधियाना रेलवे ट्रैक पर मिली। उसकी पहचान स्नेहा के
रूप में हुई, उसके गले में आईकार्ड था और लड़की ने स्कूल यूनिफॉर्म पहनी हुई थी। हालांकि
देर रात तक पुलिस परिजनों तक नहीं पहुंच पाई थी, माना जा रहा है कि उसने खुदकुशी की। रेलवे
ट्रैक पर उसकी लाश देखकर ट्रैकमैन महेंद्र ने पुलिस को सूचित किया था लेकिन इसके
बाद भी लगभग 4 घंटे तक लाश वहीं पड़ी रही,
इस दौरान उसपर से 9 ट्रेनें गुजर गईं। अब हरियाणा रेलवे पुलिस के
एसपी अभिषेक जोरवाल का कहना है कि मामले में सख्त कार्रवाई होगी।
Wednesday, November 26, 2014
रेलवे लाइन के आसपास टॉयलेट बनाने की मांग
रेलवे ने सभी राज्य सरकारों से रेलवे लाइन के आसपास
टॉयलेट बनाने की मांग की है। रेलवे बोर्ड की ओर से हरियाणा समेत सभी राज्य सरकारों
को इस संबंध में पत्र लिखा गया है। इसके अलावा रेलवे ने फरीदाबाद सेक्शन समेत सभी
इंजीनियरिंग विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि रेलवे लाइन व रेलवे लैंड पर कूड़ा
फेंकने वालों के खिलाफ रेलवे एक्ट 147 के तहत एफआईआर
दर्ज कराएं।
फरीदाबाद सेक्शन में ओल्ड फरीदाबाद से प्याला के बीच रेलवे लाइन के किनारे काफी संख्या में स्लम बस्तियां हैं। स्लम बस्तियों में टॉयलेट की व्यवस्था न होने के कारण यहां रहने वाले लोग रेलवे लाइनों का इस्तेमाल करते हैं। मलमूत्र से निकलने वाले एसिड केमिकल के कारण रेलवे लाइनों में डिफेक्ट आ रहा है। इसके परिणाम स्वरूप रेलवे लाइनों पर दरार आ जाती है जो रेल यात्रियों की सुरक्षा की लिहाज से खतरा बनी हुई है।
फरीदाबाद सेक्शन में ही आए दिन रेलवे लाइनों में फ्रेक्चर आ जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यही है। गुरुवार को ही न्यूटाउन रेलवे स्टेशन के पास थर्ड लाइन में दरार आ गई थी। रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर (भूमि एवं सुविधा) रमेश की ओर से राज्य सरकारों को लेटर लिखा गया है। इसमें उन्होंने राज्य सरकारों से कहा है कि रेलवे लाइन के आसपास बसी स्लम बस्तियों के लिए राज्य सरकार अपनी जमीन और अपनी लागत से टॉयलेट की सुविधा मुहैया कराएं ताकि लोग रेलवे लाइन व रेलवे लैंड का इस्तेमाल न करें।
फरीदाबाद सेक्शन में ओल्ड फरीदाबाद से प्याला के बीच रेलवे लाइन के किनारे काफी संख्या में स्लम बस्तियां हैं। स्लम बस्तियों में टॉयलेट की व्यवस्था न होने के कारण यहां रहने वाले लोग रेलवे लाइनों का इस्तेमाल करते हैं। मलमूत्र से निकलने वाले एसिड केमिकल के कारण रेलवे लाइनों में डिफेक्ट आ रहा है। इसके परिणाम स्वरूप रेलवे लाइनों पर दरार आ जाती है जो रेल यात्रियों की सुरक्षा की लिहाज से खतरा बनी हुई है।
फरीदाबाद सेक्शन में ही आए दिन रेलवे लाइनों में फ्रेक्चर आ जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यही है। गुरुवार को ही न्यूटाउन रेलवे स्टेशन के पास थर्ड लाइन में दरार आ गई थी। रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर (भूमि एवं सुविधा) रमेश की ओर से राज्य सरकारों को लेटर लिखा गया है। इसमें उन्होंने राज्य सरकारों से कहा है कि रेलवे लाइन के आसपास बसी स्लम बस्तियों के लिए राज्य सरकार अपनी जमीन और अपनी लागत से टॉयलेट की सुविधा मुहैया कराएं ताकि लोग रेलवे लाइन व रेलवे लैंड का इस्तेमाल न करें।
Monday, November 24, 2014
रेल विभाग के अफसर स्टेशन कैंपस में सफाई सुनिश्चित कराने के लिए एक-एक स्टेशन को गोद ले
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे स्टेशनों पर नरेंद्र मोदी के
स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाने के लिए सुझाव दिया कि रेल विभाग के अफसर स्टेशन
कैंपस में सफाई सुनिश्चित कराने के लिए एक-एक स्टेशन को गोद ले सकते हैं। रेलवे
स्टेशनों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के लिए प्रभु ने प्लेटफॉर्म पर खाद्य सामग्री
पकाने पर रोक लगाने और रेंस्टोरेंट समेत कमर्शल स्टॉलों को प्लेटफॉर्म से हटाने की
भी वकालत की। योजना के मुताबिक करीब 700 स्टेशनों की पहचान की गई है, जिन्हें अगले महीने से साफ-सफाई
के लिए अधिकारी गोद लेंगे।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजे एक
नोट में प्रभु ने कहा है कि रेलवे में साफ-सफाई किसी एक की जिम्मेदारी नहीं है।
साफ-सफाई की जिम्मेदारी नहीं लेने के लिए चिकित्सा, व्यवासयिक और इंजीनियरिंग शाखाओं
में खींचतान लगातार चलती रहती है। उन्होंने कहा, 'रेलवे के पास तकरीबन उतने ही
अधिकारी (ए और बी श्रेणी) के हैं, जितने कि रेलवे स्टेशन हैं। यह अच्छा विचार हो सकता है कि सफाई
के उद्देश्य से एक स्टेशन को एक अधिकारी गोद ले ले।''
देश भर में करीब 7,500 रेलवे स्टेशन हैं, लेकिन साफ-सफाई के लिए केवल 700 स्टेशनों को चुना जा रहा है। रेल
मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेलवे ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर
स्वच्छता अभियान शुरू किया था। तत्कालीन रेल मंत्री सदानंद गौडा ने स्वच्छ भारत
अभियान के तहत खुद झाडू उठाकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सफाई की थी। अब नए रेल
मंत्री इस अभियान को समर्पित तरीके से फिर से शुरू करने के उत्सुक हैं। अभियान को
आगे बढ़ाने के विचार के तहत प्रभु ने प्लेटफॉर्म पर खाद्य सामग्री पकाने पर
प्रतिबंध लगाने के साथ ही स्टॉलों और भोजनालयों को हटाने की मांग भी की है।
प्लेटफॉर्म पर खाद्य सामग्री पकाना अस्वच्छता बढ़ाने वाले कारकों में शामिल है।
इसे सुरक्षा के लिए भी खतरा समझा जाता है।
Friday, November 21, 2014
हाईस्पीड ट्रेन को पैसिंजरों के लिए नवंबर में शुरू करने का दावा
भारत में अब तक की सबसे तेज रफ्तार वाली सेमी हाईस्पीड ट्रेन को पैसिंजरों के लिए नवंबर में शुरू करने का दावा करने वाली रेलवे क्या अपने वादे को पूरा कर पाएगी? यह सवाल इसलिए खड़ा हुआ है, क्योंकि अब तक रेलवे को इस ट्रेन को चलाने के लिए कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) का ग्रीन सिग्नल नहीं मिला है।
हालांकि रेलवे को अब भी उम्मीद है कि जल्द ही ग्रीन सिग्नल मिलेगा और 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली इस ट्रेन को पैसेंजर सर्विस के लिए शुरू किया जा सकेगा। वैसे रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने उम्मीद जाहिर की है कि जल्द ही सीआरएस की मंजूरी मिलेगी और ट्रेन सर्विस को शुरू किया जा सकेगा।गौरतलब है कि अब तक भारत में ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 150 किमी प्रति घंटे की है लेकिन अब रेलवे ट्रेन की स्पीड को 160 किमी करने जा रहा है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि इस ट्रेन को पैसेंजरों के लिए चालू करने के इरादे से पिछले महीने रेलवे बोर्ड ने कमिश्नर रेलवे सेफ्टी को औपचारिक तौर पर आवेदन करके मंजूरी मांगी थी, लेकिन अब तक यह मंजूरी नहीं मिली है। माना जा रहा है कि कमिश्नर रेलवे सेफ्टी इस ट्रेन को चलाने से पहले कुछ सेफ्टी इंतजामों को पुख्ता करना चाहते हैं। इनमें ट्रैक के दोनों ओर बाउंड्री वाल और ट्रैक की मजबूती को सुनिश्चित करना शामिल है।रेलवे सूत्रों का कहना है कि कायदे से इस तरह के मामले में खुद कमिश्नर रेलवे सेफ्टी लाइन पर आकर खुद जायजा नहीं लेते बल्कि रेलवे के दस्तावेजों के आधार पर ही अपनी मंजूरी देते हैं। मोदी सरकार बनने के बाद रेलमंत्री कार्यभार संभालने वाले डी.वी. सदानंद गौड़ा ने सितंबर में दावा किया था कि नवंबर के अंत में सेमी हाईस्पीड के आगरा कॉरिडोर पर ट्रेन सर्विस शुरू हो जाएगी लेकिन अब महीना पूरा होने में महज दस दिन बचे हैं लेकिन अब तक कमिश्नर रेलवे सेफ्टी की ओर से मंजूरी नहीं आयी है। ऐसे में अब यह सवाल उठने लगा है कि रेलवे के मामले में मोदी सरकार का पहला टारगेट पूरा हो पाएगा या नहीं।इस बीच रेलवे ने इस ट्रेन को शुरू करने की तैयारी कर ली है और उसने ट्रेन का समय भी तय कर दिया है। यह ट्रेन नई दिल्ली से सुबह 8 बजे रवाना होगी और 9.45 बजे आगरा कैंट पहुंचेगी और वापसी में यह ट्रेन आगरा कैंट से 5.30 बजे रवाना होगी और 7.15 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। रेलवे का यह भी दावा है कि इस ट्रेन के कोच दिल्ली पहुंच चुके हैं।
हालांकि रेलवे को अब भी उम्मीद है कि जल्द ही ग्रीन सिग्नल मिलेगा और 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली इस ट्रेन को पैसेंजर सर्विस के लिए शुरू किया जा सकेगा। वैसे रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने उम्मीद जाहिर की है कि जल्द ही सीआरएस की मंजूरी मिलेगी और ट्रेन सर्विस को शुरू किया जा सकेगा।गौरतलब है कि अब तक भारत में ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 150 किमी प्रति घंटे की है लेकिन अब रेलवे ट्रेन की स्पीड को 160 किमी करने जा रहा है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि इस ट्रेन को पैसेंजरों के लिए चालू करने के इरादे से पिछले महीने रेलवे बोर्ड ने कमिश्नर रेलवे सेफ्टी को औपचारिक तौर पर आवेदन करके मंजूरी मांगी थी, लेकिन अब तक यह मंजूरी नहीं मिली है। माना जा रहा है कि कमिश्नर रेलवे सेफ्टी इस ट्रेन को चलाने से पहले कुछ सेफ्टी इंतजामों को पुख्ता करना चाहते हैं। इनमें ट्रैक के दोनों ओर बाउंड्री वाल और ट्रैक की मजबूती को सुनिश्चित करना शामिल है।रेलवे सूत्रों का कहना है कि कायदे से इस तरह के मामले में खुद कमिश्नर रेलवे सेफ्टी लाइन पर आकर खुद जायजा नहीं लेते बल्कि रेलवे के दस्तावेजों के आधार पर ही अपनी मंजूरी देते हैं। मोदी सरकार बनने के बाद रेलमंत्री कार्यभार संभालने वाले डी.वी. सदानंद गौड़ा ने सितंबर में दावा किया था कि नवंबर के अंत में सेमी हाईस्पीड के आगरा कॉरिडोर पर ट्रेन सर्विस शुरू हो जाएगी लेकिन अब महीना पूरा होने में महज दस दिन बचे हैं लेकिन अब तक कमिश्नर रेलवे सेफ्टी की ओर से मंजूरी नहीं आयी है। ऐसे में अब यह सवाल उठने लगा है कि रेलवे के मामले में मोदी सरकार का पहला टारगेट पूरा हो पाएगा या नहीं।इस बीच रेलवे ने इस ट्रेन को शुरू करने की तैयारी कर ली है और उसने ट्रेन का समय भी तय कर दिया है। यह ट्रेन नई दिल्ली से सुबह 8 बजे रवाना होगी और 9.45 बजे आगरा कैंट पहुंचेगी और वापसी में यह ट्रेन आगरा कैंट से 5.30 बजे रवाना होगी और 7.15 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। रेलवे का यह भी दावा है कि इस ट्रेन के कोच दिल्ली पहुंच चुके हैं।
मुंबई में मेट्रो का जाल बिछाने की तैयारी
मुंबई में मेट्रो का जाल बिछाने की तैयारी हो रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुए एमएमआरडीए की बैठक में 2 नए मेट्रो रूट को
मंजूरी दी गई। दहिसर-चारकोप-बांद्रा-मानखुर्द मेट्रो (मेट्रो-2) और
वडाला-घाटकोपर-ठाणे-कासारवडावली (मेट्रो-5) को हरी झंडी दी गई।
45,000 करोड़ रुपये के इन दोनों मेट्रो प्रॉजेक्टों का काम राज्य सरकार की मेट्रो रेल विकास कॉर्पोरेशन (एमआरवीसी) के तहत 2021 तक करने का लक्ष्य है। एमएमआरडीए अब इसका प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजेगी। फिर इसे कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। इन प्रॉजेक्टों में 50 पर्सेंट लोन इंटरनैशनल एजेंसी से लिया जाएगा। 20 पर्सेंट केंद्र और 30 पर्सेंट राज्य व एमएमआरडीए मिलकर देंगे।
45,000 करोड़ रुपये के इन दोनों मेट्रो प्रॉजेक्टों का काम राज्य सरकार की मेट्रो रेल विकास कॉर्पोरेशन (एमआरवीसी) के तहत 2021 तक करने का लक्ष्य है। एमएमआरडीए अब इसका प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजेगी। फिर इसे कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। इन प्रॉजेक्टों में 50 पर्सेंट लोन इंटरनैशनल एजेंसी से लिया जाएगा। 20 पर्सेंट केंद्र और 30 पर्सेंट राज्य व एमएमआरडीए मिलकर देंगे।
मेट्रो-2 दहिसर-चारकोप-बांद्रा-मानखुर्द
26,605 करोड़ रुपये लागत 40 किमी. की दूरी 36 स्टेशन
मेट्रो-5 वडाला-घाटकोपर-ठाणे-कासारवडावली 19,097 करोड़ रुपये लागत 32 किमी. की दूरी 30 स्टेशन
मेट्रो-2 दहिसर तक मेट्रो-2 का काम शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। इसके काम को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। वैसे इसका काम 2009 में ही दिया गया था, लेकिन मंजूरी न मिलने के कारण इस पर कोई खास पहल नहीं हो पाई। कुछ दिनों पहले ही पिछला कॉन्ट्रैक्ट रद कर दिया गया। चारकोप-बांद्रा-मानखुर्द तक के इस प्रॉजेक्ट को दहिसर तक बढ़ाया गया है। पहले एलिवेटेड चलने वाली मेट्रो को अब पूरी तरह से अंडरग्राउंड बनाया जाएगा।
मेट्रो-5 जोड़ेगी ठाणे को मेट्रो-5 वडाला से ठाणे होकर कासारवडावली तक जाएगी। इससे मुंबई की ठाणे के साथ कनेक्टिविटी काफी मजबूत होगी। इसका काफी हिस्सा अंडरग्राउंड होगा। हालांकि कुछ हिस्सा एलिवेटेड भी होगा। यह एलबीएस मार्ग से गुजरेगी, जहां काम करना बड़ी चुनौती है।
मेट्रो-5 वडाला-घाटकोपर-ठाणे-कासारवडावली 19,097 करोड़ रुपये लागत 32 किमी. की दूरी 30 स्टेशन
मेट्रो-2 दहिसर तक मेट्रो-2 का काम शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। इसके काम को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। वैसे इसका काम 2009 में ही दिया गया था, लेकिन मंजूरी न मिलने के कारण इस पर कोई खास पहल नहीं हो पाई। कुछ दिनों पहले ही पिछला कॉन्ट्रैक्ट रद कर दिया गया। चारकोप-बांद्रा-मानखुर्द तक के इस प्रॉजेक्ट को दहिसर तक बढ़ाया गया है। पहले एलिवेटेड चलने वाली मेट्रो को अब पूरी तरह से अंडरग्राउंड बनाया जाएगा।
मेट्रो-5 जोड़ेगी ठाणे को मेट्रो-5 वडाला से ठाणे होकर कासारवडावली तक जाएगी। इससे मुंबई की ठाणे के साथ कनेक्टिविटी काफी मजबूत होगी। इसका काफी हिस्सा अंडरग्राउंड होगा। हालांकि कुछ हिस्सा एलिवेटेड भी होगा। यह एलबीएस मार्ग से गुजरेगी, जहां काम करना बड़ी चुनौती है।
Tuesday, November 18, 2014
100 पर्सेंट डोमेस्टिक और फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट की इजाजत
नए रेलमंत्री के ड्राइविंग सीट संभालते ही
एफडीआई और पीपीपी को टॉप गियर में डाल दिया है। गुरुवार को घरेलू और विदेशी निवेश
के बारे में न सिर्फ गाइडलाइंस जारी कर दी गईं बल्कि प्रॉजेक्ट्स की लिस्ट भी जारी
कर दी गई। इनमें दो हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के अलावा 13 रेलवे स्टेशनों को भी शामिल किया गया है। जारी गाइडलाइंस में
तमाम कामों की लिस्ट जारी की गई है। हाईस्पीड ट्रेन, सबअर्बन
कॉरिडोर प्रॉजेक्ट्स, डेडिकेटेड फ्रेट लाइंस, इंजन व कोच, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन, सिग्नलिंग सिस्टम, पैसेंजर टर्मिनल्स, नॉन कन्वेंशनल सोर्स ऑफ एनर्जी, बायो टॉयलेट्स जैसे
क्षेत्रों के लिए 100 पर्सेंट डोमेस्टिक और फॉरेन डायरेक्ट
इनवेस्टमेंट की इजाजत दी गई है।
रेलवे ने नौ अहम क्षेत्रों की पहचान करके लिस्ट जारी कर दी है, जहां जल्द ही एफडीआई या फिर घरेलू इनवेस्टर्स के जरिए 100 पर्सेंट या पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए योजनाओं पर अमल किया जाएगा।
रेलवे ने नौ अहम क्षेत्रों की पहचान करके लिस्ट जारी कर दी है, जहां जल्द ही एफडीआई या फिर घरेलू इनवेस्टर्स के जरिए 100 पर्सेंट या पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए योजनाओं पर अमल किया जाएगा।
सबसे
अहम मुम्बई स्थित छत्रपति शिवाजी टर्मिनल से पनवेल के बीच 49 किमी सबअर्बन कॉरिडोर शामिल
है। इस पर 14 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे पब्लिक
प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए तैयार किया जाएगा। इस स्कीम में रेलवे वीजीएफ यानी
वायाबिल्टी गैप फंडिंग (वीजीएफ) करेगी। इसके तहत यह मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट और उससे
होने वाली आमदनी के बीच जो घाटा रह जाएगा, वह रेलवे देगी।
फिलहाल रेलवे ने वीजीएफ की सीमा 20 फीसदी तय की है।
इसी तरह से दो हाईस्पीड ट्रेन प्रॉजेक्ट्स को भी इस लिस्ट में रेलवे ने जगह दी है। इनमें मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड कॉरिडोर और चेन्नै-बेंगलुरू-मैसूर रूट शामिल है। इन्हें दो सरकारों के सहयोग से तैयार कराया जाएगा और इसमें भी वीजीएफ का प्रावधान रहेगा। इसी तरह ईएमयू और एमईएमयू के 500 कोच भी बीओटी के आधार पर तैयार कराए जाएंगे।
आगरा से ग्वालियर के 118 किमी के रूट पर आटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम और ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाने, ग्वालिया से बुरपुरा के 126 किमी के रूट और फिर बुरपुरा से बीना तक के रूट पर भी इसी तरह से ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाए जाएंगे।
लिस्ट में जिन 13 रेलवे स्टेशनों को टर्मिनल के रूप में डेवलप करने का फैसला गया है, उनमें हबीबगंज, शिवाजी नगर, सूरत, चंडीगढ़, गांधी नगर, मंगलूर, एर्नाकुलम, विजयवाड़ा, नागपुर, बयापहाली और न्यू भुवनेश्वर शामिल हैं।
इसी तरह से दो हाईस्पीड ट्रेन प्रॉजेक्ट्स को भी इस लिस्ट में रेलवे ने जगह दी है। इनमें मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड कॉरिडोर और चेन्नै-बेंगलुरू-मैसूर रूट शामिल है। इन्हें दो सरकारों के सहयोग से तैयार कराया जाएगा और इसमें भी वीजीएफ का प्रावधान रहेगा। इसी तरह ईएमयू और एमईएमयू के 500 कोच भी बीओटी के आधार पर तैयार कराए जाएंगे।
आगरा से ग्वालियर के 118 किमी के रूट पर आटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम और ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाने, ग्वालिया से बुरपुरा के 126 किमी के रूट और फिर बुरपुरा से बीना तक के रूट पर भी इसी तरह से ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाए जाएंगे।
लिस्ट में जिन 13 रेलवे स्टेशनों को टर्मिनल के रूप में डेवलप करने का फैसला गया है, उनमें हबीबगंज, शिवाजी नगर, सूरत, चंडीगढ़, गांधी नगर, मंगलूर, एर्नाकुलम, विजयवाड़ा, नागपुर, बयापहाली और न्यू भुवनेश्वर शामिल हैं।
Monday, November 17, 2014
वर्ल्ड बैंक ने प्रस्तावित मेट्रो प्रॉजेक्ट के लिए धन उपलब्ध कराने की इच्छा जताई
मुंबई महानगर की कई प्रतिष्ठित
ढांचागत परियोजनाओं के वित्त पोषण में जापानी सरकार के आगे आने के साथ वर्ल्ड बैंक
ने प्रस्तावित चारकोप-दहिसर और वडाला-तीन हाथ नाका मेट्रो प्रॉजेक्ट को पैसा देने
में रचि दिखाई है। जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जीका) ने मुंबई महानगर
क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के दो महत्वाकांक्षी प्रॉजेक्ट के लिए धन
उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता पहले ही जता चुकी है।
पहला प्रॉजेक्ट 23,136 करोड़ रुपए का कोलाबा-सीप्ज मेट्रो जबकि दूसरी 22 किलोमीटर की 9,630 करोड़ रुपए की मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक है जो अब भी कागज पर है। एमएमआरडीए के अतिरिक्त महानगरीय आयुक्त संजय सेठी ने बताया, वर्ल्ड बैंक ने भी दो अन्य प्रस्तावित मेट्रो प्रॉजेक्ट के लिए धन उपलब्ध कराने की इच्छा जताई है।
पहला प्रॉजेक्ट 23,136 करोड़ रुपए का कोलाबा-सीप्ज मेट्रो जबकि दूसरी 22 किलोमीटर की 9,630 करोड़ रुपए की मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक है जो अब भी कागज पर है। एमएमआरडीए के अतिरिक्त महानगरीय आयुक्त संजय सेठी ने बताया, वर्ल्ड बैंक ने भी दो अन्य प्रस्तावित मेट्रो प्रॉजेक्ट के लिए धन उपलब्ध कराने की इच्छा जताई है।
Saturday, November 15, 2014
अभियान की बागडोर मेट्रोमैन ई. श्रीधरन को
नए रेलमंत्री
सुरेश प्रभु ने भारतीय रेलवे में सुधार की एक अच्छी पहल की
है। उन्होंने अपने अभियान की बागडोर मेट्रोमैन ई. श्रीधरन को सौंप दी है। उन्हें
उस एक सदस्यीय समिति का प्रमुख बनाया गया है, जो रेलवे के कमर्शल मामलों में जिम्मेदारी और पारदर्शिता लाने के उपाय
सुझाएगी।
श्रीधरन की योग्यता और क्षमता पर देश में शायद ही किसी को कोई संदेह होगा। दिल्ली मेट्रो से शुरू करके उन्होंने देश भर में मेट्रो की महत्वाकांक्षा जगा दी और महानगरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का स्वरूप ही बदल डाला। सिर्फ पंद्रह वर्षों में मेट्रो सटीक वक्त पर, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करने का पर्याय बन गई है। श्रीधरन का रेलवे से जुड़ना इसलिए भी उम्मीद जगा रहा है कि वह काम के मामले में कोई समझौता न करने के लिए जाने जाते हैं।
जहां तक भारतीय रेलवे का प्रश्न है तो फिलहाल उसकी ख्याति अपनी अकुशलता, लेट लतीफी और करप्शन के लिए ही है। तमाम सरकारी प्रतिष्ठानों में रेलवे का दर्जा भ्रष्टाचार के मामले में सबसे ऊंचा है। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के अनुसार 2013 में उसे करप्शन की सबसे ज्यादा शिकायतें रेलवे से ही मिलीं।
श्रीधरन की योग्यता और क्षमता पर देश में शायद ही किसी को कोई संदेह होगा। दिल्ली मेट्रो से शुरू करके उन्होंने देश भर में मेट्रो की महत्वाकांक्षा जगा दी और महानगरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का स्वरूप ही बदल डाला। सिर्फ पंद्रह वर्षों में मेट्रो सटीक वक्त पर, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करने का पर्याय बन गई है। श्रीधरन का रेलवे से जुड़ना इसलिए भी उम्मीद जगा रहा है कि वह काम के मामले में कोई समझौता न करने के लिए जाने जाते हैं।
जहां तक भारतीय रेलवे का प्रश्न है तो फिलहाल उसकी ख्याति अपनी अकुशलता, लेट लतीफी और करप्शन के लिए ही है। तमाम सरकारी प्रतिष्ठानों में रेलवे का दर्जा भ्रष्टाचार के मामले में सबसे ऊंचा है। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के अनुसार 2013 में उसे करप्शन की सबसे ज्यादा शिकायतें रेलवे से ही मिलीं।
पिछले साल तत्कालीन रेल मंत्री पवन कुमार बंसल को रेलवे के
शीर्ष पदों की नियुक्ति में जारी भ्रष्टाचार के चलते ही अपने पद से हाथ धोना पड़ा
था। बंसल पर आरोप था कि उन्होंने रिश्वत लेकर एक अधिकारी को रेलवे बोर्ड में रखा।
अधिकारी बोर्ड में इसलिए आना चाहते हैं ताकि मोटी घूस के एवज में टेंडर के हेरफेर
से मनमाने लोगों को मोटे फायदे पहुंचा सकें। दरअसल राजनेताओं, नौकरशाहों, ठेकेदारों और दलालों का एक
गठजोड़ रेलवे को हर साल करोड़ों का चूना लगा रहा है। इसलिए इसमें सुधार के पहले
कदम के रूप में सुरेश प्रभु टेंडरिंग प्रोसेस को ही बदलना चाहते हैं।
मौजूदा नियमों के तहत 150 करोड़ रुपये से ज्यादा के टेंडर रेलवे बोर्ड के तहत आते हैं और इन्हें मंत्री खुद क्लीयर करते हैं। प्रभु की योजना एक ऐसा पारदर्शी सिस्टम बनाने की है, जिसमें टेंडर और खरीद के मामलों का मंत्री की मेज तक पहुंचना गैरजरूरी हो जाए। वह रेलवे के विकेंद्रीकरण के पक्ष में हैं और चाहते हैं कि रेलवे बोर्ड के कई अधिकार संबंधित जोन के हवाले कर दिए जाएं। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि नौकरशाहों का रोल तब भी बना रहेगा क्योंकि मंत्री न सही, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और बोर्ड के सीनियर मेंबर्स टेंडरिंग प्रोसेस में जीएम पर दबाव डाल ही सकते हैं। देखना यह है कि श्रीधरन इसकी क्या काट ढूंढते हैं। एनडीए सरकार के बाकी मंत्री भी सुरेश प्रभु की तरह प्रयास करें तो अतिशय राजनीतिक होने का आरोप उन पर से हट जाएगा और सरकार की साख बेहतर होने लगेगी।
मौजूदा नियमों के तहत 150 करोड़ रुपये से ज्यादा के टेंडर रेलवे बोर्ड के तहत आते हैं और इन्हें मंत्री खुद क्लीयर करते हैं। प्रभु की योजना एक ऐसा पारदर्शी सिस्टम बनाने की है, जिसमें टेंडर और खरीद के मामलों का मंत्री की मेज तक पहुंचना गैरजरूरी हो जाए। वह रेलवे के विकेंद्रीकरण के पक्ष में हैं और चाहते हैं कि रेलवे बोर्ड के कई अधिकार संबंधित जोन के हवाले कर दिए जाएं। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि नौकरशाहों का रोल तब भी बना रहेगा क्योंकि मंत्री न सही, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और बोर्ड के सीनियर मेंबर्स टेंडरिंग प्रोसेस में जीएम पर दबाव डाल ही सकते हैं। देखना यह है कि श्रीधरन इसकी क्या काट ढूंढते हैं। एनडीए सरकार के बाकी मंत्री भी सुरेश प्रभु की तरह प्रयास करें तो अतिशय राजनीतिक होने का आरोप उन पर से हट जाएगा और सरकार की साख बेहतर होने लगेगी।
आगरा इंटरसिटी की वैकल्पिक व्यवस्था
दैनिक यात्रियों की भारी डिमांड को देखते हुए आखिरकार रेलवे ने
आगरा इंटरसिटी की वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है। यह व्यवस्था सिर्फ आगरा से दिल्ली
जाने के लिए की गई है। वैकल्पिक व्यवस्था हो जाने से दैनिक यात्रियों को काफी राहत
मिली है। इस व्यवस्था के तहत आगरा से दिल्ली जाने वाली अन्य सुपरफास्ट व मेल
एक्सप्रेस ट्रेन को आगरा इंटरसिटी के ठहराव देकर चलाया जा रहा है। इस व्यवस्था को
रेलवे ने 10 दिसंबर तक
स्थाई कर दिया है। ऐसे में कम से कम सुबह के समय दिल्ली जाने वाले दैनिक यात्रियों
को राहत मिल गई है। अब यात्री की डिमांड है कि दिल्ली से आगरा के लिए भी वैकल्पिक
व्यस्था की जाए।
बता दें कि आगरा यार्ड में नॉन इंटरलॉकिंग वर्क के चलते रेलवे
ने आगरा इंटरसिटी समेत फरीदाबाद रूट की 4 ट्रेन को 11 नवंबर से 10 दिसंबर तक रद्द करने का ऐलान कर
दिया है। ऐसे में दैनिक यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी आगरा इंटरसिटी के रद्द
होने से हो रही है। दैनिक यात्री रेलवे से इसका वैकल्पिक इंतजाम करने की मांग कर
रहे थे। यात्रियों की इस डिमांड को देखते हुए आगरा डिविजन ने आगरा से दिल्ली जाने
के लिए वैकल्पिक इंतजाम कर दिया है। जिसके तहत जो भी सुपरफास्ट व मेल एक्सप्रेस
ट्रेन आगरा रेलवे स्टेशन पर आगरा इंटरसिटी के समय पर पहुंच रही है उसे आगरा
इंटरसिटी के ठहराव देकर रवाना किया जा रहा है। 12 नवंबर को इंदौरा अमृतसर (19325),
13 को
मध्यप्रदेश संपर्क क्रांति (12121) और शुक्रवार को कर्नाटका संपर्क क्रांति (12650) को आगरा इंटरसिटी के ठहराव देकर
रवाना किया जा रहा है। जबकि दोनों संपर्क क्रांति का वास्तव में झांसी के बाद सीधा
निजामुद्दीन ठहराव है। इसके बावजूद रेलवे ने यात्रियों के लिए यह वैकल्पिक
व्यवस्था की है। यात्री डिमांड कर रहे है कि आगरा जाने की दिशा में भी वैकल्पिक
व्यवस्था की जाएं। आगरा डिविजन की पीआरओ भूपिंदर ढिल्लन का कहना है कि जिस समय
आगरा इंटरसिटी दिल्ली से आगरा के लिए रवाना होती है उस समय दिल्ली से कोई ट्रेन
सर्विस नहीं है। ऐसे में यह व्यवस्था नहीं की जा सकती है।
Wednesday, November 12, 2014
सेमी हाईस्पीड ट्रेन से आगरा पहुंचने में अब और समय लग सकता है
दिल्ली-आगरा रूट पर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने
वाली सेमी हाईस्पीड ट्रेन के संचालन को लेकर स्थानीय रेल प्रशासन ने आगरा कैंट
स्टेशन यार्ड में मंगलवार से नॉन इंटरलॉकिंग (एनआई) का काम शुरू कर दिया। एनआई का
काम करीब एक माह तक चलने की संभावना है। सेमी हाईस्पीड ट्रेन से आगरा पहुंचने में
अब और समय लग सकता है। सेमी हाईस्पीड ट्रेन के दो बार सफल ट्रायल के बाद रेलवे
अधिकारी नवंबर में इस ट्रेन के संचालन की बात कह रहे थे। 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से 90 मिनट में दिल्ली से आगरा का सफर
तय करने वाली इस ट्रेन के जल्द संचालन के लिए रेलवे ने सभी तैयारियां समय से पूरी
कर लेने का भरोसा दिलाया था, लेकिन लगता
है कि अभी इस ट्रेन से दिल्ली-आगरा का सफर तय करने में वक्त लगेगा। नॉन इंटरलॉकिंग
का काम करीब एक महीने तक चलेगा। रेलवे आगरा की जनसंपर्क अधिकारी भूपिंदर ढिल्लन ने
बताया अभी बाउंड्री वॉल और इंटर लॉकिंग का काम पूरा होने में एक महीने से ज्यादा
का समय लगेगा। ऐसे में इस महीने के अंत तक सेमी हाईस्पीड ट्रेन का संचालन संभव
नहीं है।
आगरा कैंट स्टेशन पर शुरू हुए नॉन इंटर लॉकिंग काम के चलते
नवंबर माह में सेमी हाईस्पीड ट्रेन का संचालन टलता नजर आ रहा है। आगरा कैंट स्टेशन
पर यह कार्य 11 दिसंबर तक
पूरा होने की संभावना है। इस काम के खत्म होने के बाद ही सेमी हाईस्पीड ट्रेन के
फाइनल ट्रायल की बात कही जा रही है। विभागीय सूत्रों का कहना है इंटर लॉकिंग का
काम होने पर सेमी हाईस्पीड ट्रेन का फाइनल ट्रायल रन हो पाएगा, हालांकि अभी इसके लिए कोई डेट तय
नहीं की गई है, लेकिन
बताया जा रहा है कि 20-25 दिसबंर के बीच ट्रायल रन हो सकता है।
ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत
धौलपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से एक
व्यक्ति की मौत हो गई। राजकीय रेलवे पुलिस चौकी प्रभारी बी एल मीना ने बताया कि
हिम सागर एक्सप्रेस के धौलपुर स्टेशन से चलने के दौरान अचानक एक व्यक्ति ट्रेन के
सामने आ गया जिससे उसकी मौत हो गई। मीना के अनुसार मृतक के पास
से मिले सेंट्रल बैंक की पासबुक के आधार पर उसकी पहचान आगरा के ताजगंज थाना इलाके
के गांव करवना निवासी शिवराम (52) के रूप में हुई है। पुलिस ने आज पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव उसके परिजनों को
सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Tuesday, November 11, 2014
बॉयोमीट्रिक मशीन से हुई जांच में दो नकलचियों को अधिकारियों ने पकड़ लिया
कुछ महीने पहले पूर्व आरपीएफ बोर्ड की ओर से कांस्टेबल के कई हजार पदों पर
दौड़ और लिखित परीक्षा हुई थी। उस परीक्षा में पास होने वाले अभ्यर्थियों का
शुक्रवार को आलमबाग तालकटोरा रोड पर आरपीएफ बटालियन में इंटरव्यू चल रहा था।
इस इंटरव्यू में बॉयोमीट्रिक मशीन से हुई जांच में दो नकलचियों को अधिकारियों ने पकड़ लिया। उनके खिलाफ आलमबाग कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दोनों युवकों ने दौड़ व लिखित परीक्षा में किसी सॉल्वर को भेज दिया था। इसलिए ही पूर्व के अंगुलियों के निशान इस बार इंटरव्यू में मेल नहीं खाए।
आरपीएफ की सीनियर कमाण्डेंट सारिका मोहन ने बताया कि इंटरव्यू में शामिल हुए मथुरा, एकता विहार के भूपेंद्र सिंह और आगरा, कामरौल के बबलू को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों ही इंटरव्यू देने आए थे।
इंस्पेक्टर आलमबाग ऋषिकेश यादव ने बताया कि आरपीएफ के निरीक्षक रंजन कुमार ने दोनों युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
इस इंटरव्यू में बॉयोमीट्रिक मशीन से हुई जांच में दो नकलचियों को अधिकारियों ने पकड़ लिया। उनके खिलाफ आलमबाग कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दोनों युवकों ने दौड़ व लिखित परीक्षा में किसी सॉल्वर को भेज दिया था। इसलिए ही पूर्व के अंगुलियों के निशान इस बार इंटरव्यू में मेल नहीं खाए।
आरपीएफ की सीनियर कमाण्डेंट सारिका मोहन ने बताया कि इंटरव्यू में शामिल हुए मथुरा, एकता विहार के भूपेंद्र सिंह और आगरा, कामरौल के बबलू को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों ही इंटरव्यू देने आए थे।
इंस्पेक्टर आलमबाग ऋषिकेश यादव ने बताया कि आरपीएफ के निरीक्षक रंजन कुमार ने दोनों युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
Sunday, November 9, 2014
सुरेश प्रभु रेल मंत्री
अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय कैबिनेट में अपनी सेवाएं देने के बाद
शिव सेना नेता और पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे सुरेश प्रभु रविवार को एक बार
फिर एनडीए की केंद्र सरकार में शामिल हो गए। वाजपेयी सरकार में विद्युत मंत्रालय
के कामकाज को नई दिशा देकर उन्होंने काफी वाहवाही बटोरी थी।
तटीय कोंकण क्षेत्र से आने वाले 61 वर्षीय बैंकर से नेता बने
प्रभु प्रधानमंत्री मोदी की नजरों में चढ़े हुए थे। यही वजह रही कि शिव सेना की
नाराजगी मोल लेते हुए उन्हें मंत्री बनाया गया। प्रभु को शपथ ग्रहण के बाद बीजेपी
की सदस्यता दिलाई गई। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी सुरेश प्रभु को हरियाणा से राज्य
सभा में लाएगी।
विद्युत क्षेत्र में बदलाव के लिए बनाए गए सरकारी पैनल बिजली, कोयला और नवीकरणीय ऊर्जा विकास संबंधी सलाहकार समूह के प्रमुख पद पर उन्हें नियुक्त किए जाने से ही यह संकेत मिल रहे थे कि वह मोदी की गुड बुक में हैं।
प्रभु को ब्रिस्बेन में होने वाली समूह 20 की शिखर बैठक में प्रधानमंत्री की सहायता के लिए मोदी का शेरपा भी नियुक्त किया गया है।
महाराष्ट्र की राजनीति में पहले से ही ऐसी खबरें चल रही थीं कि राज्य के विधानसभा चुनाव से पूर्व बीजेपी और शिवसेना, दोनों पूर्व सहयोगियों के बीच बने गतिरोध के बावजूद मोदी प्रभु को केंद्र में देखना चाहते थे।
प्रभु कोंकण क्षेत्र की राजापुर लोकसभा सीट से 1996 से 2009 के बीच चार बार सांसद रह चुके हैं। वह 2009 के आम चुनाव में हालांकि हार गए थे। यह वही निर्वाचन क्षेत्र है जिसका प्रतिनिधित्व कभी जनता पार्टी नेता दिवंगत मधु दंडवते किया करते थे।
विद्युत क्षेत्र में बदलाव के लिए बनाए गए सरकारी पैनल बिजली, कोयला और नवीकरणीय ऊर्जा विकास संबंधी सलाहकार समूह के प्रमुख पद पर उन्हें नियुक्त किए जाने से ही यह संकेत मिल रहे थे कि वह मोदी की गुड बुक में हैं।
प्रभु को ब्रिस्बेन में होने वाली समूह 20 की शिखर बैठक में प्रधानमंत्री की सहायता के लिए मोदी का शेरपा भी नियुक्त किया गया है।
महाराष्ट्र की राजनीति में पहले से ही ऐसी खबरें चल रही थीं कि राज्य के विधानसभा चुनाव से पूर्व बीजेपी और शिवसेना, दोनों पूर्व सहयोगियों के बीच बने गतिरोध के बावजूद मोदी प्रभु को केंद्र में देखना चाहते थे।
प्रभु कोंकण क्षेत्र की राजापुर लोकसभा सीट से 1996 से 2009 के बीच चार बार सांसद रह चुके हैं। वह 2009 के आम चुनाव में हालांकि हार गए थे। यह वही निर्वाचन क्षेत्र है जिसका प्रतिनिधित्व कभी जनता पार्टी नेता दिवंगत मधु दंडवते किया करते थे।
Saturday, November 1, 2014
सुंदरता बढ़ाने के लिए परिसर में देश का पहला स्टीम इंजन
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन की सुंदरता बढ़ाने
के लिए परिसर में देश का पहला स्टीम इंजन रखा जाएगा। इसके लिए स्टेशन पर तैयारियां
शुरू कर दी गई हैं, लेकिन अभी तक स्टीम इंजन को रखने की तारीख तय नहीं हुई है। मालूम हो कि इस
स्टेशन से हर रोज करीब 125 ट्रेनें गुजरती हैं। ऐसे में स्टेशन पर यात्रियों की काफी भीड़ लगी रहती है।
मंडल रेलवे प्रबंधक के.के. कठपाल के मुताबिक,
स्टीम इंजन के आने से स्टेशन की सुंदरता बढ़ेगी और
इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग भी आएंगे।
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