Saturday, November 29, 2008
मेडिकल स्टाफ के सामने गिड़गिड़ाना शुरू कर दिया। ' प्लीज मुझे बचा लो,
दूसरों की जिंदगियों से खेलने वालों की जब अपनी जान पर बन आती है तो वह कैसे गिड़गिड़ाने लगते हैं, छत्रपति शिवाजी टर्मिनल से गिफ्तार आतंकी ने कुछ यही दिखाया। सीएसटी पर हमला कर भाग रहे इस 18 साल के बांग्लादेशी युवक को पुलिस ने तुरंत धर दबोचा था। उसका साथी पुलिस की मुठभेड़ में मारा गया था। गोली लगने से घायल हुए इस आतंकी युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआत में तो वह कुछ नहीं बोला, लेकिन जब उसे अहसास हुआ कि उसका एक साथी मारा गया है तो वह बुरी तरह से टूट गया। इसके बाद वह लगा अपनी जान की भीख मांगने। उसने सुरक्षा बलों और मेडिकल स्टाफ के सामने गिड़गिड़ाना शुरू कर दिया। ' प्लीज मुझे बचा लो, मैं मरना नहीं चाहता। ' कुछ यही शब्द थे उसके। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली, तो उससे हथियार और मोबाइल फोन बरामद किया गया। यही नहीं छत्रपति शिवाजी टर्मिनल में कैसे तबाही मचानी है, उसके पास इसका बाकायदा एक मास्टर प्लान मौजूद था। उसे करीब चार घंटे तक अस्पताल में रखा गया। डॉक्टरों ने उसके शरीर से गोली निकाली और सुरक्षा बलों को सौंप दिया। इसके बाद उसे अनजान जगह पर ले जाया गया। इस दौरान वह इतना डरा हुआ था कि वह फिर गिड़गिड़ाने लगा। लेकिन इस बार अपनी जान बचाने के लिए नहीं, बल्कि खुद को मार दिए जाने के लिए। वह सुरक्षा बलों से बार-बार कह रहा था, 'अब मैं जीना नहीं चाहता। मुझे मार दो।' मुंबई में आतंक की इबारत रखने वाले इतनी कम उम्र और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाले युवकों के शामिल होने से आतंक का एक नया चेहरा सामने आया है।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment