Sunday, November 30, 2008

संसदीय समिति के दौरे से संबंधित ड्यूटी पर तैनात श्री राजीव सारस्वत शहीद

संसदीय समिति के दौरे से संबंधित ड्यूटी पर तैनात श्री राजीव सारस्वत शहीद

हिनदूस्तान पैट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. मुंबई मे प्रबंधक राजभाषा के पद पर कार्यरत श्री राजीव सारस्वत ताज हॉटेल में संसदीय समिति के दौरे से संबंधित ड्यूटी पर तैनात थे । सरकारी काम पर रहते हुए आतंकी हमले के दौरान शहीद हो गए ।

मुरादाबाद उत्तर प्रदेश निवासी श्री राजीव सारस्वत विगत 20 से भी अधिक वर्षोसे मुंबई में पत्रकारिता लेखन एवं साहित्य से जुडे थे । हसमुख एवं मिलनसार व्यक्तितव मे मालिक श्री राजीव सारस्वत संबंदनशील कवि भी थे । महानगर मुंबई में वे राजभाषा हिन्दी प्रेमी के रूप में खासे लोकप्रिय थे । राजभाषा के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है । मुबई की कई साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं केवे पदाधिकारी रहे हैं । वे एक अच्छे मंच संचालक के रूप में भी जाने जाते रहे हैं । विशेषकर प्रश्नमंच एवं क्विज जैसे कार्यक्रमों के संचालन में उन्हे महारत हासिल थी । ऐसे कार्यक्रमों के संचालन केलिए व मुंबई से बाहर भी बुलाए जाते रहे हैं ।
उन्होने छोटे- बडे लगभग दो सौ कार्यक्रमों का सफल संचालन किया , उनके आक्समिक निधन से न केवल एक हिन्दी प्रेमी वरन् एक उभरता हुआ रचनाकार संवेदनशील साहित्यकार खोगया है जिसकी क्षति लंबे समय तक महसूस की जाती रहेगी ।

उनके आक्समिक निधन पर महानगर की अनेक संस्थाओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है और शोक संतृप्त परिवार के प्रति अपनी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि प्रेषित की है जिनमें प्रमुख है - श्रुति संवाद साहितय कला अकादमी, नवी मुंबई, बतरत, वाग्धारा , हिन्दीप्रचार एवं शोध संस्थान, हिन्दी कंपयूटिंग फाउण्डेशन, आर्शीवाद, आदि ।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री आर। आर. पाटिल अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री आर. आर. पाटिल ने रविवार को मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख से
भेंट की और कहा कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। पाटिल ने देशमुख के दक्षिणी मुंबई में मौजूद सरकारी निवास 'वर्षा' में उनसे भेंट करने के बाद कहा कि उनके इस्तीफे की कोई संभावना नहीं है। पाटिल ने बाद में कहा, मैंने सुना है कि मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के बाद बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे ने मेरे इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने आगे कहा कि जब अक्षरधाम मंदिर में हमला हुआ तो गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस्तीफा नहीं दिया, जब संसद पर हमला हुआ तो तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने इस्तीफा नहीं दिया। पाटिल ने सवाल किया, तब मुझे क्यों इस्तीफा दे देना चाहिए। बीजेपी किस नैतिकता की बात कर रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल ने बुधवार की रात से ही आतंकवादियों से संघर्ष किया, उसकी आलोचना नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, पुलिस सात मिनट बाद ही सीएसटी पहुंच गई, जहां दो आतंकवादियों ने गोलीबारी की थी। आतंकवाद के खिलाफ जंग में 14 पुलिस अफसर और कर्मियों ने अपनी जान दे दी। पाटिल ने कहा कि पुलिस को इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है कि कितने आतंकवादी मुंबई आए थे, उनकी क्या योजना थी, वे कौन थे और सुनवाई के दौरान इन सब का खुलासा किया जाएगा।


The Taj Mahal Palace and Tower Hotel in Mumbai had been warned of a possible terrorist attack and had temporarily beefed up security,

Nothing could have stopped the gunmen, Ratan Tata, chairman of the Tata Group that owns the hotel, said in an interview to be broadcast on Sunday from Washington. The iconic Taj was one of two luxury hotels taken over by terrorists on Wednesday night. When the 59-hour siege on Mumbai ended on Saturday, at least 183 people were killed at 10 locations and another 239 were wounded. "It's ironic that we did have such a warning and we did have some (security) measures," Tata said in an interview to Fareed Zakaria to be broadcast on a news channel on Sunday. While Tata wouldn't elaborate on the nature of the warning, he said security measures — such as making guests walk through a metal detector and not allowing cars to park in the hotel's portico — were eased shortly before Wednesday night's mayhem. But even if the security detail was in place, it would not have prevented the terrorists from entering the hotel, Tata admitted. "They knew what they were doing, and they did not go through the front. All of our (security) arrangements are in the front," he said. "They planned everything. I believe the first thing they did, they shot a sniffer dog and his handler. They went through the kitchen." The Taj, which opened in 1903, is India's most famous hotel and also one of its most luxurious. Now, its charred interiors are marred by bullet holes and grenade blasts, its corridors soaked in blood. The attacks revealed huge gaps in the city's law enforcement and crisis management. "The infrastructure was woefully poor," Tata said, citing as examples the fact that it took firefighters three hours to get water to the hotel after a fire broke out, and policemen died despite wearing bullet-proof vests. Tata said that government agencies had been "very complacent because we've really not had this kind of terrorism inflicted upon us". But he also commended the people of Mumbai and hoped they would remain united. "Rather than have us succumb to this kind of terror, what it has done is given us a resolve that nobody can do this to us," he said. "We're indignant, but we're not scared." The Taj staff has pledged to restore the hotel to its former glory. "The general manager lost his whole family in one of the fires in the building," Tata said, referring to Karambir Kang, whose wife and two sons — aged 14 and 5 — were killed. "I went up to him today and told him how sorry I was, and he said, 'Sir, we are going to beat this. We are going to build this Taj back into what it was'


The city crime branch probing the terror attack on Saturday confirmed that only 10 terrorists had entered the city just an hour before the
hostage drama unfolded on November 26. While nine of them were killed in encounter, a 21-year-old was captured alive. Arms and ammunition brought in by the terrorists was enough to kill around 5,000 people, said police. Cops officially put toll at 162, including 18 foreign nationals. The arrested terrorist, Ajmal Mohammed Amir Kasab, resident of Faridkot village in Pakistani Punjab's Ukada district, told investigators all the terrorists had come from Karachi, police said. They had come in a ship and used a boat to come to the shore, said the police. "Four Indians were already on the boat and the terrorists killed three of them while they used one, Amar Narayan, to handle the boat. When the boat was just three nautical miles away from shore, they slit Narayan's throat and dumped his body in the trawler. They then used their own skill to come to shore." "After landing at Fish Market at Cuffe Parade near Colaba, they formed four groups and hired taxis to reach to their destinations. A group of two young terrorists entered Hotel Oberoi, four into Hotel Taj Mahal, two stormed into Nariman House while the rest entered the CST railway station from its mail trains' gate. Their plan was just to cause maximum damage and return with hostages protecting themselves," said Rakesh Maria, joint commissioner of police, crime branch. As the hostage drama began at around 9.30pm, Kasab along with his accomplice, Ismail Khan, started random firing at CST railway station while the three other teams had began firing at Oberoi, Taj and Nariman House. Kasab, who sustained a bullet injury in his hand during an encounter with the police near Cama Hospital, was captured near Girgaum Chowpatty while Ismail was gunned down. Police recovered a satphone, a GPS tracker, and Indian currency of Rs 6,200. The satphone contains a dozen international numbers. Kasab, cops said, had come to Mumbai for the first time. Cops are still probing if the same terrorists had planted bombs in two taxis that exploded at Byculla and Vile Parle. The terrorists, said police, wanted to launch an attack which would have international ripples. "They were to return after completing their plan," said Maria. He said they all were trained in the same batch in a terror camp. "We have recovered 10 AK-56 rifles, 10 9mm pistols, two explosive devices of eight kg each etc. Kasab and Ismail had fired at Leopold before coming to CST. They all are highly-trained terrorists but it would be difficult to say which terror group they belonged to. We have also recovered 10 fake ID cards of some Indian colleges from the terrorists," said Maria. He said the terrorists had packed huge quantities of dates, almonds and raisins, which they ate during the three-day gun battle.

Saturday, November 29, 2008

मेडिकल स्टाफ के सामने गिड़गिड़ाना शुरू कर दिया। ' प्लीज मुझे बचा लो,

दूसरों की जिंदगियों से खेलने वालों की जब अपनी जान पर बन आती है तो वह कैसे गिड़गिड़ाने लगते हैं, छत्रपति शिवाजी टर्मिनल से गिफ्तार आतंकी ने कुछ यही दिखाया। सीएसटी पर हमला कर भाग रहे इस 18 साल के बांग्लादेशी युवक को पुलिस ने तुरंत धर दबोचा था। उसका साथी पुलिस की मुठभेड़ में मारा गया था। गोली लगने से घायल हुए इस आतंकी युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआत में तो वह कुछ नहीं बोला, लेकिन जब उसे अहसास हुआ कि उसका एक साथी मारा गया है तो वह बुरी तरह से टूट गया। इसके बाद वह लगा अपनी जान की भीख मांगने। उसने सुरक्षा बलों और मेडिकल स्टाफ के सामने गिड़गिड़ाना शुरू कर दिया। ' प्लीज मुझे बचा लो, मैं मरना नहीं चाहता। ' कुछ यही शब्द थे उसके। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली, तो उससे हथियार और मोबाइल फोन बरामद किया गया। यही नहीं छत्रपति शिवाजी टर्मिनल में कैसे तबाही मचानी है, उसके पास इसका बाकायदा एक मास्टर प्लान मौजूद था। उसे करीब चार घंटे तक अस्पताल में रखा गया। डॉक्टरों ने उसके शरीर से गोली निकाली और सुरक्षा बलों को सौंप दिया। इसके बाद उसे अनजान जगह पर ले जाया गया। इस दौरान वह इतना डरा हुआ था कि वह फिर गिड़गिड़ाने लगा। लेकिन इस बार अपनी जान बचाने के लिए नहीं, बल्कि खुद को मार दिए जाने के लिए। वह सुरक्षा बलों से बार-बार कह रहा था, 'अब मैं जीना नहीं चाहता। मुझे मार दो।' मुंबई में आतंक की इबारत रखने वाले इतनी कम उम्र और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाले युवकों के शामिल होने से आतंक का एक नया चेहरा सामने आया है।

आतंकवादियों ने हमले से पहले प्रमुख स्थलों की जानकारी प्राप्त की थी

मुंबई: ताज होटल से कमांडो कार्रवाई कर आतंकवादियों को मार गिराने वाले मरीन कमांडो ने दोपहर को बताया कि आतंकवादियों ने हमले से पहले प्रमुख स्थलों की जानकारी प्राप्त की थी और उन्हें होटल की इमारत की भी जानकारी थी। भारतीय नौसेना के प्रतिष्ठित मरीन कमांडो (मारकोस) ने कहा कि उनकी टीम को तीन से चार आतंकवादियों का आभास हुआ, जो संभवत: अलग-अलग तलों से हमले कर रहे थे। उन्हें ताज होटल की रचना के बारे में जानकारी थी, जहां वे करीब 40 घंटे से थे। कमांडो दल ने होटेल में 50 शव देखे। उन्होंने कहा, '12से 15 शव केवल एक कमरे में देखे गये।' काला स्कार्फ पहने और चश्मा लगाए हुए अज्ञात कमांडो ने संवाददाताओं से कहा, 'वे ऐसे किस्म के लोग थे, जिन्हें कोई पश्चाताप नहीं था। उनके सामने जो भी आया, उसे गोली मार दी।' उन्होंने बताया कि ताज होटल से भाग जाने में सफल रहे एक आतंकवादी के थैले से मॉरीशस के एक नागरिक का पहचान पत्र बरामद किया गया है। उन्होंने बताया कि आतंकवादी अलग-अलग मंजिलों से ग्रेनेड फेंक रहे थे और गोलियां चला रहे थे। अंधेरा होने के कारण उन्हें देखा नहीं जा सका और वे आसानी से काम कर रहे थे। मारकोस ने कहा, 'लाशें नीचे इधर-उधर पड़ी हुई थीं। हर तरफ खून था और इन नागरिकों को बचाने के लिए हमें काफी सतर्क रहना पड़ा था।' आतंकवादियों के पास जो हथियार थे, उन्हें चलाने के लिए इन्हें प्रशिक्षण दिया गया होगा। सभी लोग एके सीरीज के हथियार नहीं चला सकते।

राजीव सारस्वत का अभी भी पता नहीं,

नरीमन हाउस को आतंकवादियों से खाली करवा लिया गया है..यह घोषणा सुनते ही वहां मौजूद लोगों ने जय-जयकार शुरू कर दी। मुझे यकीन है टीवी के आगे बंधे बैठे पूरे मुल्क के बहुत सारे लोग उस जय-जयकार में शामिल थे। मैं नहीं था। चाहते हुए भी नहीं...बल्कि मुझे तो शर्म आ रही थी। मरीन हाउस के ' गौरवपूर्ण ' दृश्यों को दिखाते टीवी एंकर बोल रहे थे – यह गर्व की बात है , हमारे बहादुर जवानों ने आतंक पर एक जंग जीत ली है , नरीमन हाउस पर कब्जा हो गया है। नीचे न्यूज फ्लैश चल रहा था – नरीमन हाउस में आतंकियों का सफाया...दो आतंकी मारे गए...पांच बंधकों के भी शव मिले...एक एनएसजी कमांडो शहीद। किस बात पर गर्व करें ? पांच मासूम जानें और एक बेशकीमती सैनिक खो देने के बाद दो आतंकवादियों के सफाए पर ? 10-20-50 लोग मनचाहे हथियार और गोलाबारूद लेकर आपके देश में घुसते हैं। जहां चाहे बम फोड़ देते हैं। खुलेआम सड़कों पर फायरिंग करते हैं। आपकी बेहद आलीशान और सुरक्षित इमारतों पर कब्जा कर लेते हैं। आपकी पुलिस के सबसे बड़े ओहदों पर बैठे अफसरों को मार गिराते हैं। सैकड़ों लोगों को कत्ल कर देते हैं। आपके मेहमानों को बंधक बना लेते हैं। आपकी खेल प्रतियोगिताओं को बंद करवा देते हैं। आपके प्रधानमंत्री और बड़े-बड़े नेताओं की घिग्घी बांध देते हैं। तीन दिन तक आपके सबसे कुशल सैकड़ों सैनिकों के साथ चूहे-बिल्ली का खेल खेलते हैं और इसलिए मारे जाते हैं क्योंकि वे सोचकर आए थे...इसे आप जीत कहेंगे ? क्या यह गर्व करने लायक बात है ? आपको क्या लगता है , देश पर सबसे बड़ा आतंकी हमला करनेवाले आतंकवादियों को मारकर आतंक के खिलाफ यह जंग हमने जीत ली है ? हम इस जंग में बुरी तरह हार गए हैं। उन लोगों ने जो चाहा किया , जिसे चाहा मारा , जिस हद तक खींच सके खींचा। आपको क्या लगता है , बंधकों को सेना ने बचाया है ? जब वे होटलों में घुसे तो हजारों लोग उनके निशाने पर थे। वे चाहते तो सबको मार सकते थे। उनके पास इतना गोला-बारूद था कि ताज और ओबरॉय होटेलों का नाम-ओ-निशान तक नहीं बचता। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने इंतजार किया कि पूरी दुनिया का मीडिया उनके आगे घुटने टेक कर और जमीन पर लेटकर यह दिखाने को मजबूर हो जाए कि वे क्या कर सकते हैं। उनकी चलाई एक-एक गोली पर रिपोर्टर्स चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे थे – देखिए एक गोली और चली। इसे आप जीत कहेंगे ? यह देश पर सबसे बड़ा आतंकी हमला था...1993 के बम ब्लास्ट के बाद भी यही कहा गया था। जब वे हमारा जहाज कंधार उड़ा ले गए थे , तब भी यही कहा था। संसद पर हमला हुआ तब भी यह शब्द थे। अहमदाबाद को उड़ाया था , तब भी सब यही सोच रहे थे। दिल्ली , जयपुर , मुंबई लोकल...हर बार उनका हमला बड़ा होता गया...क्या लगता है अब इससे बड़ा हमला नहीं हो सकता ? बड़े आराम से होगा और हम तब भी यही कह रहे होंगे। क्या इसका इलाज अफजल की फांसी में है ? क्या इसका इलाज पाकिस्तान पर हमले में है ? क्या इसका इलाज पोटा में है ? आतंकियों ने अपने ई-मेल में लिखा था कि वे महाराष्ट्र एटीएस के मुसलमानों पर जुल्म का बदला ले रहे हैं। वे गुजरात का बदला ले रहे हैं। वे आजमगढ़ का बदला ले रहे हैं। वे धर्म के नाम पर लड़ रहे हैं। भले ही उनकी गोलियों से मुसलमान भी मरे , लेकिन वे मुसलमानों के नाम पर लड़ रहे हैं। शर्म आनी चाहिए उन मुसलमानों को जो इस लड़ाई को अपनी मानते हैं। लेकिन यूपी के किसी छोटे से शहर के कॉलेज में पढ़ने वाला 20-25 साल का मुस्लिम लड़का जब देखेगा कि आजमगढ़ से हुई किसी भी गिरफ्तारी को सही ठहरा देने वाले लोग कर्नल पुरोहित और दयानंद पांडे से चल रही पूछताछ पर ही सवाल उठा देते हैं , तो क्या वह धर्म के नाम पर हो रही इस लड़ाई से प्रभावित नहीं होगा ? क्या गुजरात को गोधरा की ' प्रतिक्रिया ' बताने वाले लोग मुंबई को गुजरात की प्रतिक्रिया मानने से इनकार कर पाएंगे ? और अब क्या इस प्रतिक्रिया की प्रतिक्रिया यह हो कि कुछ और मालेगांव किए जाएं ? और फिर जवाबी प्रतिक्रिया का इंतज़ार किया जाए ? फिर हिंदू प्रतिक्रिया हो... फिर...लेकिन क्या इससे आतंकवादी हमले बंद हो जाएंगे ? क्या इससे जंग जीती जा सकेगी ? जो लोग कहते हैं कि अफज़ल को फांसी हो जाती तो ऐसे हमले नहीं होते , वे भूल जाते हैं कि ये सारे आतंकवादी वे हैं जो जानते हैं कि वे इस ऑपरेशन में बच नहीं पाएंगे। वे मरने और मारने के लिए ही आए हैं। इसलिए यह कहना कि मौत का डर कुछ और लोगों को आतंकवादी बनने से रोक देगा , नादानी है। पाकिस्तान पर हमले की बात भी बचकानी है। जो यह कह रहे हैं , वे भारत को अमेरिका और पाकिस्तान को अफगानिस्तान समझ रहे हैं। यानी पाकिस्तान चूहा और हम शेर। जबकि हकीकत में दोनों सैन्य ताकत तकरीबन बराबर है। ऐटम बम दोनों के पास हैं और जैसे ही पहली गोली चलेगी , बाकी दुनिया दोनों को रोकने के लिए बीच में आ जाएगी। वैसे भी हम तब तक कोई कदम नहीं उठा सकते जब तक यह साफ न हो जाए कि जरदारी सरकार या पाक सेना डायरेक्टली इसमें शामिल है। इसलिए हमले से कुछ हासिल नहीं होगा जैसे कि पिछली तीन लड़ाइयों में कुछ हासिल नहीं हुआ। रही पोटा कानून की बात तो अगर आप मुंबई हमलों के पीछे की तैयारी की खबर पढ़ रहे होंगे तो आपको मालूम हो गया होगा कि गोला-बारूद गुजरात से होकर आया जहां नरेंद्र मोदी की राष्ट्रवादी पुलिस का राज चलता है। लेकिन राष्ट्रवाद का मतलब यह तो नहीं कि सारे नेता और पुलिस पैसों का महत्व भूल जाएं। तो जिस देश में आप 500 रुपये के बल पर पुलिस से कोई भी ट्रक पार करवा सकते हैं , वहां क्या यह हैरत की बात नहीं कि आतंकवादी घटनाएं इतनी कम कैसे होती हैं। वैसे भी जब पोटा था , तब भी आतंकवाद था , जब नहीं है , तब भी आतंकवाद है।

Thursday, November 27, 2008

मुंबई में बुधवार रात कहर बरपाने वाले आतंकवादी एक नाव जरिए ताज होटेल से एक किलोमीटर दूरी पर स्थित ससून डॉक पहुंचे थे।

मुंबई: मुंबई में बुधवार रात कहर बरपाने वाले आतंकवादी एक नाव जरिए ताज होटेल से एक किलोमीटर दूरी पर स्थित ससून डॉक पहुंचे थे। 13 साल के एक लड़के ने एक प्राइवेट न्यूज चैनल से कहा कि मैंने देखा कि कुछ लोग बुधवार रात नाव से पहुंचे थे।महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री आर.आर. पाटिल ने गुरुवार को कहा कि आतंकवादी समुद्री रास्ते से यहां पहुंचे थे। जिन जगहों को निशाना बनाया गया वे समुद्र से कुछ ही दूरी पर हैं। कुछ मछुआरे जो उस समय समुद्र तट के पास थे उनका भी कहना है कि नाव पर सवार होकर 10 संदिग्ध लोग मुंबई पहुंचे थे। उनके पास ढेर सारा सामान भी था। एक मछुआरे ने बताया कि वे लोग मछुआरों जैसे नहीं लग रहे थे, इसलिए हमने उनसे पूछा कि वे तट पर क्या उतार रहे हैं? इस पर उनमें से एक ने बहुत ही साफ हिंदी में कहा कि तुम अपना काम करो और हमें अपना काम करने दो। उधर, गेटवे ऑफ इंडिया पर काम करने वाले 2 लड़कों ने दावा किया कि उन्होंने आतंकवादियों को नाव से उतरते देखा। 13 साल के एक लड़के ने एक प्राइवेट न्यूज चैनल से कहा कि मैंने देखा कि कुछ लोग बुधवार रात नाव से पहुंचे थे। जब मैंने उनसे पूछा कि वे कहां जाएंगे तो उन्होंने कुछ नहीं बताया। वहीं दूसरे लड़के का कहना है कि वे जल्दी में दिख रहे थे और उनके पास बड़े बैग भी थे। गौरतलब है कि बुधवार रात ताज और ओबेरॉय होटेलों समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर हुए आतंकवादी हमलों में कम से कम 101 लोग मारे गए और 250 से अधिक घायल हो गए।मुंबई में बुधवार रात आतंकवादी हमलों में निशाना बने ताज होटेल में अब भी 2 सांसद लालमणि प्रसाद और जयसिंहराव गायकवाड़ पाटिल फंसे हुए हैं, लेकिन सुरक्षित हैं। ताज होटेल से बाहर निकलने के बाद सांसद एन. एन. कृष्णदास ने बताया कि हम पाटिल और प्रसाद के बाहर निकलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वे दोनों सुरक्षित हैं और उम्मीद है कि कार्रवाई पूरी होने के बाद बाहर निकलेंगे। सांसद कृष्णदास और भूपिंदर सिंह सोलंकी को कमांडो ने ताज होटल से सुरक्षित बाहर निकाला था। ये दोनों सांसद फिलहाल बैंक ऑफ बड़ौदा रेस्ट हाउस में हैं। दरअसल, मुंबई में गुरुवार और शुक्रवार को कानूनी मामलों की संसदीय समिति की बैठक होने वाली थी और इसी सिलसिए में ये सांसद मुंबई पहुंचे थे। कृष्णदास इस समिति के अध्यक्ष हैं। गौरतलब है कि बुधवार रात ताज और ओबेरॉय होटेलों समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर हुए आतंकवादी हमलों में कम से कम 101 लोग मारे गए और 250 से अधिक घायल हो गए।

इस साल अब तक देशभर में 11 बड़े आतंकवादी हमले हो चुके हैं। इन हमलों में 340 से ज्यादा लोगों की जानें गई हैं।

इस साल अब तक देशभर में 11 बड़े आतंकवादी हमले हो चुके हैं। इन हमलों में 340 से ज्यादा लोगों की जानें गई हैं।
मुबईः कम से कम 80 लोगों की मौत। एटीएस चीफ समेत 5 बड़े पुलिस अफसर और 6 पुलिसकर्मी शहीद। आतंकियों ने 10 जगह अंधाधुंध फायरिंग की। दो फाइव स्टार होटलों में सैकड़ों लोगों को बंधक बनाया। 30 अक्टूबर 2008, असमः 18 सीरियल ब्लास्ट। 77 लोगों की मौत और 100 से ज्यादा घायल। 21 अक्टूबर 2008, इम्फालः पुलिस कमांडो कॉम्पलेक्स के सामने ब्लास्ट। 17 लोगों की मौत। 29 सितंबर 2008, मालेगांवः भीड़ भरे बाजार में खड़ी बाइक पर बम फटा। 5 लोगों की मौत। 29 सितंबर 2008, मोडासाः गुजरात के छोटे से कस्बे में बाजार में बम फटा। एक बच्चे की मौत। 27 सितंबर 2008, दिल्लीः महरौली के बाजार में बाइक सवारों ने बम फेंका। 3 लोगों की मौत। 13 सितंबर 2008, दिल्लीः शहर में कई जगह 6 ब्लास्ट। 26 लोगों की मौत। 26 जुलाई 2008 , अहमदाबादः दो घंटों के भीतर 20 जगह बम ब्लास्ट। 57 लोगों की मौत। 25 जुलाई 2008, बेंगलुरुः कम क्षमता के बम विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत। 13 मई 2008, जयपुरः सीरियल बम ब्लास्ट में 68 लोगों की मौत। जनवरी 2008, रामपुरः सीआरपीएफ कैंप पर आतंकवादियों की अंधाधुंध फायरिंग। 8 जवानों की मौत।



मुंबई पर हुए आतंकवादी हमला अपनी तरह का पहला हमला है। इस हमले में दहशत फैलाने का हर हथकंडा इस्तेमाल किया गया ह
ै। फिर चाहे वह सड़कों पर खुलेआम फायरिंग हो या मासूम नागरिकों को बंधक बनाना , हर उस तरीके का इस्तेमाल आतंकवादियों ने किया है , जो डर पैदा कर सके। इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए टीवी चैनलों को एक मेल भेजा गया। यह मेल रूस से भेजा गया। इस मेल का मजमून हम आपको पढ़ने के लिए दे रहे हैं। इसका मकसद आपको डराना नहीं बल्कि यह दिखाना है कि भारत के दुश्मन किस हद तक गिर सकते हैं और हमें उनका जवाब देने के लिए कितनी हिम्मत और एकता दिखानी होगी। भारत सरकार मुसलमानों पर अन्याय करना बंद करे। उनके छीने हुए राज्य उन्हें वापस कर दे। अब हम अन्याय नहीं सहेंगे। हमें पता है कि भारत सरकार इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लेगी , इसलिए हमने यह निश्यच किया है कि चेतावनी सिर्फ चेतावनी ही न रहे बल्कि अमलन यह चेतावनी सही साबित भी हो। जिस का जीता जागता उदाहरण मुंबई में आप देख चुके हैं। हिंदू यह न समझें कि एटीएस और सेना बहुत आधुनिक हथियारों से लैस है और बहादुर भी। कितनी बहादुर है यह नक्सल प्रभावित हिस्सों में आप देख ही रहे हैं। यह हमला उस क्रिया की प्रतिक्रिया है, जो हिंदू 1947 से अब तक करते आए हैं। अब कोई क्रिया नहीं होगी , सिर्फ प्रतिक्रिया होगी और बार-बार होती रहेगी। ऐसा मत समझना कि हम तुम्हारी हरकतें देख नहीं रहे हैं। हमारी हर जगह नजर है और हम बदला लेने के लिए सही वक्त का इंतजार कर रहे हैं। हम जानते हैं कि हाल ही में अंसारनगर , मोगरापाड़ा आदि इलाकों में रेड डालकर किस तरह मुसलमानों को परेशान किया गया। इन सबकी जिम्मेदारी मुंबई एटीएस और उनके सरपरस्त विलासराव देशमुख और आर. आर. पाटिल की है। तुम हमारी हिटलिस्ट में हो और पूरी गंभीरता से हो।

Wednesday, November 26, 2008

most violent terror attacks on Indian soil

Mumbai: In one of the most violent terror attacks on Indian soil, Mumbai came under an unprecedented night attack as terrorists used heavy machine Dome of Taj hotel in flames in Mumbai after the terror अटैक guns, including AK-47s, and grenades to strike at the city's most high-profile targets -- the hyper-busy CST (formerly VT) rail terminus; the landmark Taj Hotel at the Gateway and the luxury Oberoi Trident at Nariman Point; the domestic airport at Santa Cruz; the Cama and GT hospitals near CST; the Metro Adlabs multiplex and Mazgaon Dockyard -- killing at least 80 and sending more than 900 to hospital, according to latest reports. ( Watch ) The attacks have taken a tragic toll on the city's top police brass: The high-profile chief of the anti-terror squad Hemant Karkare was killed; Mumbai's additional commissioner of police (east) Ashok Kamte was gunned down outside the Metro; and celebrated encounter specialist Vijay Salaskar was also killed. ( Watch ) The attacks appeared to be aimed at getting international attention as the terrorists took upto 40 British nationals and other foreigners hostage. The chairman of Hindustan Unilever Harish Manwani and CEO of the company Nitin Paranjpe were among the guests trapped at the Oberoi. All the internal board members of the multinational giant were reported to be holed up in the Oberoi hotel. Two terrorists were reported holed up inside the Oberoi Hotel. Fresh firing has been reported at Oberoi and Army has entered the hotel to flush out the terrorists. An unknown outfit, Deccan Mujahideen, has sent an email to news organizations claiming that it carried out the Mumbai attacks. The Army and Navy in Mumbai were put on alert. 65 Army commandos and 200 NSG commandos were being rushed to Mumbai, Home Minister Shivraj Patil said. The Navy commandos too have been asked to assist the police. Special secretary M L Kumawat is in constant touch with the state police. Some media reports attributed the attack to Lashkar-e-Taiba. There were also unconfirmed reports that some of the terrorists came in by sea. A boat laden with explosives was recovered later at night off the Gateway of India. Well after midnight, sources said two of the terrorists were shot and wounded at Girgaum in south Mumbai. The two were driving in a commandeered silver-coloured Skoda car. Earlier, these men had sprayed bullets from a police Bolero, outside the Metro Adlabs multiplex. The attacks occurred at the busiest places. Besides hotels and hospitals, terrorists struck at railway stations, Crawford Market, Wadi Bunder and on the Western Express Highway near the airport. Several of these places are within a one-km radius of the commissioner of police's office. "This is definitely a terrorist strike. Seven places have been attacked with automatic weapons and grenades. Terrorists are still holed up in three locations Taj and Oberoi hotels and GT Hospital. Encounters are on at all three places," said Maharashtra DGP A N Roy. St George's Hospital and G T Hospital were said to have received 75 bodies and more than 250 injured people, additional municipal commissioner R A Rajeev said. Bombay Hospital got two bodies and 30 injured people were admitted there; Cooper Hospital, Vile Parle, got three dismembered bodies. Three of the deaths occurred inside the Taj and one G T Hospital attendant died in a shootout inside the hospital. There were reports of people cowering under tables and chairs at both the Taj as well as G T Hospital. Metro Junction resident Manoj Goel said: "My brother, Manish, died in the firing at Colaba's Hamaal Galli." Cops fired back at the men -- probably from one of the Lashkar groups, dressed in black and with backpacks and SRPF, Crime Branch, ATS and teams of military commandos were summoned to the spot. Train services at CST were suspended and all roads leading to and from south Mumbai were blockaded. Maharashtra Chief Minister Vilasrao Deshmukh cut short his Kerala visit and was returning to Mumbai. He described the situation in Mumbai as "very serious". Deshmukh promised "stringent action" against the assailants but the mood across Mumbai was not so optimistic.

वित्तीय राजधानी मुंबई पर बुधवार रात देश का सबसे बड़ा आतंकवादी हमला

मुंबई : देश की वित्तीय राजधानी मुंबई पर बुधवार रात देश का सबसे बड़ा आतंकवादी हमला हुआ है। पूरी सीसीटीवी फुटेज से मिली यह तस्वीर एक आतंकवादी की है जो ताज होटल में मौजूद था।
मुंबई के कई इलाकों में छोटे-छोटे ग्रुपों में आतंकवादियों ने गोलियां और बम बरसाने शुरू कर दिए। छत्रपति शिवाजी स्टेशन, ताज और ओबरॉय होटेल, मेट्रो सिनेमा, डॉक, विले पार्ले समेत कई के कई इलाकों में एक ही समय पर हुई सीरियल गोलीबारी और विस्फोटों से पूरी मुंबई में अफरातफरी का माहौल है। इस हमले में अभी तक 100 लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं। डेकन मुजाहिदीन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। ताजा खबर हैः नरीमन हाउस से सेना ने बंधकों को छुड़ा लिया है। यहां आतंकवादियों ने पांच परिवारों को बंधक बना लिया था। ओबरॉय होटेल में अभी भी फायरिंग हो रही है। इस बीच खबर है कि ताज होटेल और गिरगांव में सेना ने 2-2 आतंकियों को मार गिराया है। अभी भी आतंकवादियों ने होटेल ताज, होटल ट्रिडंट और कामा अस्पताल में कई लोगों को बंधक बना रखा है। ताज होटेल में अभी भी 3-4 आतंकवादी होने की खबर है। काम अस्पताल के बारे में अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है। सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन अपने हाथ में ले लिया है। चश्मदीद लोगों के मुताबिक आतंकवादी विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। कुछ आतंकवादी चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे थे कि किस-किस के पास ब्रिटिश और अमेरिकी पासपोर्ट है। इस बीच एनएसजी के करीब 200 कमांडो मुंबई पहुंच चुके हैं और जल्दी ही ओबरॉय होटेल में चल रही मुठभेड़ की कमान संभाल लेंगे। ओबरॉय होटेल में करीब 40 लोगों के बंधक होने की खबरें आ रही हैं। यहां अभी भी कुछ आतंकवादी मौजूद हैं। हालांकि इनकी तादाद का पता नहीं चल पाया है। ताज होटेल में सेना के एन्काउंटर ऑपरेशन में 2 आतंकवादियों को मार गिराया गया है। 9 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और 3 आतंकवादी भागने में कामयाब रहे हैं। ताज होटेल में ज़बर्दस्त आग लगने की खबर है। होटल में आतंकियों ने 7 ग्रेनेड फेंके हैं। इनमें से दो ग्रेनेड्स ने होटेल के गुंबदों को खासा नुकसान पहुंचाया है। सेना इस वक्त होटेल के अंदर है। यहां से अभी भी गोलीबारी की आवाज आ रही है। इससे पहले मुंबई रेलवे के पुलिस कमिश्नर ए. के. शर्मा ने बताया कि एके 47 राइफल और ग्रेनेड से लैस कुछ आतंकवादी भीड़भाड़ वाले छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन के पैसिंजर हॉल में घुस गए और उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। आतंकवादियों ने 2 हथगोले फेंके जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई। फाइव स्टार होटेल ओबरॉय और ताज होटेल में आतंकवादियों ने कब्जा कर लिया और कई धमाके किए। ओबरॉय में दो आतंकवादियों के छिपे होने की पुष्टि हो चुकी है, जो भारी तादाद में गोलाबारूद से लैस हैं और लगातार हमले कर रहे हैं। इसी तरह ताज होटेल में भी आतंकवादी फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई है। ताज होटेल से पुलिस ने 100 लोगों को छुड़ा लिया है। इस होटल में 7 विदेशी नागरिक भी बंधक बनाए गए थे। ताज होटेल में आग लगी है। ट्राइडंट होटेल में 40 लोगों के बंधक बनाए जाने की खबर है। पुलिस के मुताबिक आतंकवादियों की 16 टीमों ने सुनियोजित ढंग से किए हमले किए है। मशीनगनों और हैंड ग्रेनेडों का इस्तेमाल किया गया है। पहला हमला बुधवार रात 9:40 बजे कोलाबा में हुआ। कई जगह पुलिस पर भी फायरिंग की गई। आतंकवादियों ने 16 जगहों पर मशीनगनों और हैंड ग्रेनेडों से हमले किए। कई जगह धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं। जे. जे. स्कूल ऑफ आर्ट्स में भी फायरिंग हुई है। कोलाबा के डॉकयार्ड में एक बोट मिली है जिसके बारे में अनुमान लगाया जा रहा है कि आतंकवादियों ने इसका इस्तेमाल किया है। वाडी बंदर इलाके में एक टैक्सी में जबर्दस्त ब्लास्ट हुआ। ये ब्लास्ट बंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी) के मुख्यालय और छत्रपति शिवाजी टमिर्नल के बाहर भी हुए। मुंबई पुलिस ने सीएसटी रेलवे स्टेशन के आसपास घेराबंदी कर दी है। वीटी स्टेशन से जाने वाली ट्रेनों को रोक दिया गया है। वीटी स्टेशन के बाहर फायरिंग जारी है। एक जगह पुलिस वैन पर भी ग्रेनेड से हमला किया गया। मुंबई के सबसे पॉपुलर इलाके नरीमन पॉइंट में दो ब्लास्ट हुए हैं।

कोलकत्ता में हावडा-मुज्जफरपुर एक्सप्रेस ने तीन को कुचला

कोलकत्ता में हावडा-मुज्जफरपुर एक्सप्रेस ने तीन को कुचला
KOLKATA: Three trackmen were run over by the Howrah-Muzaffarpur Express between Belur and Bally stations on the Howrah-Bardhaman chord line section
on Wednesday, Eastern Railway sources said. They were mowed down by the train while working on the middle of the track, sources said. The bodies, identified as those of Ramji Goyal (49), Chandrasekhar (34) and Drlip Kurmi (32), were sent for a post-mortem examination. Normal train services, however, were not affected as the bodies were immediately removed, they said

Tuesday, November 25, 2008

मुंबई में मोनोरेलः

मुंबई में मोनोरेलः २९ को होगा भूमिपूजन, प्रधानमंत्री करेंगे शिरकत

MUMBAI: Come November 29 Mumbaikars' dream of smooth commuting will get a major boost with the laying of the foundation stone for India's first
Monorail project at the metropolis. "Prime Minister Manmohan Signh is likely to lay the foundation stone on November 29. The venue will be Mahatma Gandhi Ground in Chembur," said Dilip Kawathkar, joint project director (PR) of Mumbai Metropolitan Regional Development Authority (MMRDA). The 19.54-km-long monorail, which will Connect south Mumbai to the eastern suburbs (Jacob Circle to Chembur via Wadala), is expected to be completed by May 2011, Kawathkar said. Malaysian-based Scomi Engineering in collaboration with Larsen & Toubro will execute the Rs2,4600cr project. "The route will have 18 stations and each train will have four bogies. During peak hours, around 10,000 to 15,000 passengers are expected to travel per hour. It will have an average speed of 80 km per hour. "A car depot facility spread across eight hectares will come up at Wadala," Kawathkar said. MMRDA has also cleared the proposal for a nine-km monorail connecting Banra-Kurla Complex and Bandra railway station in Central Mumbai in the second week of October

नीतिश के तीन साल पूरे । लालू चुप ।

नीतिश के तीन साल पूरे । लालू चुप । क्या राज है,
PATNA: Known for attacking his political opponents vehemently, railway minister and RJD supremo Lalu Prasad chose to keep mum on the occasion of
completion of three years of NDA rule in Bihar. Facing a posse of reporters and lensmen at Patna railway station where he inaugurated the newly-constructed foot overbridge and flagged off Patna-Mathura Express on Monday, Lalu did not speak a single word. Unlike his characteristic gesture to the crowd, Lalu behaved in an unusual mechanical way and left the railway station immediately after flagging off the new train. Justifying his move, RJD national general secretary Shyam Rajak said that Lalu had already authorised the party leaders to release the report card containing failures of the NDA government. "Moreover, Lalu being an Union minister never makes comment on the report card of a state government," he added.

Monday, November 24, 2008

रेल मंत्री की लापरवाही का एक और नमूना, हकीकत कुछ और ही है

कोई मंत्री अगर गरीबों को सपना दिखाते हैं, तो उसे हकीकत मे बदलने की ज़िम्मेदारी भी उन्हीं की होती है। रेल मंत्री जी ने रेल भवन में पिछले कई वर्षों से काम करने वाले अस्थाई कर्मचारियों के पक्ष में कुछ कहा था। लालू यादव ने उन अस्थाई कर्मचारियों को रेल भवन में स्थाई करने की घोषणा की थी। अफसोस है कि आज तक उस घोषणा पर कोई अमल नहीं हुआ। शायद मंत्री जी भूल चुके होंगे और उनके आदेश की उन्हीं के मंत्रालय में यह दुर्दशा कहां तक उचित है? रेल भवन को विश्वस्तरीय भवनों के रूप में बनाने से ही इन कर्मचारियों का पेट नहीं भर जाएगा। पेट भरता है रोटी से और आदमी की आय होगी तभी भर पेट खा सकेगा न! अतः रेल मंत्री से अनुरोध है कि बरसों पहले अपने दिए उस आदेश को जल्द से जल्द लागू करवाएं। यह उदाहरण केवल एकनहीं अनेकों है । सन् २००६ में रेल राज्यमंत्री नारण भाई राठवा ने हिन्दी कंप्यूटिग फाउण्डेशन के एक समारोह में न्यायमूर्ति चन्द्रशेखर धर्माधिकारी जी की उपस्थिति में एक लाख रूपये का पुरस्कार घोषित किया था, जिसकेलिए पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक ने रेलवे बोर्ड को लिखा भी है , परन्तु आज तक वह पुरस्कार नहीं दिया गया, बताया जाता है कि रेलवे बोर्ड के हिन्दी विभाग का तो भगवान ही मालिक है, वहां हिन्दी के बजाय कुछ ओर ही खेल खेला जाता है । इसी खेल में यह पुरस्कार खो गया है, हमें उम्मीद है कि रेल मत्री इस बारे में पूरी जांच करायेगे और दोषी अधिकारियों को सख्त सजा देने पर विचार करेंगे क्योकि इस प्रकार के कार्य से रेलवे की छवि बिगडती है ।

'हिंदू आतंकवाद' का नारा देकर कांग्रेस खतरनाक राजनीति कर रही है।

आरएसएस के सरसंघचालक के. सी. सुदर्शन ने मनमोहन सिंह सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि लोकसभा चुना
व के पहले 'हिंदू आतंकवाद' का नारा देकर कांग्रेस खतरनाक राजनीति कर रही है। संघ के एक कार्यक्रम में भाग लेने आए सुदर्शन ने रविवार को लखनऊ में पत्रकारों से कहा कि हिंदू आतंकवाद का कोई मतलब नहीं है। यह शब्द सिर्फ बहुसंख्यकों के खिलाफ एक षडयंत्र मात्र है। लोकसभा का चुनाव नजदीक है। केंद्र सरकार ने आम जनता के लिए कुछ नहीं किया है, इसलिए अब वह लोगों का ध्यान बंटाने के लिए हिंदू आतंकवाद का मसला उछाल रही है। आतंकवाद का धर्म से कोई रिश्ता नहीं। आतंकवादी न हिंदू होते हैं और न मुस्लिम या ईसाई। वे अमानवीय कृत्य करने वाले होते हैं। उनका काम केवल निर्दोषों को मारना होता है। सुदर्शन ने देश में बहुसंख्यकों की सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला। बगैर किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि अमरनाथ श्राइनबोर्ड के जमीन मामले में चले आंदोलन ने हिंदुओं और राष्ट्रवादियों का मान बढ़ाया। जम्मू में हिंदू और मुसलमानों ने मिलकर इस मामले को उठाया था। उन्होंने आगे कहा कि अपने देश की परिवारिक संरचना ने दुनिया में चल रही आर्थिक मंदी के कुप्रभाव से हमें बचा लिया है। पर साथ ही, अमेरिका को 56 हजार करोड़ रुपये देने के लिए केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई। ग्रामीण विकास के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी को इसकी चिंता थी, पर जवाहर लाल नेहरू द्वारा इस क्षेत्र में उठाए गए कदमों ने देश के सामने आज कई समस्याएं खड़ी कर दी हैं। ग्रामीण विकास को लेकर नेहरू की नीतियां ठीक नहीं थीं और इसी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों का समुचित विकास नहीं हो सका। नेहरू ने तब दलील दी थी कि पश्चिमी देशों से प्रतिस्पर्द्धा के लिए औद्योगिकीकरण जरूरी है और ग्रामीण विकास के बजाय उन्होंने बडे़ उद्योगों की स्थापना पर ज्यादा जोर दिया है।
शिवसेना की पहल ः हमें इसकी सराहना करनी चाहिये
मालेगांव ब्लास्ट में आरोपी बनाए गए लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित को शिवसेना अगले लोकसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवार बनाने पर विचार कर रही है। पार्टी के एक सूत्र ने कहा कि हालांकि इस बारे में अभी कोई फैसला नहीं किया गया है लेकिन अगर उन्हें उम्मीदवार बनाया जाता है तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए। माना जा रहा है कि मराठी बनाम बाहरी के मुद्दे पर राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना से पिछड़ती दिख रही शिवसेना को लगता है कि पुरोहित को उम्मीदवार बनाए जाने से उसकी हिंदुत्ववादी पार्टी की छवि और मजबूत होगी। शिवसेना शुरू से ही मालेगांव ब्लास्ट के आरोपियों का खुलकर बचाव करती रही है। हाल ही में पार्टी ने जनहित याचिका दायर करके मालेगांव ब्लास्ट की जांच एटीएस से वापस लेकर सीआईडी को सौंपे जाने की मांग की है। इसके अलावा नासिक कोर्ट में आरोपियों की पेश के दौरान भी शिवसेना के कार्यकर्ता भारी संख्या में मौजूद थे और पुरोहित व साध्वी प्रज्ञा के समर्थन में नारे लगा रहे थे। शिवसेना रिटायर्ड पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को भी टिकट देने पर विचार कर रही है। ख्वाजा युनूस की पुलिस कस्टडी में मौत के मामले में आरोपी सचिन वाजे ने पिछले महीने शिवसेना जॉइन कर ली थी।

Sunday, November 23, 2008

हिन्दु साध्वी की गिरफ्तारी से चुनाव गरमाएगा, इसमें कोई आश्चर्य नहीं ,

: साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी को अब भारतीय जनता पार्टी का चुनावी मुद्दा बन गया है ।
पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने शनिवार को यहां अपनी पहली चुनावी रैली में कहा कि साध्वी ने अपने हलफनामे में जो सवाल उठाए हैं, मुझे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उनका जवाब चाहिए। शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम. के. नारायणन ने आडवाणी से मुलाकात की थी और साध्वी के आरोपों की जांच का भरोसा दिलाया था। इसके बावजूद आडवाणी ने फिर यह मुद्दा उठाया। चुनावी सभा में बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के दावेदार आडवाणी ने महाराष्ट्र के एंटी टेरर स्क्वॉड (एटीएस) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एटीएस गैरपेशेवर ढंग से काम कर रही है। प्रज्ञा को 16 दिनों तक गैरकानूनी ढंग से हिरासत में रखा गया। इस दौरान साध्वी के साथ किसी महिला पुलिसकर्मी को नहीं रखा गया। पूछताछ के नाम पर साध्वी को कठोर यातनाएं दी गईं। उनके शिष्य से कहा गया कि उसे पीटो। उसने मना किया तो एटीएस ने दोनों की जमकर पिटाई की। हजारों लोगों की मौजूदगी में आडवाणी ने कहा- ये सब बातें साध्वी ने नासिक की अदालत में दिए हलफनामे में कही हैं। मैंने यह हलफनामा पढ़ा है। मैंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहा है कि वह खुद साध्वी का हलफनामा पढ़ें और उसका जवाब दें। आडवाणी ने 'हिंदू आतंक' शब्द पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि आतंकवादी आतंकवादी होता है, उसकी कोई जाति नहीं होती। बिना राहुल गांधी का नाम लिए उन्होंने उनके आरोपों का जवाब दिया और कहा कि बीजेपी ने कभी आतंकवादियों से समझौता नहीं किया। देश के हालात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा- आज हमारी आंतरिक सुरक्षा जितनी संकटग्रस्त है, पहले कभी नहीं थी। बड़ी-बड़ी आतंकवादी घटनाओं के आरोपी पकड़े नहीं जाते। हां, एक महिला को पकड़ कर वाहवाही लूटी जा रही है। उन्होंने एटीएस द्वारा संघ के नेताओं की हत्या के कथित षडयंत्र की बात फैलाए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। आडवाणी ने कहा कि कुछ समय पहले मेरी और नरेंद्र मोदी की हत्या के बारे में भी ऐसी ही बात की गई थी। तब कहा गया था कि सीमा पार से मानव बम आए हैं, हमारी हत्या के लिए। लेकिन यह बात मुझे और मोदी को बताने के बजाए पूरे देश को बताई गई। केंद्र सरकार की नीयत साफ नहीं लगती। वह हर चीज का फायदा लेना चाहती हैं। इसीलिए गंभीर मामलों को गैरपेशेवराना अंदाज में लिया जा रहा है। उन्होंने सिमी, बांग्लादेशी नागरिकों और कश्मीर व पूर्वोत्तर राज्यों की समस्याओं का भी उल्लेख किया। विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का प्रचार करने आए आडवाणी ने लोकसभा चुनाव का भी प्रचार शुरू कर दिया । उन्होंने नारा दिया -बीजेपी जीतेगी तो भारत जीतेगा। मध्य प्रदेश की आवाज, फिर बीजेपी फिर शिवराज।

लालू की नजर में राहुल गांधी बने महात्मा गांधी

महात्मा गांधी बनना और बनाना लालू का काम नहीं, गांधी को महात्मा देश ने बनाया था ।

PATNA: JantaDal(U) general secretary Shivanand Tiwary, MP, assailed railway minister Lalu Prasad for his comments that Rahul Gandhi is like Mahatma Gandhi. He said it reminded him of former Congress president D K Barooah's infamous remark about Indira Gandhi, "Indira is India and India is Indira." Loknayak Jayaprakash Narayan was alive and he had reacted by calling Barooah a "court jester." Tiwary said the Congress general secretary is on tour of country and Lalu has drawn a similarity between Rahul's tour and the historic tour undertaken by Mahatma Gandhi in 1916 after his return from South Africa at the initiative of Gopal Krishna Gokhale. "I don't know what JP would have said about his disciple (Lalu) on hearing this comment, but Barooah must be laughing after all he had praised Indira Gandhi and Lalu is praising Rahul Gandhi, " said Tiwary who insisted he was feeling ashamed to hear such remarks from a JP movement activist.

Saturday, November 22, 2008

आर एस एस और अन्य हिन्दु संगठनों में फूट डालने का कोई प्रयास सफल नहीं होगा

आर एस एस और अन्य हिन्दु संगठनों में फूट डालने का कोई प्रयास सफल नहीं होगा

NEW DELHI: The Rashtriya Swayamsewak Sangh (RSS) on Saturday defended its senior leaders Mohan Bhagwat and Indresh Kumar, whose names have
reportedly cropped up during the Anti-Terrorism Squad (ATS) probe into the Malegaon bomb blast, and accused the government of misleading people to hide its failures. RSS was reacting to media reports that said, quoting ATS sources, that Lt Col Prasad Purohit, an accused in the Malegaon blast case, suspected RSS general secretary Bhagwat and national executive member Indresh Kumar of having been bought over by Pakistan's spy agency ISI. The reports said Purohit, the first serving army officer to be accused of terrorism, allegedly conspired to kill the two RSS leaders for not not doing enough to advance the cause of Hindutva. Indresh is in charge of the Rashtriya Muslim Manch of RSS. "Indresh is a senior and dedicated worker of RSS. All allegations against him are false and in bad taste," senior RSS leader Madan Das told reporters in a press conference here while denouncing the allegations. He also criticised the ATS investigation team for leaking controversial findings of the investigation and said: "It is important that ATS further investigates this. "If any such information comes to the government, it should take necessary action but the government has made no such move," Das added. "What we objected to and continue to do so is the campaign that there exists something called Hindu terror vis-a-vis jehadi terror. The purpose of this campaign is to support, if not justify, the actions of jehadi terrorists and hide the failure of the government in combating terrorism. "We want to alert the government, political parties and the media that playing politics on issues of terrorism would be dangerous for the country's security and integrity," he added. The ATS has arrested 10 people including two Hindu religious leaders for their alleged role in the Sep 29 blast in Malegaon town of Maharashtra that claimed six lives

Thursday, November 20, 2008

श्रीराम जय राम जय जय राम के उद् घोष से गुंजायमान हुई मुंबई नगरी- शारदापीठाधीश्वर तथा हिन्दु पथ-प्रर्दशक जगतगुरू शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी का आग

श्रीराम जय राम जय जय राम के उद् घोष से गुंजायमान हुई मुंबई नगरी- शारदापीठाधीश्वर तथा हिन्दु पथ-प्रर्दशक जगतगुरू शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी का आगमन ।
धर्म ही हमें बचा सकता है । भगवान राम के जीवन से अनेकानेक कथाओं का उल्लेख करते हुए जगतगुरू शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने मुंगई स्थित भुवन्स कालेज के प्रांगण में आयोजित रामायण मेले में अपने प्रवचनों के माध्यम से प्राणीमात्र को धर्म के मार्ग पर चलने का आवाह्न किया ।
ज्ञातव्य है कि श्री नंद किशोर नोटियाल की के प्रयासों के परिणामस्वरूप मुंबई में रामायण मेला 14 नवम्बर से 22 नवम्बर तक चल रहा है जिसमें शहर के ही नहीं , वरन् देश के बडे बडे शहरों से भक्त गण इस कार्यक्रम में भारतीयता की झलक देखने केलिए आ रहे हैं । इस हस्तियों में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री श्रीप्रकाश जयसवाल, मुंबई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री कृपा शंकरसिंह जी, शिवसेना के नेता श्री मनोहर जोशी, प्राख्यात पत्र्कार तथा देश के विभूतियां धर्मलाभ लेने केलिए हजारों की तादाद में आ रहे हैं ।
देश के नव युवकों को नई दिशा इसी प्रकार के आयोजन दे सकते हैं, तथा आगे आने वाली पीढी को मार्गदर्शन भी हमारी संस्कृति ही दे सकती है ।
इस मेले में विभिनन प्रदेशों की रामलीलाएं भी आर्कशक ढंग से दिखाई जा रही है । मेले के आयोजकों मे वर्ल्ड फाउण्डेशन के सचिव श्री अनिल त्रिवेदी जी, श्री राजीव नौटियाल का प्रमुख योगदान है ।धर्मप्रेमी सज्जनों से अपील की गई है कि 22 नवम्बर तक इस मेले में अपने परिवार सहित अवश्य आएं और अपने बच्चों में अपनी संस्कृति की एक झलक अवश्यक दिखाएं ।

Wednesday, November 19, 2008

बिहारियों का मुद्दा मेरा है, नितीश का नहीं, लालू ने खुलकर कहा

बिहारियों का मुद्दा मेरा है, नितीश का नहीं, लालू ने खुलकर बोला, अपने ही अंदाज में ।
RJD supremo and railway minister Lalu Prasad is seeing a glimpse of himself at the jargons used by his bitter political rival and Bihar chief
minister Nitish Kumar to take digs at him and LJP supremo Ram Vilas Paswan. "Nitish is trying to imitate me. I am known throughout the country. Nobody knows Nitish outside the state," he said on Tuesday. He said the hate campaign in Maharashtra by the Shiv Sena and Maharashtra Navnirman Sena was launched against him not Nitish. Nitish in recent times has taken digs at Lalu and Paswan in words which are not generally attributed to the sophisticated politician that he is. He even described Lalu as a ‘fused bulb' which cannot be lighted. "It's words used by Lalu to describe his political foes once," recalled a senior Congress leader. He took digs at Paswan for ridiculing the resignation of JD(U) MPs from Lok Sabha. "Nobody is stopping Paswanji from becoming a martyr by getting his head chopped off," Nitish said while reacting to Paswan's statement that Nitish wishes to be a martyr by sacrificing his nails. Lalu remarked that Nitish had eaten up his ally, the BJP. Nitish reacted by saying that Lalu had finished off the Congress. It's a tit-for-tat reaction. Lalu remarked that Nitish had even begun to celebrate Chhath at 1 Anne Marg this year - again copying him. Lalu supporters are surprised at the words used to the Bihar CM to get at their leader. "Actually these reactions come from a man who is becoming weak. Weak persons get angry. Nitish Kumar is becoming politically weak and, therefore, he is becoming angry and using such words," said RJD national spokesperson Shyam Rajak. Rajak's JD(U) counterpart and and Rajya Sabha MP Shivanand Tiwari has known both Lalu and Nitish Kumar ever since their college days. "The two (Lalu and Nitish) are poles apart. Nitish is sophisticated and witty. Lalu is crude in his remarks. The two cannot imitate each other," Tiwari said denying that Nitish was trying to imitate Lalu. Incidentally, the CM himself denied that he was trying to imitate Lalu. "Everybody knows that Laluji is excellent at caricature," he remarked suggesting that Lalu's own style had been adopted from the late Daroga Prasad Rai - a former Bihar CM. JD(U) leaders point out that Nitish Kumar has always been known for his witty satire and can never be as crude as Lalu. "There is no Lalufication of Nitish Kumar. He remains witty and humorous is his statements and political speeches and never crosses the line of political decency," stressed a senior JD(U) leader

Tuesday, November 18, 2008

मैट्रो-मॅन ई श्रीधरन का नया मिशन, स्वच्छ भारत

मैट्रो-मॅन ई श्रीधरन का नया मिशन, स्वच्छ भारत
आप भी सोचे, नेक काम में सबको सहायता करनी चाहिये
NEW DELHI: He's arguably India's best known technocrat, who became a middle-class household name following the success of Delhi Metro Rail
Corporation. But DMRC managing director E Sreedharan now has a new project: to spark a revival of ethics among Indians, especially the leadership. Sreedharan and a group of high-profile citizens want to change Indian attitudes towards corruption and graft. To implement this ambitious plan, they have formed the Foundation of Restoration of National Values (FRNV), with Sreedharan as President. As a first step, the FRNV will hold a summit starting Tuesday. Lending the Metro chief support is a galaxy of heavyweights: Tata group chairman Ratan Tata, former chief justice of India MN Venkatachaliah, former chief vigilance commissioner N Vittal and former NCW chairperson Vibha Parthasarathi, among others. Fed up with Delhi's "lack of morals", Sreedharan said he has seen the city change for the worse. Citizens here have become extremely selfish and have little respect for the law, he said. This, along with India's slipping position on indexes like Transparency International, is what pushed the dyed-in-the-blue technocrat to kickstart a movement of sorts to restore national values and enforce ethical leadership across all walks of life. Over the next two days, the national crisis of values and the remedy will be addressed by a host of speakers drawn from various walks of life, politicians and teachers, bureaucrats and literary persons. APJ Abdul Kalam, Somnath Chatterjee, Justice KG Balakrishnan, Sheila Dikshit and LK Advani will be the prominent voices at the summit. "We hope the idea will be given direction at the summit. We are looking at introducing concepts like a national education syllabus for moral values for youngsters and ethical surveillance in the judiciary, public administration and so on. We hope to see change in the next five years," said Sreedharan. Ethical surveillance, read ensuring accountability and integrity at the top levels, will be key to the foundation's work, said FRNV's spiritual guide, Swami Bhoomananda Tirtha. Having demonstrated an enviable work culture in the rollout of Delhi's Metro rail system, the Metro chief wants the public to imbibe the values of punctuality, integrity and professionalism. "DMRC, today, is a shining example of a major government project implemented before time, and well within budget. The same values apply to the nation as well," he said. He will start the drill with Metro's daily commuters on the one hand, and dialogue with bureaucrats and politicians on the other, to simply do their day's work honestly. 'Value champions' are being trained to spread the word, he said. "There is a lot we have achieved as an organisation but there will always be such a case or two," he said, referring to the recent accident on Vikas Marg. "What marks the company's commitment to a value system is our response to the aberration. Never before has an incriminating report like this been released to the public so early," he asserted.

Monday, November 17, 2008

लालू ने नितीश को पाटलीपुत्र छोडने को चेलेंज दिया, हम हस्तिनापुर छोड देंगे ।

लालू नितीश की कुश्ती, केवल बाते अधिक काम कम, लालू ने नितीश को पाटलीपुत्र छोडने को चेलेंज दिया, हम हस्तिनापुर छोड देंगे । लालू इसी प्रकार बिहारियों को अब तक बनाते रहे है, अब नहीं चलेगा,
PATNA: Railway minister Lalu Prasad dubbed the BJP and Sangh Pariwar as `promoter of outfits of terrorists’ and accused CM Nitish Kumar of buckling
under their pressure by not heeding his advice and letting his MPs and legislators quit their seats to protest against the Maharashtra development. “Nitish has, in his letter addressed to me, skipped the issues raised by me in my letter to him particularly on his (Nitish’s) links with communal forces like the BJP and Shiv Sena,” Lalu remarked while reacting to Nitish’s letter accusing him of backing out from his stand on the Maharashtra issue. “Nitish is speaking about the danger of President’s Rule in case it is imposed on Bihar. He wants to stick to his chair and is giving us sermons,” taunted Lalu. However, Lalu has not given up hope that Nitish will heed to his suggestion of quitting his post. “I am giving him 10 days more and we hope that wisdom will prevail on him,” Lalu said. “Hum Hastinapur chorney ke liye taiyar hain. Nitish Patliputra chhorney ke liye taiyar hoyen (I am ready to leave power in Hasitanapur, Nitish should be ready to leave power in Patna),” Lalu stressed. He said that Malegaon explosion investigation had confirmed his fears that the Sangh Pariwar was out to create communal tension and riots by engineering blasts and thereby defaming the Muslims. “The BJP has accused the UPA government of being soft on terrorism even as they are indulging in terrorist acts by engineering blasts at Malegaon and Samjhauta Express,” he remarked. He cautioned genuine `sadhus and gurus’ not to believe the false propaganda spread by the Pariwar on the issue. Lalu berated Nitish for suggesting that he and Ram Vilas Paswan should exert `dabab (pressure)’ on the Centre to take action in Maharashtra. “Is the Centre a pillow that I should always exert pressure on it,” he said, claiming that it was due to his pressure that the government of Maharahstra ensured that Chhath festival was held peacefully in Mumbai. He also lashed out at Nitish for using derogatory remarks against Dalit leader and Union minister Ram Vilas Paswan. Lalu ridiculed Nitish’s claim that he will make Patna a city of parks. “Patna has become a city of pako (mud) in Nitish regime,” he remarked. He said his party will release a `fact card’ on November 24, the day Nitish completes his third year in power.

Sunday, November 16, 2008

बिहारवालों को अब भी समझ आ जाए, तो देर आए ,दुरूस्त आए, वाली कहावत चरितार्थ हो सकती है ।

लालू की करनी और कथनी में जमीन आसमान का अंतर, कहते कुछ और करते कुछ अलग ही, बिहारवालों को अब भी समझ आ जाए, तो देर आए ,दुरूस्त आए, वाली कहावत चरितार्थ हो सकती है
PATNA: RJD supremo Lalu Prasad has a chequered history of saying something and doing just the contrary. This was alleged by chief minister Nitish
Kumar on Saturday who stated that Lalu had promised that all his MPs and legislators will resign on November 15 near the statue of Jayaprakash Narayan, but nothing happened. Speaking to mediapersons at state JD(U) office after sending his reply to Lalu’s letter, Nitish said, “Lalu has maintained his tradition of backing out.” He recalled that before the demolition of Babri Masjid, Lalu had announced that he would frustrate any such move with the help of one crore people, but when it really happened he was fast asleep. Similarly, he had announced to observe Chhath in Mumbai, but everybody knows where he had been on that day. Nitish said he was not going to oblige the railway minister as far as resignation of JD(U) legislators in concerned. There is absolutely no possibility of MLAs and MLCs resigning, he added. In his letter Nitish said, “You are doing petty and cheap politics on Maharashtra issue. Had you even once threatened to quit the Union cabinet, corrective measures would have been taken in Maharashtra and Raj Thackeray would have been booked under non-bailable sections.” “The people fully understand the drama you are enacting in the name of resignation of your MPs and legislators. I request you to stop treating people as stupids and better utilise your left over energy and strength for the welfare of Bihar and its people,” the chief minister wrote. He said the JD(U) MPs not only resigned, but also met the Speaker to ensure their resignations were accepted. “The RJD and other UPA allies should have taken our initiative in right perspective as it was meant to inspire and provide moral support to them, but unfortunately they did not utilise this opportunity. Anyway, people are watching them,” said Nitish. Reacting to a question, Nitish said the statements by the state Congress leaders were irrelevant as the party has no locus standi here. “Lalu has `finished’ the Congress in Bihar, but playing in the lap of the same party at the Centre,” he said. When reminded about the reaction of George Fernandes that Rajya Sabha members of the party should also resign, Nitish said it was his personal opinion. He said, “George is a senior most leader who began his politics from Maharashtra and now representing Bihar since long. The decision of the resignation of JD(U) Lok Sabha members had been taken at the parliamentary party meeting in which George was also present.”

लालू की नजर में अडवानी अब आतंकवादी हो गए है, देखिये आगे क्या होगा

लालू की नजर में अडवानी अब आतंकवादी हो गए है, देखिये आगे क्या होगा
NEW DELHI: Union railway minister Lalu Prasad slammed BJP leader L K Advani and called him a 'terrorist'.
Even as the Malegaon blast probe continues, political parties are using the twists and turns in the story to gain mileage ahead of elections. In the latest round of verbal duels, Union railway minister Lalu Prasad slammed the BJP and Hindu groups who are suspected of involvement in the terror attacks. Lashing out at the BJP, he called the party's prime ministerial candidate a 'terrorist' and said such groups were trying to destroy the unity of the nation. Lalu said, "I've always been saying it. The BJP and L K Advani are terrorists. All of them should go to jail." However, BJP leader Arun Jaitley dismissed Lalu's comments deeming it unworthy of reply. He said, "I think there are some people who can singly lower the level of debate. They should not been given much of an importance

Friday, November 14, 2008

राज ठाकरे का नया पैंतरा, जन्म दिवस पर भैया लिखा केक काटा

MUMBAI: Raj Thackeray is now in the midst of a birthday cake controversy that has given a new twist to the Marathi-speaking versus north Indians
issue in the state. Raj allegedly cut a cake bearing the word ‘Bhaiya’ in Hindi on his birthday last June 14 in Mumbai, a video clip of which was leaked out on Friday. ‘Bhaiya” meaning elder brother, is the term by which people from Uttar Pradesh and Bihar are generally referred to in the city. The video clip, shot by an unknown person from a mobile phone has both mystified and embarrassed the party as it was repeatedly flashed across television channels on Friday afternoon. Top office-bearers of his Maharashtra Navnirman Sena (MNS) fumbled for a convincing explanation at the sudden development, which has caught the party by surprise. “We have a lot of north Indian activists in the MNS and it must have been brought by one such activist, but we cannot recollect who,” party vice-president Vageesh Saraswat said on Friday afternoon. He claimed that the word ‘Bhaiya’ on the cake probably meant that Raj Thackeray was like the elder brother of the person who presented it, and “it should not be construed that we are against north Indians.” “Moreover, something is always inscribed on any cake as per the occasion. This time, it was ‘Bhaiya’ since a north Indian party worker brought the cake. It was not intended to spread hatred against anybody,” Saraswat emphasised. He reiterated that the party’s agitation was concerning opportunities for Marathi-speaking people and not against north Indians settled in the state. Raj cut the colourfully decorated birthday cake at a small party attended by family and friends in his Shivaji Park home. The video clip shows him making two diagonal slashes across the cake, instead of gently cutting it in the traditional fashion. Saraswat claims that “the video may have been tampered to convey a certain impression” and questioned the motives behind leaking it exactly five months after the birthday party. It may be recalled that last February and then in October, the MNS had launched violent agitations against north Indians living or working in Mumbai. The episode finally culminated in Raj's arrest, with him spending a night in police lock-up and being subsequently released on bail. The MMS clip was released to the press by Samajwadi Party MLA from Madhya Pradesh Kishore Samrite. The Samajwadi MLA compared Raj Thackeray's decision to use a sword instead of a knife to cut the cake, to "an attempt to wipe off the north Indians".

मैट्रो स्टेशनों के पास दुकान तथा कार्यलयों का विकास करेगी एमएमआरडीए

कमाई के नए नए तरीके इजाद हो रहे है, परेशान है तो केवल मुंबईवासी
Mumbai:- A plan to develop the areas around 27 stations on the Charkop-Bandra-Mankhurd line of the Mumbai Metro for construction of shopping and office establishments is underway. The plan will have long-term implications for the people living in these areas.The idea behind the plan is to develop a 500-mt circle of influence from the centre of each station to develop commercial and office premises in order to reduce the commute from the station to the place of work.The plan, which is still being discussed, has been formulated by the City Transformation Unit led by U P S Madan who has taken up the concept of developing areas around stations on public transport corridors, which is accepted world-wide.The plan was presented at the think tank meeting Metropolitan Region Development Authority (MMRDA) held on Saturday, where the issue of raising the FSI from 2 to 4 in the circle of influence was discussed.The MMRDA commissioner, Ratnakar Gaikwad said the plan is still at the discussion stage, but it is estimated that the project would generate over Rs 12,000 crore for the government.The presentation at the think tank meeting stated that the plan stemmed from the need to generate funds for the capital cost of Metro corridors, to provide more commercial and official space in the city according to the planning norms.The length of the Charkop-Bandra-Mankhurd corridor is 32 km with the total number of stations being 27 and the average distance between the stations being 1.2 km.
The study for the plan includes measuring the total area in each circle of influence, measuring the area under buildings, roads, water bodies, reservations and slums. It also calculates the current total built-up areas, total build able areas with 2 FSI and additional build able areas which can be made available with 4 FSI. It estimates the revenue likely to be generated from the sale of additional FSI. The study also estimates the additional requirements of water, sewage and other infrastructure that would be required with the higher FSI.Survey Result:-1) Government's share in the total revenue: Rs 12,790 crores.2) Total revenue on sale of additional FSI: Rs 38,436,847 crores.A record sum of over Rs 47,000 crore has been set aside for investment in infrastructure projects in Mumbai region under the Mumbai Metropolitan Region Development Authority. The MMRDA commissioner , Ratnakar Gaikwad said these projects will pave the way for a better city. Gaikwad listed the main projects, Mumbai Trans Harbour Link (over Rs 6,000) Mumbai Urban Transport Project (Rs 4,526 crore), line two of Mumbai Metro from Charkop-Bandra-Mankhurd (Rs 8,250 crore), Metro line one from Versova to Ghatkopar via Andheri (Rs 2,500 crore), Metro line three from Colaba to Bandra (Rs 12,000 crore) rental housing (Rs 10,000 crore), Nirmal Abhiyan toilet scheme (Rs 300 crore), Eastern Expressway (Rs 124 crore), flyovers in the city (Rs 431 crore), and the Thane bridge (Rs 400 crore).

Thursday, November 13, 2008

दानापुर मंडल में विंटर सीजन की तैयारियां आरंभ

लालू के घर में अगले सीजन में रेल हादसे रोकने के नए नए उपाय
PATNA: The railways have launched `winter safety’ drive in the Danapur division of East Central Railway (ECR) from November 7 to ensure foolproof safety to passengers। A comprehensive plan has been chalked out to make the safety drive a great success. The drive will continue till January 2009 and it will be extended further depending on severity of the weather condition prevailing in the division, said senior divisional safety officer (senior DSO) of Danapur division B N P Verma. According to him, the railways have identified the fog-prone stations located mainly on the mainline section of the division. These stations are mostly in the Tal area at Mokama and in between Neora and Buxar stations. However, a recent survey carried out in the division revealed that about 40 per cent stations of Danapur division are fog-affected. The railways have thus concentrated more on stepping up winter safety measures in these areas, he said. Under the safety plan, the railways have installed flasher lights and retro-reflective posts at each vulnerable station in the division. The visibility test objects (VTOs) and track falling lines have been painted in fog-prone areas. Since the mainline section of the division has been fully electrified from Mughalsarai to Jhajha, there is the need to maintain extra alertness on the tracks from safety point of view, the senior DSO said. According to Verma, the railways had recently launched a safety drive in the division mainly to check winter safety preparation work. During this period, counselling of both drivers and guards of the trains was held in the division so that these operating staff were aware of the winter safety measures, he said. The senior DSO said the division has fully ensured now that the operating staff must read winter safety rules first and then resume their duty. While supervisors of the safety wing will strictly monitor safety measures from 10 pm to 6 am each day in the Danapur control room, the railways have asked both officials and inspectors to do `foot plating’ on the locomotives of the trains during night, he said, adding the maximum speed limit of each train will be 60 kmph during the foggy condition. According to Danapur PRO R K Singh, the railways have plenty of `detonators’ (fog signals) in stock to use them in emergency during foggy weather condition. These fog signals have been duly supplied to each vulnerable station falling under the division. Besides, fog signal men have been also deployed on duty at each affected station to maintain full winter safety, he said, adding that the railways have set up a committee in the division to implement fully safety measures in the division. According to the PRO, the railways have put key men on high alert, particularly in the night. They have been asked to carry out track patrolling work especially at all vulnerable places, including bridges, from the safety point of view, he said.

Wednesday, November 12, 2008

मनसे की गुंडागर्दी : मुंबई पुलिस का निकम्मापन उजागर

मुंबई : उत्तर भारतीयों के विरुद्ध महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के उपद्रव से निपटने में राज्य सरकार की उदासीनता और टालमटोल के तो राजनीतिक कारण समझ में आते हैं, लेकिन उपद्रवकारियों को खुली छूट देने में मुंबई पुलिस की ढिलाई को ही जिम्मेदार माना जायेगा। पहले दौर की गुंडागर्दी में मनसे ने उत्तरभारतीय टैक्सी-रिक्शा चालकों की पिटाई की और अब दूसरे दौर में उसने रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा देने आये निर्दोष छात्रों पर हिंसक हमला बोला। लेकिन दोनों ही दफा पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। यही नहीं राज्य सरकार ने अपनी राजनीतिक रणनीति के दायरे में रहकर जब मनसे प्रमुख राज ठाकरे और उनके निरंकुश कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की तब भी वे शहर की शांति को भंग करने तथा बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ करने में सफल हो गये। यहां तक कि उन्होंने अदालत परिसर में भी शर्मनाक हुल्लड़ मचाया और पुलिस लाचार बनी तमाशा देखती रही। जिस प्रकार से मनसे के चंद मुस्टंडों ने मुंबई में रह रहे करीब ४० लाख उत्तर भारतीयों में भय का माहौल कायम कर दिया है, यह मुंबई पुलिस की अकर्मण्यता का शर्मनाक परिणाम है। क्या यह मान लिया जाये कि कभी स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस के बाद विश्व की दूसरी मजबूत पुलिस व्यवस्था के रूप में विख्यात रही मुंबई पुलिस आज इतनी अकर्मण्य हो चुकी है कि उससे मनसे के चंद गुंडे नहीं संभल पा रहे हैं। मनसे से निपटने में पुलिस के नाकारापन से आम लोग हैरत में हैं। उन्हें डर इस बात का है कि यदि किसी अन्य मामले को लेकर मनसे की हिंसक कार्यशैली की गाज कभी गैर उत्तर भारतीयों पर गिरी तो क्या होगा? एक सवाल जो आज मुंबई के आम लोगों के मन में है, वह यह है कि बड़े-बड़े अपराधियों पर अंकुश लगानेवाली मुंबई पुलिस आखिर मनसे मामले में नकारा क्यों साबित हो रही है? पुलिस सूत्रों की मानें तो मुंबई पुलिस में मनसे से हमदर्दी रखनेवाले अधिकारियों-कर्मियों की कमी नहीं है। वे जानबूझकर ऐसे समय में मूक दर्शक बने रहते हैं। सूत्रों का कहना है कि मुंबई पुलिस में मनसे प्रमुख राज ठाकरे की अंदर तक पहुंच है और यह तब से है जब से वह शिवसेना के युवा संगठन `विद्यार्थी सेना' के अध्यक्ष थे। उस वक्त पुलिस और प्रशासन में राज की तूती बोलती थी। नतीजा राज और उनके मुस्टंडे तोड़फोड़ किया करते थे और पुलिस तमाशाबीन बनी रहती थी। आज भी ऐसा ही कुछ हो रहा है। यह राज्य की शांति और व्यवस्था के लिए तो ख़तरा है ही, मुंबई पुलिस और राज्य प्रशासन की प्रतिष्ठा के लिए भी कम नुकसानदेह नहीं है।

Tuesday, November 11, 2008

राजठाकरे का जमशेदपुर जाना सुप्रीमकोर्ट के निर्णय पर आधारित

MUMBAI: The MNS is hopeful that a Supreme Court judgment may just ensure that party chief Raj Thackeray doesnt have to go to Jamshedpur in
connection with a private complaint filed against him in Jharkhand. The case against Raj pertains to remarks made by him about Chhat puja in January. Hamid Raza, a lawyer from Jamshedpur, alleged that Thackeray had hurt religious sentiments. The Jamshedpur court issued a non-bailable warrant against Raj on September 30, against which the MNS chief moved the Jharkhand high court, which would hear the matter on November 14. Party spokesperson Nitin Sardesai said they would rely on an SC order, which said that if any complaint was pending against a person with the local police, then the offence should be tried locally where the action had occurred__Mumbai, in Raj's case

जे।डी (यू) के सभी सांसदो के इस्तीफे मंजूर

जे।डी (यू) के सभी सांसदो के इस्तीफे लोक सभा स्पीकर श्री सोमनाथ चटर्जी ने मंजूर करलिए है । यह जानकारी हमारे संवाददाता को इस पार्टी के संसद सदस्य श्री प्रभूनसिंह ने दी है, उन्होने श्री सोम दादा से मिलकर इस बात का खुलासा किया ।
ज्ञातव्य है कि बिहारियों पर मुंबई में हो रहे हमलों के विरोध में इस पार्टी के सभी लोकसभा सांसदों ने अपने इस्तीफे देने का एैलान किया था जिसे लालू ने अपनी भाषा में नोटंकी बताया था , परन्तु वास्तव में कुर्सी के भूखे लालू अब इस दौड में पिछड गए है और नितीख बिहारियों के सच्चे हितेशी के रूप में उभर रहे है ।
लालू की नोटंकी अब बिहारियों की समझ् में आने लगी है ।
आशा है यह परिणाम बिहार में अगले लोकसभा चुनावमें दिखाई देगा ।

लालू और नितीश का नया बाजा, पटना में बनेगी मूवी सिटी

Nitish, Lalu lock horns again
11 Nov 2008,
PATNA: Bihar political titans CM Nitish Kumar and railway minister Lalu Prasad have locked horns again over resignation politics. Lalu sent a letter

to CM Nitish Kumar on Monday charging him with `breaking the unity of political parties’ over the Maharashtra issue. Nitish hit back saying Lalu was indulging in dramatics. “It was easy to take revenge over Kosi flood issue as the anger of the youths in Bihar was directed against Lalu because the venue of the railway recruitment exam was in Mumbai where Bihari candidates were beaten up. I could have stoked their anger. Instead I appealed for peace,” said Nitish. He charged his political foe with `roaming around in Bihar’ instead of being in Delhi and pressurisng the Centre to take action on Maharashtra issue. He said that he was not aware of any letter sent to him by Lalu. “I will read it in the newspapers tomorrow,” he quipped. Nitish strongly defended the BJP on the Maharashtra issue. “The BJP does not need a certificate from anyone to prove its concern over the issue. BJP members were part of the all-parties’ delegation which met the PM to express concern over the developments in Bihar,” Nitish said. He said that Lalu was accusing the BJP with regard to this issue. “Why is he not accusing the Congress and Nationalist Congress Party (NCP) who were running the government in Maharashtra. The NCP should have named itself Maharashtra Congress Party (MCP),” Nitish said, stressing that the RJD, LJP and Congress were partners in the UPA government at the Centre and not the BJP. He said that the RJD and LJP could have created pressure on the Centre to take action in Maharashtra.”Numerically, the RJD and LJP are stronger than the DMK in Tamil Nadu,” he pointed out. Nitish said that he did not want the RJD and LJP to ask their MPs to quit the Lok Sabha. “I know Lalu and Paswan are incapable of giving up power. They will enjoy power like a smoker enjoys smoking till the last puff. But I want them to build on the pressure created by the resignation of JD(U) MPs,” he asserted. On the other hand, Lalu in his letter, stuck to his stand that MPs and legislators of all political parties should quit and launch a non-political movement against elements like Raj Thackeray and Bal Thackeray. “If we all resign, the Centre cannot survive without us. I am ready to sacrifice power in Delhi. Nitish Kumar should sacrifice power here. It will have a nationwide impact and I am ready to accept Nitish as a leader of the agitation,” Lalu remarked. Lalu alleged that the damage done to the railway property in the wake of Maharashtra developments in Bihar was a `planned conspiracy’ and was aimed at defaming the students here. Lalu, however, said he knew that Nitish was a “Kursi Chipku”. “Nitish is now saying that the resignation of the MLAs will lead to imposition of President’s Rule in Bihar. If he is so frightened, I propose that only I and he should quit,” Lalu said. He also reiterated that there should be no truck with elements like MNS and Shiv Sena directly or indirectly. “Now Nitish is saying that he has alliance with the BJP and not the Shiv Sena,” Lalu said, pointing out that L K Advani has not uttered a word on the developments in Maharashtra. “The BJP is more dear to Nitish than Biharis,” Lalu said. He said that the people in the flood-hit Kosi area were in a bad shape and he would be visiting them soon to make an assessment. Lalu said that he will await for Nitish’s response to his letter till November 15, the deadline set by Lalu for quitting of MPs and legislator

Friday, November 7, 2008

पटना और रांची रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित, लालू ही जानें ।

पटना और रांची रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित, लालू ही जानें ।

NEW DELHI: The railway recruitment examinations for Patna and Ranchi regions scheduled to be held on November 9 have been postponed till further
notice. The exams, to be conducted by Railway Recruitment Board (RRB) at the two centres, have been postponed till further notice, according to a release. The candidates are advised not to reach the centres and requested to visit website of the Railway Recruitment Control Board and zonal RRB's website for further information

'Rahul autopsy belies Mumbai police claim'

'Rahul autopsy belies Mumbai police claim'

PATNA: A day after the autopsy report of Rahul Raj, the Patna boy who was shot dead by the Mumbai police recently, suggested that the bullets on
him were fired from close range, his father Kundan Singh on Thursday said the Centre must dismiss the Maharashtra government now. Reiterating his demand for a judicial inquiry into the "cold-blooded murder" of Rahul, Bihar chief minister Nitish Kumar said the autopsy report has vindicated his fears. "The cops involved in the killing of Rahul must be tried," Nitish said and appreciated that the NHRC has taken cognizance of the ghastly incident. Ghosh Babu, Rahul’s relative who brought his body to Patna, had informed the family members and media that he saw dark spots on Rahul's body before it was taken for autopsy. "It seemed he was assaulted brutally before being shot dead," he had said. Rahul's father, after cremating his son, has been alleging his son was shot dead in a fake encounter. "The forensic report has vindicated my claim," Kundan said on Thursday and added the policemen were wearing bulletproof jackets and, therefore, they cannot claim to have killed Rahul in self- defence. "My son was in an empty bus, and the cops wearing bulletproof jackets could have easily overpowered him," he said and wondered how did a pistol reach Rahul. "How many more Bihari youths would fall to the bullets of Mumbai police before the Centre decides to take action against the Maharashtra government?" Kundan asked even as he lamented that his innocent child was branded a bus hijacker by the Mumbai police. Nitish, meanwhile, said he suspected the police version from day one as he had watched the TV footage which made it amply clear that the youth was killed without provocation. The Bihar Pradesh Congress Committee has also demanded a judicial inquiry into the killing. After meeting Rahul's father on Thursday, BPCC president Anil Sharma said the autopsy report has belied the Mumbai police's encounter claim. State BJP president Radha Mohan Singh said the autopsy report has made it clear that the Mumbai police murdered Rahul. He demanded immediate dismissal of Maharashtra home minister R R Patil, who had justified Rahul's killing.

भारत के सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को क्या होगा?

भारत के सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को क्या होगा?
NEW DELHI: The Supreme Court on Monday will chart the course of action it will adopt on two PILs on violence against north Indians in Maharashtra,
one seeking protection for the migrants and the other urging legal action against MNS chief Raj Thackeray. While questions remain whether the Vilasrao Deshmukh government discharged its duties in protecting migrants from violence unleashed by MNS activists, the court appeared to focus on the Centre's role. Like on Tuesday, when it dealt with the first PIL, a Bench comprising Justices B N Agrawal, G S Singhvi and Aftab Alam on Thursday, asked petitioner advocate Sanjiv Kumar Singh to tell the court about the implications of Article 355 of the Constitution in the context of internal disturbance in a state. The hints were loud that the court would look to fasten some accountability on the UPA government as Article 355 casts an obligation on the Centre to protect every state from "external aggression and internal disturbances". The Bench also had some reservations to the PILs making repeated reference to migrants to Maharashtra from Bihar, Orissa and UP as north Indians. "We thought we are all Indians and equal citizens of this country. How does this north Indian classification come about?"the Bench asked. The question could be innocuous at first glance, but did convey the anguish of the court at the divisive forces classifying citizens according to regions. PIL petitioner Singh tried to get some interim relief by telling the court that the postmortem report suggested that Rahul Raj was possibly shot at close range by Mumbai police. This required high-level judicial probe, he said. The PIL, while seeking cancellation of bail granted to MNS chief Raj Thackeray in connection with the cases relating to assault of outsiders, requested transfer of all cases against Raj outside Maharashtra alleging that he was let off on bail despite pendency of non-bailable arrest warrants issued against him by a Jharkhand court.

Thursday, November 6, 2008

भारतीय जनता पार्टी ने राहुल राज के मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग

भारतीय जनता पार्टी ने मुंबई पुलिस की गोली का शिकार हुए बिहार के युवक राहुल राज के मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
भाजपा का कहना है कि इस मामले में गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा, 'पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सा विशेषज्ञों से स्पष्ट संकेत मिले हैं कि राहुल की मौत में कुछ गड़बड़ है। हमारी पार्टी समूचे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग करती है।'
यह पूछने पर कि क्या भाजपा इस मामले में सहयोगी जनता दल यू का अनुसरण करेगी, रूड़ी ने कहा, 'इस्तीफा किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।' उल्लेखनीय है कि जद यू ने इस मामले में अपने सांसदों से इस्तीफा देने को कहा है। रूड़ी ने कहा, 'समाज में शांति व महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों की सुरक्षा के लिए यह समय अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं को एक तरफ रख कर काम करने का है।'

लालू की राजनीति मे फंसे बेचारे मुंबई के हिन्दी भाषी, राजनैतिक रोटियां सेक रहे नेता ।

लालू की राजनीति मे फंसे बेचारे मुंबई के हिन्दी भाषी, राजनैतिक रोटियां सेक रहे नेता ।
PATNA: Railways minister Lalu Prasad on Sunday urged all MPs and lawmakers from Bihar to resign after November 15 to protest attacks on north Indians, particularly Biharis, in Maharashtra.
Lalu said his appeal is directed to MPs and legislators from all parties in Bihar to resign on the issue. "It will be a total resignation including all parties' MPs, legislators and Independents," Lalu said at a press meet. Chhath is now being celebrated in Bihar. The resignations will take place after November 15 as Lalu wants to give about a week's time to all the political parties after Chhath is over. Clad in white kurta-payjama and surrounded by party leaders and workers, Lalu launched a scathing attack on Maharashtra Navnirman Sena chief Raj Thackeray and Shiv Sena leader Bal Thackeray for repeated attacks on north Indians. "Attacks and killing are handiwork of communal forces like MNS and Shiv Sena," he said. On the all party Bihar delegation last month that met Prime Minister Manmohan Singh and submitted a memorandum for action against MNS and Raj Thackeray, Lalu said that it was the right time to show a united face of Bihar to send a strong message that Bihar will not tolerate any such incident in future. He announced launching of an all party agitation on the issue of Bihari 'asmita' (honour). "We will take to streets in and outside Bihar to warn element like MNS and Shiv Sena," he said. He made it clear that he along with all of his party's 24 MPs, 4 Rajya Sabha MPs, and 55 legislators including his wife Rabri Devi, who is leader of opposition in Bihar assembly, would resign along with other MPs and legislators belonging to other parties and Independents. "It is for other parties to decide and ensure resignation of their MPs and legislators. My party MPs and legislators would resign on the issue," Lalu said. Lalu blamed Bihar chief minister Nitish Kumar for cracks in Bihar unity while referring to the Janata Dal (United) threat that its MPs would resign after November 6. "How could JD(U) alone take the decision when it was decided at the time of the all party delegation to fight a united battle," Lalu queried. The JD(U), part of the main opposition Bharatiya Janata Party (BJP)-led National Democratic Alliance (NDA), has five members in parliament. It is ruling Bihar in coalition with the BJP. Lalu said he favours that all Bihar's MPs and legislators should resign on any day after November 15. He challenged Nitish Kumar and its ally BJP, the main constituent of National Democratic Alliance, to make their MPs and legislators agree to submitting resignations on the issue. Lalu also dared Nitish Kumar and BJP to snap ties with Shiv Sena on the issue of Bihar. "Either Nitish or BJP should sever their ties with Shiv Sena or make their relationship with Shiv Sena clear before the people," Lalu said. He suggested the formation of a steering committee of all parties in Bihar to lead the agitation in and outside the state. He defended Manmohan Singh by saying that Singh had warned the Maharashtra government on the issue and written one letter after another in this regard. He reiterated the demand for a judicial probe into the killing of Rahul Raj, who was shot by Mumbai Police on Monday after he fired indiscriminately in a city bus and threatened to kill Raj Thackeray. Lalu called the shooting a "brutal murder" and expressed his unhappiness over Maharashtra government's action till date. "I am for a judicial probe by a sitting judge of the high court into Rahul Raj's brutal murder and stern action against Maharashtra police officials guilty of it," Lalu said.

Wednesday, November 5, 2008

लालू को इनकम टैक्स विभाग से बचना है तो आर. एन. वर्मा को पश्चिम रेलवे का महाप्रबंधक बनाना जरूरी है.....

लालू को इनकम टैक्स विभाग से बचना है तो आर. एन. वर्मा को पश्चिम रेलवे का महाप्रबंधक बनाना जरूरी है.....
नई दिल्ली : प्राप्त ताजा जानकारी के अनुसार श्री आर. एन. वर्मा की पोस्टिंग पश्चिम रेलवे में हो जायेगी क्योंकि हमारे विश्वसनीय सूत्रों का कहना है की श्री वर्मा ने अपने एक चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर के माध्यम से रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की गर्दन पकड़ ली है। सूत्रों का कहना है की दिल्ली के चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर, श्री वर्मा के बैचमेट हैं और २४ किलोमीटर के दायरे वाली मेट्रो से निकलकर पश्चिम रेलवे में बतौर महाप्रबंधक आने के लिए श्री वर्मा ने अपने इसी चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर का दामन थांबा है। सूत्रों ने बताया की चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर ने अपने बैचमेट श्री वर्मा का यह काम करवाने के लिए अपने जूनियर और पटना के इनकम टैक्स कमिश्नर श्री अजय सिंह को कहा। सूत्रों का कहना है की लालू की आय से अधिक संपत्ति की जांच के सारे मामले इन्ही अजय सिंह के हाथ में हैं। सूत्रों ने बताया की अपने 'बॉस' के आदेश का पालन करते हुए अजय सिंह इस काम के लिए कंपनी मामलों के मंत्री प्रेम चाँद गुप्ता को साथ लेकर सीधे लालू के पास रेल भवन पहुँच गए। जहाँ बताते हैं की कई मेम्बर्स के साथ लालू की मीटिंग चल रही थी, परन्तु जैसे ही श्री अजय सिंह श्री गुप्ता के साथ लालू के चेंबर में घुसे वैसे ही लगभग हडबडाते हुए उठकर लालू ने ''अरे आईये आईये अजय बाबू आईये आईये, आज यहाँ कहाँ घूम पड़े, सब खैरियत तो है न...........।'' उसी झोंक में लालू फ़िर श्री गुप्ता पर पिल पड़े और उन्हें लगभग गरियाते हुए कहा की ''भौजी को मिलने गए थे की नहीं, तुम से कितनी बार कहा है की भौजी को मिलने जाते रहा करो वो यहाँ दिल्ली में अकेली रहती हैं, अजय बाबु पटना में रहते हैं, महीने में एक बार आते जाते हैं, तो भौजी का ख्याल हम नहीं रखेंगे तो कौन रखेगा, ससुरा तुमसे कितनी बार कहा है की भौजी को मिठाई पहुँचा दो मगर........' जबकि अजय सिंह भी उनकी इस नौटंकी को बखूबी समझ रहे थे.इसी के साथ लालू ने सब अधिकारीयों को अपने चेंबर से बाहर जाने को कह दिया। इसके बाद अजय सिंह ने वहाँ अपने आने का असली मकसद बताया, लालू ने जोर चपरासी को आवाज लगाई, ''जाओ जल्दी से 'चोरमैन' ( चेयरमैन, रेलवे बोर्ड ) को बुला लाओ, CRB के आते ही लालू ने हुकुम दनदनाया की जाओ जल्दी से आर. एन. वर्मा को पश्चिम रेलवे में पोस्ट करने का प्रस्ताव बनाकर ले आओ।'' सूत्रों का कहना है की श्री वर्मा के फंडा में काफ़ी दम है और अब लालू K.C.JENA की ही तरह वर्मा की फाइल बगल में दबा कर PMO से करा लायेंगे। जबकि विवेक सहाय ने अपने अपंग बेटे को ही इस बार भी अपनी पसंद की पोस्टिंग का मोहरा बनाया है और उसका मेडिकल सर्टिफिकेट लगा दिया है। इस तरह लालू को अगर इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट से अपनी जान बचानी है तो आर. एन. वर्मा और विवेक सहाय को उनकी पसंद की पोस्टिंग देनी ही पड़ेगी। हालांकि सूत्रों का कहना है की अभी तक श्री वर्मा की फाइल DOPT में ही अटकी पड़ी है परन्तु उससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि लालू उनकी फाइल ख़ुद लेकर जायेंगे और उस पर पीएम् से साईन कराकर लायेंगे।
batate hain ki kamlesh गुप्ता की बतौर GM पोस्टिंग खटाई में पड़ गई है, क्योंकि हमारे सूत्रों का कहना है की उनके ख़िलाफ़ CVC ने प्रोसिक्यूशन का आदेश दे दिया है। इसीलिए श्री कुलदीप चतुर्वेदी की मध्य रेलवे का महाप्रबंधक बनने की संभावनाएं बढ़ गई हैं क्योंकि श्री विनय कुमार त्रिपाठी को मेट्रो रेलवे के लिए प्रस्तावित किया गया है। जबकि श्री ऐ के बोहरा को NCR और श्री सुदेश कुमार को ER तथा श्री दीपक कृष्ण को RSC के लिए प्रपोज किया गया है। इसी का विरोध करते हुए मेंबर इंजीनियरिंग श्री एस. के. विज ने DOPT को लैटर लिख दिया है।

Tuesday, November 4, 2008

मराठी माणुस को नौकरी कहां से मिलेगी

जाते-जाते किया कमाल
पश्चिम रेलवे के पूर्व महाप्रबंधक श्री अनूप कृषझिंगरन ने जाते जाते कम से कम १०० लोगों को नौकरी के बहाने वाहवाही लूटी है । कहते है कि ये नौकरियां लगवाने वालों की चांदी हो गई है । विशवस्त सूत्रों के जरिये पता चला है कि प्रति व्यक्ति नौकरी केलिए कम से कम 2लाख रूपयेलिए गए हैं । ये रकम कहां गई , इसपर अभी भी जांच होनी चाहिये ।
ऐसा कहा जाता है कि पूर्व में भी श्री आर के राव ने काफी लोगों को इसी तरह से नौकरियां दी थी, और उसकापरिणााम यह हुआ कि उन्हें पदोन्नति देकर रेलवे बोर्ड भेज दिया गया ।
जो भी महाप्रबंधक जाता है तो जाते समय ही श्रेणी ४ में लोगों को क्यो भर्ती करता है इसकी जांच होनी चाहिये तथा इसपर मार्गदर्शी निर्देश भी रेलवे बोर्ड को जारी करने चाहिये ।
सुना तो यहा तक है कि रेल मंत्री के यहां से ही भर्ती की लिस्ट आती है, तो स्वाभाविक है कि मराठी माणुस को नौकरी कहां से मिलेगी, यह प्रश्न अनसुलझा है । और यदि मंत्री ही बिहारियों को भर्ती कराते रहे तो लोकल भी शोर-शराबा करेगे, इसमें संदेह नहींहै ।
हमारी मांग हे कि इस कांड की पूरी जांच होनी चाहिये तथा इन भर्तियों पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिये ।

मुंबई के हिन्दीभाषियों के साथ लालू की धोकाधडी, राजनीति की नई चाल

मुंबई के हिन्दीभाषियों के साथ लालू की धोकाधडी, राजनीति की नई चाल
करीब २५० राज्य सड़क परिवाहन की बसे, लगभग ३७५ टैक्सियाँ, करीब १२५ बेस्ट की बसे और सैकडो ऑटो रिक्शा, ट्रक एवं निजी वाहनों को फूँक डाला गया। यह निजी और सार्वजनिक संपत्ति के नुक्सान के आंकड़े महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के मराठी मानूस बनाम उत्तर भारतीय विवाद का परिणाम हैं। मनसे प्रमुख राज ठाकरे अपनी राजनितिक जड़े जमाने के लिए और अपनी पैतृक पार्टी शिवसेना की जड़े काटने एवं उसका वोट बैंक हथियाने के लिए कभी जया बच्चन विवाद, कभी रेलवे परीक्षार्थियों को पीटकर भूमिपुत्रों के हक की बात और कभी जेट एयरवेज के कर्मचारियों को नौकरी से न निकले जाने की धमकी, कभी मराठी माणूस बनाम उत्तर प्रदेशीय, कभी मराठी माणूस बनाम बिहारी आदि विवादास्पद मामले उठाकर मुंबई को कोलकाता और महाराष्ट्र को पश्चिम बंगाल बनने की राह पर लेजा रहे हैं, जबकि राज्य एवम केन्द्र सरकार उनकी इन असम्वय्धानिक harakaton को उतनी ही तल्खी से नही ले रही है, जितनी तल्खी से महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री आर. आर. पाटिल ने बिहारी युवक राहुल राज की 'पुलिसिया हत्या' पर बजाय निंदा करने के उसका परम पक्षधर बनकर अपनी अमानवीय तल्ख़ टिपण्णी व्यक्त की है। इस सब पर राज ठाकरे को 'मेंटल केस' बताकर लालू यादव जैसे उथले किस्म के सिर्फ़ स्वहित साधन और सिर्फ़ 'अपना कुटुंबहित' देखने वाले नेता इस आग में अपनी उथली टिप्पणियों का घी डालकर और हवा दे रहे है। शासन-प्रशासन और राजनीतिज्ञों की इन तमाम नालायाकियों से तंग आ चुके इस देश के आम आदमी का आक्रोश बिहार में नवयुवकों ने रेलवे एवं अन्य सार्वजनिक संपत्ति को फूँक कर व्यक्त किया हैं। यदि देश के आम आदमी को समान विकास, समान न्याय, समान शिक्षा, समान रोजगार की स्थितियां और समान जीवन यापन के अवसर उपलब्ध कराये गए होते तो शायद आज भाषावाद और प्रांतवाद का विवाद पैदा ही नही होता था। तब शायद अपने ही देश के अन्दर लोग 'बाहरी' नही होते, क्योंकि उन्हें अपने पैतृक निवास और राज्य में ही अनुकूल जीवन-यापन की स्थितियां मिल जाती।उत्तर प्रदेश और बिहार वह बड़े राज्य हैं, जिन्होंने आज़ादी के बाद सबसे ज्यादा समय तक केन्द्र पर राज्य किया परन्तु इन दोनों राज्यों के लालू और मायावती जैसे छिछले किस्म के राजनीतिज्ञों ने कभ अपने गृह प्रदेशों को सिर्फ़ अपने स्वहित और अपने राजनितिक महत्वाकांक्षाओं के चलते तमाम उद्योग-धंधे से लैस करने और उनके विकास की ओर कभी ध्यान नही दिया। इसका परिणाम सामने है की आज इन्ही दो प्रदेशों के डर-बदर हुए लोग देश के दक्षिण-पश्चिम और पूर्वोत्तर राज्यों में पलायित होकर वह के लोगों में सबसे ज्यादा हेयदृष्टी का शिकार हो रहे है। देश के चौतरफा इन दोनों राज्यों के लोगो को ग्र्हुना की दृष्टी से देखा जाने लगा है। यह अत्यन्त शर्म की बात है की यह लोग वह जाकर वहाँ के विकास में अपना योगदान दिए हैं और वहाँ के उद्योग-धंधों को सस्ता श्रम मुहैया कराया है, जिसके बदले उन्हें सिर्फ़ दो जून की रोटी मिली है। परन्तु शायद इसी कारण से wahaan के स्थानीय लोग काहिल और लापरवाह भी हुए है और इसी काहिली के चलते उन्होंने उत्तर प्रदेशीय एवम बिहारियों की तरह स्वयं को शिक्षित और योग्य बनने की तरफ़ ध्यान नही दिया, परिणामस्वरूप जब वह उनसे प्रतिस्पर्धा में पिछड़ने लगे तो उनके अन्दर अपने अधिकार का अंहकार जाग रहा है। परन्तु इस कथित अधिकार के मद में चूर वह फिर भी अपने आपको शिक्षित एवं योग्य बनने की बात भूल रहे हैं। इसी सोच के चलते वह मुंबई को कोलकत्ता और महाराष्ट्र को पश्चिम बंगाल के उद्योगविहीन रास्ते पर दाल रहे है। जिस प्रकार कभी कोलकत्ता इस देश की राष्ट्रीय और आर्थिक राजधानी होते हुए समस्त प्रकार की आर्थिक सामाजिक, राजनितिक गतिविधियों का केन्द्र था, उसी प्रकार आज मुंबई ही। भले ही देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली है और प्रमुख राजनितिक गतिविधियाँ दिल्ली से संचालित होती है, मगर मुंबई आज इस देश की आर्थिक राजधानी है और देश की समस्त आर्थिक गतिविधियों की नब्ज़ न सिर्फ़ अंतर्देशीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्थर पर यही से परिलक्षित होती है। परन्तु इस प्रकार के सार्वजनिक वैमनस्यता फैलाने वाले तथाकथित भूमिपुत्र के आन्दोलनों से जिस प्रकार एक दिन कोलकत्ता से यह दर्जा छीन गया था, उसी प्रकार आने वाले दिनों में मुंबई का भी छीन सकता है। पहले भी कोई उद्योगपति पश्चिम बंगाल में अपना कोई उद्योग लगाने से कतराता था और वामपंथियों के ३० साल पहले राज्य शासन पर काबिज होने के बाद धीरे-धीरे वहाँ के उद्योग-धंधे पलायन कर गए थे। हाल ही के 'नैनो' विवाद के बाद अब शायद ही कोई उद्योगपति पश्चिम बंगाल का का रुख करेगा। इससे अंतर्राष्ट्रीय स्थर पर देश और राज्य की जो छवि ख़राब हुई, सो अलग। कामोबेस यही स्थितियां मुंबई और महाराष्ट्र की बनती जा रही हैं. यदि इन पर मुंबई और महाराष्ट्र के प्रबुद्ध वर्ग, बुद्धिजीवी और राजनीतिज्ञों ने अवलिम्ब ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में वह भी पश्चिम बंगाल की तरह हर गली-कूचे में अपनी-अपनी शाखा खोलकर सामजिक आतंकवाद को चला रहे होंगे।

महाप्रबंधको की पोस्टिंग में 'बिरादरी' और 'लेनदेन' का खेल

नई दिल्ली : पता चला है की सीआरबी ने जीएम की पोस्टिंग का जो प्रस्ताव रेल मंत्री को भेजा है उसमें जीएम/मेट्रो रेलवे श्री आर एन वर्मा को पश्चिम रेलवे और जीएम/एनसीआर श्री विवेक सहाय को उत्तर रेलवे का जीएम बनाया जाना प्रस्तावित किया गया है। ज्ञातव्य है की श्री वर्मा और श्री सहाय दोनों ही वर्त्तमान में ओपन लाइन के जीएम हैं क्योंकि मेट्रो को भी ओपन लाइन माना गया है।उल्लेखनीय है की ओपन लाइन से ओपन लाइन में ट्रांसफर की कोई पॉलिसी नहीं है, ओपन लाइन से ओपन लाइन में अपवाद स्वरुप ही जीएम्स की अदला-बदली की जाती है, इसी के तहत शायद यू.सी.डी.श्रेणी को मेट्रो से पूर्वोत्तर रेलवे में भेजा गया था, जिन्हें पुनः वहाँ से हटाकर रेलवे स्टाफ कॉलेज ( आरएससी ) वडोदरा भेजे जाने के बोर्ड के प्रस्ताव को डीओपीटी ने करारे जवाब के साथ लौटा दिया है। ज्ञातव्य है की वर्त्तमान जीएम पैनल के पहले नंबर पर श्री सुदेश कुमार, आईआरएसईई, को आरएससी और दूसरे नंबर पर श्री दीपक कृष्ण, आईआरएसई, को पूर्व रेलवे का जीएम बनाने के प्रस्ताव को रेल मंत्री वापस लौटा चुके हैं।
अब जो श्री वर्मा और श्री सहाय को क्रमशः पश्चिम रेलवे एवं उत्तर रेलवे में भेजे जाने का प्रस्ताव सीआरबी ने किया है उसके पीछे 'बिरादरी' की भावना और करोड़ों रुपये के खेल की अहम् भूमिका बताई जा रही है। क्योंकि एक तो ओपन लाइन से ओपन लाइन में जीएम्स के ट्रांसफर की कोई पॉलिसी नहीं है, दूसरे जिस जीएम को आगे बोर्ड मेंबर बनाना होता है और वह यदि किसी प्रोडक्शन यूनिट, जैसे डीएलडबल्यू / सीएलडबल्यू / डीएम्डबल्यू / आईसीऍफ़ / आरडबल्यूऍफ़ / आरसीऍफ़, में बतौर जीएम पदस्थ होता है, तो उसे वहाँ से निकालकर ओपन लाइन का जीएम बनाया जाता है। यही अब तक की परम्परा रही है।
परन्तु अब 'बिरादरी' और पैसे के लिए इस परम्परा को भी टाक पर रखा जा रहा है। उल्लेखनीय है की श्री सहाय हमेशा अपने अपंग बेटे के नाम पर अपनी पसंद की पोस्टिंग में रहे हैं अब पुनः उसी के नाम पर दिल्ली में पोस्टिंग मांग रहे हैं जबकि अब तक वह पहले मध्य रेलवे एवं बाद में पश्चिम रेलवे की जुगाड़ में थे। अब चूंकि उनके अपंग बेटे का एडमीशन दिल्ली में अपंग कोटे में हो गया है इसलिए उन्हें अब उत्तर रेलवे, दिल्ली में पोस्टिंग चाहिए। अपने साढू भाई श्री वर्मा को वह अपनी जगह पश्चिम रेलवे में भिजवा रहे हैं...?
पता चला है की श्री आर एन वर्मा के पश्चिम रेलवे में आने का प्रस्ताव सुनकर पीपावाव रेलवे कारपोरेशन लिमिटेड और कच्छ रेलवे कारपोरेशन लिमिटेड के दोनों प्रबंध निदेशक परेशान हो गए हैं क्योंकि उन्हें लगता है की श्री वर्मा के पश्चिम रेलवे में आने से उनको अपना काम करना काफ़ी मुश्किल हो जाएगा। हमारे विश्वसनिय सूत्रों का कहना है की यह बात दोनों प्रबंध निदेशकों ने दिल्ली जाकर सीआरबी से भी कही है। सूत्रों का कहना है की सीआरबी ने उन्हें 'एज यूजुअल' एम्आर का नाम लेकर कहा की यह प्रस्ताव उनका नहीं एम्आर का है, इसमें वह कुछ नहीं कर सकते हैं।
यहाँ वही कहावत लागू हो रही है की 'कुछ करें देवी कुछ करें पंडा' , यानी एम्आर के नाम पर तो भारतीय रेल में किसी से भी कुछ भी करा या करवाया जा सकता है, वैसे भी एम्आर के मुंह से निकला हर शब्द नियम बन जाता है और अब तो रेल अधिकारीयों को भी इसकी आदत हो गई है और इसी के नाम पर ट्रान्सफर, पोस्टिंग, प्रमोशन आदि में 'बाढ़ ही खेत को खा रही है'। सूत्रों का कहना है की चूँकि सीआरबी को रिटायर होने से पहले अपना घाटा पूरा करना है, इसलिए जो ज्यादा 'बोली' लगा रहा है उसे ओपन लाइन में भेजने का प्रस्ताव बनाकर भेजा जा रहा है और इसके लिए एम्आर का नाम आगे किया जा रहा है जबकि सबको मालूम अहि की एम्आर को अपनी राजनीती चमकाने के आगे यह सब देखने की फुर्सत नहीं है।
इसके अलावा सूत्रों का यह भी कहना है की श्री वर्मा को प. रे. और श्री सहाय को उ. रे. में भेजे जाने के सीआरबी के प्रस्ताव से रेल राज्य मंत्री श्री नारण भाई राठवा भी नाराज हैं क्योंकि उन्हें भी पता है की श्री वर्मा के प रे में आने से उनके क्षेत्र के कई काम अटक जायेंगे। सूत्रों का कहना है की श्री राठवा प. म. रे. के वर्त्तमान सीओएम् श्री वी. एन. त्रिपाठी को प. रे. में लाना चाहते थे मगर सीआरबी ने उन्हें धोखे में रखकर प्रस्ताव बनाकर भेज दिया। सूत्रों का कहना है की श्री राठवा को इस बात की आशंका है की श्री वर्मा के प. रे. में आने से उनके कामों वे अड़ंगा लगायेंगे। क्योंकि उनकी यह आदत है।
सम्बंधित जांच एजेंसियों से यह उम्मीद की जाती है की वह रेलवे बोर्ड और सीआरबी की इस मनमानी को समय पर रोक पाने में कामयाब होंगी।

लालू का एक ही एजेंडा_ फुट डालो और राज karo

"Feel the Rail minister is pitting Maharashtra against Bihar for personal gain, and making Raj Thackeray a hero in the process"New Delhi:- There is a disquiet in the top echelons of the Congress and the NCP , the ruling combine in Maharashtra, that Bihar leaders in general and Rail Minister Lalu Prasad in particular, have made the attack on North Indians in Mumbai too much of an 'ego' issue.Leaders of both parties feel Lalu is overplaying the attacks on Biharis as a political card to rebuild lost ground in his home state.They are worried that if he keeps harping on the attacks, it will only help make MNS chief Raj Thackeray a hero.Some Congress ministers, in particular, are alarmed at the attempt to pit Maharashtra against Bihar, as was done at the Union Cabinet meeting on Wednesday."This is dangerous politics. Lalu is pitting Maharashtra against Bihar for the sake of politics," pointed out a concerned Union Minister from the South.Some Congress ministers were surprised when Bihar leaders led by Ram Vilas Paswan sought to raise the issue of attack on North Indians at the Cabinet meeting because the issue was not even on the agenda.Apart from some official business, the Cabinet was to discuss the Assam blasts. But since it had very little information, Bihar leaders hijacked the agenda to Mumbai, observed a Union Minster."The concern of teh Union Cabinet is that regional chauvinism is contained,' said Union Minister S Jaipal Reddy.The NCP did not seem at all comfortable with Lalu's provocative anti-Maharashtra utterances. "Attacks on migrants is unacceptable. But nobody should use provocative language." said NCP General Secretary D P Tripathy.The party also sees a nexus between rebel Congress leader Narayan Rane and Raj Thackeray. "Rane's men were found to be involved in the Kalyan violence," said an NCP Leader.

Railway officials reject charges of exam bias
Mumbai:- Senior railway officials said on Friday that the Railway Recruitment Board (RRB) exams were centralised exams with equal oppurtunity for candidatesfrom all across India. They were rejecting charges made by MNS chief Raj Thackeray, who said the RRB exams were being manipulated to favour some candidates.Central Railway (CR) and Western Railway (WR) officials ridiculed Thackeray's charge that candidates from Bihar were liberately sent to appear for the exams conducted in Mumbai."There are 19 RRBs across India to cover the 16 zonal railways, workshops and factories, there is no reason why candidates should only prefer RRB, Mumbai. The salary scales and perks of the Indian Railways are the same for everywhere," said an official.Officials pointed out that Bihari, Jharkhnad and Uttar Pradesh have recruitment boards at Muzaffarpur, Patna, Ranchi, Allahabad and Gorakhpur. All these RRBs frequently advertise for vacancies in zones under their jurisdiction, said officials. More often than not, these RRBs do issue advertisements in newspapers published in other places, including Mumbai, added officials. There are RRBs in practically every important city, including Kolkata, Malda, Guwahati, Bhubhaneshwar, Chandigarh, Bhopal, Ahmedabad, Chennai, Secundrabad, Thiruvananthapuram and even Srinagar.Another official, himself from Maharashtra, said candidates from the state can easily get forms for the RRB exams in front of any big terminus, like CST or Churchgate in Mumbai. All these ads are routinely printed in the Employment Exchange magazine."They can also go to RRB exams held in other states, just like the north Indians come here for RRB exams. It's similar to an MBA aspirant from the South going for an entrance held at a Delhi or Gurgaon business school," an official reasoned.Asked if RRB, Mumbai, offered more vacancies than other RRBs in the country, senior officials said no. "Northern Railway has many more express and mail train vacancies. Zones covering Bihar, Jharkhand and Chattisgarh have huge freight operaions due to coal reserves. And the Eastern and Southern Railways have subarban as well as outstation operations like CR and WR," an official explained.

I have never opposed Chhat Puja, says Raj
"MNS chief attempts to clear the air before the north Indian festival on Tuesday, says he is only opposed to its politicisation"Worried about every stray incident of violence being attributed to his party, Maharashtra Navnirman Sena chief Raj Thackeray went on the backfoot on Friday as he declared that he had absolutely no opposition to Chhat Puja if it was not politicised।Thackeray has sought special permission from the police to clear the air ahead of the festival to be celebrated by Biharis on a large scale on Tuesday. There were apprehensions in city that MNS activists would go on a rampage again when north Indians assembled at Juhu Beach on Tuesday. Raj's clarification will allow the festival to continue smoothly as he asked his followers to maintain calm.Raj's arrest last week had sparked violent incidents in the city that included the death of a migrant on a Mumbai train and a shooting of a Patna youth on the BEST bus in Kurla. Rahul Raj, a Bihari youth, had allegedly come to Mumbai to kill Raj Thackeray. Raj activists also smashed several ST buses, BEST buses, taxis and auto rickshaws in protest over their leader's arrestAt the press conference on Friday, however, Raj preached peace. "I have never opposed the Chhat Puja. I have only spoken against the political 'tamasha' (stunts) associated with it. People from Bihar who live here can perform religious rituals according to their customs. My party has never opposed it," he said.This was his first press conference where he did not spit venom against north Indian leaders, nor id he make any provocative statements. However, he did reiterate that his battle for the Marathi manoos would continue.Raj backed the Mumbai police over the killing of Rahul Raj who had allegedly come to Mumbai to kill him."You would have to flayed the police had he shot some commuters. Who knew where this youth had came from?" he asked.Raising questions about downgrading his personal security , he said, "How did they reduced the security so suddenly? The police security review committee decides what security cover to give to people on grounds of threat perception and his importance in public life. Don't forget, people in power change often. What will they do when I come to power?", he asked.
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CR okays linking of two FOBs in Thane
Thane:- The Central Railway (CR) decision to connect the two foot-over bridges(FOBs) at the Kalyan end of the Thane station has brought good cheer to scores of commuters who have to squeeze their way to the crowded platforms.The CR has also okayed a track revamp plan that will facilitate a halt-free entry of the stations into Thane station. The CR Officials alongwith Shiv Sena MP from Thane Anand Paranjpe and Sena MLA Eknath Shinde inspected the station area to address long-pending issues.Paranjpe has been making the rounds of the railway ministry in Delhi seeking the railway board's intervention for the revamp of Thane station, which is the first station to be built in the country during British rule.The rail authorities have failed to keep pace with the population expansion in and around Thane. With a commuter traffic of more than 5 lakhs per day, Thane is one of the most revenue-generating stations. "Ideally, the station ought to be given a heritage status. However, it has been turned into a disgrace because of negligence by CR officials. Most of the ticket counters do not work. This inconveniences the commuters who have to wait in serpentine queues to buy a ticket, "said S Nandgopal, a regular commuter.He said there are only two FOBs and this makes it difficult to enter or exit the platforms. "Both the FOBs are narrow and it takes nearly 15 minutes to climb up or down the platform during rush hours, "he added.Shinde said, "Most of the commuters avoid the crowded FOB. They risk their lives by crossing the tracks even during peak hours. "He said the railways should also construct a new bridge taking into consideration the growing commuter traffic.