पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को रेलवे से बतौर तोहफा उन्हें फर्स्ट क्लास एसी का आजीवन पास मिला है। इस पास पर वह तीन अन्य सहयोगियों के साथ रेल में सफर कर सकते हैं। इस संबंध में पिछले 19 मई को जारी किया गया आदेश, जिसकी प्रति आईएएनएस के पास है, विवादों में आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस आदेश को चुनौती दी है और उसकी समीक्षा करने की मांग की है। ऐसा नहीं है कि इस आदेश से सिर्फ लालू ही लाभान्वित हुए हैं बल्कि पूर्ववर्ती सरकार में रहे रेल राज्यमंत्रियों को भी इस प्रकार के आजीवन पास मिले हैं लेकिन दोनों में फर्क इतना है कि इनके साथ सिर्फ एक सहयोगी और एक सहायक ही सफर कर सकते हैं। रेलवे बोर्ड के संयुक्त सचिव की ओर से इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है, ''यह मामले रेलवे मंत्रालय के वित्त विभाग के अधीन है। इस संबंध में नियमों में किए गए बदलावों से हमें खुशी है। इस बीच, बीजेपी के वरिष्ठ नेता राम नाइक ने रेल मंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर इन पासों को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने रेलवे बोर्ड के इस फैसले को अनैतिक बताया है। बनर्जी को लिखे पत्र में राम नाइक ने कहा, ''लोकसभा चुनाव के परिणाम 16 मई को आए और 19 मई को रेलवे के महाप्रबंधकों को इस फैसले से अवगत कराया गया।''नाइक ने कहा, ''मेरा मानना है कि खुद को लाभान्वित करने के लिए लोकसभा चुनाव के बाद उठाया गया ऐसा कोई भी कदम अनुचित और अनैतिक है।''उन्होंने कहा, ''मैं आपसे आग्रह करता हूं कि इस निर्णय की समीक्षा करें और जो अतिरिक्त सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं उन्हें वापस लें।
Thursday, June 11, 2009
Sunday, June 7, 2009
आग लग जाने के कारण तीन डिब्बे खाक
मथुरा-पटना एक्सप्रेस गाड़ी में रात आग लग जाने के कारण तीन डिब्बे खाक हो गए। हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की आशंका नहीं है। रेलवे सूत्रों के अनुसार यह हादसा रात में करीब नौ बजे हुआ जब ट्रेन को यार्ड से प्लैटफॉर्म पर लाया जा रहा था। उस समय ट्रेन में कोई यात्री नहीं था, लेकिन प्लैटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ जमा थी। उन्होंने बताया कि रेलवे प्रशासन ने शुरू में अपने संसाधनों से ही आग पर काबू पाने का प्रयास किया। आग के कारण शयनयान श्रेणी के तीन कोच खाक हो गए। मंडल रेल प्रबंधक ने हादसे की पूरी जांच कराने की बात कही है।
बम की बात झूठी पाई गई
ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन में शनिवार की शाम जीडीकेएम शटल में बम की अफवाह से अफरातफरी मच गई। आनन फानन में रेलवे पुलिस के जवानों ने स्टेशन परिसर की नाकाबंदी कर दी। स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने पर उसकी चेकिंग की गई। रेलवे पुलिस का कहना है कि इससे पहले निजामुद्दीन स्टेशन पर भी पूरी शटल की चेकिंग की गई थी। बम की बात झूठी पाई गई है। इस सिलसिले में एक युवक को हिरासत में लिया गया है, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। गाजियाबाद से मथुरा जाने वाली जीडीकेएम ईएमयू में शनिवार शाम किसी ने बम की अफवाह उड़ा दी। दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम को मिली सूचना के बाद निजामुद्दीन स्टेशन पर शटल को रोक लिया गया। यहां करीब 40 मिनट की उसकी चेकिंग की गई, लेकिन बम नहीं मिला। इसके बाद शटल को रवाना कर दिया गया। इस बीच बम की खबर ओल्ड रेलवे स्टेशन पर भी पहुंच गई। करीब सात बजे ट्रेन यहां पहुंची। पुलिसकर्मियों ने उसकी दोबारा चेकिंग की करीब 15 मिनट बाद ट्रेन के यहां से आगे के लिए रवाना कर दिया गया।
Wednesday, June 3, 2009
हार्वर लाइन पर होंगी १२ डिब्बे वाली गाडियां
हार्बर लाइन पर बढ़ते यात्रियों के बोझ और नवी मुम्बई में लोकल ट्रेनों के ऑपरेशन की संभावनाओं के मद्देनजर राज्य सरकार ने इस रूट पर 12 डिब्बों की लोकल चलाने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है और इसकी संभाव्यता रिपोर्ट (फिजीबिलिटी रिपोर्ट)का आकलन करने के लिए फौरन 1 करोड़ रुपए भी सैंक्शन कर दिया है। फिलहाल इसका पता लगाने के लिए मुम्बई रेल विकास कारपोरेशन (एमआरवीसी) ने इसका अध्ययन कर रही है और जैसे ही यह पूरा हो जाता है, रेलवे बोर्ड के पास इसे अप्रूवल के लिए भेज दिया जाएगा। यही नहीं, सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे के स्टेशनों पर 100-100 एटीवीएम लगाने के खर्च को वहन करने की मां.ग को भी राज्य सरकार ने मंजूर कर लिया है। राज्य सरकार के फैसले पर खुशी का इजहार करते हुए एमआरवीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. पी. सी. सहगल ने बताया कि अब जबकि राज्य सरकार ने इस बहुप्रतीक्षित प्रॉजेक्ट को हरी झंडी दिखाते हुए काम आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है, तो हमें पूरी उम्मीद है कि साल 2013 के अंत तक हम हार्बर लाइन पर 12 डिब्बों की लोकल चलाने की पोजीशन में होंगे। हालांकि उनका कहना था कि इस पर पूरी तरह से काम अगले साल ही शुरू हो पाएगा, जब रेल बजट में इसका प्रावधान कर लिया जाएगा। गौरतलब है कि हार्बर लाइन पर 9 डिब्बों की लोकल को 12 डिब्बों में बदलने का प्रस्ताव एमयूटीपी के फेज-1 और फेज-2 में किया गया था। जहां तक फेज-3 का सवाल है तो इसे साल 2013 तक शुरू कर देने की उम्मीद है, जिस पर अगले 20 सालों में 30,000 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान लगाया गया है। जहां तक 9 डिब्बों की लोकल को 12 डिब्बों की लोकलों में कन्वर्ट करने का सवाल है, तो इसमें प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाना, स्टेबलिंग साइडिंग का एक्सटेंशन, पुलों के स्ट्रक्चर में सुधार, बिजली सप्लाई का प्रावधान, ओवरहेड औजारों की समुचित देखरेख, सिग्नलों को फिर से फिट करना, प्लेटफॉर्म से उनकी शिफ्टिंग और ट्रैकों के सर्किट का मॉडिफिकेशन करना महत्वपूर्ण काम माना जाता है। इसके अलावा 12 डिब्बों के कोचों की उपलब्धता भी एक प्रमुख समस्या मध्य रेल के पास होगी।
लालू और नितीश के बीच भिडंत
बिहार के खुसरूपुर में सोमवार को रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ और ट्रेनों में आगजनी की घटना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व रेल मंत्री लालू यादव के बीच वाक् युद्ध शुरू हो गया है। नीतीश कुमार ने लालू पर रेलवे बोर्ड की मंजूरी लिए बिना ट्रेनों के स्टॉपेज बनाने का आरोप मढ़ा। नीतीश ने कहा कि लालू ने बिना रेलवे बोर्ड की मंजूरी के ट्रेनों के ढेरों हॉल्ट तय करके मौजूदा रेल मंत्री ममता बनर्जी को मुश्किल में डाल दिया है। पूर्ववर्ती सरकार में रेलवे लालू की स्टाइल में काम करता था। आरजेडी नेता के मौखिक आदेशों से ट्रेनों के हॉल्ट बनाए गए, जिन्हें रेलवे बोर्ड की मंजूरी नहीं थी। इससे पहले लालू ने हिंसा को रोकने में नाकामी का दोषी नीतीश पर मढ़ते हुए कहा था कि नीतीश को इस हालात को ढंग से डील करना चाहिए था। उन्हें ऐसी घटनाओं का अंदाजा होना चाहिए। उनके अफसरों को ज्यादा सजग रहना चाहिए। यह राज्य की रेल पुलिस की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं (ट्रेनों पर हमले) का ध्यान रखें।
Tuesday, June 2, 2009
स्थानीय लोगों ने दो ट्रेनों में आग लगा दी
राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी एक्सप्रेस का स्टॉपेज खुसरूपुर स्टेशन से हटाने पर नाराज स्थानीय लोगों ने दो ट्रेनों में आग लगा दी और दानापुर डिवीजन में पटरियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थानीय लोगों ने खुसरूपुर स्टेशन को भी काफी नुकसान पहुंचाया। हालांकि इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इस बीच बवाल के बाद खुसरूपुर से स्टॉपेज हटाने के आदेश पर रोक लगा दी गई है। पूर्वी-मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ए.के. चंद्रा ने बताया कि जैसे ही यह घोषणा की गई कि खुसरूपुर स्टेशन से श्रमाजीवी एक्सप्रेस का स्टॉपेज हटाया जा रहा, वहां मौजूद लोगों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। भीड़ ने इस रूट से गुजर रहीं 3226 डाउन दानापुर-जयनगर इंटरसिटी और 543 राजगीर-दानापुर पैसिंजर के डिब्बों में स्टेशन के पास बैकठपुर गांव के पास आग लगा दी। चंद्रा ने बताया कि दानापुर-जयनगर इंटरसिटी के चार चेयर कार कोच और एक एसी बोगी में आग लगा दी। भीड़ ने इंटरसिटी के पहुंचने के कुछ ही देर बाद आई राजगीर-दानापुर पैसिंजर की जनरेटर बोगी को भी आग को हवाले कर दिया। जीआरपी के डीएसपी (पटना पूर्वी)राजेंद्र सिंह ने बताया कि दमकल दस्ते को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि स्थानीय नागरिकों ने खुसरूपुर स्टेशन पर 2391 और 2392 श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन का स्टॉपेज बंद किए जाने के विरोध में सोमवार को वहां तोड़फोड़ और ट्रेन में आगजनी की। दानापुर रेलमंडल के जनसंपर्क अधिकारी आर.के. सिंह ने बताया कि बिहार के 33 विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर विभिन्न ट्रेनों का अस्थायी तौर पर स्टॉपेज था। रेलवे बोर्ड ने गत 26 मई को एक आदेश जारी कर इस स्टॉपेज पर रोक लगा दी थी, जिसका नागरिकों ने विरोध किया। अंतत: सोमवार को बोर्ड ने अपने उस आदेश को तात्कालिक तौर पर वापस ले लिया है। सिंह ने बताया कि बाद में इन स्टेशनों पर होने वाली टिकटों की बिक्री की समीक्षा करने के बाद इस बारे में निर्णय लिया जाएगा कि यहां ट्रेनों के स्टॉपेज आगे भी जारी रखे जाएं या नहीं।
ट्रेनें 2 घंटे तक जहां की तहां खड़ी रहीं
आरएनटी पैसिंजर में खराबी आने के कारण दिल्ली-रेवाड़ी रेलमार्ग 2 घंटे तक ठप रहा। दिल्ली से आने वाली ट्रेनें 2 घंटे तक जहां की तहां खड़ी रहीं। यात्रियों ने बीच रास्ते हंगामा भी किया। गुड़गांव समेत अन्य स्टेशनों पर भी यात्रियों का गुस्सा देखने लायक था। तिलक ब्रिज से रेवाड़ी के बीच चलने वाली आरएनटी पैसिंजर शाम 7.20 मिनट पर पालम स्टेशन पहुंचती है, लेकिन सोमवार शाम यह ट्रेन जैसे ही दिल्ली कैंट से पालम की तरफ बढ़ी, इसके पावर सिस्टम में खराबी आ गई। इस ट्रेन के रास्ते में खड़े होने से स्वर्ण जयंती, राजधानी एक्सप्रेस, मंडौर एक्सप्रेस और अहमदाबाद मेल घंटों लेट हो गईं।
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