किसी मेट्रो स्टेशन आतंकवादी हमले जैसी इमर्जेंसी में विभिन्न एजेंसियों के बीच कैसा तालमेल रहता है, इसी का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को 4 मेट्रो स्टेशनों पर मॉक ड्रिल की जा रही है। इस वजह से सुबह 11 से दोपहर 12 बजे के बीच कुछ देर के लिए यात्रियों को परेशानी हो सकती है। मॉक ड्रिल के दौरान आतंकवादी हमले और उसके बाद के हालात का सीन क्रिएट किया जाएगा, इसलिए शुक्रवार को अगर आपको मेट्रो स्टेशन के अंदर धमाका होने या गोली चलने की आवाज सुनाई दे या स्टेशन के बाहर चारों तरफ पुलिस, दमकल और एंबुलेंस की गाड़ियां दिखें, तो घबराएं नहीं। यह इस ड्रिल का ही एक हिस्सा होगा। लोगों को पहले से सचेत करने के लिए डीएमआरसी ने मॉक ड्रिल से एक दिन पहले ही प्रेस रिलीज जारी करके इस बारे में विस्तार से जानकारी दी है। डीएमआरसी प्रवक्ता के मुताबिक, दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के अधिकारियों के सुपरविजन में शुक्रवार सुबह 11:30 बजे के करीब चार मेट्रो स्टेशनों, लाइन-1 के नेताजी सुभाष प्लेस व दिलशाद गार्डन और लाइन-3 के राजौरी गार्डन और मंडी हाउस पर यह मॉक ड्रिल की जाएगी। ड्रिल की वजह से 15-20 मिनट के लिए यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। डीएमआरसी के मुताबिक, इस दौरान मेट्रो स्टेशनों पर आतंकवादी हमला जैसा माहौल बनाया जाएगा, जिसके तहत सीरियल बम ब्लास्ट होने, विस्फोटकों से लदे ट्रक के मेट्रो पिलर से टकराने, टिकट काउंटर के पास पावरफुल बम ब्लास्ट होने और मेट्रो स्टेशन पर फिदायीन हमले जैसे दृश्य पैदा किए जाएंगे और इस बात का मूल्यांकन किया जाएगा कि ऐसी हालत में विभिन्न आपातकालीन एजेंसियों जैसे स्थानीय पुलिस, दमकल, एंबुलेंस, डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम, डीएमआरसी का स्टाफ और मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली सीआरपीएफ का कैसा रिएक्शन रहता है और इन एजेंसियों के बीच कैसा तालमेल बनता है। इस दौरान स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने, घायलों को अस्पताल पहुंचाने, आग बुझाने, स्टेशन और आसपास के इलाके को खाली कराने, मेट्रो के दूसरे स्टेशनों पर अलर्ट जारी करने जैसी तमाम बातों का जायजा लिया जाएगा। डीएमआरसी अधिकारियों के मुताबिक मॉक ड्रिल करने का मकसद यही है कि आपातकालीन परिस्थितियों में सभी एजेंसियों के बीच अच्छा तालमेल बन सके। पिछले 5 साल के दौरान 15 से ज्यादा मॉक ड्रिल की जा चुकी हैं।
Friday, March 26, 2010
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