Monday, November 30, 2009

डायरेक्ट कनेक्टिविटी


वेस्ट दिल्ली और द्वारका सब-सिटी के यात्रियों को द्वारका सेक्टर-21 स्टेशन से अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे तक डायरेक्ट कनेक्टिविटी मिलेगी...
महिलाएं करती थीं मेट्रो में जेब साफ
29 Nov 2009, 0538 hrs IST,दिल्ली मेट्रो की सिक्यूरिटी में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के महिला दस्ते ने मेट्रो ट्रेनों में पैसेंजरों की जेब साफ करने वाले एक गिरोह की पांच महिलाओं को...
ब्लूलाइन मेट्रो को लाइन पर लाएगा एटीओएस
27 Nov 2009, 0436 hrs IST,पैसेंजरों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए दिल्ली मेट्रो नोएडा-द्वारका लाइन पर ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन सिस्टम (एटीओएस) लगाने पर विचार कर रही है...

Friday, November 27, 2009

अनन्या एक्सप्रेस में जमकर लूटपाट की।

बिहार में पूर्व-मध्य रेलवे के दानापुर रेल मंडल क्षेत्र के किउल-झाझा रेलखंड पर गुरुवार रात सशस्त्र लुटेरों ने हावड़ा से जयपुर जा रही अनन्या एक्सप्रेस में जमकर लूटपाट की। इस दौरान लुटेरों ने विरोध करने वाले दो यात्रियों को चाकू मारकर घायल भी कर दिया। पुलिस के अनुसार झाझा रेलवे स्टेशन पर करीब चार-पांच लोग एस-1 शयनयान डिब्बे में सवार हो गए और रेलगाड़ी खुलते ही लूटपाट करने लगे। इस दौरान विरोध करने वाले यात्रियों से लुटेरों ने मारपीट भी की। लुटेरों ने दो यात्रियों को चाकू मारकर घायल कर दिया। लूटपाट करने के बाद लुटेरे बंशीपुर रेलवे स्टेशन पर उतरकर भाग गए। पुलिस ने बताया कि दहशत फैलाने के लिए लुटेरों ने इस दौरान गोलीबारी भी की। घटना की पुष्टि करते हुए किउल रेलवे पुलिस बल के निरीक्षक अजय कुमार पांडेय ने शुक्रवार को बताया कि चार घायलों को किउल स्थित रेलवे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द में भर्ती करवाया गया है। उन्होंने बताया कि लुटेरों ने करीब दो लाख रुपये की संपत्ति लूटी। पांडेय ने बताया कि लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार रात अज्ञात लुटेरों ने सहरसा-मानसी रेलखंड पर बदला रेलवे स्टेशन के नजदीक जनसेवा एक्सप्रेस के दो डिब्बों में लूटपाट की थी। इस दौरान भी लुटेरों ने छह लोगों को घायल कर दिया था।

Wednesday, November 25, 2009

रेलगाड़ी में बच्चे का जन्म होने के कारण बच्चे के माता-पिता ने उसका नाम पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद के नाम पर 'लालू' रखा।

बिहार के सोनपुर रेल मंडल के देसरी रेलवे स्टेशन पर एक महिला ने सफर के दौरान रेलगाड़ी में अपने बच्चे को जन्म दिया। रेलगाड़ी में बच्चे का जन्म होने के कारण बच्चे के माता-पिता ने उसका नाम पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद के नाम पर 'लालू' रखा। सोनपुर रेल मंडल के जन संपर्क अधिकारी बी. राम ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को 5651 गुवाहाटी-जम्मू एक्सप्रेस ट्रेन के स्लीपर कोच में गर्भवती गायत्री देवी अपने पति योगेंद्र प्रसाद के साथ यात्रा कर रही थीं। हाजीपुर से पहले देसरी रेलवे स्टेशन के समीप उन्हें प्रसव पीड़ा हुई और उन्होंने रेलगाड़ी में ही एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद देसरी रेलवे स्टेशन पर ही ट्रेन को रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि ट्रेन को देसरी स्टेशन पर 15 मिनट तक रोके रखा गया था। गायत्री को देसरी के ही डॉ. अवधेश कुमार की प्राइवेट क्लिनिक में भर्ती कराया गया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। ट्रेन में जन्म लेने वाले बच्चे का नाम पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद के नाम पर 'लालू' रखा गया। लालू के पैरंट्स का कहना है कि रेल में बच्चे का जन्म हुआ है इसलिए इससे अच्छा कोई और नाम हो ही नहीं सकता। रेलवे के एक अन्य अधिकारी के मुताबिक गायत्री पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से सारण जा रही थी। पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद सारण संसदीय क्षेत्र से ही सांसद हैं।

Monday, November 23, 2009

सैकड़ों लोग इस दौरान विभिन्न स्टेशनों पर फंसे रहे।

द्वारका-नोएडा मेट्रो सेवा तकनीकी खामी के कारण आज आधे घंटे से ज्यादा समय तक बाधित रही। दफ्तर और कॉलेज जाने वाले सैकड़ों लोग इस दौरान विभिन्न स्टेशनों पर फंसे रहे। दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक, नोएडा और जनकपुरी स्टेशनों के बीच सेवा सामान्य रही, बिजली संबंधी किसी गड़बड़ी के कारण जनकपुरी और द्वारका सेक्टर नौ के बीच केवल एक लाइन पर मेट्रो का संचालन हो पाया। कुछ समय बाद सेवा दोबारा बहाल हो गई। देरी से नाराज मुसाफिरों ने द्वारकासेक्टर नौ स्टेशन की टिकट खिड़कियों पर जमा होकर टिकट के पैसे वापस मांगे।


Sunday, November 22, 2009

मुंबई में १५ डिब्बों वाली लोकल की श्रीगणेश ममता ने किया

रेल मंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को घोषणा की कि रेलवे पिछले वर्ष मुंबई में हुए आतंकी हमले के शिकार हुए लोगों की स्मृति में एक संग्रहालय बनाया जाएगा। तीन सुपरफास्ट ट्रेनों को शनिवार को हरी झंडी दिखाते हुए बनर्जी ने कहा कि संग्रहालय में उन सभी रेल कर्मचारियों के बारे में जानकारी शामिल की जाएगी, जो हमले के दौरान शहीद हो गए। इसके अलावा उन सुरक्षाकर्मियों, रेल यात्रियों और आम नागरिकों के बारे में भी जानकारी शामिल की जाएगी, जिन्हें हमले के दौरान अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था। रेल मंत्री बनने के बाद अपनी पहली मुंबई यात्रा के दौरान बनर्जी ने मुंबई हमले में शहीद हुए लोगों को अपनी श्रद्धांजलि दी। बनर्जी ने बेहतर, तेज, सुरक्षित और स्वच्छ रेल यात्रा का भी वादा किया। बनर्जी ने इस अवसर पर मुंबई-नागपुर के बीच दुरांतो एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन सप्ताह में रविवार, मंगलवार और गुरुवार को चलेगी। यह ट्रेन 11 घंटे 30 मिनट के भीतर यह दूरी तय करेगी।

ट्रेन में इतना रश था कि वह सैंडविच बन कर रह गईं।

दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट इरा की खुशी का उस वक्त ठिकाना नहीं रहा , जब उन्होंने पहली बार नोएडा से यूनिवर्सिटी जाने के लिए मेट्रो पकड़ी , लेकिन थोड़ी ही देर में उनकी खुशी काफूर हो गई। पूरी ट्रेन में इतना रश था कि वह सैंडविच बन कर रह गईं। राजीव चौक पर मानो भीड़ ने उन्हें खुद - ब - खुद ट्रेन से बाहर धकेल दिया। इरा कहती हैं , ' काश ! मेट्रो में लेडीज के लिए अलग डिब्बा होता !' मेट्रो में रोजाना सफर करनेवाली बहुत - सी महिलाओं का कहना है कि इसमें भी लोकल ट्रेनों की तरह लेडीज स्पेशल कंपार्टमेंट होना चाहिए। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि फिलहाल इस तरह की कोई योजना नहीं है , लेकिन जरूरत पड़ी और तकनीकी रूप से मुमकिन हुआ तो मेट्रो में लेडीज स्पेशल कंपार्टमेंट शुरू करने के बारे में सोचा जा सकता है। मेट्रो के कुछ रूटों पर भारी भीड़ उमड़ रही है , खासकर सुबह - शाम को पीक आवर्स में। नोएडा - द्वारका , राजीव चौक - कश्मीरी गेट और जहांगीरपुरी - कनॉट प्लेस जैसे रूटों पर अक्सर मेट्रो इस कदर भरी हुई होती है कि उसमें चढ़ना भी मुश्किल हो जाता है। इन दिनों ट्रेड फेयर की वजह से हालत और बुरी हो गई है। ऐसे में महिलाओं को काफी दिक्कत हो रही है। करोल बाग से आईटीओ स्थित अपने ऑफिस आनेवाली अनुराधा कहती हैं कि अगर दिल्ली - पलवल के बीच लेडीज स्पेशल चल सकती है तो पूरी मेट्रो न सही , उसमें एक - दो कंपार्टमेंट तो लेडीज स्पेशल हो ही सकते हैं। महिलाओं के लिए सीटें तो ज्यादा संख्या में रिजर्व होनी ही चाहिए। मेट्रो में सबसे अगले डिब्बे और सबसे पिछले डिब्बे को महिलाओं के लिए रिजर्व किया जा सकता है। कभी - कभार मेट्रो में चलनेवाली महिलाओं को बेशक ज्यादा दिक्कत नहीं होती , लेकिन रोजाना सफर करनेवाली महिलाओं की दिली इच्छा है कि लेडीज स्पेशल कंपार्टमेंट का इंतजाम किया जाए। राजौरी गार्डन स्थित एक शोरूम में काम करनेवाली दीप्ति कुमार का कहना है कि मेट्रो ने सफर बहुत सुविधाजनक कर दिया है , लेकिन कई बार इतनी भीड़ होती है कि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं हो सकती हैं। भीड़ की वजह से मेरे हसबैंड सुशील कुमार चाहते हैं कि मैं ऑटो में ही चलूं तो बेहतर है। अगर मेट्रो में हमारे लिए अलग से जगह तय कर दी जाए तो हम ज्यादा महफूज महसूस करेंगे। दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता अनुज दयाल का कहना है कि अभी तक पूरी दुनिया में कहीं भी मेट्रो में लेडीज स्पेशल कंपार्टमेंट नहीं है। फिर भी अगर महिलाओं को वाकई दिक्कत हो रही है और इस बारे में मांग उठी तो इस पर विचार किया जा सकता है। ऐसा तभी मुमकिन होगा , जब तकनीकी तौर पर मेट्रो के संचालन में कोई परेशानी न हो।

Monday, November 16, 2009

मेट्रो प्रशासन सुविधाएंबढ़ाने को लेकर गंभीर नहीं

कमाई के मामले में लगातार नए रेकॉर्ड बना रही दिल्ली मेट्रो सुविधाओं के मामले पिछड़ती जा रही है। हालत यह है कि फर्स्ट एड के लिए भी मेट्रो बाहर की सुविधाओं पर निर्भर है। ऐसे में अगर कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो लोगों को संभालना मुश्किल हो सकता है। इसकी एक झलक आठ नवंबर को हुए ब्रेक- डाउन के बाद देखने को मिल चुकी है, बावजूद इसके मेट्रो प्रशासन सुविधाएंबढ़ाने को लेकर गंभीर नहीं है। मेट्रो के अंदर स्वास्थ्य सुविधाओं पर गौर करें तो हर स्टेशन पर सिर्फ एक वील चेयर, एक स्ट्रेचर और एक फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था है, लेकिन फर्स्ट एड के लिए मेट्रो के पास डॉक्टर तोदूर स्टेशनों में कोई ट्रेंड स्टाफ तक की व्यवस्था नहीं है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के प्रवक्ता अनुज दयाल का कहना है कि कैट एंबुलेंस के साथ हमारा टाई- अप है। जरूरत पड़ने पर उन्हें 10 मिनट के अंदर बुला लिया जाएगा और नजदीकी हॉस्पिटल में लोगों को भेज दियाजाएगा। इस बीच मदद के लिए टेन के अंदर अनाउंसमेंट कर दी जाएगी कि अगर उसमें कोई डॉक्टर हैं तो मदद के लिए आ जाएं। लेकिन, टनल या स्टेशन के अंदर भगदड़ जैसी स्थिति होने पर सैकड़ों यात्रियों की भीड़ को हटाते हुए जरूरतमंद लोगों को बाहर ले जाना कैसे मुमकिन होगा, इस बारे में शायद प्रशासन ने सोचा नहीं है। जहां तक सुविधाओं के समय पर पहुंचने की बात है तो दिल्ली के ट्रैफिक में आधे घंटे से पहले कुछ भी संभव नहीं है। जबकि कार्डिएक अरेस्ट या ब्रेन स्ट्रोक जैसे मामलों में शुरू के 10 मिनट ही इलाज के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। स्टेशनों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कितनी जरूरत है इसका अंदाजा आठ नवंबर को एक टेन के ब्रेक डाउन के बाद हुई हालत से लगाया जा चुका है। उस दिन एक साथ भीड़ होने और लाइट, एसी बंद होने से कई लोग घुटन के कारण बेहोश हो गए थे,तो कइयों को चोट भी लग गई थी। जानकारों काकहना है कि यह तो छोटा मामला था और कुछ ही देर की बात थी, तब भी लोगों को संभालना मुश्किल हो गया था। ऐसे में उपलब्ध सुविधाओं के सहारे बड़े डिजास्टर को मैनेज करने की बात सोची भीनहीं जा सकती है। डीएमआरसी दुनिया की बेस्ट सुविधाएं मुहैया कराने का दावा करतीहै, लेकिन यहां की हेल्थ फेसिलिटी की लंदन, न्यू यॉर्क जैसे शहरों की मेट्रो ट्रेन से तुलना करें तो हम काफी पीछे हैं। जानकारों के मुताबिक लंदन में हर मेट्रो स्टेशन पर डॉक्टर, ट्रेड हेल्थ वर्कर और बाकी सभी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। कई स्टेशनों के बाहर छोटे- छोटे पोली क्लीनिक भी बनाए गए हैं और उनके पास खुद के एंबुलेंस भी उपलब्ध रहते हैं।दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क की बात करें तो फिलहाल यह 87 कि। मी. एरिया को कवर कर रही है। इसके 78 स्टेशन हैं, जिनमें से 15 स्टेशन अंडर ग्राउंड हैं। दूसरे फेज के चालू होने के बाद इसका नेटवर्क 190 कि। मी. का हो जाएगा और स्टेशनों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी। मेट्रो में रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं। पहले से ही फायदे में चल रही मेट्रो किराया बढ़ने और नोयडा रूट चालू के होने के बाद कमाई के मामले में नए रेकॉर्ड बना रही है। डीएमआरसी के मुताबिक शनिवार को मेट्रो ने एक करोड़ ६४ लाख रुपये की कमाई की है, जो कि अब तक का रेकॉर्ड है। इससे पहले शुक्रवार को एक करोड़ 40लाख की और इसी साल तीन अगस्त को एक करोड़ 25 लाख रुपये की कमाई कर चुकी है। मगर यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।

Sunday, November 15, 2009

आपको ट्रेन में गलत रिकॉर्डिंग सुनने को मिले।

आप यदि नोएडा से दिल्ली मेट्रो में जा रहे हैं तो जरा मयूर विहार फेज वन एक्सटेंशन, मयूर विहार फेज वन और यमुना बैंक स्टेशन पर मेट्रो की तरफ से होने वाले अनाउंसमंट को ध्यान से सुनें। हो सकता है कि आपको ट्रेन में गलत रिकॉर्डिंग सुनने को मिले। शनिवार 3 बजे सिटी सेंटर स्टेशन से द्वारका के लिए चली मेट्रो में जो एनाउंसमेंट हो रहा था उससे कोई भी हादसा कभी भी संभव है। दरअसल मयूर विहार फेज वन एक्सटेंशन, मयूर विहार फेज वन और यमुना बैंक स्टेशन के प्लैटफॉर्म बीच में हैं। यहां जब भी ट्रेन नोएडा से पहुंचेगी तो दरवाजे हमेशा राइट साइड में ही खुलेंगे। 3 बजे नोएडा से चली इस ट्रेन के दरवाजे भी इन तीनों स्टेशनों पर दायीं तरफ ही खुले, मगर इन स्टेशनों के आने से पहले पैसेंजर्स को अलर्ट करते हुए अनाउंसमेंट हो रहा था कि स्टेशन आने वाला है, दरवाजे बायीं तरफ खुलेंगे, दरवाजों से हटकर खड़े हों। यहीं अनाउंसमंट अंग्रेजी में भी हुआ कि डोर्स विल ओपन ऑन द लेफ्ट साइड, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। स्टेशन आने पर राइट साइड वाले दरवाजे ही खुले क्योंकि प्लैटफॉर्म दायीं तरफ ही थे। इस रूट से अनजान दायीं तरफ के दरवाजे के पास खड़ा कोई भी पैसेंजर यदि मेट्रो के अनाउंसमेंट पर भरोसा कर ले तो अचानक दरवाजों के खुलने पर वह हादसे का शिकार हो सकता है।

मंडोर एक्सप्रेस के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए।

जयपुर के नजदीक जोधपुर से दिल्ली आ रही मंडोर एक्सप्रेस के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में 5 लोग मारे गए हैं और 20 लोग घायल हो गए हैं। यह हादसा रात के करीब 1 बजे हुआ। रेलवे के वरिष्ट अधिकारी ने बताया है कि जयपुर से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बांस का फाटक के पास जोधपुर से दिल्ली आ रही मंडोर एक्सप्रेस के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में 5 मारे गए हैं और 20 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया है कि पटरी से नीचे उतरनेवाले डिब्बो में 5 एसी कोच, 7 स्लीपर कोच और तीन जनरल डिब्बे शामिल हैं। उत्तर-पश्चिम रेलवे के चीफ पीआरओ के.एल. इनखिया ने बताया कि एक एसी डिब्बा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने बताया कि घायलों को नजदीक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जयपुर के जीआरपी इन्चार्ज अश्विनी अत्रे ने बताया कि क्षतिग्रस्त डिब्बे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए जीआरपी के जवान हाईड्रॉलिक कटर का इस्तेमाल कर रहे हैं।

Thursday, November 12, 2009

12 नवंबर 2009 की तारीख को गोल्डन डे के रूप में याद किया जाएगा।


दिल्ली की सीमा लांघकर मेट्रो गुरुवार को शहर में जैसे ही प्रवेश करेगी नोएडा के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा। 12 नवंबर 2009 की तारीख को गोल्डन डे के रूप में याद किया जाएगा। नोएडा के सिटिजन पिछले 3 साल से इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह इत्तफाक ही है कि 2 अगस्त 2006 को जब प्रॉजेक्ट की नींव रखी गई थी तब भी गुरुवार था और आज भी गुरुवार है। अंतर इतना है कि सेक्टर-32 के सिटी सेंटर में अमर सिंह की मौजूदगी में प्रॉजेक्ट की नींव रखी गई थी, उसी स्थान पर मायावती मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगी। मुख्यमंत्री मायावती शाम 3 बजे सड़क मार्ग से सिटी सेंटर स्टेशन पहुंचेंगी। वह यहां लगभग एक घंटा बीस मिनट ठहरेंगी। मायावती मेट्रो स्टेशन पर ही प्रेस से बात करेंगी। यूपी में 11 में से 9 सीटें जीतकर पहली बार राजधानी से लगे शहर में आने वाली सीएम से कई अहम घोषणाओं की उम्मीद लगाई जा रही है। मेट्रो प्रॉजेक्ट की कुल लागत 736 करोड़ के करीब है। इसमें से 93 करोड़ की भरपाई डीएमआरसी करेगी। 32 करोड़ लैंड कास्ट के रूप में हैं। बाकी 611 करोड़ की 85 फीसदी कॉस्ट नोएडा ऑथॉरिटी ने वहन की है। 15 फीसदी कॉस्ट केंद्र सरकार वहन करेगी। नोएडा- द्वारका रूट मेट्रो एक नजर में कुल दूरी- 47।4 किलोमीटर कुल स्टेशन- 42 नोएडा ट्रैक की दूरी- 8 किलोमीटर कुल लागत- 736 करोड़
बोलेगा तो: मेट्रो बनी है जनता के पैसे से तो उसका उद्घाटन मायावती या शीला दीक्षित क्यों करेंगी? अब इस उद्घाटन के तमाशे से जनता को बख्श दो। फालतू-फंड का खर्च होगा और वीआईपी मूवमेंट से जनता को बेमतलब की परेशानी होगी। अधिकारी, कर्मचारी सब आवभगत में जुटे रहेंगे और पब्लिक दर-दर भटकेगी। उद्घाटन करना है तो इस रूट का पहला मुसाफिर करे जो अपने पैसे से टिकट खरीद कर मेट्रो में सवार हो रहा हो।

Friday, November 6, 2009

शताब्दी एक्सप्रेस को शुक्रवार सुबह लुधियाना स्टेशन पर रोक दिया

पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों क

े लिए न्याय की मांग कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर-नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस को रोक दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार लगभग 600 प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर से आ रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस को शुक्रवार सुबह लुधियाना स्टेशन पर रोक दिया। प्रदर्शनकारी सिख दंगों के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग कर रहे थे। गौरतलब है कि 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की उनके दो सिख सुरक्षाकर्मियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद देश भर में सिख दंगे भड़क उठे थे।

Tuesday, November 3, 2009

गांधीधाम-बेंगलुरु एक्सप्रेस की 12 बोगियां पटरी उतर गईं।

डोंबिवली में मुसाफिरों से भरी गांधीधाम-बेंगलुरु एक्सप्रेस की 12 बोगियां पटरी उतर गईं। इस हादसे में 12 लोगों के घायल होने की खबर है। ट्रेन में सवार मुसाफिरों के मुताबिक मंगलवार की रात करीब साढ़े बारह बजे अचानक तेज आवाज हुई और ट्रेन के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना के तुरंत बाद सबसे पहले आसपास के लोगों ने यात्रियों की मदद की। लोगों का आरोप है कि घटना की खबर मिलने के बावजूद रेलवे ने हरकत में आने में देरी की और राहत कार्य भी देर से शुरू हुआ।

Sunday, November 1, 2009

दिसंबर में इस नए रेल टर्मिनल को चालू कर दिया जाएगा।

आनंद विहार रेल टमिर्नल के अब दिसंबर तक चालू होने की उम्मीद है। अब तक इस टर्मिनल का प्लैटफॉर्म नंबर तीन ही तैयार हुआ है। उत्तर रेलवे का कहना है कि नवंबर के अंत तक इस टर्मिनल के प्लैटफॉर्म नंबर एक और दो भी तैयार हो जाएंगे। इस तरह दिसंबर में इस पूरे टर्मिनल को चालू किया जा सकता है। उत्तर रेलवे के मुताबिक, पहले कोशिश की जा रही थी कि छठ स्पेशल ट्रेनें आनंद विहार से चालू की जाएं, लेकिन निर्माण कार्य में तीन-चार दिन की देरी हो गई। इसकी वजह से छठ स्पेशल आनंद विहार से नहीं चलाई जा सकीं। अब एकाध महीने में आनंद विहार के बाकी दो प्लैटफॉर्म भी तैयार हो जाएंगे। ऐसे में यह तय किया गया है कि पूरे रेल टर्मिनल को एक साथ ही चालू किया जाए। उम्मीद की जानी चाहिए कि दिसंबर में इस नए रेल टर्मिनल को चालू कर दिया जाएगा। रेलवे अधिकारियों ने ट्रेनों के नए टाइम टेबल में भी आनंद विहार टर्मिनल को जगह दी है। हालांकि टाइम टेबल में यह नहीं बताया गया कि आनंद विहार से कब ट्रेनें चलाई जाएंगी, लेकिन यह जरूर बताया गया है कि फरक्का और न्यू जलपाईगुड़ी के लिए ट्रेनें आनंद विहार से रवाना होंगी। इनमें से आनंद विहार-फरक्का एक्सप्रेस आनंद विहार से हर रविवार और गुरुवार को रवाना होगी। इसी तरह न्यू जलपाईगुड़ी के लिए भी आनंद विहार से एक्सप्रेस ट्रेन हर बुधवार और रविवार को रवाना होगी। रेलवे का कहना है कि यह तय है कि विंटर स्पेशल ट्रेनों में से भी कुछ आनंद विहार से चलाई जाएंगी। आनंद विहार रेलवे टमिर्नल से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और नॉर्थ ईस्ट जाने वाली कई ट्रेनों को चलाया जाएगा। 2003-04 के बजट में इस रेल टर्मिनल के निर्माण का ऐलान किया गया था। उम्मीद जताई गई थी कि इससे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का बोझ काफी हद तक कम होगा। इसका पहला फेज 2007 के मध्य में ही पूरा होना था। फेज वन में लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत से तीन प्लैटफॉर्म बन रहे हैं, जबकि कुल मिलाकर सात प्लैटफॉर्म बनाने की योजना है।

जयपुर-सवाई माधोपुर मार्ग पर ट्रेनों का संचालन अगले आदेश तक रोक दिया है।

उत्तर पश्चिम रेलवे ने जयपुर के सीतापुरा इलाके में आईओसी डिपो में लगी भीषण आग को देखते हुए जयपुर-सवाई माधोपुर मार्ग पर ट्रेनों का संचालन अगले आदेश तक रोक दिया है। जयपुर -सवाई माधोपुर रेल मार्ग आईओसी डिपो से कुछ फर्लान्ग की दूरी पर है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जनसम्पर्क अधिकारी यशवन्त कुमार शर्मा के अनुसार आईओसी डिपो में आग लगने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाली तीन गाड़ियां रद्द कर दी गई हैं और जयपुर-सवाई रूट की अन्य ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगले आदेश तक जयपुर-सवाई माधोपुर रेल मार्ग पर यातायात बंद रहेगा। शर्मा के अनुसार जयपुर-एर्नाकुलम, जोधपुर-इन्दौर, भोपाल-जोधपुर, बांद्रा-जयपुर, मुम्बई सेंट्रल-जयपुर, मुम्बई-जयपुर, जबलपुर-जयपुर ट्रेनों को परिवर्रित मार्ग फुलेरा, चितौड़गढ़-अजमेर के रास्ते भेजा जा रहा है और इसी रास्ते से वे वापस भी आ रही हैं। जयपुर-राजेंद्र नगर ट्रेन बांदीकुई से जयपुर होते हुए अजमेर भेजी जा रही है जबकि पुरी से जयपुर की गाड़ी भरतपुर बांदीकुई के रास्ते चलाई जा रही है। शर्मा के अनुसार जयपुर श्यामगढ,जयपुर-बयाना समेत तीन गाड़ियां रद्द कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि आग लगने के कुछ घंटे बाद जयपुर आने वाली स्पेशल ट्रेन को वनस्थली रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया। कुछ समय की प्रतीक्षा के बाद इस ट्रेन को वनस्थली पर ही समाप्त कर पुन बयाना के लिए रवाना किया गया।