Thursday, December 18, 2008

पाकिस्तान में आतंकवादी शिविरों को खत्म करने के लिए सरकार हिम्मत का परिचय देते हुए कड़े कदम उठाए।

योगगुरु बाबा रामदेव ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान में चल रहे आतंकवादी शिविरों को खत्म करने
के लिए कड़े कदम उठाने से सरकार डरती है। साथ ही योगगुरु ने कहा कि आज बल्लभ भाई पटेल, सुभाष चंद्र बोस या इंदिरा गांधी जैसे नेता होते, तो अब तक आतंकवादी शिविरों पर हमला हो चुका होता। उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की पुस्तक 'नन्दा राजजात' के विमोचन समारोह में हिस्सा लेने आए बाबा रामदेव ने पत्रकारों से कहा कि सरकार को चाहिए कि पाकिस्तान में आतंकवादी शिविरों को खत्म करने के लिए सरकार हिम्मत का परिचय देते हुए कड़े कदम उठाए। बाबा रामदेव से पत्रकारों ने जब यह पूछा कि सरकार कड़े कदम उठाने में क्यों हिचक रही है, उन्होंने कहा कि इसके लिए इच्छा शक्ति की जरूरत होती है, जिसका अभाव है। बाबा रामदेव ने कहा कि देश में सेना और अर्द्धसैनिक बलों की कुल संख्या करीब 18 लाख है, लेकिन स्थिति यह है कि आतंकवादियों से मुकाबला करने के लिए अमेरिका का मुंह ताका जाता है। बाबा ने तल्ख लहजे में कहा कि आम नागरिक को मारा जाता है, तो इसका कोई असर नहीं पड़ता और यदि सत्ता में बैठे 4 या 5 नेताओं को गोली लग जाती, तो हंगामा मच जाता है। उन्होंने कहा कि सैनिकों और आम नागरिकों की जान की भी कीमत होती है और आतंकवादी घटनाओं में करीब एक लाख लोग मारे जा चुके हैं। आतंकवादियों के खिलाफ तुरंत कड़े कदम उठाए जाने की जरूरत है।

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