ट्रेन में फर्जी नामों से ब्लॉक होने वाले टिकटों और इससे जुड़े सभी तरह के
खेल को पकडऩे के लिए इस बार सीबीआइ रेलवे के साथ मिलकर छापेमारी करेगी। ऐसा पहली
बार होगा जब रेलवे ने दुर्गा पूजा के समय होने वाली भीड़ के समय टिकटों की धांधली
पकडऩे के लिए सीबीआइ की मदद मांगी है।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नीरज शर्मा ने बताया कि दुर्गा पूजा
को देखते हुए रेलवे ने पांच से 20 अक्टूबर तक एक स्पेशल ब्लू प्रिंट
तैयार किया है। इसके तहत रेलवे स्थानीय पुलिस और सीबीआइ की मदद से अनधिकृत और
अधिकृत टिकट एजेंटों, यात्री टिकट सेवा केंद्र और जनसाधारण
टिकट बुकिंग सेवा केंद्रों पर छापेमारी की जाएगी। फर्जी नामों से टिकट ब्लॉक करने
वाले एजेंटों की जांच कर उन्हें जब्त किया जाएगा। रेलवे सीबीआइ के साथ मिलकर टिकट
कलेक्टर और टीटीई के इस्तेमाल वाले कोरी पेपर टिकट (बीपीटी), अतिरिक्त किराया लेकर यात्रियों को दोबारा बेची जाने वाली टिकटें, जाली और नकली टिकटों की कालाबाजारी पर भी निगरानी रखेगा। इमरजेंसी कोटा,
तत्काल कोटा और टीटीई की ट्रेनों वाली बर्थ की भी जांच होगी। अब नाम
बदलकर सीटों का हस्तांतरण करने के मामले की जांच के लिए मुख्य आरक्षण केंद्रों पर
नाम बदलने के मांगपत्र की पड़ताल की जाएगी।
ये भी होंगे जांच के घेरे में
-रेलकर्मियों
के नजदीकी रिश्तेदारों की ट्रैवल एजेंसियां का चिह्नीकरण
-लाइन
की जगह पीछे से तत्काल टिकट बनवाने वाले रेलकर्मी
-रेल
आरक्षण केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
-आरक्षण
चार्ट बनने के बाद किराया वापसी के मामले की जांच होगी
-सांसदों
के नाम के इस्तेमाल होने वाले फर्जी लेटरहैड की निगरानी
-अतिरिक्त
बोगियों की फीडिंग आरक्षण चार्ट बनने से पहले करानी होगी
-ट्रेन
के टीटीई पर खास नजर होगी जो यात्रियों को सीटें बेचते हैं

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