Saturday, May 30, 2015

मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव कम से कम 200 किलोमीटर के अंतराल पर किए जाने की योजना

रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव कम से कम 200 किलोमीटर के अंतराल पर किए जाने की योजना है। सिन्हा ने डेमू गाडियों के शेड का शिलान्यास करने के बाद कहा, 'यात्रियों की सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए मेल एवं एक्सप्रेस गाड़ियों का ठहराव कम से कम 200 किलोमीटर के अंतराल पर किए जाने की योजना है।' 
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल में रेलवे पर एक लाख करोड] रुपए खर्च किए हैं, जबकि पांच साल का निवेश लक्ष्य 8.50 लाख करोड़ रुपए रखा गया है। सिन्हा ने कहा कि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए आंतरिक प्रणाली में काफी बदलाव किए जा रहे हैं। रेल यातायात की फ्रिक्वेंसी बढ़ाकर ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं प्रदान करने का लक्ष्य है।

मोदी सरकार अपने दूसरे साल में रेल के सफर को सुविधाजनक बनाने की कोशिश में जुटी गई है। प्रीमियम ट्रेनों के जटिल व महंगे किराये ढांचे को दुरुस्त किया जाएगा और इनका नाम बदलकर 'सुविधा ट्रेन' रखा जाएगा  साथ ही यह भी तय किया गया है कि अब प्रीमियम ट्रेन का टिकट रद्द कराने पर 50 फीसदी तक किराया वापस मिलेगा। अभी प्रीमियम ट्रेनों का टिकट रद्द कराने पर कुछ भी वापस नहीं मिलता है।
यात्रियों को टिकट न मिलने की दिक्कतों को दूर करने के लिए 'विकल्प एक्सप्रेस' के नाम से लोकप्रिय गाड़ियों की ड्यूप्लिकेट ट्रेनें चलाई जाएंगी। अगस्त या सितंबर तक इन ट्रेनों के संचालन का टाइम टेबल भी जारी किया जाएगा। इसके अलावा अगर आपको ट्रेनों में वेटिंग टिकट मिला है तो उसी वक्त आपके गंतव्य तक जाने वाली किसी और ट्रेन या एक-दो दिन बाद की किसी ट्रेन में टिकट कन्वर्ट कराने का विकल्प भी यात्रियों को मिलने वाला है। रेलवे ने इस व्यवस्था का नाम अल्टरनेट ट्रेन अकोमोडेशन दिया है। अगर ट्रेन रद्द होती है, तो अब टिकट की सौ फीसदी राशि फौरन अकाउंट में चली जाएगी। अब तक 50 फीसदी राशि पहले वापस आती है और बाकी राशि बाद में अकाउंट में आती है।

Thursday, May 28, 2015

प्रीमियम ट्रेनों के किराए पर लगाम लगाकर पैसेंजरों को तोहफा देने की तैयारी

भारतीय रेलवे ने अब प्रीमियम ट्रेनों के किराए पर लगाम लगाकर पैसेंजरों को तोहफा देने की तैयारी शुरू कर दी है । इसके तहत अब प्रीमियम ट्रेनों के किराए में अनाप-शनाप की बढ़ोतरी नहीं होगी। यही नहीं, अब प्रीमियम ट्रेन का टिकट सिर्फ ऑनलाइन ही नहीं बल्कि रेलवे के टिकट काउंटर से भी मिल सकेगा। इसके अलावा अब यह भी तैयारी की जा रही है कि प्रीमियम ट्रेनों में टिकट की बुकिंग दस दिन के बजाय एक महीना पहले किया जाए। इस बात पर भी विचार हो रहा है कि प्रीमियम ट्रेन का टिकट रद्द कराने पर पैसेंजर को कुछ राशि वापस भी मिले। उम्मीद की जा रही है कि नए किराया सिस्टम के तहत प्रीमियम ट्रेनों को इसी साल जुलाई से शुरू किया जा सकता है।
इंडियन रेलवे के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक प्रीमियम ट्रेनों के किराए सिस्टम के पूरे मॉडल को ही बदला जा रहा है। इसके तहत अब मांग बढ़ने के साथ झटके में किराया नहीं बढ़ेगा बल्कि इसके लिए स्लैब सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसके तहत ट्रेन की किसी क्लास की निर्धारित सीटें बुक होने के बाद ही उस क्लास के किराए में एक तयशुदा बढ़ोतरी होगी। इस तरह से किराए बढ़ाने के लिए स्लैब होंगे और इस तरह से हर स्लैब के बाद किराए में कुछ प्रतिशत की वृद्धि होगी। हालांकि इन किरायों के लिए अभी कोई ऊपरी कैप लगाने का फैसला नहीं हुआ है। इसी तरह प्रीमियम ट्रेन के बेस किराए में भी कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है।
गौरतलब है कि यूपीए सरकार के अंतिम साल में प्रीमियम ट्रेनें शुरू की गई थीं और इसमें हवाई जहाज की तरह ही डायनमिक किराया सिस्टम लागू किया गया था। इसका नतीजा यह हुआ कि एक साथ दस से बीस टिकट बुक होते ही ट्रेन के किराए में जबरदस्त उछाल आ जाता था। यही नहीं, अक्सर प्रीमियम ट्रेनों का किराया दो सौ से तीन सौ प्रतिशत तक बढ़ जाता था। चूंकि प्रीमियम ट्रेनों का मॉडल ऐसा था कि डिमांड के साथ किराया बढ़ता था, ऐसे में कई बार ऐसा भी होता था कि डिमांड बढ़ने पर थर्ड एसी का किराया सेकेंड एसी के किराए से भी बढ़ जाता था।
इसी वजह से बीते एक साल में चली डेढ़ हजार से ज्यादा प्रीमियम ट्रेनों से रेलवे को व्यावसायिक तौर पर कोई बड़ा फायदा नहीं हुआ। इसकी वजह यह थी कि प्रीमियम ट्रेनों में से आधी से ज्यादा ट्रेनें ऐसी थीं, जिन्हें 50 फीसदी के आसपास ही पैसेंजर मिले। रेलवे के सीनियर अधिकारी का कहना है कि इसे देखते हुए ही रेलवे ने प्रीमियम ट्रेनों के किराया सिस्टम में आमूल बदलाव की तैयारी की है।
रेलवे विचार कर रहा है कि उन रूटों पर ही प्रीमियम ट्रेनें चलाई जाएं, जहां पिछले साल 90 से सौ फीसदी सीटें बुक हुई थीं। जोनल रेलवे को अधिकार देने का विचार है कि एक तरफ की प्रीमियम ट्रेन को वापसी में तत्काल या फिर सामान्य के रूप में चला सकते हैं।
किराए में स्लैब सिस्टम के साथ ही यह भी तय किया गया है कि अब सिर्फ वेबसाइट से ही प्रीमियम ट्रेन का टिकट बुक नहीं होगा, बल्कि यह रेलवे के टिकट काउंटर से भी खरीदा जा सकेगा। इससे जिन इलाकों में नेट कनेक्टिविटी की दिक्कत है या फिर जिन लोगों की इंटरनेट तक पहुंच नहीं है, वे भी प्रीमियम ट्रेन का टिकट खरीद सकेंगे।
प्रीमियम ट्रेन देखकर यह न सोचें कि इन ट्रेनों में कोई खास चीज है। इन ट्रेनों की खासियत यह है कि इनकी बुकिंग अब तक सिर्फ ऑनलाइन ही हो सकती है। यह जरूर है कि इन ट्रेनों में वेटिंग का टिकट नहीं मिलता। टिकट मिलेगा तो कन्फर्म। साथ ही इन ट्रेनों में किसी तरह की रियायत नहीं होती। इनके स्टॉप कम रखे जाते हैं इसलिए ये सफर में कुछ कम वक्त लेती हैं।

Wednesday, May 27, 2015

यात्री गाड़ियों को रद्द कर दिया गया

राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे गुर्जर आंदोलन के कारण 27 मई को अपने प्रारंभिक स्टेशनों से चलने वाली दो यात्री गाड़ियों को रद्द कर दिया गया। पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने एक विज्ञप्ति जारी कर मंगलवार को बताया कि राजस्थान के गुर्जरों द्वारा कोटा मंडल के डुमरिया स्टेशन पर प्रदर्शन किया जा रहा है।
इस कारण से रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गाड़ी संख्या 12912 हरिद्वार-बलसाड़ और गाड़ी संख्या 15668 कामाख्या-गांधीधाम को रद्द करने का निर्णय लिया है। ये यात्री गाड़ियां 27 मई को अपने प्रारंभिक स्टेशन से नहीं चलेंगी। इसके अलावा पश्चिम रेलवे की भी बहुत सी यात्री गाड़ियां रद्द कर दी गई है । 

Monday, May 25, 2015

25 मई, 2015 को मुंबई से जाने वाली 7 ट्रेनें रद

पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के डुमरिया तथा फतेहसिंहपुरा स्टेशनों के बीच 21 मई, 2015 की शाम से चल रहे गुर्जर आंदोलन के कारण कई ट्रेनें रद की गई हैं, जबकि कुछ का रूट बदला गया है। 25 मई, 2015 को मुंबई से जाने वाली 7 ट्रेनें रद रहेंगी, जबकि मुंबई से निकलने वाली 2 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं। परिवर्तित मार्ग पर चलने वाली ट्रेनों में 12951 मुंबई सेंट्रल-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और 12925 बांद्रा टर्मिनस-अमृतसर पश्चिम एक्सप्रेस शामिल हैं।

आज ये ट्रेनें रद रहेंगी-

-12953 अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस

-12903 गोल्डन टेम्पल एक्सप्रेस

-22209 मुंबई-दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस

-19023 मुंबई-फिरोजपुर जनता एक्सप्रेस

-19019 बांद्रा टर्मिनस-देहरादून एक्सप्रेस

-19037 बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर अवध एक्सप्रेस

-12471 बांद्रा टर्मिनस-जम्मूतवी स्वराज एक्सप्रेस

ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन (25 मई, 2015 को प्रस्थान करने वाली)-

-12951 मुंबई सेंट्रल-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस

(वाया नागदा-निशातपुरा-झांसी-बीना-मथुरा)

·-12925 बांद्रा टर्मिनस-अमृतसर पश्चिम एक्सप्रेस

(वाया नागदा-निशातपुरा-झांसी-बीना-मथुरा)

वेस्टर्न रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा हेतु मुंबई सेंट्रल तथा बांद्रा टर्मिनस स्टेशनों पर विशेष रिफंड काउंटर, हेल्पलाइन तथा सहायता बूथ की व्यवस्था की गई है।

पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया

यहां के गुर्जर छात्र नेताओं ने आरक्षण आंदोलन के समर्थन में जुर्रानपुर फाटक के पास मेरठ-खुर्जा पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया। मौके पर पहुंची पुलिस व आरपीएफ ने पहले छात्रों को समझाया। उनके नहीं मानने पर बलपूर्वक खदेड़ हटा दिया। शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे गुर्जर छात्र नेता जुर्रानपुर फाटक पर रेलवे ट्रैaक पर बैठ गए। उनका कहना था कि राजस्थान में हजारों लोग आरक्षण की मांग को लेकर दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर धरना दे रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है।
वे अपने समुदाय के लोगों के समर्थन में यहां बैठै हैं और मांग पूरी होने तक कोई भी ट्रेaन नहीं गुजरने देंगे। सूचना पर थाना परतापुर, ब्रह्मपुरी और खरखौंदा की पुलिस और आरपीएफ वहां पहुंच गई। इसी दौरान करीब साढ़े दस बजे मेरठ से खुर्जा जा रही पैसेंजर ट्रेaन वहां पहुंची और ट्रैक पर बैठे लोगों को देख कर खड़ी हो गई। पुलिस ने छात्र नेताओं से ट्रैaक खाली करने को कहा, लेकिन वे नहीं माने। इस पर पुलिस उन्हें बलपूर्वक हटाना शुरू कर दिया। छात्र नेताओं के विरोध करने पर पुलिस ने लाठियां फटकार कर उन्हें ट्रैaक से दूर खदेड़ दिया।

Friday, May 22, 2015

गुर्जरों ने अपना आंदोलन फिर शुरू कर दिया

आरक्षण के मुद्दे पर गुरुवार से गुर्जरों ने अपना आंदोलन फिर शुरू कर दिया। सरकारी नौकरियों में 5% आरक्षण की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने पीलूपुरा में रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया । रेलवे ने भरतपुर और सवाई माधोपुर के बीच ट्रेनों का संचालन रोक दिया है। आंदोलन को देखते हुए राजस्थान रोडवेज निगम ने भी बयाना-हडौन रूट पर बस सेवा रोक दी है। प्रदेश सरकार गुर्जरों से बात करके आंदोलन खत्म करवाने के लिए सक्रिय हो गई है।
गुर्जर आरक्षण आंदोलन समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की अगुवाई में समाज के सैकड़ों लोगों ने भरतपुर के समोगर में महापंचयात की और इसके बाद पीलूपुरा पहुंचकर दिल्ली-कोटा-मुंबई रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। इससे 5 ट्रेनों को कैंसल करना पड़ा और एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया।
इससे पहले दोपहर में गुर्जर महापंचायत को संबोधित करते हुए बैंसला ने सरकार को एक घंटे में गुर्जर आरक्षण पर मत स्पष्ट करने का अल्टीमेटम दिया। हालांकि, करीब साढ़े बजे उन्होंने यह ऐलान किया था और तय समय पूरा होने के पहले ही बैंसला की अगुवाई में गुर्जर पीलूपुरा कूच कर गए। पीलूपुरा में लोगों ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया और पटरियों की फिश प्लेटें निकाल दी। रेलवे को एहतियातन दिल्ली-मुंबई रूट बंद करना पड़ा।

Thursday, May 21, 2015

कार्रवाई वेस्टर्न रेलवे के इस्टेट ऑफिसर द्वारा

आपका बच्चा अस्पताल में भर्ती हो और आप उसकी देखभाल में लगे हों, अचानक पता चले कि आपके घर का ताला तोड़कर सामान बाहर फेंक दिया गया है। या फिर बारिश के मौसम में मकान रिपेयर कराने के नाम पर घर की छत तोड़कर खुली छोड़ दी जाए और फिर एक दिन अचानक बिना कोई सूचना दिए आपका सामान बाहर फेंक दिया जाए, तो आप कैसे रिएक्ट करेंगे? लाजमी है गुस्सा आएगा और बेहद आएगा, क्योंकि इस हरकत को बेघर करना कहते हैं। कुछ ऐसी ही कार्रवाई वेस्टर्न रेलवे के इस्टेट ऑफिसर द्वारा की जा रही है। इस अमानवीय कार्रवाई से परेशान महिला ने अपने हाथ की नब्ज काट ली, जबकि दूसरे व्यक्ति को रेलवे से न्याय नहीं मिलने के बाद सिविल कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
12 मई को वेस्टर्न रेलवे डेप्युटी सीएमई के पद पर कार्यरत अधिकारी यशवंत सिंह के घर से सामान बाहर फेंक दिया गया। जिस वक्त ये घटना हुई थी वे दफ्तर में थे और उनकी फैमिली किसी और विंग में। सिंह का कहना है कि बिना कोई नोटिस दिए उनके बंगले से ताला तोड़कर सामान बाहर रखा गया। इस प्रक्रिया में काफी सामान को क्षति भी पहुंची है, जबकि उनके जरूरी कागजात भी गायब हो गए हैं। बांद्रा के कार्टर रोड पर स्थित इस सी-व्यू बंगले में यशवंत सिंह 2009 से रहते हैं। 20 अप्रैल को रेलवे के ही कोर्ट ने बंगला खाली करने का एक ऑर्डर निकाला था, ये आदेश देने का अधिकार इस्टेट ऑफिसर को होता है और यही ऑफिसर एल.एन. राव सीनियर डीईएन भी हैं। यशवंत सिंह के अनुसार, राव खुद उस बंगले में शिफ्ट होना चाहते हैं, इसलिए इस तरह से कार्रवाई हुई है। इस बीच सिंह ने सिविल कोर्ट में रेलवे कोर्ट के फैसले के विरुद्ध अपील भी की थी। इसकी जानकारी सीनियर डीईएन को देने के कुछ दिन बाद ही यह कार्रवाई हो गई।
कुछ महीनों पहले पंजाबी राउत और उनकी पत्नी के साथ हो रहे दुर्व्यवहार की खबर प्रकाशित की थी। उस वक्त पंजाबी राउत की पत्नी गर्भवती थी जबकि पंजाबी का भावनगर ट्रांसफर कर दिया गया था। खबर प्रकाशित होने के बाद पंजाबी को फिर से चर्चगेट स्थित जनरल डिपार्टमेंट में ट्रांसफर मिला। पंजाबी बांद्रा रेलवे कॉलोनी के जिस घर में रहते हैं उसे खाली करने का नोटिस महीनों पहले मिल चुका है, लेकिन रेलवे की तरफ कोई अन्य व्यवस्था नहीं की गई। पहले भी पंजाबी के घर से सामान फेंका गया था और अब बुधवार को एक बार फिर उनके घर से सामान बाहर फेंका गया है। जिस वक्त ये कार्रवाई हो रही थी उस वक्त पंजाबी और उनकी पत्नी अस्पताल में भर्ती अपने बच्चे की देखभाल कर रहे थे। इस कार्रवाई का पता चलने के बाद सोनाली ने अधिकारियों से गुहार लगाई। इस मामले में रेल मंत्रालय की दखल का भी हवाला दिया, लेकिन फिलहाल उनका घर सील कर दिया गया है। निराश सोनाली राउत ने अपने हाथ की नस काट ली, खबर लिखे जाने तक भाभा अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। जबकि बच्चे की देखभाल अब सोनाली की मां कर रही हैं। पंजाबी के घर पर हुई कार्रवाई भी इस्टेट ऑफिसर के आदेश के बाद हुई है। बांद्रा रेलवे कॉलोनी में रहने वाले एक रहवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हाल ही के दिनों में इस कॉलोनी के 34 मकान खाली कराए गए थे। ये सभी मकान गैर रेलवे कर्मचारियों को किराए पर दिए गए हैं।

'मेरे साथ बहुत ज्यादा अन्याय एवं दुर्व्यवहार किया गया है जो कि नैसर्गिक न्याय के पूर्णत: विरुद्ध है। मेरा लाखों का नुकसान हुआ है। अब मुझे इन लोगों से न्याय की उम्मीद नहीं है, इसलिए  कोर्ट की शरण ली है।'

Wednesday, May 20, 2015

रेलवे केटरिंग घोटाले में सुनीता अग्रवाल और उसके पति अरुण अग्रवाल की जमानत की अर्जी नामंजूर

किला कोर्ट के 47वें मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने करोड़ों रुपये के रेलवे केटरिंग घोटाले की मुख्य आरोपी सुनीता अग्रवाल और उसके पति अरुण अग्रवाल की जमानत की अर्जी नामंजूर कर दी है। जस्टिस देशमुख ने इसका कारण बताया है कि जेल से बाहर आने पर यह दंपती इस घोटाले के सबूतों, गवाहों और दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। सुनीता 25 मई तक भायखला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं, वहीं अरुण अग्रवाल 28 मई तक पुलिस हिरासत में हैं।

कपड़ा व्यापरी पंकज बंसल ने मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को अपने 14 करोड़ रुपये अग्रवाल दंपती द्वारा डुबो देने की शिकायत की थी। इसके बाद ही उन्हें गिरफ्तार किया गया। इस शिकायत के बाद इओडब्ल्यू में दो और इन्वेस्टरों ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उन्होंने भी अग्रवाल दंपती को अच्छे रिटर्न के लिए पैसा दिया था, जो उन्होंने नहीं लौटाया।

Tuesday, May 19, 2015

उधार से ली गई रकम को सिर्फ उन प्रोजेक्ट्स में ही लगाना चाहता है, जिसमें इसकी कमाई हो

आर्थिक संकट से गुजर रहा रेलवे डिपार्टमेंट अब उधार से ली गई रकम को सिर्फ उन प्रोजेक्ट्स में ही लगाना चाहता है, जिसमें इसकी कमाई हो। इससे यह माना जा रहा है कि अब राजनीतिक फायदे से बनाई जाने वाली रेल परियोजनाओं को तरजीह नहीं दी जाएगी।
रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने लगभग इसी तरह का संदेश सोमवार को हुई वित्तीय मामलों से जुड़ी नवगठित सलाहकार समिति की पहली बैठक में दिया। उन्होंने बैठक में मौजूद प्रफेशनल्स से अनुरोध किया कि वे रेलवे प्रोजेक्ट्स के रेट ऑफ रिटर्न्स का आकलन प्रफेशनल तरीके से करके रेलवे को बताएं। इस बैठक में आईसीआईसीआई के चेयरमैन के. वी. कामथ, एसबीआई की चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य, आईडीएफसी के राजीव लाल और मीडिया कंपनी के फाउंडर राघव बहल भी मौजूद थे। गौरतलब है कि रेल बजट पर चर्चा के दौरान रेलमंत्री ने फाइनैंशल मामलों के लिए एडवाइजरी बोर्ड गठित करने का ऐलान किया था। इसी बोर्ड की बैठक में रेलमंत्री ने प्रफेशनल्स से कहा कि वे रेलवे को इस मामले में मदद करें। दरअसल, रेलवे बजट में अगले पांच साल में रेलवे में 8.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत बताई गई थी। इनमें से डेढ़ लाख करोड़ रुपये एलआईसी ने रेलवे को देने का वादा किया है।

रेलमंत्री का मानना है कि कर्ज से ली गई राशि का फूंक-फूंक कर इस्तेमाल होना चाहिए और यह रकम उन प्रोजेक्ट्स में ही लगाई जाए, जहां से रेलवे को कमाई भी हो ताकि बाद में कर्ज को चुकता किया जा सके। रेलवे की चिंता यह भी है कि अगर कर्ज चुकता नहीं हो सका, तो उससे रेलवे और बड़े संकट में फंस जाएगी। इसी वजह से रेलवे का मानना है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाया जाए, जहां से वाकई उसे आमदनी हो। रेलवे अब नहीं चाहता कि राजनीतिक मकसद से या वोटों की राजनीति से प्रेरित होकर किसी प्रोजेक्ट में पैसा लगा दिया जाए और बाद में आमदनी न होने से कर्ज चुकाना मुश्किल हो जाए।

Saturday, May 16, 2015

सांसद तरुण विजय को उत्तराखण्ड रेलवे का ब्रैंड ऐंबैसडर घोषित किया

बीजेपी सांसद तरुण विजय ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु को उत्तराखण्ड के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधाओं के लिये एक करोड़ रुपये दिए। इनमें यात्रियों के लिये प्लेटफार्मों पर टॉप क्लास स्टील बेंचे, यात्री विश्राम गृह शामिल हैं जो देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, कोटद्वार और काठगोदाम जैसे स्टेशनों के लिये है।
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर सांसद तरुण विजय को उत्तराखण्ड रेलवे का ब्रैंड ऐंबैसडर घोषित किया और कहा कि सांसद तरुण विजय ने बाकी सबके लिये एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। सांसद तरुण विजय ने आने वालै अर्ध कुम्भ की दृष्टि से विशेष योजनायें दी हैं और इतनी बड़ी राशि देने वाले वे पहले सांसद हैं।

Friday, May 15, 2015

सहारनपुर के मिनहारन रेलवे स्टेशन की पटरियों में बुधवार को दरार पडी

उत्तर प्रदेश में भूकम्प के झटकों से जहां आम जनमानस भयभीत है, वही यहां रेल महकमे को भी काफी नुकसान हुआ है। भूकम्प के झटकों से रेलवे लाइन की मजबूत पटरी भी दरक गई है।
सहारनपुर जिले में रेल पटरी में दरार आ जाने के कारण कई टे्रनें प्रभावित हुई हैं। रेल लाइन की मरम्मत के कारण कुछ टे्रनें रोक दी गई हैं। सहारनपुर के मिनहारन रेलवे स्टेशन की पटरियों में बुधवार को दरार देखी गई। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के लिहाज से फिलहाल सहारनपुर-दिल्ली रूट को बंद कर दिया गया है।

इससे दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनों को पहले स्टेशन पर ही रोका गया है। संबंधित अधिकारियों की देखरेख में ट्रैक की मरम्मत का काम हो रहा है। रेलवे सूत्रों के अनुसार हरिद्वार-नई दिल्ली एक्सप्रेस सुबह 10:17 बजे सहारनपुर के मिनहारन स्टेशन के लाइन नंबर एक पर पहुंची। इस दौरान ड्राइवर ने पटरियों में कुछ कंपन महसूस किया। उसने इसकी जानकारी तुरंत संबंधित स्टेशन मास्टर को दी।
स्टेशन मास्टर ने अपने अधिकारियों को ये बात बताई। फिलहाल मौके पर पहुंचे अधिकारी ट्रैक की मरम्मत का काम करा रहे हैं। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि शीघ्र ही रेलवे संचालन दुरूस्त कर दिया जाएगा। साथ ही रेलवे की पटरियों की निगरानी की जा रही है।

सरकारी तिजोरी खाली कर रही है मोनो रेल

मोनो रेल का सफेद हाथी रोजाना सरकारी तिजोरी खाली कर रहा है। इसे चलाने वाले ऑपरेटरों, बिजली और रख-रखाव का खर्च अलग है पर इसकी सुरक्षा के नाम पर ही हर महीने लगभग 76 लाख रुपये महाराष्ट्र स्टेट सिक्युरिटी कॉर्पोरेशन को अदा किए जा रहे हैं। यह रकम ही महीने भर की कुल कमाई की रकम से दोगुना है। टिकटों से जितनी कमाई नहीं होती, उससे डबल पैसे उसकी सुरक्षा में लग रहे हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को उपलब्ध ताजा जानकारी में यह चौंका देने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। फरवरी 2014 में शुरू की गई मोनो रेल सेवा ने मार्च 2015 में 32 लाख 24 हजार 342 रुपये की कमाई की। इससे पहले, जनवरी में 33,88,136 रुपये और फरवरी में 32,16,526 रुपये की कमाई दर्ज की थी। एकाध महीना छोड़ दिया जाए तो फरवरी 2014 से महीने की कमाई का यही औसत रहा है। गाड़ियां चलाने वालों का वेतन, बिजली का खर्च, रखरखाव, साफ-सफाई आदि का खर्च अलग है। केवल सुरक्षा पर होने वाला खर्च आंख खोल देता है।
बीते अप्रैल महीने में महाराष्ट्र स्टेट सिक्युरिटी कॉर्पोरेशन को 75,96,077 रुपये अदा किए गए। मोनो रेल के जनसूचना अधिकारी डेप्युटी इंजिनियर वैश्य ने बताया हर महीने इस सरकारी कॉर्पोरेशन को सु्रक्षा के नाम पर लगभग 71 लाख 14 हजार रुपये अदा किए जाते हैं। टैक्स की रकम इसमें शामिल नहीं है। सात स्टेशनों और एक डिपो की सुरक्षा का जिम्मा इस कॉर्पोरेशन को दिया गया है।

वह भी स्थिति तब है, जबकि मोनोरेल अभी पूरी तरह कार्यरत नहीं हुई है। लगभग 20 प्रतिशत काम अभी बकाया है। अब तक हुए निर्माण के लिए 'लार्सन ऐंड टूब्रो' और 'स्कोमी इंजिनियरिंग बीएचडी', मलेशिया ग्रुप (LTSE) को 2290 करोड़ रुपये सरकारी तिजोरी से अदा कर दी गई है। दिसंबर तक सात रास्ता तक की पूरी लाइन कार्यरत होने का अनुमान है।
इसकी लागत कुल 2716 करोड़ रुपये आने का अनुमान है। वैसे, मोनो रेल की एक फेरी पर 3131 रुपए ऑपरेटिंग खर्च आ रहा है। दिन भर में लगभग 131 फेरी मोनो रेल लगाती है। मोनो में महीने भर में लगभग साढ़े चार लाख यात्राएं दर्ज हो रही हैं।

Thursday, May 14, 2015

सभी अधिकारी सेकंड क्लास में देश भर की यात्रा कर रेलवे की जमीनी हकीकत जानेंगे

रेल मंत्री सुरेश प्रभु अपने अधिकारियों को फील्ड में भेजकर नरेंद्र मोदी सरकार की पहली वर्षगांठ पर रेलवे का निरीक्षण करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने एयर कंडीशंड कमरों से निकलें और आम जनता से कमजोर होते रिश्तों को सुधारें। साथ ही रेलवे की ज़मीनी हकीकत जानने की कोशिश करें।
मंत्रालय एक कार्यक्रम तैयार कर रहा है जिसके अन्तर्गत सभी अधिकारी साधारण यात्रियों की तरह सेकंड क्लास में देश भर की यात्रा कर रेलवे की जमीनी हकीकत जानेंगे। "अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी उन सभी सुविधाओं को अलग रखें जिनका उपयोग वे आम तौर पर सफर के दौरान करते हैं और आम यात्रियों के सामने आने वाली कठिनाइयों को स्वयं अनुभव करेें।" एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा।
रेल मंत्री प्रभु की यह योजना अधिकारियों तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने रेलवे बोर्ड के मेम्बर्स को भी कहा है कि वेे विभिन्न ज़ोन्स का साप्ताहिक दौरा करें और देखें कि रेलवे अधिकारी फील्ड में क्या काम कर रहे हैं।
"
असल में अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को कामकाज में आमतौर पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। रेल ड्राइवर्स के लिये बने रनिंग रूम्स बहुत ही बुरी हालत में हैं। साथ ही स्टाफ, ट्रैकमैन, ट्रॉलीमैन, गेटमैन और चौकीदार आदि बहुत बुरे वातावरण में काम करते हैं जबकि सुरक्षित संचालन के लिए ये सभी काफी हद तक ज़िम्मेदार होते हैं इसीलिये अध्यक्ष सहित पूरा रेलवे बोर्ड निरीक्षण के लिए एक साथ फील्ड का दौरा करेगा।" एक अधिकारी ने बताया।

Wednesday, May 13, 2015

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) की तर्ज पर अलग कंपनी

रेलवे हाई स्पीड ट्रेन प्रॉजेक्ट के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) की तर्ज पर अलग कंपनी बनाने के बारे में सोच रही है इस प्रॉजेक्ट के तहत देश के कुछ बड़े शहरों को जोड़ा जाएगा। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेवरेट स्कीम है। रेलवे मिनिस्टर सुरेश प्रभु ने सीनियर बोर्ड मेंबर्स के साथ प्रॉजेक्ट के स्टेटस पर मीटिंग की। इसके तहत चेन्नै, दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और कोलकाता को हाई स्पीड ट्रेन से जोड़ने की योजना है। हाई स्पीड ट्रेन प्रॉजेक्ट की लागत 70,000 करोड़ रुपये रह सकती है।
मीटिंग में हुई चर्चा की जानकारी रखने वालों के मुताबिक, प्रभु मानते हैं कि रेलवे के पास इतने जटिल टेक्निकल प्रॉजेक्ट पर काम करने की विशेषज्ञता नहीं है। इसलिए इसके लिए अलग कंपनी बनाना ठीक रहेगा। मोदी ने हाई स्पीड ट्रेन प्रॉजेक्ट को 'डायमंड क्वॉड्रिलैटरल' नाम दिया है। संसदीय कानून के जरिये डीएमआरसी जैसी कंपनी बनाने पर रेल मिनिस्ट्री में चर्चा हुई है। इस पर मीटिंग में भी विचार हुआ। हालांकि, पहले हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन (एचएसआरसी) बनाया गया था। यह रेलवे पीएसयू रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) की सब्सिडियरी है।

Monday, May 11, 2015

'तत्काल स्पेशल' ट्रेन सर्विस

पीक के दौरान कमाई करने के इरादे से भारतीय रेलवे शीघ्र ही 'तत्काल स्पेशल' ट्रेन सर्विस चलाएगा। इस का किराया आम ट्रेनों के किराये से ज्यादा होगा। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'कुछ बिजी रूट्स के लिए रेलवे स्पेशल ट्रेनें चलाएगा जिसका किराया तत्काल के बराबर होगा।' रेलवे ने भीड़भाड़ से निपटने के लिए यह कदम उठाया है।
पैसेंजर को तत्काल सेवा के लिए जेब ढीली करनी पड़ेगी क्योंकि इसका किराया आम किरायों से 175 रुपये से 400 रुपये तक ज्यादा है। तत्काल टिकट के दाम सेकंड क्लास के लिए बेसिक किराये का 10 फीसदी और एसी कैटिगरी समेत अन्य सभी क्लासों के लिए बेसिक किराये का 30 फीसदी है। तत्काल स्पेशल ट्रेनों के टिकट ऑनलाइन और काउंटर, दोनों जगह उपलब्ध होंगे।

रेलवे ने तत्काल स्पेशल ट्रेनों के लिए अडवांस रिजर्वेशन पीरियड में भी छूट दी है। तत्काल को लेकर जो मौजूदा व्यवस्था है उसमें यात्रा समय से 24 घंटे से अधिक समय पहले तत्काल टिकट बुक नहीं किया जा सकता है। लेकिन तत्काल स्पेशल ट्रेन के लिए अडवांस रिजर्वेशन कम से कम 10 दिनों पहले और ज्यादा से ज्यादा 60 दिनों पहले कराया जा सकता है।
अधिकारी ने बताया कि तत्काल स्पेशल टिकटिंग सिस्टम के लिए सॉफ्टवेयर सीआरआईएस द्वारा डिवेलप किया जा रहा है। इसको तैयार होने के बाद चयनित मार्गों पर तत्काल स्पेशल ट्रेनों को लॉन्च किया जाएगा। 

Friday, May 8, 2015

150 ईयर्स ऑफ रेलवे इन दिल्ली

नॉर्दर्न रेलवे की दिल्ली डिविजन इन दिनों '150 ईयर्स ऑफ रेलवे इन दिल्ली' उत्सव मना रही है। इस अवसर पर गुरुवार को स्टेट एंट्री रोड पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर दिल्ली डिविजन के डीआरएम अरुण अरोड़ा ने रेलवे के 225 कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए अवॉर्ड दिए। इनमें से 15 एम्प्लॉईज को दिल्ली डिविजन स्टार से नवाजा गया। रेलवे में काम कर चुके 90 साल या इससे अधिक की उम्र वाले 17 रिटायर्ड कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एक डाक टिकट भी जारी किया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में सबसे पहली ट्रेन 1 अगस्त 1964 को आई थी।

Wednesday, May 6, 2015

सुपरस्टार सलमान खान को 5 साल जेल की सजा

साल 2002 के हिट ऐंड रन केस में दोषी करार दिए गए बॉलिवुड सुपरस्टार सलमान खान को मुंबई की सेशंस कोर्ट ने 5 साल जेल की सजा सुनाई है। गैर इरादतन हत्या मामले में सलमान के खिलाफ लगे सभी आरोप कोर्ट ने सही पाए।
उतार चढ़ावों से भरे 12 साल पुराने इस मामले में न्यायाधीश डी डब्ल्यू देशपांडे ने 49 साल के ऐक्टर के खिलाफ फैसला सुनाया। इस मौके पर सलमान और उनका परिवार अदालत में मौजूद थे। अदालत ने कहा कि सलमान शराब पीकर गाड़ी चला रहे थे और उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था।
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अदालत ने इस मामले का फैसला सुनाते हुए दिल्ली के बीएमडब्ल्यू निखिल नंदा और अलीस्टेयर परेरा मामले का अनुसरण करते हुए सलमान को दोषी ठहराया। अदालत ने सलमान से पूछा कि फैसले पर उन्हें क्या कहना है तो सलमान ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि हादसे के वक्त वह कार नहीं चला रहे थे।
वहीं, इस बीच मीडियाकर्मियों की भारी भीड़ के साथ पुलिसकर्मियों की झड़प भी हो गई। पुलिस ने इसके बाद मीडियाकर्मियों को बाहर कर कोर्ट रूम के दरवाजे को बंद कर दिया।
अदालत जिस समय अपना फैसला सुना रही थी, सलमान की आंखों में आंसू थे और वह चुपचाप खड़े थे। फैसले के बाद उनके वकील ने मामले की सजा की मात्रा पर जिरह शुरू की। इस महत्वपूर्ण मामले में आज फैसले को देखते हुए अदालत परिसर में और इसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई, जहां सलमान के भाई अरबाज, सोहेल, बहन अर्पिता खान सहित उनका परिवार आज सुबह ही पहुंच गया था।
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सितंबर 2002 की रात को सलमान की टोयोटा लैंड कू्जर बांद्रा के उपनगरीय इलाके में पटरी पर सोए लोगों को कुचलती हुई एक बेकरी में घुस गई थी, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हुए थे। बांद्रा के मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट (जिन्होंने सलमान के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने के हल्के आरोप में सुनवाई की थी, जिसमें अधिकतम दो साल की सजा का प्रावधान है) ने 2012 में गैर इरादतन हत्या के अधिक गंभीर आरोप के साथ मामला सेशन कोर्ट को भेज दिया था।
जहां अभियोजन इस बात पर अडिग था कि हादसे के वक्त शराब पीकर सलमान ही लैंड क्रूजर चला रहे थे, वहीं सलमान का दावा था कि उस समय उनका ड्राइवर अशोक सिंह ड्राइविंग सीट पर था। सिंह ने भी बचाव पक्ष की इसी बात समर्थन किया। बचाव पक्ष ने यह दलील भी दी कि पुलिस ने स्टीयरिंग व्हील से उंगलियों के निशान नहीं उठाए थे, जिससे यह मालूम चले कि वाहन कौन चला रहा था।
अभियोजक प्रदीप घरात का आरोप था कि सलमान एक बार में 'बकार्डी रम' पीने के बाद गाड़ी चला रहे थे। हालांकि सलमान ने इस आरोप से इंकार करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ एक गिलास पानी पीया था। हादसे में नुरुल्लाह महबूब शरीफ की मौत हो गई थी, जबकि कलीम मोहम्मद पठान, मुन्ना मलाई खान, अब्दुल्लाह रौफ शेख और मुस्लिम शेख घायल हुए थे।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दाउंदकर ने एक अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया था कि पुलिस ने गलत डॉक्टरों से पूछताछ कर झूठे साक्ष्य पेश किए, जिससे मामले में तीन साल की देरी हुई। उन्होंने याचिका में पुलिस द्वारा मुख्य प्रत्यक्षदर्शी कमाल खान से पूछताछ नहीं किए जाने के संबंध में भी सवाल उठाए थे। सलमान खान को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग 2 (गैर इरादतन हत्या), 279 (लापरवाही से वाहन चलाना), 337 और 338 (गंभीर चोट पहुंचाना अथवा जीवन को खतरे में डालना) और 427 (संपति को नुकसान), के तहत आरोपित किया गया था। मोटर वाहन कानून के तहत खान के खिलाफ 34 (ए), (बी) पढ़ें 181 के साथ (नियमों के विरुद्ध वाहन चलाने) और 185 (शराब पीने के बाद तेज रफ्तार से वाहन चलाने) आरोप लगाए गए हैं। उनको बम्बई मद्यनिषेध कानून के तहत भी आरोपित किया गया, जो शराब के नशे में गाड़ी चलाने से जुड़ा है।
इससे पहले, सुबह नीली जींस और सफेद कमीज पहने सलमान एक सफेद कार से बांद्रा स्थित अपने आवास से दक्षिण मुंबई स्थित सेशंस कोर्ट पहुंचे। उनके साथ उनके बॉडीगार्ड थे। वहां बाहर लोगों का जमावड़ा था और एक तमिल समूह प्रदर्शन करते हुए ऐक्टर के लिए अधिकतम सजा की मांग कर रहा था जिन्होंने श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान महिन्दा राजपक्षे का समर्थन किया था।

Tuesday, May 5, 2015

लोकल सेवा पर इस साल बरसात के मौसम में कोई बुरा असर नहीं

मध्य रेलवे की लोकल सेवा पर इस साल बरसात के मौसम में कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा। बीएमसी के ड्रेनेज विभाग के मुख्य संचालक लक्ष्मण व्हटकर ने बताया कि बीएमसी ने इस साल बरसात के मद्देनजर कुर्ला कारशेड के पास ट्रैक के नीचे से गुजरने वाले ब्राह्मण वाडा नाले से बरसात के पानी की निकासी के लिए 1800 मिमी की मोटी पाइपलाइन और तीन मोटर पंप लगाए गए हैं। साथ ही रेलवे ट्रैक के आस पास मौजूद 40 झोपड़ों का हटा दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि बरसात में कुर्ला रेलवे स्टेशन पर जलजमाव नहीं होगा। साथ ही मध्य रेलवे की सेवा पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

गौरतलब है कि हर साल बरसात के मौसम में कुर्ला कारशेड, शिवडी, सेंडहर्स्ट रोड, मस्जिद बंदर के रेलवे ट्रैक पर जलजमाव होने के कारण लोकल सेवा प्रभावित होती थी। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए बीएमसी ने कुर्ला कारशेड स्थित नाले में 1800 मिमी की मोटी पाइपलाइन लगा दी है। इसके तहत इस साल बरसात के मौसम में मध्य रेलवे की सेवा बाधित नहीं होने की संभावना जताई जा सकती है।

रेलवे अगले साल के आखिर तक 400 स्टेशनों को वाई-फाई नेटवर्क से लैस करेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के मकसद से रेलवे अगले साल के आखिर तक 400 स्टेशनों को वाई-फाई नेटवर्क से लैस करेगा। इसके अलावा रेलवे ने यह भी तय किया है कि इसके बाद बी कैटिगरी के 302 स्टेशनों पर भी वाई-फाई नेटवर्क उपलब्ध कराएगा। रेलवे के सूत्रों के मुताबिक, इस वक्त रेलवे के महज नौ रेलवे स्टेशन ही ऐसे हैं, जहां वाई-फाई की सुविधा है। इन स्टेशनों पर पैसेंजर आधे घंटे तक फ्री वाई-फाई का फायदा उठा सकता है, लेकिन उसके बाद अगर वह वाई-फाई इस्तेमाल करना चाहता है तो उसे इसके लिए अलग से राशि चुकानी होती है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि हालांकि अभी ऐसे स्टेशनों में नई दिल्ली, आगरा, वाराणसी, चेन्नै और सीएसटी मुंबई स्टेशन ही हैं लेकिन रेलवे अब इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ना चाहता है। सूत्रों का कहना है कि इसी वजह से रेलवे ने तय किया है कि ए1 श्रेणी के 75 स्टेशनों पर वह जल्द से जल्द ब्रॉडबैंड वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराना चाहता है। इसके अलावा ए श्रेणी के 332 रेलवे स्टेशन हैं। रेलवे के अफसरों का कहना है कि ए1 और ए श्रेणी के कुल 409 स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा के लिए दिसंबर 2016 का लक्ष्य तय किया गया है। इसके बाद इसे बी श्रेणी के 302 और स्टेशनों तक बढ़ाया जाएगा।

Monday, May 4, 2015

रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही पीने के पानी के लिए वॉटर एटीएम

दिल्ली के सभी रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही पीने के पानी के लिए वॉटर एटीएम लगाए जाएंगे। इनसे यात्रियों को सस्ता और ठंडा पानी मुहैया कराया जाएगा। यह सुविधा नॉर्दर्न रेलवे आईआरसीटीसी के माध्यम से देगा।
उम्मीद है कि इस साल अक्टूबर तक दिल्ली के सभी रेलवे स्टेशनों के सभी प्लेटफॉर्मों पर यह फेसलिटीज शुरू हो जाएगी। फिलहाल कई रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी की पर्याप्त सुविधा मौजूद नहीं है। नॉर्दर्न रेलवे इस साल के अंत तक लगभग 300-400 वॉटर एटीएम लगाएगा, जिसमें हर प्लेटफॉर्म पर दो वॉटर एटीएम की सुविधा मौजूद रहेगी। हालांकि पानी के रेट अभी तय नहीं है। उम्मीद है कि एक रुपये में 250एमएल (एक गिलास) और 3 रुपये में 1 लीटर(एक बोतल) पानी मिल सकता है।

नॉर्दर्न रेलवे के मुताबिक, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन करीब एक करोड़ लीटर पानी की खपत है। यहां के सभी 16 प्लेटफॉर्मों पर वॉटर एटीएम लगाए जाएंगे। कुछ प्लेटफॉर्मों पर वॉटर एटीएम के अलावा वेंडिंग मशीनें भी लगाई जाएंगी। जिन्हें यह वॉटर एटीएम चलाने में समस्या होगी, वह इन वेंडिंग मशीन का लाभ उठा सकेंगे। नई दिल्ली स्टेशन से हर रोज पांच लाख पैसेंजर्स और 300 ट्रेन अप-डाउन करती हैं। इसी तरह पुरानी दिल्ली और निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर हर रोज 60-60 लाख लीटर पानी की खपत है। पीने के साफ पानी की यहां भी कमी है। ऐसे में यह सुविधा इन स्टेशनों पर भी दी जाएगी। सराय रोहिल्ला और दिल्ली का मॉडल रेलवे स्टेशन बनने जा रहे आनंद विहार में भी यात्रियों को यह सुविधा दी जाएगी। इन दोनों स्टेशनों पर डेली 40-40 लाख लीटर पानी की खपत है। फिलहाल दिल्ली के सभी रेलवे स्टेशनों पर दिल्ली जल बोर्ड और रेलवे वॉटर रीन्यूवेल से पीने के पानी की मांग पूरी करता है। जल बोर्ड से जितना पानी पहले मिलता था। अब उसमें काफी कमी की गई है। उसके स्थान पर रेलवे रीन्यूवेल से उस पानी की कमी को पूरा कर रहा है। कई स्टेशनों पर यात्रियों की यह शिकायत भी रहती है कि कई बार गंदा पानी आ जाता है। ऐसे में सूत्रों का कहना है कि रेलवे अपने स्तर पर पीने का साफ पानी मुहैया कराने की कोशिश तो कर रहा है, लेकिन आरओ वॉटर उससे कहीं अधिक अच्छा और साफ होगा। इस मामले में दिल्ली डिवीजन के डीआरएम अरूण अरोड़ा का कहना है कि पीने के पानी के अलावा हम लोग साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं। इसमें रेलवे ट्रैक और प्लेटफॉर्मों पर गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। रेलवे ट्रैक के आसपास बसी झुग्गियों को भी जल्द ही हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।