Thursday, July 31, 2014

बस और ट्रेन की टक्कर में 25 बच्चों समेत 26 लोगों की मौत

तेलंगाना में स्कूल बस और ट्रेन की टक्कर में 25 बच्चों समेत 26 लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना मेडक जिले में मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग से स्कूल बस पार करने के दौरान हुई। टक्कर इतनी तेजे थी कि ट्रेन बस को घसीटती हुई एक किलोमीटर तक ले गई।
स्कूल बस में सवार सभी बच्चे तूपरान के ककातिया स्कूल में पढ़ते थे। चश्मदीद के मुताबिक हादसे के वक्त बस में करीब 40 बच्चे सवार थे। सुबह 9 बजकर 20 मिनट पर बच्चों को लेकर जा रही स्कूल बस जैसे ही क्रॉसिंग पर पहुंची नांदेड़-हैदराबाद पैसेंजर ट्रेन से टकरा गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, बिना गार्ड वाली इस क्रॉसिंग पर रेड सिग्नल के बावजूद बस ड्राइवर ने पार करने की कोशिश की और बस ट्रेन की चपेट में आ गई। कई बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं, उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। बस के भीतर और आसपास कई बच्चों के शव और कटे अंग पड़े हैं। मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं।

सबसे लंबे खंभे पर टिके रेल पुल का निर्माण

उत्तर पूर्व सीमांत रेल निर्माण संगठन ने दुनिया के सबसे लंबे खंभे पर टिके रेल पुल का निर्माण मणिपुर में शुरू कर दिया है। उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि नोनी के पास 141 मीटर की ऊंचाई पर प्रस्तावित पुल खंभे की ऊंचाई के मामले में दुनिया का सबसे लंबा पुल होगा। इस सिलसिले में यह यूरोप में बेलग्रेड बार रेलवे लाइन पर माला रीजेका पुल को पछाड़ देगा जो मौजूदा लंबा पुल है।
मणिपुर में बन रहा यह पुल 111 किलोमीटर लंबे जिरीबाम, तुपुल, इंफाल रेलवे लाइन का हिस्सा होगा जो इंफाल को देश के शेष हिस्से से बड़ी लाइन से जोड़ेगी। उन्होंने बताया कि यह रेल लाइन पटकाई क्षेत्र की घुमावदार पहाडि़यों से गुजरेगी। 

Monday, July 28, 2014

महिला टीसी निलंबित

वेस्टर्न रेलवे पर 65 वर्षीय महिला के साथ टीसी द्वारा कथित तौर पर की गई बदसुलूकी वाले मामले में आरोप में शामिल दोनों महिला टीसी को निलंबित किया गया है। यह घटना 25 जुलाई की थी, जब एक 65 वर्षीय महिला गलती से प्रथम दर्जे की बोगी में चढ़ गई थी, जबकि उसके पास दूसरे दर्जे का टिकट था। इस वाकये में सामने आया कि महिला टीसी ने टिकट जांच के दौरान 65 वर्षीय महिला के साथ बदसुलूकी की गई।
इस मामले में महिला की बेटी और दामाद ने लिखित रूप से शिकायत दर्ज कराई। महिला के दामाद ने कहा, 'मेरी सास को जब टिकट दिखाने को कहा गया तो उनके पास दूसरे दर्जे का टिकट था। इसके बाद उन्हें मीरा रोड स्टेशन पर ट्रेन से उतार दिया गया, और टिकट जांचकर्ताओं के स्टाफ रुम में उन्हें ले जाया गया।'
उन्होंने आरोप लगाए, 'जब उनसे जुर्माना भरने को कहा गया, तो मेरी सास ने कहा कि उनके पास 25 रुपये से ज्यादा नहीं हैं। इसके बाद उनसे गालीगलौज की गई और कपड़े उतारने को कहा गया।' वेस्टर्न रेलवे के डिविजनल रेल प्रबंधक शैलेंद्र कुमार ने कहा कि प्रारंभिक जांच के बाद दोनों टीसी को निलंबित कर दिया गया है।

Friday, July 25, 2014

सीट कुत्तों को अलॉट कर दी जाए, तब आप क्या कहेंगे

भारतीय रेल में सब कुछ संभव है। बुकिंग खुलने के एक ही मिनट में हजारों की वेटिंग, या गाड़ी छूटने के पांच मिनट पहले कन्फर्म सीट। कुल मिलाकर मसला सीट का ही है। जो रेलवे सीट कभीकभार नेताओं की कुर्सियों से भी बड़ी हो जाती है, जिस सीट की बुकिंग के लिए सालभर मारामारी होती है, वही सीट कुत्तों को अलॉट कर दी जाए, तब आप क्या कहेंगे।
सेंट्रल रेलवे पर सरकारी पास का इस्तेमाल कर आरपीएफ ने एसी कोच में कुत्तों के लिए सीटें बुक कराई हैं। 23 जुलाई को आरपीएफ ने अपने स्क्वॉड के कुत्तों को मीरज जंक्शन से मुंबई लाने के लिए ए.सी. टू टियर में बाकायदा सीट बुक कराई। इन टिकटों की बुकिंग 19 जुलाई को दादर से खिड़की क्रमांक-2 से सुबह 8:02 मिनट पर कराई गई। इन टिकटों के लिए पैसे नहीं दिए गए थे।

आमतौर पर कुत्तों को रेलवे से लाया जाता है, लेकिन इसके कुछ नियम है। रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार कुत्तों को डॉग बॉक्स में डालकर लगेज कोच से सटे ब्रेक यान से लाना पड़ता है, लेकिन इस तरह कुत्तों को लाने के लिए उसके मालिक को भी कुत्ते की देखभाल के लिए ब्रेक यान में ही यात्रा करनी पड़ती है। ब्रेक यान की यात्रा न तो वातानुकूलित होती है, और न ही आरामदेह।
कुत्तों को वातानुकूलित स्लीपर कोच, वातानुकूलित कुर्सीयान कोच, स्लीपर श्रेणी या द्वितीय श्रेणी कोच में ले जाने की अनुमति नहीं है। इस नियम का उल्लघंन करके कुत्ता ले जाते हुए पकड़े जाने पर उसे तत्काल ब्रेक-यान में पहुंचा दिया जाता है, और लगेज स्केल दर का 6 गुना प्रभार, जो न्यूनतम 50/- रु. होता है, वसूला जाता है।

Thursday, July 24, 2014

70 से 80 पर्सेंट तक किराया बढ़ा

इंडियन रेलवे ने चुपके से 'तत्काल टिकट' का एक ऐसा नियम बदल दिया, जो अब पैसेंजरों की जेब पर भारी पड़ रहा है। इससे ज्यादा नुकसान कम दूरी की यात्रा करने वाले पैसेंजरों को हो रहा है। पहले तत्काल के लिए न्यूनतम किराया 300 किमी तक चार्ज किया जाता था, लेकिन अब उसे 500 किमी कर दिया गया है।
इससे कई जगह पर जनरल कैटिगरी के मुकाबले तत्काल टिकट की कीमत डबल हो गई है, जबकि कुछ जगह के लिए 70 से 80 पर्सेंट तक किराया बढ़ा है। सूत्रों ने बताया कि यह नियम 28 जून को लागू किया गया। पहले तत्काल में जहां तक ट्रेन जाती थी, वहां तक का किराया लिया जाता था। लेकिन 2009 में यह नियम बदल दिया गया।


पिछले महीने तक नियम यह था कि तत्काल कोटे के तहत स्लीपर क्लास के टिकट के लिए कम से कम दो सौ किमी और एसी सेकंड और एसी थर्ड का टिकट लेने पर न्यूनतम 300 किमी तक का किराया लिया जाता था। लेकिन अब यदि पैसेंजर को तीन सौ किमी का सफर करना है तो भी उसे 500 किमी का ही किराया देना पड़ रहा है।
रेलवे अफसरों का तर्क है कि नियम में यह बदलाव कम दूरी की यात्रा करने वालों को तत्काल टिकट से दूर करने के इरादे से किया गया है। उनका कहना है कि यदि ट्रेन एक हजार किमी तक जा रही है और तत्काल के तहत कोई ढाई सौ किमी का टिकट लेता है, तो अक्सर उससे आगे पैसेंजर नहीं मिलते, जिससे रेलवे को नुकसान होता था।
 

Wednesday, July 23, 2014

मुगलसराय रेल रूट पर इस्माइलपुर-रफीगंज स्टेशन के बीच विस्फोट कर रेल पटरी उड़ा दी

गया बिहार में नक्सलियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। मंगलवार रात पूर्व-मध्य रेलवे के गया-मुगलसराय रेल रूट पर इस्माइलपुर-रफीगंज स्टेशन के बीच विस्फोट कर रेल पटरी उड़ा दी। नक्सलियों के इस हमले में राजधानी एक्सप्रेस बाल-बाल बची। विस्फोट की वजह से राजधानी एक्सप्रेस के आगे चल रही अडवांस पायलट इंजन पटरी से उतर गई। अडवांस पायलट इंजन ड्राइवर सुरक्षित हैं। 
प्रतिबंधित नक्सली संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी ने घटना की जिम्मेदारी ली है। घटना के बाद इस मार्ग से गुजरने वाली ट्रेनों को रोक दिया गया है। भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को गोरारो स्टेशन पर रोका गया है। तीन राजधानी एक्सप्रेस सहित कई रेलगाड़ियों को विभिन्न स्टेशनों पर रोक दिया गया है। घटना मंगलवार रात करीब 11.35 बजे की है। रेल पटरियों की मरम्मत का कार्य चल रहा है।
 
औरंगाबाद के मदनपुर में 19 जुलाई को हुई पुलिस की गोलीबारी के विरोध में नक्सलियों ने बुधवार को बिहार में 24 घंटे का बंद बुलाया है। पुलिस की गोलीबारी में दो ग्रामीणों की मौत हो गई थी।
 

गौरतलब है कि पिछले महीने छपरा से दो किलोमीटर दूरी पर दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन की 12 बोगियां पटरी से उतर गई थी। ट्रेन के देर रात पटरी से उतर जाने से 4 यात्रियों की मौत हो गई जबकि 23 अन्य घायल हो गए।

Monday, July 21, 2014

घटिया खाना देने वाले वेंडरों पर जुर्माने की रकम बढ़ाकर पांच हजार से एक लाख रुपये तक करने की योजना

रेलवे ने ट्रेन में घटिया खाना देने वाले वेंडरों पर जुर्माने की रकम बढ़ाकर पांच हजार से एक लाख रुपये तक करने की योजना बनाई है। मामला गंभीर होने या पैसेंजर्स की बड़ी संख्या से जुड़ा होने पर वेंडर को ब्लैकलिस्ट या कहें कि आजीवन बैन करने का भी प्रावधान है। यह व्यवस्था 1 सितंबर से लागू हो जाएगी। फिलहाल खराब खाना देने पर न्यूनतम 300 रु. और अधिकतम 20,000 रुपये जुर्माना किया जा सकता है।
रेलवे मिनिस्ट्री ने सभी रेलवे जोन के चीफ कमर्शल मैनेजरों (सीसीएम) को निर्देश जारी कर दिए हैं। गुरुवार को नई दिल्ली से भोपाल आ रही शताब्दी एक्सप्रेस में भी घटिया खाना दिए जाने पर पैसेंजर्स का ट्रेन के स्टाफ से तीखा विवाद हुआ था। वेस्ट-सेंट्रल रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर पीयूष माथुर का कहना है कि पैसेंजर्स के हित में रेलवे मिनिस्ट्री ने यह कदम उठाया है।
वर्तमान में जो मुसाफिर घटिया खाना दिए जाने या कम मात्रा में खाने का आइटम देने की कंप्लेंट करता है, उसे ट्रेन में चुकाए गए खान-पान के पैसे रेलवे वापस देता है। हालांकि, पैसेंजर को इसके लिए समय रहते कंप्लेंट करनी पड़ती है। यदि जांच के बाद कंप्लेंट सही पाई जाती है, तो संबंधित वेंडर पर जुर्माना किया जाता है। राजधानी और शताब्दी सरीखी प्रीमियर ट्रेनों तक में ऐसी शिकायतें कई बार होती रहती हैं।
ट्रैवल करने के एक हफ्ते के भीतर यात्री अपने पीएनआर समेत पूरे विवरण के साथ टोल फ्री नंबर, ट्रेन या स्टेशन की कंप्लेंट बुक में कैटरिंग संबंधित कंप्लेंट करें। यदि कंप्लेंट बुक देने में कोई रेल कर्मचारी आनाकानी करे, तो उसकी शिकायत भी टोल फ्री नंबर पर कर दें। इस कंप्लेंट में संबंधित कर्मचारी की तैनाती का कोच नंबर, उसकी नेम प्लेट पर लिखे नाम समेत दर्ज कराएं।

Friday, July 18, 2014

मेट्रो चलाने की तैयारी

मेरठ महानगर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए मेट्रो चलाने की तैयारी की जा रही है। शासन ने मेरठ विकास प्रधिकरण को इसके लिए डिटेलड प्रोजेक्ट रिर्पोट( डीपीआर) तैयार करने के लिए कहा है। इसके लिए 50 प्रतिशत धन केंद्र सरकार से मिलेगा और बाकी की व्यवस्था एमडीए को करनी होगी। 
केन्द्र सरकार की इच्छा पर आगरा, कानपुर, वाराणसी और मेरठ में यातायात की बढ़ती समस्या से निबटने के लिए यूपी सरकार इन महानगरों में पब्लिक टांर्स्पोट सिस्टम के तहत मेट्रो रेल चलाने की संभावनाओं पर गहनता से विचार कर रही है। इसी कड़ी में आवास और शहरी नियोजन के विशेष सचिव हरिकांत त्रिपाठी ने एमडीए के वीसी को पत्र लिखकर मेरठ महानगर में मेट्रो चलाए जाने के लिए डीपीआर तैयार करने को कहा है। 10 जुलाई 2014 को जारी किए गए पत्र में लिखा गया है कि प्राधिकरण डीपीआर रिर्पोट तैयार करने के लिए टर्म्स ऑफ रिफरेंस तैयार करके उस पर केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय से अनुमोदन लेगा। गौरतलब है कि शहरी विकास मंत्रालय से अनुमोदन मिलने पर प्रोजेक्ट के लिए केन्द्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय की ओर से तय मेट्रो नीति के अनुसार डीपीआर में आने वाले कुल खर्च की 50 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार की ओर से अनुदान में दी जाएगी। जबकि बाकी 50 प्रतिशत धनराशि प्रधिकरण को जुटानी होगी। पत्र में डीपीआर तैयार करते समय मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत आने वाली आवश्यक चीजों का ध्यान रखने के लिए भी कहा गया है। साथ ही शहर की आवशयकता, ट्रैफिक के महत्वपूर्ण पॉइंट्स आदि का घ्यान रखने की हिदायत भी दी गई है। एमडीए के अधिकारी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि उन्हे इस संबंध में शासन से पत्र प्राप्त हो गया है। उनका कहना है कि डीपीआर केंद्र सरकार की एजेंसी से बनवाने पर विचार किया जा रहा है। 

Wednesday, July 16, 2014

1250 स्टॉपेज व्यावसायिक रूप से अवांछित और अव्यावहारिक

रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने रेल बजट पेश करते हुए अपने भाषण में कहा था कि ट्रेनों के स्टॉपेज की समीक्षा होगी और कुछ स्टॉपेज खत्म किए जा सकते हैं। अब यह साफ हो गया है कि रेल मंत्रालय ने ऐसे 1250 स्टॉपेज को सितंबर से खत्म करने का फैसला किया है। ये सभी स्टॉपेज स्थानीय सांसदों के दबाव पर शुरू किए गए थे, लेकिन रेलवे को इसकी वजह से सालाना 300 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। 
स्थानीय सांसदों के दबाव में ट्रेन के स्‍टॉपेज में बढ़ोतरी अब तक आम बात रही है। इस वजह से सफर तो लंबा होता ही है, साथ में रेलवे को रोजाना करोड़ों की चपत लगती है। फंड की कमी से जूझ रहे रेलवे के एक आंतरिक सर्वे में पता चला है कि एक स्‍टॉपेज पर ट्रेन के रुकने पर ईंधन और दूसरे ऑपरेशनल खर्च करीब 8 हजार रुपये का है, जबकि इस तरह के हर स्‍टॉपेज से औसतन आमदनी 500 रुपये की हो रही है।
 
नेताओं के दबाव में देशभर में करीब 2400 स्टॉपेज बनाए गए हैं। इनकी समीक्षा के बाद रेलवे ने पाया कि इनमें से 1250 स्टॉपेज व्यावसायिक रूप से अवांछित और अव्यावहारिक हैं। बिहार और केरल में इस तरह के ट्रेन स्‍टॉपेज की संख्‍या सबसे ज्‍यादा है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि ये स्टॉपेज 'साइलेंट किलर' हैं। हालांकि, घाटे में रहने के बावजूद कुछ स्टॉपेज सामाजिक जरूरत की वजह से बनाए रखे जाएंगे।
 

इन स्टॉपेज की शुरुआत स्थानीय सांसदों द्वारा 'जनता की मांग' पर रेलवे से की गई सिफारिश के आधार पर की गई थी। इनमें से ज्यादातर अब सांसद नहीं है और कई इस पर सहमति दे चुके हैं कि वांछित टिकट नहीं बिकते हैं तो स्टॉपेज खत्म कर दिए जाएं। रेलवे के एक अधिकारि ने कहा कि कई नेता अपने पसंदीदा स्टेशन पर ट्रेन रुकवाने को प्रभाव से जोड़कर देखते हैं। इसलिए जब उनके क्षेत्र के लिए बजट में कोई ट्रेन या प्रॉजेक्ट्स की घोषणा नहीं होती है, तो वे कम-से-कम ट्रेनों के स्टॉपेज देने की मांग करते हैं।

प्रतीक्षा सूची के ई-टिकट धारियों को इसकी इजाजत नहीं

दिल्ली हाई कोर्ट ने रेल मंत्रालय से ई-टिकट और काउन्टर टिकट में वेटिंग का अंतर खत्म करने को कहा है। अभी काउन्टर से टिकट खरीदने वाले प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने की इजाजत दी जाती है जबकि प्रतीक्षा सूची के ई-टिकट धारियों को इसकी इजाजत नहीं दी जाती है। कोर्ट ने रेलवे को सलाह दी है कि जो ई-टिकट यात्री चाहते हैं उन्हें वेटिंग में ट्रेन में चढ़ने के लिए इजाजत दी जाए।
कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि काउन्टर से टिकट खरीदने वाले प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने की इजाजत दी जाती है भले ही उनका टिकट कन्फर्म नहीं हो जबकि प्रतीक्षा सूची का ई-टिकट अपने आप रद्द हो जाता है। अदालत ने कहा, 'हम रेलवे को निर्देश देते हैं कि वह आज से छह महीने के भीतर मामले पर विचार करे और अगर इस तरह की कोई बात है तो इस प्रचलन को रोकने का कोई तरीका निकाले।'
कोर्ट ने कहा कि दलाल व बेईमान तत्व अपने फायदे के लिए फर्जी नाम से आरक्षण कराकर सीटों को ब्लॉक करते हैं और उसके बाद पैसा देने के इच्छुक सही यात्रियों को भौतिक रुप में प्रतीक्षा सूची का टिकट उपलब्ध कराकर ट्रेन पर चढ़ने की इजाजत दिलाते हैं और फर्जी आरक्षण की सीटों को दखल करके रखते हैं।
अदालत ने हालांकि दोनों वेटिंग टिकटों के बीच के अंतर को भेदभावपूर्ण नहीं बताया। कोर्ट ने इस समस्या का यह समाधान सुझाया कि मंत्रालय ई-टिकट खरीदने वालों को विकल्प प्रदान करे कि वे चुन सकें कि कन्फर्म नहीं होने की स्थिति में वे अपना टिकट रद्द कराना चाहते हैं या नहीं।

Monday, July 14, 2014

आनंद विहार टर्मिनल पहुंचना था मगर पहुंच गई नई दिल्ली

आए दिन हो रही दुर्घटनाओं से बेपरवाह रेलवे की लापरवाही से रविवार को दिल्ली में एक 'हादसा' हो गया। रविवार शाम राजेंद्र नगर (पटना) से आ रही स्पेशल ट्रेन को गलत ट्रैक पर रवाना कर दिया गया। इस ट्रेन को आनंद विहार टर्मिनल पहुंचना था मगर वह नई दिल्ली स्टेशन चली गई। इसके बाद ट्रेन को फिर से आनंद विहार ले जाया गया। इस दौरान यात्रियों को काफी परेशानी हुई और उनका काफी वक्‍त खराब हो गया।
उत्तर रेलवे ने इस लापरवाही पर साहिबाबाद के स्टेशन मास्टर, गाजियाबाद के असिस्‍टेंट स्टेशन मास्टर के अलावा ट्रेन के गार्ड और दोनों ड्राइवरों समेत 8 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। चूक की जांच के लिए 3 सदस्‍यीय कमिटी का भी गठन किया गया है।
उत्तर रेलवे ने कहा है पटना स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन (02393) राजेंद्र नगर से खुलकर आनंद विहार रेलवे स्टेशन पहुंचती है। आनंद विहार में इस ट्रेन के पहुंचने का समय छह बजकर 13 मिनट है, लेकिन रविवार की शाम यह ट्रेन आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर नहीं रुकी। ट्रेन मेन लाइन से होते हुए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लैटफॉर्म संख्या 6 पर पहुंच गई। 6 बजकर 25 पर इस ट्रेन को वाया शाहदरा होते हुए आनंद विहार के लिए रवाना किया गया।

Thursday, July 10, 2014

कुछ नई रेलगाड़ियां बिहार के हिस्से में

देश को सबसे ज्यादा रेल मंत्री देने वाले बिहार को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने भी अपने रेल बजट में ज्यादा तवज्जो नहीं दिया। वित्तवर्ष 2014-15 के लिए रेल मंत्री सदानंद गौड़ा द्वारा मंगलवार को पेश रेल बजट बिहार के लोगों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरा।
कुछ नई रेलगाड़ियां हालांकि बिहार के हिस्से में भी आई हैं। इनमें ज्यादातर अनारक्षित सीटों वाली गाड़ियां हैं, जिनमें यात्री भेड़-बकरियों की तरह ठुंसकर लंबा सफर तय करते हैं। रेल बजट में बिहार के हिस्से तीन जनसाधारण ट्रेनें आईं और तीन एक्सप्रेस ट्रेनें भी। ये गाड़ियां हैं अहमदाबाद-दरभंगा वाया सूरत जनसाधारण, सहरसा-आनंद विहार वाया मोतिहारी जनसाधारण तथा सहरसा-अमृतसर जनसाधारण।
इसके अलावा अहमदाबाद-पटना एक्सप्रेस वाया वाराणसी (साप्ताहिक), छपरा-लखनऊ एक्सप्रेस (सप्ताह में तीन दिन) तथा कामाख्या-कटरा एक्सप्रेस वाया दरभंगा भी बिहार को मिली है।

Tuesday, July 8, 2014

मुंबई और अहमदाबाद के बीच पहली बुलेट ट्रेन

रेलवे में 4 हजार महिला कॉन्स्टेबल्स की भर्ती की जाएगी।' -सदानंद गौड़ा, रेल मंत्री।
'A-1 और A कैटिगरी के स्टेशनों और चुनिंदा ट्रेनों में वाई-फाई की सुविधा दी जाएगी।'- सदानंद गौड़ा, रेल मंत्री।
'9 रूट्स पर हाई स्पीड ट्रेन चलेगी, जिनमें दिल्ली-चंडीगढ़, दिल्ली-आगरा, दिल्ली-कानपुर, दिल्ली-पठानकोट, चेन्नै-हैदराबाद रूट शामिल हैं। स्पीड 160-200 किलोमीटर प्रति घंटे की रहेगी। '
रेल मंत्री ने हीरक चतुर्भुज योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का ऐलान किया। रेलवे यूनिवर्सिटी खोलने की बात भी कही।
'मुंबई और अहमदाबाद के बीच पहली बुलेट ट्रेन शुरू की जाएगी।' -सदानंद गौड़ा, रेल मंत्री।
'टिकट बुकिंग की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इंटरनेट बुकिंग में भी सुधार किया जाएगा। पोस्ट ऑफिस में भी रेल टिकट मिलेंगे।'
'हमारी कोशिश होगी कि रेलवे क्रॉसिंग्स को हटाया जाए। साथ ही अडवांस्ड टेक्नॉलजी वाली ट्रेनें शुरू की जाएंगी। इससे हादसे भी कम होंगे और मॉनिटरिंग भी दुरुस्त होगी।' -सदानंद गौड़ा, रेल मंत्री।
'साफ-सफाई के लिए हेल्पलाइन बनाई जाएगी। इसकी मॉनिटरिंग सीसीटीवी से की जाएगी। रिटायरिंग रूम्स की ऑनलाइन बुकिंग कराई जा सकेगी। इंटरनेट के जरिए प्लैटफॉर्म टिकट भी मिलेगा।'
'सुविधाओं के लिए प्राइवेट सेक्टर का सहारा लिया जाएगा। बड़े ब्रैंड्स का 'पैक्ड' रेडी टु ईट खाना मिलेगा, स्टेशनों पर फूड कोर्ट्स भी खोले जाएंगे। 50 स्टेशनों का साफ-सफाई का काम आउटसोर्स किया जाएगा।'
'सभी स्टेशनों पर PPP के जरिए फुटओवर ब्रिज, लिफ्ट और एस्केलेटर वगैरह बनाए जाएंगे। सीनियर सिटिजंस के लिए बैटरी ऑपरेटेड कार चलाई जाएंगी।'
'रेलवे को इस बार 1.49 लाख करोड़ रुपये की आमदनी होने की उम्मीद है। यात्रियों की संख्या भी 2 फीसदी बढ़ेगी। सरकार को पेंशन के लिए 28 लाख 850 करोड़ रुखने होंगे।' -सदानंद गौड़ा, रेल मंत्री।
रेल मंत्री ने कहा- रेलवे को आमदनी कम हुई, खर्च ज्यादा करने पड़े। रेलवे को टारगेट से 4160 करोड़ रुपये कम आय हुई। पेंशन देने में भी काफी रुपये खर्च हो गए।
रेल बजट में यात्री और माल भाढ़े में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई।
'सामाजिक दायित्व की योजनाओं से फायदा नहीं होता। रेलवे की आर्थिक नीति को सुधारना होगा।' -सदानंद गौड़ा, रेल मंत्री।
'रेलवे प्रॉजेक्ट्स में विदेशी निवेश की जरूरत है। इसमें एफडीआई के लिए कैबिनेट की मंजूरी ली जाएगी।' -सदानंद गौड़ा, रेल मंत्री।
'1 बुलेट ट्रेन के लिए 60 हजार करोड़ रुपये की जरूरत होती है।' -सदानंद गौड़ा, रेल मंत्री।
'पिछली सरकार ने रेलवे की आर्थिक स्थिति सुधारने पर कोई काम नहीं किया। लाइनों के दोहरीकरण पर ध्यान नहीं दिया गया।' -सदानंद गौड़ा, रेल मंत्री।
'रेलवे को नए प्रॉजेक्ट्स के लिए 1 लाख 82 हजार करोड़ रुपये की जरूरत है।' -सदानंद गौड़ा, रेल मंत्री।
'रेलवे के 359 प्रॉजेक्ट लटके हुए हैं। 9 साल में 99 योजनाओं का ऐलान हुआ, लेकिन उनमें से सिर्फ 1 प्रॉजेक्ट पर काम हो रहा है।' -सदानंद गौड़ा, रेल मंत्री।
'अभी हालत यह है कि 1 रुपया कमाने के लिए रेलवे को 94 पैसे खर्च करने पड़ते हैं। सिर्फ 6 पैसे बचते हैं।' -सदानंद गौड़ा, रेल मंत्री।
'कई इलाकों में अभी तक रेल नहीं पहुंची है। हमारी कोशिश है कि ट्रेन का विस्तार हो।' - -सदानंद गौड़ा, रेल मंत्री।
'ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या के बराबर यात्री रोजाना ट्रेन से ट्रैवल करते हैं। 3 लाख टन माल रोज ढोया जाता है।' -सदानंद गौड़ा, रेल मंत्री।
रेल बजट के लिए हमें कई सारे सुझाव मिले हैं और बेहतर सुविधाएं देने के लिए उनके ऊपर गौर किया गया है। -सदानंद गौड़ा, रेल मंत्री।
रेल सभी बाधाओं को दूर करके हम सभी को एक देश के रूप में जोड़ती है -सदानंद गौड़ा, रेल मंत्री।
केंद्रीय रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने बजट भाषण शुरू किया। कहा- रेल भारतीय अर्थव्यवस्था की आत्मा है।

रेल मंत्री ने संकेत दिए हैं कि इस बजट से रेलवे को दूरगामी फायदा होगा। कुछ ही देर में साफ हो जाएगा कि बजट में इसके लिए क्या खास किया गया है।

Friday, July 4, 2014

पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन का ट्रायल रन शुरू

देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन का ट्रायल रन शुरू हो गया है। गुरुवार 11 बजकर 15 मिनट पर यह ट्रेन नई दिल्ली स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर 6 से रवाना हुई और 160 किलोमीटर/घंटा की अधिकतम स्पीड से ट्रेन 100 मिनट में 195 किलोमीटर का सफर तय करके ट्रेन आगरा कैंट पहुंच गई। इसका ट्रायल रन अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा और सबकुछ ठीकठाक रहा, तो बजट में इसका ऐलान हो सकता है। नवंबर से दिल्ली-आगरा के बीच इस ट्रेन के चलने की संभावना है।
ट्रायल रन सफल होने पर इसे निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से आगरा के लिए नियमित रूप से चलाने की योजना है। आज ट्रायल रने के तहत वापसी में यह आगरा से दोपहर 1:50 पर चली और नई दिल्ली साढ़े 3 बजे पहुंची।
सेमी हाई स्पीड ट्रेन का कोच कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्टरी में बना है। इस ट्रेन में शताब्दी जैसे 10 कोच हैं, जबकि इंजन 5400 एचपी से लैस है। वर्तमान में भारत की सबसे तेज ट्रेन भोपाल शताब्दी है, जिसकी अधिकतम स्पीड 140 किलोमीटर प्रति घंटे है। दिल्ली-आगरा रूट पर इस ट्रेन को चलाने के लिए न सिर्फ ट्रैक को दुरुस्त किया गया है बल्कि ट्रैक के आस-पास 10 किलोमीटर फेंसिंग भी लगाई गई है।


Tuesday, July 1, 2014

एक पैसेंजर ट्रेन से आठ जिंदा बम बरामद

बिहार के किशनगंज रेलवे स्टेशन पर खड़ी एक पैसेंजर ट्रेन से आठ जिंदा बम बरामद किए गए हैं। किशनगंज जिले की जीआरपी ने रविवार रात ही बम बरामद किए। अब इन बमों को निष्क्रिय करने की कोशिश की जा रही है। 
किशनगंज जीआरपी का दावा है कि एक गुप्त सूचना के आधार पर जांच के दौरान ये बम मिले हैं। जीआरपी प्रभारी आलोक प्रताप ने बताया कि पुलिस किशनगंज से गुजरने वाली ट्रेनों की जांच कर रही थी।
 
इसी दौरान मालदा-न्यूजलपाइगुड़ी पैसेंजर ट्रेन के एक डिब्बे से आठ जिंदा बम बरामद किए गए। ये बम एक बैग में लावारिस हालत में रखे हुए थे। बम मिलने के बाद किशनगंज रेलवे स्टेशन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
 
अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है। जीआरपी केस दर्ज कर इस मामले की जांच में जुटी है। जीआरपी के अधिकारियों का कहना है कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि बमों के निशाने पर कौन था।