Thursday, May 27, 2010

मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने रेलमंत्री ममता बनर्जी से रात के समय मुंबई-सावंतवाडी रेल चलाने की मांग की।

मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने रेलमंत्री ममता बनर्जी से रात के समय मुंबई-सावंतवाडी रेल चलाने की मांग की। साथ ही सभी सुपरफास्ट गाड़ियों को कोंकण में रोकने की मांग भी की। इसी मांग के मद्देनजर रेल मंत्रालय ने कारवार एक्सप्रेस को कोंकण में अधिक स्थानों पर रोकने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री महोदय ने कहा कि कोंकण रेल मार्ग पर चलने वाली अधिकतर रेलगाड़ियां रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग जिलों में नहीं रुकतीं। उन्होंने रेलमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि कोंकण रूट पर चलने वाले मुंबई कारवार सुपर एक्सप्रेस सहित सभी रेलगाड़ियां कणकावली, कुडाल या सावंतवाडी में से कम से एक स्थान पर रुकनी चाहिए। उन्होंने पत्र में लिखा था कि सावंतवाडी महाराष्ट्र राज्य सीमा का अंतिम महत्वपूर्ण स्टेशन है। इसलिए सावंतवाडी को जंक्शन बनाया जाना चाहिए। इससे कोंकण और गोवा के रेल यात्रियों को भारी लाभ मिलेगा। साथ ही चालू वित्त वर्ष के बजट में सावंतवाडी-बेलगाव के नये रेलमार्ग का सवेर्क्षण काम शुरू करने के लिए रेलमंत्री को धन्यवाद दिया है।

Wednesday, May 26, 2010

पश्चिम रेलवे की नई दिल्ली के लिए विशेष राजधानी

एयर इंडिया के कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर पश्चिम रेलवे ने नई दिल्ली के लिए विशेष राजधानी ट्रेन दौड़ाने का फैसला किया है। यह ट्रेन 26 मई को मुंबई सेंट्रल से रात 10.05 बजे रवाना होकर 27 मई को शाम 6 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, टू टायर एसी और थ्री टायर एसी के डिब्बे होंगे। गौरतलब है कि अपनी कुछ मांगों को लेकर एयर इंडिया के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसकी वजह से विमान सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।

दिल्ली-गुवाहाटी राजधानी एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त

पुलिस ने इस संभावना से इनकार किया है कि सोनपुर रेल मंडल के बरौनी-कटिहार रेल खंड पर मंगलवार सुबह दिल्ली-गुवाहाटी राजधानी एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने में नक्सलियों का हाथ हो सकता है। राज्य के पुलिस महानिरीक्षक (रेल) एस. के. भारद्वाज ने मंगलवार को बताया कि राजकीय रेल पुलिस बल के अधिकारी और जवान घटना स्थल पर पहंच गए हैं। उन्होंने बताया कि यात्रियों और एक्सप्रेस के चालक से लिए गए बयान के बाद प्रथम दृष्टया यह नक्सली घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और उसके बाद ही सही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। गौरतलब है कि सोनपुर रेल मंडल के बरौनी-कटिहार रेल खंड के नवगछिया-खरीक रेलवे स्टेशन के बीच मंगलवार को करीब 6.30 बजे 2424 दिल्ली-गुवहाटी राजधानी एक्सप्रेस की 14 बोगियां पटरी से उतर गईं। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

Friday, May 21, 2010

पीपरा रेलवे स्टेशन के बीच रेल पटरी उड़ा दी

बिहार के मुजफ्फरपुर - रक्सौल रेलखंड पर नक्सलियों ने गुरुवार की सुबह करीब दो बजे जीवधारा और पीपरा रेलवे स्टेशन के बीच रेल पटरी उड़ा दी , जिससे एक टैंकर मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई तथा इसकी 13 बोगियों में आग लग गई। पुलिस के अनुसार मोकतहारी जिला के बंगारी हॉल्ट के समीप नक्सलियों ने रेल पटरी को विस्फोट कर उड़ा दिया। इसके बाद इस पटरी पर एक टैंकर मालगाड़ी आ रही थी , जो दुर्घटनाग्रस्त हो गई। मुजफ्फरपुर राजकीय पुलिस बल के पुलिस अधीक्षक अवधेश शर्मा ने गुरुवार को बताया कि इस घटना में मालगाड़ी की 13 बोगियों में आग लग गई। सभी बोगियों में डीजल और केरोसिन तेल भरा होना बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है तथा घटनास्थल पर पुलिस पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद इस रेलमार्ग पर आवागमन ठप हो गया है। गौरतलब है कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ( माओवादी ) ने बिहार सहित पांच राज्यों में सोमवार मध्य रात्रि से 48 घंटे के बंद का आह्वान किया था।

Tuesday, May 18, 2010

उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन पर मंगलवार सुबह आग लग गई।

उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन पर मंगलवार सुबह आग लग गई। इस आग में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने बताया, 'आग सुबह 10.10 बजे लगी थी। मेट्रो स्टेशन के एक नियंत्रण कक्ष में स्थित एक एयर कंडिशनर में यह आग लगी थी।' अधिकारी ने बताया कि अग्निशमन सेवा के दो कर्मचारी तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गए थे। दुर्घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ है। एक पुलिस अधिकारी ने संभावना जताई है कि शॉर्ट-सर्किट आग लगने की वजह हो सकती है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के एक अधिकारी के मुताबिक मेट्रो स्टेशन पर यात्री सेवाएं सामान्य हैं।

Monday, May 17, 2010

रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में दो लोगों की मौत हो गई और 40 यात्री घायल

बिहार जाने वाली सप्तक्रांति एक्सप्रेस ट्रेन का अंतिम समय में प्लैटफॉर्म बदलने के कारण नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में दो लोगों की मौत हो गई और 40 यात्री घायल हो गए। घायलों को लोकनायक जयप्रकाश और राममनोहर लोहिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। मरने वाली महिला का नाम सोनी बताया जा रह है, जबकि बच्चे की पहचान नहीं हो पाई है। हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ ही मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये मुआवाजा देने की घोषणा की गई है। गंभीर रूप से घायलों हुए व्यक्तियों को 50-50 हजार रुपये और मामूली रूप से घायल हुए लोगों को 15-15 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। भगदड़ उस समय हुई, जब नई दिल्ली से मुजफ्फरपुर जाने वाली बिहार सप्तक्रांति एक्सप्रेस प्लैटफॉर्म संख्या 12 पर पहुंची। रेलगाड़ी को प्लैटफॉर्म 13 से रवाना होना था। ट्रेन खुलने से कुछ समय पहले प्लैटफॉर्म बदल दिया गया। इससे जनरल बोगी में सवार होने के लिए प्लैटफॉर्म पर जमा भारी भीड़ में पहले चढ़ने के लिए भगदड़ मच गई। अधिकारियों ने कहा कि प्लैटफॉर्म 12 पर पहुंचने के लिए लोग धक्का-मुक्की करने लगे। भगदड़ में एक महिला और एक बच्चे की मौत हो गई।

काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के कोच संख्या डी 1 का एसी खराब

बनारस से दिल्ली जा रही काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के कोच संख्या डी 1 का एसी खराब हो गया। गर्मी से जूझ रहे यात्रियों ने ट्रेन लखनऊ पहुंचने पर जमकर हंगामा किया। प्लैटफॉर्म 4 पर उतरे यात्रियों ने गार्ड और ड्राइवर को घेर लिया। मामला बढ़ता देख कोच अटेंडेंट मौके से भाग निकला। यात्रियों ने ट्रेन को एक घंटे तक रोके रखा। मामले की शिकायत डीआरएम से की गई। हालात को देखते हुए रेल प्रशासन ने दो इंजीनियरों की अगुवाई में चार सदस्यीय टीम को कोच की मरम्मत में लगाया। हंगामे के दौरान यात्रियों की टीसी और रेलवे के अन्य अधिकारियों से हाथापाई भी हुई। इस बीच हंगामे की स्थिति से निपटने के लिए रेल अधिकारियों ने प्लैटफॉर्म नंबर 4 पर बड़ी संख्या में आरपीएफ के जवान तैनात कर दिए। कोच का एसी ठीक करने के बाद करीब सवा दस बजे ट्रेन को रवाना किया जा सका। यात्रियों का कहना था कि बनारस से ही गाड़ के डी1 कोच का एसी खराब था, लेकिन यात्रियों की शिकायत के बाद भी रेल अफसरों ने मरम्मत नहीं कराई।

Wednesday, May 12, 2010

रॉयल ट्रेन वाराणसी से होकर गुजरेगी।

अब वाराणसी के लोग भी रॉयल राजस्थान ऑन वील्स का मजा ले सकेंगे। अब यह रॉयल ट्रेन वाराणसी से होकर गुजरेगी। यह ट्रेन अगले सितंबर महीने से यहां से भी गुजरना शुरू कर देगी।
यह ट्रेन हर शुक्रवार की सुबह बनारस पहुंचेगी। पैसेंजर्स को सुबह-ए-बनारस के नजारे देखने को मिलेगा। पैसेंजर्स शाम में गंगा आरती देख सकेंगे। भारत कला भवन, भारत माता मंदिर और सारनाथ भी पैसेंजर्स जा सकेंगे। रॉयल राजस्थान ऑन वील्स दिल्ली, जोधपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, जयपुर, खजुराहो, वाराणसी और आगरा का नजारा पैसेंजर्स को दिखाएगी।

Monday, May 10, 2010

मेट्रो की फ्रिक्वेंसी को कम करके तीन मिनट तक लाया जाए।

दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों को जल्द ही पीक आवर में मेट्रो के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मेट्रो की योजना है कि इस साल अक्टूबर के आते-आते मेट्रो की फ्रिक्वेंसी को कम करके तीन मिनट तक लाया जाए। लेकिन जिन लाइनों पर नॉन पीक आवर में भी भारी रश होता है, वहां बाकी वक्त में भी फ्रिक्वेंसी तीन मिनट की रखी जा सकती है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाली लाइनों पर छह कोच की ट्रेनें भी लाने की तैयारी हो रही है। हालांकि इसमें कुछ महीने और लग सकते हैं। इस समय दिल्ली मेट्रो के पास लगभग 120 ट्रेनों का बेड़ा है और बाकी 81 ट्रेनों का ऑर्डर पहले ही मेट्रो दे चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि इस साल सितंबर तक दिल्ली मेट्रो को ये 81 ट्रेनें भी मिल जाएंगी। इस तरह से मेट्रो के बेड़े में ट्रेनों की तादाद 201 तक पहुंच जाएगी। इसके बाद मेट्रो की सभी लाइनों पर पीक ऑवर में फ्रिक्वेंसी तीन मिनट की रह जाएगी। अभी यह फ्रिक्वेंसी लगभग साढ़े तीन मिनट की है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि अब मेट्रो लाइनों पर उतनी भीड़भाड़ नहीं होती।

मेट्रो की फ्रिक्वेंसी को कम करके तीन मिनट तक लाया जाए।

दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों को जल्द ही पीक आवर में मेट्रो के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मेट्रो की योजना है कि इस साल अक्टूबर के आते-आते मेट्रो की फ्रिक्वेंसी को कम करके तीन मिनट तक लाया जाए। लेकिन जिन लाइनों पर नॉन पीक आवर में भी भारी रश होता है, वहां बाकी वक्त में भी फ्रिक्वेंसी तीन मिनट की रखी जा सकती है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाली लाइनों पर छह कोच की ट्रेनें भी लाने की तैयारी हो रही है। हालांकि इसमें कुछ महीने और लग सकते हैं। इस समय दिल्ली मेट्रो के पास लगभग 120 ट्रेनों का बेड़ा है और बाकी 81 ट्रेनों का ऑर्डर पहले ही मेट्रो दे चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि इस साल सितंबर तक दिल्ली मेट्रो को ये 81 ट्रेनें भी मिल जाएंगी। इस तरह से मेट्रो के बेड़े में ट्रेनों की तादाद 201 तक पहुंच जाएगी। इसके बाद मेट्रो की सभी लाइनों पर पीक ऑवर में फ्रिक्वेंसी तीन मिनट की रह जाएगी। अभी यह फ्रिक्वेंसी लगभग साढ़े तीन मिनट की है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि अब मेट्रो लाइनों पर उतनी भीड़भाड़ नहीं होती।

Friday, May 7, 2010

24 घंटे की मेट्रो सर्विस होगी।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट होते हुए द्वारका सेक्टर 21 तक बनाई जा रही राजधानी की पहली एक्सप्रेस मेट्रो रेल लाइन पर आने वाले दिनों में 24 घंटे की मेट्रो सर्विस होगी। यानी दिन हो या रात, हर समय कुछ अंतराल पर मेट्रो सर्विस उपलब्ध रहेगी। अलबत्ता शुरू में जरूर इस लाइन को तीन घंटे के लिए बंद किया जाएगा यानी शुरू से ही मेट्रो सर्विस 21 घंटे की होगी, लेकिन बाद में धीरे-धीरे इसका समय बढ़ाते हुए 24 घंटे तक कर दिया जाएगा। यही नहीं, पीक आवर में भी इस मेट्रो रेल लाइन पर 10 मिनट की सर्विस होगी, लेकिन बाद में ट्रेनों का बेड़ा बढ़ने के बाद यह सर्विस पीक आवर में 10 से घटकर चार मिनट की रह जाएगी। गौरतलब है कि दिल्ली की यह पहली ऐसी मेट्रो रेल लाइन है, जो पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत तैयार की जा रही है और इस लाइन पर ट्रेनों की स्पीड 120 किमी प्रति घंटा होगी। हालांकि, इस मेट्रो रेल लाइन का सिविल कार्य खुद दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने किया है। इसके अलावा ट्रैक बिछाने से लेकर कोच तक की सारी व्यवस्था प्राइवेट कंपनी दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्रा. लि. करेगी। दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस के सूत्रों का कहना है कि इस लाइन पर सिविल कार्य लगभग पूरा हो चुका है और रेलवे ट्रैक बिछाने से लेकर कोच की व्यवस्था की जा रही है। कंपनी का दावा है कि यह लाइन तय समय यानी सितंबर में पैसेंजरों के लिए चालू कर दी जाएगी। कंपनी सूत्रों का कहना है कि ऑपरेशन के मामले में भी यह लाइन दूसरी मेट्रो रेल लाइनों से अलग होगी। इस लाइन को शुरू में मेंटिनेंस के लिए रोजाना सिर्फ तीन घंटे बंद किया जाएगा। बंद करने का वक्त एयरपोर्ट पर आने वाली फ्लाइट्स को देखते हुए तय किया जाएगा यानी जिस वक्त कम से कम फ्लाइट्स होंगी, उसी दौरान ही तीन घंटे के लिए यह लाइन बंद रखी जाएगी। लेकिन कुछ महीनों बाद ऐसे इंतजाम किए जाएंगे कि इस लाइन को तीन घंटे के लिए भी बंद नहीं किया जाएगा। यह जरूर हो सकता है कि उस वक्त मेट्रो की फ्रीक्वेंसी कुछ कम कर दी जाए। कंपनी के सूत्रों का यह भी कहना है कि फिलहाल इस लाइन के लिए 6-6 कोच वाली 8 ट्रेनों की व्यवस्था की जा रही है। शुरू में पीक आवर में इस लाइन पर 10 मिनट की सर्विस होगी, लेकिन बाद में जब ट्रेनों का पूरा बेड़ा आ चुका होगा, तो इस सर्विस को 4 मिनट का कर दिया जाएगा। हालांकि, अभी इस लाइन पर किराए के बारे में कोई फैसला नहीं किया गया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि कंपनी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक के लिए 150 रुपये और द्वारका तक जाने वाले पैसेंजरों के लिए 180 रुपये किराया तय करने पर विचार कर रही है। इतना जरूर है कि इस लाइन पर भी दिल्ली मेट्रो का स्मार्ट कार्ड इस्तेमाल किया जा सकेगा। कंपनी यह भी व्यवस्था करने जा रही है कि एयरपोर्ट जाने वाले पैसेंजर नई दिल्ली स्टेशन या शिवाजी स्टेडियम पर लगेज बुक करा सकेंगे। यह लगेज एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सीधे चेकइन हो जाएगा। दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस के डायरेक्टर के . पी . महेश्वरी के मुताबिक , इस लाइन के लिए कंपनी ने स्पेन से ट्रेन ली हैं। इसके अलावा ट्रेन की स्पीड को देखते हुए खासतौर पर रहेडा ट्रैक सिस्टम लगाया गया है। इन ट्रेनों के पहियों में ऐसा सिस्टम है कि अगर कही ट्रैक शार्प टर्न कर रहा होगा , तो भी वहां ट्रेन के डिरेल होने का खतरा नहीं रहेगा। कंपनी को उम्मीद है कि इस लाइन के चालू होने के बाद उसे रोजाना 25 से 30 हजार पैसेंजर मिलेंगे।

Monday, May 3, 2010

मेट्रो में सफर करते वाले और जगह-जगह थूकने वालों को अब सुधर जाना चाहिए

मेट्रो में सफर करते वाले और जगह-जगह थूकने वालों को अब सुधर जाना चाहिए, क्योंकि अब ऐसा करना उनकी जेब पर भारी पड़ सकता है। ऐसे लोगों को सुधारने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने फ्लाइंग स्क्वॉड (उड़न दस्ते) बनाए हैं। ये फ्लाइंग स्कवॉड रोजाना स्टेशनों और ट्रेनों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। डीमएमआरसी के प्रवक्ता अनुज दयाल ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स के मद्देनजर दिल्लीवालों का सिविक सेंस सुधारना जरूरी है। जगह-जगह निदेर्श लिखे होते हैं कि थूकने या मेट्रो संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर 200 रुपये जुर्माना लगेगा। इसके बावजूद बहुत से लोग आदत से बाज नहीं आते हैं। गेम्स के दौरान दिल्ली में दुनियाभर से मेहमान आएंगे, जो मेट्रो में भी सफर करेंगे। ऐसे में उनके दिमाग में दिल्लीवालों की बेहतर छवि बननी चाहिए। यही सोचकर हमने फ्लाइंग स्क्वॉड की चार टीमें बनाई हैं। इस टीम ने अकेले मार्च में ही 252 लोगों को पकड़ा और उन पर जुर्माना लगाया। इनमें 195 थूकने वाले और 62 मेट्रो संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। उन्होंने बताया कि फ्लाइंग स्क्वॉड के साथ-साथ मेट्रो के दूसरे कर्मचारियों को भी इस बात के निर्देश दिए गए हैं कि थूकने, कचरा फैलाने और मेट्रो संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों पर खास नजर रखें और तुरंत उन पर जुर्माना लगाएं। स्टेशन मैनेजरों और कंट्रोलर को पेनल्टी लगाने का अधिकार दिया गया है। इसके लिए उन्हें ऑथराइज्ड फॉर पेनल्टी आई कार्ड पहले से दिया गया है। गंदगी फैलाने वालों के साथ-साथ एक दूसरे को धक्का देने वाले, सीट के लिए दौड़ लगाने वाले, रिजर्व सीटें खाली नहीं करने वाले, यात्रियों को बाहर नहीं निकलने देने, ट्रेन के दरवाजे बंद होने से रोकने वाले यात्रियों पर भी डीएमआरसी की नजर है। ऐसे मामलों से निबटने के लिए डीएमआरसी वॉलंटियर्स को खास निर्देश दिया गया है। उन्हें ऐसे मामलों में तुरंत अथॉरिटी को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। वॉलंटियर्स को हेल्पलाइन नंबर के साथ-साथ सीनियर अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं, ताकि वे तुरंत उनसे संपर्क कर सकें।