Friday, January 16, 2009

एक से बढकर एक नए नए भृष्टाचार के नमूने रोज रोज खबरों में आते रहते हैं

रेलवे विभाग में भृष्टाचार कम होने का नाम नहीं , एक से बढकर एक नए नए भृष्टाचार के नमूने रोज रोज खबरों में आते रहते हैं । चपरासी से लेकर रेलवे के आला अफसर इस फेर के चक्कर में पडे हुए हैं और रोज रोज नई नई करामातें प्रस्तुत करते रहते हैं । सुना है कि आजकल रेलवे बोर्ड के कुछ अफसर मिलकर नई नई तरकीबें निकाल रहे है कि एक ही दिन में किस तरह से करोडपति हो जाएं और उनके आगे आने वाली पढि़यों का पूरा इन्तजाम कर जाएं ।
आपको यह समाचार काफी अनमना सा लग रहा होगा, परन्तु सच्चाई यही है कि एक ही दिन में किस तरह से मालामाल हो जाएं यही तरकीब निकालने में जो भी माहिर है वही अव्वल है और कामयाब है । हाल में ही महाप्रबंधकों की पोस्टों पर हुई तैनातियां इस का प्रमाण है । कितना किस महाप्रबंधक से लिया गया यह सब चुपके चुपके चल रहा है कोई भी बताने को तैयार नहीं है ।भगवान से प्रार्थना है कि भारत देश को इस प्र कार के भृष्टाचार से मुक्त करे ताकि आम भारतीय को कुछ राहत मिल सके ।

No comments: