Tuesday, March 31, 2015

टलतीफी तेजी से बढ़ती हुई

ट्रेनों की लेटलतीफी पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जवाब तलब किए जाने के बाद रेलवे पुरानी फाइलों में इसका समाधान खोज रहा है। रेलवे के अधिकारी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आपातकाल के दौरान कैसे ट्रेनें समय से चलती थीं। रेलवे के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, 'हमें बताया गया है कि आपातकाल के दौरान ट्रेनें समय से चलती थीं। हम पुरानी फाइलें निकालकर ट्रेनों के समय पर चलने के पैटर्न के बारे में स्टडी कर रहे हैं। पुराने रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि उस समय करीब 90% ट्रेनें समय से चल रही थीं।'
सूत्र ने बताया, 'यह सारी कवायद हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ट्रेनों की लेटलतीफी के बारे में रेल मंत्री सुरेश प्रभु से किए गए सवाल के बाद की जा रही है। मोदी ने यह भी पूछा था कि समय से चलने वालीं ट्रेनों की संख्या लगातार घट क्यों रही है। रेलवे के अधिकारियों को बताया गया कि पीएमओ को सांसदों, मंत्रियों और आम नागरिकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ट्रेनें समय पर नहीं चलती हैं। इन शिकायतों को रेल मंत्रालय को बढ़ा दिया जाता है। इनमें से कई ने सवाल किया है कि आपातकाल के सामय में ट्रेनें कैसे समय पर चला करती थीं।

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु हर दिन का ब्योरा ले रहे हैं। मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि हाल के वर्षों में ऐसा करने वाले वह पहले मंत्री हैं। इस महीने रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैफिक) अजय शुक्ला ने सभी जोनों को चिट्ठी लिखकर चेतावनी दी है कि आंकड़ों के बारे में गलत रिपोर्टिंग न की जाए। सेंट्रल कोचिंग ऑपरेशंस इन्फर्मेशन सिस्टम में मैनुअली गलत इन्फर्मेशन डालने पर ऐसा किया जा सकता है। एक तरह से इस चिट्ठी से यह साफ होता है कि अब तक आंकड़े गलत दिए जाते रहे हैं। लेटर में लिखा गया है कि ऐसा करने पर सस्पेंशन, इंटर जोनल ट्रांसफर और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी जाएगी। यह ऐक्शन जोनल चीफ पैसंजर ट्रैफिक ऑफिसर तक के अधिकारियों पर की जाने की बात कही गई है।
अब आंकड़ों पर नजर डालें, तो लेटलतीफी तेजी से बढ़ती हुई दिख रही है। रेल भवन के अधिकारियों का मानना है कि ऐसा इसलिए दिख रहा है, क्योंकि अब डेटा डालने में कम गड़बड़ हो रही है। मार्च 2014 में जहां ट्रेनों की पाबंदी 84.43 फीसदी दर्ज की गई थी, वहीं इस साल मार्च में यह 79 पर्सेंट ही है। जोनल रेलवेज़, जैसे कि उत्तर रेलवे में तो पाबंदी के आंकड़े 82 फीसदी से गिरककर 60 फीसदी पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस आंकड़े में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
ट्रेनें वक्त पर चलें, यह देखने वाले ट्रैफिक निदेशालय ने कहा है कि उपकरण वगैरह खराब होने की वजह से कई बार देरी हो जाती है, मगर इंजिनियरिंग विभाग वाले इस तरह की घटनाओं को सही तरीके से रिपोर्ट नहीं करते। एक अधिकारी ने कहा, 'इतने सालों तक उपकरण वगैरह खराब होने से होने वाली देरी के डेटा को छिपाया जाता रहा है। अब ऐसा नहीं हो सकेगा।'
कुछ साल पहले रेलवेज़ की सिग्नलिंग ऐंड टेलिकॉम ब्रांच ने 'डेटा लॉगर' नाम के सिस्टम का ट्रायल किया था। इससे रनिंग ट्रेन का स्टेटस ऑटोमैटिकली लॉग हो जाता है। यह ट्रायल सफल भी रहा था, मगर ट्रैफिक निदेशालय ने इसकी कीमत को लेकर चिंता जताई थी। इस वजह से इसे पूरे देश में लागू नहीं किया जा सका। अभी यह मुगलसराय जैसे चंद ही व्यस्त रूट्स पर लगा हुआ है।

Sunday, March 29, 2015

यात्री डिब्बों से 'पुराने शौचालयों' को वर्ष 2020-21 तक हटा देने का लक्ष्य

सभी यात्री डिब्बों से 'पुराने शौचालयों' को वर्ष 2020-21 तक हटा देने के लक्ष्य के तहत रेलवे ने इन्हें पर्यावरण के अनुकूल जैव शौचालयों (बायो टॉइलट्स) से बदलने की कार्ययोजना तैयार की है।
एक वरिष्ठ रेल अधिकारी ने बताया कि अभी तक ट्रेनों में मौजूदा 17,338 शौचालयों को जैव शौचालयों से बदला जा चुका है। हमारा लक्ष्य सभी डिब्बों में जैव शौचालय लगाने का है।

मौजूदा शौचालय व्यवस्था में मानवीय अपशिष्ट सीधे पटरियों पर गिरता है, जिससे पटरियों को नुकसान होता है। वहीं जैव शौचालयों को शौचालय के नीचे लगाया जाता है और इसमें आने वाले मानवीय अपशिष्ट को एक विशेष किस्म का बैक्टीरिया ऐसे द्रव्य में बदलता है, जो पटरियों को नुकसान नहीं पहुंचाता।

Friday, March 27, 2015

भारतीय रेल का इस समय बेहद मुश्किल दौर

केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के मुताबिक भारतीय रेल इस समय बेहद मुश्किल दौर से गुजर रही है। चुनौती यही है कि रेलवे को इस कठिनाई से कैसे बाहर निकाला जाए। जिस तरह के हालात हैं उसमें यात्रियों को सुरक्षित और संरक्षित तरीके सेस पहुंचाना एक गंभीर चुनौती है। इसके बावजूद रेल मंत्रालय और खुद पीएम मोदी चुनौती से निपटने के लिए कई उपाय कर रहे हैं।
बुधवार को केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा गोरखपुर में थे। उन्होंने गोरखपुर जंक्शन पर गोरखपुर-पुणे ट्रेन को साप्ताहिक की जगह रोजाना, गोरखपुर आनंद विहार विशेष साप्ताहिक ट्रेन और गोरखपुर-नौतनवा के बीच नई ट्रेन का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि रेल से लोगों को उम्मीद बहुत है, जबकि संसाधन बहुत कम। आजादी के बाद से अब तक रेल यात्री संख्या में इस गुना बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि रेल के संसाधनों में करीब दो गुना ही वृद्धि हुई है। पीएम के निर्देश पर ही रेलवे में पांच साल के भीतर करीब साढ़े आठ लाख करोड़ का निवेश होगा। चूंकि पीएम मोदी पूर्वांचल से सांसद हैं इसलिए रेलवे के विकास का फायदा पूर्वांचल को मिलेगा।
क्षमता की अंतिम सीमा तक चल रहे : रेल राज्यमंत्री ने बताया कि इस समय 472 रेल खंड अपनी सौ प्रतिशत क्षमता पर चल रहे हैं। हाल यह है कि इलाहाबाद से मुगलसराय के बीच हर ट्रेन दो से तीन घंटा लेट हो जाती है। वहां तीसरी लाइन बनाने पर विचार हो रहा है।
अब 26 कोच की ट्रेन चलाएंगे : उन्होंने बताया कि अब तक 24 कोच की ट्रेन सबसे लम्बी मानी जाती रही है। लेकिन अब रेलवेे 26 कोच की ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है, ताकि सबको जगह मिल सके।
रेल हादसे पर अभी कुछ नहीं कहूंगा : बछरावां रेल हादसे के बाबत एक सवाल पर रेल राज्यमंत्री ने कहा कि मैं अभी कुछ नहीं कहूंगा। इस हादसे की जांच हो रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहना उचित होगा।

रतन टाटा को कायाकल्प की जिम्मेदारी : मनोज सिन्हा ने बताया कि रेलवे की बेहतरी के लिए पीएम मोदी के निर्देश पर कायाकल्प काउंसिल का गठन किया गया है। इस काउंसिल की जिम्मेदारी रतन टाटा को दी गई है। काउंसिल जो सुझाव देगी, उस पर काम किया जाएगा।

Wednesday, March 25, 2015

रेलवे स्टेशन पर इंतजाम बेहतर नहीं

नवरात्र और चैत्र मेला को लेकर शीतला माता मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जहां जिला प्रशासन बेहतर इंतजाम करने में जुटा है, वहीं शहर के बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर इंतजाम बेहतर नहीं हैं। इससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को मंदिर तक पहुंचने में काफी दिक्कत होती है। बस स्टैंड परिसर में पूछताछ काउंटर टिकट काउंटर से काफी दूर है, जिससे पैसेंजर आसानी से वहां तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में लोग बस स्टैंड में बने बुक स्टॉल पर पूछताछ करते देखे जाते हैं। इससे कई बार दुकानदार और पैसेंजरों के बीच बहस भी हो जाती है। इसके अलावा यहां महिला वेटिंग रूम की हालत भी काफी खराब है, वहीं पुरुष वेटिंग रूम में पुलिस चौकी बनी हुई है। रेलवे स्टेशन की बात करें तो यहां भी मेले की जानकारी देने की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे लोग इधर-उधर भटकते नजर आते हैं।

Monday, March 23, 2015

12 प्रतिष्ठित कंपनियां-बुलट ट्रेन प्रॉजेक्ट का ठेका लेने की दौड़ में शामिल

फ्रांस, जर्मनी, इटली और चीन समेत छह देशों की 12 प्रतिष्ठित कंपनियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रॉजेक्ट डायमंड क्वॉड्रिलैटरल बुलट ट्रेन प्रॉजेक्ट का ठेका लेने की दौड़ में शामिल हो गई हैं।
रेलवे मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'डायमंड क्वॉड्रिलैटरल हाई स्पीड रेल नेटवर्क प्रॉजेक्ट के तीन कॉरिडोर का संभाव्यता अध्ययन करने के लिए टेंडर में 12 इंटरनैशनल कंपनियां भाग ले रही हैं। दिल्ली एवं मुंबई, मुंबई एवं चेन्नै और नई दिल्ली-कोलकाता हाई स्पीड रेल कॉरिडोर्स के लिए संभाव्यता अध्ययन करने के लिए निविदाएं मंगाई जा रही हैं। सर्वे के इस ठेके को हासिल करने के लिए सियुआन समेत चीन की चार कंपनियां, जर्मनी की डीबी इंटरनैशनल, फ्रांस की सिस्टारा, स्पेन की सेनर और इटली की इटालसर के अलावा बेल्जियम की एक कंपनी ने निविदा में भाग लिया है।

अधिकारी ने बताया कि एक कंपनी को डायमंड क्वॉड्रिलैटरल प्रॉजेक्ट के सिर्फ एक ही कॉरिडोर का संभाव्यता अध्ययन ही करने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस सप्ताह निविदा खोली गई और जुलाई तक चार महीनों के अंदर विजेताओं के बारे में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि तीनों कॉरिडोर्स की अनुमति लागत करीब 30 करोड़ रुपये है।
2
लाख करोड़ के डायमंड क्वॉड्रिलैटरल प्रॉजेक्ट का लक्ष्य हाई स्पीड ट्रेनें चलाकर महानगरों के बीच यात्रा में लगने वाले समय को कम करना है। हाई स्पीड ट्रेन 300 किमी. प्रति घंटा की चाल से चलेगी। मौजूदा समय में सुपरफास्ट राजधानी एक्सप्रेस दिल्ली से मुंबई के बीच करीब 16 घंटे में दूरी तय करती है। हाई स्पीड ट्रेन के चालू होने का बाद यात्रा का समय करीब आधा रह जाएगा। इसी प्रकार दिल्ली एवं अन्य महानगरों के बीच लगने वाले समय में भी बुलट ट्रेन के चालू होने के बाद कमी आ जाएगी। मौजूदा समय में डायमंड क्वॉड्रिलैटरल प्रॉजेक्ट के भाग के रूप में दिल्ली-चेन्नै रूट का संभाव्यता अध्ययन चीन कर रहा है।

टिकट की बुकिंग - एक बड़ा घपला

रेलवे टिकट की बुकिंग से संबंधित एक बड़ा घपला सामने आया है। यात्रियों की हमेशा शिकायत रहती थी कि टिकट काउंटरों को सुबह 8 बजे खुलने के बाद तुरंत ही वहां पहुंचने पर भी कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता है। रेलवे ने इस मामले की जांच की और बहुत ही चौंका देने वाले घपले का पर्दाफाश हुआ।

Friday, March 20, 2015

ट्रेन हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हुए ट्रेन हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है । डिविजनल कमिश्नर के मुताबिक हादसे में 150 लोगों को चोटें आई हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। केंद्र सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं।
देहरादून से वाराणसी जा रही जनता एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतर जाने की वजह से यह हादसा हुआ। शुक्रवार सुबह रायबरेली के पास बछरावां में अचानक जनता एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 14266) का इंजन और 3 डिब्बे पटरी से उतर गए। इनमें से 2 डिब्बों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है। बोगियां एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गईं, जिससे घायल लोगों को बचाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
रेलवे ने दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। 0135- 2624002 और 2622131 पर फोन करके जानकारी ली जा सकती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और जख्मी लोगों को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया है।
डिविजनल कमिश्नर महेश गुप्ता ने हादसे के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मरने राहत और बचाव कार्य जारी हैं और घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया गया है। उन्होंने 15 लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि बहुत से यात्री गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं, ऐसे में मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि करीब 150 लोग जख्मी हैं।
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ए.के. मित्तल और ट्रैफिक मेंबर अजय शुक्ला को घटनास्थल जाने के निर्देश दिए हैं। रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा भी राहत और बचाव कार्य का मुआयना करने पहुंच रहे हैं। जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।

भारतीय रेलवे को रतन टाटा का साथ मिल गया

र्थिक संकट से जूझ रही भारतीय रेलवे को रतन टाटा का साथ मिल गया है। रेलवे में इनोवेशन के लिए टाटा समूह के मानद चेयरमैन रतन टाटा को 'कायाकल्प परिषद' का प्रमुख नियुक्त किया गया है। बजट में किए गए वादों को पूरा करते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने गुरुवार को 'कायाकल्प परिषद' का गठन कर दिया। देश के जाने माने उद्योगपति रतन टाटा को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। रेल मंत्रालय के मुताबिक, 'कायाकल्प परिषद' रेलवे में निवेश आकर्षित करने के लिए अहम बदलावों की रूपरेखा तैयार करेगी और सभी स्टेक होल्डर्स से और अन्य निवेश की इच्छुक पार्टियों से संपर्क साधेंगी।

Thursday, March 19, 2015

मुंबई मेट्रो-3 का खाता खुल गया

वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने मुंबई मेट्रो-3 का खाता खोल दिया है। बजट में पूरे 109.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा भी मुंबई के लिए बजट में और बहुत कुछ नया करने की इच्छा वित्त मंत्री ने बजट में जताई है।
मुंबई से कांग्रेस के विधायक नसीम खान का कहना है कि मेटो-3 को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच दरार है, इसलिए बीजेपी ने शिवसेना को चिढ़ाने के लिए मेट्रो-3 में 109 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। भला इस रकम से मेट्रों का क्या होगा? खान कहते हैं कि इससे पहले जब उनकी सरकार थी तब कॉस्टल रोड, ट्रांस हार्बर, मुंबई के फ्लाईओवर का जिक्र होता था। मेट्रो और मोनो रेल का जिक्र करते थे, लेकिन इस सरकार ने मुंबई के साथ अन्याय किया है।
मेट्रों के अलावा मुंबई के हिस्से संजय गांधी राष्ट्रीय उद्याग के विकास हेतु फंड मंजूर किया गया है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले मुंबईकरो के लिए घर बनाने की योजना है। बजट में राज्यभर के लिए एक लाख घर बनाने का वादा किया है। राज्य में स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 268 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, इसमें से कुछ हिस्सा मुंबईकरों के हाथ भी लगने की उम्मीद की जा रही है।
हाजी अली दरगाह के विकास पर भी वित्त मंत्री का ध्यान गया है। पालघर, मुंबई, ठाणे और रायगढ के मछुआरों को जेट्टी मुहैया कराने के लिए रकम देने की घोषणा की गई है। मुंबई, पुणे, नाशिक के साथ राज्य के अन्य शहरों में बस सेवा में सुधार करने की घोषणा हुई है। इसके तहत नई बसें खरीदने से लेकर बस स्टॉप के नूतनीकरण का वादा किया गया है। रायगढ किले में महोत्सव शुरू करने के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जेजे स्कूल ऑफ आर्ट के आधुनीकीकरण हेतु बजट में फंड मुहैया किया है।

मुंबई, अलीबाग के अलावा राज्य के अन्य शहरों सरकारी मेडिकल कॉलेज के निर्माण व मरम्मत के लिए वित्त मंत्री ने फंड दिया है। अरब सागर में छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक बनाने, दादर में डॉ बाबा साहेब आंबेडकर का भव्य स्मारक बनाने के लिए भी बजट में मंजूर किया गया है। इसके अलावा शिवसेना प्रमुख स्व. बालासाहेब ठाकरे का मुंबई में स्मारक बनाने की योजना है। मुंबई में परमवीर चक्र विजेताओं की याद में स्मारक बनाया जाएगा। उसके लिए 5 करोड़ वित्त मंत्री ने दिया है। एशियाटीक ग्रंथालय के डिजिटाइजेशन के लिए भी मुनगंटीवार ने 5 करोड़ रुपये का प्रबंध किया है।

पांच हजार रुपये का जुर्माना

रेलवे प्लैटफॉर्मों और पटरियों पर कचरा फैलाने वालों पर लगाम कसते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बुधवार को प्लैटफॉर्मों और पटरियों पर गंदगी फैलाते या कचरा फेंकते देखे गए लोगों पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाए जाने की घोषणा की।
एनजीटी के अध्यक्ष जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता में पीठ ने रेलवे और अन्य प्राधिकारों को रेल पटरियों पर सफाई के लिए दिशानिर्देश जारी किए।
न्यायाधिकरण ने रेलवे और नगर निगमों को निर्देश दिया कि रेलवे पटरियों से लगी 46 झुग्गी बस्तियों में कचरा एकत्रित करने के लिए स्थान चिह्नित करने के बाद कचरापेटी रखी जाएं।
ठोस कचरे को जमा करने और इसके निस्तारण के लिए अधिकरण ने रेलवे को निर्देश दिया कि कचरे को सीवर प्रणाली में सीधे छोड़ने के बजाय संयंत्रों में कचरे को इकट्ठा कर उसका निस्तारण किया जाए।

40 पुलिसकर्मी पकड़े गए

मंगलवार को रेलवे मैजिस्ट्रेट ने जब बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया, तो अजीब सा वाकया सामने आया। ऐसे 40 पुलिसकर्मी पकड़े गए, जो टीटीई की नजरों से बचने के लिए टॉइलट में छिपे हुए थे।
रेलवे मैजिस्ट्रेट वी.के. सिंह ने महाकौशल एक्सप्रेस और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में सरप्राइज़ चेकिंग की। मैजिस्ट्रेट के साथ आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट और 5 सिक्यॉरिटी गार्ड भी थे। इन ट्रेनों को आगरा और मथुरा के बीच यात्रा करने के लिए के बेहद सुविधाजनक माना जाता है।

अभियान के दौरान कुल 103 लोगों का चालान किया गया, जिनमें 40 सिविल पुलिसकर्मी थे। जाहिर है, ये लोग अक्सर इन्हीं ट्रेनों से सफर करते रहे होंगे। इन्हें उम्मीद नहीं थी कि इस तरह से अचानक चेकिंग होगी और ये पकड़े जाएंगे। अजीब बात यह रही कि ये लोग टॉइलट्स में छिपकर सफर कर रहे थे।
इस अभियान के तहत 29, 780 रुपये जुर्माना वसूला गया, जिसमें से 11,990 रुपये पुलिसकर्मियों से लिए गए। ये लोग आगरा और मथुरा में विभिन्न जगहों पर तैनात हैं।

Monday, March 16, 2015

नॉर्दर्न रेलवे अपने रेलवे स्टेशनों और पटरियों को साफ रखने में नाकामयाब

लाख कोशिशों के बावजूद नॉर्दर्न रेलवे अपने रेलवे स्टेशनों और पटरियों को साफ रखने में नाकामयाब रहा है। सवाल है कि दिल्ली मेट्रो यह सब कैसे कर पाती है? अब रेलवे ने योजना बनाई है कि वह मेट्रो के इस सिस्टम की स्टडी करेगी, ताकि दिल्ली के रेलवे स्टेशन और पटरियां भी मेट्रो की तरह चमकदार रखे जा सकें।
नॉर्दर्न रेलवे के दो सीनियर अफसरों ने बताया कि दिल्ली में छोटे-बड़े मिलाकर 33 रेलवे स्टेशन हैं। इनसे रोजाना 700 से अधिक रेलगाड़ियां गुजरती हैं। इनमें 12 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं। दूसरी ओर डीएमआरसी के दिल्ली और एनसीआर में 147 मेट्रो स्टेशन हैं। इनसे रोजाना 25 लाख पैसेंजर्स यात्रा करते हैं। आंकड़ों से साफ है कि ट्रेनों की संख्या को छोड़ दें तो मेट्रो (180 हर दिन) के कंधों पर हर मामले में रेलवे के मुकाबले प्रेशर ज्यादा है। इसके बावजूद मेट्रो का हर स्टेशन और ट्रेन बिल्कुल साफ नजर आते हैं।
रेलवे अफसरों का कहना है कि जब मेट्रो साफ-सफाई के काम को बखूबी अंजाम दे रही है तो हम क्यों नहीं यह काम कर सकते? इसी बात को समझने के लिए मेट्रो के साफ-सफाई विभाग और इससे संबंधित हर कार्य की स्टडी की जाएगी। इसमें जो भी बातें रेलवे को अच्छी लगेंगी, उन्हें वह अपने स्टेशनों पर लागू करेगी। इस मामले में नॉर्दर्न रेलवे के जनरल मैनेजर एके पूठिया और दिल्ली रीजन के डीआरएम अरूण अरोड़ा सहित कई दूसरे अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श भी किया गया।  सूत्रों ने बताया कि मेट्रो में गंदगी फैलाने वालों का 100 से 200 रुपये का चालान काटा जाता है। ऐसे यात्रियों को पकड़ने के लिए मेट्रो की अपनी टीम और प्लेटफॉर्म पर लगे सिक्यॉरिटी गार्ड अहम भूमिका निभाते हैं। कभी-कभी सीआईएसएफ के जवान भी पीक मारने वाले पैसेंजर्स को पकड़ लेते हैं।
सीसीटीवी से भी ऐसे लोगों की निगरानी की जाती है। इससे गंदगी फैलाने वाले यात्री के मन में यह डर लगा रहता है कि अगर उसने कहीं थूका या गंदगी फैलाई तो वह पकड़ा जाएगा। हालांकि रेलवे में भी लगभग यह सभी सुविधाएं हैं। मगर इनपर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की जाती। इसी कमी की वजह से रेलवे स्टेशन और ट्रैक गंदे रहते हैं।

फिलहाल नॉर्दर्न रेलवे ने दिल्ली में स्थित अपने 33 रेलवे स्टेशनों पर उनके प्लेटफॉर्म, परिसर, ट्रैक, वेटिंग लॉन्ज और टॉयलेट आदि को गंदगी से मुक्त रखने के लिए कुछ सख्त कदम उठाए हैं। इसके तहत 29 रेलवे स्टेशनों की गंदगी को साफ करने के लिए कॉन्ट्रेक्ट दे दिए गए हैं, जबकि चार रेलवे स्टेशनों की साफ-सफाई वह खुद करेगा। हालांकि नॉर्दर्न रेलवे में इतनी अधिक सक्रियता नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के उस आदेश को देने के बाद आई है, जिसमें एनजीटी ने नॉर्दर्न रेलवे से अपने स्टेशन और ट्रैक आदि साफ रखने के आदेश दिए हैं।

काफी देर तक यात्री यूं ही लटके रहे

रविवार को मुंबई में मोनोरेल के बीच ट्रैक में फंस जाने से 13 लोगों की जान खतरे में पड़ गई । बाद में एक क्रेन की मदद से 11 यात्रियों और 2 कैप्टन्स को सुरक्षित उतार लिया गया।
शविवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे जब मोनोरेल मुंबई के भक्ति पार्क इलाके में होकर गुजर रही थी, तभी यह अचानक रुक गई। ट्रेन पर 2 कैप्टन्स के अलावा 11 यात्री सवार थे। बीच रास्ते में फंसी मोनोरेल से बाहर निकलने का भी कोई रास्ता नहीं था। दरअसल यह एक संकरे ट्रैक पर चलती है और सिर्फ प्लैटफॉर्म पर ही उतरा जा सकता है। 

जानकारी के मुताबिक बिजली की सप्लाई बंद होने की वजह से यह घटना हुई। काफी देर तक यात्री यूं ही लटके रहे। बाद में फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से सभी यात्रियों और कैप्टन्स को खिड़की के रास्ते सुरक्षित उतार लिया गया।
2009
में शुरू हुई मोनोरेल में 4 कोच हैं। यह 20 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर चलती है। वडाला से चेंबूर जा रही इस मोनोरेल में रविवार होने की वजह से भीड़ भी कम थी।

Friday, March 13, 2015

मुंबई मेट्रो-3 के सभी विवादों पर विराम

मुख्यमंत्री देवेंद्र फणवीस ने मुंबई मेट्रो-3 के सभी विवादों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने गुरुवार को साफ किया कि मुंबई के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए यह बहुत जरूरी है। इसके रास्ते में आ रही दिक्कतों को दूर किया जा सकता है। इससे प्रभावित होने वाले लोगों का पुनर्वास भी मेट्रो स्टेशन के पास ही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्टेशन के डिजाइन इस तरह से बनाए जाएंगे कि प्रभावित लोगों का पुनर्वास वहीं पर किया जा सके।
मेट्रो-3 में आरे कॉलोनी की हरियाली खत्म करने की आशंका को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री ने विधानसभा में घोषणा की, 'इसके कारशेड बनाने के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाई गई है। कारशेड के लिए 12 हेक्टर जमीन चाहिए। आरे कॉलोनी का जितना ग्रीन स्पेस बचा सकेंगे, जरूर बचाएंगे।' मुख्यमंत्री ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा, 'आरे में ग्रीन स्पेस होने के बाद भी वहां पर गैरकानूनी निर्माण कार्य हुआ है। मेट्रो-3 में साउथ मुंबई की 28 इमारतें और 1,754 झोपड़े प्रभावित हो रहे हैं। इन इमारतों में करीब 777 परिवार रहते हैं। उन परिवारों को वहीं और बेहतर व बड़े मकानों में शिफ्ट किया जाएगा।' 

मुख्यमंत्री ने माना कि मुंबई का पब्लिक ट्रांसपोर्ट कमजोर है। यहां की सड़कों पर रोज करीब 25 लाख गाड़ियां निकलती हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट मजबूत करने के बाद लोग अपनी गाड़ियों की बजाय मेट्रो से सफर करेंगे। इससे ट्रैफिक जैम की समस्या कम होगी। उन्होंने कहा कि विदेशी भले ही करोड़ों रुपये की गाड़ी रखें, लेकिन वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ही ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इसीलिए यहां मेट्रो बेहद जरूरी है।
टोल मुक्त महाराष्ट्र की घोषणा पर मुख्यमंत्री ने अपनी पूरी भड़ास कांग्रेस-एनसीपी पर निकाली। उन्होंने सदन को बताया कि पिछली सरकार ने ठेकेदारों के साथ केंद्रीय टोल नियम को दरकिनार करने का करार किया। इससे ठेकेदारों की चांदी हुई। मुंबई में आने और मुंबई-पुणे एक्सप्रेस मार्ग जैसे अन्य महत्वपूर्ण मार्गों के लिए टोल के करार निजी कंपनियों के साथ इस तरह किए गए कि बाय-बैक है ही नहीं। अब यह स्टडी की जा रही है कि उन कंपनियों से टोल करार खत्म करके टोल मुक्त महाराष्ट्र कैसे बनाया जा सकता है।
बीजेपी-शिवसेना सरकार के कार्यकाल में ज्यादा मुजरिमों को सजा दिलाई गई है। पिछली सरकार के समय 8 से 12 पर्सेंट मुजरिमों को को ही सजा मिलती रही थी। जनवरी में यह दर बढ़कर 28 पर्सेंट हो गई। इसका श्रेय लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस तबादलों को पारदर्शी किया गया, फॉरेंसिक लैब्स की संख्या बढ़ाई जा रही है और वकीलों की नियुक्ति का अधिकार अटॉर्नी जनरल व लॉ सेक्रेटरी को दिया गया है।
सीएम ने कहा कि महाराष्ट्र का एक बूंद भी ज्यादा पानी गुजरात को नहीं देंगे। दमण गंगा-पिंजाल नदी जोड़ योजना का 75 पर्सेंट पानी महाराष्ट्र को और बाकी का 25 पर्सेंट पानी गुजरात को दिया जाएगा। यह करार पहले ही हो चुका है। महाराष्ट्र को मिलने वाला पानी मुंबई को सप्लाई किया जाएगा। इससे मुंबई की अगले 50 साल की पानी की समस्या खत्म हो जाएगी।

Tuesday, March 10, 2015

भारतीय रेल की आय 12.93 पर्सेंट अधिक

भारतीय रेल की आय एक अप्रैल 2014 से 28 फरवरी, 2015 के बीच 1,42,358.27 करोड़ रुपये रही, जो साल-दर-साल आधार पर 12.93 पर्सेंट अधिक है। यह जानकारी सोमवार को सरकार ने एक बयान जारी कर दी। 
इस दौरान माल ढुलाई से होने वाली आय 96,613.19 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले की समान अवधि की 85,666.65 करोड़ रुपये आय से 12.78 पर्सेंट ज्यादा है। यात्री किराए से होने वाली आय 38,726.74 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले की समान अवधि की आय 33,755.50 करोड़ रुपये से 14.73 पर्सेंट अधिक है। 
इस अवधि में रेल यात्रियों की संख्या 754.649 करोड़ रही, जो एक साल पहले की समान अवधि की यात्री संख्या 770.962 करोड़ से 2.12 पर्सेंट कम है।

Monday, March 9, 2015

दो बडे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश ( एफडीआई) प्रस्तावों को हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' अभियान को आगे बढ़ाते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बिहार में 2,400 करोड़ रुपये की लागत से डीजल व इलेक्ट्रिक इंजन कारखाना लगाने के बारे में दो बडे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश ( एफडीआई) प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है।
रेलवे ने अच्छे खासे विलंब के बाद मधेपुरा के इलेक्ट्रिक इंजन कारखाने व मरहोडा के डीजल इंजन कारखाने को लेकर चला आ रहा असमंजस समाप्त करते हुए ऊंचे मूल्य की संयुक्त उद्यम परियोजनाओं की वित्तीय बोली को अंतिम रुप दे दिया है। इसके लिए रेलवे ने बोली दस्तावेज की कई बार समीक्षा की।

रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि दोनों संयंत्रों के लिए वित्तीय बोली दस्तावेजों वाले प्रस्ताव के लिए आग्रह (आरएफपी) तैयार हैं और छांटी गई बोली लगाने वाली कंपनियों को इसकी सूचना दे दी गई है। मधेपुरा के प्रस्तावित इलेक्ट्रिक इंजन कारखाने के लिए चार वैश्विक कंपनियों, अल्सटाम, सीमंस, जीई व बाम्बार्डियर का नाम छांटा गया है।
वहीं मरहोडा के डीजल इंजन कारखाने के लिए दो बहुराष्ट्रीय कंपनियों जीई व ईएमडी का नाम छांटा गया है। इन दोनों कारखानों की अनुमानित लागत 1,200-1,200 करोड़ रुपये है। अधिकारी ने बताया कि वित्तीय बोली 31 अगस्त को खोली जाएगी। इस बीच में दो बोली पूर्व की बैठकें भी होंगी।

Saturday, March 7, 2015

10 साल से गुड़गांव स्टेशन पर मेटल डिटेक्टर की डिमांड

होली को लेकर इस वक्त रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ काफी बढ़ गई है। सिटी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, लेकिन होली से ठीक पहले स्टेशन से दो मेटल डिटेक्टर हटा दिए गए हैं। ये मेटल डिटेक्टर यूएस प्रेजिडेंट के भारत दौरे को लेकर लगा गए थे। कहा जा रहा है कि दिल्ली डिविजन ने ये मेटल डिटेक्टर भेजे थे और अब उन्होंने इन्हें वापस मंगवा लिया है। ऐसे में अब यात्री बिना किसी जांच के प्लेटफॉर्म में पहुंच रहे हैं।
पिछले करीब 10 साल से गुड़गांव स्टेशन पर मेटल डिटेक्टर की डिमांड थी। ऐसे में जब यह मेटल डिटेक्टर आए तो रेलवे स्टेशन के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। गुड़गांव स्टेशन को इससे पहले कई बार उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हरियाणा रेलवे राजकीय पुलिस ने भी इस स्टेशन को अति संवेदनशील स्टेशनों की श्रेणियों में शुमार किया है। लेकिन इसके बावजूद इन मेटल डिटेक्टर को हटा लिया जाना अपने आप में कई सवाल खड़े कर रहा है। इतना ही नहीं यूएस प्रेजिडेंट के दौरे को लेकर स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की फाइल एक बार फिर तेजी से आगे बढ़ने लगी थी, लेकिन अब यह फाइल एक बार फिर ठंडे बस्ते में चली गई है। गुड़गांव स्टेशन से हर 6 मिनट में एक ट्रेन गुजरती है। शताब्दी, राजधानी समेत यहां डबल डेकर ट्रेनें ठहरती हैं और हजारों यात्री यहां से चढ़ते-उतरते हैं। स्टेशन पर प्रतिदिन एक से डेढ़ लाख पैसेंजर सफर करते हैं। लेकिन मेटल डिटेक्टर हटा लिए जाने से अधिकारी निराश हैं।

दैनिक यात्री संघ के महासचिव पी. एल. वर्मा के अनुसार इस रूट का कोई स्टेशन सुरक्षित नहीं है। जीआरपी और आरपीएफ में कर्मियों की कमी है। यात्रियों की चेकिंग के कहीं कोई इंतजाम नहीं है।

Friday, March 6, 2015

विराट कोहली को बाकी मैचों के लिए बैन

वर्ल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन कर रही भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। वाइस कैप्टन विराट कोहली को बाकी मैचों के लिए बैन कर दिया गया है। बीसीसीआई ने अधिकारिक बयान जारी करके कहा है कि कोहली ने टीम के नियम तोड़े हैं। वह टीम का साथ छोड़कर ऑस्ट्रेलिया में अपनी फ्रेंड के साथ घूम रहे थे। सूत्रों का कहना है कि बॉलिवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा इस वक्त विराट के साथ ही हैं।
टीम के मैनेजर रवि शास्त्री का कहना है कि आज वेस्ट इंडीज के साथ हो रहे मैच में विराट खेलेंगे, लेकिन आगे के मैचों में हमें उनकी कमी खलेगी। टीम के दूसरे लड़के अनुशासन में रहें, इसलिए विराट के खिलाफ लिया गया ऐक्शन बिल्कुल ठीक है। वर्ल्ड कैप के बाकी के मैचों के लिए सुरेश रैना को वाइस कैप्टन बनाया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, विराट पिछले दो दिनों से टीम के साथ नहीं थे। हंगामा तब शुरू हुआ जब कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी ने क्रिस गेल से निपटने की रणनीति बनाने के लिए अहम मीटिंग बुलाई। विराट इस मीटिंग में भी नहीं दिखे। धोनी ने इस बात की शिकायत शास्त्री से की। इस बीच ऑस्ट्रेलिया की मीडिया में वे तस्वीरें भी सामने आ गईं जिसमें विराट और अनुष्का साथ में दिख रहे थे। बीसीसीआई ने फौरन ऐक्शन लेते हुए विराट को आगे के मैचों में खेलने से बैन कर दिया।
इससे पहले इंग्लैंड टूर पर भी अनुष्का विराट के साथ थीं। उस समय विराट कोई बड़ा स्कोर नहीं कर पा रहे थे और इसे लेकर उन्हें काफी आलोचना भी झेलनी पड़ी थी। हालांकि इसके बाद ही वह फॉर्म में वापस आ गए थे। अटकलें लगाई जा रही हैं कि तीन दिन पहले उन्होंने भारत के एक पत्रकार के साथ भी गलत बर्ताव किया। पत्रकार ने विराट से अनुष्का के बारे में कोई सवाल किया था। विराट ने इस पूरे घटनाक्रम के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।
विराट पर बैन के मामले में धोनी ने कहा कि हम विराट को मिस करेंगे। हालांकि टीम के सभी बैट्समैन अच्छे फॉर्म में हैं। इस मामले में कुछ पूर्व क्रिकेटर विराट के साथ हैं। सुनील गावस्कर ने कहा कि विराट बेशक किसी के साथ भी घूम सकते हैं, लेकिन उन्हें इस बारे में टीम मैनेजमेंट को बताना चाहिए था। उम्मीद है कि कुछ मैचों पर बैन के बाद बीसीसीआई उन्हें दोबारा खेलने की इजाजत दे देगी। (बुरा ना मानो होली है)

Wednesday, March 4, 2015

60 से बढ़ाकर 120 दिन करने का फैसला 1 अप्रैल से लागू होगा

रेलवे टिकट की अडवांस्ड बुकिंग 60 से बढ़ाकर 120 दिन करने का फैसला 1 अप्रैल से लागू होगा। इस बारे में रेलवे बोर्ड ने औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया है कि गोमती व ताज एक्सप्रेस जैसी स्पेशल ट्रेनों की टिकट बुकिंग का नियम पहले की तरह बरकरार रहेगा। विदेशी टूरिस्टों के लिए भी 360 दिन पहले टिकट बुक कराने की सुविधा के नियम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बोर्ड की ओर से सभी जोनल रेलवे को इस बारे में आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसी तरह से बोर्ड ने क्रिस को भी आदेश दिया है कि वह नए नियमों के मुताबिक रेल रिजर्वेशन सॉफ्टवेयर में बदलाव करें ताकि 1 अप्रैल से लोग 120 दिन पहले टिकट बुक करा सकें। गौरतलब है कि 26 फरवरी को बजट पेश करते हुए रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने ऐलान किया था कि अब 120 दिन पहले रेल टिकट बुक करा सकेंगे। उसी आदेश पर अमल करते हुए रेलवे बोर्ड ने इसके बारे में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।

Monday, March 2, 2015

मोबाइल नंबर से मृतक की पहचान

दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर दनकौर रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार रात जेवर विधानसभा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। शुक्रवार सुबह जीआरपी ने मोबाइल नंबर से मृतक की पहचान की।
दनकौर नगर निवासी कुलदीप शर्मा (24) जेवर विधानसभा यूथ कांग्रेस के प्रेजिडेंट थे। वह दिल्ली स्थित एक प्राइवेट कंपनी में जॉब भी कर रहे थे। परिजनों ने बताया कि गुरुवार सुबह कुलदीप ड्यूटी के लिए निकले। रात में वह दिल्ली से लोकल ट्रेन में बैठकर दनकौर तक आए। जब वह दनकौर रेलवे स्टेशन के पास बने आरओबी के नीचे से होकर रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, उसी समय अलीगढ़ की ओर से तेज स्पीड में आ रही एक मालगाड़ी की चपेट में आ गए। जीआरपी ने बताया कि घटना इतनी भयानक थी कि शव की पहचान भी नहीं हो सकी। जेब में भी कुछ पहचान की चीजें नहीं मिली। इसके चलते पुलिस को पहचान करने में परेशानी हुई। इस कारण पुलिस ने शव का अज्ञात में पंचनामा भर दिया।

ट्रेन की चपेट में आते ही मृतक कुलदीप की जेब में रखा उसका मोबाइल भी टूट कर दूर जा गिरा। सिम भी रेलवे ट्रैक पर ही पड़ा था। पंचनामा भरते समय जीआरपी ने सिम उठा लिया। पुलिस ने उस सिम को अपने मोबाइल में डाल लिया। इसके बाद उस पर एक कॉल आई। जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को कुलदीप शर्मा का दोस्त बताते हुए कुलदीप का हालचाल पूछा। इसके बाद पुलिस ने मामले की पूरी जानकारी उस शख्स को दी। सूचना मिलते ही कुलदीप के परिजन भी शुक्रवार सुबह रेलवे स्टेशन पहुंच गए। जहां उन्होंने कुलदीप के कपड़ों से उसकी पहचान की। वहीं घटना के बाद से कुलदीप के घर में मातम छाया हुआ है। दूसरी ओर शुक्रवार को उनके घर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। इस बारे में दनकौर रेलवे स्टेशन चौकी इंचार्ज अजय कुमार का कहना है कि हादसा बड़ा ही दर्दनाक था। मृतक की पहचान सिम से ही हुई है।