Friday, February 27, 2015

दिल्ली-मुंबई रूट्स पर यात्रा एक रात में

ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने और ट्रैवल में लगने वाला समय घटाने के मकसद से सुरेश प्रभु की अगुवाई वाला रेल मंत्रालय जल्द ही बुलेट ट्रेनों की तर्ज पर बिना इंजन के खुद चलने वाली ट्रेनों की शुरुआत करेगा। इससे मेट्रो शहरों के बीच ट्रैवल का समय 20 पर्सेंट कम किया जा सकेगा और हवाई जहाज से सफर करने वाले बहुत से लोग भी ट्रेनों की सवारी करना पसंद करेंगे।
इस प्रोजेक्ट की लागत 100 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। इसके लिए अगले दो वर्षों में देश में इम्पोर्टेड ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। प्रभु ने गुरुवार को अपना पहला रेल बजट पेश करने के दौरान बताया, 'यात्रा का बेहतर अनुभव देने और ट्रैवल टाइम में लगभग 20 पर्सेंट की कटौती करने के मकसद से ट्रेन सेट्स के नाम से एक मॉडर्न ट्रेन सिस्टम शुरू करने का प्रपोजल है। ये डिजाइन में बुलेट ट्रेनों जैसी होंगी और बिना इंजन के मौजूदा ट्रैक्स पर चल सकेंगी।'
उन्होंने कहा कि इससे रेलवे की कपैसिटी बढ़ेगी, एनर्जी की बचत होगी और आउटपुट में इजाफा किया जा सकेगा। प्रभु के मुताबिक, 'हमें इन ट्रेनों के पहले सेट के हमारे सिस्टम पर अगले दो वर्षों के अंदर चलने की उम्मीद है। अनुभव के आधार पर इन ट्रेन सेट्स की भारत में मैन्युफैक्चरिंग पर विचार किया जाएगा।'
रेलवे मिनिस्ट्री के अधिकारियों ने इकॉनमिक टाइम्स को बताया कि एक ट्रेन सेट में आठ कोच होंगे, जिन्हें 100 करोड़ रुपये की कीमत पर आयात किया जाएगा। ये मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर पर चलेंगे। फीडबैक वेंचर्स के विनायक चटर्जी ने कहा, 'ट्रेन सेट्स ईएमयू (इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट्स) का बेहतर वर्जन हैं।'
उनका कहना था कि ये ट्रेनें राजधानी और शताब्दी की जगह ले सकती हैं। भारतीय रेलवे ने नौ रेलवे कॉरिडोर की स्पीड मौजूदा 110 और 130 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 160 और 200 किलोमीटर प्रति घंटा करने का प्रपोजल दिया है जिससे दिल्ली-कोलकाता और दिल्ली-मुंबई रूट्स पर यात्रा एक रात में पूरी की जा सकेगी। इसके लिए ट्रैक को अपग्रेड करना होगा, जिसमें रोलिंग स्टॉक में सुधार करना और ट्रैक रिकॉर्डिंग, मॉनिटरिंग और मेंटेनेंस के लिए बेहतर तरीके अपनाना शामिल होगा। इसके साथ ही ट्रेन सेट्स की भी शुरुआत की जाएगी।
सीआईआई की रेल कमिटी के को-चेयरमैन तिलक राज सेठ ने कहा, 'मेट्रो शहरों के बीच यात्रा का समय कम करने की योजना केवल बिना लोकोमोटिव के खुद चलने वाले कोचों से ही संभव है। इसके शुरू होने पर एयर ट्रैवलर्स को भी खींचने में मदद मिलेगी।' मुंबई और अहमदाबाद के बीच हाई-स्पीड रेल या बुलेट ट्रेन के बारे में प्रभु ने कहा, 'इसके लिए फिजिबिलिटी स्टडी अंतिम दौर में है और इसके इस वर्ष के मध्य तक पूरा होने की उम्मीद है। रिपोर्ट आने के बाद इस पर तुरंत काम किया जाएगा।'
बुलेट ट्रेनें भले ही भारत के लिए अभी दूर की कौड़ी हैं, लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार ट्रेन सेट्स के तौर पर इनका एक छोटा वर्जन शुरू करने की तैयारी कर रही है। बुलेट ट्रेन की तर्ज पर चलने वाले ट्रेन सेट्स में कोचों को खींचने के लिए लोकमोटिव या इंजन नहीं होता। इसके नतीजे में पावर पूरे सिस्टम में समान तौर पर डिस्ट्रीब्यूट होती है और ट्रैवल का समय काफी कम हो जाता है। हालांकि, बुलेट ट्रेन की तरह इनके लिए अलग से ट्रैक बिछाने की जरूरत नहीं होती। शुरुआत में इन ट्रेन सेट्स का इम्पोर्ट किया जाएगा। बाद में इनकी मैन्युफैक्चरिंग देश में ही की जा सकती है।

Thursday, February 26, 2015

रेल बजट की खास बातें

रेल बजट की खास बातें

Wednesday, February 25, 2015

रेल बजट में किराया बढ़ाने से परहेज

रेलवे मिनिस्टर सुरेश प्रभु गुरुवार को पेश होने वाले रेल बजट में किराया बढ़ाने से परहेज कर सकते हैं। हालांकि, किराया न बढ़ाने पर उन्हें खस्ता माली हालत का सामना कर रही रेलवे की फाइनैंशल पोजिशन मजबूत करने के लिए मुख्य बजट से ज्यादा मदद, प्राइवेट सेक्टर के साथ जॉइंट वेंचर्स और अन्य देशों से फाइनैंसिंग पर निर्भर रहना होगा।
प्रभु को पिछले वर्ष नवंबर में रेलवे मिनिस्टर बनाया गया था और उनके आने से मिनिस्ट्री में बड़े बदलाव होने की उम्मीदें जगी थीं। सूत्रों ने ईटी को बताया कि किराया बढ़ाने का विकल्प था, लेकिन अभी इसे टाल दिया गया है।

बजट बनाने की प्रक्रिया से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, 'किसी भी तरह का किराया बढ़ने की गुंजाइश नहीं है क्योंकि पैसेंजर ग्रोथ नेगेटिव रही है और फ्रेट भी उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ा है।' हालांकि, तत्काल और प्रीमियम स्पेशल ट्रेनों के किराए में कुछ अजस्टमेंट्स किए जा सकते हैं।
शनिवार को पेश होने वाले मुख्य बजट का संकेत लेने के लिए प्रभु के बजट भाषण पर एक्सपर्ट्स की निगाह रहेगी। माना जा रहा है कि प्रभु ने किराया बढ़ाने या न बढ़ाने को लेकर फैसला करने में लंबा समय लिया है। उन्होंने रेलवे बजट को अंतिम रूप देने के बाद सोमवार देर शाम को अपना ऑफिस छोड़ा और मंगलवार की सुबह बजट डॉक्युमेंट प्रिंटिंग के लिए भेज दिया गया। प्रभु को कड़ी मेहनत करने वाले 'टेक्नोक्रेट' मिनिस्टर के तौर पर जाना जाता है। वह पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि रेवेन्यू बढ़ाने के लिए प्रभु व्यक्तिगत तौर पर किराया बढ़ाने के पक्ष में थे, लेकिन रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उन्हें यह आश्वस्त करने में सफल रहे कि पिछले वर्ष किराए में भारी बढ़ोतरी करने के बाद इस साल भी ऐसा करना ठीक नहीं होगा।
एक अधिकारी ने कहा, 'सरकार ने पिछले वर्ष जून में किराया बढ़ाया था। उस समय पैसेंजर फेयर में 14.2 पर्सेंट और फ्रेट में 6.5 पर्सेंट की भारी बढ़ोतरी की गई थी। अब डीजल के दाम कम होने की वजह से सरकार के पास किराया बढ़ाने का कोई आधार नहीं है।'

Monday, February 23, 2015

ऐक्टिव बैग लिफ्टर गैंग के पांच बदमाशों को अरेस्ट किया

पुलिस ने रेलवे स्टेशनों पर ऐक्टिव बैग लिफ्टर गैंग के पांच बदमाशों को अरेस्ट किया है। आरोपियों में प्रह्लाद, राजकुमार, शिव कुमार, राम बहादुर और अमर सिंह है। शिव कुमार इस गैंग का लीडर है। पुलिस ने उनके पास से 14 मोबाइल फोन, 44 हजार रुपए के अलावा जूलरी बरामद की है। पुलिस इस गैंग की गिरफ्तारी से रेलवे स्टेशनों पर बैग चोरी की दर्जनों वारदातें सुलझाने का दावा कर रही है।
डीसीपी संजय भाटिया ने बताया कि 8 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के वेटिंग हॉल के बाथरूम से एक मुसाफिर का बैग चोरी हुआ था। बैग में सोने की चेन, मंगलसूत्र, लॉकेट, मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड के अलावा ट्रेन का टिकट रखा हुआ था। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।  सीसीटीवी फुटेज को खंगाले पर वहां एक संदिग्ध व्यक्ति घूमते हुए दिखाई दिया। बाद में वह बैग चुराकर ले जाते हुए भी कैमरे में कैद हो गया। पुलिस ने फुटेज की मदद से नॉर्थ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के जगजीत नगर में दबिश देकर वहां से गैंग के पांचों सदस्यों को अरेस्ट कर लिया।

31 मंडलों में नए मंडल रेल प्रबंधकों की पोस्टिंग

रेलवे बोर्ड ने बुधवार शाम उत्तर रेलवे सहित 31 मंडलों में नए मंडल रेल प्रबंधकों की पोस्टिंग कर दी। रेलवे बोर्ड के मुताबिक लखनऊ मंडल के डीआरएम जगदीप राय की जगह ए के लाहोती लेंगे। आईआरएसई कैडर के अधिकारी लाहोती अभी रेलवे बोर्ड में कार्यकारी निदेशक (ट्रैक मशीन) पद पर तैनात हैं। इनके अलावा झांसी मंडल की जिम्मेदारी एसके अग्रवाल को व वाराणसी मंडल की कुर्सी सतीश के कश्यप को मिली है।

Friday, February 20, 2015

रेल किराए में कमी नहीं

अगर आप इस बार के रेल बजट से यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि रेल किराए में कमी की घोषणा की जाएगी तो यह खबर आपको निराश कर सकती है। रेल बजट पेश होने से एक हफ्ते पहले, गुरुवार को सरकार ने किराए में कटौती की संभावना से इनकार कर दिया। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि किराया घटाने की संभावना बिल्कुल नहीं है, क्योंकि सब्सिडी के कारण किराया तो पहले से ही कम है।
कटौती की संभावना पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सिन्हा ने कहा, 'ऐसा नहीं किया जाएगा। किराया पहले से ही कम है और सरकार सब्सिडी दे रही है।' मंत्री के मुताबिक, रेलवे को वित्तीय संसाधन और जुटाने की जरूरत है, फिर भी जनहित को ध्यान में रखा जाएगा।

रेल मंत्री सुरेश प्रभु भी डीजल मूल्य घटने के कारण रेल किराया घटाए जाने की संभावना से इनकार कर चुके हैं। संसद का बजट सत्र 23 फरवरी को शुरू हो रहा है। रेल बजट 26 फरवरी को पेश होगा। 27 फरवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश होगा और 28 फरवरी को आम बजट पेश होगा।

Wednesday, February 18, 2015

विस्थापितों को जल्द से जल्द पुनर्वसित करने की मांग

नवी मुंबई शहर में मौजूदा रेलवे नेटवर्क के लिए अपनी जमीन देने वाले विस्थापितों को जल्द से जल्द पुनर्वसित करने की मांग की गई है। शिवसेना के शहर प्रमुख सुरेश श्रीपत म्हात्रे ने केंद्रीय रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु को पत्र लिखकर अवगत कराया कि नवी मुंबई क्षेत्र की उपनगरीय रेल परियोजना से विस्थापित हुए सभी किसानों को उनका मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि उनके पत्र के जवाब में रेलमंत्री ने पत्र लिखकर जल्द ही इस विवाद को निपटाने का भरोसा दिलाया है।
सुरेश श्रीपत म्हात्रे के अनुसार, मानखुर्द से पनवेल और ठाणे से नेरुल तक बनाई गई उपनगरीय रेल सेवा के निर्माण और विस्तार के लिए सैकड़ों किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया। किसानों की जमीन लेने के बदले रेल परियोजनाग्रस्तों के लिए कुछ योजनाएं जरूर लागू की गईं पर सभी को इसका पूर्ण लाभ नहीं मिल सका।

म्हात्रे ने रेलमंत्री से मांग की कि स्थानीय रेल परियोजनाग्रस्तों को उनकी शिक्षा और गुणवत्ता अनुसार रेलवे में नौकरी दी जाए और उनका पूर्ण पुनर्वसन ठीक उसी तर्ज पर किया जाए जिस तर्ज पर कोकण रेलवे से विस्थापित हुए किसानों का किया गया है।

Monday, February 16, 2015

मेट्रो का संचालन - हकीकत

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जयपुर मेट्रो का संचालन की हकीकत में 8 महीने पहले ही शुरू हो सकता था, लेकिन बीजेपी सरकार ने सत्तारूढ़ होते ही पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों के प्रभाव को कम करने की जो सोची-समझी नीति अपनाई। गहलोत ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की है कि अंतत: आम जन के भारी दबाव के चलते बीजेपी सरकार राजधानी जयपुर में मेट्रो का संचालन करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि मेट्रो शुरू हो जाने से निश्चित रुप में शहरवासियों को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। पूर्व मुख्यमंत्री जारी एक बयान में कहा कि जन भावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार को मेट्रो के द्वितीय चरण (अम्बाबाडी से सीतापुरा वाया एम.आई. रोड, एयरपोर्ट) का काम भी बिना देर किये अति शीघ्र शुरू करवाना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना 2011 के अनुसार जयपुर जिले की आबादी 66 लाख से अधिक थी। बढ़ी आबादी व वाहनों की दिनों-दिन बढ़ रही संख्या से जाम की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही है। इसको देखते हुए बीजेपी सरकार को जयपुर के चारों तरफ बस्सी, चौमूं, चाकसू व बगरु तक मेट्रो का विस्तार करवाने हेतु सर्वे का काम शीघ्र प्रारंभ कर देना चाहिए।
गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार शहरों में मेट्रो निर्माण में वित्तीय सहायता देने हेतु निर्धारित 20 लाख आबादी को घटाकर 10 लाख करने की सिद्घान्तत: घोषणा कर चुकी है. ऐसे में जनगणना 2011 के अनुसार जोधपुर व कोटा की नगर निगम सीमा क्षेत्र की आबादी 10 लाख से अधिक हो चुकी थी। ऐसी परिस्थितियों में राज्य सरकार को इन शहरों में भी मेट्रो निर्माण पर विचार करना चाहिए।

Friday, February 13, 2015

ट्रेन हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10

बेंगलुरु के पास हुए ट्रेन हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है. इस दुर्घटना में 17 लोग घायल हुए हैं. इस बीच रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने जांच के आदेश दे दिए हैं. यह दुर्घटना सुबह साढ़े सात बजे के आसपास हुई.
बैंगलोर-एर्नाकुलम इंटरसिटी एक्सप्रेस सुबह सवा छह बजे बेंगलुरु स्टेशन से निकली और करीब सात बजकर 35 मिनट पर अनेकल रोड और होसुर के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गई. यह हादसा तब हुआ जब ट्रेन रेलवे ट्रैक पर गिरे बोल्डर से टकरा गई.

प्रधानमंत्री ने बैंगलोर-एर्नाकुलम इंटरसिटी एक्सप्रेस दुर्घटना में मारे गए लोगों के लिए शोक जताया है.

Wednesday, February 11, 2015

संदिग्ध हालत में एक युवक का शव लटका मिला

ऊंचाहार एक्सप्रेस के महिला कोच के बाथरूम में संदिग्ध हालत में एक युवक का शव लटका मिला। इस युवक के पास मिले पहचान-पत्र के अनुसार वह बिहार के पूर्वी चंपारण का रहने वाला था। रेलवे पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि यह हत्या का मामला है या आत्महत्या का।
जीआरपी प्रवक्ता ने बताया कि ऊंचाहार एक्सप्रेस सोमवार देर रात कानपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर आई। महिला कोच में जब एक महिला बाथरूम जाने लगी तो उसने दरवाजा अंदर से बंद पाया। काफी देर तक खटखटाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो महिला ने इसकी सूचना रेलवे पुलिस को दी।

पुलिसकर्मियों ने दरवाजा खोलने की काफी कोशिश की लेकिन दरवाजा नहीं खुला तो रेलवे के इंजीनियरों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया। दरवाजा तोड़ने के बाद पुलिस ने पाया कि अंदर एक युवक का शव गमछे के सहारे लटक रहा है ।
शव की जांच के दौरान मिले पहचान पत्र पर उसका नाम श्याम लाल और पता पूर्वी चंपारण बिहार दर्ज था। मृतक की उम्र तकरीबन तीस साल है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिये भेज उसके परिजनों को सूचित कर दिया है। रेलवे पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस युवक की हत्या कर शव लटकाया गया है या इसने आत्महत्या की है

Saturday, February 7, 2015

वकीलों ने आगरा और मथुरा में रेल रोका

आगरा में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर गुरुवार को वकीलों ने आगरा और मथुरा में रेल रोका। इस दौरान आगरा में वकीलों ने राजा की मंडी स्टेशन पर मालगाड़ी रोककर जमकर नारेबाजी के साथ हंगामा किया। वहीं, मथुरा में वकीलों ने मथुरा-कासगंज पैसेंजर ट्रेन को रोककर उसके इंजन पर चढ़ गए और नारेबाजी की। आगरा और मथुरा में अप और डाउन ट्रैक बाधित होने की वजह से कई ट्रेनें अपने तय समय से लेट चलीं। आगरा के राजा मंडी रेलवे स्टेशन पर वकील सुबह करीब 10 बजे से पहुंचने लगे थे। दोपहर 12 बजे तक वकीलों की संख्या सैंकड़ों में पहुंच गई। इसके बाद वकील पटरी पर आ गए। एक माल गाड़ी को रोककर उसके इंजन पर चढ़ गए। मथुरा में वकीलों ने मथुरा-कासगंज एक्सप्रेस को रोककर उसके इंजन पर चढ़कर नारेबाजी की। वकीलों को हटाने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा, लेकिन वकीलों के आगे उनकी नहीं चली। इस दौरान मुसाफिरों को परेशानियों का समाना करना पड़ा

Thursday, February 5, 2015

आने वाले दिनों में मेट्रो की तरह इंडियन रेलवे के कई स्टेशन भी अंडरग्राउंड बनाए जा सकते हैं

आने वाले दिनों में मेट्रो की तरह इंडियन रेलवे के कई स्टेशन भी अंडरग्राउंड बनाए जा सकते हैं।  इस बार रेल बजट में रेलमंत्री इस तरह के स्टेशन बनाने का ऐलान कर सकते हैं। स्टेशन बनाने का मकसद यह है कि अंडरग्राउंड स्टेशन बनाने वाली कंपनी को ही जमीन और उस पर कंस्ट्रक्शन कर बिल्डिंग बनाने का मौका मिल सकेगा।
इंडियन रेलवे के सूत्रों के मुताबिक रेलमंत्री सुरेश प्रभु को इस मामले में विभाग की ओर से डिटेल में जानकारी दी गई है। यही नहीं, उन्हें यह भी बताया गया है कि किस तरह से शिकागो और सिंगापुर में इसी तरह के स्टेशन बनाए गए हैं और इन स्टेशनों पर बिल्डिंग बनाकर उनका कमर्शल यूज किया जा रहा है। यही वजह है कि रेलवे अब इस बात पर विचार कर रहा है कि भले ही रेलवे लाइन अंडरग्राउंड न बने, लेकिन रेलवे स्टेशनों को जरूर अंडरग्राउंड बनाया जा सकता है।
रेलवे के अधिकारी के मुताबिक अगर ऐसा होता है तो इससे रेलवे को आधुनिक रेलवे स्टेशन मिल जाएगा। स्टेशन बनाने वाली कंपनी को जमीन मिल जाएगी, जिस पर वह मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाकर उसे लीज पर दे सकेगी। यही नहीं, बदले में यह कंपनी इंडियन रेलवे को नियमित तौर पर कुछ राशि भी देगी। इस तरह से न सिर्फ रेलवे, बल्कि निवेशक के लिए भी विन-विन की स्थिति बन जाएगी।
रेलवे सूत्रों का कहना है कि इस मामले में सरकार शिकागो और सिंगापुर की मदद ले सकती है। यह भी हो सकता है कि वहीं के निवेशक इंडिया में आकर रेलवे में इस तरह से निवेश करें। रेलवे को स्टेशन बनाने पर मोटा खर्च नहीं करना पड़ेगा और जमीन भी उसके पास ही रहेगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेल बजट में रेलमंत्री यह ऐलान कर सकते हैं कि इस तरह के स्टेशन बनाने के लिए स्टडी की जाए और अगर यह स्टडी सकारात्मक आती है तो रेलवे इस योजना को आगे बढ़ा सकता है। रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक आमतौर पर स्टेशन बनाने के लिए काफी जमीन की जरूरत होती है। ऐसे में जमीन के नीचे स्टेशन बनने से यह जमीन बचेगी और उसके उपर पूरी बिल्डिंग ही बन जाएगी। स्टेशन को दोनों छोर पर रेल लाइन से जोड़ने के लिए रैंप बनाए जा सकते हैं ताकि ट्रेन आसानी से स्टेशन तक पहुंचे और दूसरे छोर से बाहर निकल सके

Tuesday, February 3, 2015

रेलवे क्रॉसिंग बंद करने का फैसला

हरियाणा सरकार ने हाल में हिसार के बाद रेलवे ट्रैक पर भीषण दुर्घटना से सबक लेते हुए राज्य में सभी मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग बंद करने का फैसला लिया है। इसके लिए ओवरब्रिज बनाए जाएंगे या फिर इनपर कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। राज्य ने हाल में उत्तर रेलवे, उत्तर पश्चिम रेलवे और उत्तर केंद्रीय रेलवे से कॉन्टैक्ट किया है। हरियाणा की तरफ से भेजी गई कार्ययोजना में बताया गया है कि राज्य में उत्तर रेलवे के 119 मानव रहित लेवल क्रॉसिंग पड़ते हैं, जिनमें से 89 को सीमित ऊंचाई के उपमार्गों को बनाकर, तीन को विलय द्वारा और 2 मानव रहित लेवल क्रॉसिंग को कम ट्रेन वीइकल यूनिट्स (टीवीयू) के कारण बंद करके खत्म किया जा सकता है। इसके अलावा 25 मानव रहित लेवल क्रॉसिंग पर कर्मचारी नियुक्त करने और सीमित ऊंचाई के ओवरब्रिज बनाने की योजना है।