Saturday, January 31, 2015

बीजेपी का प्रचार

शताब्दी एक्सप्रेस में कागज के जिन कपों में चाय मिलती है, उन पर बीजेपी का प्रचार किया जा रहा है। इन कपों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह की तस्वीरें छपी हैं और लिखा है, 'भाजपा के सदस्य बनें, साथ आएं देश बनाएं।' साथ ही एक टोल फ्री नंबर भी दिया गया है जिन पर मिस्ड कॉल करके कोई भी बीजेपी का सदस्य बन सकता है।
खबर के मुताबिक इन कपों के पीछे जो रेलवे केटरर है वह एक पिछले साल नवंबर में शुरू किए गए एक एनजीओ से जुड़ा है। इसी एनजीओ ने विज्ञापन दिए थे और उसकी सफाई है कि ये कप बीजेपी की रैली में भेजे जाने थे लेकिन सप्लायर ने 'गलती से' शताब्दी एक्सप्रेस में भेज दिए।

इस बारे में सफाई देते हुए उत्तर रेलवे के सीपीआरओ नीरज शर्मा ने कहा, 'नेताओं की तस्वीर वाले कुछ कप शताब्दी एक्सप्रेस में गलती से बांट दिए गए थे। हम जांच कर रहे हैं और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।'
कपों पर लिखा है कि यह अपील संकल्प फाउंडेशन की ओर से जारी की गई है। नियमानुसार रेलों जैसी सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार-प्रसार के लिए नहीं किया जा सकता।

Thursday, January 29, 2015

संभवत: हर बार की तरह रेल बजट में दर्जनों की तादाद में नई ट्रेनों की घोषणा शायद न हो

एलपीजी सिलिंडर की तर्ज पर गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले सबअर्बन यात्रियों को उनके मासिक सीजनल टिकट ( एमएसटी) का पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के तहत उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। अगर यह प्रस्ताव मान लिया गया तो गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों को मिलने वाली 50 फीसदी छूट सीधे उनके खाते में जाएगी। मासिक टिकट बनवाते वक्त उन्हें पूरा पैसा रेलवे के पास जमा करना होगा।
इंडियन रेलवे के सूत्रों के अनुसार रेल बजट में रेलमंत्री इस आशय का ऐलान कर सकते हैं। दरअसल इस तरह का सुझाव डी.के. मित्तल कमिटी ने दिया है। कमिटी का कहना है कि अभी रेलवे गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों को सस्ती दर पर मासिक टिकट जारी करता है, लेकिन इससे यह सुनिश्चित नहीं हो पाता कि वाकई गरीब लोगों को पूरी मदद मिल रही है। ऐसे में इसे आधार कार्ड से जोड़ा जाए। इस स्कीम के तहत बीपीएल लोगों को 100 किमी तक सफर के लिए महज 25 रुपये अदा करने होते हैं। 
रेलवे सूत्रों का कहना है कि इस योजना के लागू होने पर रेलवे पर सब अर्बन ट्रेनों का किराया न बढ़ाने का दबाव नहीं होगा। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि रेलवे बोर्ड में अब इस सिफारिश पर विचार हो रहा है। इसका फायदा यह होगा कि रेलवे सुनिश्चित कर सकेगी कि जिन लोगों को छूट देने की योजना बनी थी, उन्हें ही इसका फायदा मिले। मित्तल कमिटी ने रेलवे को यह भी सुझाव दिया कि वह शहरों में खुद मेट्रो बनाने से बचे। यह मेट्रो पीपीपी मॉडल पर बनें या फिर दिल्ली मेट्रो के मॉडल पर यानी केंद्र और राज्य की बराबर की हिस्सेदारी के आधार पर। 
रेलवे सूत्रों का कहना है कि कमिटी ने यह भी सिफारिश की है कि सबअर्बन क्षेत्र में 25 से 30 फीसदी रेवेन्यू नॉन टैरिफ क्षेत्र यानी किराए के अलावा अन्य क्षेत्रों से आना चाहिए। इसके लिए सब अर्बन क्षेत्रों के स्टेशनों आदि में रियल इस्टेट और विज्ञापनों आदि से जुटाना चाहिए। 
इंडियन रेलवे के सूत्रों का कहना है कि इस बार संभवत: हर बार की तरह रेल बजट में दर्जनों की तादाद में नई ट्रेनों की घोषणा शायद न हो। इसकी वजह यह है कि इस बार रेलमंत्री सांसदों की जगह जनता से भी सीधे सुझाव मांग रहे हैं। माना जा रहा है कि लोकलुभावन घोषणा की जगह रेलमंत्री ठोस घोषणाएं कर सकते हैं। नई ट्रेन के नाम पर किसान एक्सप्रेस को शुरू किया जा सकता है। किसान एक्सप्रेस का मकसद दूरदराज के इलाकों से सब्जियां और फल शहरों तक पहुंचाने की है। महात्मा गांधी के नाम पर भी ट्रेन का आगाज किया जा सकता है, लेकिन इस बार अंधाधुंध ट्रेनों के ऐलान से शायद रेलमंत्री बचेंगे।

Tuesday, January 27, 2015

रेलवे ट्रैक पर फोटो खिंचाने के शौक में 3 युवकों की जान गई

रेलवे ट्रैक पर फोटो खिंचाने के शौक में 3 युवकों की जान चली गई। तीन दोस्तों की ट्रेन से कटकर मौत होने के बाद फोटों खींच रहा युवक बेहोश हो गया। पुलिस ने उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। हादसा नैशनल हाइवे स्थित थाना कोसीकलां क्षेत्र के कोटवन चेकपोस्ट के पास हुआ। चारों दोस्त ताजमहल देखने आगरा जा रहे थे। मुरादनगर का अफजाल दिल्ली के वजीराबाद में कारेाबर करता था। परिवार के लोगों के अनुसार, अफजाल दिल्ली के आजादनगर के अपने साथी याकूब, ओल्ड फरीदाबाद के इकबाल और अनीश के साथ ऑल्टो कार से सोमवार सुबह करीब 7 बजे आगरा ताजमहल का दीदार करने निकले थे। दिल्ली से आगरा जाते समय नैशनल हाइवे पर थाना कोसीकलां क्षेत्र के कोटवन बॉर्डर के पास गांव नवीपुर में रेलवे ट्रैक पर फटॉग्रफी का मन हुआ। उन्होंने कार रोक दी और रेलवे ट्रैक की ओर चल दिए।
इस दौरान अफजाल, याकूब और इकबाल रेलवे ट्रैक पर चहलकदमी करने लगे। बताया गया कि अनीश फोटो खींच रहा था। ये लोग रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर फटॉग्रफी कर ही रहे थे। इसी दौरान दिल्ली और आगरा दोनों ट्रैक पर ट्रेन आ गई। इससे पहले वे संभल पाते ट्रेन की चपेट में आकर तीनों की मौत हो गई। हादसे के बाद फोटो खींच रहा अनीश बेहोश होकर गिर पड़ा।

घटना की जानकारी होते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की सूचना पर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का जायजा लेने के साथ ही उन्होंने बेहोश अनीश को पुलिसकर्मियों की सहायता से अस्पताल में भर्ती करवाया। पुलिस ने परिजनों को हादसे की जानकारी दी। पोस्टमॉर्टम के बाद तीनों के परिजन शवों को साथ ले गए।

Thursday, January 22, 2015

एक यात्री कुछ शर्तों के साथ अपना टिकट किसी दूसरे के नाम ट्रांसफर कर सकता है

रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों के काम की बात है।बहुत से लोगों को रेलवे की इस सुविधा के बारे में पता नहीं है कि एक यात्री कुछ शर्तों के साथ अपना टिकट किसी दूसरे के नाम ट्रांसफर कर सकता है।
इसके लिए ट्रेन के रवाना होने के समय से कम से कम 24 घंटे पहले एक ऐप्लिकेशन और साथ में आईडी प्रूफ चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर के पास जमा कराना होगा । हालांकि, इस सुविधा के तहत यात्रियों को अपना टिकट किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर करने का अधिकार प्राप्त है लेकिन सीमित दायरे में।

एक व्यक्ति अपने परिवार के किसी सदस्य जैसे मां, बाप, बेटा, बेटी, पति या पत्नी के नाम अपना टिकट ट्रांसफर करवा सकता है। एक सरकारी अधिकारी दूसरे सरकारी अधिकारी को, एक छात्र दूसरे छात्र को, किसी शादी समारोह में जाने वाला एक सदस्य दूसरे सदस्य को, एनसीसी का एक जवान दूसरे जवान को अपना टिकट ट्रांसफर करवा सकते हैं।
शादी समारोह में जाने वाले किसी व्यक्ति के लिए 48 घंटे पहले उस समारोह के प्रमुख द्वारा ऐप्लिकेशन देना होगा।

सभी ट्रेनों का परिचालन बुधवार से अगले आदेश तक बंद

मुंबई से कोलकाता की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों का परिचालन बुधवार से अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। इसके चलते लंबी दूरी की ओर जाने वाले लाखों यात्रियों को दिक्कतें होने की खबर है।
हालांकि, रेलवे प्रशासन ने माहौल को शांतिपूर्ण बताते हुए ट्रेन परिचालन को बंद किए जाने के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। सेंट्रल रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से 06.00 बजे छूटने वाली हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस कैंसल कर दी गई है। वहीं, अप ट्रेन परिवर्तित मार्ग से आने के कारण 19 घंटा देरी से चल रही है। लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 21.55 बजे छूटने वाली शालीमार (हावड़ा) एक्सप्रेस वाया नागपुर को भी कैंसल कर दिया गया है।
अप ट्रेन को दक्षिण पूर्व रेलवे ने कैंसल किया है। बुधवार को भी कोलकाता को जाने वाली सभी ट्रेन कैंसल कर दिया गया। इस बाबत सभी जानकारियां रेलवे की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

Tuesday, January 20, 2015

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने पैसेंजर किराया बढ़ाए जाने का संकेत दे दिया

रेल बजट पेश किए जाने से एक महीना पहले रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने पैसेंजर किराया बढ़ाए जाने का संकेत दे दिया है। इंडियन रेलवेज में फॉरन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के विषय पर एक नैशनल सेमिनार में हिस्सा लेने के लिए यहां आए प्रभु ने कहा कि रेलवे को तेज विकास के लिए हरसंभव स्रोत से निवेश की जरूरत है।
यह पूछे जाने पर कि क्या रेलवे की माली हालत खराब होने के उनके बयान का मतलब यह है कि किराया बढ़ाया जाएगा, प्रभु ने कहा, 'रेलवे का बोझ आम आदमी का बोझ है क्योंकि रेलवे डिपार्टमेंट आम आदमी का ही है। हमें रेलवे को ठीक ढंग से चलाना है और आम आदमी को ज्यादा सुविधाएं देनी हैं।' उन्होंने किराये में हो सकने वाली बढ़ोतरी का और ब्योरा नहीं दिया।

विभिन्न स्रोतों से रेलवे को फाइनैंशल और टेक्नॉलजिकल इन्वेस्टमेंट की जरूरत पर जोर देते हुए प्रभु ने कहा कि फॉरन पेंशन फंड्स और दूसरे संस्थानों जैसे नए स्रोतों से निवेश जुटाने पर गौर किया जा रहा है।
हालांकि उन्होंने यह बात सिरे से खारिज कर दी कि रेलवे का निजीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसे सरकार ही चलाएगी। प्रभु ने कहा, 'इंडियन रेलवेज की ड्राइविंग वील रेलवे मिनिस्ट्री के हाथों में ही रहेगी।' उन्होंने कहा, 'फाइनैंशल इंस्टिट्यूशंस अच्छा रिटर्न तो चाहते हैं, लेकिन ओनरशिप नहीं लेना चाहते हैं।'
रेल मंत्री ने कहा कि पीपीपी और एफडीआई पर सरकार का कोई भी निर्णय इस आधार पर होगा कि रेलवे और इकॉनमी की ग्रोथ सुनिश्चित हो। उन्होंने रेलवे की क्षमता और उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया ताकि अधिक से अधिक रेवेन्यू जुटाया जा सके।

Saturday, January 17, 2015

वरिष्ठ नागरिकों के लिए लोकल ट्रेनों में सीटें आरक्षित रखने का आदेश

बॉम्बे हाई कोर्ट ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए लोकल ट्रेनों में सीटें आरक्षित रखने का आदेश दिया है। लोकल ट्रेनों में भीड़ ज्यादा होने के कारण उन्हें कई घंटे ट्रेनों में खड़े होकर सफर करना पड़ता है।
कोर्ट ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए हर लोकल ट्रेन में 14 सीटें रिजर्व रखने का आदेश दिया है, जिस पर 15 अप्रैल से अमल करना होगा। कोर्ट ने रेलवे अधिकारियों से यह भी कहा है कि वे यह सुनिश्चित करें कि रिजर्व की हुई सीटें केवल वरिष्ठ नागरिकों के लिए ही उपयोग हों।

गौरतलब है कि लोकल ट्रेनों में महिलाओं के लिए अलग डिब्बे होते हैं और अपंग यात्रियों के लिए भी अलग डिब्बा होता है लेकिन वरिष्ठ नागरिक के लिए दोपहर में कुछ सीटें रिजर्व होती हैं। जबकि ज्यादा परेशानी पीक टाइम में होती हैं। हालांकि कई भले पैसेंजर अपने पास किसी सीनियर सिटीजन के खड़े होने पर अपनी सीट दे देते हैं लेकिन यह हर बार संभव नहीं होता है।
न्यायाधीश अभय ओक ने कहा कि द्वितीय श्रेणी डिब्बे में उनके लिए कुछ सीटें रिजर्व होती हैं लेकिन यह देखा गया है कि उनका उपयोग वे नहीं कर पाते। उन्होंने यह भी कहा कि सीटों पर साफ-साफ लिखा होना चाहिए कि वे सीनियर सिटीजन के लिए हैं। कोर्ट को यह निर्णय स्वतंत्रता सैनानी और सीनियर सिटीजन ए. बी. ठक्कर की याचिका पर देना पड़ा है।

निवेश के अभाव में रेलवे को करना पड़ा सेवाओं से समझौता

प्रभु ने कहा कि सरकार के इस विशालकाय उपक्रम की बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए भारी निवेश जरूरी है।
उन्होंने कहा कि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में समुचित निवेश से भारतीय रेलवे आगामी वर्षों में विकास के इंजन में तब्दील हो सकती है। प्रभु ने माना कि रेलवे में धन का 'गहरा संकट' है, जबकि संपर्क नेटवर्क को व्यापक करने के लिए इसे भारी निवेश की जरूरत है। उन्होंने कहा कि और अधिक डिब्बों तथा लोगों को लाने ले जाने के लिए 30 से 40,000 किमी लाइनों के विस्तार की जरूरत है।

'इकोनॉमिक टाइम्स ग्लोबल बिजनस समिट' में प्रभु ने कहा कि रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर में अगर सुधार हो जाए तो वह जीडीपी में 2.5 फीसदी से 3 फीसदी का योगदान दे सकती है। बहरहाल, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सेक्टरों में निवेश के लिए भारत के पास आवश्यक संस्थाएं नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि पेंशन फंड ऐसी संभावना है जो निवेश में मदद कर सकती है। नक्सल प्रभावित इलाकों का उदाहरण देते हुए प्रभु ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों को ले जाने के साथ साथ बेहतर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर ऐसे स्थानों में ज्यादा निवेश ला सकती है और रोजगार सृजन कर सकती है। उत्तरोत्तर सरकारों का विचार रहा है कि रोजगारों के जरिये युवाओं को नक्सलवाद और उग्रवाद से अलग रखा जा सकता है।

Thursday, January 15, 2015

रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट में राज्यों से मदद लेंगे प्रभु

प्रभु का मानना है कि केंद्र सरकार इतना ही कर सकती है और देशभर में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलप करने के लिए राज्यों से साझेदारी करना जरूरी है। इससे रेलवे को प्रॉजेक्ट्स के लिए लैंड एक्विजिशन की पुरानी समस्या से निपटने में आसानी होगी। प्रभु ने एक कैबिनेट नोट भी तैयार कराया है, जो एक अलग लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन बनाने से जुड़ा है। इसमें इस पीएसयू को जॉइंट वेंचर के रूप में स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिसे सभी बड़े बिजनस हब्स में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क बनाने का जिम्मा दिया जाएगा। रेलवे बोर्ड के एक मेंबर ने दावा किया, 'इस आइडिया के बारे में पहले भी बात हुई थी, लेकिन मंत्री अब मिशन मोड में आ गए हैं।'

प्रभु ने नए साल की शुरुआत पर सभी चीफ मिनिस्टर्स को पत्र लिखे थे। इनमें रेलवे स्टेशनों, ट्रैक को चौड़ा करने के अलावा रोड ओवरब्रिज और रोड अंडरब्रिज बनाने सहित रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और उसे मजबूत करने में राज्यों के साथ साझेदारी का प्रस्ताव दिया गया था। एक सीनियर रेलवे ऑफिशल ने कहा, 'कई रेलवे प्रॉजेक्ट्स लैंड एक्विजिशन में दिक्कतों की वजह से फंसे हुए हैं। 2 लाख करोड़ रुपये के प्रॉजेक्ट अटके हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे प्रॉजेक्ट्स की है, जिनमें राज्यों ने जमीन मंजूर करने में सहयोग नहीं किया है। ज्यादातर आरओबी और आरयूबी इसी वजह से पेंडिंग हैं।'
प्रभु ने राज्यों के सामने जॉइंट वेंचर रूट अपनाने का प्रस्ताव रखा है। अधिकारी ने ईटी को बताया, 'प्रॉजेक्ट चिन्हित हो जाने पर रेलवे संबंधित राज्य के साथ मिलकर जेवी बना सकता है ताकि प्रॉजेक्ट पूरा हो सके। इसे एसपीवी के जरिए भी किया जा सकता है। खर्च होने वाली रकम सभी पक्ष मिलकर देंगे। राज्यों को प्रॉजेक्ट अपना होने का अहसास होगा।' रेलवे को उम्मीद है कि रेलवे स्टेशनों के डिवेलपमेंट और मॉडर्नाइजेशन में भी जेवी मॉडल अपनाया जा सकेगा। एक अन्य रेलवे ऑफिशल ने कहा, '7,000 स्टेशनों को मॉडर्नाइजेशन के लिए चुना गया है। इन्हें डिवेलप करने के लिए राज्यों से मदद मांगी गई है। इनमें राज्य अगर एक प्राइवेट पार्टनर को जोड़ लें तो एक तरह से त्रिकोणीय जेवी बन सकता है।'
रेलवे ने अपने प्रॉजेक्ट्स को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोल दिया है। अधिकारी ने कहा, 'इन्वेस्टर्स 7000 में से किसी भी स्टेशन को चुन सकते हैं। पहले उनके लिए ऐसे 8 स्टेशन ही थे, जिन्हें रेलवे मॉडल स्टेशन के रूप में डिवेलप करना चाहता था।' हर स्टेशन पर 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत के साथ रेलवे ने इससे पहले चंडीगढ़, बिजवासन, आनंद विहार, शिवाजी नगर (पुणे), हबीबगंज, गांधीनगर, सूरत और मंगलौर को मॉडल स्टेशन के रूप में ऑफर किया था।

Sunday, January 11, 2015

उत्तर भारत में कोहरे की वापसी, 100 ट्रेनें लेट

कुछ दिनों तक राहत मिलने के बाद फिर से उत्तर और पूर्वी भारत में कोहरे की वापसी हो गई है। रविवार सुबह को उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में घना कोहरा देखा गया। कोहरे से रविवार को करीब 100 ट्रेनें लेट चल रही हैं तो 10 फ्लाइट्स रद्द हुई हैं और करीब इतनी ही लेट भी हो गईं।
जानकारी के मुताबिक, पूर्व और उत्तर भारत में कोहरे के चलते रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर 10 फ्लाइट्स रद्द हुईं और कम से कम 11 फ्लाइट्स लेट हुईं। लेट होने वाली फ्लाइट्स में 8 दिल्ली से जाने वालीं और तीन यहां आने वाली फ्लाइट्स थीं।

देश भर में कोहरे के चलते रविवार को 98 ट्रेनें लेट हुईं। लेट हुईं ट्रेनों में 45 सुपरफास्ट, एक शताब्दी और 5 राजधानी हैं। कोहरे के कारण 16 सुपरफास्ट, 1 शताब्दी और 1 राजधानी ट्रेनें रद्द भी हुई हैं। ज्यादा लेट हुई ट्रेनों में श्रीधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस मेल (नई दिल्ली से जबलपुर) 17 घंटे, दुरंतो एक्सप्रेस (हजरत निजामुद्दीन से सिकंदराबाद) 16 घंटे, शहीद एक्सप्रेस मेल (अमृतसर से जयनगर) 23 घंटे, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (अमृतसर से बिलासपुर) 15 घंटे और जम्मू-गुवाहाटी एक्सप्रेस करीब 10 घंटे लेट रहीं। दिल्ली वासियों की रविवार की सुबह कोहरे के साथ शुरू हुई। पालम एयरपोर्ट पर रविवार तड़के जीरो विजिबलिटी दर्ज की गई। हालांकि, सुबह 6.30 बजे तक यह 100 मीटर हो गई थी। दिल्ली में बाकी जगहों पर हल्का कोहरा देखा गया।
उत्तर प्रदेश की राजधानी में लखनऊ में भी काफी घना कोहरा देखा गया। यहां सुबह जीरो विजिबलिटी देखी गई। अमृतसर में भी घना कोहरा था और विजिबलिटी 50 मीटर दर्ज की गई।
पूर्वी भारत में रविवार को कोहरे में कुछ सुधार हुआ। गया और वाराणसी में थोड़ा कम कोहरा देखा गया। यहां विजिबलिटी 600 मीटर तक रही। पटना में कोहरा काफी कम रहा और विजिबलिटी एक किमी तक थी। अगरतला में रविवार को 200 मीटर विजिबलिटी दर्ज की गई।

केंद्र सरकार ने इसका किराया तय करने के लिए कमिटी

मुंबई मेट्रो को लेकर उठे बवंडर के बाद केंद्र सरकार ने इसका किराया तय करने के लिए कमिटी बना दी है। बढ़े हुए मेट्रो किराए पर इसका कोई भी असर होने की संभावना नहीं है। आगे भविष्य में अगर आगे कभी फिर किराया बढ़ता है, तब जाकर इस 'टैरिफ फिक्सेशन कमिटी' का काम शुरू होगा।
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एनबीटी' ने किराया वृद्धि को लेकर सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए थे। विशेषज्ञों की यह राय है कि अगर ये कमिटी पहले बना दी गई होती तो मेट्रो का किराया बढ़ाना इतना आसान नहीं होता। ताजा तथ्य ये उभरे हैं कि कम से कम दो बार महाराष्ट्र सरकार ने इस किराया समिति के लिए नाम भेजे थे। मगर केंद्र सरकार ने इस बारे में निर्णय ही नहीं किया। पहले सुबोध कुमार का नाम महाराष्ट्र सरकार ने इस कमिटी की अध्यक्षता के लिए भेजा था। मगर यह प्रस्ताव प्रलंबित पड़ा रहा। फिर केंद्र की नई बीजेपी सरकार को यह नाम पसंद नहीं आया। इसके बाद, दूसरी बार मुख्य सचिव रहे जयंत बांठिया का नाम कमिटी की अध्यक्षता के लिए भेजे जाने की खबर है। इस नियुक्ति पर भी दिल्ली ने किसी तरह की खास रुचि नहीं दिखाई।

Friday, January 9, 2015

मुंबई में दफ्तरों में काम के समय को बदल दिया जाए


मुंबई की लोकल ट्रेनों में पीक आवर्स के दौरान भीड़ कम करने के लिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने एक शानदार नुस्खा सुझाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सुझाव दिया है कि अगर मुंबई में दफ्तरों में काम के समय को बदल दिया जाए, तो लोकल में एक ही समय पर होने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सकता है। 

मुंबई की लोकल ट्रेन की समस्याओं के बारे में गुरुवार को रेल मंत्री और मुख्यमंत्री की मौजूदगी में मंत्रालय में एक हाई लेवल मीटिंग हुई। इस मीटिंग में रेल मंत्री ने कहा कि सरकारी और निजी कंपनियों के दफ्तरों में कामकाज का समय एक ही होने के कारण एक ही समय पर लोकल में भीड़ रहती है। अगर राज्य सरकार दफ्तरों के कामकाज का समय अलग-अलग कर दे, तो लोकल ट्रेनों में भीड़ का बोझ कम हो सकता है। भीड़ नियंत्रित होने से लोकल ट्रेनों में होने वाले हादसों में भी कमी आएगी। रेलवे से जुड़े तमाम कार्यों को गति देने के उद्देश्य से सुझाए गए नया प्राधिकरण बनाने पर सीएम ने अपनी रजामंदी जताई है। इस मीटिंग में परिवहन मंत्री दिवाकर रावते, मुख्य सचिव स्वाधीन क्षत्रीय और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ए.के. मित्तल समेत सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे के जीएम तथा एमआरवीसी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 

Thursday, January 8, 2015

रेलवे ट्रेक और सोनीपत रोड को करीब दो घंटे तक जाम

शीला बाइपास चौक के पास रेलवे फाटक के गेटमैन की मंगलवार रात को हुई हत्या के बाद गुस्साए कर्मचारियों ने बुधवार को पानीपत-रोहतक रेलवे ट्रेक और सोनीपत रोड को करीब दो घंटे तक जाम किए रखा। गेटमैन की अज्ञात लोगों ने रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस वारदात से गुस्साए रेलवे कर्मचारियों ने बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे फाटक बंद कर सोनीपत रोड पर जाम लगा दिया। कर्मचारियों का आरोप था कि उनसे 8 घंटे की जगह 12 घंटे काम लिया जाता है और बार-बार मांग के बावजूद फाटकों पर पुलिस की ड्यूटी नहीं लगाई जाती है। मंगलवार रात करीब 2.30 बजे रोहतक से पानीपत जाने वाली ट्रेन गरीब रथ को इस फाटक पर सिग्नल नहीं मिला तो ड्राइवर ने ट्रेन रोककर रेलवे प्रशासन व पुलिस को जानकारी दी। ड्राइवर और गैंगमेन ने फाटक पर बने केबिन में जाकर देखा तो गेटमैन कृष्ण मृत पड़ा था।

Tuesday, January 6, 2015

पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए अलग निदेशालय का गठन किया


जल और ऊर्जा संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए रेलवे ने सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए अलग निदेशालय का गठन किया है। रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रेलवे का नया विभाग पर्यावरण प्रबंधन निदेशालय जल संसाधन के प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिये जिम्मेदार होगा। नया निदेशालय जल और ऊर्जा ऑडिट भी करेगा और पर्यावरण प्रबंधन से जुड़े सभी मामलों से निपटेगा। रेल मंत्री सुरेश प्रभु रेलवे में सौर और पवन ऊर्जा जैसे हरित ईंधन के अधिकतम उपयोग जैसी पर्यावरण अनुकूल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए गंभीर हैं। पर्यावरण निदेशालय के प्रमुख, सलाहकार रैंक के रेलवे के अधिकारी होंगे। इसमें मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, ट्रैफिक कमर्शियल, जमीन और सुविधाएं, वित्त और सामान्य विभाग से 6 कार्यकारी निदेशक नए निदेशालय में शामिल होंगे। इन 6 कार्यकारी निदेशकों को पर्यावरण प्रबंध निदेशालय में काम की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई थी। फिलहाल रेलवे में करीब 2 दर्जन निदेशालय हैं। अब इसमें एक और संख्या का इजाफा हुआ है.

Sunday, January 4, 2015

आरोपी चालकों की पहचान करने के लिए आठ दलों का गठन किया गया

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री दिवाकर राउते ने रविवार को अधिकारियों से उन बदमाश ऑटो चालाकों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है, जिन्होंने दीवा रेलवे स्टेशन पर हिंसक प्रदर्शन के दौरान असहाय यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उनसे अधिक रकम की वसूली की।

दीवा और डोम्बिवली रेलवे स्टेशनों का दौरा करने के बाद राउते ने कहा कि हद से अधिक किराए लेने (स्थिति का फायदा उठाते हुए) के आरोपी चालकों की पहचान करने के लिए आठ दलों का गठन किया गया है। मैं यात्रियों से भी अपील करता हूं कि ऐसे चालकों के बारे में पुलिस को सूचना दें। 

सुबह के व्यस्त समय के दौरान ट्रेन सेवा अनुपलब्ध होने के कारण दीवा रेलवे स्टेशन पर फंसे दैनिक यात्रियों के हिंसक हो जाने के कारण शुक्रवार को सेंट्रल और हार्बर खंडों पर लोकल ट्रेन सेवा प्रभावित हुई थी। 

Thursday, January 1, 2015

शुभकामनाएं

साथियों ,

मेरी और मेरी धर्म-पत्नी की ओर से आपको तथा आपके परिवार को नव वर्ष 2015 की हार्दिक शुभकामनाएं ।