Wednesday, June 25, 2014

सेकंड क्लास रेल यात्रियों को बढ़े हुए रेल किराए में राहत देने का फैसला

मुंबई के आम लोकल ट्रेन यात्री के जनाक्रोश और अक्टूबर में होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में इस जनाक्रोश के भड़कने के डर से दिल्ली की मोदी सरकार को सेकंड क्लास रेल यात्रियों को बढ़े हुए रेल किराए में राहत देने का फैसला करना पड़ा।
सरकार ने अपने पहले के किराया वृद्धि आदेश में सुधार करते हुए 80 किलोमीटर तक के सेकंड क्लास कार्ड टिकट पर यात्रा करने वालों को किराया वृद्धि के भार से मुक्त कर दिया। इसी तरह सेकंड क्लास के सीजन टिकट पर सफर करने वाले सबअर्बन और नॉन सबअर्बन रेल यात्रियों को अब सिर्फ 14.2 पर्सेंट की ही भाड़ा वृद्धि का भार सहन करना पड़ेगा।
सरकार ने अपने पूर्वादेश में सुधार करते हुए सेकंड क्लास के सीजन टिकट रेल यात्रियों को यह राहत दी है कि वे अपने एक महीने का सीजन टिकट मौजूदा पैटर्न पर ही खरीद सकेंगे। मौजूदा पैटर्न में एक महीने का सीजन टिकट खरीदने पर रेल यात्री को 15 दिन की रेल यात्रा का ही पैसा देना पड़ता है, जिसे सरकार के नए आदेश में 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दिया था।
यानी मंथली पास पर रेल यात्री को 30 दिन की यात्रा का पैसा और ऊपर से 14.2% की दर से किराया वृद्धि का डबल बोझ पड़ रहा था। इसी वजह से किराया बढ़कर लगभग दोगुना हो गया था। अब सुधारित आदेश के मुताबिक मंथली पास के लिए 30 दिन की यात्रा का नहीं, सिर्फ 15 दिन की यात्रा का ही पैसा वसूला जाएगा। अलबत्ता 14.2 % की किराया वृद्धि इस पर भी लागू रहेगी। इससे यात्रियों पर पड़ने वाले दो गुने किराए का बोझ काफी हद तक कम हो गया है।
 
फर्स्ट क्लास के सीजन पास धारकों के लिए सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि 25 जून से पहले मासिक, त्रैमासिक, छमाही और वार्षिक सीजन टिकट खरीदने वालों से कोई डिफरेंस नहीं वसूला जाएगा। इसी तरह प्रीमियम और डायनामिक ट्रेन के टिकट धारकों से भी कोई डिफरेंस नहीं वसूला जाएगा।
 

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