इंडियन रेलवे में बदलाव को लेकर आतुर रेलमंत्री
डी.वी. सदानंद गौड़ा ने गुरुवार को रेलवे के आला अफसरों को कड़ा संदेश देते हुए
कहा कि वे अब परफॉर्म करके दिखाएं या फिर कुर्सी छोड़ दें। उन्होंने कहा कि नॉन
परफॉर्मर को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अफसरों को आउट ऑफ
बॉक्स सोचने की सलाह देते हुए कहा कि अब किसी भी नाकामी के लिए बहाने की परंपरा को
वे तिलांजलि दें।
रेलवे बोर्ड के मेंबरों के अलावा सभी जोन के जनरल मैनेजर, डिविजनल मैनेजर और बोर्ड के मातहत आने वाले पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग के आला अधिकारी भी गुरुवार को हुई मीटिंग मौजूद थे। रेलमंत्री ने कहा कि चीन की रेलवे के कर्मचारी प्रति पैसेंजर और माल ढुलाई के मामले में भारत से चौगुना ज्यादा एफिशिंएट है। उन्होंने कहा विश्व की ज्यदातर ट्रेनें वक्त पर चलती हैं, लेकिन रेलवे अभी इस मामले में भी पीछे हैं।
रेलमंत्री ने अफसरों से कहा कि देश के लोग फौरन रेलवे की परफॉर्मेंस में बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भले ही प्लानिंग पांच साल की हो, लेकिन नतीजे जल्द से जल्द दिखने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे बोर्ड के सदस्य से लेकर रेल के कर्मचारी तक हर व्यक्ति को अपनी परफॉर्मेंस दिखानी होगी या फिर उसे हटना होगा।
गौड़ा ने रेलवे के अफसरों से यह भी कहा कि वे अपनी बात खुलकर रखें और अगर वे चाहें तो उन तक या रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के पास भी अपनी बात पहुंचा सकते हैं और वे उसे गोपनीय भी रखेंगे। उनका इशारा डिविजनल मैनेजरों की ओर था। उन्होंने कहा कि रेलवे में बड़े सुधारों के लिए रेलवे अफसर अपनी बात और विचार भी रखें। उनके सुझावों और समस्याओं पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने रेल अफसरों से एक टीम के रूप में काम करने की भी हिदायत दी।
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कुछ स्टेशनों पर सफाई की बेहद खराब व्यवस्था के बारे में मीडिया रिपोर्ट्स का जिक्र करते हुए डिविजनल रेलवे मैनेजरों से कहा कि वे सफाई व्यवस्था और पैसेंजरों से जुड़ी समस्याओं की खुद निगरानी करें। उन्होंने पैसेंजरों की सेफ्टी के साथ ही वक्त पर ट्रेन चलाने पर भी जोर दिया। उन्होंने रेलवे में बड़े पैमाने पर कम्प्यूटराइजेशन और डिजिटलाइजेशन पर भी जोर दिया। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अरुणेन्द्र कुमार ने वर्क कल्चर को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
1. सेफ्टी और सिक्यॉरिटी 2. ट्रेनों की औसतन स्पीड 150 से 200 किमी प्रति घंटा करना 3. बुलेट ट्रेन चालू कराना 4. पंक्चुएलिटी को सुधारकर उसे 100 फीसदी करना 5. ट्रेनों और स्टेशनों पर सफाई 6. खाने की क्वॉलिटी संतोषजनक करना 7. रेलवे को वर्ल्ड क्लास बनाना
रेलवे बोर्ड के मेंबरों के अलावा सभी जोन के जनरल मैनेजर, डिविजनल मैनेजर और बोर्ड के मातहत आने वाले पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग के आला अधिकारी भी गुरुवार को हुई मीटिंग मौजूद थे। रेलमंत्री ने कहा कि चीन की रेलवे के कर्मचारी प्रति पैसेंजर और माल ढुलाई के मामले में भारत से चौगुना ज्यादा एफिशिंएट है। उन्होंने कहा विश्व की ज्यदातर ट्रेनें वक्त पर चलती हैं, लेकिन रेलवे अभी इस मामले में भी पीछे हैं।
रेलमंत्री ने अफसरों से कहा कि देश के लोग फौरन रेलवे की परफॉर्मेंस में बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भले ही प्लानिंग पांच साल की हो, लेकिन नतीजे जल्द से जल्द दिखने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे बोर्ड के सदस्य से लेकर रेल के कर्मचारी तक हर व्यक्ति को अपनी परफॉर्मेंस दिखानी होगी या फिर उसे हटना होगा।
गौड़ा ने रेलवे के अफसरों से यह भी कहा कि वे अपनी बात खुलकर रखें और अगर वे चाहें तो उन तक या रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के पास भी अपनी बात पहुंचा सकते हैं और वे उसे गोपनीय भी रखेंगे। उनका इशारा डिविजनल मैनेजरों की ओर था। उन्होंने कहा कि रेलवे में बड़े सुधारों के लिए रेलवे अफसर अपनी बात और विचार भी रखें। उनके सुझावों और समस्याओं पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने रेल अफसरों से एक टीम के रूप में काम करने की भी हिदायत दी।
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कुछ स्टेशनों पर सफाई की बेहद खराब व्यवस्था के बारे में मीडिया रिपोर्ट्स का जिक्र करते हुए डिविजनल रेलवे मैनेजरों से कहा कि वे सफाई व्यवस्था और पैसेंजरों से जुड़ी समस्याओं की खुद निगरानी करें। उन्होंने पैसेंजरों की सेफ्टी के साथ ही वक्त पर ट्रेन चलाने पर भी जोर दिया। उन्होंने रेलवे में बड़े पैमाने पर कम्प्यूटराइजेशन और डिजिटलाइजेशन पर भी जोर दिया। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अरुणेन्द्र कुमार ने वर्क कल्चर को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
1. सेफ्टी और सिक्यॉरिटी 2. ट्रेनों की औसतन स्पीड 150 से 200 किमी प्रति घंटा करना 3. बुलेट ट्रेन चालू कराना 4. पंक्चुएलिटी को सुधारकर उसे 100 फीसदी करना 5. ट्रेनों और स्टेशनों पर सफाई 6. खाने की क्वॉलिटी संतोषजनक करना 7. रेलवे को वर्ल्ड क्लास बनाना
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