छुट्टियों में गांव
जाने के लिए लोगों को रेलवे का आरक्षित लेने के लिए चप्पल घिसनी पड़ती थी। रेलवे
से कन्फर्म टिकट नहीं मिलने के बाद कई लोग दलालों के शिकार होकर एक सीट पाने के
लिए हजारों रुपये खर्च कर देते थे।
रेलवे ने प्रीमियम ट्रेन के तौर पर इस समस्या का हल ढूंढा है। इस साल पहली बार मुंबई से पूर्वोत्तर राज्यों के लिए प्रीमियम ट्रेनें चलाई जा रही हैं जिसका अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है। इसे देखते हुए अब रेलवे बोर्ड ने वाराणसी और गोरखपुर के लिए और प्रीमियम ट्रेनें चलाने का फैसला निर्णय किया है। रेलवे बोर्ड के मेंबर ट्रैफिक देवी प्रसाद पांडेय ने कहा कि इन दोनों गाड़ियों के मिले प्रतिसाद के मद्देनजर इस रूट और प्रीमियम स्पेशल गाड़ियां चलाई जांएगी।
डाइनैमिक प्राइसिमग सिस्टम पर आधारित होने की वजह से प्रीमियम ट्रेनने दलालों की पहुंच से दूर है, क्योंकि इन गाड़ियों के टिकटों की कीमत मांग के आधार पर कम-ज्यादा हो सकती है। साथ ही बुकिंग भी पर्सनल आईडी से ही की जा सकती है, और सबसे बड़ी बात है कि आपको कन्फर्म टिकट मिलता है। हालांकि इसके लिए आपको सामान्य किराये से कुछ पैसे ज्यादा खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन उतने नहीं जितने दलालों की जेब में जाते हैं।
रेलवे ने प्रीमियम ट्रेन के तौर पर इस समस्या का हल ढूंढा है। इस साल पहली बार मुंबई से पूर्वोत्तर राज्यों के लिए प्रीमियम ट्रेनें चलाई जा रही हैं जिसका अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है। इसे देखते हुए अब रेलवे बोर्ड ने वाराणसी और गोरखपुर के लिए और प्रीमियम ट्रेनें चलाने का फैसला निर्णय किया है। रेलवे बोर्ड के मेंबर ट्रैफिक देवी प्रसाद पांडेय ने कहा कि इन दोनों गाड़ियों के मिले प्रतिसाद के मद्देनजर इस रूट और प्रीमियम स्पेशल गाड़ियां चलाई जांएगी।
डाइनैमिक प्राइसिमग सिस्टम पर आधारित होने की वजह से प्रीमियम ट्रेनने दलालों की पहुंच से दूर है, क्योंकि इन गाड़ियों के टिकटों की कीमत मांग के आधार पर कम-ज्यादा हो सकती है। साथ ही बुकिंग भी पर्सनल आईडी से ही की जा सकती है, और सबसे बड़ी बात है कि आपको कन्फर्म टिकट मिलता है। हालांकि इसके लिए आपको सामान्य किराये से कुछ पैसे ज्यादा खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन उतने नहीं जितने दलालों की जेब में जाते हैं।
No comments:
Post a Comment