Tuesday, April 29, 2014

पुरी अहमदाबाद एक्सप्रेस के इंजन में आग

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के करीब पुरी अहमदाबाद एक्सप्रेस के इंजन में आग लग गई। इस घटना में किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है।
रेल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रायपुर से लगभग 15 किलोमीटर मंदिर हसौद रेलवे स्टेशन के पास पुरी अहमदाबाद एक्सप्रेस के इंजन में आग लग गई।
अधिकारियों ने बताया कि पुरी से अहमदाबाद के बीच चलने वाली एक्सप्रेस गाड़ी जब मंदिरहसौद रेलवे स्टेशन के करीब पहुंची तब चालक ने इंजन से धुआं निकलते देखा और इमरजेंसी ब्रेक लगाया। बाद में इसकी सूचना स्टेशन में तैनात अधिकारियों को दी गई तथा आग बुझाई गई।उन्होंने बताया कि घटना के बाद इंजन को गाड़ी से अलग किया गया तथा अन्य इंजन के माध्यम से गाड़ी को रवाना किया गया। अधिकारियों ने बताया कि घटना के बारे में उच्च अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है। मामले की जांच के बाद ही इंजन में आग लगने के कारणों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी के भी हताहत होने की जानकारी नहीं है।

Friday, April 25, 2014

मौजूदा व्यवस्था वरिष्ठ नागरिकों के लिहाज से पर्याप्त नहीं

बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को रेलवे अधिकारियों से उपनगरीय ट्रेनों में बुजुर्ग नागरिकों के लिए सीटें आरक्षित करने की योजना शुरू करने को कहा, क्योंकि मौजूदा व्यवस्था वरिष्ठ नागरिकों के लिहाज से पर्याप्त नहीं है।
चीफ जस्टिस मोहित शाह की अध्यक्षता वाली पीठ ने रेलवे को इस मुद्दे पर हलफनामा दाखिल करने के लिए छह हफ्ते का समय दिया। कोर्ट वरिष्ठ नागरिक ए.बी. ठाकुर के लिखित पत्र पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अधिकारियों को लोकल ट्रेनों में वृद्धजनों के लिए सीटें आरक्षित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।
पीठ ने इस पत्र को जनहित याचिका में तब्दील कर इस पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि लोकल ट्रेनों में बहुत भीड़ होती है और वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिब्बों में चढ़ पाना भी करीब करीब नामुमकिन हो पाता है। जनहित याचिका में कहा गया है कि लोकल ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए कुछ सीटें चिह्नित की गई हैं, लेकिन ये बोगी में काफी अंदर होती हैं, जिस वजह से बुजुर्ग यात्री इन तक नहीं पहुंच पाते।
पीआईएल में गुहार लगाई गई है कि जिस तरह रेल अधिकारियों ने विकलांगों के लिए एक अलग बोगी की सुविधा मुहैया कराई है, वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी इस तरह की सुविधा प्रदान की जा सकती है।

Wednesday, April 23, 2014

पत्थरों से ट्रेन के शीशे भी टूट गए

लखनऊ मेल में हुई लूटपाट में पुलिस का लापरवाह चेहरा एक बार फिर सामने आया। बीजेपी के दिल्ली प्रवक्ता और एडवोकेट अमन सिन्हा भी इसी ट्रेन में सफर कर रहे थे। उन्हीं की कॉल पर लूट की एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन इसके लिए उन्हें काफी बहस करनी पड़ी। अमन सिन्हा ने हमें बताया कि क्या हुआ था उस वक्त : 
ट्रेन जब मुरादाबाद से कुछ ही आगे निकली थी कि अचानक रूक गई। या तो कोई पहले से ही ट्रेन में चढ़ा था या फिर वहीं से कोई ट्रेन में आया और चेन खींची। उस वक्त करीब साढ़े चार बजे थे। मैं ए-1 बोगी में था। गेट के पास वाली सीट पर एक महिला थी। उन्होंने अपना बैग सिर के नीचे दबाया हुआ था। अचानक एक बंदा आया और जोर जबरदस्ती कर बैग खींच लिया। उसके हाथ में बड़ा छुरा था। महिला जब शोर मचाने लगी तो हमने देखा कि एक शख्स भाग रहा है। हम उसके पीछे दौड़े और गेट तक पहुंचे लेकिन वह वहां से कूद गया। मेरे साथ उसी बोगी में जाने माने शायर मुनव्वर राणा भी थे। जब मैं भागकर गेट तक पहुंचा तो देखा नीचे से करीब 6-7 लोग ट्रेन पर बड़े बड़े पत्थर फेंक रहे हैं। उन पत्थरों से हमें चोट भी आई। मैंने दरवाजा बंद कर लिया। वह लगातार पत्थर फेंक रहे थे और उन पत्थरों से ट्रेन के शीशे भी टूट गए। मैंने करीब 4.50 पर मुरादाबाद पीसीआर फोन किया, लेकिन जिसने फोन उठाया वह मामले की गंभीरता समझने की बजाय मेरा ही परिचय पूछने लगा। वह बात बेवजह लंबी खींच रहा था, मेरी उससे काफी बहस भी हुई और मैंने उसे बताया कि यह इमरजेंसी सिचुएशन है। मैंने उसे फोन होल्ड कर लोकल पुलिस और रेलवे पुलिस को सूचना देने को कहा। जीपीएस में देखकर उन्हें जगह की जानकारी दी हमने। हैरानी की बात यह है कि ट्रेन करीब 45 मिनट वहां खड़ी रही। रेलवे का कोई स्टाफ तक नजर नहीं आया। लूटपाट गैंग 2 ग्रुप में काम कर रहा था। कुछ लोग अंदर लूट रहे थे और उनके साथ बाहर से लगातार पत्थर बरसा रहे थे। अंदर लोग डरे सहमे थे। पीसीआर फोन करने के करीब 20 मिनट बाद कुछ पुलिस वाले आए तब तक पथराव चलता रहा। पुलिस देखने के बाद भी लुटेरे आराम से टहलते हुए वहां से गए। जब ट्रेन हापुड़ पहुंची तो वहां पुलिस वाला एफआईआर रजिस्टर करने में आना कानी कर रहे थे। मुझे उनसे काफी बहस करनी पड़ी और मैंने उनसे कहा कि आप एफआईआर करने से मना नहीं कर सकते। बाद में केस ट्रांसफर करते रहना। काफी बहस के बाद उन्होंने एफआईआर की।
 

Monday, April 21, 2014

संपर्क क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन अपने चार कोच को प्लैटफॉर्म पर ही छोड़कर दिल्ली के लिए रवाना

बिहार के दरभंगा जिले में लहेरियासराय स्टेशन पर संपर्क क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन अपने चार कोच को प्लैटफॉर्म पर ही छोड़कर दिल्ली के लिए रवाना हो गई। इस घटना से समस्तीपुर रेल मंडल में शुक्रवार को करीब दो घंटे के लिए रेल यातायात बाधित हो गया।
रेल अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली जाने वाली ट्रेन ने दरभंगा स्टेशन से सुबह 8 बजकर 35 मिनट पर अपनी यात्रा शुरू की और वह सुबह पौने नौ बजे लहेरियासराय स्टेशन पहुंची। ट्रेन जब लहेरियासराय से जब रवाना हुई, तब उसके पीछे के कोच उससे अलग हो गए, जिसके कारण रेल ट्रैफिक बाधित हो गया।
समस्तीपुर रेल मंडल के पीआरओ ए. ए. हुमायूं ने बताया कि रेल अधिकारियों ने अगले स्टेशन थलवारा के कंट्रोल रूम में फोन किया और 12565 संपर्क क्रांति को वहां रोका गया। इसके बाद पीछे छूटे हुए 4 कोचों को लाने के लिए इंजन को वापस भेजा गया।

Thursday, April 17, 2014

ट्रेनों की 26 सर्विस चलाने का फैसला

यात्रियों द्वारा प्रीमियम ट्रेनों को मिल रहे अच्छे रेस्पॉन्स को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने एलटीटी से वाराणसी और गोरखपुर के लिए इस तरह की ट्रेनों की 26 सर्विस चलाने का फैसला किया है।
इनमें से ट्रेन क्रमांक 02067 बनारस के लिए हर शुक्रवार (18 अप्रैल से 30 मई तक) सुबह 7:50 बजे निकलेगी और बनारस अगले दिन सुबह 7:45 को पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन क्रमांक 02015 गोरखपुर के लिए हर रविवार (20 अप्रैल से 25 मई तक) सुबह रात 23:40 बजे निकलेगी और तीसरे दिन सुबह 04:25 बजे पहुंचेगी।
इन दोनों ट्रेनों की बुकिंग ट्रेन छूटने के 10-15 दिन पहले इंटरनेट के माध्यम होगी। आईआरसीटीसी पर पर्सनल आईडी बनाकर इन ट्रेनों की बुकिंग की जा सकती है।

Wednesday, April 9, 2014

मुंबई से दिल्ली के बीच प्रीमियम ट्रेन

यात्रियों द्वारा प्रीमियम ट्रेनों को मिल रहे अच्छे रेस्पॉन्स को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने एलटीटी से वाराणसी और गोरखपुर के लिए इस तरह की ट्रेनों की 26 सर्विस चलाने का फैसला किया है।
इनमें से ट्रेन क्रमांक 02067 बनारस के लिए हर शुक्रवार (18 अप्रैल से 30 मई तक) सुबह 7:50 बजे निकलेगी और बनारस अगले दिन सुबह 7:45 को पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन क्रमांक 02015 गोरखपुर के लिए हर रविवार (20 अप्रैल से 25 मई तक) सुबह रात 23:40 बजे निकलेगी और तीसरे दिन सुबह 04:25 बजे पहुंचेगी।
इन दोनों ट्रेनों की बुकिंग ट्रेन छूटने के 10-15 दिन पहले इंटरनेट के माध्यम होगी। आईआरसीटीसी पर पर्सनल आईडी बनाकर इन ट्रेनों की बुकिंग की जा सकती है।

वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए मुंबई से दिल्ली के बीच प्रीमियम ट्रेन चलाने का फैसला किया है। ट्रेन सं. 22913 मुंबई सेंट्रल-नई दिल्ली त्रि-साप्ताहिक प्रीमियम विशेष ट्रेन 11 अप्रैल, 2014 से 27 अप्रैल, 2014 तक मुंबई सेंट्रल से शुक्रवार, रविवार तथा बुधवार को 16.00 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 07.55 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। इसी प्रकार, वापसी में ट्रेन सं. 22914 नई दिल्ली-मुंबई सेंट्रल त्रि-साप्ताहिक प्रीमियम विशेष ट्रेन 12 अप्रैल, 2014 से 1 मई, 2014 नई दिल्ली से शनिवार, सोमवार तथा गुरुवार को 14.50 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 06.55 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी।
यात्रा के दौरान यह ट्रेन किसी भी स्टेशनों पर नहीं ठहरेगी। इस ट्रेन में एसी II टियर, एसी III टियर तथा रसोईयान के डिब्बे होंगे। इस ट्रेन के लिए प्रतीक्षा सूची का कोई भी टिकट जारी नहीं किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर किराए के रिफंड का कोई प्रावधान नहीं है। विशेष परिस्थितियों में जब पूरी ट्रेन किन्हीं अपरिहार्य कारणों से निरस्त होती है, तो ही रिफंड का प्रावधान होगा।
इस ट्रेन के लिए सभी यात्रियों का वयस्कों हेतु निर्धारित किराया लिया जाएगा, भले ही उनकी उम्र कुछ भी हो। इस ट्रेन के लिए किराए में किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी। इसकी बुकिंग केवल इंटरनेट के पोर्टल से ही की जा सकेगी। मुंबई सेंट्रल से रवाना होने वाली ट्रेन संख्या 22913 की बुकिंग 6 अप्रैल, 2014 से इंटरनेट पर उपलबध होगी। मांग की तीव्रता में बढ़ोतरी होने पर उसके अनुसार किराये में वृद्धि हो सकती है।

Monday, April 7, 2014

रेलवे ने प्रीमियम ट्रेन के तौर पर समस्या का हल

छुट्टियों में गांव जाने के लिए लोगों को रेलवे का आरक्षित लेने के लिए चप्पल घिसनी पड़ती थी। रेलवे से कन्फर्म टिकट नहीं मिलने के बाद कई लोग दलालों के शिकार होकर एक सीट पाने के लिए हजारों रुपये खर्च कर देते थे। 
रेलवे ने प्रीमियम ट्रेन के तौर पर इस समस्या का हल ढूंढा है। इस साल पहली बार मुंबई से पूर्वोत्तर राज्यों के लिए प्रीमियम ट्रेनें चलाई जा रही हैं जिसका अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है। इसे देखते हुए अब रेलवे बोर्ड ने वाराणसी और गोरखपुर के लिए और प्रीमियम ट्रेनें चलाने का फैसला निर्णय किया है। रेलवे बोर्ड के मेंबर ट्रैफिक देवी प्रसाद पांडेय ने कहा कि इन दोनों गाड़ियों के मिले प्रतिसाद के मद्देनजर इस रूट और प्रीमियम स्पेशल गाड़ियां चलाई जांएगी। 
डाइनैमिक प्राइसिमग सिस्टम पर आधारित होने की वजह से प्रीमियम ट्रेनने दलालों की पहुंच से दूर है, क्योंकि इन गाड़ियों के टिकटों की कीमत मांग के आधार पर कम-ज्यादा हो सकती है। साथ ही बुकिंग भी पर्सनल आईडी से ही की जा सकती है, और सबसे बड़ी बात है कि आपको कन्फर्म टिकट मिलता है। हालांकि इसके लिए आपको सामान्य किराये से कुछ पैसे ज्यादा खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन उतने नहीं जितने दलालों की जेब में जाते हैं। 

Friday, April 4, 2014

दादर स्टेशन पर लोकल ट्रेन में से अचानक धुंआ

गुरुवार शाम सेंट्रल रेलवे के दादर स्टेशन पर लोकल ट्रेन में से अचानक धुंआ उठने के बाद यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्जत से सीएसटी आ रही तेज लोकल जैसे ही दादर स्टेशन पहुंची कुछ ही देर में ट्रेन के अंतिम से दूसरे कोच (कल्याण की तरफ) में जोरदार धूंआ उठने लगा। सेंट्रल रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक ये घटना शाम 17:28 को हुई और 17:30 को यात्रियों को ट्रेन से उतार लिया गया। घटना के तकरीबन दस मिनट बाद फायर ब्रिगेड दादर स्टेशन पहुंच गई थी, और प्लैटफॉर्म नंबर 6 पर होने के कारण आसानी से प्रभावित लोकल तक पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरु कर दिया।
राहत कार्य के दौरान प्रभावित ट्रैक पर ओवरहैड वायर की करंट सप्लाई बंद करनी पड़ी। सेंट्रल रेलवे के अनुसार फास्ट अप लोकल पर 17:32 को करंट सप्लाई बंद कर दी गई जिसे 18:18 बजे फिर से शुरु किया गया। इस दौरान दादर स्टेशन का प्लैटफॉर्म नंबर 6 लोगों के लिए बंद कर दिया गया। दादर स्टेशन से निकलने वाली फास्ट (डाउन) लोकल ट्रेनों को प्लैटफॉर्म नंबर 3 से चलाया गया। जिस रैक से धुंआ निकला वो सेंट्रल रेलवे का भेल का पुराना रैक था।

Wednesday, April 2, 2014

रेलवे बोर्ड ने आरडीएसओ द्वारा जारी स्पीड सर्टिफिकेट को कुछ शर्तों के साथ हरी झंडी

मेट्रो वन के लिए रेलवे बोर्ड ने आरडीएसओ द्वारा जारी स्पीड सर्टिफिकेट को कुछ शर्तों के साथ हरी झंडी दे दी है। रेलवे बोर्ड के मेंबर इंजीनियरिंग सुबोध जैन ने खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि वर्सोवा -अंधेरी - घाटकोपर रूट के लिए पिछले दिनों आरडीएसओ (अनुसंधान, अभिकल्पना एवं मानक संगठन ) द्वारा किए परीक्षण के आधार पर ट्रैक के घुमावदार क्षेत्र पर अधिकतम 50 किमी प्रति घंटा, तथा स्टेट ट्रैक पर 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मेट्रो दौड़ाने की अनुमति दी गई है।
बोर्ड द्वारा जारी निर्देश के आधार पर सीसीआरएस द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी स्पीट सर्टिफिकेट में रेल स्ट्रेस मेजरमेंट सिस्टम और ह्वील इंपैकेट लोड डिटेक्शन सिस्टम लगाने के बाद ही 80 किमी प्रति घंटे से मेट्रो दौड़ाने की शर्त रखी गई है। मुंबई में मौजूदा मेट्रो कोरिडोर का निर्माण ट्रामवे ऐक्ट के तहत यूरोपियन मॉडल के आधार पर किया गया है।