Wednesday, July 31, 2013

जीआरपी ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया

 राजधानी पर पथराव के मामले में जीआरपी ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। दीन दयाल गौतम नाम का यह आरोपी रेहड़ी पटरी असोसिएशन का प्रधान है। जीआरपी ने मंगलवार दोपहर आरोपी को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, करीब डेढ़ महीने बाद भी नामजद आरोपी गिरफ्तार नहीं हो पाया है। इस मामले में जीआरपी अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। 11 जून को फोर्थ लाइन के लिए रेलवे ने गायकवाड़ कॉलोनी और बाटा पुल के नीचे तोड़फोड़ की कार्रवाई की थी। इससे गुस्साए लोगों ने बिलासपुर राजधानी पर पथराव कर दिया था। रेलवे अधिकारियों ने अपनी शिकायत में बाटा पुल के नीचे दुकान लगाने वाले विजय, गिर्राज व अन्य आरोपियों खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। नामजद आरोपी अभी तक जीआरपी के हत्थे नहीं चढ़ पाए हैं। जीआरपी थाना प्रभारी ललित कुमार का कहना है कि नामजद आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

Monday, July 29, 2013

मॉनसून में ट्रैक पर पेड़ या शाखा गिरने की यह चौथीघटना

 रविवार को हार्बर लाइन पर सांताक्रुज और विलेपार्लेके बीच ट्रैक पर एक पेड़ की बड़ी शाखा गिर जाने से कुछसमय तक लोकल सेवाएं बाधित रही। वेस्टर्न लाइन पर रेलवेपरिसर के बाहर ट्रैक से सटे कई पुराने पेड़ है , बारिश केमौसम में इनकी बड़ी शाखाएं ट्रैक पर गिरने से यातायातबाधित होता है। 

इस
 मॉनसून में ट्रैक पर पेड़ या शाखा गिरने की यह चौथीघटना है। रविवार को यह घटना दोपहर 3:30 बजे हुई। कुछही समय में पेड़ की शाखा को ट्रैक से हटा लिया गया जिसकेबाद यातायात यथावत हुआ।

Thursday, July 25, 2013

जीएम पैनल में शामिल ऑफिसर्स का दिल्ली चक्कर लगाना शुरू

 रेलवे घूस कांड के पूरे एपिसोड के बाद रेलवे बोर्ड और जोनल रेलवे में होने वाली हर एक अफसर की नियुक्ति को एक पक्ष संशय की दृष्टि से देख रहा है, तो नियुक्ति करने वाला पक्ष संभल कर काम कर रहा है। हाल ही में रेलवे बोर्ड द्वारा डिविजनल रेलवे मैनेजरों की नई लिस्ट जारी की गई है, इसके बाद नए जनरल मैनेजरों की नियुक्ति को लेकर लॉबीइंग तेज हो गई है। रेलवे बोर्ड से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जीएम पैनल में शामिल ऑफिसर्स दिल्ली का चक्कर लगाना शुरू कर चुके हैं।

सेंट्रल रेलवे के पूर्व जीएम सुबोध जैन के मेंबर इंजिनियरिंग बनने तथा घूस कांड में गिरफ्तार वेस्टर्न रेलवे के पूर्व जीएम महेश कुमार के जाने के बाद से ही दोनों जोनल रेलवे में महाप्रबंधक का पद खाली है। फिलहाल सेंट्रल रेलवे के महाप्रबंधक का अतिरिक्त कार्यभार डीजल लॉकोमोटीव र्वक्स के जीएम बी.पी. खरे और वेस्टर्न रेलवे के लिए उत्तर-पश्चिम रेलवे के जीएम आर.सी. अग्रवाल संभाल रहे हैं। 12 अप्रैल को सुबोध जैन को मेंबर इंजिनियरिंग और 2 मई को महेश कुमार को मेंबर स्टाफ पद दिया गया था, इसके बाद कुमार गिरफ्तार हो गए थे।
फिलहाल नए जीएम के लिए रेलवे बोर्ड में कई उठा-पटक चल रही है। बोर्ड द्वारा पिछले दिनों जारी किए गए नए जीएम पैनल के अनुसार नवीन टंडन (रेलवे बोर्ड, अडिशनल मेंबर इलैक्ट्रिकल) और पी.के. श्रीवास्तव (रेलवे बोर्ड, अडवाइजर प्लानिंग) वरिष्ठता के हिसाब से महाप्रबंधक के पद के प्रमुख दावेदार हैं। सेंट्रल रेलवे में चूंकि एसी-डीसी कनर्वज का काम पूरा होना है, इसलिए नया जीएम इलैक्ट्रिकल से ही बनाए जाने की संभावना है।
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'रेल गेट' का खुलासा होने के बाद से ही अफसरों की नियुक्ति को लेकर रेल प्रशासन सावधानी से कदम उठा रहा है। लेकिन अब मंडल रेल प्रबंधकों और देवी प्रसाद पांडे के मेंबर ट्रैफिक बनने के बाद नए जीएम की नियुक्ति को लेकर भी कार्रवाई तेज हो गई है। फिलहाल सभी जोनल रेलवे में 5 वरिष्ठ रेल अधिकारियों के ओपन लाइन के जीएम बनने के रास्ते खुल गए हैं। रेलवे बोर्ड के सूत्रों के अनुसार, 15 अगस्त से पहले नए जीएम की पोस्टिंग कर दी जाएगी।
'नए जीएम पैनल की लिस्ट रेलवे बोर्ड द्वारा इसी सप्ताह के अंत तक प्रधानमंत्री कार्यालय में पहुंचनी थी। वैसे हाल ही में मंडल प्रबंधकों की नियुक्ति में भी कुछ गड़बड़ियां हुई है, उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि रेलवे बोर्ड में नए जीएम पद के लिए भी तगड़ी लॉबी बन रही है।'

Monday, July 22, 2013

नियमों में बदलाव कर यात्रियों की मुसीबत

 रेलवे ने वेटिंग टिकटों से जुड़े नियमों में बदलाव कर यात्रियों की मुसीबत बढ़ा दी है। इसके तहत इंटरनेट से लिए गए वेटिंग टिकट की तरह ही रिजर्वेशन काउंटर से खरीदे गए टिकटों पर भी आप ट्रेन में सफर नहीं कर सकते हैं।
रेलवे का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। पहले केवल वेटिंग ई-टिकट पर पैसेंजर ट्रेन में यात्रा नहीं करते थे, लेकिन अब काउंटर से लिए गए वेटिंग टिकट पर यात्रा करने पर भी आपको ट्रेन से उतार दिया जाएगा। इतना ही नहीं ट्रेन में आपसे जुर्माना भी वसूला जा सकता है।
जहां एक तरफ रेलवे के इस फैसले से वेटिंग टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ेगी, वहीं स्लीपर में रिजर्व सीट वाले पैसेंजर्स को भीड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा।


इस फैसले से वेटिंग टिकट वाले पैसेंजर को ट्रेन में दाखिल होने से पहले चीफ टीटीई से संपर्क करना होगा। अगर ट्रेन में जगह होगी तो आपको यात्रा की अनुमति दी जाएगी। वहीं अगर ट्रेन में सीटें खाली नहीं है तो आप वेटिंग टिकट पर यात्रा नहीं कर पाएंगे।
हालांकि वेटिंग टिकट पर यात्रा करने की मनाही के फैसले से रेलवे को रोजाना लाखों का नुकसान होगा।

Wednesday, July 17, 2013

बच्चे, जवान, महिलाएं और बुजुर्ग सब ट्रेन देखने आए

बनिहाल से काजीगुंड रेलवे स्टेशन की दूरी लगभग 17 किलोमीटर है। दोनों के बीच ट्रेन सवा ग्यारह किलोमीटर लंबी सुरंग से होकर गुजरती है। पहाड़ों को चीर कर बनाई गई इस सुरंग का नाम टी-80 है। इसे बनाने में कितना श्रम और संसाधन लगा होगा, इसका सिर्फ अंदाजा लगाया जा सकता है। कश्मीर की उस लंबी सुरंग और हरी-भरी वादियों से गुजरती हुई जब हमारी ट्रेन काजीगुंड स्टेशन पहुंची तो वहां लोगों की भीड़ लगी थी। बच्चे, जवान, महिलाएं और बुजुर्ग सब ट्रेन देखने आए थे। उनकी आंखों में थोड़ा अचरज था, थोड़ी हसरत थी। कश्मीर के पारंपरिक कपड़ों में सजी एक लड़की से पूछा, ट्रेन में बैठोगी? वह उल्लास से लगभग उछलती हुई सी बोली, बारामूला जाएंगे, खाला के घर। फिर जैसे कुछ एहसास हुआ हो, अचानक लजाकर दूर खड़ी अपनी सहेलियों की ओर भाग गई। वह रिजवाना थी, कोई 15-16 साल की कश्मीरन।

मैं सोचने लगा, यह जम्मू-कश्मीर में बिछाई जा रही रेल की पटरियों का कमाल है, वर्ना मेरे जैसे लहीम-शहीम एक बाहरी मर्द के साथ इतनी सी बात करने का साहस भी वह नहीं करती। ट्रेन को देखकर जो चमक उसकी आंखों में आई थी, वह स्टेशन के आसपास मौजूद हर शख्स की आंखों में थी। हमारे जाने के करीब 10 दिन बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश की इस सबसे लंबी और आधुनिक रेल सुरंग को औपचारिक तौर पर आम जनता के लिए खोला। उसी समय श्रीनगर में सेना पर हुए एक आतंकी हमले की वजह से इस ऐतिहासिक घटना की चमक थोड़ी फीकी पड़ गई। पर इतना तय है कि बीती 26 जून को वहां शुरू हुआ रेल लिंक केंद्र सरकार के साथ वहां के अवाम के रिश्तों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर की किस्मत भी बदलने जा रहा है।

Friday, July 12, 2013

अब रफ्तार से दौड़ेगा रैपिड रेल का काम



 हाईस्पीड ट्रेन के लिए प्रस्तावित तीनों कॉरिडोर पर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) तैयार करने का काम जल्द ही शुरू हो सकता है। इसके लिए नए बनने वाले निगम को 100 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी भी दी गई है। निगम के गठन की प्रक्रिया 2 महीने में पूरी कर ली जाएगी।

सूचना व प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने बताया कि गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मीटिंग में इस प्रस्ताव पर सहमति की मुहर लग गई। एनसीआरटीसी का गठन कंपनी ऐक्ट 1956 के तहत किया जाएगा, जिसका मकसद एनसीआर के लोगों को ट्रांसपोर्ट की बेहतर और तेज सुविधाएं मुहैया कराना है।

प्रस्ताव के मुताबिक, निगम के पास अधिकार होगा कि वह नई कंपनियां बनाकर तीनों कॉरिडोर अलग-अलग तैयार करने का काम उन्हें दे सकता है। गौरतलब है कि एनसीआरपीबी ने आसपास के प्रमुख शहरों तक दिल्ली की आसान कनेक्टिविटी के लिए कुल 8 आरआरटीसी का प्रस्ताव तैयार किया है। इनमें से प्राथमिकता वाले 3 कॉरिडोर तैयार करने के लिए बोर्ड ने 2011 में राजस्थान, हरियाणा, यूपी और दिल्ली सरकारों के साथ एमओयू साइन किया था।

Wednesday, July 10, 2013

शहर में मोनो और मेट्रो ट्रेन शुरू करने से पहले कई तरह के एहतियात

शहर में मोनो और मेट्रो ट्रेन शुरू करने से पहले कई तरह के एहतियात बरतें जा रहे हैं, ताकि भविष्य में कोई परेशानी न हो। इन दोनों प्रॉजेक्ट को अंजाम देने वाली एमएमआरडीए ने स्टेशन एरिया ट्रैफिक इम्प्रूवमेंट स्कीम (सैटिस) के तहत स्टेशन की 50 मीटर की परिधि में कार पार्किंग की व्यवस्था नहीं होगी। साथ ही बस स्टैंड्स को भी स्टेशन से 50 मीटर दूर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि मोटरसाइकल और साइकिल स्टैंड जरूर बनाए जाएंगे। 

एमएमआरडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रिक्शा और टैक्सी पिक-अप पॉइंट भी 50 मीटर दूर बनाए जा रहे हैं। ये सारे निर्णय ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि यदि प्रवेश द्वार से 50 मीटर के कोई गाड़ी पार्क की जाती है तो उसे बाहर धकेल दिया जाएगा, और कार मालिक से जुर्माना भी वसूला जाएगा।
 

मोनो रेल स्टेशनों के बाहर फेंसिग युक्त एक मीटर चौड़ा रास्ता पैदल यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगा, इसी तरह मेट्रो स्टेशन के बाहर 1.5 मीटर चौड़ा पैदल मार्ग बनाया जाएगा, ताकि यात्रियों को आने-जाने में असुविधा न हो। प्रकल्प से जुड़े लोगों का मानना है कि सुरक्षा के लिहाज से प्रवेश और निकास द्वार पर निगरानी रखना बहुत जरूरी है, जिसे ध्यान में रखते हुए सैटिस पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि स्टेशनों के बाहर अनावश्यक भीड़ (अवैध हाकर वगैरह) न जमा हो सके।

Tuesday, July 9, 2013

इलेक्ट्रिक ट्रेन की आवाजाही शुरू नहीं

 दिल्ली-मेरठ रेलवे ट्रैक का मोदीनगर से लेकर मेरठ तक इलेक्ट्रिफिकेशन हुए करीब एक साल से अधिक समय हो गया है लेकिन रेलवे विभाग की लेटलतीफी के चलते अभी तक इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेन की आवाजाही शुरू नहीं हुई है।

मुरादनगर और मेरठ के बीच इस ट्रैक पर काफी समय से इलेक्ट्रिफिकेशन का काम चल रहा था जो पिछले साल पूरा हो गया। उस समय रेलवे विभाग के अधिकारी दावा कर रहे थे कि जल्दी ही अब इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। इसी के साथ साथ ट्रेन रूट पर दिल्ली-मेरठ के बीच ट्रेनों की संख्या में इजाफा होने से मेरठ और दिल्ली के बीच लोगों को काफी राहत भी होगी।

करीब दो माह पहले यहां आए नार्दन रेलवे के उच्च अधिकारियों ने भी कहा था कि इस रूट पर जुलाई माह से इलेक्ट्रिक ट्रेनें शुरू हो जाएंगी लेकिन अभी दूर-दूर तक उनका वायदा पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा। विलंब से डेली पैसेंजर्स की बेचैनी बढ़ रही है।

Wednesday, July 3, 2013

बंसल के खिलाफ सबूत नहीं

रेल घूस कांड मामले में पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल को बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट दायर की जिसमें बंसल को आरोपी नहीं बनाया गया। सीबीआई ने रेलवे बोर्ड से सस्पेंड किए जा चुके मेंबर महेश कुमार और पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला समेत 10 लोगों को अभियुक्त बनाया है।
सीबीआई ने रेलवे रिश्वत कांड में पटियाला हाउस कोर्ट की अडिशनल सेशन जज स्वर्ण कांता शर्मा की कोर्ट में चार्जशीट दायर की। जांच एजेंसी ने रेलवे बोर्ड से सस्पेंड किए जा चुके मेंबर महेश कुमार और पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला समेत 10 लोगों को अभियुक्त बनाया है। चार्जशीट में सीबीआई ने लिखा है कि महेश कुमार ने रेलवे बोर्ड में मेंबर (इलेक्ट्रिकल) बनाए जाने का आश्वासन मिलने पर तत्कालीन रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के भांजे सिंगला से 10 करोड़ रुपये में डील की थी। इस डील के एडवांस के तौर पर दिल्ली से 90 लाख रुपये ले जाकर सिंगला को चंडीगढ़ में दिए गए थे। सीबीआई ने 3 मई को यह रकम जब्त कर सिंगला और महेश कुमार आदि को गिरफ्तार किया था।
सीबीआई के अफसरों के मुताबिक, उन्हें पवन बंसल के खिलाफ इस रिश्वतखोरी में शामिल होने के सबूत नहीं मिले। गौरतलब है कि इस कांड के बाद हुए हंगामे की वजह से बंसल की कुर्सी चली गई थी। सीबीआई ने इस रिश्वत कांड में सिंगला और महेश कुमार के अलावा बिचौलियों संदीप गोयल, समीर संधीर, सुशील डागा, अजय गर्ग, राहुल यादव, रेलवे के ठेके लेने वाले बिजनेसमैन मंजूनाथ को अभियुक्त बनाया है। यह सभी आठ मुलजिम जेल में बंद हैं। मंजूनाथ के दो कर्मचारियों पी. वी. मुरली और वेणुगोपाल को मुलजिम नहीं बनाया गया है। यह दोनों रिश्वत की रकम चंडीगढ़ ले गए थे।
प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के केस में कानूनन गिरफ्तारी के 60 दिन के अंदर चार्जशीट दायर नहीं किए जाने पर मुलजिम जमानत के हकदार हो जाते हैं। अब इन मुलजिमों को जमानत मिलने में कठिनाई आ सकती है क्योंकि चार्जशीट जल्द ही दाखिल हो गई है।

Tuesday, July 2, 2013

139 के जरिए बुकिंग

139 के जरिए बुकिंग 
रजिस्ट्रेशन : सबसे पहले अपना मोबाइल नंबर आईआरसीटीसी और अपने बैंक में रजिस्टर्ड कराएं।
 
पेमेंट अथॉरिटी के लिए बैंक एमएमआईडी (मोबाइल मनी आइडेंटिफायर) और ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) देता है। (25 से भी ज्यादा बैंक यह सुविधा मुहैया करा रहे हैं)
 

बुकिंग का तरीका
 

नीचे दिए गए टेक्स्ट के मुताबिक 139 पर एसएमएस करें - 
बुक <गाड़ी नंबर><प्रस्थान स्टेशन कोड><गंतव्य स्टेशन कोड></यात्रा तिथि (तारीख महीना)>< श्रेणी > < यात्री का नाम >< उम्र >< पुरुष/स्त्री>
 
बाकी डिटेल्स के साथ आपको ट्रांजैक्शन आईडी मिलेगी।
 
139 को नीचे लिखे टेक्स्ट में मेसेज करके पेमेंट करें : <प्राप्त ट्रांजैक्शन आईडी><<बैंक से मिला आपका एमएमआईडी><ओटीपी, इस ट्रांजैक्शन के लिए प्राप्त वन टाइम पासवर्ड>
 
<आईआरसीटीसी यूजर आईडी> और इसके बाद आपका टिकट बुक हो जाता है।
 
-सभी मोबाइल यूजर्स के लिए यह सेवा उपलब्ध है।
 
- एक एसएमएस 3 रुपये का है। हर बुकिंग के लिए 2 एसएमएस की जरूरत पड़ती है।
 
- 5000 रुपये से कम कीमत के टिकट के लिए पीजी प्रभार 5 रुपये और 5000 रुपये तथा इससे ज्यादा कीमत के टिकट के लिए पीजी प्रभार 10 रुपये होगा। (जैसा भी बैंक की ओर से लागू किया गया हो)
 
-एजेंट या आईआरसीटीसी सर्विस चार्ज : जैसा भी लागू हो।