Wednesday, June 29, 2011
हर सेक्शन में दो स्पेशल टीम पेट्रोलिंग और इंस्पेक्शन करेंगी।
Monday, June 20, 2011
रेलवे की लापरवाही
पिछले 24 घंटे में रेलवे की लापरवाही ने 6 लोगों की जान ले ली और नई दिल्ली के तिलक ब्रिज पर एक बड़ा हादसा टल गया। सोमवार सुबह हाथरस में रांची से दिल्ली आ रही राजधानी एक्सप्रेस का ब्रेक शू निकल गया। इसकी चपेट में प्लेटफॉर्म पर खड़े तीन लोग आ गए। एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो की हालत नाजुक है। वहीं, ऐसा ही एक हादसा रविवार को अलीगढ़ में भी हुआ। अलीगढ़ में ट्रेन का हैंडब्रेक वील निकल कर प्लेटफॉर्म पर आ गिरने से 5 लोगों की जान चली गई। अलीगढ़ जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर दिल्ली से कानपुर की तरफ जा रही मालगाड़ी ने पैसेंजर ट्रेन के इंतजार में खड़े यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया। मालगाड़ी से निकला हैंडब्रेक वील प्लेटफॉर्म पर खड़े यात्रियों को अपने साथ घसीटते हुए ले गया। इस हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य ने बाद में दम तोड़ दिया। इनके अलावा 20 लोग घायल हो गए। 7 लोगों की हालत गंभीर है। हादसे की खबर मिलते ही कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह, डीआइजी बीपी त्रिपाठी, डीएम अनिल कुमार मौके पर पहुंच गए। हादसा उस समय हुआ जब रविवार शाम करीब पांच बजे प्लेटफॉर्म-2 पर सैकड़ों यात्री दिल्ली की तरफ से आने वाली टीएडी पैसेंजर ट्रेन के इंतजार में थे। पांच बजकर छह मिनट पर दिल्ली की तरफ से ट्रेन आती दिखाई दी तो मुसाफिर खड़े हो गए। उन्होंने देखा कि ये पैसेंजर ट्रेन नहीं, मालगाड़ी है तो वह पीछे हटने लगे। मगर, तब तक धड़धड़ाती मालगाड़ी से निकला हैंडब्रेक वील यात्रियों को घसीटते हुए ले गया। 4 लोगों की मौत हो गई और 20 घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल 7 लोगों को जेएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हादसे के बाद मालगाड़ी को दाऊद खां स्टेशन पर चेक किया गया। फिर पोरा स्टेशन पर रोक लिया गया। मरने वालों में हबीब खां (25) निवासी हनुमान गली, हाथरस जंक्शन, उदयपाल सिंह (50) निवासी पाली रजापुर व थानसिंह (60) निवासी सुनामई जवां, महीपाल सिंह (45) एवं कालीचरन (50) निवासीगण दरियापुर, हाथरस हैं। घायलों में रतनलाल निवासी परौरा बरला, प्रमोद कुमार निवासी भोपतपुर क्वार्सी, गुलाब सिंह निवासी सुहावली अकराबाद, गंभीर शर्मा, भूरा निवासी पाली रजापुर हैं। उधर, अयूब को गंभीर हालत में वरुण हॉस्पिटल में ऐडमिट कराया है। अयूब फिलहाल वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत बेहद गंभीर है। अलीगढ़ में मरने वालों के परिवार को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की घोषणा की गई है। नई दिल्ली के तिलक ब्रिज के पास यहां एक ही ट्रैक पर राजधानी एक्सप्रेस और काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस आमने-सामने आ गईं। फासला सिर्फ दो सौ से ढाई सौ मीटर ही रह गया था। रविवार दोपहर गुवाहाटी से दिल्ली आ रही राजधानी एक्सप्रेस कांटा फेल होने की वजह से तिलक ब्रिज स्टेशन से पहले 80 नंबर पॉइंट पर खड़ी थी। वहां तैनात रेलवे कर्मचारी के अनुसार, क्लोजर की मदद से ट्रेन को बदले ट्रैक पर लाकर अभी रवाना ही किया गया था कि सामने से काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस भी उसी ट्रैक पर आ गई। दोनों ट्रेनों को एक ही ट्रैक पर दौड़ता देख एक कर्मचारी ने ट्रैक के बीच में लाल झंडी गाड़कर चालकों को ट्रेन रोकने का इशारा किया। मात्र ढाई सौ मीटर दूरी पर चालकों को ट्रेन रोकने में कामयाबी मिली। अपर मंडल रेल प्रबंधक सुधीर गर्ग के अनुसार जांच कमिटी गठित कर दी गई है। सोमवार सुबह हाथरस में रांची से दिल्ली आ रही राजधानी एक्सप्रेस का ब्रेक शू निकल गया। इसकी चपेट में प्लेटफॉर्म पर खड़े तीन लोग आ गए। एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो की हालत नाजुक है।
Thursday, June 16, 2011
ट्रेन में नौ साल की एक बच्ची से बलात्कार
Wednesday, June 8, 2011
'मिलिए रेल मंत्री से'।
चेकिंग के दौरान रेलवे टै्रक क्रैक मिला।
गाजियाबाद रेलवे स्टेशन और हिंडन पुल के बीच सादिक पुलिया के पास मंगलवार सुबह चेकिंग के दौरान रेलवे टै्रक क्रैक मिला। इसकी सूचना तुरंत स्थानीय रेलवे अधिकारियों को दी गई और इस पर ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया। इस वजह से करीब आधे घंटे तक टै्रक बाधित रहा। इससे आधा दर्जन से ज्यादा टे्रनें लेट चलीं। रेलवे सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को गैंगमैन ने नियमित चेकिंग के दौरान सुबह करीब 7:15 बजे सादिक की पुलिया के पास रेलवे टै्रक क्रैक पाया। तुरंत इसकी सूचना रेल अधिकारियांे को दी गई। ट्रैक ठीक करने में करीब आधा घंटे का समय लगा। जिससे गाजियाबाद-साहिबाबाद थर्ड मेन लाइन बाधित रही। इस बीच किसी भी टे्रन को पास नहीं किया गया। टै्रक बाधित होने की वजह से गाजियाबाद ईएमयू, महिला स्पेशल, डीडीएन, ईएमयू दिल्ली, मेरठ शटल, अलीगढ़-दिल्ली शटल टे्रनें आधे से एक घंटे तक देरी से चली। ट्रेनें लेट होने से गर्मी में यात्री काफी परेशान रहे। एक्सप्रेस व शताब्दी ट्रेनों को पहले पास किया गया। बाद में ईएमयू व पैसेंजर टे्रनें का संचालन सही हो पाया।
Friday, June 3, 2011
डूंगरपुर-बांसवाडा-रतलाम रेल परियोजना की आधारशिला
डूंगरपुर-बांसवाडा-रतलाम रेल परियोजना की आधारशिला रखी गई, जो 2 हज़ार 83 करोड़ रुपये का लागत वाला प्रॉजेक्ट है। इस मौके पर सोनिया गांधी ने शिलान्यास स्थल पर पहुंच कर रेल परियोजना की आधारशिला रखी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जेनरल मैनेजर आर.सी. अग्रवाल ने डूंगरपुर-बांसवाडा-रतलाम रेल परियोजना की जानकारी दी और कहा कि काम तय समय पर पूरा हो जाएगा। उत्तर पश्चिम रेलवे सूत्रों के अनुसार दो हजार 83 करोड़ रूपये की लागत वाली डूंगरपुर बांसवाडा रतलाम रेल परियोजना में राजस्थान सरकार ने बारह सौ करोड़ रूपये का अंशदान किया है। उन्होंने बताया कि करीब 176.47 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के साथ राजस्थान के बांसवाडा व डूंगरपुर जिले शामिल हैं। इस परियोजना में प्रति किलोमीटर 11.80 करोड़ रूपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना को पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। रेलवे सूत्रों के अनुसार रेल परियोजना का करीब 126 किलोमीटर रेल मार्ग राजस्थान में और 50 किलोमीटर मध्य प्रदेश में होगा। इसमें कुल 19 स्टेशन होंगे।