रेलवे ने अपनी हर दुरंतो ट्रेन में डॉक्टर तैनात करने का फैसला किया है। साथ में जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ का एक सदस्य भी मेडिकल इक्विपमेंट के साथ होगा। शुरू में एक साल के लिए यह पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। अगर ट्रेन में कोई मुसाफिर बीमार होता है तो उसका मुफ्त इलाज किया जाएगा। रेल मंत्री ममता बनर्जी पहले ही इस सेवा का संकेत दे चुकी थीं। गौरतलब है, कई बार ट्रेन में मुसाफिर को तुरंत इलाज की जरूरत पड़ जाती है और स्टेशन दूर होने से समय पर डॉक्टर नहीं मिल पाता। रेलवे पहले ही अपने विभिन्न जोन्स में इस बारे में सूचना पहुंचा चुकी है। उसने उन डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का डेटाबेस भी तैयार कर लिया है, जिन्हें दुरंतों के रूट पर तैनात किया जाना है। ट्रेन सुपरिंटेंडेंट बीमार मुसाफिर और डॉक्टरों के बीच कोऑर्डिनेशन करेगा और बेहतर इलाज सुनिश्चित कराएगा। बीते साल रेल बजट में रेल मंत्री ने 14 दुरंतो ट्रेन का ऐलान किया था, जिनमें से 7 पटरियों पर उतर चुकी हैं। उम्मीद है कि इस बजट में 10 और दुरंतो चलाने का ऐलान हो सकता है।
Sunday, February 14, 2010
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