केंद्रीय बजट से अगले वित्तीय साल में दिल्ली मेट्रो को 650 करोड़ रुपये की रकम मिलेगी। यह रकम केंद्र सरकार दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन कंपनी में अपनी हिस्सेदारी के रूप में देगी। दिल्ली मेट्रो में केंद सरकार की 50 फीसदी की हिस्सेदारी है। हिस्सेदारी के रूप में ही 650 करोड़ रुपये की रकम का प्रावधान बजट में किया गया है। मेट्रो को केंद्र सरकार से 2130 करोड़ रुपये और मिलेंगे लेकिन यह रकम जापान बैंक से मिलने वाली लोन की होगी। चूंकि विदेशी बैंक से लिया गया लोन भी केंद्र सरकार के जरिए ही आता है इसलिए यह रकम केंद्र सरकार के जरिए ही दिल्ली को मिलेगी। बजट में इस रकम को भी रखा गया है। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि उसके लिए यह रकम पर्याप्त है लेकिन अगर उसे और रकम की जरूरत पड़ती है तो वह सप्लिमेंटरी ग्रांट मांग रखी जा सकती है।
Saturday, February 27, 2010
Tuesday, February 23, 2010
खर्चा भी ब्रॉड गेज के मुकाबले कम
कई खूबियों वाली स्टैंडर्ड गेज मेट्रो स्लिम तो है ही, इसका खर्चा भी ब्रॉड गेज के मुकाबले कम है। अगर मेट्रो के इंजीनियरों की मानें तो इंद्रलोक-मुंडका लाइन को स्टैंडर्ड गेज में तब्दील करने से उसकी लागत में 70 करोड़ रुपये की कमी आ गई है। पैसेंजरों पर इसका असर सिर्फ इतना होगा कि इस मेट्रो की चौड़ाई लगभग तीन इंच कम होगी। दिल्ली मेट्रो ने मुंडका और इंद्रलोक के बीच पहली स्टैंडर्ड गेज लाइन तैयार की है। इससे पहले मेट्रो की जितनी भी लाइनें बनी हैं, वे सभी ब्रॉड गेज की हैं। ब्रॉड गेज और स्टैंडर्ड गेज में फर्क यह है कि पटरी की चौड़ाई कुछ छोटी होती है। मेट्रो के डायरेक्टर (प्रोजेक्ट एंड प्लानिंग) कुमार केशव ने बताया कि स्टैंडर्ड गेज लाइन का फायदा यह होता है कि एक तो यह कम चौड़ी सड़कों पर भी बन सकती हैं। दूसरा यह कि दुनिया के ज्यादातर देशों में स्टैंडर्ड गेज मेट्रो है। जिससे इस गेज के लिए नई तकनीक आसानी से मिल जाती है जबकि ब्रॉड गेज के लिए खुद कंपनियां खोजकर अपने लिए प्रॉडक्ट तैयार कराया जाता है। स्टैंडर्ड गेज होने का असर यह है कि इस लाइन पर खर्च में लगभग 70 करोड़ रुपये की कमी आई है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि अगर ब्रॉड गेज लाइन तैयार कराई जाती तो इतनी रकम और खर्च करनी पड़ती। इस लाइन पर एक और खासियत यह भी है कि पिछले स्टेशनों से अनुभव लेते हुए इन स्टेशनों पर पैसेंजरों की आवाजाही की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब स्टेशन का डिजाइन इस तरह से तैयार किया गया है कि स्टेशन में ट्रेन पकड़ने वाले और ट्रेन से उतरकर जाने वालों के लिए अलग-अलग रास्ते होंगे यानी एक ही जगह पैसेंजरों की भीड़ नहीं होगी। इस तरह से पैसेंजरों को आसानी होगी। इस गेज का नेगेटिव पॉइंट सिर्फ इतना ही है कि इस पर चलने वाली ट्रेनों के कोच की चौड़ाई लगभग 3 इंच छोटी होती है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि आमतौर पर 4 कोच वाली ब्रॉड गेज ट्रेन में 1,176 पैसेंजर ले जाए जा सकते हैं लेकिन स्टैंडर्ड गेज में 1,034 पैसेंजर ले जाने की क्षमता होती है यानी 142 पैसेंजर कम। लेकिन इसके अलावा स्टैंडर्ड गेज का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इस तरह की लाइनें बनाने के लिए कम जगह की जरूरत होती है।
Thursday, February 18, 2010
एक्स्ट्रा लोकल सेवाओं की सुविधा नहीं
आने वाले कुछ ही दिनों में बोरिवली से विरार के बीच एसी कन्वर्जन का काम पूरा होने और बोरिवली में प्लेटफार्म 6-ए का काम पूरा होने, और इसी स्टेशन पर नई बिल्डिंग बनने से भी यात्रियों को काफी सुविधाएं मिलने वाली हैं, मगर आने वाले एक साल में उन्हें एक्स्ट्रा लोकल सेवाओं की सुविधा नहीं मिलने वाली है। पश्चिम रेल से जुड़े सूत्रों के अनुसार मार्च 2011 तक पश्चिम रेल की लोकल सेवाओं की संख्या यथावत ही रहने वाली है, हां इसके बदले में 9 कोच वाले लोकलों को 12 कोचों वाले लोकल में कन्वर्ट करने का काम चलता रहेगा। पश्चिम रेल के अधिकारियों का कहना है कि इसका कारण यह है कि डीसी ट्रैक्शन पर चलने वाले रैकों की क्षमता अब पूरी हो चुकी है और डीसी से चलने वाली ट्रेनें अब और लोड वहन नहीं कर सकती हैं... और जब तक कि बोरिवली से चर्चगेट तक के ट्रैक्शन को डीसी से एसी में कन्वर्ट नहीं कर लिया जाएगा तब तक लोकल ट्रेनों की तादाद को नहीं बढ़ाया जा सकता है। दरअसल, यह समस्या इतनी जटिल हो गई है कि इसके चलते ही पिछले साल लोकल ट्रेनों की सिर्फ 14 सेवाएं ही बढ़ाई जा सकीं थीं, जिसमें से 15 कोच वाले लोकल और लेडीज स्पेशल (की मजबूरी) थी। याद रहे कि फिलहाल पश्चिम रेल पर लोकल ट्रेनों की रोजाना 1,210 सेवाएं चल रही हैं। गौरतलब है कि पश्चिम रेल 1,500 वोल्ट वाली डीसी ट्रैक्शन की जगह पर एसी (25,000 वोल्ट करेंट) से चलने वाले सिस्टम को बदल रहा है। इस महीने के अंत तक बोरिवली से विरार के बीच चारों लाइनों के डीसी से एसी में कन्वर्जन का काम पूरा हो जाएगा। मार्च 2011 तक बोरिवली से चर्चगेट तक पूरे रूट पर डीसी से एसी कन्वर्जन का काम पूरा करने का टारगेट रखा गया है और जब यह काम पूरा हो जाएगा, तभी नई सेवाओं का समावेश हो सकेगा। पश्चिम रेल के मुख्य प्रवक्ता एस.एस. गुप्ता बताते हैं कि हमारा मुख्य फोकस अब नई ट्रेनों को शुरू करना है न कि नई सेवाओं की तादाद में जोड़ करना है। श्री गुप्ता के मुताबिक जब भी हम नई ट्रेन शुरू करते हैं हमारी पैसेंजरों को ढोने की क्षमता 33 प्रतिशत बढ़ जाती है जिसकी यात्रियों को ज्यादा जरूरत होती है... मगर एकदम नई सेवाओं को शुरू करना तब तक बहुत मुश्किल है जब तक बोरिवली से चर्चगेट तक डीसी से एसी कन्वर्जन का काम पूरा नहीं हो जाता है। एक समस्या और है कि हमारे पास नई रेक फिलहाल उपलब्ध नहीं है। उनके मुताबिक मार्च 2011 तक सभी लोकल 12 डिब्बों की हो जाएंगी और तब हमारा फोकस इन्हें 15 डिब्बों की करना होगा। इन्होंने बताया कि पिछले 5 साल में यात्रियों की संख्या में 7 से 8 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है जबकि हमने हमारी यात्रियों को ढोने की क्षमता में 25 प्रतिशत का इजाफा किया है। इसे नई ट्रेनों को लाकर तथा नई सेवाएं शुरू करके हासिल की गई है। श्री गुप्ता ने बताया कि फरवरी 2008 से लेकर फरवरी 2010 तक हमने पूरे 160 नई सेवाओं को जोड़ा है, जो अपने आप में रेकॉर्ड है।
स्थायी ट्रेनों से पहले होलीस्पेशल की कुछ ट्रेनें आनंद विहार से चलाने का ऐलान
ट्रेनों का इंतजार कर रहे आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर जल्द ही फिर से पैसेंजरों की आवाजाही शुरू हो
जाएगी। नॉर्दर्न रेलवे ने आनंद विहार को मिलने वाली स्थायी ट्रेनों से पहले होलीस्पेशल की कुछ ट्रेनें आनंद विहार से चलाने का ऐलान किया है। नॉर्दर्न रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि 25 और 27 फरवरी को आनंद विहार स्टेशन से गया एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। आनंद विहार से यह ट्रेन रात 11:45 बजे रवाना होगी और अगले दिन गया पहुंचेगी। इसी तरह वापसी में गया से 26 फरवरी और 2 मार्च को यह ट्रेन रात 10 बजे रवाना होगी और अगले दिन शाम को 4:15 बजे आनंद विहार टमिर्नल पहुंचेगी।
इसी तरह आनंद विहार से 22 फरवरी से 27 फरवरी तक पटना के लिए रिजर्व स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। यह ट्रेन 22 फरवरी से रोजाना शाम 5:40 बजे रवाना होगी ओर अगले दिन पटना पहुंचेगी। वापसी में 23 फरवरी से 28 फरवरी तक रोजाना पटना से यह ट्रेन रात 12:३५ बजे रवाना होगी और एक दिन बाद सुबह ४ बजे दिल्ली पहुंचेगी। इसके अलावा आनंद विहार से ही दरभंगा एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन भी चलाई जाएगी। यह ट्रेन 24 से 27 फरवरी तक रोजाना सुबह 9:40 बजे आनंद विहार से रवाना होगी और अगले दिन शाम 7 बजे दरभंगा पहुंचेगी।दरभंगा से यह ट्रेन 23 फरवरीसे 1 मार्च तक रात को11:५० बजे रवाना होगी और अगले दिन आनंदविहार टर्मिनल पहुंचेगी।
जाएगी। नॉर्दर्न रेलवे ने आनंद विहार को मिलने वाली स्थायी ट्रेनों से पहले होलीस्पेशल की कुछ ट्रेनें आनंद विहार से चलाने का ऐलान किया है। नॉर्दर्न रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि 25 और 27 फरवरी को आनंद विहार स्टेशन से गया एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। आनंद विहार से यह ट्रेन रात 11:45 बजे रवाना होगी और अगले दिन गया पहुंचेगी। इसी तरह वापसी में गया से 26 फरवरी और 2 मार्च को यह ट्रेन रात 10 बजे रवाना होगी और अगले दिन शाम को 4:15 बजे आनंद विहार टमिर्नल पहुंचेगी।
इसी तरह आनंद विहार से 22 फरवरी से 27 फरवरी तक पटना के लिए रिजर्व स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। यह ट्रेन 22 फरवरी से रोजाना शाम 5:40 बजे रवाना होगी ओर अगले दिन पटना पहुंचेगी। वापसी में 23 फरवरी से 28 फरवरी तक रोजाना पटना से यह ट्रेन रात 12:३५ बजे रवाना होगी और एक दिन बाद सुबह ४ बजे दिल्ली पहुंचेगी। इसके अलावा आनंद विहार से ही दरभंगा एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन भी चलाई जाएगी। यह ट्रेन 24 से 27 फरवरी तक रोजाना सुबह 9:40 बजे आनंद विहार से रवाना होगी और अगले दिन शाम 7 बजे दरभंगा पहुंचेगी।दरभंगा से यह ट्रेन 23 फरवरीसे 1 मार्च तक रात को11:५० बजे रवाना होगी और अगले दिन आनंदविहार टर्मिनल पहुंचेगी।
Sunday, February 14, 2010
सबसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक बांद्रा टर्मिनस का विस्तार करने की योजना
पश्चिम रेल के सबसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक बांद्रा टर्मिनस का विस्तार करने की योजना बनाई गई है। इसका काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने का फैसला किया गया है। जून 2011 तक इस टर्मिनस को एकदम नया लुक और नया आकार दे दिया जाएगा। फिलहाल इस टर्मिनस पर 3 प्लैटफॉर्म हैं और जून 2011 तक यहां 7 प्लैटफॉर्म बना दिए जाएंगे जो 24 कोचों को समाहित करने में समर्थ होंगे। योजना में आस-पास के पार्किंग क्षेत्रों को और भी बड़ा करना तथा साफ-सफाई को और भी चुस्त-दुरुस्त करना शामिल है। पैसेंजरों को इस टर्मिनस तक पहुंचने के लिए स्काईवॉक, फूड-प्लाजा और एलिवेटेड रोड का इंतजाम किया जाएगा, ताकि इस टर्मिनस की कनेक्टिविटी सुधर जाए। एक आईलैंड प्लैटफॉर्म और फुट-ओवर ब्रिज के निर्माण का काम शुरू भी हो गया है। पश्चिम रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अब इस टर्मिनस पर, प्राइवेट और वीआईपी पार्किंग, ऑटो, टैक्सी, बसों और दुपहिया वाहनों की आवा-जाही और भी सुगम्य हो जाएगी। एक नया होम प्लैटफॉर्म बनाया जाएगा जिसपर पैसेंजरों की सुविधा वाले बुनियादी चीजों को उपलब्ध कराया जाएगा। पश्चिम रेल के मुख्य प्रवक्ता एस. एस. गुप्ता के अनुसार इस टर्मिनस के विस्तार में 7.5 मीटर चौड़ा और 900 मीटर लंबा एक रोडओवर ब्रिज बनाया जाएगा जिसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लेवल-क्रॉसिंग पर भीड़ की समस्या हल हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस टर्मिनस के विस्तार में दक्षिण दिशा की ओर प्लैटफॉर्म की लंबाई 50 मीटर और आगे बढ़ा दी जाएगी। प्लेटफॉर्मों के विस्तार से इस टर्मिनस के फर्स्ट प्लोर पर बुकिंग, टायलेट और कैंटीन या फूड प्लाजा की व्यवस्था की जाएगी।
हर दुरंतो ट्रेन में डॉक्टर तैनात करने का फैसला
रेलवे ने अपनी हर दुरंतो ट्रेन में डॉक्टर तैनात करने का फैसला किया है। साथ में जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ का एक सदस्य भी मेडिकल इक्विपमेंट के साथ होगा। शुरू में एक साल के लिए यह पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। अगर ट्रेन में कोई मुसाफिर बीमार होता है तो उसका मुफ्त इलाज किया जाएगा। रेल मंत्री ममता बनर्जी पहले ही इस सेवा का संकेत दे चुकी थीं। गौरतलब है, कई बार ट्रेन में मुसाफिर को तुरंत इलाज की जरूरत पड़ जाती है और स्टेशन दूर होने से समय पर डॉक्टर नहीं मिल पाता। रेलवे पहले ही अपने विभिन्न जोन्स में इस बारे में सूचना पहुंचा चुकी है। उसने उन डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का डेटाबेस भी तैयार कर लिया है, जिन्हें दुरंतों के रूट पर तैनात किया जाना है। ट्रेन सुपरिंटेंडेंट बीमार मुसाफिर और डॉक्टरों के बीच कोऑर्डिनेशन करेगा और बेहतर इलाज सुनिश्चित कराएगा। बीते साल रेल बजट में रेल मंत्री ने 14 दुरंतो ट्रेन का ऐलान किया था, जिनमें से 7 पटरियों पर उतर चुकी हैं। उम्मीद है कि इस बजट में 10 और दुरंतो चलाने का ऐलान हो सकता है।
Wednesday, February 3, 2010
मेट्रो और मोनो रेल एक साथ दौड़ेगी।
इस साल के आखिरी महीने में मुम्बई महानगर दुनिया के उन शहरों में शामिल हो जाएगा जहां मेट्रो और
मोनो रेल एक साथ दौड़ेगी। एमएमआरडीए मोनो रेल के काम को रफ्तार देकर दोनों को एक साथ ही चलाने की योजना पर काम कर रही है। मुम्बई उपनगर के पालक मंत्री मो.आरिफ नसीम खान ने मंगलवार को बांद्रा के जिला कलेक्टर कार्यालय में एमएमआरडीए अधिकारियों के साथ उपनगर में चल रहे विकास कार्य का निरीक्षक किया। बैठक में मेट्रो रेल, मोनो रेल, स्काईवॉक, फलाईओवर और सड़कों के विस्तार के काम का लेखाजोखा खान ने लिया। इस बारे में पालक मंत्री ने बताया कि मोनो रेल और मेट्रो रेल के काम को गति देने का आदेश दिया है और एमएमआरडीए के कमिश्नर रत्नाकर गायकवाड ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि इन दोनों ही योजनाओं को समय से पहले पूरा कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त मीठी नदी पर सुरक्षा दीवार बनाने का काम भी इसी साल तक पूरा कर लिया जाएगा। अभी तक पांच किलोमीटर तक की सुरक्षा दीवार बनाने का काम पूरा हुआ है। मिलन सबवे पर फलाईओवर बनाने का काम भी प्रगति पर है। साल के अंत तक यह फलाईओवर भी बनकर तैयार हो जाएगा। एमएमआरडीए कमिश्नर ने दावा किया कि 2008 में एमएमआरडीए ने जितने भी विकास कार्य का भूमिपूजन किया था उसमें से ज्यादातर काम दिसम्बर महीने तक पूरे कर लिए जाएंगे। इसमें से कुछ ऐसे भी प्रोजेक्ट है जो समय से पहले ही पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मोनो रेल के काम का जिक्र अमेरिका तक के अखबारों में किया जा रहा है कि मुम्बई के मोनो रेल का काम बहुत ही कम समय में पूरा किया जा रहा गया। सांताक्रुज-चेम्बर लिंक मार्ग और ईस्टर्न फ्री-वे के काम में हो रही देरी के बाबत गायकवाड़ ने स्वीकार किया कि ये दोनों ही ऐसी योजना रहीं जिसमें देरी हो रह है। मुआयना के दौरान एमएमआरडीए के प्रगति कार्य से पालक मंत्री पूरी तरह से संतुष्ट नजर आए।
मोनो रेल एक साथ दौड़ेगी। एमएमआरडीए मोनो रेल के काम को रफ्तार देकर दोनों को एक साथ ही चलाने की योजना पर काम कर रही है। मुम्बई उपनगर के पालक मंत्री मो.आरिफ नसीम खान ने मंगलवार को बांद्रा के जिला कलेक्टर कार्यालय में एमएमआरडीए अधिकारियों के साथ उपनगर में चल रहे विकास कार्य का निरीक्षक किया। बैठक में मेट्रो रेल, मोनो रेल, स्काईवॉक, फलाईओवर और सड़कों के विस्तार के काम का लेखाजोखा खान ने लिया। इस बारे में पालक मंत्री ने बताया कि मोनो रेल और मेट्रो रेल के काम को गति देने का आदेश दिया है और एमएमआरडीए के कमिश्नर रत्नाकर गायकवाड ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि इन दोनों ही योजनाओं को समय से पहले पूरा कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त मीठी नदी पर सुरक्षा दीवार बनाने का काम भी इसी साल तक पूरा कर लिया जाएगा। अभी तक पांच किलोमीटर तक की सुरक्षा दीवार बनाने का काम पूरा हुआ है। मिलन सबवे पर फलाईओवर बनाने का काम भी प्रगति पर है। साल के अंत तक यह फलाईओवर भी बनकर तैयार हो जाएगा। एमएमआरडीए कमिश्नर ने दावा किया कि 2008 में एमएमआरडीए ने जितने भी विकास कार्य का भूमिपूजन किया था उसमें से ज्यादातर काम दिसम्बर महीने तक पूरे कर लिए जाएंगे। इसमें से कुछ ऐसे भी प्रोजेक्ट है जो समय से पहले ही पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मोनो रेल के काम का जिक्र अमेरिका तक के अखबारों में किया जा रहा है कि मुम्बई के मोनो रेल का काम बहुत ही कम समय में पूरा किया जा रहा गया। सांताक्रुज-चेम्बर लिंक मार्ग और ईस्टर्न फ्री-वे के काम में हो रही देरी के बाबत गायकवाड़ ने स्वीकार किया कि ये दोनों ही ऐसी योजना रहीं जिसमें देरी हो रह है। मुआयना के दौरान एमएमआरडीए के प्रगति कार्य से पालक मंत्री पूरी तरह से संतुष्ट नजर आए।
आस्ट्रेलियाई पर्यटक युवती इंडिगो डेविस (19) से छेड़खानी के आरोप में लखनऊ निवासी शेखर शर्मा (42) को गिरफ्तार किया गया।
उत्तर प्रदेश के टूंडला में रेलगाड़ी में सफर के दौरान ऑस्ट्रेलिया की युवती से छेड़खानी के आरोप म
ें एक व्यक्ति को लखनऊ में गिरफ्तार किया गया। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) लखनऊ चौकी प्रभारी एस.के. त्रिपाठी ने मंगलवार को यहां संवाददाताओं को बताया मथुरा से पटना जा रही मथुरा-पटना एक्सप्रेस रेलगाड़ी में आस्ट्रेलियाई पर्यटक युवती इंडिगो डेविस (19) से छेड़खानी के आरोप में लखनऊ निवासी शेखर शर्मा (42) को गिरफ्तार किया गया। त्रिपाठी ने बताया रेलगाड़ी लखनऊ पहुंचने पर आस्टेलियाई युवती ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद उसे धर दबोचा गया। आस्ट्रेलियाई युवती ने आरोप लगाया कि आज तड़के टूंडला के पास सफर के दौरान एसी-3 कोच में शेखर शर्मा (42) ने उसके साथ छेड़खानी की। पुलिस के मुताबिक पीडि़त आस्ट्रेलियाई युवती मथुरा से वाराणसी जा रही थी।
ें एक व्यक्ति को लखनऊ में गिरफ्तार किया गया। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) लखनऊ चौकी प्रभारी एस.के. त्रिपाठी ने मंगलवार को यहां संवाददाताओं को बताया मथुरा से पटना जा रही मथुरा-पटना एक्सप्रेस रेलगाड़ी में आस्ट्रेलियाई पर्यटक युवती इंडिगो डेविस (19) से छेड़खानी के आरोप में लखनऊ निवासी शेखर शर्मा (42) को गिरफ्तार किया गया। त्रिपाठी ने बताया रेलगाड़ी लखनऊ पहुंचने पर आस्टेलियाई युवती ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद उसे धर दबोचा गया। आस्ट्रेलियाई युवती ने आरोप लगाया कि आज तड़के टूंडला के पास सफर के दौरान एसी-3 कोच में शेखर शर्मा (42) ने उसके साथ छेड़खानी की। पुलिस के मुताबिक पीडि़त आस्ट्रेलियाई युवती मथुरा से वाराणसी जा रही थी।
सिलसिलेवार विस्फोट के मामले में वांछित आतंकवादी हमीदुद्दीन उर्फ हामिद उर्फ सलीम को गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश में विशेष कार्रवाई दस्ते (एसटीएफ) ने 1993 में देश के अलग-अलग स्थानों पर रेलगाड़िय
ों में हुए सिलसिलेवार विस्फोट के मामले में वांछित आतंकवादी हमीदुद्दीन उर्फ हामिद उर्फ सलीम को गिरफ्तार किया है। राज्य के अपर डीजीपी(लॉ ऐंड ऑर्डर)बृजलाल ने बताया कि सूचना के बाद सलीम को मंगलवार को लखनऊ में सीतापुर-हरदोई बाई पास पर एक मुठभेड़ के बाद एसटीएफ ने गिरफ्तार किया। बृजलाल ने बताया कि सलीम मूल रूप से लखनऊ का रहने वाला है। पूछताछ में उसने कबूला कि वह तंजीम इस्लामुल मुस्लमीन संगठन का सक्रिय सदस्य है। उसने पांच दिसंबर को अपने दो साथियों के साथ कानपुर में पहले दिल्ली-हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस में, फिर हावड़ा से दिल्ली जाने वाली दूसरी राजधानी एक्सप्रेस में बम रखा था। सलीम के मुताबिक लखनऊ में ही रेलगाड़ियों में सिलसिलेवार बम धमाके करने की योजना बनी थी। उन्होंने बताया कि सलीम विगत 16 सालों से फरार चल रहा था। वह मुंबई और उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस के मुताबिक पांच और छह दिसंबर 1993 को राजधानी एक्सप्रेस, फ्लाइंग क्वीन एक्सप्रेस, आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस सहित पांच स्थानों पर सिलसिलेवार विस्फोट की घटनाएं हुई थीं। इन रेल धमाकों में 200 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इन घटनाओं के संबंध में देश के विभिन्न राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) थानों कोटा, बलसाड, कानपुर और मलकजगिरी में मामले दर्ज किए गए थे। बाद में इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई थी। सलीम पर सीबीआई ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। बृजलाल ने कहा कि सलीम की गिरफ्तारी के संबंध में सीबीआई और मुंबई पुलिस को सूचित कर दिया गया है।
ों में हुए सिलसिलेवार विस्फोट के मामले में वांछित आतंकवादी हमीदुद्दीन उर्फ हामिद उर्फ सलीम को गिरफ्तार किया है। राज्य के अपर डीजीपी(लॉ ऐंड ऑर्डर)बृजलाल ने बताया कि सूचना के बाद सलीम को मंगलवार को लखनऊ में सीतापुर-हरदोई बाई पास पर एक मुठभेड़ के बाद एसटीएफ ने गिरफ्तार किया। बृजलाल ने बताया कि सलीम मूल रूप से लखनऊ का रहने वाला है। पूछताछ में उसने कबूला कि वह तंजीम इस्लामुल मुस्लमीन संगठन का सक्रिय सदस्य है। उसने पांच दिसंबर को अपने दो साथियों के साथ कानपुर में पहले दिल्ली-हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस में, फिर हावड़ा से दिल्ली जाने वाली दूसरी राजधानी एक्सप्रेस में बम रखा था। सलीम के मुताबिक लखनऊ में ही रेलगाड़ियों में सिलसिलेवार बम धमाके करने की योजना बनी थी। उन्होंने बताया कि सलीम विगत 16 सालों से फरार चल रहा था। वह मुंबई और उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस के मुताबिक पांच और छह दिसंबर 1993 को राजधानी एक्सप्रेस, फ्लाइंग क्वीन एक्सप्रेस, आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस सहित पांच स्थानों पर सिलसिलेवार विस्फोट की घटनाएं हुई थीं। इन रेल धमाकों में 200 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इन घटनाओं के संबंध में देश के विभिन्न राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) थानों कोटा, बलसाड, कानपुर और मलकजगिरी में मामले दर्ज किए गए थे। बाद में इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई थी। सलीम पर सीबीआई ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। बृजलाल ने कहा कि सलीम की गिरफ्तारी के संबंध में सीबीआई और मुंबई पुलिस को सूचित कर दिया गया है।
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