Monday, January 18, 2010

करीब नौ माह पूर्व मोबाइल चोर को पकड़ने के लिए रेल पटरी पर दौड़ रहे पुलिस का धक्का लगने से मौत

करीब नौ माह पूर्व मोबाइल चोर को पकड़ने के लिए रेल पटरी पर दौड़ रहे पुलिस कांस्टेबल की ट्रेन का धक्का लगने से मौत हो गई थी। घटना के नौ माह बाद भी मृत कांस्टेबल की पत्नी को इंश्योरेंस कंपनी का पैसा पाने के लिए दर दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। इंश्योरेंस कंपनी ने ड्यूटी पर रहे कांस्टेबल की मौत रेल पटरी पर होने के चलते उसे अपराध बताकर क्लेम की रकम देने से फिलहाल इनकार किया है। इंशोरेंस कंपनी 'ओरियेंटल' के विभागीय अधिकारियों ने इस बाबत कुछ कहने से इनकार किया है। ठाणे के दीवा स्थित राधाबाई अपार्टमेंट निवासी कांस्टेबल लक्ष्मण अहिनवे रेल पुलिस में कार्यरत था। लक्ष्मण अहिनवे की ड्यूटी बांद्रा रेलवे स्टेशन पर लगाई गयी थी। घटना के दिन वे मोबाइल चोर को पकड़ने के लिए रेल पटरी पर गश्त कर रहे, कि दुर्भाग्यवश उसी समय एक लोकल ट्रेन की चपेट में आ गए। लक्ष्मण अहिनवे ओरियेंटल इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के बीमाधारी थे। मृत्यु पश्चात उसकी पत्नी अलका ने इंश्योरेंस कंपनी में बीमा राशि के लिए क्लेम किया। अलका के मुताबिक इंश्योरेंस कंपनी ड्यूटी के दौरान रेल पटरी पर मारे गए उसके पति की मौत को अपराध करार कर क्लेम देने में आनाकानी कर रही है। अलका अहिनवे का कहना है कि इस संदर्भ में उन्होंने रेल पुलिस आयुक्त तुकाराम चव्हाण से मुलाकात की है।

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