डेढ़ महीना पहले तक पैसेंजरों और ट्रेनों को आनंद विहार रेल टर्मिनल के चालू होने का इंतजार था लेकिन अब टर्नल तैयार है पर उसे पैसेंजरों और ट्रेनों का इंतजार है। हालत यह है कि उद्घाटन के बाद जो एक स्पेशल ट्रेन शुरू की गई थी, वह भी बंद हो चुकी है। नतीजतन इस स्टेशन पर तैनात लगभग 50 कर्मचारी दिन भर ऊबने के बाद वापस लौट जाते हैं। यही नहीं, इस टर्मिनल पर रेल रिजर्वेशन सेंटर भी बना है लेकिन वहां भी दिनभर में महज 200 टिकट ही बिक पाते हैं। रेलवे का कहना है कि यह स्थिति अभी अगले कुछ दिनों तक चलेगी। अगर नई ट्रेनें शुरू नहीं होतीं तो फिर 10 मार्च से ही इस टर्मिनल से ट्रेनों की नियमित आवाजाही शुरू हो सकेगी। गौरतलब है कि आनंद विहार यमुनापार का एकमात्र रेल टर्मिनल है। इस टर्मिर्नल को बनाने का मकसद यही था कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों की भीड़भाड़ को कम किया जा सके। लगभग चार साल के बाद इस रेल टर्मिनल को तैयार कर लिया गया और 19 दिसंबर को रेलमंत्री ममता बनर्जी ने जोरशोर के साथ इस रेल टर्मिनल का उद्घाटन भी कर दिया। इसके बाद लगभग एक महीने तक इस रेल टर्मिनल से लखनऊ जाने वाली स्पेशल ट्रेन भी चलती रही लेकिन अब स्पेशल ट्रेन बंद होने के बाद यह रेल टर्मिनल पूरी तरह से वीरान हो गया है। दिलचस्प यह है कि इस स्टेशन पर लगभग 50 कर्मचारी तैनात हैं। इनमें रेलवे सुरक्षा बल के जवान भी शामिल हैं। लेकिन आरपीएफ जवानों के अलावा और किसी कर्मचारी के पास कोई खास काम नहीं है। वजह यह है कि न तो कोई ट्रेन यहां से रवाना हो रही है और न ही कोई ट्रेन आ रही है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि इसकी वजह यह है कि रेलवे ने इस टर्मिनल को चालू करने से पहले कोई प्लानिंग ही नहीं की। अगर कायदे से प्लानिंग की गई होती तो रेल टर्मिनल चालू होने से तीन महीने पहले ही इस टर्मिनल के लिए ट्रेनों की पहचान कर ली जाती। उन ट्रेनों की बुकिंग शुरू होने से पहले ही ट्रेनों को दिल्ली के दूसरे स्टेशनों से आनंद विहार शिफ्ट करने का ऐलान कर दिया जाता। इस तरह रेल टर्मिनल चालू होने के बाद यहां से ट्रेनों की नियमित आवाजाही शुरू हो जाती। लेकिन रेलवे ने यह काम भी तभी किया, जब रेल टमिर्नल के उद्घाटन की तारीख तय कर दी गई। अब रेलवे ने तीन ट्रेनों को इस टर्मिनल से चलाने का ऐलान कर रखा है लेकिन चूंकि उनका ऐलान ही दिसंबर में किया गया इसलिए उन्हें 10 मार्च से ही आनंद विहार टर्मिनल से चलाया जा सकेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वैसे फरक्का और न्यू जलपाईगुड़ी के लिए दो ट्रेनें आनंद विहार से चलाने की योजना है। लेकिन अगर इस योजना पर अमल हुआ तो इन दोनों ट्रेनों को फरवरी से आनंद विहार टर्मिनल से चलाया जा सकेगा, अन्यथा इस टर्मिनल पर चहल-पहल 10 मार्च से ही शुरू हो सकेगी। रेल कर्मचारियों का कहना है कि इस वक्त हालत यह है कि इस टर्मिनल पर कर्मचारी आते हैं और खाली बैठकर लौट जाते हैं। इस रेल टमिर्नल पर रेल रिजवेर्शन सेंटर भी बनाया गया है। हालांकि इस सेंटर के लिए दो काउंटर शुरू किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद ये रिजर्वेशन काउंटर खाली पड़े होते हैं। रेलवे सूत्रों का कहना है कि दो शिफ्टों में चलने वाले इन दोनों काउंटरों से महज 200 टिकट ही बिक पाते हैं। इसकी वजह यह है कि ज्यादा लोगों को इस रेल रिजर्वशन सेंटर के बारे में जानकारी ही नहीं है। उधर उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनंतस्वरूप का कहना है कि चूंकि ट्रेन का रिजर्वेशन तीन महीने पहले शुरू हो जाता है इसलिए तीन महीने की अवधि तो रखनी ही पड़ती है। लेकिन इस टर्मिनल का उपयोग करने के लिए प्लानिंग चल रही है और हो सकता है कि होली के दौरान भी कुछ स्पेशल ट्रेनें इस टर्मिनल से चलाई जाएं।
Sunday, January 31, 2010
Thursday, January 28, 2010
डॉ. पी सी सहगल - कमलापति त्रिपाठी स्वर्ण पदक से सम्मानित
मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक डॉ. पी सी सहगल को कमलापति त्रिपाठी राजभाषा स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया है । यह सम्मान दिनांक 27 जनवरी, 2010 को रेलवे बोर्ड नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड श्री सुरिन्दर सिंह खुराना के कर-कमलों द्वारा प्रदान किया गया । समारोह में बोर्ड तथा अन्य भारतीय रेलों के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजू़द थे ।
यह सम्मान भारतीय रेलों में कार्यरत अधिकारियों के लिए सर्वोच्च्य सम्मान है जो कि महाप्रबंधक स्तर के अधिकारियों को उनकी विशिष्ठ सेवाओं के लिए दिया जाता है जिसमें राजभाषा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यो का समावेश है । यह पहला अवसर है कि भारतीय रेलों के उपक्रमों में कार्यरत प्रबंध निदेशक को यह सम्मान प्राप्त हुआ है ।
उल्लेखनीय है कि डॉ. पी सी सहगल ने हिन्दी में नई तकनीक की ए सी डी सी रेक नामक तकनीकी पुस्तक लिखी है जिसे इसी कार्यक्रम में प्रथम पुरस्कार दिया गया है ।
यह सम्मान भारतीय रेलों में कार्यरत अधिकारियों के लिए सर्वोच्च्य सम्मान है जो कि महाप्रबंधक स्तर के अधिकारियों को उनकी विशिष्ठ सेवाओं के लिए दिया जाता है जिसमें राजभाषा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यो का समावेश है । यह पहला अवसर है कि भारतीय रेलों के उपक्रमों में कार्यरत प्रबंध निदेशक को यह सम्मान प्राप्त हुआ है ।
उल्लेखनीय है कि डॉ. पी सी सहगल ने हिन्दी में नई तकनीक की ए सी डी सी रेक नामक तकनीकी पुस्तक लिखी है जिसे इसी कार्यक्रम में प्रथम पुरस्कार दिया गया है ।
बुधवार को भी नॉर्दर्न रेलवे की 15 ट्रेनें रद्द कर दी गईं।
राजधानी में बुधवार को धूप खिलने के बावजूद ट्रेनों के पैसेंजरों को अभी राहत नहीं मिल पा रह
ी है। बुधवार को भी नॉर्दर्न रेलवे की 15 ट्रेनें रद्द कर दी गईं। इस तरह से अब रद्द होने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़कर 40 तक पहुंच गई है। इसी तरह से अभी भी 50 से ज्यादा ट्रेनें देरी से चल रही हैं। इसी वजह से उत्तर रेलवे को बुधवार के दिन ही 35 ट्रेनों को तय वक्त से देरी से रवाना किया गया। इनमें से कई ट्रेनें तो ऐसी हैं, जो 12 से लेकर 20 घंटे तक की देरी से चल रही हैं।
ी है। बुधवार को भी नॉर्दर्न रेलवे की 15 ट्रेनें रद्द कर दी गईं। इस तरह से अब रद्द होने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़कर 40 तक पहुंच गई है। इसी तरह से अभी भी 50 से ज्यादा ट्रेनें देरी से चल रही हैं। इसी वजह से उत्तर रेलवे को बुधवार के दिन ही 35 ट्रेनों को तय वक्त से देरी से रवाना किया गया। इनमें से कई ट्रेनें तो ऐसी हैं, जो 12 से लेकर 20 घंटे तक की देरी से चल रही हैं।
Tuesday, January 26, 2010
यमुना बैंक और द्वारका के बीच 78 ट्रिप बढ़ जाएंगे
सबसे भीड़भाड़ वाली द्वारका मेट्रो रेल लाइन पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने एक और ट्रेन जोड़ दी है। इस तरह से इस लाइन पर चलने वाली कुल ट्रेनों की संख्या 43 हो गई है। मेट्रो का कहना है कि अतिरिक्त ट्रेन जुड़ने से यमुना बैंक और द्वारका के बीच 78 ट्रिप बढ़ जाएंगे जबकि नोएडा सिटी सेंटर तक के लिए 39 ट्रिपों में बढ़ोतरी होगी और आनंद विहार तक के लिए भी 39 ट्रिप बढ़ जाएंगे। मेट्रो को उम्मीद है कि 10 दिन में एक और ट्रेन इस लाइन पर बढ़ाई जाएगी। इस तरह इस रूट पर लोगों को भीड़ से थोड़ा राहत मिलेगी। नवंबर में नोएडा लाइन शुरू होने और फिर 7 जनवरी से आनंद विहार लाइन शुरू होने के बाद इस लाइन पर पैसेंजरों की तादाद में बढ़ोतरी हुई लेकिन ट्रेनों की संख्या अपेक्षाकृत न बढ़ने से पैसेंजरों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। मेट्रो प्रवक्ता के मुताबिक जब आनंद विहार लाइन शुरू हुई थी, उस वक्त ट्रेनों की तादाद 41 ही थी। कुछ दिन पहले इस लाइन पर एक और ट्रेन को जोड़ा गया लेकिन उसे टाइम टेबल में शामिल नहीं किया गया था। ट्रायल के तौर पर कुछ ट्रिप लगाए जा रहे थे। अब उस ट्रेन को टाइम टेबल में जोड़ा गया व मंडे से एक और ट्रेन को शामिल कर लिया गया। अब इस लाइन पर ट्रेनों की संख्या 43 हो गई है। मेट्रो का कहना है कि रोजाना औसतन 8.50 लाख से लेकर 8.70 लाख पैसेंजर मेट्रो में सफर करते हैं। लगभग 48 फीसदी यानी 4.20 लाख पैसेंजर द्वारका लाइन यूज करते हैं। नई ट्रेनों के जुड़ने के बाद जो अतिरिक्त 78 ट्रिप मिलेंगे, उनमें 90 हजार पैसेंजर सफर कर सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि 10 दिन में एक और ट्रेन इस लाइन पर शुरू हो सकती है। द्वारका सेक्टर 9 से नोएडा सिटी सेंटर के बीच 47.1 किमी की यह लाइन है जबकि इसी लाइन का एक और जोड़ आनंद विहार तक का है, जो 6.25 किमी का है। अधिकारियों के मुताबिक यमुना बैंक और द्वारका के बीच पीक आवर में जो सर्विस 4 मिनट की थी, वह कम होकर तीन मिनट 40 सेकंड की रह गई है। नॉन पीक आवर में यह फ्रिक्वेंसी 6 मिनट से कम होकर 4.15 मिनट की रह गई है। नोएडा और आनंद विहार लाइन पर सुधार होगा।
छुट्टी मनाने का फैसला बेशक 65 लाख लोगों के लिए परेशानी का सबब
मध्य रेल और पश्चिम रेल के मोटरमैनों द्वारा इस साल सामूहिक रूप से गणतंत्र दिवस अपने घर पर रहकर छुट्टी मनाने का फैसला बेशक 65 लाख लोगों के लिए परेशानी का सबब बनने जा रहा है। मगर, इस परेशानी की जुबानी अगर मोटरमैनों से सुनी जाए, तो कुछ दूसरी ही तस्वीर उभरती है। हमारे प्रतिनिधि से बातचीत में मोटरमैनों से यह स्पष्ट करने का प्रयास किया कि आखिर इतना बड़ा फैसला आप लोगों ने क्यों लिया। 'देखिए हम लोग 18 दिसंबर 08 से ही अपनी परेशानियों को उच्च-स्तर के अधिकारियों के सामने रख रहे हैं, मगर अधिकारियों ने हमेशा से हमारी 'जेनुइन' मांगों को नजरअंदाज किया... इन्होंने हमारी बात रेलवे बोर्ड तक सही ढंग से नहीं पहुंचाई। क्या हम साल में एक दिन छुट्टी नहीं ले सकते?' मगर, एक साथ छुट्टी लेने से तो शहर बंधक जैसा बन जाएगा। इस सवाल के जवाब में मोटरमैन का कहना है कि इसका हमें खेद है, 'मगर इसके लिए जिम्मेदार रेल प्रशासन ही है। थोड़ी देर रुकने के बाद एक दूसरे मोटरमैन ने कहा, इसीलिए तो हमने ऐसे दिन छुट्टी ली है, ताकि कम से कम लोग प्रभावित हों... और हम भी साफ करना चाहेंगे कि हम 25 तारीख की देर रात तक काम करके हर आखिरी यात्री को उसके घर पहुंचाएंगे और 27 की सुबह पहली ट्रेन को चलाने के लिए हम मौजूद होंगे।' आप लाखों में सैलरी पाते हैं, फिर भी पैसों के लिए हड़ताल... सवाल को बीच में काटते हुए एक मोटरमैन ने कहा, 'पहली बात तो यह कि हड़ताल नहीं सामूहिक छुट्टी है... और दूसरी बात यह कि हमारी कमाई की एक्चुअल पोजिशन क्या है, जरा इससे समझिए कि किसी भी मोटरमैन को साढ़े आठ हजार रुपए से ज्यादा बोनस नहीं मिलता है।' अगला सवाल यह था कि आपकी दो मांगे नेशनल हॉलीडे अलाउंस और नाइट अलाउंस की बात मान ली गई है, अब फिर क्या चाहिए? इस बार जवाब थोड़ा तल्ख था। एक मोटरमैन ने कहा कि 26 जनवरी को देश भर के लोग छुट्टी पर होते हैं, तो उस दिन हमें काम करने की मजदूरी मिलेगी महज 280 रुपए... क्या आप इस पर यकीन करेंगे... आप यह क्यों भूलते हैं कि हमें 'अगेंस्ट द नेचर' काम करना होता है, हमें एक भी वीकली ऑफ नहीं मिलता और ना ही कोई त्योहार अपने फेमिली के साथ बिताने का वक्त मिलता है।
'नॉन स्टॉप दुरंतो एक्सप्रेस' को मिली अच्छी प्रतिक्रिया
पिछले साल से शुरू हुईं 'नॉन स्टॉप दुरंतो एक्सप्रेस' को मिली अच्छी प्रतिक्रिया से उत्साहित रेलवे की अगले वित्तीय वर्ष में नए क्षेत्रों के लिए ऐसी कम से कम 10 और ट्रेनें शुरू करने की योजना है। इनमें निजामुद्दीन-मुंबई और हैदराबाद-अजमेर ट्रेन शुरू करने का प्रस्ताव शामिल है। रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि हावड़ा को नालंदा और बोध गया जैसे बौद्ध धर्म के पवित्र स्थलों से जोड़ने के लिए एक पर्यटक ट्रेन सहित कई अन्य नई ट्रेनों का आगामी रेल बजट में जिक्र हो सकता है। रेलवे पिछले रेल बजट में ऐसी 14 नई ट्रेनें शुरू करने की घोषणा के बाद महज सात ट्रेनें ही शुरू कर पाया है। दुरंतो ट्रेन चलाने के लिए जिन नए क्षेत्रों की पहचान की गए है, उनमें मुंबई-चेन्नै, पुणे-मुंबई, भुवनेश्वर-वाराणसी, गुवाहाटी-नई दिल्ली, पटना-अमृतसर, हावड़ा- पुरी, नई दिल्ली-त्रिवेंद्रम, भोपाल-नई दिल्ली और अहमदाबाद-हावड़ा शामिल हैं। अधिकारी ने कहा कि समयबद्धता, अच्छी सेवा और यात्रा में लगने वाले कम समय के चलते नई दिल्ली-सियालदह, निजामुद्दीन-पुणे, निजामुद्दीन-चेन्नै और हावड़ा-मुंबई क्षेत्रों में दुरंतो लोकप्रिय हो गई है। लोकप्रियता के अन्य कारण यह हैं कि राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम श्रेणी की ट्रेनों के मुकाबले इनके टिकट काफी सस्ती दरों पर मिल जाते हैं।'
Saturday, January 23, 2010
वैशाली मेट्रो प्रॉजेक्ट के काम में तेजी लाने का देने का आदेश
शनिवार को डीएम ने जीडीए, बिजली विभाग, सिंचाई विभाग, आवास विकास परिषद, नगर निगम, यमुना ऐक्शन प्लान से संबंधित अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इसमें वैशाली मेट्रो प्रोजेक्ट, हिंडन कनाल रोड, नई लिंक रोड पर चर्चा की गई। डीएम ने सभी विकास कार्य तय समय में पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली विभाग को आदेश दिया कि वैशाली प्रोजेक्ट की राह में रोड़ा बन चुकी 33 केवी की हाईटेंशन लाइन को 15 फरवरी तक शिफ्ट कर दिया जाए। बैठक में दिलशाद गार्डन से लेकर नए बस अड्डे तक मेट्रो प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हुई। इस पर 900 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। डीएम ने आनंद विहार बॉर्डर पर स्थित पैसिफिक मॉल के पास से अतिक्रमण हटाने और जाम न लगने देने का आदेश दिया है। इस काम के लिए उन्होंने अधिकारियों को 31 मार्च तक का आदेश दिया है। जीडीए के वीसी एन. के. चौधरी ने बताया कि डीएम ने वैशाली मेट्रो प्रॉजेक्ट के काम में तेजी लाने का आदेश दिया है। उन्होंने नगर निगम को वैशाली में अपनी पाइपलाइन 10 दिनों में शिफ्ट करने का आदेश दिया है। वीसी के अनुसार, इस बारे में नगर निगम ने बताया है कि बिजली विभाग ने हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट करने से पहले उसे नक्शा नहीं दिया था, ताकि वह बता पाता कि पाइपलाइन कहां है? इसके अलावा बिजली विभाग को हर हाल में हाईटेंशन लाइन 15 फरवरी तक शिफ्ट करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग युद्धस्तर पर यह काम निपटाए।
Friday, January 22, 2010
स्टेशन के रजिस्टर में भी ऐसी कोई सूचना दर्ज नहीं थी।
निजामुद्दीन से फरीदाबाद आने वाली एनपी-4 लोकल रद्द हो गई है। स्टेशन यात्रियों से खचाखच भरा है। ये अब रोहतक से आने वाली टीआर पैसेंजर का इंतजार कर रहे हैं। यह वह ट्रेन है जो यहां पहुंचने के बाद एचके टू बनकर कोसीकलां के लिए रवाना होती है। ट्रेन 9:45 बजे निजामुद्दीन पहुंचती है और यात्री इसमें चढ़ जाते हैं। इस बीच स्टेशन पर कोई अनाउंसमेंट नहीं होता। 10:00 बजे ट्रेन रवाना हो जाती है, लेकिन यह क्या! ट्रेन ओखला नहीं रुकती। यात्रियों की सांसें अटक गई हैं। आगे जाकर ट्रेन सुनसान जंगल में खड़ी हो जाती है। यह तुगलकाबाद यार्ड है जहां इर्द गिर्द न कोई सड़क है और न कुछ और। यह सब कैसे हुआ? ट्रेन में सफर कर रहे यात्री अपनी मंजिल पर कैसे पहुंचे? कैसे रेलवे की गलती से हजारों यात्री यार्ड में आ पहुंचे? बता रही हैं पूनम गौड़... ओखला स्टेशन पर ट्रेन को न रुकता देख यात्रियों में खलबली मच गई। ट्रेन जब तुगलकाबाद यार्ड के ट्रैक पर आगे बढ़ी तो दैनिक यात्री समझ गए कि माजरा क्या है। ट्रेन में सवार करीब 30 महिलाओं के चेहरों पर भी चिंता की लकीरें थीं। ट्रेन 20 मिनट चलने के बाद जंगल सी दिखने वाली जगह पर पहुंची। अचानक ट्रेन रुक गई तो कुछ यात्री उतरे और ड्राइवर के पास पहुंच गए। उन्हें पता चला कि ट्रेन को कोसीकलां तक के लिए रद्द कर दिया गया है। यह अब यहीं खड़ी रहेगी। कई यात्रियों के पास भारी लगेज था, लेकिन आसपास न कोई सड़क थी और न वहां तक पहुंचने का कोई रास्ता नजर आ रहा था। कुछ परिचित यात्रियों ने अन्य को रास्ता दिखाते हुए आगे बढ़ने की सलाह दी। करीब 20 मिनट पैदल चलने के बाद पीछे यार्ड में खड़ी होने वाली एक ट्रेन सरकती हुई दिखाई दी। ट्रेन की गति कम थी। यात्री ड्राइवर को स्टेशन के नजदीक तक छोड़कर का आग्रह करने लगे। ड्राइवर ने बताया कि यह ट्रेन तुगलकाबाद स्टेशन के नजदीक तक जा रही है। इससे यात्री करीब 11:30 बजे तुगलकाबाद स्टेशन पहुंचे। क्या कहते हैं पीआरओ चीफ पीआरओ अनंत स्वरूप ने कहा, 'ऐसा नहीं है। ऐसे मामलों में सुबह अनाउंसमेंट किया जाता है। इसके स्थान पर मंगला एक्सप्रेस को पैसेंजर बनाकर पलवल तक चलाया गया था।' यदि यह सचाई भी है तो फरीदाबाद स्टेशन पर मंगला को पैसेंजर बनाए जाने का अनाउंसमेंट क्यों नहीं किया गया ताकि यहां से पलवल जाने वाले दैनिक यात्रियों को इसका लाभ मिलता। क्या है सच्चाई यह संवाददाता इस दौरान निजामुद्दीन स्टेशन पर मौजूद थी। वहां न तो कोई अनाउंसमेंट हुआ और न ही मंगला को पैसेंजर बनाए जाने की सूचना यात्रियों पर पहुंचाई गई। खुद रेलवे के कुछ टीटी स्टाफ तक मौके पर मौजूद थे। वह भी इस ट्रेन की वजह से यार्ड में फंस कर रह गए। पीआरओ के बयान के बाद वास्तविकता का पता लगाने के लिए इस संवाददाता ने फरीदाबाद स्टेशन से पता किया। वहां इस तरह की कोई जानकारी इंक्वायरी ऑफिस के पास नहीं थी। इस तरह की सूचना उन्हें नहीं दी गई थी। स्टेशन के रजिस्टर में भी ऐसी कोई सूचना दर्ज नहीं थी। क्या कहते हैं यात्री रोहिणी से आने वाले जी. बी. टंडन कहते हैं कि अनाउंसमेंट होता तो वह उस ट्रेन में चढ़ते ही नहीं। कल अनाउंसमेंट हुआ था तो वह बस से चले गए थे। एक सरकारी दफ्तर में काम करने वालीं संतोष यादव ने बताया कि उन्होंने भी निजामुद्दीन स्टेशन पर कोई अनाउंसमेंट नहीं सुना। वह वहां 9 बजे से खड़ी थीं। वह प्रतिदिन एनपी-4 से जाती हैं, लेकिन रेलवे रोज इस ट्रेन को कैंसल कर देता है।
इनक्वायरी सिस्टम बेबस
घने कोहरे की वजह से जहां एक तरफ रेलवे का इनक्वायरी सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया है, वहीं डेली पैसेंजरों का कम्यूनिकेशन सिस्टम उनका काफी समय बचा रहा है। डेली पैसेंजरों की आपस में गजब की अंडरस्टेंडिंग के आगे इनक्वायरी सिस्टम बेबस हो गया है। कई बार तो यात्री इनक्वायरी को बताते हैं कि ट्रेन ने अभी फलां स्टेशन पास किया है। यात्रियों का इससे लंबा इंतजार भी बच रहा है। यात्री इस पूरी इनक्वायरी को अंजाम देते हैं मोबाइल नेटवर्किंग के जरिए। वह भी मुफ्त में, मिस्ड कॉल के जरिए। रेल यात्रियों ने बेहतर कम्यूनिकेशन के लिए बाकायदा मिस्ड कॉल की संख्या तक तय की हुई है। रूट हो चाहे कोई, हम हैं ना दिल्ली-पलवल रूट हो या दिल्ली गाजियाबाद रूट या फिर दिल्ली-रेवाड़ी रूट। खुद इनक्वायरी कर्मी डेली पैसेंजरों से ट्रेन की पॉजिशन पूछने आ रहे हैं। रेलवे की नेटवर्किंग सिस्टम के तहत ट्रेन जब मथुरा या पलवल से चलती है, तो उसके आधार पर आंकलन कर यात्रियों को समय बता दिया जाता है। लेकिन इन दिनों कोहरे की वजह से ट्रेन को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन की दूरी तय करने में आधे घंटे से एक घंटे का समय तक लग रहा है। पलवल से नई दिल्ली पहुंचने में ट्रेन को चार से पांच घंटे तक लग रहे हैं। इसकी वजह से रेलवे इनक्वायरी सिस्टम फेल हो गया है। क्या है मिस्ड कॉल का राज - एक मिस्ड कॉल का मतलब ट्रेन अपने तय समय पर चल रही है। - दो मिस्ड कॉल का मतलब ट्रेन दस मिनट लेट है। - तीन मिस्ड कॉल का मतलब तुरंत बात करो। - आपके कॉल करने के बाद यदि फोन पिक न हो, तो ट्रेन कैंसल कर दी गई है। - यदि आपका फोन सामने से कट कर दिया जाए मतलब ट्रेन एक घंटे से अधिक लेट है। - एक मिस्ड कॉल के बाद यदि कुछ देर में दोबारा मिस्ड कॉल बजे तो समझो ट्रेन बीच में ही अटक गई है। हमारा सिस्टम है लाजवाब : पैसेंजर दिल्ली-पलवल रेल मार्ग के दैनिक यात्री वी. एल. शर्मा का कहना है कि अब तो मिस्ड कॉल का ही सहारा है। वह तो ट्रेन आने से पहले ही पहुंच जाते हैं और कई बार बस से निकल लेते हैं। दिल्ली-रेवाड़ी रेल मार्ग के दैनिक यात्री संघ के प्रेस प्रवक्ता बाल कृष्ण अमरसरिया का कहना है कि रेलवे तो बीस मिनट लेट बताकर ट्रेन को पहुंचाने में घंटों लगा देती है। ऐसे में यात्रियों का कम्यूनिकेशन ही है जो उनका समय बचा रहा है।
Thursday, January 21, 2010
फिर 40 मिनट की दूरी 55 मिनट में पूरी की।
मेट्रो से ऑफिस जाने वाले लोगों को बुधवार सुबह खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। पहले तो मेट्रो 35 मिनट बाद आई, फिर 40 मिनट की दूरी 55 मिनट में पूरी की। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि आगे भी नोएडा के लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि पीक टाइम में द्वारका स्टेशन से मेट्रो की शुरुआत की जाती है। सेक्टर-15 मेट्रो स्टेशन पर सुबह 8:30 बजे के बाद 9:15 पर मेट्रो मिली। बताया जाता है कि सुबह एक मेट्रो नहीं आई। इससे 2 दो ट्रेनों में सफर करने वाले लोगों को एक ट्रेन में सफर करना पड़ा। यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन पर लगभग 10 मिनट तक मेट्रो रुकी रही। इस तरह होने वाली देरी के बारे में मेट्रो के अडिशनल पीआरओ मोहिंदर सिंह ने बताया कि पीक अवर की काउंटिंग द्वारका मेट्रो स्टेशन से होती है, यानी सुबह 8:30बजे द्वारका से चली मेट्रो जब नोएडा सिटी सेंटर पहुंच जाती है तब वह 8 मिनट के अंतराल पर चलने लगती है। इस तरह सुबह के पीक अवर में करीब एक घंटे तक नोएडा से सफर करने वाले लोगों को कुछ ज्यादा देर तक मेट्रो का इंतजार करना पड़ रहा है।
Monday, January 18, 2010
कोहरे की वजह से 32 ट्रेनों को भी कैंसल
कोहरे ने रविवार को भी हवाई और रेल यातायात को प्रभावित किया। करीब 100 फ्लाइटें दो से तीन घंटे की देरी से ऑपरेट हुईं और 26 फ्लाइट कैंसल हो गईं। कोहरे की वजह से 32 ट्रेनों को भी कैंसल किया गया। एयरपोर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, एयरपोर्ट पर जनरल विजिबिलिटी कम होने का सिलसिला शनिवार रात 9:30 बजे से शुरू हो गया था। इस वजह से रात 9:53 बजे लो विजिबिलिटी प्रोसिजर लागू कर दिया गया जिसे रविवार दोपहर 12:38 बजे हटाया गया। इस दौरान 170 फ्लाइटों को ऑपरेट किया गया। कोहरे का सबसे अधिक असर शनिवार रात 2:30 बजे से पड़ना शुरू हुआ। उस वक्त विजिबिलिटी 400 मीटर से घटकर 200 मीटर पर आ गई थी। इसके एक घंटे बाद ही यह 50 मीटर से भी कम हो गई जोकि रविवार सुबह 9:30 बजे तक ऐसे ही रही। डायल ने बताया कि कोहरे की वजह से 26 डोमेस्टिक और इंटरनैशनल फ्लाइट कैंसल की गईं और 22 के टाइम चेंज हुए। नॉर्दर्न रेलवे ने बताया है कि कोहरे की वजह से नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से पुरी, हावड़ा, गुवाहाटी, जोगबनी, रीवा और डिब्रूगढ़ जाने वाली रेलगाडि़यों के समय में दोबारा बदलाव किया गया। विभिन्न शहरों से दिल्ली आने वाली 13 रेलगाड़ियां अपने नियत समय से 3 घंटे से लेकर करीब 26 घंटे तक की देरी से चल रही हैं।
करीब नौ माह पूर्व मोबाइल चोर को पकड़ने के लिए रेल पटरी पर दौड़ रहे पुलिस का धक्का लगने से मौत
करीब नौ माह पूर्व मोबाइल चोर को पकड़ने के लिए रेल पटरी पर दौड़ रहे पुलिस कांस्टेबल की ट्रेन का धक्का लगने से मौत हो गई थी। घटना के नौ माह बाद भी मृत कांस्टेबल की पत्नी को इंश्योरेंस कंपनी का पैसा पाने के लिए दर दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। इंश्योरेंस कंपनी ने ड्यूटी पर रहे कांस्टेबल की मौत रेल पटरी पर होने के चलते उसे अपराध बताकर क्लेम की रकम देने से फिलहाल इनकार किया है। इंशोरेंस कंपनी 'ओरियेंटल' के विभागीय अधिकारियों ने इस बाबत कुछ कहने से इनकार किया है। ठाणे के दीवा स्थित राधाबाई अपार्टमेंट निवासी कांस्टेबल लक्ष्मण अहिनवे रेल पुलिस में कार्यरत था। लक्ष्मण अहिनवे की ड्यूटी बांद्रा रेलवे स्टेशन पर लगाई गयी थी। घटना के दिन वे मोबाइल चोर को पकड़ने के लिए रेल पटरी पर गश्त कर रहे, कि दुर्भाग्यवश उसी समय एक लोकल ट्रेन की चपेट में आ गए। लक्ष्मण अहिनवे ओरियेंटल इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के बीमाधारी थे। मृत्यु पश्चात उसकी पत्नी अलका ने इंश्योरेंस कंपनी में बीमा राशि के लिए क्लेम किया। अलका के मुताबिक इंश्योरेंस कंपनी ड्यूटी के दौरान रेल पटरी पर मारे गए उसके पति की मौत को अपराध करार कर क्लेम देने में आनाकानी कर रही है। अलका अहिनवे का कहना है कि इस संदर्भ में उन्होंने रेल पुलिस आयुक्त तुकाराम चव्हाण से मुलाकात की है।
राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य के लिए डॉ. पी सी सहगल को कमलापति त्रिपाठी राजभाषा पदक
राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य के लिए डॉ. पी सी सहगल को कमलापति त्रिपाठी राजभाषा पदक देने की घोषणा रेलवे बोर्ड ने की है । यह पुरस्कार महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी को राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य के लिए दिया जाता है । पुरस्कार 27 जनवरी को बोर्ड कार्यालय में प्रदान किया जाएगा । इसके अतिरिक्त डॉ. सहगल को उसी दिन तकनीकी पुस्तक हिन्दी मेंलिखने के लिए लालबहादुर शास्त्री तकनीकी लेखन का प्रथम पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा जिसमें 15 हजार रूपये नकद राशि दी जाती है
Wednesday, January 13, 2010
पांच डकैतों को बीती रात राजकीय रेल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
बिहार के नवादा जिला अंतर्गत तातर रेलवे हाल्ट पर 715 क्यूल-नवादा यात्री गाडी के यात्रियों को लूट का प्रयास कर रहे पांच डकैतों को बीती रात राजकीय रेल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों ने सोमवार यहां बताया कि गिरफ्तार किए गए लुटेरों के पास से एक पिस्तौल और दो राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए गए। जमालपुर राजकीय रेल पुलिस अधीक्षक विमल कुमार ने लुटेरों को गिरफ्तार करने वाले पुलिसकमिर्यों को पांच-पांच सौ रुपये देकर पुरस्कृत किया।
रेलवे का कहना है कि हादसे में रेलवे की कोई चूक नहीं है।
दिल्ली-पलवल रेल मार्ग पर बुधवार को राजधानी की चपेट में आकर दो बच्चियों समेत एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। हादसा न्यू टाउन स्टेशन पर हुआ। मूल रूप से बिहार के रहने वाले यह परिवार हरिद्वार के कुंभ मेले में स्नान करने जा रहे थे। हादसे की जानकारी मिलते ही सभी आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया। हालांकि रेलवे का कहना है कि हादसे में रेलवे की कोई चूक नहीं है। सभी लोग ट्रैक पर थे। हादसा बुधवार सुबह 11:29 बजे हुआ। नई दिल्ली की तरफ से त्रिवेंद्रम जाने वाली 2432 राजधानी गुजर रही थी। उसी दौरान एक बच्ची को बचाने की कोशिश में यह सभी लोग ट्रैक पर आ गए और राजधानी ने इन्हें अपनी चपेट में ले लिया। जीआरपी ने सभी की पहचान कर ली है। इस परिवार के छह लोग हरिद्वार जाने के लिए निकले थे। इनमें से सिर्फ एक कलिका (65) बचे हैं। उन्होंने बताया कि वह बिहार से अपने बेटे वीरेंद्र से मिलने आए थे। हरिद्वार की ट्रेन पकड़ने के लिए वह न्यू टाउन स्टेशन पहुंच रहे थे। प्लैटफॉर्म नंबर एक पर चढ़ते समय अचानक उनकी पोती पूजा(12) ट्रैक पर गिर पड़ी। उसे बचाने के लिए सभी लोग ट्रैक पर पहुंच गए और तभी ट्रेन आ गई। कलिका के तीन लड़के हैं। हादसा इतना भयावह था कि शवों के चिथडे़ और मांस के लोथडे़ करीब एक किलोमीटर तक के क्षेत्र में फैले हुए थे। जीआरपी को शवों को इकट्ठा करने में काफी समय लग गया। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर उमड़ आई भीड़ ने पुलिसकर्मियों की परेशानियां और बढ़ा दी। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि चंद सेकंड पहले दिल्ली की तरफ जाने के लिए एक लोकल क्रॉस हुई थी। जिस पर इस परिवार का ध्यान केंद्रित था। लोकल जाने के बाद यह परिवार ट्रैक पार कर प्लैटफॉर्म एक पर पहुंचने लगा। उसी दौरान बच्ची पीछे छूट गई। तभी बच्ची की दादी की नजर पोती पर पड़ी। उस दौरान राजधानी बेहद करीब पहुंच चुकी थी। बिना समझे परिवार के सभी लोग बच्ची को बचाने के लिए ट्रैक पर आ गए। उस दौरान एक बच्ची मां की गोदी में थी।
दूसरा हादसा भी कम भयावह नहीं दूसरा हादसा असावटी स्टेशन के निकट का है। जीआरपी के अनुसार एक व्यक्ति की ओएचई की तारों से झुलस कर गया। मृतक की उम्र करीब 35 से 40 साल के बीच बताई जा रही है। यह व्यक्ति असावटी से किसी ट्रेन के ऊपर चढ़ गया। जहां से यह ओएचई की चपेट में आकर पूरी तरह झुलस गया है। घटना की जानकारी मिलते ही एसएचओ जीआरपी मौके पर पहुंचे। हालांकि तभी उन्हें न्यू टाउन के हादसे का पता चला और इस मामले की जांच उन्होंने महराम को सौंपकर खुद न्यू टाउन के लिए रवाना हुए। जांच अधिकारी महराम ने बताया कि व्यक्ति की कमीज पूरी तरह जल चुकी है। बस एक टुकड़ा मिला है जो सफेद रंग का है। व्यक्ति से उलटी कमीज पहन रखी है जिससे उसकी मानसिक स्थति ठीक न होने का अनुमान भी लगाया जा रहा है।
Sunday, January 10, 2010
कोहरे की वजह से शनिवार को भी ट्रेनें देरी से पहुंचीं।
कोहरे की वजह से शनिवार को भी फरीदाबाद स्टेशन पर ट्रेनें देरी से पहुंचीं। इससे यात्रियों को घंटों स्टेशन पर परेशान होना पड़ा। लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनें देरी से फरीदाबाद पहुंचीं। दिल्ली की ओर जाने वाली महाकौशल 7 घंटे, सचखंड एक्सप्रेस 3 घंटे, मंगला एक्सप्रेस 2 घंटे, केरल एक्सप्रेस 2 घंटे और उत्कल एक्सप्रेस 2 घंटे लेट चलीं। मथुरा की ओर जाने वाली सचखंड 5 घंटे, जनता एक्सप्रेस 6 घंटे, देहरादून इंडोर इंटर सिटी एक्सप्रेस 5 घंटे, तूफान एक्सप्रेस 8 घंटे , झेलम एक्सप्रेस 5 घंटे और उत्कल एक्सप्रेस 7 घंटे देरी से फरीदाबाद स्टेशन पर पहुंची। वहीं शटल ट्रेनें भी आधे और एक घंटे देरी से फरीदाबाद स्टेशन पर पहुंचीं।
सीएसटी रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी देने के मामले में 42 साल के शकील मोहम्मद मेमन को गिरफ्तार किया
मुंबई एटीएस ने तीन दिन पहले सीएसटी रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी देने के मामले में 42 साल के शकील मोहम्मद मेमन को गिरफ्तार किया है। एटीएस प्रवक्ता दिनेश अग्रवाल ने शुक्रवार को एनबीटी को बताया कि शकील मुंब्रा का रहनेवाला है। उसने जिस मोबाइल से मुम्बई पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया, वह मोबाइल उसने मुम्बई के एक अस्पताल से चुराया था। यह मोबाइल एक मरीज का था। दरअसल उसी अस्पताल में शकील की मां भी भर्ती थी। मां के बहाने शकील उस अस्पताल में गया और फिर पास के बेड के मरीज का मोबाइल चोरी कर तीन दिन पहले उसने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया कि मैं अपने साथियों के साथ मुम्बई आ गया हूं। आज मैं मुम्बई में छह जगहों पर बम धमाके करूंगा। पहला बम धमाका दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर सीएसटी पर होगा। एटीएस इंस्पेक्टर सचिन कदम ने आधुनिक तकनीक की मदद से इस बात का पता लगाया कि यह मोबाइल कौन यूज कर रहा है। इसी के बाद शकील को गिरफ्तार किया गया।
Monday, January 4, 2010
मौसम के बिगड़े मिजाज का रेलवे पर काफी असर पड़ रहा है।
मौसम के बिगड़े मिजाज का रेलवे पर काफी असर पड़ रहा है। रविवार को भी कोहरे के कारण कई ट्रेनें कई घंटे देरी से चलीं, जबकि कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। टेनें रद्द होने की सूचना यात्रियों को देर से मिली। इस वजह से उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी मुश्किलें झेलनी पड़ीं। शनिवार देर शाम से छाए कोहरे ने रविवार सुबह तक शहर को ढके रखा। इसका रेल व्यवस्था पर खासा असर पड़ा। रविवार को दिल्ली से आने वाली जालंधर एक्सप्रेस (4682) साढ़े 4 घंटे लेट चली, जबकि स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस (2581) सवा 4 घंटे, जनता एक्सप्रेस (3039) 5 घंटे, शहीद एक्सप्रेस (4673) 4 घंटे, ऊंचाहार एक्सप्रेस (4217) 12 घंटे, फरक्का एक्सप्रेस (3423) 12 घंटे, लिच्छवी एक्सप्रेस (4005) 10 घंटे, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस (2801) 12 घंटे, ब्रह्मापुत्र मेल (4055) 10 घंटे, कलिंग उत्कल एक्सप्रेस (8477) ढाई घंटे, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस (4255) 5 घंटे, हावड़ा एक्सप्रेस (3040) 4 घंटे, जोगबनी एक्सप्रेस 17 घंटे, वैशाली एक्सप्रेस 7 घंटे, रीवा एक्सप्रेस 18 घंटे, पुरी एक्सप्रेस 17 घंटे, कालका मेल 15 घंटे, महानंदा एक्सप्रेस 20 घंटे और प्रयागराज एक्सप्रेस 7 घंटे देरी से चलीं। दूसरी तरफ, कुछ टेनों को रद्द भी किया गया। इनमें जालंधर एक्सप्रेस (4681), गोमती एक्सप्रेस , लिच्छवी एक्सप्रेस , जीएम-3, 2 डीएम मुजफ्फरनगर पैसेंजर शामिल हैं।
Saturday, January 2, 2010
नव वर्ष की शुभकामनाएं
नव वर्ष की शुभकामनाएं
हमारे प्रिय पाठकों को नव वर्ष की शुभकामनाएं
नव वर्ष 2010 आपकेलिए सुख-समृद्ध् आरोग्य, तथा मनोकामनाएं पूर्ण करे,
इन्ही शुभकामनाओं द्वारा आपके समक्ष नई आशाओं के साथ
डॉ राजेन्द्र कुमार गुप्ता
हमारे प्रिय पाठकों को नव वर्ष की शुभकामनाएं
नव वर्ष 2010 आपकेलिए सुख-समृद्ध् आरोग्य, तथा मनोकामनाएं पूर्ण करे,
इन्ही शुभकामनाओं द्वारा आपके समक्ष नई आशाओं के साथ
डॉ राजेन्द्र कुमार गुप्ता
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