Saturday, November 15, 2014

अभियान की बागडोर मेट्रोमैन ई. श्रीधरन को

नए रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने भारतीय रेलवे में सुधार की एक अच्छी पहल की है। उन्होंने अपने अभियान की बागडोर मेट्रोमैन ई. श्रीधरन को सौंप दी है। उन्हें उस एक सदस्यीय समिति का प्रमुख बनाया गया है, जो रेलवे के कमर्शल मामलों में जिम्मेदारी और पारदर्शिता लाने के उपाय सुझाएगी।
श्रीधरन की योग्यता और क्षमता पर देश में शायद ही किसी को कोई संदेह होगा। दिल्ली मेट्रो से शुरू करके उन्होंने देश भर में मेट्रो की महत्वाकांक्षा जगा दी और महानगरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का स्वरूप ही बदल डाला। सिर्फ पंद्रह वर्षों में मेट्रो सटीक वक्त पर, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करने का पर्याय बन गई है। श्रीधरन का रेलवे से जुड़ना इसलिए भी उम्मीद जगा रहा है कि वह काम के मामले में कोई समझौता न करने के लिए जाने जाते हैं।
जहां तक भारतीय रेलवे का प्रश्न है तो फिलहाल उसकी ख्याति अपनी अकुशलता, लेट लतीफी और करप्शन के लिए ही है। तमाम सरकारी प्रतिष्ठानों में रेलवे का दर्जा भ्रष्टाचार के मामले में सबसे ऊंचा है। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के अनुसार 2013 में उसे करप्शन की सबसे ज्यादा शिकायतें रेलवे से ही मिलीं।

पिछले साल तत्कालीन रेल मंत्री पवन कुमार बंसल को रेलवे के शीर्ष पदों की नियुक्ति में जारी भ्रष्टाचार के चलते ही अपने पद से हाथ धोना पड़ा था। बंसल पर आरोप था कि उन्होंने रिश्वत लेकर एक अधिकारी को रेलवे बोर्ड में रखा। अधिकारी बोर्ड में इसलिए आना चाहते हैं ताकि मोटी घूस के एवज में टेंडर के हेरफेर से मनमाने लोगों को मोटे फायदे पहुंचा सकें। दरअसल राजनेताओं, नौकरशाहों, ठेकेदारों और दलालों का एक गठजोड़ रेलवे को हर साल करोड़ों का चूना लगा रहा है। इसलिए इसमें सुधार के पहले कदम के रूप में सुरेश प्रभु टेंडरिंग प्रोसेस को ही बदलना चाहते हैं।
मौजूदा नियमों के तहत 150 करोड़ रुपये से ज्यादा के टेंडर रेलवे बोर्ड के तहत आते हैं और इन्हें मंत्री खुद क्लीयर करते हैं। प्रभु की योजना एक ऐसा पारदर्शी सिस्टम बनाने की है, जिसमें टेंडर और खरीद के मामलों का मंत्री की मेज तक पहुंचना गैरजरूरी हो जाए। वह रेलवे के विकेंद्रीकरण के पक्ष में हैं और चाहते हैं कि रेलवे बोर्ड के कई अधिकार संबंधित जोन के हवाले कर दिए जाएं। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि नौकरशाहों का रोल तब भी बना रहेगा क्योंकि मंत्री न सही, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और बोर्ड के सीनियर मेंबर्स टेंडरिंग प्रोसेस में जीएम पर दबाव डाल ही सकते हैं। देखना यह है कि श्रीधरन इसकी क्या काट ढूंढते हैं। एनडीए सरकार के बाकी मंत्री भी सुरेश प्रभु की तरह प्रयास करें तो अतिशय राजनीतिक होने का आरोप उन पर से हट जाएगा और सरकार की साख बेहतर होने लगेगी।

आगरा इंटरसिटी की वैकल्पिक व्यवस्था

दैनिक यात्रियों की भारी डिमांड को देखते हुए आखिरकार रेलवे ने आगरा इंटरसिटी की वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है। यह व्यवस्था सिर्फ आगरा से दिल्ली जाने के लिए की गई है। वैकल्पिक व्यवस्था हो जाने से दैनिक यात्रियों को काफी राहत मिली है। इस व्यवस्था के तहत आगरा से दिल्ली जाने वाली अन्य सुपरफास्ट व मेल एक्सप्रेस ट्रेन को आगरा इंटरसिटी के ठहराव देकर चलाया जा रहा है। इस व्यवस्था को रेलवे ने 10 दिसंबर तक स्थाई कर दिया है। ऐसे में कम से कम सुबह के समय दिल्ली जाने वाले दैनिक यात्रियों को राहत मिल गई है। अब यात्री की डिमांड है कि दिल्ली से आगरा के लिए भी वैकल्पिक व्यस्था की जाए।

बता दें कि आगरा यार्ड में नॉन इंटरलॉकिंग वर्क के चलते रेलवे ने आगरा इंटरसिटी समेत फरीदाबाद रूट की 4 ट्रेन को 11 नवंबर से 10 दिसंबर तक रद्द करने का ऐलान कर दिया है। ऐसे में दैनिक यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी आगरा इंटरसिटी के रद्द होने से हो रही है। दैनिक यात्री रेलवे से इसका वैकल्पिक इंतजाम करने की मांग कर रहे थे। यात्रियों की इस डिमांड को देखते हुए आगरा डिविजन ने आगरा से दिल्ली जाने के लिए वैकल्पिक इंतजाम कर दिया है। जिसके तहत जो भी सुपरफास्ट व मेल एक्सप्रेस ट्रेन आगरा रेलवे स्टेशन पर आगरा इंटरसिटी के समय पर पहुंच रही है उसे आगरा इंटरसिटी के ठहराव देकर रवाना किया जा रहा है। 12 नवंबर को इंदौरा अमृतसर (19325), 13 को मध्यप्रदेश संपर्क क्रांति (12121) और शुक्रवार को कर्नाटका संपर्क क्रांति (12650) को आगरा इंटरसिटी के ठहराव देकर रवाना किया जा रहा है। जबकि दोनों संपर्क क्रांति का वास्तव में झांसी के बाद सीधा निजामुद्दीन ठहराव है। इसके बावजूद रेलवे ने यात्रियों के लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था की है। यात्री डिमांड कर रहे है कि आगरा जाने की दिशा में भी वैकल्पिक व्यवस्था की जाएं। आगरा डिविजन की पीआरओ भूपिंदर ढिल्लन का कहना है कि जिस समय आगरा इंटरसिटी दिल्ली से आगरा के लिए रवाना होती है उस समय दिल्ली से कोई ट्रेन सर्विस नहीं है। ऐसे में यह व्यवस्था नहीं की जा सकती है।

Wednesday, November 12, 2014

सेमी हाईस्पीड ट्रेन से आगरा पहुंचने में अब और समय लग सकता है

दिल्ली-आगरा रूट पर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली सेमी हाईस्पीड ट्रेन के संचालन को लेकर स्थानीय रेल प्रशासन ने आगरा कैंट स्टेशन यार्ड में मंगलवार से नॉन इंटरलॉकिंग (एनआई) का काम शुरू कर दिया। एनआई का काम करीब एक माह तक चलने की संभावना है। सेमी हाईस्पीड ट्रेन से आगरा पहुंचने में अब और समय लग सकता है। सेमी हाईस्पीड ट्रेन के दो बार सफल ट्रायल के बाद रेलवे अधिकारी नवंबर में इस ट्रेन के संचालन की बात कह रहे थे। 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से 90 मिनट में दिल्ली से आगरा का सफर तय करने वाली इस ट्रेन के जल्द संचालन के लिए रेलवे ने सभी तैयारियां समय से पूरी कर लेने का भरोसा दिलाया था, लेकिन लगता है कि अभी इस ट्रेन से दिल्ली-आगरा का सफर तय करने में वक्त लगेगा। नॉन इंटरलॉकिंग का काम करीब एक महीने तक चलेगा। रेलवे आगरा की जनसंपर्क अधिकारी भूपिंदर ढिल्लन ने बताया अभी बाउंड्री वॉल और इंटर लॉकिंग का काम पूरा होने में एक महीने से ज्यादा का समय लगेगा। ऐसे में इस महीने के अंत तक सेमी हाईस्पीड ट्रेन का संचालन संभव नहीं है।

आगरा कैंट स्टेशन पर शुरू हुए नॉन इंटर लॉकिंग काम के चलते नवंबर माह में सेमी हाईस्पीड ट्रेन का संचालन टलता नजर आ रहा है। आगरा कैंट स्टेशन पर यह कार्य 11 दिसंबर तक पूरा होने की संभावना है। इस काम के खत्म होने के बाद ही सेमी हाईस्पीड ट्रेन के फाइनल ट्रायल की बात कही जा रही है। विभागीय सूत्रों का कहना है इंटर लॉकिंग का काम होने पर सेमी हाईस्पीड ट्रेन का फाइनल ट्रायल रन हो पाएगा, हालांकि अभी इसके लिए कोई डेट तय नहीं की गई है, लेकिन बताया जा रहा है कि 20-25 दिसबंर के बीच ट्रायल रन हो सकता है।

ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत

धौलपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। राजकीय रेलवे पुलिस चौकी प्रभारी बी एल मीना ने बताया कि हिम सागर एक्सप्रेस के धौलपुर स्टेशन से चलने के दौरान अचानक एक व्यक्ति ट्रेन के सामने आ गया जिससे उसकी मौत हो गई। मीना के अनुसार मृतक के पास से मिले सेंट्रल बैंक की पासबुक के आधार पर उसकी पहचान आगरा के ताजगंज थाना इलाके के गांव करवना निवासी शिवराम (52) के रूप में हुई है। पुलिस ने आज पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव उसके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Tuesday, November 11, 2014

बॉयोमीट्रिक मशीन से हुई जांच में दो नकलचियों को अधिकारियों ने पकड़ लिया

कुछ महीने पहले पूर्व आरपीएफ बोर्ड की ओर से कांस्टेबल के कई हजार पदों पर दौड़ और लिखित परीक्षा हुई थी। उस परीक्षा में पास होने वाले अभ्यर्थियों का शुक्रवार को आलमबाग तालकटोरा रोड पर आरपीएफ बटालियन में इंटरव्यू चल रहा था।
इस इंटरव्यू में बॉयोमीट्रिक मशीन से हुई जांच में दो नकलचियों को अधिकारियों ने पकड़ लिया। उनके खिलाफ आलमबाग कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दोनों युवकों ने दौड़ व लिखित परीक्षा में किसी सॉल्वर को भेज दिया था। इसलिए ही पूर्व के अंगुलियों के निशान इस बार इंटरव्यू में मेल नहीं खाए।
आरपीएफ की सीनियर कमाण्डेंट सारिका मोहन ने बताया कि इंटरव्यू में शामिल हुए मथुरा, एकता विहार के भूपेंद्र सिंह और आगरा, कामरौल के बबलू को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों ही इंटरव्यू देने आए थे।
इंस्पेक्टर आलमबाग ऋषिकेश यादव ने बताया कि आरपीएफ के निरीक्षक रंजन कुमार ने दोनों युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

Sunday, November 9, 2014

सुरेश प्रभु रेल मंत्री

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय कैबिनेट में अपनी सेवाएं देने के बाद शिव सेना नेता और पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे सुरेश प्रभु रविवार को एक बार फिर एनडीए की केंद्र सरकार में शामिल हो गए। वाजपेयी सरकार में विद्युत मंत्रालय के कामकाज को नई दिशा देकर उन्होंने काफी वाहवाही बटोरी थी।

तटीय कोंकण क्षेत्र से आने वाले 61 वर्षीय बैंकर से नेता बने प्रभु प्रधानमंत्री मोदी की नजरों में चढ़े हुए थे। यही वजह रही कि शिव सेना की नाराजगी मोल लेते हुए उन्हें मंत्री बनाया गया। प्रभु को शपथ ग्रहण के बाद बीजेपी की सदस्यता दिलाई गई। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी सुरेश प्रभु को हरियाणा से राज्य सभा में लाएगी।
विद्युत क्षेत्र में बदलाव के लिए बनाए गए सरकारी पैनल बिजली, कोयला और नवीकरणीय ऊर्जा विकास संबंधी सलाहकार समूह के प्रमुख पद पर उन्हें नियुक्त किए जाने से ही यह संकेत मिल रहे थे कि वह मोदी की गुड बुक में हैं।
प्रभु को ब्रिस्बेन में होने वाली समूह 20 की शिखर बैठक में प्रधानमंत्री की सहायता के लिए मोदी का शेरपा भी नियुक्त किया गया है।
महाराष्ट्र की राजनीति में पहले से ही ऐसी खबरें चल रही थीं कि राज्य के विधानसभा चुनाव से पूर्व बीजेपी और शिवसेना, दोनों पूर्व सहयोगियों के बीच बने गतिरोध के बावजूद मोदी प्रभु को केंद्र में देखना चाहते थे।
प्रभु कोंकण क्षेत्र की राजापुर लोकसभा सीट से 1996 से 2009 के बीच चार बार सांसद रह चुके हैं। वह 2009 के आम चुनाव में हालांकि हार गए थे। यह वही निर्वाचन क्षेत्र है जिसका प्रतिनिधित्व कभी जनता पार्टी नेता दिवंगत मधु दंडवते किया करते थे।

Saturday, November 1, 2014

सुंदरता बढ़ाने के लिए परिसर में देश का पहला स्टीम इंजन

अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन की सुंदरता बढ़ाने के लिए परिसर में देश का पहला स्टीम इंजन रखा जाएगा। इसके लिए स्टेशन पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, लेकिन अभी तक स्टीम इंजन को रखने की तारीख तय नहीं हुई है। मालूम हो कि इस स्टेशन से हर रोज करीब 125 ट्रेनें गुजरती हैं। ऐसे में स्टेशन पर यात्रियों की काफी भीड़ लगी रहती है। मंडल रेलवे प्रबंधक के.के. कठपाल के मुताबिक, स्टीम इंजन के आने से स्टेशन की सुंदरता बढ़ेगी और इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग भी आएंगे।