दिल्ली मेट्रो के बाद अब उसकी छोटी बहन मोनो रेल को लाने के लिए फिर से कवायद शुरू कर दी गई है। पहले मोनो रेल की तीन लाइनें बनाने का विचार था, लेकिन अब दिल्ली सरकार तीन की बजाय शुरू में सिर्फ एक ही लाइन बनाने के बारे में सोच रही है। यह लाइन पूर्वी दिल्ली के कोंडली इलाके को उत्तर पश्चिम दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र से जोड़ेगी। दिल्ली सरकार ने ट्रांसपोर्ट विभाग से कहा है कि वह इस लाइन की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए बाकायदा प्रस्ताव बनाकर पेश करे ताकि डीपीआर तैयार कराने के बारे में फैसला लिया जा सके। ट्रांसपोर्ट विभाग के सूत्रों के मुताबिक, 2008 में भी विभाग ने टेक्नो फीजिबल स्टडी कराई थी। उस वक्त दिल्ली में मोनो रेल के 47 किमी के तीन कॉरिडोर बनाने का सुझाव दिया गया था। लेकिन बाद में आर्थिक तंगी की वजह से सरकार ने इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। अब शुक्रवार को मोनो रेल तैयार करने के बारे में मल्टीनैशनल कंपनी हिताची की ओर से दिल्ली सरकार को बाकायदा प्रेजेंटेशन दिया गया। इस प्रेजेंटेशन के बाद ही ट्रांसपोर्ट विभाग से कहा गया कि वह मोनो रेल की प्रस्तावित एक ही लाइन के लिए डिटेल स्टडी रिपोर्ट तैयार कराने की कवायद शुरू करें। ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दरअसल, पहले जिन तीन कॉरिडोर सुझाए गए थे, उनमें से कुछ जगह पहले से ही मेट्रो रेल की लाइनें तैयार हो गई हैं, जबकि कुछ जगह पर तीसरे फेज में मेट्रो रेल लाइन आ रही हैं। इसी वजह से पिछले साल अक्टूबर में राइट्स ने दिल्ली के ट्रांसपोर्ट ट्रैफिक के बारे में जो सिफारिश की है, उसके मुताबिक सुझाए गए मोनो रेल के एक ही कॉरिडोर की स्टडी कराई जाएगी। नया कॉरिडोर: 40.3 किमी का यह कॉरिडोर कोंडली से रोहिणी के बीच बनाया जाएगा और इसका वाया दिल्ली गेट होगा। दरअसल, पहले जो तीन कॉरिडोर बनाए जाने थे, उनमें से एक रोहिणी सेक्टर 21 से लालकिला, कल्याणपुरी से पुल मिठाई और गुलाबी बाग से डीयू था। अब रोहिणी सेक्टर 21 से लालकिला के बीच चांदनी चौक तक मेट्रो लाइन बन ही चुकी है। इसी तरह लालकिला तक फेज तीन में मेट्रो रेल लाइन आने जा रही है। इसी तरह से गुलाबी बाग और डीयू तक भी मेट्रो पहुंच चुकी है। ऐसे में अब मोनो रेल के लिए जिस नए कॉरिडोर की पहचान की गई है, वह कोंडली से रोहिणी का है। इसमें भी यह दरियागंज या लालकिला नहीं जाएगा, बल्कि इसे दिल्ली गेट से ही कमला मार्केट की ओर से रोहिणी की तरफ ले जाया जा सकता है। पैसे की किल्लत: मोनो रेल के इस कॉरिडोर को तैयार करने पर लगभग आठ हजार करोड़ रुपये का खर्च आने की उम्मीद है। चूंकि दिल्ली सरकार के पास पैसे की कमी है, इसलिए इसे पीपीपी या फिर बीओटी के आधार पर ही बनाया जाएगा। लगभग दो साल पहले की स्टडी के मुताबिक, इस प्रॉजेक्ट में ऑपरेशनल गैप यानी ऑपरेशनल लागत और आमदनी के बीच का अंतर लगभग 46 फीसदी का था। अब माना जा रहा है कि अगर सरकार बीओटी पर आने वाली कंपनी को टैक्सों से छूट देती है और कुछ सुविधाएं दे देती है तो यह गैप कम होकर 30 फीसदी रह जाएगा। इस गैप के बराबर की राशि दिल्ली सरकार किस तरह से देगी, इस पर भी सरकार को फैसला करना होगा। मेट्रो रेल बनाम मोनो रेल - मेट्रो 30 से 40 मीटर चौड़ी सड़क पर बन सकती है, जबकि मोनो रेल 15 से 25 मीटर चौड़ी सड़क पर - मेट्रो एक दिशा में हर घंटे 30 हजार पैसेंजर ढो सकती है, जबकि मोनो रेल प्रति दिशा 15 हजार प्रति घंटा - मेट्रो की स्पीड प्रति घंटे 25 से 40 किमी औसत होती है तो मोनो रेल की 20 से 30 किमी प्रति किमी, प्रति घंटा
Monday, January 24, 2011
Friday, January 14, 2011
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक जाने के लिए 80 रुपये का टिकट
मेट्रो की एयरपोर्ट लाइन पर सफर करने वाले पैसेंजरों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक जाने के लिए 80 रुपये का टिकट लेना पड़ेगा। लेकिन अगर सिर्फ एयरपोर्ट से द्वारका सेक्टर 21 तक कोई पैसेंजर जाता है या फिर वहां से सिर्फ एयरपोर्ट तक आता है तो इसके लिए 30 रुपये का किराया देना होगा। अलबत्ता पैसेंजरों को लगेज के लिए अतिरिक्त पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का ऑपरेशंस करने वाली कंपनी दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस के सूत्रों का कहना है कि नई दिल्ली से द्वारका सेक्टर 21 तक जाने के लिए पैसेंजरों को 100 रुपये देने होंगे। दरअसल, फिलहाल जो किराया तय किया गया है, उसे हर स्टेशन के लिए 20 रुपये रखा गया है यानी अगर पैसेंजर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से सिर्फ शिवाजी स्टेडियम स्टेशन तक ही जाता है तो उसे 20 रुपये किराया खर्च करना होगा। इसी तरह अगर पैसेंजर धौलाकुआं स्टेशन पर उतरता है तो उसे 40 रुपये और एनएच 8 स्टेशन तक के लिए 60 रुपये का किराया देना होगा। अगर कोई पैसेंजर धौलाकुआं से ही एयरपोर्ट एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर अगले स्टेशन पर उतरता है तो उसे 20 रुपये चुकाने होंगे। द्वारका सेक्टर 21 और एयरपोर्ट स्टेशन के बीच किराया 30 रुपये रखा गया है लेकिन अगर द्वारका सेक्टर 21 से कोई पैसेंजर ट्रेन में चढ़ता है और वह एनएच 8 पर उतरता है तो उसे 40 रुपये ही देने होंगे। सूत्रों का कहना है कि अभी चूंकि इस लाइन की शुरुआत होने जा रही है इसलिए शुरुआत में कंपनी यह किराया लागू करने की तैयारी में है लेकिन इसके बाद किराए में बढ़ोतरी होने की संभावना से भी सूत्रों ने इनकार नहीं किया है। कंपनी सूत्रों का कहना है कि हालांकि दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के साथ हुए करार के तहत वह डेढ़ सौ रुपये तक का किराया रख सकती है लेकिन वह फिलहाल किराया कम रख रही है। जानकारों का मानना है कि आने वाले कुछ महीनों में किराया बढ़ाने का फैसला पैसेंजरों की तादाद देखकर लिया जाएगा।
Monday, January 10, 2011
लेट हो रही ट्रेनों के यात्रियों को राहत देने के लिए उत्तर रेलवे ने कुछ और कदम उठाए
कोहरे की वजह से लेट हो रही ट्रेनों के यात्रियों को राहत देने के लिए उत्तर रेलवे ने कुछ और कदम उठाए हैं। इसके तहत नए हेल्पलाइन नंबर दिए गए हैं। कोहरे की मार से 70 रेलगाडि़यां 3 घंटे से भी अधिक देरी से चल रही हैं तो 33 रेलगाडि़यों का समय दोबारा बदला गया और 9 रेलगाडि़यों को रद्द किया गया। रद्द की जाने वाली रेलगाडि़यों में नई दिल्ली से पटना जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस और हजरत निजामुद्दीन से झांसी के बीच चलने वाली ताज एक्सप्रेस भी शामिल हंै। उत्तर रेलवे के प्रवक्ता के मुताबिक, यात्रियों की सुविधा के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से संबंधित यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर- 23740020 और 23744052 दिल्ली जंक्शन के लिए टेलिफोन नंबर- 23967332 और 23962389 एवं हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के लिए हेल्पलाइन नंबर- 24355964 दिए गए हैं। इन नंबरों पर फोन करके यात्री अपनी रेलगाडि़यों के बारे में जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा यात्रियों द्वारा कैंसल कराए जा रहे टिकटों के पैसे वापस करने के लिए अतिरिक्त काउंटर खोले गए हैं। यह काउंटर 24 घंटे कार्यरत होंगे। जबकि 139 रेलगाड़ी पूछताछ सेवा पर तो जानकारी दी ही जा रही है। उत्तर रेलवे का कहना है कि यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए बड़ी संख्या में अधिकारियों और अन्य स्टाफ को तैनात किया गया है। सभी स्टेशनों पर पीने का पानी, शौचालयों की सफाई का इंतजाम दुरुस्त किया गया है। इसकी भी निगरानी की जा रही है कि खाने-पीने के लिए किसी चीज की कमी न होने पाए। रेलवे का कहना है कि रेलगाडि़यों का परिचालन सामान्य बनाए रखने के लिए अभी तक कुल 31 हजार डेटोनेटर्स का इस्तेमाल किया जा चुका है और प्रतिदिन औसतन 2 हजार से अधिक डेटोनेटर्स का उपयोग किया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्टेशनों पर और इंजनों में वरिष्ठ अधिकारी तैनात किए गए हैं।
ट्रेन लेट - लड़की की ट्रेन में ही मौत
पटना से इलाज के लिए नई दिल्ली लाई जा रही चार महीने की लड़की की ट्रेन में ही मौत हो गई। घने कोहरे और खराब मौसम के चलते ये ट्रेन लेट चल रही थी। पटना-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस से अपने परिवार के साथ सफर कर रही चार महीने की रात की हालत ट्रेन में बिगड़ गई और उसे रेलवे के अस्पताल में पहुंचाना पड़ा। सांस लेने की बीमारी से पीडि़त लड़की का इलाज पटना में किया जा रहा था, लेकिन जब हालात काबू से बाहर हो गए तो उन्होंने लड़की को एम्स में ट्रीटमेंट के लिए रेफर कर दिया। घने कोहरे के चलते यह ट्रेन करीब 12 घंटे देरी से चल रही थी। हालत बिगड़ने के बाद लड़की रेलवे के डॉक्टरों की निगरानी में थी। उसे शहर के एक अस्पताल में ले जाया गया। पर मासूम लड़की की रास्ते में ही मौत हो गई। लड़की के परिजन लड़की को सड़क मार्ग से पटना ले गए।
Wednesday, January 5, 2011
ट्रेन की चपेट में आकर महिला की मौत
हचान प्रेमवती (40) के रूप में हुई। बताया जाता है वह एमसीडी के उद्यान विभाग में काम करती थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया।
Monday, January 3, 2011
दिल्लीवालों के लिए टाइम से दूध और सब्जियां सप्लाई नहीं हो पा रही
नववर्ष आपको मंगलमय हो
सत्य न्याय और प्रेम पताका, सुगंध सुवासित नूतन किसलय हो
रहे कोई न शत्रु जग में, हे प्रभुराम प्रेममय जग हो
विपुल कीर्ती भारत की होवे, उच्च तिरंगा प्रखर अमर हो
कर जोर पुन: विनती करता, नववर्ष आपको मंगलमय हो