दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर के काम में अब तेजी आने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन ने इसके लिए 8 गांवों की जमीन को किसानों के नाम से हटा कर
केंद्र सरकार में निहित कर दिया है। इसके मुआवजा से संबंधित आदेश 25 मार्च को सुबह 11 बजे घोषित कर दिया जाएगा।
इससे पहले प्रशासन ने संबंधित किसानों से 22 मार्च को
दोपहर 2 बजे कलेक्ट्रेट में एसडीएम सदर के पास अपने हित
का दावा पेश करने को कहा है। प्रशासन ने इस संबंध में नोटिस जारी कर दिया है।
बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी पी. चटर्जी की अध्यक्षता वाले स्टेयरिंग ग्रुप ने दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर के काम में भी तेजी लाने की बात कही थी। फ्रेट कॉरीडोर के लिए मेरठ मंडल के मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर और गौतमबुद्धनगर जिले की जमीन अधिग्रहण की जा रही है। गौतमबुद्धनगर जिले में जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। गौतमबुद्धनगर के 17 गांवों की 31.780 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण और इनमें से ही 13 गांवों की 8.090 हेक्टेयर जमीन पुर्नग्रहण होनी प्रस्तावित है। इनमें से अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। पुर्नग्रहण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी पी. चटर्जी की अध्यक्षता वाले स्टेयरिंग ग्रुप ने दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर के काम में भी तेजी लाने की बात कही थी। फ्रेट कॉरीडोर के लिए मेरठ मंडल के मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर और गौतमबुद्धनगर जिले की जमीन अधिग्रहण की जा रही है। गौतमबुद्धनगर जिले में जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। गौतमबुद्धनगर के 17 गांवों की 31.780 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण और इनमें से ही 13 गांवों की 8.090 हेक्टेयर जमीन पुर्नग्रहण होनी प्रस्तावित है। इनमें से अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। पुर्नग्रहण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
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