Friday, March 28, 2014

हार्बर लाइन पर 12 डिब्बों की लोकल चलाने के लिए प्रशासन को कई परेशानियों का सामना

हार्बर लाइन पर 12 डिब्बों की लोकल चलाने के लिए प्रशासन को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इस रूट पर बढ़ती भीड़ को देखकर इस योजना को हर हालत में पूरा करना सेंट्रल रेलवे के लिए एक चुनौती साबित हो रहा है। इस चुनौती से पार पाने के लिए कई तरह के सुझाव सामने आ रहे हैं, इनमें से आधिकारिक तौर पर एक सुझाव दिया गया है कि प्लैटफॉर्म नंबर-एक से गाड़ियों का आवागमन बंद हो कर मौजूदा 2 नंबर प्लैटफॉर्म को एक नंबर (एक्सटेंडेड) प्लैटफॉर्म में कर दिया जाए।
हार्बर लाइन के लिए 12 डिब्बे की लोकल गाड़ियां चलाने के लिए रेलवे एक नंबर 1 और 2 की जगह प्लैटफॉर्म नंबर 2 और 3 से गाड़ियां चलाने पर विचार कर रहा है। हालांकि एमआरवीसी (मुंबई रेल विकास निगम) प्लैटफॉर्म नंबर एक के मस्जिद छोर की तरफ तीन डिब्बों के लिए सिंगल डिसपर्सल का भी प्रस्ताव रखा है, पर यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर रेल प्रशासन इस विकल्प पर ध्यान नहीं दे रहा है। प्लैटफॉर्म नंबर एक के मस्जिद छोर की तरफ स्थित प्रशासनिक इमारत के कारण हार्बर लाइन के लिए प्लैटफॉर्म का विस्तार नहीं हो पा रहा है।

रेलवे से जुड़े सूत्रों की माने तो दिसंबर 2014 तक इस प्रकल्प को पूरा कर हार्बर लाइन पर 12 डिब्बों की लोकल गाड़ियों का संचालन शुरु कर दिया जाएगा। सेंट्रल रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार सीएसटी में लोकल के लिए 7 प्लैटफॉर्म है। इनमें से दो प्लैटफॉर्म से हार्बर, 2 से मेन लाइन की स्लो तथा 2 प्लैटफॉर्म (6 और 7 से) फास्ट सर्विस चलाई जाती है। प्लैटफॉर्म शिफ्ट होने के बाद फास्ट लोकल सेवाओं के लिए सीएसटी पर एक रेक लिए जो पार्किंग स्लॉट उपलब्ध है(प्लैटफॉर्म नं 7) वो बाद में उपलब्ध नहीं हो सकेगा।

Monday, March 24, 2014

ट्रेन में सवार एक युवक की ट्रेन से गिरने पर मौत

ट्रेन में सवार होकर कोकिलावन जा रहे एक युवक की ट्रेन से गिरने पर मौत हो गई। जीआरपी के मुताबिक औरंगाबाद स्थित मूडी बकापुर निवासी उमेश ट्रेन से कोकिलावन जा रहा था। जब ट्रेन शोलाका रेलवे स्टेशन के पास पहुंची तो अचानक वह चलती ट्रेन से गिर पड़ा, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके अतिरिक्त न्यू टाउन रेलवे स्टेशन के पास रविवार को ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। मामले की जांच कर रहे जीआरपी के आईओ एएसआई कृपाल ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि रेलवे लाइनों पर एक युवक का शव पड़ा है। मौके पर पहुंचकर उन्होंने शव को कब्जे में ले लिया। जमा तलाशी 
में युवक के पास से कोई दस्तावेज नहीं मिला है जिससे उसकी पहचान की जा सके। युवक की पहचान के लिए आसपास के इलाकों में पूछताछ की जा रही है। 

Friday, March 21, 2014

एक लोकल ट्रेन पटरी से उतर गई



ठाणे के टिटवाला इलाके में एक लोकल ट्रेन पटरी से उतर गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि तीन लोग घायल हुए हैं। सरकार ने मृतक के परिवार को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया है। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 15 हजार जबकि सामान्य रूप से घायल व्यक्ति को 5000 रुपये दिए जाएंगे। 
हादसा दोपहर करीब ढाई बजे हुआ जब छत्रपति शिवाजी टर्मिनस की ओर जा रही लोकल ट्रेन के पांच डिब्बे टिटवाल के पास पटरी से उतर गए। मध्य रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि एन-18 लोकल ट्रेन के पांच डिब्बे टिटवाला और अंबीवली स्टेशन के बीच पटरी से उतरे।
 
इस हादसे की वजह से कल्याण और टिटवाला स्टेशनों के बीच रेल यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। यह रूट मुंबई के सबसे व्यस्त रूटों में से एक है।

Tuesday, March 18, 2014

पुष्पक एक्सप्रेस में कसारा के पास एक लड़की के साथ छेड़छाड़

लखनऊ से मुंबई आ रही पुष्पक एक्सप्रेस में कसारा के पास एक लड़की के साथ छेड़छाड़ करना एक आरोपी को उस वक्त महंगा पड़ गया, जब लड़की के परिजन ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। पिटाई के बाद लड़की के घर वालों ने आरोपी मकबूल सिकंदर मकानदार को कल्याण जीआरपी के हवाले कर दिया, इस दौरान आरोपी का एक अन्य साथी भागने में कामयाब रहा।
सूत्रों के अनुसार बुधवार की शाम मुंबई आ रही पुष्पक एक्सप्रेस में पीड़ित लड़की अपने परिवार के साथ यात्रा कर रही थी। इस दौरान कसारा के पास आरोपी मकबूल सिकंदर मकानदार और नईम ने उसके साथ छेड़छाड़ की। घटना की जानकारी लड़की ने परिजन को दी, जिसके बाद उन्होंने पहले मकानदार की जमकर धुनाई की, फिर कल्याण पहुंचने पर उसे जीआरपी के हवाले कर दिया। इस बीच मौका पाकर मकानदार का साथी नईम फरार हो गया। कल्याण जीआरपी ने आरोपी को हिरासत में लेने के साथ-साथ उसकी पिटाई करने वाले लड़की के 3 भाइयों को भी मारपीट के आरोप में हिरासत में ले लिया।
वहां मौजूद लोगों में पीड़िता के भाइयों को जीआरपी द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना चर्चा का विषय थी।

प्लैटफॉर्म की अधिकतम उंचाई 920 मिलीमीटर होनी चाहिए।

रेलवे के अधिकारियों ने मुंबई के उपनगरीय इलाकों में हादसों को रोकने के मकसद से प्लैटफॉर्म तथा लोकल ट्रेन के फुटबोर्ड के बीच दूरी का पता लगाने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट बॉम्बे हाई कोर्ट को सौंप दी है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की है कि उपनगरीय इलाकों के प्लैटफॉर्म की अधिकतम उंचाई 900 मिलीमीटर है और ये किसी भी सूरत में यह 920 मिलीमीटर होनी चाहिए। ऐसे में प्लैटफॉर्म से किसी के भी टकराने का खतरा है। चीफ जस्टिस मोहित शाह की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष यह रिपोर्ट पेश की गई।

बेंच ने रेलवे की ओर से सुझाए गए कार्य योजना पर सुनवाई 20 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी है। रेलवे की तरफ से वकील सुरेश कुमार ने कार्य योजना के लिए चार सप्ताह का समय मांगा था, परंतु अदालत ने कहा कि अतिरिक्त समय देने के बारे में अगले अवसर पर फैसला किया जाएगा।

Friday, March 14, 2014

दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर के काम में अब तेजी आने की उम्मीद

दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर के काम में अब तेजी आने की उम्मीद है। जिला प्रशासन ने इसके लिए 8 गांवों की जमीन को किसानों के नाम से हटा कर केंद्र सरकार में निहित कर दिया है। इसके मुआवजा से संबंधित आदेश 25 मार्च को सुबह 11 बजे घोषित कर दिया जाएगा। इससे पहले प्रशासन ने संबंधित किसानों से 22 मार्च को दोपहर 2 बजे कलेक्ट्रेट में एसडीएम सदर के पास अपने हित का दावा पेश करने को कहा है। प्रशासन ने इस संबंध में नोटिस जारी कर दिया है।
बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी पी. चटर्जी की अध्यक्षता वाले स्टेयरिंग ग्रुप ने दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर के काम में भी तेजी लाने की बात कही थी। फ्रेट कॉरीडोर के लिए मेरठ मंडल के मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर और गौतमबुद्धनगर जिले की जमीन अधिग्रहण की जा रही है। गौतमबुद्धनगर जिले में जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। गौतमबुद्धनगर के 17 गांवों की 31.780 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण और इनमें से ही 13 गांवों की 8.090 हेक्टेयर जमीन पुर्नग्रहण होनी प्रस्तावित है। इनमें से अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। पुर्नग्रहण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।

Wednesday, March 12, 2014

मेंबर(स्टाफ) महेश कुमार सहित सभी आरोपियों के खिलाफ अभियोग निर्धारित करने का निर्देश

10 करोड़ के रेलवे घूसकांड मामले में पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के भांजे विजय कुमार सिंगला और नौ अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा शुरू हो गया है। अदालत ने मंगलवार को सभी 10 आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी(आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आरोप तय किए।
आरोपियों ने खुद को दोषी मानने से इनकार कर दिया जिसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ मुकदमा शुरू करने का निर्देश दिया। आरोपियों ने स्पेशल सीबीआई जज स्वर्ण कांता शर्मा के सामने कहा कि वे खुद को दोषी नहीं मानते। उन्होंने ट्रायल के लिए दावा पेश किया। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई 25 अगस्त के लिए टाल दी ताकि मामले में अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज किए जा सकें।
इस कांड के सामने आने के बाद कांग्रेस नेता पवन कुमार बंसल को रेल मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। बंसल को सीबीआई ने अभियोजन पक्ष का गवाह बनाया है। अदालत ने सात मार्च को रेलवे बोर्ड के तत्कालीन मेंबर(स्टाफ) महेश कुमार सहित सभी आरोपियों के खिलाफ अभियोग निर्धारित करने का निर्देश दिया था। सीबीआई ने पिछले साल दो मई को दस आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
इनमें कुमार, सिंगला, बेंगलुरु की कंपनी जी जी ट्रॉनिक्स इंडिया प्रा. लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर एन आर मंजूनाथ, मिडलमैन अजय गर्ग और संदीप गोयल, राहुल यादव, समीर संधीर, सुशील डागा, सी वी वेणुगोपाल व एम वी मुरलीकृष्णन शामिल हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि भारत में भ्रष्टाचार कल्पना की भी हद पार कर चुका है। इस मामले ने मकसद को हासिल करने के लिए रिश्वत देने के एक अनूठे तरीके का खुलासा किया है।
अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि सिफारिश की संस्कृति और ताकतवर लोगों से सही संपर्क आज जल्दी पैसा कमाने का जरिया बन गई है। अनौपचारिक रूप से अदालत ने सात मार्च को आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए थे।

Monday, March 10, 2014

नए टाइम टेबल के सर्वे के तहत फरीदाबाद के दैनिक यात्री संघ ने अपना एजेंडा तैयार कर लिया

आगामी 1 जुलाई 2014 से लागू होने वाले नए टाइम टेबल के सर्वे के तहत फरीदाबाद के दैनिक यात्री संघ ने अपना एजेंडा तैयार कर लिया है। फरीदाबाद दैनिक यात्री संघ ने मुख्य रूप से फरीदाबाद रूट की 4 शटल ट्रेनों के समय में बदलाव के सुझाव दिए हैं। इसमें पलवल शकूरबस्ती (64011), मथुरा नई दिल्ली (64905), मथुरा गाजियाबाद (64903) और नई दिल्ली पलवल (64076) शटल शामिल है। दैनिक यात्री संघ का कहना है कि अगर रेलवे उनके सुझाव में अमल करता है, तो इससे फरीदाबाद रूट के हजारों यात्रियों को लाभ पहुंचेगा। वहीं रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्री संघों के सुझाव में विचार किया जा रहा है। अगर किसी एक ट्रेन के समय में बदलाव करने से दूसरी ट्रेन के समय पर असर नहीं पड़ता, तो ही सुझावों पर अमल संभव हो सकेगा।  हर साल 1 जुलाई को रेलवे की ओर से नया टाइम टेबल जारी किया जाता है। इसके तहत उन ट्रेनों के समय में बदलाव किया जाता है, जिनका टाइम टेबल ठीक नहीं रहता हो। टाइम टेबल में बदलाव कर ट्रेन के ऑपरेशन को सुधारने की कोशिश की जाती है। टाइम टेबल में बदलाव को लेकर दिल्ली डिविजन ने अभी से ही तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत सभी रूटों के दैनिक यात्री संघों से सुझाव मांगे हैं। 
दैनिक यात्री संघ की प्रधान विजय लक्ष्मी कौशिक का कहना है कि पलवल से सुबह 6:00 बजे शकूरबस्ती को जाने वाली पहली ईएमयू से ज्यादतर टीचर सफर करते है, लेकिन यह ट्रेन नई दिल्ली 8 बजे तक पहुंचती है ऐसे में इस ट्रेन का पलवल स्टेशन से 15 मिनट पहले रवाना करने का सुझाव दिया गया है। इसी तरह मथुरा नई दिल्ली ईएमयू से ज्यादातर पैसेंजर निजामुद्दीन जाकर रिंग रेलवे पर चलने वाली सर्कुलर ट्रेन पकड़ते है, चूंकि यह ट्रेन मथुरा से आती है, तो ट्रेन हमेशा लेट होती है, जिससे कि यात्रियों सर्कुलर ट्रेन नहीं मिल पाती है। ऐसी ही स्थिति मथुरा गाजियाबाद शटल के समय को लेकर है। वहीं नई दिल्ली से आधी रात 12:15 बजे पलवल के लिए आने वाली शटल को 12:30 बजे रवाना करने का निर्णय लिया है। ताकि ज्यादा से ज्यादा पैसेंजर इस ट्रेन को पकड़ सकें।
 

Friday, March 7, 2014

खतरे में गैंगमैनों की जान

मुंबई सबर्बन नेटवर्क पर सिग्नल फेल होना आम समस्या है, इस स्थिति में सबसे पहले गैंगमैन को फील्ड पर भेजा जाता है। बुधवार रात भी दिवा स्टेशन के करीब सेंट्रल केबिन के पास सिग्नल फेल हो जाने के चलते गैंगमैनों की एक टीम को मरम्मत कार्य के लिए भेजा गया था, ताकि जल्द ही समस्या सुलझाकर मुंबई की लाइफ लाइन यानी लोकल ट्रेन को फिर से सुचारू रूप से चलाया जा सके। लेकिन गैंगमैन राजाराम संतु और वसंत सांगले को पता नहीं था कि मुंबई जिस लोकल के दम पर दौड़ती है, वही उनके मौत की वजह बन जाएगी। रात साढ़े आठ बजे के करीब काम के दौरान दूसरी दिशा से आ रही तपोवन एक्सप्रेस की चपेट में आकर राजाराम ने वहीं दम तोड़ दिया और वसंत घायल हो गया, जिसकी कल्याण रेलवे अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
खतरे में गैंगमैनों की जान
सेंट्रल रेलवे पर ही करीब दस दिन पहले वाशिंद स्टेशन के करीब एक गैंगमैन की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। पिछले साल नवंबर में कल्याण और ठाकुर्ली स्टेशन के बीच कोयना एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आकर चार गैंगमैनों की मौत हो गई थी, जिसके बाद ट्रैक पर काम कर रहे लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। पिछले चार सालों में (2013 तक) वेस्टर्न और सेंट्रल रेलवे पर लगभग 150 गैंगमैनों की ट्रैक पर काम करने के दौरान दुर्घटना में मौत हो गई। बुधवार रात की घटना के बाद रेल पटरी पर काम करने वाले गैंगमैनों की सुरक्षा पर फिर सवालिया निशान बन गया है।

मजदूर संघ ने जताई नाराजगी
ट्रैक पर काम कर रहे गैंगमैन के साथ हो रहे हादसों के प्रति नाराजगी प्रकट करते हुए सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ (सीआरएमएस) के पदाधिकारियों ने गुरुवार को डीआरएम से मुलाकात की और गैंगमैनों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की। सीआरएमएस के महामंत्री प्रवीण वाजपेयी ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि इस संदर्भ में जल्द से जल्द अगर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो सभी गैंगमैन सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे।

Wednesday, March 5, 2014

आरक्षित टिकट पर कोई और नाम और गाड़ी पर कुछ और नाम

स्टेशन पर पहुंचने के बाद यात्री सबसे पहले प्लैटफॉर्म पर लगी गाड़ी को उसके नाम से पहचानता है, लेकिन आरक्षित टिकट पर कोई और नाम और गाड़ी पर कुछ और नाम लिखा हों, तो सोचिए कितनी कन्फ्यूजन होगी। सेंट्रल रेलवे पर हजारों यात्रियों को रोजाना इस 'कन्फ्यूजन' से रूबरू होना पड़ता है। 
दरअसल मुंबई से हावड़ा के लिए रोजाना शाम के वक्त एक घंटे के अंतराल में दो ट्रेनें निकलती हैं। ट्रेन क्रमांक 12809 (वाया-नागपुर) शाम 9:25 बजे और ट्रेन क्रमांक 12322 (वाया-इलाहाबाद) रात 9:25 बजे सीएसटी से निकलती है। इन दोनों ट्रेन से जाने वाले यात्रियों के आरक्षित टिकट पर ट्रेन का नाम 'हावड़ा मेल' प्रिंट किया रहता है, जबकि ट्रेन क्रमांक 12809 के सभी कोच पर 'मुंबई मेल' लिखा रहता है।
 
सिर्फ नाम की 'हावड़ा मेल'
 
जिस ट्रेन के नाम को लेकर इतनी कन्फ्यूजन हो रही है, उस ट्रेन क्रमांक 12322 में यात्रा करने वाले पैसेंजर्स की कन्फ्यूजन वेबसाइट पर नाम ढूंढने के साथ ही शुरू हो जाती है। रेलवे की ऑफिशल वेबसाइट पर इस ट्रेन का नाम 'कोलकाता मेल' है, जबकि टिकट पर 'हावड़ा मेल' प्रिंट किया जाता है।
 रेलवे की लापरवाही के शिकार प्रकाश कोठारी को 11 मई, 2013 को उनके आरक्षित टिकट पर ट्रेन के प्रकाशित नाम (हावड़ा मेल) के अनुसार यात्रा करनी थी। प्रकाश निर्धारित समय (8:35) से थोड़ा सा पहले प्लैटफॉर्म पर आ गए थे, लेकिन जिस ट्रेन में उन्हें जाना था उस पर 'मुंबई मेल' नाम देखकर वे ट्रेन में नहीं चढ़े। एक घंटे बाद जिस ट्रेन पर 'हावड़ा मेल' लिखा था उसमें प्रकाश सवार हुए, लेकिन अपनी आरक्षित सीट पर किसी अन्य यात्री से हुई बहस के बाद उन्हें सारा माजरा समझ में आया। किसी अन्य की नजर में प्रकाश बेवकूफ हो सकते हैं, लेकिन इसका मूल कारण रेलवे की लापरवाही ही है। 

Monday, March 3, 2014

रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 34 लाख रुपये ठग लिए

हरियाणा पुलिस के एक सिपाही ने 6 बेरोजगार युवाओं को रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 34 लाख रुपये ठग लिए और उन्हें फर्जी अपॉइंटमेंट लैटर थमा कर फरार हो गया। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। युवाओं को रुपये मांगने पर धमकी भी दी गई है।
समाचारों के अनुसार भगत सिंह की हरियाणा पुलिस के सिपाही गणेश कुमार से मित्रता थी और उसके यहां आना-जाना था। गणेश कुमार की पत्नी सरस्वती देवी जीआरपी में नियुक्त है। गणेश ने भगत सिंह को भरोसा दिलाया कि वह उन्हें रेलवे में टिकट कलेक्टर (टीसी) की नौकरी दिला सकता है। इसके ऐवज में उसने 7.50 लाख रुपये की मांग की। भगत सिंह का कहना है कि उसने उसे यह राशि दे दी। इसके अलावा उसके झांसे में माजरी कलां का विनय व नठेड़ा का देवेन्द्र भी आ गया और इन्होंने भी 7-7 लाख रुपये उसे दे दिए। इसके अलावा उसने आरपीएफ में भर्ती के लिए उसके साले सुरेन्द्र, निमोठ, जितेन्द्र कुमार से 4.50 लाख प्रत्येक से ले लिए। दिलचस्प बात यह है कि गणेश ने भगत सिंह, विनय और देवेन्द्र को दिल्ली के लिए फर्जी ज्वॉइनिंग लैटर और सुरेन्द्र, महीपाल व जितेन्द्र को कोतकाता के अपॉइंटमेंट लैटर थमा दिए। इसके अलावा गणेश ने अपने आप को साफ-सुथरा दिखाने के लिए भर्ती का परिणाम इंटरनेट पर भी डाल दिया। जिसमें इन्हें क्वॉलीफाइड दिखाया गया था।
भगत सिंह ने बताया कि 13 अगस्त 2013 को सुरेन्द्र, जितेन्द्र व महीपाल जब ज्वाइनिंग के लिए कोतकाता पहुंचे तो वहां जाकर पता चला कि अपॉइंटमेंट लैटर फर्जी हैं। इसके बाद विनय, देवेन्द्र और उसके भी ज्वाइनिंग लैटर फर्जी पाए गए। उसने कहा कि हम सभी ने गणेश को व उसकी पत्नी सरस्वती को कुल 34.50 लाख रुपये दिए थे। जब इस फ्रॉड का भांडा फूट गया तो सभी ने गणेश से अपने रुपये जब वापस मांगे तो उसने धमकी दी कि यदि पुलिस में शिकायत की तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। भगत सिंह ने बताया कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर जब कोई गौर नहीं किया तो उन्हें अदालत का सहारा लेना पड़ा। अब अदालत ने दंपति के खिलाफ थाना शहर में मामला दर्ज कराया है और उन्हें उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही न्याय मिलेगा। इस बारे में जब थाना प्रभारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।