रेलवे की वीआईपी
ट्रेनों की श्रेणी में आने वाली शताब्दी व राजधानी के घटिया खाने को लेकर यात्री
खासे नाराज हैं। अप्रैल से लेकर जुलाई तक कई ट्रेनों में पैसेंजर खाना खाते ही
बीमार हो गए लेकिन अफसरों पर कोई असर नहीं हो रहा है। शनिवार को लखनऊ-दिल्ली
शताब्दी में खराब मील दिए जाने के बाद दिल्ली स्टेशन पर पैसेंजर्स ने काफी हंगामा
किया था।
नॉर्दर्न रेलवे की लखनऊ-नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी में तीन महीने पहले भी लोगों ने खराब खाना दिए जाने को लेकर हंगामा किया था। इसके बाद ब्रेकफास्ट की क्वॉलिटी को लेकर भी बवाल हुआ लेकिन अफसरों ने मामले को दबा दिया। अब शनिवार को जब खराब पनीर व घटिया दाल के कारण यात्रियों की तबियत बिगड़ी तो अफसरों ने जांच बैठा दी। अब रेलवे ने कानपुर से खाने की सप्लाई करने वालों पर नजर टेढ़ी कर दी है। अफसर भी मानते हैं सोमवार को जीएम आफिस खुलने के बाद यह मामला गरमा सकता है।
-इसी साल 25 मई को नई दिल्ली से सियालदह जा रही राजधानी एक्सप्रेस में घटिया खाना खाकर थ्री एसी कोच के दो दर्जन यात्री बीमार हो चुके हैं।
नॉर्दर्न रेलवे की लखनऊ-नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी में तीन महीने पहले भी लोगों ने खराब खाना दिए जाने को लेकर हंगामा किया था। इसके बाद ब्रेकफास्ट की क्वॉलिटी को लेकर भी बवाल हुआ लेकिन अफसरों ने मामले को दबा दिया। अब शनिवार को जब खराब पनीर व घटिया दाल के कारण यात्रियों की तबियत बिगड़ी तो अफसरों ने जांच बैठा दी। अब रेलवे ने कानपुर से खाने की सप्लाई करने वालों पर नजर टेढ़ी कर दी है। अफसर भी मानते हैं सोमवार को जीएम आफिस खुलने के बाद यह मामला गरमा सकता है।
-इसी साल 25 मई को नई दिल्ली से सियालदह जा रही राजधानी एक्सप्रेस में घटिया खाना खाकर थ्री एसी कोच के दो दर्जन यात्री बीमार हो चुके हैं।
-11 मई
2013 को रांची राजधानी के ए-1, ए-2
फर्स्ट एसी कोच के 30 पैसेंजरों के बीमार होने
पर काफी हंगामा मचा था। बाद में रेलवे बोर्ड ने ठेकेदार पर जुर्माना लगाकर मामला
शांत किया।
-27 अप्रैल 2013 को भोपाल शताब्दी में घटिया खाना खाकर कई यात्री बीमार हुए थे। फूड पॉयजनिंग का शिकार हुए यात्रियों के समर्थन में ट्रेन के अन्य पैसेंजर्स से काफी हंगामा किया था।
-22 अप्रैल 2013 को न्यू जलपाईगुड़ी शताब्दी के कई पैसेंजर्स को फूड पॉयजनिंग हो गई। इस पर भी जोनल रेलवे ने ऐक्शन का भरोसा देकर यात्रियों को शांत कराया था।
वहीं, नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ नीरज शर्मा कहते हैं कि किसी भी ट्रेन में अगर खाने की क्वॉलिटी को लेकर पैसेंजर कंप्लेंट करते हैं तो रेलवे उसकी जांच कराकर ऐक्शन लेता है। रेलवे कभी भी खाने व नाश्ते की क्वॉलिटी से समझौता नहीं करता है। अगर ठेकेदार ने खराब खाना व नाश्ता परोसा है तो उस पर ऐक्शन जरूर लिया जाएगा।
-27 अप्रैल 2013 को भोपाल शताब्दी में घटिया खाना खाकर कई यात्री बीमार हुए थे। फूड पॉयजनिंग का शिकार हुए यात्रियों के समर्थन में ट्रेन के अन्य पैसेंजर्स से काफी हंगामा किया था।
-22 अप्रैल 2013 को न्यू जलपाईगुड़ी शताब्दी के कई पैसेंजर्स को फूड पॉयजनिंग हो गई। इस पर भी जोनल रेलवे ने ऐक्शन का भरोसा देकर यात्रियों को शांत कराया था।
वहीं, नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ नीरज शर्मा कहते हैं कि किसी भी ट्रेन में अगर खाने की क्वॉलिटी को लेकर पैसेंजर कंप्लेंट करते हैं तो रेलवे उसकी जांच कराकर ऐक्शन लेता है। रेलवे कभी भी खाने व नाश्ते की क्वॉलिटी से समझौता नहीं करता है। अगर ठेकेदार ने खराब खाना व नाश्ता परोसा है तो उस पर ऐक्शन जरूर लिया जाएगा।

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