इंडिया के सबसे
बड़े पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (ओवल मैदान-विरार एलिवेटेड कॉरिडोर) प्रॉजेक्ट के
लिए रेलवे ने पब्लिक से पैसा जुटाने का तरीका निकाला है। तकरीबन 22,500 करोड़
रुपये के इस प्रॉजेक्ट के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और
रेलवे ने पहले से ही 40 प्रतिशत रकम जुटाने का इंतजाम तो कर
लिया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर और दस प्रतिशत रकम बॉन्ड
निकालकर पब्लिक से जुटाएगी। पब्लिक के द्वारा जुटाई गई रकम को प्रॉजेक्ट में बिड
करने वाली पार्टी को 12 प्रतिशत ब्याज की दर पर दिया जाएगा।
पब्लिक से पैसे जुटाने का काम इंडियन रेलवे फाइनैंशल कॉर्पोरेशन (आईआरएफसी) करेगी। इस योजना के लिए रेलवे ने नया रिक्विजिशन और क्वॉलिफिकेशन (आरएफक्यू) निकाला है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इंडियन रेलवे में ऐसा पहली बार होगा जब रेलवे निविदा भरने वाली पार्टी को वित्तीय सहायता देगी।
नए आरएफक्यू के अनुसार आवेदनकर्ता को 20 सितंबर तक अर्जी देनी होगी, जिन्हें 4 अक्टूबर तक शॉर्ट लिस्ट किया जाएगा। रेलवे निविदा संबंधी कागजात 10 अक्टूबर से बेचना शुरू करेगी, और 31 दिसंबर, 2013 तक निविदा भरने के लिए योग्य पार्टी का चुनाव कर लिया जाएगा। नए आरएफक्यू के कारण प्रॉजेक्ट की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी से रेलवे ने इनकार किया है।
पब्लिक से पैसे जुटाने का काम इंडियन रेलवे फाइनैंशल कॉर्पोरेशन (आईआरएफसी) करेगी। इस योजना के लिए रेलवे ने नया रिक्विजिशन और क्वॉलिफिकेशन (आरएफक्यू) निकाला है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इंडियन रेलवे में ऐसा पहली बार होगा जब रेलवे निविदा भरने वाली पार्टी को वित्तीय सहायता देगी।
नए आरएफक्यू के अनुसार आवेदनकर्ता को 20 सितंबर तक अर्जी देनी होगी, जिन्हें 4 अक्टूबर तक शॉर्ट लिस्ट किया जाएगा। रेलवे निविदा संबंधी कागजात 10 अक्टूबर से बेचना शुरू करेगी, और 31 दिसंबर, 2013 तक निविदा भरने के लिए योग्य पार्टी का चुनाव कर लिया जाएगा। नए आरएफक्यू के कारण प्रॉजेक्ट की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी से रेलवे ने इनकार किया है।

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